सूर्य ग्रहण में देवर ने प्रेगनेंट भाभी को खूब चोदा

Surya grahan : मेरा नाम सोनिया है। मैं उत्तर प्रदेश की रहने वाली हूँ। मेरी उम्र 21 साल है। मेरे पति फ़ौज में हैं तो वो अभी चाइना बॉर्डर पर हैं। मेरी शादी पिछले साल ही हुई है अभी मैं छह महीने की पेट से हूँ। मैं आपको अपनी दास्ताँ सुनाने जा रही हूँ।

कैसे मेरे देवर ने मुझे ग्रहण के दिन चोदा दरवाजा बंद कर के। क्यों की इसमें साथ दिया था मेरे सास ने, भले मेरे सास को ये पता हो या नहीं हो मेरे साथ क्या हुआ था। पर अपने बेटे पर इतना विस्वास था की मुझे एक कमरे में बंद कर दिया।

हो सकता है मेरे भलाई के लिए किया गया हो पर मेरा देवर मुझे खूब चोदा मैं अब आपको अपनी पूरी कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर बतानी जा रही हूँ।

कौन सा दिन था मेरे सांसों में पुराने ख्यालात लोगों ने उन्हें बता दिया कि प्रेग्नेंट महिला को ओम के दौरान घर के अंदर ही रहना चाहिए रोशनी में तो जाना ही नहीं चाहिए सूर्य की रोशनी तो दूर ऐसे ही उजाले में नहीं जाना तो मैं अपने सासू मां को बोल दी कि मैं अंधेरे में नहीं रहूंगी कमरे में बंद रह कर मैं नहीं रह सकती मुझे डर लगता है अकेले रहने में वह भी दरवाजा बंद करके।  सासु मां बोली कि तुम अकेले मत रहो संजय को अंदर बुला लूं संजय मेरा देवर है मेरे से मुश्किल से 1 साल छोटा होगा। मुझे तो पहले ही चेक लगा कर मैं कैसे रहूंगी फिर मुझे लगा कि चलो कोई तो रहेगा। 

 और फिर सासू मां पड़ोस में चली गई और संजय और मैं एक कमरे में दरवाजा बंद कर के अंदर रह गई।  धीरे-धीरे संजय मुझे तो नहीं लगा मुझसे प्यार प्यार से बातें करने लगा अच्छी बातें बताने लगा और देवर भाभी के रिश्ते बारे में भी काफी कुछ कहने लगा कहने लगा कि मेरा दोस्त मोहन जो अपने भाभी से सेक्स करता है उसका भाई भी फौज में है।  और वह अपने भाभी का बहुत ख्याल रखता है तुम्हें भी मोहन को बोल दिया हूं कि मैं भी अपने भाभी का बहुत ख्याल रखता हूं बस वह मुझे जीने नहीं देती है  . 

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ऐसे ही वह मीठी मीठी बात करने लगा.  धीरे-धीरे वो अपना हाथ मेरे कंधे पर रख दिया जैसे उसने अपना हाथ कंधे पर रखा मुझे अंदर से घबराहट सी होने लगी और अच्छा भी होने लगा घर में कोई नहीं था कमरे में कोई नहीं था दरवाजा बंद था ऐसे में एक लड़की के साथ एक औरत के साथ एक लड़का हो तो क्या होगा वह आपको पता है और रही बात जहां जिससे कि वह मेरा देवर था। 

 ऐसे भी प्रेगनेंसी में सेक्स पावर ज्यादा हो जाता है .  धीरे-धीरे करके मैं अपने देवर की बातों में आ गई और मुझे लगा कि अकेली हूं तो उसका फायदा उठा लो पर मुझे डर इस बात का था कि मैं 6 महीने की प्रेगनेंसी में हूं अगर कुछ उल्टा सीधा हो गया था। 

 तभी देवर जी बोल पड़े भाभी क्या आप मुझे एक चुम्मा दोगे मैं बोली चुम्मा लेने से क्या होगा तो देवर जी बोले कि चुम्मा ही दे दो मुझे पता है तुम इसे आगे कुछ नहीं दोगी।  मैं बोली ठीक है चुम्मा ले लो. और  दोस्तों यही से शुरू हो गई सारी बातें उसने मुझे चूमना शुरू किया धीरे-धीरे मेरे लिप को लॉक कर लिया धीरे-धीरे करके मेरी चूचियों को दबाने लगा। 

 उसने मुझे जाना शुरू कर दिया मेरे पूरे बदन को फैलाना शुरू कर दिया और मुझे बेड पर लिटा दिया।  मेरी चूत से पानी निकलने लगा था दोस्तों।  मुझे लग रहा था कि बहुत दिनों से मुझे लंड नहीं मिला है तो आज मनोकामना पूर्ण कर लेती हूँ। मैं देवर जी को बोली कि अभी मम्मी आ गई तो क्या होगा तो देवर जी बोले मम्मी नहीं आएगी पड़ोस वाली आंटी के यहां गई है वहां से वह बाजार जाएगी तो नहीं आएगी शाम तक.

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 इतना कहते ही मैं शांत हो गई वह मेरे ब्लाउज  खोलने लगा फिर मेरी ब्रा को उसने खोल दिया।  ऐसे ही प्रेगनेंसी में चूचियां बड़ी बड़ी हो जाती है बड़ी-बड़ी चूचियां देखकर उसका मन तो बौखला गया दोस्तों तुरंत ही अपने मुंह में ले लिया और निप्पल को चाटने लगा चूमने लगा मेरे गाल को चूमने लगा मेरे होंठ चूमने लगे मैं भी काफी ज्यादा काम हो गई थी। 

 उसके बाद उसने मेरे पेटीकोट को ऊपर कर दिया।  और फिर मेरी चूत को चाटने लगा दोस्तों जैसे ही वह चुत पर जीभ लगाया मैं पागल होने लगी मुझे लग रहा था कि जल्दी से जल्दी वह अपना लंड मेरी चूत में डाल दे दोस्तों मैं पागल होने लगी मैं तकिया पकड़ कर अपने दांत दबाने लगी। 

 देवर ने मुझे पागल कर दिया दोस्तों इतना छेड़ा उसने  गांड से लेकर चूत तक मेरे पेट से लेकर मेरे दूर तक मेरे जांग से लेकर मेरे चूतड़ तक उसने जीभ से चाटने लगा। 

मैं बेचैन हूं थी और मैं तुरंत बोल रही हूं देवर जी कुछ करना है तो जल्दी करो।  इतना मत छेड़ो मुझे मैं पागल हो जाऊंगा मैं बहुत गीली हो चुकी हूं उंगली लगा कर देख लो अभी देवर जी ने मेरी चूत में उंगली सटाई उन्होंने खुद बोला भाभी जी आपकी चूत  तो काफी गीली हो चुकी है काफी गर्म हो गयी है। 

तो मैं बोली थी कि देरी मत करो मुझे जल्दी से जल्दी चोद दो। उसने अपना लंड निकाला और फिर चूत में डाल दिया। लौड़ा बहुत ही ज्यादा मोटा था। पूरा का पूरा लौड़ा मेरी चूत में समा गया। अब वो जोर जोर से धक्के देने लगा। मैं काफी ज्यादा कामुक हो गई ही। मैं जोर जोर से चुद रही थी। पर डर इस बात का भी था की पेट बड़ा था।

पर मेरे देवर जी तो गदराई हुई बदन को देखकर पागल ही हो गए। आपको भी पता होगा। गर्भवती महिला का शरीर काफी भरा पूरा होता है। का असली मजा तो गर्भावस्था में ही आता है। चाहे चुदवाने का हो या चोदने का। बड़ी बड़ी चूचियां मोटे जांघ, गोल गोल चौड़े चूतड़। कौन भला छोड़े। देवरजी भी पेले जा रहे थे। और मैं भी खूब चुदवा रही थी।

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दोस्तों उन्होंने मुझे चोद चोद कर मुझे काफी ज्यादा सेक्सी और कामुक कर दिया था। मैं थक ही नहीं रही थी। चुदने का मन बार बार कर रहा था। फिर मैंने कहा अब मेरे मुँह में लौड़ा दो। उसने तुरंत ही अपना लौड़ा मेरी मुँह में दे दिया और अंदर बहार करने लगा। करीब पांच मिनट तक ऐसे ही मुँह में लेके चाटती रही।

फिर दोनों चूचियों के बिच में लौड़े को अंदर बाहर ली। थूक लगा लगा कर दोनों चूचियों के बिच में लौड़ा घुसवाने का मजा ही कुछ और होता है।

फिर मैं गांड में बोली डालने। अब वो मेरी गांड में लौड़ा देने लगा। चूतड़ काफी चौड़ी हो गई थी। गांड का छेद भी चौड़ा हो गया था तो लौड़ा आराम से अंदर बाहर जा रहा था। मैं खूब ले रही थी। फिर वो मेरी चूचियों को मसलते मसलते मेरी चूत में अपना ऊँगली करने लगा। करीब एक घंटे तक उसने मुझे चोदा फिर मैं शांत हुई।

पर अभी भी मुझेः उसके साथ करीब दो घंटे तक दरवाजा बंद कर के रहना था। तो हम दोनों एक साथ ही रहे नंगे सोये। और एक बार और चुदाई किये।खूब मजा आया ग्रहण का।