भैयादूज का गिफ्ट दिया भाई ने जिसकी प्यास बहुत दिनों से थी

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दोस्तों 18 साल की उम्र पार करते ही लड़कियों में सेक्स के प्रति उत्सुकता बढ़ने लगती हैं। क्यों की वासना की आग सिर्फ चुदाई से ही बुझाई जा सकती हैं। अगर आप चाहे जितना मर्जी इंटरनेट पर फिल्म देख लें कामुक किताब पढ़ लें, या नॉनवेज स्टोरी पर कहानियां पढ़ लें आपको अगर सेक्स की भूख मिटानी है तो चुदाई करनी या करानी ही पड़ेगी। पर हमारा समाज ऐसा है जहा पर शादी के पहले खुलेआम इन चीजों की इजाजत नहीं देता है। यहाँ पर फिर बात आती है की कौन होगा जो आपकी वासना की भूख मिटाएगा। रिस्तेदारी में अगर जुगाड़ लग जाता है तो कोई दिक्कत ही नहीं है आपपर कोई शक भी नहीं करता और आपका काम भी हो जाता है।

आज मैं आपको अपनी चुदाई की कहानी बताने जा रही हूँ। मुझे चुदने का मन बहुत दिनों से था पर कोई जुगाड़ नहीं बन पा रहा था। कितने दिन तक अपने चूत में ऊँगली कर कर के काम चलाती? आप खुद ही बताएं कैसे अपनी वासना की आग को बुझाते ? पहले के जमाने में शादी जल्दी हो जाती थी। लड़कियों की चूचियां दिखनी शुरू हुई की शादी हो गई। पर आजकल तो आपको पता है। चूचियां छोटी से बड़ी और बड़ी और बड़ी, गांड पतली फिर मोटी और फिर और ज्यादा मोटी। आप खुद सोचिये इसका शरीर चुदने लायक हो गया हो और उसको लंड नहीं मिल रहा हो उसको कैसा लगेगा ?

मेरा नाम रेखा है मैं 18 साल की हूँ। मुझे नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर कहानियां पढ़ना बहुत ही अच्छा लगता है और सेक्सी मूवी देखना, इरोटिक सीरियल देखना बहुत पसंद है। मुझे अपनी चूचियां खुद से दबाने में भी अच्छा लगता है और चूत सहला सहला कर चुत से पानी निकालना और फिर ऊँगली से उस पानी को चाटना बहुत पसंद है। लड़को को घूरना और फिर उसकी याद में चूत सहलाना बहोत अच्छा लगता है। पर शरीर की भूख को ख़तम करने के लिए मुझे लंड चाहिए था पर आज मेरा ये सपना साकार हो गया। मुझे लंड मिल गया मेरी चूत को पहली बार लंड का दर्शन हुआ और मैंने अपने चचेरे भाई के लंड को अपनी चुत में खूब डुबकी लगवाई।

कैसे क्या हुआ था अब मैं आपको विस्तार से बताती हूँ।

मैं दिल्ली में रहती हूँ। और गाँव से बिलोंग करती हूँ पर मैं यहाँ पर अपने गाँव का नाम नहीं लिख सकती। मैं एक कॉलेज में पढ़ती हूँ और अकेले रहती हूँ कमरे लेके।मेरा भाई आज सुबह ही मुझसे भाईदूज का टिका लगवाने आया था। मैंने अपने भाई के लिए नारियल के गोले मिठाई कुमकुम धागा और थाली में चावल इत्यादि रखे थे। सुबह तैयार हो गई थी क्यों की वो गुडगाँव में रहता है वो इंजीनियरिंग कर रहा है। तो वो सुबह करीब आठ बजे आ गया। मैं नहा धोकर तैयार हो गई। और फिर तिलक लगाया धागे बंधे और नारियल के गोले देकर मिठाई खिलाई।

और फिर वो मुझे गले लगा लिया। उसके गले लगते ही मेरा मन डोल गया। मैं अपने आप को संभल नहीं पाई और मैं चिपकते चली गई। बात होठ तक आ गई अपनी आँख बंद की ही थी और अपने आप को पूरी तरह से सौंप चुकी थी। पर वो थोड़ा नर्वस था क्यों की आखिर रिश्ता तो बना का ही था। पर मोम आग के सामने कितना देर तक टिक सकता है? वो पिघलने लगा, और मैं उसको पिघलाने लगी। और वो पूरी तरह से पिघल गया और फिर क्या था वो मेरे होठ पर अपना होठ रखा दिया दोनों की गरम गरम साँसे चल रही थी। बार बार लम्बी लम्बी साँसे ले रही थी। वो मेरे पीठ को सहलाते सहलाते मेरी गांड को सहलाने लगा मेरी गांड भरी भी और उभर लिए है तो पकड़ने में उसे बहुत मजा आ रहा था।

वो अब अपनी जीभ को मेरे मुँह में डाल रहा था और मैं भी उसके जीभ को चूसने लगी थी फिर मैं अपना जीभ उसके मुँह में डाल रही थी और फिर वो मेरे जीभ को चूसता ऐसे में हम दोनों और भी कामुक हो गए। उसने मेरी चूचियां (बूब्स) पकड़ लिया और मसलने लगा। मेरे रोम रोम खिल उठे थे चूत में खुजली होने लगी थी ऐसा लग रहा था की अब वो मेरी चूत चाटे? पर वो मेरे होठ को चूसने में और चूचियां दबाने में और गांड को सहलाने में ही लगा था मुझे चुत चटवाने थे तो मैं उसे बोली चल बेड पर। वो आ गया।

मैं बेडपर बैठकर अपने जीन्स और टॉप उतार दिए मैं पिंक कलर के स्टाइलिस्ट ब्रा और पेंटी में थी कल ही मार्किट से ले थी सेक्सी ब्रा और पेंटी। वो मेरे जिस्म को देखकर दंग रह गया और मुँह फाड् लिया बोला मुझे नहीं पता था तुम इतनी सेक्सी और सॉलिड हो। गजब का तेरा बदन है जी करता है तुम्हे चीनी की चासनी में डाल कर पूरा बदन चाट डालूं। तो मैं बोली अगर चाटना ही है तो मेरी चूत चाट, चासनी की जरुरत नहीं होगी क्यों की मेरी चूत में चासनी आ चुकी है बस मीठी नहीं है नमकीन है। और लेट गई। वो मेरी पेंटी को उतार दिया और मेरे दोनों पैरों के बिच में बैठ गया और टांगो को उठा कर मेरी चूत को चाटने लगा। वो बोलने लगा गजब का लग रहा है ये नमकीन चासनी और वो मेरी चूत की पानी को जीभ से चाटता तभी मैं और पानी अपने चुत में छोड़ देती जैसे मैं अंगड़ाई लेती मेरी चूत गीली हो जाती और जैसे ही वो मेरी चुत पर जीभ लगता तभी मैं अंगड़ाई ले लेती। दोस्तों हम दोनों ही काफी गरम हो गए थे। अब मुझे लौड़ा चाहिए था तो मैं बोली दस मिनट से तुम चाट ही रहे हो और मेरे जिस्म की ज्वाला और भड़का रहे हो दे दो मुझे अपना लंड काफी दिन से प्यासी हूँ।

मुझे भाई दूज की गिफ्ट की जरुरत नहीं है आज मुझे खुश कर दो चोद चोद कर यही मेरा गिफ्ट है। और वो अपना लंड निकाल लिया दोस्तों क्या बताऊँ मोटा लम्बा लंड देखकर खुश हो गई और थोड़ा डर भी लगने लगा ऐसा लग रहा था कही मेरी चूत इतने मोटे लौड़े से फट ना जाये। दोस्तों उसको बात उसने मेरी चूत में धीरे धीरे लौड़ा घुसा दिया। दर्द भी कर रहा था पर मजा बहुत आ रहा था। फिर वो मुझे चोदने लगा।

वो मेरे दोनों पैर को अपने कंधे पर रख लिया और जोर जोर से मेरी चूत में लौड़ा डालने लगा। जितने जोर से धक्के देता मेरी चूचियां हिलती। मैं खुद से अपना ब्रा खोल दी थी ताकि उसको कोई दिक्कत नहीं हो वो भी मसल रहा था पि रहा था निप्पल को दांतों से दबा रहा था। वो जोर जोर से चोदने लगा मैं अब मुँह खोल कर सांस लेने लगी और आह आह की आवाज निकालने लगी मेरे होठ सुख रहे थे तो बार बार अपनी जीभ से चाट लेती और फिर अपना गांड उठा उठा कर उसको हेल्प करती। फिर वो निचे आया और ऊपर चढ़ गई। करीब 10 मिनट तक ऐसे छोडा फिर से मुझे कुतिया बना कर पीछे से ही मेरी चूत में लौड़ा पेलने लगा। दोस्तों मजा आ रहा था वो मेरी बाल को पकडे हुए था और मेरी चूत में लौड़ा घुसा रहा था।

मैं थक गई थी क्यों की मैं तीन बार झड़ चुकी थी पर वो मुझे चोदे ही जा रहा था। दोस्तों आप के कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहा हैं। दोस्तों करीब १ घंटे की चुदाई के बाद हम दोनों निढाल हो गए और दोनों एक दूसरे को पकड़ कर सो गए। फिर करीब दो घंटे बाद उठे और फिर से चुदाई करने लगे। आज मैंने 3 बार चुदवा चुकी हूँ वो आज रात मेरे साथ ही रहेगा और सुबह जाएगा.

मैं उसको बोली आज तूने मुझे बेहतरीन गिफ्ट दिया है भाई दूज का आज तूने मेरी प्यास बुझा दी जो मुझे कई साल से थी। आशा करती हूँ आपको मेरी ये कहानी अच्छी लगी होगी। जल्द ही दूसरी कहानी आपके सामने नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के माध्यम से पेश करुँगी।

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