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मेरी पड़ोसन और उनकी बेटी रंडी निकली

हेलो फ्रेंड मेरे नाम संजय है, मैं एक जिम ट्रेनर हू, मैं काफ़ी सेक्सी और हॉट हू, मेरे लॅंड का साइज़ करीब 8 इंच का है, आज मैं आपको एक ऐसी मजेदार कहानी सुनने जेया रहा हू, जिसको पढ़कर आपका लॅंड फन फ़ना जाएगा, और मूठ मारे बिना नही रह सकोगे.

अब मैं आपको अपने यूयेसेस हेरोयिन का भी नाम बता डू जिसके चुदाई की कहानी इस स्टोरी मे है उनका नाम है दीप्ती है, दीप्ती को मैं आंटी कहता था.उसके गांड बहुत ही मस्त गोल और चौड़ा है .उसका चुचि भी बहुत बड़ा और सुडौल है आप दोनो हाथ से नही पकड़ पाओगे उसका एक बेटी भी है जिसका नाम कविता है और वो भी बहुत सेक्सी है.

ठण्ड का दिन था मैं छत पे पढाई कर रहा था उस टाइम मैं बारह्वी का तैयारी कर रहा था, उनका छत और मेरे छत दोनों साथ साथ था, उनके हस्बैंड टीचर थे मैं कभी कभी पढ़ने भी या तो कोई दिक्कत होती थी सब्जेक्ट में तो पूछने भी जाता था, उनकी बेटी जो की मेरे ही क्लास में पढ़ती थी कभी कभी डिसकस करने भी चला जाता था, मैं उनके घर गया तो देखा की कविता नही है और आंटी खाना खा रही थी, उन्होंने कहा की अंकल के फ्रेंड का डेथ हो गया है इसलिए अंकल (कविता के पापा) आंटी मेरे को बोली की अब तुम घर जाओ…मेरे घर मे कोई नही था इसलिए मैं वही रहना चाहता था,आंटी ने फिर से बोला तुम अपने घर जाओ,मैं ऐसे तो मुझे जाने का मन नहीं कर रहा था पर मैं बेमन से उनके घर से बाहर निकला और अपने घर मे घुसने ही वाला था की मैने देखा 3 आदमी आंटी के घर मे घुसे,तीनो बहुत लंबे चौड़े थे…उनमे से 2 बहुत काल और हठा कठ्ठा था ,और एक गोरा और लम्बा चौड़ा था,उनको अंदर होते ही आंटी ने दरवाजा बंद कर लिया.

मैं अपने टेरिश से उनके घर मे धीरे से घुश गया और देखने ल्गा क्या होता है..मैने देखा आंटी अभी खाना खा ही र्ही थी वो तीनो वही खड़े थे, उसमे से एक एक जो बहुत काला था उसने आंटी के बूब्स पकड़ लिए ,और अपना पेंट खोल दिया,उसका 11’इंच का लंड बाहर आ गया जो बहुत ही तना हुआ था और रोड की तरह लग रा था…चुक्की आंटी अभी खाना ख़तम करना चाहती थी सो उसने उसको म्ना किया,लेकिन वो आंटी को मम मे रोटी डालते वक्त अपना लंड उनके मूह मे जबरदस्ती डाल दिया,आंटी का जैसे सांस रुक गया हो,उनके आँखों से आंशु निकल गये,उसके बाद तीनो उनको जबरदस्ती उठा कर बेडरूम मे ले गये

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उसके बाद तीनो ने आंटी को नंगा का दिया,और खुद बी नंगा हो गये,3 का लंड बहुत बड़े था,जिसको देख कर आंटी डर गई ,और बोलने ल्गी मेरे को छोड़ दो मैं तुमलोग के पैसे वापस कर दूँगी,उनमे से एक ने आंटी को चाटा मारा और बोला अब तू और तेरी बेटी दोनो को रंडी बनाऊगाऔर पैसे चाहिए तो ले ले,आंटी ने खा अगर मेरे बेटी को चोदना है तो 2 लाख लूँगी,उनलोगो ने कहा ठीक है

उसके बाद,एक ने आंटी के मच मे अपना लंड डाल दिया,और आंटी रंडी के तरह उसको चूसने ल्गी,दूसरे ने उसके चिकनी बूर मे अपना मूह लगा दिया,और तीसरा उनके निपल्स चूस रहा था,करीब 10 मीं ये सब चला उसके बाद एक ने आंटी के पैर कसके पकड़ा और बोला जैसे कर र्हे है,वैसे करने दो, जितना पैसे माँगोगी उतना पैसा दूँगा,आंटी बोली ठीक है

उसके बाद एक ने आंटी को डौगी स्टाइल में होने को कहा आंटी तुरंत कुतिया बन गयी ,अब वो अपना लंड आंटी के गांड के छेद पे रखा,और रगड़ने ल्गा,आंटी बोली ये क्या कर र्हे हो,मैने गांड कभी नहीं मरवाई ,उसको मत छोड़ो,इतने पे दूसरे आदमी ने आंटी को एक चटा मारा,और बोला चुप रंडी,और अपना लंड आंटी के मूह मे डाल दिया,पहला आदमी गांड मे थूक ल्गया और थोड़ा सा पेला,आंटी ज़ोर से चिलाने लगी, ,चुकी उसका बहुत मोटा था ,सो इतने मे ब्लड आने ल्गा,आंटी रोने ल्गी और उनके पैर पकड़ लिए,और बोलने ल्गी ,अगली बार मेरा गांड मार लेना इसबार मेरा बूर चोदो.

उनलोगो को दया आ गया,वो बोले साली रंडी कल फिर अवँगा और पहले तेरी गांड का भोसड़ा ब्नौँगा,उसके बाद बूर मारूँगा,और तेरी बेटी का भी पहले गांड मारूँगा,उसके बाद वो आंटी को बेड पे सीधा लिटा दिया,और उसकी बूर पे अपना लौड़ा सटा कर,हल्का सा पुश किया,आंटी को दर्द हो रहा था,वो आज तक इतना बड़ा लंड से नहीं चुदवाई थी, एक ने आंटी का हाथ पकड़ा ,और एक उनके मुह मे अपना लंड डाल कर दूसरे को बोला, चोद साली को,रंडी मादरचोद नाटक करती है,पूरा लॉडा डाल अंदर,आज इसकी बूर का भोसड़ा बना दे,इतने मे तीसरे ने आंटी के बूर मे एक जोरदार शॉट मारा,लेकिन उसका लॉडा फिसल गया,उसने बोला क्या टाइट बूर है बे रंडी,तेरी बेटी का कितना टाइट होगा,अपनी बेटी का बूर और गांड मे तोरा,किसी छोटे लंड बाले से चुदवा के रखना ,नई तो वो बेहोश हो जाएगी,मेरा लंड से,इतने मे उसने एक भरपूर शॉट ल्गया,और उसका लंड आधा अंदर चला गया,

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अब वो अंदर बाहर करने लगा ,आंटी के आँखो से आंशु आ गया,जब वो नॉर्मल हुई और,एयाया अयाया हह हह करने ल्गी,उनको भी मजा आने ल्गा,तभी उसने एक जोरदार झटका ल्गया,और पूरा लंड अंदर डाल दिया,आंटी के आँखो से आंशु निकल गये,,अब वो पूरी स्पीड से अंदर बाहर करने लगा ,करीब 15 मीं मे वो झड़ गया,आंटी का पसीने से पूरा बदन भींग गया था,और वो 2 बार झड़ चुकी थी,इसके बाद दूसरा आया और चोदना सुरू किया,अब आंटी को मजा आने ल्गा था,अब दर्द भी कम हो . था,अब आंटी खूब उछाल उछाल कर चुदवा रही थी,इस ई तरह उन तीनो हे आंटी को,3-3 बार चोदा ,आंटी पूरी तरह से तक गई थी,कुछ देर बाद वो सब चले गये और कल आने के लिए बोला…..

कुछ देर बात उनको बेटी घर आई तो उसको आंटी ने बताया की,वो उसको 1 लाख रुपये देंगे बस उसको एक आसान सा कम करना है,फिर उसने बोला उसको गांड और बूर मर्वानी है,बा’स एक बार तो वो रेडी हो गई…अब उसकी मा ने कहा उनलोग का बहुत ब्डा है और आजतक तुम चुदवाई नहीं हो तो तुमको बहुत दर्द होगा,आज किसी से धीरे धीरे गांड और बूर में चुदवा लो अगर कोई तुम्हारा बॉय फ्रेंड है तो ताकि कल तुम उन तीनो का मोटा लैंड अपने बूर और गांड में ले सको ,तभी आंटी ने कहा संजय के घर कोई नई है,सभी बाहर गये है कल तक आएँगे,उसको किसी तरह से फासओ और आज तो मौका भी है क्यों की संजय के घर में कोई नहीं है, तुम्हारा काम बन जायेगा जा बेटी जा तू चुदवा ले जल्दी जल्दी.

इतना सुनकर मैं निचे फटा फट आ गया और वेट करने लगा क्यों की मैं सब बात को जान चूका था, तभी कविता ने दरवाजे की कुण्डी को बजाय मैं निकला कविता कड़ी थी, मैंने पूछा हां क्या बात है कविता तो वो बोली संजय क्या तुम मुझे मैथ्स एक समझ नहीं आ रहा है पापा भी नहीं है, अगर तुमने कर लिया है तो मुझे भी बता दो, मैं तो सब समझ रहा था, मैंने अंदर बुला लिया और दरवाजा लॉक कर दिया, वो थोड़ा देर तो इधर उधर की बात कर रही थी फिर वो अपने ऊपर के बटन को खोल दी मुझे उसका बूब दिखने लगा, था मैंने कहा कविता आज तुम बहुत ही सुन्दर लग रही हो, इतना कहते है मैंने उसके होठ को चूमना सुरु कर दिया क्यों की मैं पहले से ही कामुक हो चूका था,

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फिर क्या था मैंने कविता के सारे कपडे उतार दिए और अंदर कमरे में नगा कर को मैंने अपने लंड को उसके बूर में घुसा दिया वो छिला उठी, उसने कहा धीरे धीरे मैंने कहा साली आज तो मैंने तुम्हे धीरे धीरे कर लूंगा लेकिन कल तुम्हारा क्या होने बाल है, तभी कविता बोल उठी क्या बात है संजय तुम्हे पता चल गया, मैंने कहा हां रंडी तुम माँ बेटी रंडी हो पता चल गया है, तो कविता बोली नहीं संजय मैं कल पहली बार अपने क्लाइंट से चुदवाऊँगी, आज तुम मुझे इतना चोदो की मेरा बूर और गांड सही तरह से खुल जाये ताकि कल ज्यादा दर्द ना हो,

फिर मैंने कविता को खूब चोदा गांड भी मारा करीब २ घंटे बाद वो वापस अपने घर गयी फिर मैं छत पे गया ताकि उसकी माँ क्या कहती है उसे, उसकी माँ ने कहा हो गया कविता, तो कविता बोली हां माँ, अब ठीक है, खुल गया बही बूर और गांड, उसकी मम्मी बोली शावश अब तुम रंडी बन के चुदवा सकती हो,

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