प्यासी औरत की चुदाई

प्यासी औरत की चुदाई

हैलो दोस्तो हर्ष फिर से आप के लिए नई कहानी लेकर आया हूं दोस्तो आप को मेरी कहानी पसंद आती है इसके लिए आप का बहुत धन्यवाद दोस्तो आज की कहानी आप को बहुत पसंद आएगी। दोस्तो एक बार मुझे कंपनी ने किसी काम से दो महीने के लिए पुणे भेजा और में पुणा आगया और कंपनी की ब्रांच में काम करने लगा वहीं पास में मुझे कंपनी ने रूम किराए पर दिलवाया एक दिन सुबह के 8बजे थे कि में बहार निकला तो मेरी नजर के सामने के मकान की बालकनी पर खड़ी  एक खूबसूरत औरत वहा खड़ी थी जो अपने काले सुंदर लंबे बालों को सुखा रही थी।

उसके लंबे बाल उसके खूबसूरत जिस्म की सुंदरता को और बड़ा रहे थे। मैने इससे पहले उसे कभी नहीं देखा था। काम पर जाने के लिए में लेट न हो इसके लिए में तेयार होने चला गया। रात को ऑफिस से आने के बाद खाना खाने के बाद पलंग पर लेटे हुए उसके बारे में सोचने लगा उस हसीन औरत को देखने के बाद मेरी आंखो की नींद ना जाने कहा खो गई थी। करीब रात 11बजे थे तभी किसी ने दरवाजे पर दस्तखत दी तो मैने दरवाजा खोला और देखा कि जिसके ख्यालों में मेरी नींद उड़ा रखी थी वह औरत मेरे सामने खड़ी थी और वह बोली क्या  आप के पास थोड़ा सा दुथ मिलेगा मेरी नजर सीथे उसके कप गई और मन में बोला आप के पास तो शुद्ध दूध है तो फिर दूसरे दूध की क्या जरूरत पड़ गई वो मेरी नजर देखकर हसी और कहा दूध तो मेरे घर पर था मगर उसमें कोई किडा गिर गया है जिसके कारण वो दूध अपनी बेटी को नहीं पिला सकती और इस समय कोई दूध  दुकान भी नहीं खुली है।

मैने उसे हा कहा कि मेरे पास दूध रखा है आप आकर लेलो वो मेरे कमरे में बेखौफ अंदर आगाई और कहने लगी रसोई कहा है। मेरे इशारा करते ही वो रसोई में चली गई और उसके पीछे में भी रसोई में गया तब तक उसने पतीले में से दूध गिलास में डालकर कहा धन्यवाद आप का फिर चली गई उसके बाद मैने उसके बारे में पता करा तो पता चला कि वह औरत अपनी बेटी के साथ यहां किराए पर रह रही है और यही कही प्रायवेट जॉब्स करके अपना गुजारा कर रही है एक दिन में घर पर ऑफिस का काम कर रहा था कि रात के 12 बजे थे तभी किसी ने मेरे घर के दरवाजे पर आकर आवाज लगाई मैने जाकर देखा तो सामने वहीं औरत खड़ी थी तब मैने कहा इतनी रात को यहां क्या कर रही है। तब उसने कहा बहुत देर से नींद नहीं आरही थी।

तो सोचा कि क्या किया जाए तो आपके कमरे की लाईट जलते देख मैने सोचा कि चलो आप ही के साथ बैठ कर कुछ बाते कर के टाइम पास किया जाए तब मैने कहा बहुत अच्छा किया और मुझे देखने लगी और फिर मैने कहा कि उस दिन जल्दी में आप का नाम ही नहीं पूछ पाया तब उसने कहा मेरा नाम आयशा है तब मैने अपना नाम बताते हुए कहा मेरा नाम हर्ष है रात की 1बज चुकी थी तब मैने उससे कहा कि चलो में आप के लिए काफी बनाकर लाता हूं फिर में रसोई में काफी बनाने का सामान निकाल ही रहा था कि वह मेरे पीछे रसोई में आग्ई और कहने लगी आप हटिए में आप के लिए काफी बनाकर पिलाती हूं उसने मेरे हाथ से सामान ले लिया उसके थोड़ी देर बाद ही हम काफी की चुस्की लेने लगे उसके बदन पर पिंक कलर की स्कर्ट और शार्ट कमीज़ होने की वजह से वह और भी सुंदर लग रही थी।

काफी पीते पीते उसने अपने कमीज़ के ऊपर के बटन इतनी सर्दी होने के बाद भी यह कह कर खोल दिया कि उफ़ गर्मी लग रही है। उसके ऊपर के दो बटन खुलने की वजह से मेरी नजर उसके आधे दिख रहे बूब्स पर बार बार जा रही थी। यह देख कर वह बोली क्या देख रहे हो तब में कहा आप बहुत सुंदर हो तब उसने इठलाते हुई उठी और मेरा काफी का गिलास उठा कर बड़ी मस्ती भरे अंदाज में बोली बर्तन साफ करने का जुना कहा है मैने कहा रसोई में और वो रसोई में चली गई और बड़ी अनोखे अदा से बोली अजी कहा है जुना मैने कहा ऊपर वाली स्लेप पर रखा है और में रसोई की तरफ चल दिया तब मैने देखा कि दोनों हाथ उठाकर स्लेप पर लटक रही थी।

उसके दोनों हाथ ऊपर उठते ही उसकी शार्ट कमीज़ इतनी ऊपर उठ गई की उसकी मस्त कमर देख कर मेरे कोमल मन में सितार बजने लगे और मेर से रहा नहीं गया तो मैने उसकी कमर पकड़ उस ऊपर उठाने के बहाने से छू लिया मेरे छूते ही वह घूमी और मेरे ऊपर ही गिर पड़ी मेरे सीने पर ही उसका सीना था और मेरे होठों पर उसके होठ थे इससे पहले में कुछ समझ पाता कि हम दोनों की गरम सासो का मिलन होते ही उसने अपने आप को संभाला और उठ कर कमरे में चली गई मैने उससे उस कि जिंदगी के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उसने लव मैरिज की थी मगर एक दिन उसका मुझसे मन भरा गया तो वो दूसरी लेकर आगया।

ये देखकर मेरी जिंदगी में भूचाल आगया साथ ही मैने कल्पना भी नहीं की थी कि वो ऐसा करेगा मेरे साथ मैने उससे कोई बात नहीं की और अपनी बेटी को लेकर घर छोर कर मेहनत करके अपनी बेटी को पालने लगी जिससे उस बेवफ़ा सनम कि कभी याद ही नहीं आई नहीं उसने मेरी कोई खबर ली तब मैने उससे कहा रात बहुत हो चुकी है कई आप कि बेटी उठ न जाए तब आयशा ने कहा मुस्कान सुबह से पहले उठने वाली नहीं है कोई चिंता नहीं उसकी ये सारी बाते सुनकर मैने उससे कहा कि वह बड़ा बदनसीब है जो आप जैसी खूबसूरत वाइफ को छोर कर दूसरी लेकर आगया आयशा जी एक बात कहूं कि आप बहुत सुंदर है।

एक बच्चे कि मा होने के बाद भी इतना गठीला तन और खूबसूरत बॉब्स ने तथा आप के गोरे चेहरे के दाए गाल पर लगे तिल से आप की सुंदरता में और भी चार चांद लगा दिए है।जब मैने उसकी सुंदरता की तारीफ की तो वह बहुत कसमसाई और उसने मेरा हाथ पकड़ लिया उसके हाथ लगते ही मेरे बदन में बिजली सी दौड़ गई मैने उसे अपनी बाहों में भर लिया मुझे ऐसा लगा जैसे वह तन की आग में जल रही है। उसने मेरे होठों पर अपने गुलाबी होठों से चुबन जेड दिया वह मेर से ऐसे चिपक गई जैसे गोद लगने के बाद पोस्टर चिपक जाता हैं उसने ऊपर से नीचे मुझे चूमना शुरू कर दिया।


 मैने कहा हम बिस्तर पर चलते हैं। मैंने उन्हें किस करते हुए बिस्तर पर लेटा दिया और उनकी शार्ट कमीज़ को निकाल दिया, अब वो सिर्फ ब्रा और पेन्टी में थी। मैं अपनी शर्ट और पैन्ट निकाल कर उनके ऊपर आ गया। अब मैं आयशा के बूब्स मसलते हुए उन्हें किस करने लगा, फिर नीचे खिसकते हुए मैंने उनकी ब्रा भी निकाल दी और उनके निप्पल मुँह में लेकर चूसने लगा। धीरे धीरे मैंने उनकी नाभि को किस करते हुए उसकी पेंटी भी निकाल दी और उनकी चूत पर हल्का सा किस किया जिस पर वो आह भर के रह गई। मैं उनको सारे बदन को जी भर कर चूम रहा था। अब डाल भी दो, और कितना तड़पाओगे?


मैंने अपना लंड निकालकर आधा लंड आयशा की चूत में डाल दिया तो आयशा ने तड़प कर मेरे बालों को कसकर पकड़ लिया। अब मैं उन्हें जोर से धक्के लगा रहा था, जिस पर वो सिसकारियाँ लेकर आहें उम्म्ह… अहह… हय… याह… भर रही थी। मैं अपना लंड पूरा बाहर निकाल कर आयशा की चूत में जड़ तक पेल देता था।


करीब बीस मिनट की चुदाई के बाद मैं आयशा की चूत में ही झटके देकर झड़ गया मगर आयशा को सालो बाद खुशी का एहसास हुआ था जैसे सावन में मुरझाए हुए फूल खिल जाते है जब भी आयशा को तन की आग सताती वह मेरे पास चली आती अचानक एक दिन मुझे अपनी कंपनी से बापिस बुलावा आगया में अपना सामान पेक कर रहा था कि तभी पीछे से उसने मेरे कंधे पर अपना हाथ रखकर कहा कि कहा की तैयारी हो रही है। तब मैने हिम्मत जुटा कर उससे कहा आयशा कोई अच्छा सा अपने समाज का लड़का देखकर अपना घर बसा लो ये कह कर में चल दिया कोई 6 महीने बाद उसका मेसेज आया उसने अपने ही समाज के एक अच्छे से पैसे वाले से निकाह कर लिया है यह जान कर मेरे दिल को बहुत खुशी हुई उसके बाद ना ही मैने कभी उसकी मेसेज किया ना ही उसका कोई मेसेज आया में उसकी लाईफ को डिस्टर्ब नहीं करना चाहता था। दोस्तो यह चुदाई आपको कैसी लगी, मुझे ई मेल करके बताएँ।
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मुझे और मेरी ननद दोनों को संतुष्ट करता है एक साथ

पड़ोसन सेक्स कहानी

मैं पायल 24 साल की हूँ। मेरी शादी पिछले साल ही हुई है। मेरे घर में, मैं मेरी ननद, मेरी सास और मेरे पति रहते हैं। मेरी सास स्कूल में टीचर है, पति का बिजनेस है वो टूर पर रहते हैं। मेरी ननद उन्नीस साल की है। मेरी ननद बहुत ही ज्यादा हॉट और सेक्सी लड़की है। दोस्तों सच पूछिए तो मेरी ननद ने ही मुझे सेक्स का सही ज्ञान दिया और कैसे चुदना है उसी न बताया है और उसी ने यह भी बताया है की पति के अलावा भी चुदाई का रिश्ता रखूं तो ज़िंदगी और ज्यादा हॉट और मीनिंगफूल कैसे हो जाएगी। आज मैं आपको नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के माध्यम से यही कहानी बताने जा रही हूँ। कैसे एक लड़का हम दोनों को संतुष्ट कर रहा है एक साथ चोद कर। अब मैं सीधे कहानी पर आती हूँ।

पिछले दिनों की बात है। मम्मी जी इलेक्शन ड्यूटी पर शहर से बाहर चली गई थी तीन दिन के लिए। पति टूर पर गया था वो सात सात दिन तक घर से बाहर रहता है। मैं शनिवार को दीपक जलाने के लिए घर से बाहर गई थी। जब वह से आई वापस तो मेरे ऊपर वाले कमरे में आवाज आ रही थी. आह आह आह आह ओह्ह राघव आह आह आह राघव आह आह आह। मैं दौड़ कर गई तो देखकर दंग रही गई। मेरी ननद पूजा चुद रही थी। मैं खिड़की से झांककर देखने लगी। मेरी ननद और वो लड़का दोनों नंगा था और पूजा बेड पर थी वो लड़का निचे खड़ा था दोनों पैर अपने कंधे पर रखे था और जोर जोर से धक्के दे रहा था। दोस्तों ऐसी कभी भी मेरी चुदाई नहीं हुई थी जैसे की पूजा चुद रही थी। सच पूछिए तो ऐसी ही चुदाई के बारे में मैं सपने देखती थी की कोई मुझे चोदे।

पूजा चौड़ी गांड वाली लड़की है हॉट पूरा शरीर है। चूचियां सॉलिड है क्रिकेट गेंद की तरह गठीला बदन गोरा चेहरा लम्बे लम्बे बाल होठ पिंक। दोस्तों जब भी राघव धक्के देता वो करीब छह इंच तक आगे पीछे हो रही थी सोच लीजिये उस लड़के के लौड़े में कितना दम था। मेरे से रहा नहीं गया और मैं दरवाजा खटखटा दी। एकदम शांति हो गई वह पर। मैं दुबारा दरबाजा पीटी फिर भी दरवाजा नहीं खुला। मैं फिर धक्के लगाई तभी दरवाजा खुला और राघव भागा। वो ऊपर से भाग कर अपने छत पर कूद गया। और जब अंदर गई तो मेरी ननद ब्रा पहन रही थी पर उसके ब्रा का हुक बाल में फंस गया था इसलिए वो ना पहन पा रही थी ना छुड़ा पा रही थी वो सिर्फ पेंटी में थी ब्रा उसके बालों में लटका हुआ था।

मैं अंदर जाकर ब्रा उसके बालों से हटाई और बोली क्या बात है पूजा रानी। तुम तो जवान हो गई हो। चुद तो ऐसी रही थी मानो सन्नी लिओनी चुदवा रही थी। वो डरी हुई थी शायद सोच रही थी उसका भेद खुल गया है। पर मैं किसी और ही जुगाड़ में थी। मैंने समझाया तो वो समझ गई बोली भाभी आप किसी को मत बताना प्लीज। मैं बोली ठीक है नहीं बताउंगी पर एक काम तुम्हे करना होगा। पूजा बोली बोलो भाभी, मैं बोली फिर आज रात का पार्टी रखते है ऐसे भी घर पर कोई नहीं है इससे बढ़िया मौक़ा नहीं मिलेगा। वो बोली क्या मैं बोली उस लड़के को बुलाओ मैं भी तुम्हारे साथ मिल कर अपनी वासना शांत करेंगे ऐसे भी अभी तुम जोश में ही आ रही थी और मैं आ गई।

वो मुस्कराने लगी। और बोली ठीक है। मैं बोली मैं फटाफट खाना लगाती हूँ दोनों खा लेते हैं फिर बुलाओ तुम उसको। और फिर वैसा ही हुआ हम दोनों खाना खाकर तैयार हुए और पूजा ने उस लड़के को बोली आ जा मैं और भाभी दोनों मिलकर तेरा लंड लेंगे। वो लड़का बोलै ठीक है मम्मी पापा जैसे ही सोयेंगे आ जाऊंगा मैं तुम छत का दरवाजा खुला ही रखना। और वो लड़का साढ़े दस बजे के करीब आ गया.

मैं भी अब उसके कमरे में थी वो लड़का आया और फिर हम दोनों मिलकर उसको सहलाने लगे और चूमने लगे. धीरे धीरे हम तीनो ही नंगे हो गए। और फिर एक एक करके उसका लौड़ा चूसने लगे. वो हम दोनों को चुम्म रहा था दोनों की चूचियों को दबा रहा था। उसको हम दोनों ने पलंग पर लिटा दिया मैं उसके मुँह पर बैठ गई और चूत चटवाने लगी पूजा तब उसका लौड़ा चूस रही थी।

फिर मैं लौड़ा चूसने लगी और पूजा उसके मुँह पर बैठकर अपना चूत चटवाने लगी. अब हम तीनो ही जोश में आ गए। पहले वो मुझे चोदना शुरू किया। फिर पूजा को बारी बारी से हम दोनों चुदवा रहे थे। उसका मोटा लौड़ा जब चूत से अंदर बाहर होता तो वो नजारा मस्त था। हम दोनों ही एक दूसरे की चूचिया और चूत से खेल रहे थे। और फिर हम दोनों एक एक करके चडवाते रहे.

दोस्तों हम तीनो एक तीसरे को खुश कर रहे थे। और चुदाई का खेल रात भर चलता रहा. दोस्तों तीन दिन तक हम दोनों उस लड़के से अपनी वासना की आग को बुझाते रहे। पहली बार मुझे सेक्स में सटिस्फैक्शन मिला था। पूजा का गदराया हुआ बदन और मैं खुद पूजा के बदन से खेलने लगे. फिर तीन दिन बाद माँ आ गई। पर हम दोनों अभी भी लेस्बियन की तरह एक दूसरे को खुश कर रहे हैं। अब जब माँ स्कूल जाती है हम दोनों उस लड़के से चूत को आग शांत करते हैं। और आगे करते भी रहेंगे. आशा करती हु आपको ये कहानी पसंद आई होगी दूसरी कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर जल्द ही लेके आने वाली हूँ.

मुझे खूब चोदो भैया मेरी वासना शांत करो

असंतुष्ट औरत चुदाई

जी हां जैसा कीआपने पढ़ा मुझे खूब चोदो भैया मेरी वासना को शांत करो ऐसा ही बोली थी कल रात को अपने मुंहबोले भैया को क्यों की पति जब चोद नहीं पाया तो क्या करती कब तक मैं बिना चुदाई के रह पाती। दोस्तों हरेक महिला को एक दिन ये कदम उठाना ही पड़ता है जिसकी वासना पूरी नहीं होती। आज मैं भी उसी लाइन में खड़ी हूँ। जब मेरी चुत की गर्मी शांत नहीं हुई तभी मैं एक कदम उठाई। आज मैं आपको नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के माध्यम से अपनी चुदाई की कहानी आपके समक्ष रखने जा रही हूँ।

मेरा नाम दीपिका है मैं दिल्ली में रहती हूँ, मैं दिल्ली में अपने पति के साथ रहती हूँ मेरी शादी के करीब तीन साल हो गए हैं पर एक दिन भी ऐसा नहीं गया जिस दिन मेरी चुदाई मेरे तरीके से हुई हो। चुदाई तो मेरी रोज होती है पर कभी भी मेरे पति का लौड़ा मेरी चूत के अंतिम छोर तक नहीं पहुंचा। रोजाना प्यासी की प्यासी ही रह जाती हूँ।

मैं खूबसूरत हूँ हॉट हूँ मेरी चूचियां बड़ी बड़ी और गोल गोल है। मेरे गोल गोल और बाहर निकले हुए चौड़े गांड किसी का भी लौड़ा खड़ा कर देता है। ऐसा कोई भी मर्द नहीं है है जो मुझे एक बार मुड़कर नही देखता। पर करूँ क्या इतना कुछ होते हुए भी मुझे कोई चोदने वाला नहीं है। मैं आपको बताती हूँ मैं क्यों नहीं अपने पति से संतुष्ट नहीं हो पा रही हूँ। दोस्तों मेरा पति मुझे चोदता तो रोज है पर वो मुझे खुश नहीं कर पाता कारन है

  • पति का लौड़ा बहुत ही छोटा है
  • मुझे चोदने की बजाय वो मेरी चूचियों में ज्यादा लगा रहता है। वो सिर्फ मेरी चूचियों से खेलता है।
  • वो जब भी लौड़ा मेरी चूत में घुसाता है वो जोर जोर से धक्के नहीं दे पाता है।
  • जब वो चूचियों को पकड़ता है तो हौले हौले से दबाता है मुझे ऐसा लगता है मेरी चूचियों को जोर जोर से दबाये और पिए।
  • उसका लौड़ा छोटा होने की वजह से मेरी चूत में पूरा नहीं जाता है।
  • जब मैं जोश में आती हूँ उसका वीर्य गिर जाता है। मैं जब उसको दबोचती हु वो अपने आपको को छुड़ाने की कोशिश करता है। वीर्य गिरते ही वो तुरंत ही सो जाता है। मैं जब तक अपनी ब्रा भी पहन नहीं पाती तब तक वो सो चुका होगा है

दोस्तों अब आप ही बताओ मैं क्या करूँ ? क्या मुझे भी हक़ है की नहीं की मैं अपनी वासना की आग को बुझाउ।

दोस्तों मैं काफी इंतज़ार की की पति ठीक हो जाये। पर ऐसा नहीं हुआ मैंने कई हाकिम से लेकर अच्छे डॉक्टर तक दिखाई ताकि मेरी चुदाई की लाइफ ठीक हो जाये पर ऐसा नहीं हुआ।

हारकर मैं बाहर मुँह मारने को तैयार हो गई। और मैं फँसाई एक अपने बगल में रहने वाले भैया को. पहले उनकी पत्नी से दोस्ती की उनकी पत्नी स्कूल में टीचर है। फिर उनके घर आने जाने लगी और फिर अपने जाल में या यूँ कहिये की अपने हुस्न अपने मस्तानी चाल की जाल में फंसा ली।

एक दिन भैया की वाइफ स्कूल गई और मेरे पति भी दिल्ली से बाहर गए मैं उनके यहाँ सुबह नौ बजे ही पहुंच गई। और उनको सोते हुए ही पकड़ी तुरंत ही मैं उनके रजाई में चली गई और लौड़ा पकड़ ली। लौड़ा पकड़ते ही सांप की भांति फुफकारने लगा। मैं भी कहाँ कम थी तुरंत ही अपने मुँह में लेकर सोटने लगी चाटने लगी। मेरी फिर उन्होंने मेरी ब्रा तक खोल दी पेंटी भी उतार दी।

अब मैं उनके बदन को और वो मेरी बदन को चाटने लगे चूमने लगे। हम दोनों ही सिक्सटी नाइन की पोजीशन में आ गए वो मेरी चूत को चाट रहे थे और मैं उनके लौड़े को चूस रही थी थी पहली बार लंबा और मोटा लौड़ा मेरे हाथ लगा था इसलिए मेरी चूत काफी गीली हो गई थी। मेरे रोम रोम सिहर रहे थे ऐसा लग रहा था की मुझे चोद दे। मुझे पूर्ण विस्वास था की आ मेरी वासना की आग पहली बार इस मोठे लौड़े से बुझेगी। और दोस्तों फिर शुरू हुआ चुदाई का खेल।

दोस्तों, वो मुझे निचे कर दिए और वो ऊपर रखकर पहले मेरी पैरों कोई अपने कंधे पर रखे और अपना लौड़ा मेरी चूत पर लगाया और जोर से अंदर घुसा दिया। पहली बार मेरी चूत की अंतिम छोर तक उनका लौड़ा पंहुचा था। मैं बाग़ बाग़ हो गई थी शरीर में करंट दौड़ने लगी। मेरे होठ सूखने लगे मेरी चूचियां और निप्पल और भी टाइट हो गए थे मैं खुद से ही अपने चूचिओं को दबा रही थी और वो जोर जोर से मुझे चोदने लगे। मैं भी कह रही थी मुझे खूब चोदो भैया मेरी वासना को शांत करो।

दोस्तों मैं पहली बार चुद रही थी जैसी चुदाई की मुझे जरुरत थी। मेरे मुँह से आह आह की आवाज निकल रही थी। मैं आह आह ओह ओह ओह ओह कर रही थी और वो कह रहे थे आह क्या माल हो आह क्या माल हो। दोस्तों गजब का माहौल हो गया था कमरे में। ;

वो मुझे पलट दिया और मेरी गांड में अपना लौड़ा थूक लगा कर घुसा दिए। ये मेरा पहला अनुभव था गांड मराने का। आज मेरी चूत भी चुदी और गांड भी। पहली बार मैं खुश हुई चुदवा कर। अब मैं काफी खुश हूँ मेरी ज़िंदगी बदल गई है। अब मैं अपने इस नाजायज रिश्ते को बरकरार रखना चाहती हूँ ताकि अपनी ज़िंदगी जी सकूँ। जरुरत पड़ी तो अपने पति को भी छोड़ सकती हूँ।

दोस्तों अब मैं पूर्ण खुश हूँ। पर आपको भी पता है जिसको जितना मिलता है कमी होने लगती है। अब मैं किसी और हॉट मर्द के बारे में सोच रही हूँ ताकि बदल बदल कर चुदवा सकूँ। मैं दूसरी कहानी जल्द ही आपको नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम कर द्वारा प्रकाशित करुँगी तब तक के लिए धन्यवाद.

जोर से मत घुसाना भैया दर्द होता है

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दोस्तों कभी कभी दर्द भी अच्छा लगता है। आज मैं इसी दर्द की चर्चा आपको नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर कर रही हूँ। मुझे भी चुदाई का दर्द हुआ था जब मेरी चूत में पहली बार लंड गया था। और फिर कैसे मैं रात भर चुदवाई वही इस कहानी के माध्यम से बताने जा रही हूँ। ये मेरी पहली कहानी है और मेरी पहली चुदाई की कहानी है। कोशिश करती हूँ आपको हु बहु कहानी बता सकूँ।

दोस्तों मेरा नाम काजल है। मैं 18 साल की हूँ मैं हॉट और खूबसूरत हूँ मेरे लम्बे बाल हैं नैन नक्श बहुत ही सेक्सी है। पढाई दसवीं में ही छोड़ दी और घरपर रहने लगी। मुझे नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर कहानिया पढ़ना बहुत अच्छा लगता है मैं रोजाना इस वेबसाइट पर हॉट सेक्सी कहानियां पढ़ती हूँ। तभी मुझे भी लगा की मै अपनी कहानी आपको सुनाऊँ।

मेरे घर में मम्मी पापा भैया और भाभी हैं। भैया की शादी को अभी सिर्फ पंद्रह दिन ही हुए हैं तो वो लोग गोवा हनीमून मनाने चले गए यानी की भाभी को चोदने गोवा गए हैं। मम्मी और पापा दोनों गाँव गए थे क्यों की वह के ज़मीन का बंटवारा होना था तो मम्मी पापा का फ़ोन आया था की मैं तीन चार दिन बाद ही आऊंगा। घर में मैं अकेली थी।

दोस्तों दिन भर कोई काम नहीं रहता था तो हॉट कहानिया पढ़कर मैं कामुक होने लगी। मुझे सेक्स में बहुत ज्यादा रूचि होने लगा। मैं चुदना चाहने लगी पर कोई मेरा बॉयफ्रेंड नहीं था की मैं उसको अपने घर पर बुलवाकर चुदवा सकूँ। और मुझे ये भी लग रहा था अभी मौक़ा है घर में कोई नहीं है और तीन दिन तक अपने जिस्म की गर्मी को बुझा लूँ।

मैं एक फ्लैट में रहती हूँ जो तीन मंज़िला है। मैं ऊपर फ्लोर पर रहती हूँ। मेरे फ्लैट के बगल के फ्लोर में एक भैया रहते हैं जिनकी वाइफ अभी किसी और के साथ भाग गई है तो वो अब अकेले ही रहते हैं दोनों का छत साथ है यानी की छत के द्वारा मैं उनके घर जा सकती हैं। मैंने प्लान बनाया एक रात करीब दस बजे उनको फ़ोन की और बोली भइया आपसे मुझे बात करनी हैं। अगर आप मुझे थोड़ा गाइड कर दें तो अच्छा रहेगा। तो भइया बोले हां हां बोलो।

मैं बोली फ़ोन पर नहीं होगा बैठकर ही बात करनी पड़ेगी। तो वो बोले की मैं आ जाता हूँ तो मैं बोली नहीं नहीं कोई देख लेगा इसलिए मैं आती हूँ छत के रस्ते आप अपने छत का दरवाजा खोल दो। और वो बोलो ठीक है। मैं छत के द्वारा के घर पहुंच गई। दोस्तों उस रात को मैं सेक्सी ड्रेस पहनी थी जो सिल्की थी। अंदर ब्रा नहीं पहनी थी। लेगिंग पानी थी वो टाइट थी गांड और चूतड़ का उभार और मेरी चूत तक का उभर उस लैगिग में दिखाई दे रहा था। वो मुझे देखकर अवाक् रह गए।

मैं बात करने लगी की मैं अब चाहती हूँ ओपन से बारहवीं कर लूँ। तो वो बोले हां ये ठीक रहेगा और एक काम और कर सकती है फैशन का भी कोर्स कर लो। आजकल आइल स्कोप है। या तुम मॉडलिंग कर सकती हो। मैं खुश हो रही थी वो मेरी बड़ाई कर रहे थे मैं बार बार बात करते हुए झुक रही थी। और मेरी चूचियां उनको साफ़ साफ़ दिखाई दे रही थी। वो तो धीरे धीरे गरम होने लगे। मैं यही चाहती थी। को वो कामुक हो जाये और मुझे चोद दे। आखिर रात के दस बजे कोई लड़की किसी मर्द के पास अकेले बैठी हो तो ज्यादा चान्सेस है चुदने का।

दोस्तों धीरे धीरे कर के बात इधर उधर की चली और फिर वो मुझे पूछ दिया क्या तुमने कभी सेक्स किया है तो मैं बोली नहीं। वो बोले क्यों तो मैं बोली अभी तक ऐसा कोई नहीं मिला जिसपर मैं विस्वास कर सकूँ। और दूसरी बात मुझे डर लगता है कही पहली बार से करते समय अगर ज्यादा ब्लीडिंग हो गई तो मैं डॉक्टर से भी नहीं दिखा सकती। शादी शुदा हो तो अलग बात होती है हरेक समस्या का समाधान है पर कुंवारी लड़की को ये समाधान नहीं है।

वो धीरे धीरे मेरी बातों में आ गए और वो ऑफर कर दिया। क्या तुम आज रात मेरे साथ सो सकती हो। और वो बोले इसके लिए मैं पचास हजार रूपये भी दूंगा। मुझे लगा इससे बढ़िया तो कुछ भी नहीं हो सकता है क्यों की चुदाई भी और पैसे भी। तो कौन नहीं तैयार होगा। मैं बोली एक शर्त है की ये बात किसी को मत बताना और मुझे ब्लैकमेल भी कभी मत करना और मुझे धीरे धीरे चोदना ताकि दर्द नहीं हो। दोस्तों वो बोले ठीक है।

और फिर मेरे करीब आकर बैठ गए और मेरे होठ पर अपना होठ रख दिए। और वो होठ को चूसने लगे। ये मेरा पहला एहसास था। फिर उन्होंने अपना हाथ मेरी चूचियों पर रख दिए। और हौले हौले से दबाने लगे। मैं धीरे धीरे मदहोश हो गई और मेरी चूत गीली होने लगी मेरे बदन में करंट दौड़ने लगा और मेरे होठ सूखने लगे। धड़कन बढ़ गई थी।

उन्होंने मेरे सारे कपडे उतार दिए और वो भी अपना कपड़ा उतार फेंका। उनका मोटा काला लौड़ा देखि तो डर गई की आज मेरी चूत फट जाएगी। उन्होंने मुझे लिटा दिया और मेरी चूचियों को दबाते हुए पीने लगे। वो बार बार दांत से दबाव् भी दे रहे थे निप्पल पर। मेरी चूचियां टाइट हो गया था और निप्पल भी टाइट। वो निचे सरक गए और मेरी चूत को चाटने लगे।

मैं आह आह आह कर रही थी। चूत से जितना पानी निकलता वो चाट जाते। वो कह रहे थे तेरी चूत की नमकीन पानी सबसे बढ़िया है बहुत ही उम्दा है क्यों की तुम वर्जिन है। दोस्तों मुझे तो लग रहा थे वो जल्द से जल्द मुझे चोद दे। क्यों की मैं पागल हो रही थी पर वो जल्दी नहीं चोद रहे थे वो कभी चूत चाटते कभी गांड चाटते कभी होठ चूसते कभी गाल कभी गर्दन कभी पीठ। कभी कन्धा कभी जांघ कभी कांख कभी मेरी नाभि कभी अंगूठा कभी मेरी ऊँगली मुँह में लेते।

दोस्तों उन्होंने पागल कर दिया था बीस मिनट में। फिर उन्होंने मेरे दोनों पैरों को अलग अलग किया और अपना मोटा लौड़ा में थूक लगाया। और फिर मेरी चूत पर सेट किया और घुसाने लगे। मैं दर्द से कराह उठी मेरी चूत को छेड़ काफी पतली थी और उनका लौड़ा मोटा। पर वो बार बार अपने लंड पर थूक लगते और ट्राय करते। चूत में दर्द होता और मैं मना करती ऐसे नहीं दर्द हो रहा है। मैं बार बार कह रही थी जोर से मत घुसाना भैया दर्द होता है। और आखिरकार उन्होंने अपना लौड़ा मेरी चूत में डाल ही दिया।

अब मेरे बाल बिखर गए थे मैं हरेक धक्के को सह रही थी। मेरी चूचियां हिल रही थी। वो मुझे चोद रहे थे। पांच मिनट उन्होंने मेरी चुदाई की। उसके बाद तो मैं अपने रूप में आ गई मैं निचे से धक्के देने लगी। क्यों की संतुष्टि नहीं हो रही थी मुझे जोर जोर से धक्के चाहिए था चूत में पर वो नहीं दे रहे थे। फिर उन्होंने मुझे कुतिया बनाया और गांड के तरफ से चोदना शुरू किया।

दोस्तों फिर मुझे संतुष्टि होने लगी क्यों की अब वो मुझे जोर जोर से चोद रहे थे। हम दोनों अलग अलग तरीके से एक दूसरे को खुश कर रहे थे। दोस्तों उन्होंने रात भर मुझे चोदा। मेरी चूत फट गई थी और सूज गई थी। मुझे काफी दर्द हो रहा था। सुबह करीब पांच बजे छत के रस्ते ही ही अपने फ्लैट में पहुंची। दिन बार गरम पानी से सेंकाई की। शाम तक दर्द कम हुआ और दूसरे दिन भी रात दस बजे पहुंच गई उनके फ्लैट पर फिर से चुदने को।

दोस्तों दूसरे दिन वो अपने लिए टेबलेट लाकर रखे थे ताकि वो मुझे खूब चोद सके। दूसरे दिन तो उन्होंने और भी वाइल्ड तरीके से चोदा।

अब तो मेरी चूत फैली हो गई है और जब भी मन करता है किसी बहाने उनके यहाँ चली जाती हूँ। और चुदवाती हूँ। नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के दोस्तों आशा करती हूँ आपको मेरी ये कहानी अच्छी लगी होगी। जल्द ही दूसरी कहानी पोस्ट करुँगी।

पति को दारू पिला कर सुला देती हूँ फिर निचे जाकर चुदवाती हूँ भैया से

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दोस्तों मेरा नाम रेवती है। मैं दिल्ली में रहती हूँ। आज मैं आपको अपनी एक कहानी शेयर करने जा रही हूँ। मुझे पूर्ण विश्वास है आपको मेरी ये कहानी बहुत ही ज्यादा हॉट लगेगी। मैं आपको आज सच सच बताती हु आखिर क्या हुआ की मैं पति को छोड़ कर किसी और से चुदवाने लगी हूँ। नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के दोस्तों आपको भी पता है। ज़िंदगी में कई बार कुछ गलत करना पड़ जाता है। लोगों को लगता है की फलाना गलत कर रहा है या कर रही है पर लोग ये समझते हैं या सोचते हैं की आखिर ऐसा क्या हुआ था की गलत करने को मजबूर हुआ। लोग अंदर की बात नहीं जानते हैं।

मेरा पति कर्ज के बोझ में दबा हुआ इस वजह से वो रात को दारू बहुत पीता है। और इससे मेरी सेक्स लाइफ बहुत ही ज्यादा ख़राब हो गई है। मेरी सेक्स लाइफ पहले भी खराब थी क्यों की वो मुझे सही से कभी भी चोद नहीं पाया ना मुझे संतुष्ट कर पाया। मैं हमेशा ही चुदाई के मामले में प्यासी रही हूँ। पर आप खुद बताइये कोई इंसान कितना दिन तक चुदाई के बिना रह सकता है। वासना की आग को बुझाने के लिए भी तो कोई सहारा चाहिए।

दोस्तों मेरी उम्र अभी 28 साल है। कोई बच्चा भी नहीं हुआ है। होगा कैसे चुदाई करे कोई तब ना अपने से कैसे बच्चा पैदा करूँ। माफ़ कीजियेगा कई बार गुस्से में आ जाती हूँ जब सब लोग बोलते हैं की कब माँ बनोगी ? मैं क्या करूँ ? दोस्तों अब सहा नहीं जा रहा था इसलिए मैं एक ऑफिस में काम करने लगी मुझे काम पर निचे फ्लोर में रहने वाले भैया ने ही लगवाया है। पति को भी कोई परेशानी नहीं है क्यों की गांड फट रही है। कर्जे के मारे।

दोस्तों भैया का नाम रोशन है। उनके साथ मुझे दिन में समय बिताने का मौक़ा मिला गया है। कई बार साथ जाती हूँ और साथ आती हूँ पर घर से दूर ही उतर जाती हूँ ताकि पति को शक नहीं हो और ख़राब नहीं लगे की किसी गैर मर्द के साथ जाती हूँ। दोस्तों मैं अपनी बातें रोशन के साथ शेयर की तो वो मुझे बहुत हेल्प करने लगे। कुछ दिनों बाद मैंने अपने पर्सनल लाइफ के बारे में भी शेयर की तो वो और भी ज्यादा मेहरबान हो गए और धीरे धीरे मैं उनके तरफ खींचने लगी और संपर्क बढ़ने लगी और एक दिन ऐसा आया की रोशन ने मुझे कह दिया आप चाहे तो रात में निचे आ सकती हो। रोशन अकेले रहते हैं क्यों की उनका तलाक हो चुका है।

मैं बोली ठीक है देखती हूँ। दोस्तों मैं ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहती थी जिससे मेरे पति को पता चल जाये और मेरी बदनामी हो जाये।

एक दिन की बात है रात को मेरे पति दारू पी रहे थे। मैं भी उनके साथ बैठी और खुद पेग बना कर पिलाई वो इतना ज्यादा पि लिए की बेहोश हो गए मैं बड़ी मुश्किल से उनको बेड पर ले गई और सुला दी वो तुरंत भी बेहोशी की हालात में चले गए। मैं तुरंत ही अपने कपडे बदली लिपस्टिक लगाई। बाल झाड़ी, डीओ लगाई और निचे रोशन के दरवाजे को खटखटाई। वो निकले और दरवाजा खोले।

मैं बोली आ गई मैं। तो रोशन ऐसे रियेक्ट किये जैसे की कितनी खुशियां मिल गई है। मुझे बहुत अच्छा लगा उसका वो रियेक्ट करना। उसके बाद मैं उनके गले लग गई और अपना होठ उनके होठ पर रख दी उन्होंने भी चूमते हुए दरवाजे को अच्छी तरह से बंद कर दिया। और फिर मुझे गोद में उठाकर बैडरूम में ले गया। दोस्तों मैं मचल रही थी।

बेड पर पहुंचकर हम दोनों ने अपने अपने कपडे उतार दिए। रोशन मेरे होठ को चूसने लगा। फिर निचे थोड़ा खिसककर मेरी चूचियों के पास पहुंच गया और मेरे निप्पल को दो उँगलियों से मसलने लगा। मैं कामुक होने लगी क्यों की किसी भी औरत का अगर आप निप्पल को दो उँगलियों से पकड़ेंगे तो वो चुदाई के लिए पागल हो जाएगी। दोस्तों उसके बाद वो मेरे बूब्स को हौले हौले से दबाने लगे। मेरे बूब की साइज 34 है गोल है और नीपल छोटा छोटा काफी सेक्सी लगता है मेरे गोर बदन पर। मैं खुद भी पांच इंच सात इंच की हूँ होठ हूँ वजन साथ किलो है। गांड चौड़ी है और कमरे काफी पतली।

दोस्तों फिर रोशन और निचे खिसक गया और अब मेरे चूत के पास पहुंच गया और मेरे दोनों पैरों को अलग अलग कर वो जीभ से मेरी चूत पर हलचल करने लगा। मैं पागल होने लगी गजब का एहसास था उस समय का। दोस्तों फिर उसने मेरी चूत में उँगलियाँ डालनी शुरू की और फिर ऊपर आया अब वो ज्यादा वाइल्ड होने लगा मैं खुद भी वाइल्ड हो गई थी। मैं अंगड़ाइयों ले रही थी मेरी चूत गीली हो गई थी। मेरे नीपल टाइट हो गए थे।

मैं सिसकारिआं ले रही थी। मैं बोली रोशन मैं काफी ज्यादा सेक्सी हो गई हूँ। अब मुझे चोदो देर मत करो। वो भी मेरी बात को मानते हुए अपना लौड़ा चूत पर लगाया और जोर से घुसा दिया अब वो मेरे ऊपर था मैं निचे। ऊपर से धक्के दे रहा था उसका लौड़ा मेरी चूत में समा रहा था और मैं निचे से धक्के दे रही थी। दोस्तों मेरा मुँह खुला का खुला ही रहा गया क्यों की उसका लौड़ा बहुत मोटा था और उसका चोदने का तरिका बहुत ही सेक्सी था।

मैं मजे लेने लगी। फिर हम दोनों 69 को पोजीसन में आ गए। अब वो मेरी चूत चाट रहा था और मैं उसका लौड़ा। करीब 10 मिनट तक एक दूसरे को खुश कर रहे थे फिर। वो मुझे घोड़ी बना दिया और मेरी गांड के तरह से मेरी चूत में लौड़ा घुसाने लगा और अपने हाथो से मेरी चूचियां मसलने लगा। वो जब धक्के देता था मैं हिल जाती थी। अब मैं भी पीछे धक्के लेने लगी उसका पूरा लौड़ा मेरी चूत में समा रहा था।

दोस्तों फिर मैं ऊपर गई और वो निचे उसका लौड़ा अब मेरी चूत में उसी पर मैं उठती और बैठती। धीरे धीरे करते हुए मैं जोश में आ गई और जल्दी जल्दी मैं चुदने लगी।

दोस्तों शनिवार का दिन था वो मुझे सुबह के करीब चार बजे तक चोदा। मैं खूब चुदी सच पूछिए तो मैं पहली बार चुदाई में खुश हुई।

जब मैं अपने घर गई तो हरामी गांड फाड़ कर सोया हुआ था मेरा पति। दोस्तों ऐसा किसी के साथ नहीं हो पत्नी कही और से चुदवा कर आये। क्यों की उसका पति उसको चोद नहीं सकता हो।

तीनो बहनों ने बारी बारी से चुदवाया मुँह बोले भैया से

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हेलो दोस्तों मेरा नाम मोनिका है मेरी छोटी बहन का नाम ज्योति है और  उस से छोटी बहन का नाम रानी है आज मैं अपनी एक सेक्स कहानी सुनाने जा रहे हो यह कहानी बहुत मजेदार है जब भी मैं उस वाकए को याद करते हो तो अभी मेरी चूत  गीली हो जाती है मेरा मन डोल जाता है मुझे लगता है कि काश वो रात फिर से आ जाए कैसे हम तीनों बहनों ने उस रात को मजे लिए थे दोस्तों मजा आ गया था आज मैं आपको भी अपनी यह बात शेयर कर रही हूं। 

 यह कहानी आज से 4 साल पहले की है उस समय में 22 साल की थी और मेरे से दोनों बहने एक 1 साल छोटी थी।  हम तीनों भरपूर जवानी में थे तीनों एका पर से एक थे हॉट मॉडल की तरह हम तीनों लगते थे मेरा एक छोटा भाई था वह लल्ला था बेकार था ना पढ़ाई करता था मन दिखाई करता था पर हम तीनों बहनों ने खूब पढ़ाई करें उस समय भी हम तीनों अपने क्लास में अब्बल आते थे.  मेरी मां एक दुकान चलाती थी पापा का एक छोटा सा बिजनेस था वही करते थे।

हम तीनों मिलजुल कर रहते थे पर एक जो सबसे ज्यादा बात खटकती थी वह यह थी कि मेरी मां थोड़ी पुराने ख्याल की थी और मेरे पापा भी मेरी मम्मी से हमेशा नीचे रहते थे यानी की मम्मी हमेशा डांटते रहती थी तो यहां पर मम्मी का चलता था मेरे पापा का नहीं चलता था पुराने ख्यालात की होने के कारण वह हम लोग को ज्यादा छूट नहीं देती थी फैशन में कोई कमी नहीं करने देती थी कपड़े एक से एक देती थी।   पर वह किसी लड़के से बात करने देना नहीं चाहती थी वह सोचती थी कि शायद हम लोगों को पटा लेगा और भगा के ले जाएगा इसलिए वह हमेशा अपने मन में यह सभी बातें सोचते रहती थी।

 अब मैं सीधे कहानी पर आती हूं। 

 उस समय मैं दिल्ली किराए पर रहती थी।  मेरे सामने वाले मकान में एक लड़का रहता था वह भी करीब 22 साल का ही था वह दिल्ली में पढ़ाई करने आया था पर वह शादीशुदा भी था शायद जिस साल उसकी शादी हुई थी उसी शायद उसी साल हो दिल्ली आ गया था पढ़ने उसमें हम लोग बात नहीं करते थे बस घर में ही बात करते थे कि वह भैया हैं जो वहां रहते हैं पर एक दिन आश्चर्य हुआ जब उनके बीवी गांव से आ गई।  भैया आप पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी भी करने लगे थे और एक गांव की जो लड़की आई थी यानी कि उनकी बीवी वह सीधी साधी थी हम तीनों बहनों का भैया के बीवी के साथ दोस्ती हो गई अब जब भैया बाहर होते थे और मेरी मां दुकान पर जाते थे तो हम लोग कभी उनके घर चले जाते थे या वह मेरे घर आ जाती थी ऐसे वह घंटों बातें करते रहते थे धीरे-धीरे बात बड़ी भैया भी घर आने लगे। 

 मेरी मम्मी भी उनको काफी पसंद करने लगी मेरी मम्मी उनको बेटा कहते थे हम लोग भैया कहते थे।  ऐसा तीन चार महीने तक चला और भैया की वाइफ गांव चली गई क्योंकि वह प्रेग्नेंट हो गई थी और मम्मी मेरी पापा के साथ अलीगढ़ चले गए थे क्योंकि हम लोग ऐसे अलीगढ़ के ही रहने वाले हैं।  क्योंकि मेरे मामा जी का काफी तबीयत खराब था इसलिए मम्मी और पापा वही चले गए बोले कि थोड़ा टाइम लगेगा तुम लोग ठीक से रहना।

 दोस्तों एक दिन की बात है मैंने भैया को रात को अपने घर पर बुलाई के भैया आज खाना भी खा लेना खाना खाने करीब 9:00 बजे के करीब आए और हम लोग फिर बातचीत करने लगे बातचीत करते-करते रात के करीब 11:00 बज गए थे .  शनिवार का दिन था तो इसलिए जल्दी बाजी भी नहीं थी क्योंकि दूसरे दिन छुट्टी का दिन था मैंने उनको कहा कि भैया आप रात को यहीं सो जाओ अब आप क्या जाओगे सुबह जाना चाहते हम तीनो बहने चाहते थे वह रात को उस समय हम तीनों के मन में कोई बात नहीं थी ना तो चाहते थे कुछ.

 रात को धीरे धीरे करके मेरे दोनों बहने सोने चली गई मैं और भैया दोनों बातचीत करने लगे बातचीत करते करते पता नहीं कहां से कहां घूमा और हम दोनों एक दूसरे के करीब आ गए वह मेरे करीब आकर बैठ गए उनको निहारने लगी और अब वह मुझे चूमने लगे पता ही नहीं चला मैं रोक भी नहीं पाई और धीरे-धीरे अपना हाथ,  मेरी चूचियों पर रख दिए।

और वह दबाने लगे यह मेरा पहला एक्सपीरियंस था किसी लड़के के द्वारा मेरे बूब्स को छूना मुझे बहुत अच्छा लग रहा था बदन में आग लग गई थी ऐसा लग रहा था कि इससे अच्छा और कुछ दुनिया में हो ही नहीं सकता मेरी सांसे तेज चलने लगी थी मेरी सांसे गरम-गरम निकलने लगी थी मैंने होंठ सूखने लगे थे मैं मदहोश हो रही थी ऐसा लग रहा था कि यह कौन सा नशा है यह बिल्कुल नया था दोस्तों मेरे लिए धीरे-धीरे वो मेरे होंठ को चूसने लगे मेरे हाथों को पकड़ने लगे अपनी अंगुलियां मेरे अंगुलियों में फंसाने लगे मेरे बालों को सहलाने लगे मेरे गर्दन को चूमने लगे मेरे बूब्स को दे दे दे दे दबाने लगे मेरी सांसे तेज होने लगी मैंने दोनों बहनों को देखा तो वह दोनों सो चुकी थी वह खड़े हो गए मैं भी खड़ी हो गई और दोनों एक दूसरे का हाथ थामे हुए अपने बेडरूम में चली गई।

 वहां जाकर उन्होंने मेरे सारे कपड़े उतार दिए अपने भी सारे कपड़े उतार दें वह मेरे बूब्स को दबाने लगे मेरे निप्पल को उंगलियों से रगड़ने लगे मेरे होंठ को चूसने लगे दोस्तों उस समय मेरा होंठ गुलाबी हो गया था मेरे बूब्स तन गए थे आंखें लाल हो गई थी गाल गुलाबी हो गया था उन्होंने जब मेरी पेंटी खोलने शुरू की तो मुझे थोड़ा खराब लगा खराब का मतलब यहां पर यह है कि मुझे लाज लगने लगा,  मैं शर्म आ रही थी घबरा रही थी पर मुझे सेक्स करने का भी मन था तो मैं उनको मना नहीं की और फिर अपनी पेंटी को खोलने दिया जैसे ही उन्होंने मेरी बहन खोलें। मेरी चूत को देखकर वह देखते ही रह गए क्योंकि उसी दिन मैंने शेव की थी और बिल्कुल टाइट थी। क्योंकि मैं वर्जिन थी। 

 उन्होंने मेरी चुत को चाटना शुरु कर दिया।  मेरे रोम रोम खिल गए थे मेरे पूरे शरीर में आग लग गई थी पहला एक्सपीरियंस वह भी चुत  चटवाने का गजब लग रहा था। मैं अपने दोनों पैरों को फैला दें ताकि वो आराम से इसका मजा ले सकें।  मेरी छूट से पानी निकलने लगी थी.उस पर से वह मेरे बदन को चले जा रहे थे कभी वह मिली चूतड़ को चलाते कभी मेरे होंठ को चूसते कभी मैंने बूब्स को दबाते और लगातार मेरी चूत को चाटे जा रहे थे. 

उसके बाद उन्होंने मेरी दोनों पैरों को फैला दिया और अपना लौड़ा निकाल कर मेरे हाथ में रख दिया।  उनका लौड़ा काफी मोटा था काफी लंबा था उस समय काफी गर्म लग रहा था। मैं तीन चार बार आगे पीछे करें पर मुझे चूत  की गर्मी परेशान करे थे मुझे लग रहा था कि इसका सही जगह मेरी चूत है.

 मैंने कहा भैया देर मत करो मेरी वासना को शांत करो मेरी चुदाई करो.  उन्होंने अपना लौड़ा मेरी चूत पर रखा और जोर से अंदर घुसा दिया मैं दर्द से कराह उठी थी क्योंकि खेद बहुत छोटा था मैं पहली बार चुदाई  कर रही थी भयानक दर्द से मैं तड़पने लगी थी वह मुझे सहलाने लगे थे मेरे बूब्स को सहलाने लगे थे मेरे होंठ को छूने लगे थे धीरे-धीरे में शांत हुई उन्होंने फिर से दूसरा धक्का दिया अब मेरी चूत  थोड़ा-थोड़ा खून निकलने लगा था मैं डर गई थी पर उन्होंने बताया कि ऐसा पहली बार होता है तुम्हें शांत हुई।

उन्होंने जब तीसरा झटका दिया तो उनका पूरा लौड़ा मेरी चूत के अंदर समा गया। दोस्तों अब वह धीरे-धीरे आगे पीछे करने लगे मैं भी नीचे से होले होले झटके देने लगे झटके से और भी ज्यादा काम हो रहे थे और उसे कामुक आवाज निकाल रहे थे।  मेरे सिसकारियां भी बंद नहीं हो रही थी मेरे मुंह से गरम गरम सांसे नाक से गर्म गर्म सांसे निकल रही थी मैं उस समय मुंह से सांस लेने लगी थी दोस्तों मुझे देते थे तो मेरे मुंह से सिर्फ आवाज निकलती थी।

 अब मैं ज्यादा कामुक हो गई थी मैं भी जोर जोर से चुदना  चाह रही थी वह जोर जोर से धक्के दे रहे थे और मैं मजे ले रही थी मेरे बाल बिखर गए थे मेरी आंखें लाल हो गई थी मेरे काजल फैल गए थे मेरे लिपस्टिक दोस्तों मैं एक नंबर की चुदक्कड़  लग रही थी.

 1 घंटे तक उन्होंने मुझे कभी आगे से कभी पीछे से कभी उठाकर कभी बैठा कभी खुद ऊपर कभी मैं ऊपर कभी घोड़ी बनकर कभी कुत्तिया बनके खूब चुदी। और फिर थोड़ी देर में शांत हो गई। 

 मैं उठकर कपड़े पहने और जैसे ही कमरे से बाहर गई तुम्हें देखी मेरी दूसरी बहन खिड़की से सब नजारा देख रही थी क्योंकि हम लोग लाइट भी बंद नहीं किए थे दोस्तों मेरी बहन बोली कि दीदी तुमने तो मजे ले ले मुझे भी मजे लेने दो मैं बोली ठीक है मैं तुम्हारे बेड पर जा रही हूं सोने अब तो मजे ले लो उसके बाद मैं सोने चली गई और मेरी बहन उनके पास चली गई मेरी बहन को देखते हैं वह बोले आप तो बोले हां जैसे आपने मेरे दीदी के साथ किया है वैसा मेरे साथ भी कर।

और फिर उनके साथ जाकर सो गई तुरंत तो वह मेरी बहन को चोद नहीं पाए थे करीब आधे घंटे बाद मैं खुद खिड़की से जाकर जाकर देखी तो मेरी बहन मेरे से भी ज्यादा सेक्सी हो कर चुद रही थी वह तो मुंह से ऐसे आवाज निकाल रही थी कि मानो सनी लियोन सेक्स कर रही हो। मेरे से भी उसकी चूचियां बड़ी बड़ी थी उसके जांग भी काफी मोटे थे गांड भी काफी मोटी थी।

वह मेरे से ज्यादा सेक्सी थी उसके बाद कमर तक थे दोस्तों को पूरे बाल को खोल ली थी बेड पैसे लेती हुई थी मानो चुदाई  की देवी सो रही हो। भैया तो मेरे से भी ज्यादा उसको चोद रहे थे क्योंकि वह सेक्सी दिख रही थी इसलिए बेड के आवाज चू चू कर रहा था एक हाय हाय कर रहे थे एक उफ़ कर रही थी। दोस्तों ऐसा नजारा शायद मुझे कभी जिंदगी में देखने और सुनने को भी मिलेगा यह तो शुक्र है कि आपको मैं नॉनवेज story.com पर अपनी कहानी सुनाने जा रहे अन्यथा आप को भी यह नसीब नहीं होता यह मेरी सच्ची कहानी है।

 जब मेरी बहन और भैया दोनों झड़ गए थे।  तब मैं सोने चली गई वह दोनों साथ ही सोए थे मैं भी काफी थक गई थी जब सुबह नींद खुली तुम्हे देखे मेरी सबसे छोटी बहन वह खिड़की पर खड़े होकर  उन दोनों को सोते देख रहे थे वह दोनों अभी तक नहीं सोए हुए थे। वह आकर मेरे से बोली कि दीदी यह क्या हो रहा है क्या आपने भी मजे लिए हैं तो मैं बोली हां छोटी थी उसके बाद इसने लिया है मेरी छोटी बहन क्यों दी थी मेरे नसीब में नहीं है क्या मुझे लगा कि क्यों नहीं जब दोनों बहन चुद  क्योंकि थे तो इसको भी चुदना चाहिए मैं बोली ठीक है एक काम कर आज दोपहर का रख ले। मैं और ज्योति दोनों मार्केट जाते कुछ सामान लाना है।

भैया का खाना बना देती हूं रुक जाएंगे और हम तीनों की चुदाई करेंगे। वह मान गई रानी बोली ठीक है दीदी आप जल्दी जल्दी नहा लो और इन दोनों को भी उठाओ यह दोनों भी तैयार हो जाएंगे नाश्ता बनाओ हम चारों मिलकर नाश्ता करते हैं और आप दोनों मार्केट चले जाओ ताकि मैं दिन में इनके साथ रंगरेलियां मना सकूं।  ऐसा ही हुआ था दोस्तों हम चारों मिलकर नाश्ता की भैया भी यही नाश्ता किए संडे का दिन था तो उनको कुछ काम भी नहीं था और कोई काम भी रहता तो कौन करता है।

यार जहां पर तीन-तीन चूत मिल रही हो कौन छोड़ता है इसको हम दोनों बहन मार्केट चले गए जब उधर से आए तो मैंने देखा रानी चुद रही थी। हम दोनों ने अंदर जाकर देखा क्योंकि मेन गेट की चाबी मेरे पास थी मैं गेट खोल कर अंदर गई वह हम दोनों बहनों से भी ज्यादा अलग अलग तरीके से चुदवा रही थी हम दोनों तो दंग रह गए।

जब दोनों शांत हो गए हैं लेट गए तब हम दोनों बहन अंदर गए अब हम तीनों बहन उनको चूमने लगे चाटने लगे और मजे लेने लगे दोस्तों फिर हम तीनों ने प्लान बनाया। कि कल भी हम लोग छुट्टी करते हैं आज रात को खूब मजे लेते हैं ऐसा ही हुआ दोस्तों उस रात को भी हमने खूब मजे लिए तीनों ने अब एक साथ सेक्स किया वह बारी-बारी से हम तीनों को चोदते रहे क्योंकि वह शाम को ही मार्केट से टेबलेट ले आए थे। रात को उन्होंने चार टैबलेट खाया था।

और हम तीनों को खूब खुश किया था आज भी वह दिन जब याद आता है तो मजा आ जाता है दोस्तों काश ऐसा दिन फिर आता पिछले साल ही मेरी शादी हो गई है पर जब भी मेरा पति मुझे चोदता  तो ख्वाब में उनको जरूर याद करती हूं क्योंकि वैसा चुदाई आज तक नहीं हो पाई है। आशा करती हूं मेरी यह कहानी आपको अच्छी लगी होगी हो सकता है शब्द थोड़ा इधर-उधर हो गया पर मैं हूं लिखने की कोशिश की दूसरी कहानी नॉनवेज story.com पर जल्द ही आने वाली है तब तक के लिए दोस्तों आपका बहुत-बहुत धन्यवाद टेक केयर।

पति ने कहा किसी से भी चुदवा बस बच्चा चाहिए मुझे फिर मैंने …….

चुदाई

मैं : – रमेश जी आप मुझे चोदो मेरे पति को बेटा चाहिए, आप चाहें तो मैं रोजाना रात को आपके पास आ सकती हूँ। रमेश जी : – पर ये बात आपके पति को मालूम हो गया तो। मैं :- पति ही बोले हैं किसी से भी चुदवाने को, आप मुझे अच्छे लगते हैं”

बेटे के लिए चुदाई : मेरा नाम संगीता है। मैं हरिद्वार की रहने वाली हूँ अपने पति के साथ दिल्ली में रहती हूँ। मेरा पति मुझे ऐसी दोराहे पर खड़ा कर दिया है जहाँ मुझे पति के होते हुए भी पति के कहने पर मुझे किसी गैर मर्द से चुदवाना पड़ा। दोस्तों कोई भी एक नेक औरत ये काम नहीं करेगी पर आपको क्या पता ऐसी कई औरतें हैं जो किसी ना किसी दबाब में ऐसे काम कर रही है जो नहीं करने चाहिए।

आज मैं आपको अपनी पूरी कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर बताने जा रही हूँ। मेरी ये सच्ची कहानी है। कब बोला कैसे बोला क्यों बोला आखिर पति की क्या मज़बूरी थी जो की मुझे किसी और के पास भेजने में हिचकिचाया नहीं।

दोस्तों मेरी उम्र तीस साल है। मैं बदरपुर दिल्ली में रहती हूँ। मेरी दो बेटियां है। मैंने लव मैरिज शादी की है परिवार के खिलाफ होकर। शादी में मिली थी और इन्होने मुझे परपोज किया और था और मैं पागल हो गई शादी करने को। यहाँ तक की मैं इनसे ज्यादा पढ़ी लिखी हूँ। पर इनके झांसे में आ गई। जैसा की अधिकतर लड़के वो दिखने की कोशिश करते हैं जो होते नहीं हैं। मैं समझी कुछ और ये हैं कुछ। मैं फंस गई।

दिल्ली आई जो जो ख्वाब दिखाए थे एक भी पुरे नहीं हुए। बोले बड़े फ्लैट में रहते हैं कंपनी में मैनेजर हैं। यहाँ आकर देखि तो आठ फुट बाय आठ फुट के कमरे में रहते हैं। एक प्लास्टिक के प्लेट बनाने वाली कंपनी में काम करते हैं। मैनेजर हैं पर सिर्फ तीन मजदुर का। दोस्तों आप खुद सोचिये जो लड़की बिंदास हैं, खूबसूरत हैं, हॉट है, पढ़ी लिखी हैं, बदन मखमली है, सेक्स की देवी लगती हैं उसकी शादी ऐसे टुच्चे इंसान से हो जाये तो क्या करे एक औरत। माफ़ करना दोस्तों मेरा बन आपका दिमाग ख़राब करना नहीं है पर क्या करें अपना फ़्रस्ट्रेशन निकालने का यही मौक़ा है और कहानी सुनाने का भी। ये तो किसी और को बता भी नहीं सकती। घर वाले को भी नहीं, नहीं तो वो कहेंगे। चूत में खुजली हो रही थी तब ना ये गलत लड़के से शादी की हैं। दोस्तों बात भी सही है सेक्स और हवस इंसान को गलत काम और गलत रिश्ता रखने को मजबूर करता है.

दिल्ली आने के बाद मुझे फटाफट दो  बच्चे हो गए। हालात ठीक नहीं रहे हालात दिन-ब-दिन बदतर होते गए।  धीरे-धीरे करके मैं भी जॉब करने लगी क्योंकि पति की कमाई उतनी नहीं थी।  घर से बाहर जब निकले तो पता चला दुनिया क्या होती है तब मुझे समझ आया कि मैंने जल्दबाजी में शादी कर ली और बहुत बड़ी गलती कर ली मेरे जैसे लड़की को तो बहुत अच्छा पति मिल सकता था पर शायद चूत  की खुजली और जल्द चुदवाने के चक्कर में शादी कर ली। मुझे दिल्ली के काफी नॉलेज हो गई थी कई महिलाओं से भी मिली जो कि अपनी मस्त जिंदगी जी रहे थे कई ऐसे महिलाओं से भी मिले जो शादीशुदा होकर भी घर के बाहर रिश्ते रखे हुए थे।

 1 दिन में पति पत्नी दोनों ने मिलकर ही सोचा तू जिंदगी ऐसे नहीं चलेगी एक बेटा होना बहुत जरूरी है क्योंकि इनके दोस्तों को बेटा था चार दोस्तों में से तीन दोस्तों को बेटा ही था तो पहले तो इनको लगा कि मेरी गलती है जो कि मैं बेटे को जन्म नहीं दे पा रही हूं फिर मैंने उनको यूट्यूब के चैनल दिखाएं और समझाया कि बेटा और बेटी होना और उस पर निर्भर करता है अब वह समझने लगे कि गलती उनकी है इसी वजह से बेटा नहीं हो पा रहा है।  जहां में रहते थे पास में ही रमेश जी रहते थे रमेश जी बहुत अच्छे इंसान थे मेरे पति के दोस्त थे और मेरे पति के कम मेरे दोस्त अच्छे थे क्योंकि जब भी मुझे कोई बात पूछनी होती थी कोई सहायता लेनी होती थी तो मैं उनसे संपर्क करते तो उनका चर्चा अपने घर में भी करते रहती थी मेरे पति को लगता था कि शायद मेरा और रमेश जी का संबंध है पर ऐसी बात थी ना हम दोनों एक अच्छे दोस्त हैं धीरे-धीरे करके वह मेरे पति के भी दोस्त बन गए। 

पहले तो उन्होंने मुझे समझाया कि हम दोनों ट्राई करते हैं अगर काम बन गया तो बहुत अच्छा है उन्होंने कुछ मार्केट से टेबलेट लेकर आए गोलियां खाई अपने लौड़े  पर तेल लगाया। और दिन में 2 बार चुदाई करने लगे करीब 3 महीने तक हम दोनों ने मिलकर काफी कोशिश की पर इसका कोई फायदा नहीं हुआ मैं प्रेग्नेंट नहीं हो पाए अब मेरे घर में लड़ाई होने लगी।  मैं कहती थी जब तक तुम मुझे खुश नहीं कर पाओगे जब तक तुम मेरी वासनाओं को शांत नहीं कर पाओगे जब तुम अपने वीर्य को लबालब मेरी चूत मैं नहीं भरोगे तब तक मैं कैसे प्रेग्नेंट होंगे और जब तक मैं प्रेग्नेंट नहीं होती तो कैसे बेटा और बेटी होगा।

 एक दिन मैंने कह दिया कि  शायद तुझ में ही कमी है इसी वजह से मैं प्रेग्नेंट नहीं हो पा रही तेरी उम्र ज्यादा हो रही है तो मुझे सही से चोद  नहीं पा रहे हो उस समय मेरे पति बोले जब ऐसी बात है तो एक काम कर तू किसी और से ही चुदवा लो। 

 पहले तो गुस्से में बोले थे शायद मैं सही बोल रहा हूं दूसरे दिन भी वह मेरे से डिस्कस करने लगे रात को मैंने बोला वह सही बात है अगर तू किसी और से संबंध बना लेते हैं और बेटा पैदा होता है तो बेटा मेरा और तुम्हारा ही होगा किसी और का नहीं होगा फिर हम लोग यहां से कमरा खाली कर देंगे और रहेंगे।  मुझे भी सही लगा अब मुझे दो दो लौड़े का स्वाद चखने को मिलेगा इससे बढ़िया क्या बात हो सकती हैं। 

एक दिन की बात है  दोनों बेटियां और मेरे पति मेरी माँ के यहाँ फंक्शन थे वह चले गए और मैं बहाना बना दी अपने माँ से की मेरी तबियत ठीक नहीं है। मैं दिल्ली में अकेली थी। मैं रात के करीब 9 बजे रमेश जी के घर पहुंच गई। रमेश जी दिल्ली में अकेले हैं। उनकी पत्नी गाँव में है।  मन से हर एक बात को शेयर करते थे वहां जाकर मैंने उनको सारी बातें बताई और बोली कि मैं आपके साथ सेक्स करना चाहती हूं संबंध बनाना चाहते हैं ताकि मैं एक बेटे को जन्म दे सकूँ। किसी मर्द को जब चूत मिल रहा हो तो कौन मना करेगा। 

मैं बोली रमेश जी आप मुझे चोदो मेरे पति को बेटा चाहिए, आप चाहें तो मैं रोजाना रात को आपके पास आ सकती हूँ। रमेश जी बोले : – पर ये बात आपके पति को मालूम हो गया तो। मैं :- पति ही बोले हैं किसी से भी चुदवाने को, आप मुझे अच्छे लगते हैं

फिर क्या था दोस्तों बात उनको समझ आ गई थी। उन्होंने कहा ठीक है मुझे भी चुत नहीं मिल रहा है मुझे चुत मिल जाये और आपको भी इसका फायदे मिले तो हर्ज क्या है ? और फिर दोनों हसने लगे। दोनों एक दूसरे को बाहों में भर लिए। दोनों एक दूसरे को चूमने लगे। वो कहने लगे क्या बताऊँ आपके बारे में सोच कर कितने बार मूठ मारा हूँ पता है अब तक मैंने करीब दस किलो वीर्य आपके नाम से गिरा चूका हूँ बाथरूम में और पोछ चूका हूँ तौलिया में। तो मैं बोली अब इसकी नौबत नहीं आएगी अब आप सीधे मेरी चूत में डालना अपना वीर्य।

दोस्तों फिर क्या था धीरे धीरे हम दोनों एक दूसरे के कपडे उतारने लगे। वो भी खुश थे मैं भी खुश थी। ऐसा लग रहा था कुछ खोया हुआ मिल गया। उनका गठीला बदन सुन्दर चेहरा देखकर मैं अपने आप को संभल नहीं पाई और उनको वाइल्ड तरीके से चूमने लगी। दोनों एक दूसरे को चूमने लगे। वो मेरी बड़ी बड़ी गोल गोल चूचियों को दबाने लगे। मेरी चूतड़ को सहलाने लगे। कभी कभी वो गांड में ऊँगली भी देते पर मैं मना कर देती। फिर वापस वो गांड और पीठ सहलाने लगते।

उसके बाद उन्होंने मुझे बेड पर लिटाया और फिर मेरी चूत चाटने लगे। मैं अपनी चूचियों को खुद ही दबा रही थी। और होठ मेरे सुख रहे थे। मैं मोअन कर रही थी पुरे कमरे में एक ही आवाज आ रही थी आह आह आह आह ओह्ह ओह्ह्ह ओह्ह आउच धीरे से प्लीज निप्पल दर्द करता है दांत लगाने से आह आह आह आ। और पहिए उन्होंने मेरी चूत में ऊँगली करने लगे। मेरी चूत गीली हो गई थी। वो जब भी ऊँगली घुसाते उनका ऊँगली गीली हो जाती वो अपने ऊँगली को मुँह में ले लेते और चाट जाते।

दोस्तों अब मैं और भी गरम हो गई थी क्यों की वो मेरी चूत को छेड़ रहे थे। मैं उनको इसारे से बोली चूत चाटो। वो तुरंत ही मेरी चूत चाटने लगे अब मैं उनके सिर को पकड़ ली और जोर जोर से चूत चटवाने लगी। अब मैं गांड उठा उठा पर उनमे मुँह में धक्के देने लगी। उन्होंने चूत चाट चाट कर साफ़ कर दिया था। फिर मैं बोली अब मुझे चोदो मैं पागल हो जाउंगी अगर थोड़े देर तक लौड़ा नहीं मिला तो। वो तुरंत ही अपना लौड़ा मेरी चूत पर लगाया और जोर जोर से पेलने लगे। मैं झटके से हिल रही थी। मेरी चूचियां धक्के से आगे पीछे हो रही थी।

दोस्तों वो मेरी चूचियों को मसल रहे थे। गांड में ऊँगली कर रहे थे। मैं भी अपने पैरों का फंदा बना ली थी। वो जोर जोर से मुझे चोदने लगे। मुझे तब एहसास हुआ चुदाई में बहुत मजा है मैं गलत फंस गई थी। पति तो चोद भी नहीं पाता है जितना रमेश जी मुझे चोद रहे हैं। दोस्तों मैं अब रमेश जी के ऊपर चढ़ गई वो निचे। उनका लौड़ा पकड़ी करीब ९ इंच का था। मोटा और काला मैं लौड़े के पकड़ पर अपने चूत पर लगाई और बैठ गई। पूरा का पूरा लौड़ा मेरी चूत में समा गया। करीब एक मिनट तक आँख बंद कर के बैठी रही। तभी उन्होंने निचे से झटका दिया और मेरे बदन में करंट दौड़ गया।

दोस्तों अब मैं ऊपर निचे होने लगी लौड़ा मेरी चूत में पूरा जा रहा था। वो मेरी दोनों बूब्स को पकड़ रहे थे मैं अब जोर जोर से चुदवाने लगी। करीब दस मिनट तक ऐसे ही चुदवाती रही। फिर मैं घोड़ी बन गई अब वो मुझे पीछे से चोदने लगे। मेरी चौड़ी गांड उनको बहुत पसंद आने लगा था वो बार बार मेरी चूतड़ पर थप्पड़ मारते। मैं एन्जॉय कर रही थी।

उन्होंने फिर मुझे लिटा दिया और अब जोर जोर से चोदने लगे। मैं थक रही थी। मैं दो तीन बार झड़ चुकी थी। अचानक उन्होंने आआ आआ आआ आए होऊ उफ्फ्फ आवाज निकलने लगे और सारा वीर्य मेरी चूत में गिरा दिए मैं अपना शरीर टाइट कर ली उनके पीठ पर अपना नाख़ून का निशान बना दी। और फिर दोनों ढीले हो गए और एक दूसरे को चूमते हुए सो गए।

मैं तक गई थी हिल भी नहीं पा रही थी। और गहरी नींद में चली गई। करीब एक घंटे बाद मेरी नींद आवाज होने के कारन उठी तो देखि मैं वैसे ही नंगी सो रही हूँ और रमेश बाबू मेरी जिस्म को निहार निहार कर शराब पि रहे थे। उन्होंने फिर से मेरी चुदाई की और फिर दोनों सो गए।

दोस्तों ऐसा अभी तक चल ही रहा है अभी तक प्रेग्नेंट नहीः हुई हु। अब पति कहते हैं शायद तुम सही से चुदवा ही नहीं रही हो। देखो तुम गांड मारने में और लंड चूसने में अपना समय बर्बाद नहीं करना बस चुदाई पर ध्यान देना अब मैं भी चुदाई पर ही फोकस कर रही हूँ। मैं आपको अपनी कहानियां नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर शेयर करते रहूंगी। आप प्लीज फिर से मेरी कहानियां पढ़ने जरूर आइयेगा इस वेबसाइट पर प्लीज।

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