यादगार सफर में अंजान कि चुद का मजा

anjan ki chudai

दोस्तो में हर्ष फिर एक नई घटना को लेकर हाजिर हूं।
दोस्तो ये कहानी नंबर के महीने में हुई थी। जब में अपने दोस्तो के साथ मुंबई कि यात्रा पर था। जैसा की में सेक्स को एक कला के रूप देखता हूं इसलिए जिसके भी साथ सेक्स करता हूं उसकी संतुष्ट करने की कोशिश जरूर करता हूं। हम दोस्तो ने इंदौर से ही सेकेंड ऐसी का टिकट लिया था मेरे दोस्तो को तो एक साथ ही बर्थ मिली मगर मुझे लास्ट कोन में बर्थ मिली हमारे सामने कोई गुजराती फैमली बैठी थी.

उस फैमली में मेरी नजर नेहा पर गई जिससे देखकर लगता था कि उसकी हाल में ही शादी हुई है क्योंकि उसके हाथ की मेहंदी और चेहरे का निखार बता रहा था। उसका फिगर भी बहुत मस्त था 32 के गोल बूब्स 30 की पतली कमर 38 के बम नेहा की बर्थ उसी कोच में थी जहां मेरी बर्थ थी उस को देखने के बाद मुझे उसके साथ सेक्स करने का मन करने लगा उसने लाल रंग का शार्ट पहन रखा था जिसमें से उसकी पेंटी मुझे दिखाई दे रही थी इसी बीच नेहा कुछ बेग सीट के नीचे रख रही थी जिससे उसकी गेंद मुझे दिखाई दे रही थी और कुछ सामान अपने बर्थ पर ले जाने वाली थी वो अपने बेग को नीचे बैठ कर रख रही थी

तो मैने सोचा क्यों ना एक बार इस पर कोशिश की जाए क्या पता ये सफर कुछ यादगार हो जाए मैने सबकी नजर से बचकर उसके बूब्स को दबा दिया उसने मेरी तरफ गुस्से देखा तो मगर फिर हंसकर उठी और अपनी सीट पर जा रही थी में भी अपने दोस्तो से विदा लेकर अपनी सीट पर आगया जैसे ही में अपनी सीट पर बैठा उसकी और मेरी नजर तो वो मुस्कुराई लेकिन इसबार थोड़ा नटखट पन था। बर्थ इतने भरे नहीं थे इसलिए मैने उससे बातचीत शुरू की आप कहा से और कहा जा रहे है बातचीत में हम दोनों एक दूसरे के साथ का मजा ले रहे थे मैने उसकी शादी के बारे में पूछा तो उसने कहा उसकी शादी एक नौसैनिक से हुई है उसकी शादी को सिर्फ एक हपता हुआ था

कि उनको नोकरी से बुलावा आया तो वो चले गए जल्द ही वापस आयेंगे अब शाम के सात बज रहे थे हम ने स्नेक्स शेयर किया अचानक नेहा ने मुझसे पूछा वो कैसे थे उसने जो पूछा में उलझन में था उसका क्या मतलब है उसने मेरी आंखो में देखा और पूछा अभी कुछ देर पहले जो तुमने दबाकर देखा था वो कैसे थे में उसकी बात सुनकर हैरान भी था मगर मन में एक खुशी भी थी कि आज इसको ट्रेन में ही चुदाई करनी है। फिर उसने कहा तुम चुप क्यों हो क्योंकि वो जानती थी कि मैने जानबूझ कर उसके बूब्स दबाए थे वो मुझे ग्रीन सिग्नल देरही थी अपनी चुदाई का मैने उससे पूछा कि क्या में आप के बूब्स को टच करके महसूस कर सकता हूं

उसने हा कहा और खुद मेरा हाथ पकड़ अपने बूब्स पर रखा में थीरे से उसके बूब्स दबा रहा था जिससे वो गरम हो रही थी मेरा लंड थीरे से अपने आकार में आरहा था उसने ये देखा और अपने हाथ से थोड़ा मेरे लंड को दबाया मेरे मुंह से एक आह निकली अचानक उसने अपने होठ से मेरे होठों को चूमने लगी वाऊ क्या मस्त एहसास था। उसका अंदाज ये बता रहा था कि उसकी चुद में भी आग लग रही थी चुदाई कि लेकिन हमें इंतजार करना था सही मोके का की चुदाई कहा की जाए हमारे लिए बेस्ट जगह शौचालय था हमने रात का खाना खाया उसके पिताजी भी आए उसका हाल चाल पूछ कर चले गए थोड़ी देर में ट्रेन की लाईट ऑफ हो गई लगभग रात के 12:30 बज रहे थे उसने मेरे कान में फुसफुसाया कि तुम्हारा लंड में अपनी चुद ने महसूस करना चाहती हूं और फिर मेरा हाथ पकड़ कर शौचालय ले गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया हम दोनों एक दूसरे को चूमते हुए एक दूसरे की जीभ को आपस में लड़ रहे थे दस मिनट तक उसे खींच कर चूमा। इसी के साथ-साथ मैं उसके मम्मों को भी दबाने लगा।


फिर मैंने उसके चूचुकों को मुँह में रख लिया और चूसने लगा। वो ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ कर रही थी, मैं उसे चूसता ही रहा। उसकी चूत बहुत गरम हो गई थी तो उसकी पेंटी गीली हो चुकी थी। मैंने उसकी पेंटी निकाली और चूत देखी तो मजा आ गया, उसकी चूत एकदम चिकनी और साफ़ थी। मैने उसे कंपौड़ पर बैठाया और उसकी चिकनी चूत को चाटने लगा। उसे भी मजा आने लगा और वो बस ‘आह.. आह.. और जोर से हम्म..’ ऐसी आवाजें निकालने लगी। थोड़ी देर बाद चूसने के बाद वो कहने लगी- बस अब और नहीं रहा जाता.. पेल दे लंड.. प्लीज मेरी प्यास बुझा दे। मैंने भी देर करना जायज नहीं समझा और अपनी पैन्ट और कच्छा नीचे कर दिया।

मैंने लपलपाता लंड उसकी कुलबुलाती चूत के मुँह पर सैट किया और जोर लगाने लगा। अभी थोड़ा सा लंड ही अन्दर गया था कि वो मना करने लगी। शायद उसके पति ने उसको अच्छी तरह से उसकी चूत को ज्यादा नहीं चोदा था। मैंने थोड़ा जोर लगा कर अपना पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया और थोड़ी देर ऐसे ही पड़ा रहा। वो दर्द से सिसिया रही थी.. तो मैंने हाथ बढ़ा कर उसके दोनों मम्मों को पकड़ लिया और मुँह में लेकर चूसने लगा। उसको कुछ राहत मिली और

उसने कमर हिलानी शुरू कर दी। मैंने भी धक्के लगाने शुरू कर दिए। कुछ ही देर में मैंने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी और तेज़ी से लंड अन्दर-बाहर करने लगा। अब नेहा को पूरी मस्ती आ रही थी और वो नीचे से चूतड़ उठा-उठा कर हर धक्के का जवाब देने लगी। उसकी चूत में मेरा लंड समाया हुए तेज़ी से ऊपर-नीचे हो रहा था। साथ ही ट्रेन में धक्कों के साथ मस्त चुदाई चल रही थी और वो बोले जा रही थी- हम्म.. और जोर से.. ओह्ह.. जानू.. जान निकाल दो.. आज तो काफी तंग कर रखा है इस चूत ने.. पूरा डाल दो ओह्ह आह्ह्ह.. मैंने लगातार कई मिनट तक उसे धकापेल चोदा। वो दो बार झड़ चुकी थी.. अब मैं भी झड़ने वाला था। मैंने उससे पूछा- कहाँ निकालूँ? उसने कहा- मुझे चखना है। मैंने अपना लंड उसकी चूत से निकाल कर उसके मुँह में दे दिया और थोड़ी देर बाद मैं उसके मुँह में ही झड़ गया। वो मेरा सारा पानी पी गई और मेरे लंड को चूस-चूस कर साफ़ कर दिया। मगर मेरा मन नहीं भरा था इसलिए मैने उसे वापिस अपने से चिपका लिया, और उसकी गर्दन.. कंधे.. सभी को चूम रहा था.. चाट रहा था।

वो मदहोश हुए जा रही थीं.. फिर मैं मम्मों को दबाने लगा। दोस्तों क्या मज़ा आ रहा था.. क्या बताऊँ.. वो भी ‘आहें..’ भरने लगीं ‘हर्ष.. आआआआहह.. कितनी प्यारे हो.. आहह.. उउउम्म्म्म.. बहुत मज़े आ रहे हैं! में जीभ से उनके निप्पलों को छू रहा था। उनकी उत्तेजना बढ़ रही थी। फिर मैंने उसके मम्मों पर अपना मुँह लगा दिया.. और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा। वो मदहोश होने लगी थीं। मैं एक निप्पल को काट भी रहा था.. साथ ही मैं अपना एक हाथ नीचे ले गया नेहा कि चूत को भी सहला रहा था। वो मदहोश हो रही थीं। मैं अब नीचे को आने लगा.. मम्मों को चूसते हुए.. पेट से नाभि को चूमते हुए चूत तक आ गया और फिर से चूत को चूसने लगा।

मैं उनकी चूत के दाने को जीभ से टुनया रहा था.. और वो उत्तेजना से उछल रही थीं। कुछ पलों बाद मैंने उन्हें 69 की पोजीशन पर आने को कहा, वो तुरंत आ गईं। अब वो मेरा लम्बा और मोटा लण्ड चूस रही थीं.. मैं उनकी गुलाबी चूत में जुबान से कबड्डी खेल रहा था। मेरा लण्ड टाइट हो रहा था। मैंने कहा- अब ज़्यादा नहीं चूसो नेहा.. आज इसको बहुत रस निकालना है। मैंने उनको नीचे लिटाया..मैंने उस मस्ती वाली गुफा पर लण्ड टिकाया और करारा शॉट लगा दिया।

वो उछल पड़ीं.. पर इस बार ज़्यादा दर्द नहीं था.. क्योंकि ये नेहा चूत में मेरे लौड़े की दूसरी बार ठोकर थी। वो ‘आआहह.. ओउउम्म्म्म..’ की आवाज़ निकाल रही थीं.. उनको भी मज़े आ रहे थे। मैं भी फुल स्पीड में चूत चोदे जा रहा था.. वो भी नीचे से अपनी गाण्ड उछाल कर साथ दे रही थीं। अब मैंने पोज़ चेंज किया और उनको गोद में उठा कर चोदने लगा और उनके मम्मों को चूसने लगा। अब मैंने उन्हें घोड़ी बनाया और धकापेल चुदाई चालू कर दी.. इसके बाद मैंने नेहा और भी कई तरह चोदा काफी लम्बे समय तक उनकी चूत को चोदने के बाद मैंने कहा- जान.. अब मैं आने वाला हूँ.. माल कहाँ निकालूँ। वो बोलीं- चूत में ही निकाल दो..मैंने कहा- ओके मेरी जान.. मैंने अपना सारा पानी उनकी चूत में ही निकाल दिया और उनके बगल में बैठ गया.. उन्हें किस करने लगा। कुछ देर बाद मैंने देखा तो डेढ़ बजे का समय हो रहा था। वो बोलीं- चलो अब सो जाते हैं।


मैंने कहा- जान.. ऐसे-कैसे सो जाऊँ.. अभी तो एक छेद बाकी है उसने कहा कोन सा मैंने कहा- आज मुझे आपकी गाण्ड मारनी है.. जो अब तक बिल्कुल फ्रेश है। वो बोलीं- नहीं.. हर्ष ये नहीं.. सुना है बहुत दर्द होता है।
मैंने कहा- जान.. नहीं होगा.. मैं हूँ ना.. ट्रस्ट मी। वो बोलीं- पहले कभी किया नहीं है हर्ष। मैंने कहा- यादगार सफर में कुछ तो नया होना चाहिए वो काफ़ी देर बाद वो तैयार हुईं.. मैंने उंगली से गाण्ड के छेद में अन्दर-बाहर करने लगा। वो दर्द मिश्रित मजे से पागल हुई जा रही थीं और बोल रही थीं- उफफफ्फ़.. हर्ष.. तुम बहुत वो हो.. आहह.. बहुत मज़े देते हो.. मैंने गाण्ड सुहागरात को पति को भी नहीं दी.. पर तुमने मुझे पटा ही लिया.. पता नहीं क्या है तुममें.. आआआहह.. अब पेल दो। मैं उनकी गाण्ड में उंगली किए जा रहा था।

अब मैंने अपना लम्बे और मोटे लण्ड को उसकी गाण्ड के छेद पर सुपारा धर के धक्का लगा दिया। मेरा मोटा लण्ड उनकी छोटी सी कुँवारी गाण्ड में जा ही नहीं रहा था.. फिसल रहा था मैंने अपने दोनों हाथों से उनकी गाण्ड को कसके फैलाया.. फिर लण्ड को फंसा कर दबाव दिया.. तो लौड़ा गाण्ड में घुस गया। लण्ड अन्दर जाते ही वो एकदम दर्द से चिल्ला उठी। वो तो अच्छा है मैने एक हाथ से उसका मुंह बंद कर रखा था नहीं तो ट्रेन में हमारी चुदाई कि कथा सब को मालूम पड़ जाती। उसे बहुत दर्द हो रहा था और आँखों से आंसू आ रहे थे। गाण्ड बहुत ज़्यादा ही टाइट थी.. मैंने लण्ड निकाल लिया और फिर गाण्ड के छेद पर लगा कर धक्का मार दिया। लण्ड का सुपारा अन्दर चला गया.. पर इसे बार दर्द थोड़ा कम हुआ था.. पर थोड़ा अब भी हो रहा था। मैं वैसे ही कुछ देर रुक गया.. उनके ऊपर उनकी पीठ और गर्दन पर चुम्बन करने लगा। वो भी दर्द भूल कर उत्तेजित होने लगीं। बोलीं- आआहह उफ्फ़.. ईई.. फाड़ दो आज मेरी गाण्ड.. मुझे आज सुख दे दो.. मुझे एक औरत होने का।


मैंने बोला- जरूर मेरी जान.. मैंने फिर से धक्का दे दिया.. मेरा आधा लण्ड अन्दर चला गया.. वो दर्द से तिलमिला रही थीं.. पर मेरी चुम्मियों और प्यार के कारण उनको ये सब सहने का हौसला मिल रहा था।अब मैंने अंतिम धक्का मारा और गाण्ड की जड़ तक लण्ड घुसेड़ दिया। उन्होंने मेरा पूरा का पूरा लण्ड अपनी गाण्ड में ले लिया था। उनकी गाण्ड मेरे लौड़े को खा सी गई थीं। अब मैंने धीरे-धीरे लण्ड आगे-पीछे करना चालू किया। उन्हें भी मस्ती आ रही थी.. वो बोल रही थीं- आअहह.. चोद दो.. फाड़ दो.. मैंने भी स्पीड बढ़ा दी और तेज चालू हो गया। उसे आज चुदाई में खूब मज़ा आ रहा था। मैंने उनको घोड़ी बना कर गाण्ड मारे जा रहा था.. ज़ोर-ज़ोर से जोश में उनके चूतड़ों पर थप्पड़ भी मार रहा था। मैंने बहुत देर उनकी गाण्ड मारी.. चोद-चोद कर लाल कर दी।अब मेरा भी निकलने वाला था, वो बोलीं- अबकी बार गाण्ड में ही निकालो। मैंने सारा रस उनकी गाण्ड में निकाल दिया और फिर लण्ड निकाल कर मुँह में दे दिया, मैंने कहा- चूस-चाट कर साफ़ करो।

वो पागलों की तरह लण्ड को चूसे जा रही थीं.. मेरा पूरा लण्ड पर लगा माल चाट कर वो बेहिचक पी गईं। उस रात ट्रेन में मैंने बहुत मस्ती की.. मैंने उनको सोने नहीं दिया। सुबह नेहा ने मुझसे बोला- मेरी लाइफ की ये सुहागरात जो इतनी सेक्सी और संतुष्ट करने वाली थी। इसे कभी भुला नहीं पाऊगी थोड़ी देर में मेरा ठिकाना आगय तो उससे विदा लेकर अपने दोस्तो के साथ चला गया दोस्तो कैसी लगी मेरी नई कहानी।
मेरी कहानी पर इस बार भी भाभियां आंटियां और चिकनी चूत वाली लड़कियां आप के कमेंट का इंतजार रहेगा।
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पार्क में मिली आंटी की चुदाई

Park Sex Story

हैलो दोस्तो कैसे हो आप मुझे भूले तो नहीं न फिर से आप के सामने एक नई दास्तान लेकर हाजिर हूं। दोस्तो ये कहानी ज्यादा पुरानी तो नहीं है मगर नई भी नहीं है। दोस्तो मैने नए साल पर एक संकल्प लिया कि रोज सुबह मॉर्निंग वॉक करने पास ही पार्क में जाने लगा ऐसे ही कुछ दिन बाद 37 साल की एक आंटी को पार्क में टहलते हुए देखा उसका फिगर 34-36-36 का था और थोड़ी मोटी थी। मगर उसके बूब्स और गांड अपने सही आकार में थे।

वह आंटी का गोरा रंग और सेक्सी थी मैने रोज उसके आने जाने का टाइम नोट किया और जब वो आती तो में भी उसी टाइम पार्क में आने लगा और उसका पीछा करता एक दिन जॉगिंग करते हुए उसे पानी की प्यास लगी में हमेशा जॉगिंग करते समय अपने पास पानी कि बाटल रखता हूं उसे पानी देने के बहाने मैने उससे बातचीत शुरू की और उससे पूछा वह कहा रहती है। पहले तो कभी आप को देखा नहीं यहां उसने कहा वह पास ही कालोनी में रहती है। अभी ही जॉगिंग शुरू किया है फिर वो मुझे थैंक्स बोलकर चली गई हम जब भी पार्क में आते थोड़ी देर एक दूसरे से बात करते थोड़े ही दिनों में हम दोस्त बन गए एक दूसरे का मोबाइल नंबर भी ले लिया में अब उससे whatapp पर चेट करता मुझे पता चला कि उसका पति एक कंपनी में मार्केटिंग करता था।

जो अपने काम के कारण अधिकतर समय  दूसरे शहर में रहता था। उसने मुझे बताया कि वह आमतौर पर यहां अकेली ही रहती थी। उस एक अच्छे दोस्त की जरूरत थी वह दोस्त उस मुझ में दिखा वह मेरे साथ बहुत सहज महसूस करती थी एक दिन में अपने किसी दोस्त को नॉनवेज जोक्स भेज रहा था कि गलती से वो जोक्स मैने उसको भी सेंड कर दिया उसका कॉल आया क्या लिखा तुमने मैने हिम्मत करके कहा वो तो गलती से आप को सेंड हो गया वो तो में अपने दोस्त को भेज रहा था मेरी ये बोलते हुए डर भी लग रहा था कि कहीं वो मुझ से दोस्ती न दौर ले मगर वो फोन पर हसी तब मेरी जान में जान आई बस फिर क्या था अब हम सेक्स के ऊपर भी बात करने लगे हम दोनों ही चुदाई की आग में जल रहे थे।

एक दूसरे में समा जाना चाहते थे और लंबा इंतजार नहीं कर सकते थे। एक दिन रविवार को मॉर्निंग वॉक करते हुए उसने मुझे बताया कि उसका पति 3दिन के लिए बहार जा रहा है वह घर में अकेली होगी उसका ये इशारा समझ कर मैने कहा ये 3दिन आप को में जी भर के प्यार करुगा मैने उससे कहा सुबह 9बजे आप के घर आउगा अगले दिन में 8:55 पर उसके घर पहुंचा और दरवाजा खटखटाया उसने दरवाजा खोला और में उसकी सुंदरता से मंत्रमुग्ध हो गया वह स्लीव्स ब्लैक बलौज के साथ उसने पारदर्शी लाल साड़ी पहनी थी बाकी क्या खूबसूरत लग रही थी वो उसकी पतली कमर फिर उसने मेरा वेलकम किया हम दोनों सोफे पर बैठ गए मैने आंटी को अपनी और खींच कर अपनी गोदी में बैठा लिया और उसके होठों पर किस्स करने लगा आंटी ने मुझसे कहा शाम को हमारे पास 8 बजे तक का ही समय है मैने पूछा क्यों तुम तो कह रही थी कि तुम्हारा पति 3दिन के लिए बहार जा रहा है।

उसने मुझसे कहा हम पूरे दिन मजे करे इसलिए नौकरानी को रात में बोला काम पर आने को फिर उसने कहा मेरे लिए कुछ खास बनाया है वह रसोई में गई हाथ में चाकलेट आइस्क्रीम से भरा कटोरा लाई और मुझे खाने को बोला मैने एक चम्मच में आइस्क्रीम ली और खाई तो उसने पूछा कैसी लगी मैने फिर से एक चम्मच आइस्क्रीम मुंह में रखी और उसे अपने पास खीज कर किस्स करने लगा हम दोनों 10मिनिट एक दूसरे को किस्स करने लगे चाकलेट की खुशबू एक अलग ही एहसास करा रही थी उसके बाद आंटी मुझे बेडरूम में ले गई और बिस्तर पर बिठा दिया और कहा मुझे आज ऐसा चोदो की में अपने पति की चुदाई को भी भूल जाऊ बस इतना सुनते ही मैंने आंटी को अपनी ओर खींच लिया और उसके लबों को चूमने लगा। उसने अपनी आँखें बन्द कर लीं और मेरा साथ देने लगी। हम दोनों लगभग दस मिनट तक एक-दूसरे को चूमते रहे, फिर मैंने अपने हाथों को उसके पूरे शरीर पर घुमाना शुरू कर दिया।

पहले तो मैंने उसके 34 साइज़ के मम्मों को अपने हाथो में लिया और उनसे खेलने लगा। वो और ज़ोर से मुझे चूमने लगी। फिर मैं अपना हाथ उसकी बलौज के अन्दर डाल कर उसकी पीठ को सहलाने लगा। वो भी मेरी टी-शर्ट के अन्दर हाथ डाल कर मेरी छाती पर हाथ फेरने लगी। मैं अपने हाथ को उसकी बलौज़ में आगे करके ब्रा के ऊपर से ही उसके मम्मों को मसलने लगा। इतनी देर में वो बहुत गरमा गई और कहने लगी- आज तू मुझे अपनी बना ले, आज मैं तुम्हारे अन्दर समा जाना चाहती हूँ। मैंने आंटी साड़ी खोली अब वो काली ब्रा में मेरे पास बैठी थी और मेरे शरीर से चिपक रही थी।

आंटी मुझे बार-बार बोल रही थी- मुझे किसी मर्द का टच मिले कितना समय हो गया है, आज मैं तुम्हें छोड़ने वाली नहीं हूँ फिर मैंने उसे बिस्तर पर धकेल दिया और खुद उसके पैरों के पास बैठ गया। फिर मैं धीरे-धीरे आंटी के पैरों और जाँघों को सहलाने और चूमने लगा। वो पागलों की तरह बस ‘उम्म उम्म्ह… अहह… हय… याह… आह.. उम्म..’ ही कर रही थी। मैं धीरे-धीरे आगे की ओर बढ़ते हुए आंटी की पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाने लगा। वो मदहोशी में बस ‘उफ्फ़ आहह..’ ही कर रही थी। मैं आंटी के पेट को चूमने लगा और वहाँ पर भी बहुत सारे किस किए। अब ऊपर की ओर बढ़ते हुए मैं आंटी मम्मों को ब्रा के ऊपर से ही चूमने लगा। आंटी कामुक सिसकारियाँ ले रही थी और मेरी पीठ पर अपने नाख़ून गड़ा रही थी।

मैंने अपना शॉर्ट और टी-शर्ट भी उतार फेंकी और सिर्फ़ अपनी अंडरवियर में था.. जो कि अब तक तो टेंट बन चुका था। मेरा लंड बाहर आने को बेकरार हो रहा था। फिर मैंने आंटी भी ब्रा और पेंटी को उसके खूबसूरत बदन से अलग कर दिया। अह.. मैं तो आंटी के नंगे मम्मों को देख कर जैसे पागल सा हो गया। उसके चूचुक एकदम कड़क हो गए थे। मैंने उसके एक चूचे को अपने मुँह में लिया और दूसरे को अपने हाथों से मसलने लगा।
इससे वो भी पागल हुए जा रही थी और बस ‘उम्म.. उम्म.. आहह आहह..’ की मादक आवाजें निकाल कर मेरा लंड और कड़क किए जा रही थी, साथ ही मुझे और भी पागल कर रही थी। वो बार-बार कह रही थी- अब आगे भी बढ़ो.. आज सारी हदों को मिटा दो, मुझे अपना बना लो.. मुझे प्यार करो। पर मैंने जल्दबाज़ी करना ठीक नहीं समझा। मैंने अपना एक हाथ से चुत को सहलाने लगा। वो हद से ज्यादा उत्तेजना में पागल हुए जा रही थी.. पर मैं आज उसे पूरा मजा देना चाहता था। फिर आंटी अपने हाथों से मेरी अंडरवियर भी उतार फेंकी। थोड़ी देर मेरे लंड से खेलने के बाद अपने दोनों पैर फैला कर आंटी लेट गई और मुझसे कहने लगी- यार अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है, प्लीज़ कुछ करो.. वरना मैं मर जाऊँगी।
मैं भी देर ना करते हुए जल्दी से उसकी दोनों टाँगों के बीच में बैठ गया और अपने लंड को उसकी चूत के मुँह पर रगड़ने लगा। कसम से दोस्तो क्या बताऊँ.. एकदम मस्त और रसीली चुत थी उसकी.. एकदम मस्त गुलाब की पंखुड़ियों की तरह हल्की सी गुलाबी और एकदम साफ, मेरा मन तो कर रहा था कि उसका पानी पी जाऊँ, पर अब मैं उसको और अधिक तड़पाना नहीं चाहता था।
जैसे ही मैंने अपने लंड को उसकी चुत के मुँह पर रख कर रगड़ना शुरू किया.. वो उत्तेजना में तेज-तेज सिसकारियाँ भरने लगी। वो ‘उम्म्म.. ह्म्म्म्म .. उफफफ्फ़.. हाँ पेल दो..’ कहने लगी, मुझसे रिक्वेस्ट करने लगी- प्लीज़ जानू अब और मत तड़पाओ.. जल्दी से मेरी चूत की प्यास मिटा दो.. अह.. मैं बहुत प्यासी हूँ.. अब अपना लंबा मूसल मेरी बुर में घुसा दो और मुझे जन्नत की सैर करा दो.. अह..! मैंने भी देर ना करते हुए उसकी चूत के मुँह पर लंड रखा और हल्का सा धक्का दिया.. जिससे मेरा लंड का टोपा उसकी चूत में फँस गया।
फिर मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधे पर रख के उसको ठीक से सैट किया और एक जोरदार झटका मारा.. जिससे मेरा आधा लंड उसकी चूत की गहराइयों में उतर गया।
हालाँकि वो लंड का स्वाद कई बार ले चुकी थी, तब भी वो कई महीनों से चुदी नहीं थी तो उसकी चूत बहुत कसी हुई थी।
वो लौड़े के दर्द के मारे जरा कराहने लगी। उसका दर्द देख कर मैं थोड़ी देर रुक गया.. फिर एक जोरदार धक्का लगाया और इस बार लंड उसकी चूत की गहराइयों में जा पहुँचा। उसकी आखों में आँसू आ गए.. जिसे देख कर मैंने अपना लंड बाहर निकालना चाहा.. पर उसने मुझे रोका और कहा- मैं ठीक हूँ.. मेरी चिंता मत करो और अपना काम चालू रखो। मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए। जब उसका दर्द कुछ कम हुआ.. तो वो भी अपनी कमर उचकाते हुए मेरा पूरा साथ देने लगी। न जाने वो कितने महीनों से प्यासी थी.. तो उसने अपना पानी जल्दी छोड़ दिया। पर मैं तो इतनी जल्दी हार मानने वाला नहीं था।
मैंने उसको पेट के बल लिटा कर पीछे से चोदना चालू किया। उसने एक बार पानी छोड़ दिया था.. फिर भी उसका जोश इतना भी कम नहीं हुआ था। मैं अपने लंड से उसकी धपाधप चुदाई किए जा रहा था और पूरा कमरा हमारी सिसकारियों और ‘फ़चक फ़चक’ की आवाजों से गूँज रहा था। थोड़ी देर बाद उसने फिर से अपना पानी छोड़ दिया। अबकी बार वो सामने से डॉगी स्टाइल में आ गई और मुझसे बोली- लास्ट टाइम मेरी पसंदीदा पोज़िशन में भी करो।
मैंने पीछे से उसकी चुत में अपना लंड पिरोया और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा।
हमें चुदाई करते काफी देर हो चुकी थी और अब मेरा भी काम होने ही वाला था, मैंने उससे पूछा- कहाँ निकालूँ?
उसने कहा- कई महीनों से बहुत प्यासी है मेरी चूत.. तो अन्दर ही डालो। इसके बाद कुछ तेज धक्कों के बाद मेरा काम हो गया और मैंने एक जोरदार पिचकारी उसकी चूत में मार दी। मेरे वीर्य की गर्मी से वो भी स्खलित होने लगी और उसने मुझे कस कर अपनी बांहों में जकड़ लिया। मैंने भी उसे किस किया और कहा- तुमने जो मुझे आज मजा दिया.. वो मैं कभी नहीं भूलूंगा। फिर मैं उसे अपनी बांहों में लेकर सो गया। इतनी चुदाई के बाद पता नहीं कब मेरी आंख लग गई। दो घंटे के बाद जब मेरी आंख खुली.. तो आंटी भी अभी उठी ही थी।
हम दोनों एक-दूसरे की ओर देखने लगे और फिर बिना वक़्त गंवाए हम वापस किस करने लगे। एक बार फिर वो दौर चला, एक बार फिर वही तूफान आया और एक बार फिर वही मस्ती की बौछार हुई.. जिसमें हम दोनों पूरी तरह से भीग गए ये खेल 4 बार चला और फिर 3दिन तक हम दोनों यही करते रहे। उसके बाद हम हर रोज़ उसके  घर पर मिलते और प्यार का वो खेल खेलते। मगर कुछ दिन बाद उसका पति दूसरे शहर में नोकरी करने लगा और उसे अपने साथ ही लेगया तो दोस्तो
आपको मेरी ये सेक्सी कहानी कैसी लगी.. ज़रूर
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अजीब दास्तान चुदाई का

भाई बहन सेक्स

हैलो दोस्तो में हर्ष फिर से आप के सामने अपनी नई कहानी लेकर हाजिर हूं दोस्तो ये कहानी में मन से बनाकर कर लिखी है उसमे कोई सच्चाई नहीं सिर्फ ये आप के मनोरंजन के लिए है और कहानी में कुछ कमी या कुछ मिस्टेक हो तो बताना जरूरी आप के कमेंट का इंतजार रहेगा मुझे।
तो दोस्तो किस्सा ऐसा है कि एक बार में और मेरे चाचा इंदौर से भोपाल किसी काम से कार से जा रहे थे कि अचानक में चोक गया कि सुनसान रोड के किनारे खड़ी एक खूबसूरत लड़की मुझे रुकने का इशारा कर रही थी।

उसने सफ़ेद साड़ी पहन रखी थी इतनी रात गए एक लड़की को देखकर में एक बार ठिठका किन्तु फिर भी अपने चाचा संजय से कार रोकने के लिए कहा हमने कार उसके नजदीक जाकर रोकी मैने और चाचा ने उस खूबसूरत लड़की को देखा। वह 27-28 साल की तीखे नक्श वाली दुबली पतली मगर बहुत खूबसूरत थी वह लड़की मेरे करीब पहुंच कर बोली मुझे सिविल लाइन क्षेत्र में स्टेट बैंक के निकट भोपाल तक जाना है वहा तक पैदल जाना मेरे लिए नामुमकिन है। क्योंकि यहां न रात को बस मिलती है न ट्रेन ये उसने शरमाते हुए कहा। मैने कहा कोई बात नहीं आप आइए और बैठ जाइए पीछे की सीट पर वो लड़की बैठ गई लेकिन अगले ही पल उसने कहा आप ने मुझे लिफ्ट दी इसके लिए आप का बहुत बहुत धन्यवाद हम उसकी मंजिल की तरफ चल दिए।

बस रोक दीजिए उसकी मीठी आवाज सुनकर चाचा ने कार रोक दी। वह लड़की कार से उतरकर आभार व्यक्त करते हुए बोली धन्यवाद आपका। में भी वही उतर गया क्या मालूम इतनी रात में उसे मेरी कोई जरूरत पड़ जाए। कार स्टार्ट कर चाचा वहा से निकल गए। इस समय वो स्टेट बैंक से आगे वाई और क्लब के अंतिम छोर पर पेड़ की छाव में एकांत वातावरण रहस्यमय लग रहा था। दूधिया बल्ब की रोशनी की किरणों का पेड़ की टहनियों व पतो को भेदकर आता हुआ झिलमिलाता प्रकाश उस लड़की के रूप को निखार रहा था मैने उससे पूछा आप कहा रहती है? आखिर हिम्मत करके मैने उससे पूछ लिया। वह हसी फिर बोली यह न पूछो तो बेहतर होगा। मेरी हिम्मत और जित करने पर उस लड़की ने अपना नाम ममता बताया।

मैने ऐसे ही उससे कहा मैने कही आप को देखा है अवश्य देखा होगा उसने कहा। फिर मैने कहा इतनी रात को हम खड़े रहेंगे तो कोई चोर समझ कर हमे पुलिस वाले उठा कर ले जाएंगे इससे अच्छा तो मेरे जीजा जी यही नजदीक रहते है। मैने झिझकते हुए कहा कोई बात नहीं आज हम दोनों एक साथ ही रात गुजार लेगे ममता ने एक कटिली मुस्कान चेहरे पर लाकर कहा। ममता के इस आमंत्रण पर आश्चर्यचकित हुए बिना न रह सका।

में बोला मगर इतनी रात में एक लड़की के साथ देखकर जीजाजी ये कहकर में चुप हो गया ममता ने कहा अरे आप इसकी फिक्र क्यों करते हो मुझे अपने जीजा के घर ले चलिए जीजाजी से कहदेना मेरी कलासफेलो आई है ममता ने अपनी सुनहरी आंखो का जादू डालते हुए कहा। कुछ देर बाद हम मेरे जीजाजी के घर पहुंच गए। जीजा ने पूछा कैसे आना हुआ हर्ष मैने कहा बस यहां किसी काम से आया था तो सोचा जीजाजी से मिलता हुआ चलू जीजा ने कहा ये ती अच्छा है आज तेरी दीदी भी घर पर नहीं है कहीं शादी में बहार गई है मैने कहा ठीक है जीजाजी आप को कोई प्रॉब्लम ती नहीं न उन्होंने कहा नहीं ।

में ममता को अंदर कमरे में लेकर गया वहा में और ममता पलंग बैठे ममता ने कहा आज की रात हम साथ साथ गुजारेंगे खाने के लिए मैने जब ममता से पूछा तो उसने मना कर दिया।मेरे जीजा बोले आज मौसम में ज्यादा ठंड नहीं है इसलिए में बहार ही सोजाउगा मैने कहा हां जीजा बहार ही बिस्तर लगा देता हूं आप का जीजा जी का बिस्तर लगाकर जैसे ही में कमरे में अंदर आया तो ममता ने मुझे अपनी बाहों में ले लिया और मेरे सीने पर सिर रखकर बोली हर्ष तुमसे बहुत अधिक प्यार करती हूं आज की रात मेरे और तुम्हारे प्यार की यादगार रात होगी वह मुझे चूमते हुए पलंग की तरफ बड़ गई मगर पहले दरवाजा अंदर से बंध किया और मेरे पास आके मुझे जोर से गले लगा दिया और पागलो की तरह मुझे किस करने लगी।


उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि वो सेक्स की बहोत प्यासी है।थोड़ी देर बाद मैंने भी उसका साथ देना सुरु कर दिया। किस करते हुए मेने उसकी गांड दबाना सुरु कर दिया।पंद्रह मिनट के किस के बाद वो घुटनो के बल बैठ गयी और मेरा पैंट उतारकर लंड मुह में ले और जोर से वो चूस रही।मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था लंड पाँच मिनट चूसने के बाद उसने मेरे सभी कपड़े उतार दिए और पूरे बदन को चूमने लगी। बादमे उसने मुझे कहाकि तुम क्यू ऐसे ही खड़े हो तुम भी कुछ करो।फिर मैंने उसका ब्लाउज उतार दिया।उसने नीचे पिंक कलर की ब्रा पहनी थी ।में उपर से ही बूब्स जोर से दबाने लगा और वोह आह ऊह ऐसी आवाजे निकालने लगी फिर मैंने एक जटके में ब्रा उतार दी ओर दोनो बूबस को बारी बारी से चूसने लगा ओर चूस चूस के लाल कर दिए। बाद मे में उसके पेट को चूमा ओर धीरे से नीचे की ओर गया। मेने उसके पेटिकोट का नाड़ा खोल दिया और पेटिकोट नीचे गिरा तो मेने देखा की उसने नीचे भी पिंक पैंटी पहनी थी। मेने उसकी चूत को उपर से चूमा ओर पैंटी निकल दी।उसकी चूत गीली थी और एक मोहक खुसबू आ रही थी वो मुझे अपनि ओर खींच रही थी।


फिर मेने उसका रस पिया तो वो कांप उठी मेंने उसकी चूत में जीभ से चोदता रहा और वो कहने लगी ऐसे ही करते रहो।बहोत दिनों के बाद ऐसा मज़ा मिला है। में आज तुम्हारी हु तुम जो चाहो वो कर सकते हो।ओर थोड़ी जोर से उसने कहा अब तड़पाओ मत जल्दी से अंदर डाल दो। फिर उसको बेड पर लिटा दिया ओर उसकी दोनो टांगे चौड़ी कर दी। फिर लंड का सूपाड़ा चूत के मुँह पर रख के एक जोर से धक्का दिया तो सूपाड़ा अंदर चला गया और उसकी चीख निकल गयी।उसकी चूत टाइट थी क्युकी उसने बहोत टाइम से नही चुदवाया। फिर मैंने उसके मुंह पर हाथ रखा और जोर से एक धक्का दिया तो लंड चूत चिर कर अंदर चला गया तो उसके आंख में आंसू गए। फिर थोड़ी देर रुकने के बाद जब दर्द कम हुआ तब धीरे धीरे धक्के देने चालू करे बादमे स्पीड बढ़ा दी अब वो भी मजा ले रही थी। 20 मिनीट में वो 2 बार जड़ी ओर दोनो बार उसकी चूत का पानी मे पी गया। अब मेरा भी होने वाला था तो मैंने कहा कहा पानी छोड़ु , तो उसने कहा अंदर ही छोड़ दो और 5-6 जोरदार जटके के बाद में जड़ गया और उसकी चूत मेरे पानी से भर गई।

बाद मे हम दोनों थक कर वही लेट गए और मुझे कब नींद आगई पता ही नहीं चला जब सुबह में उठा तो ममता नहीं थी। मैने अपने जीजाजी से पूछा तो उन्होंने कहा कोन ममता यहां ती तू अकेला ही आया था अब चोकने की बारी मेरी थी क्या ये खबाब था या हकीकत मगर जब में रूम में आया तो एक खत मिला उसने लिखा था हर्ष तुम मुझे जानते हो तुम्हारे साथ तुम्हारे ही कॉलेज में हम साथ  पढ़ाई की थी में तुमसे बहुत प्यार करती थी मगर तुमने मुझे कभी ध्यान ही नहीं दिया तुम्हार प्यार मेरे दिलो दिमाक पर इस क़दर हावी था कि तुम्हे खोने के डर से अच्छा है तुम्हे मर कर पा लू हर्ष मैने तुम्हे आज पा लिया और तुम्हारा प्यार भी इसके बाद तुम्हारी लाईफ में कभी नहीं आउगी तुम खुश रहना। ये खत परकर मेरी आंखो में आशु बहने लगे सच्चा प्यार शायद नसीब बालों को ही मिलता है गुड बाय दोस्तो आप लोगो को ये कहानी कैसी लगी मुझे मेल करके ज़रूर बताये –
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तीन कमसिन लड़कियों को एक साथ चोदा

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दोस्तों आज मैं आपको अपनी एक सेक्सी कहानी सुनाने जा रहा हूँ। पहले मैं अपने बारे में बता हूँ मेरा नाम रवि है, मुझे चुदाई करना बहुत पसंद है। स्कूल में मैंने कई लड़कियों को चोदा अपने टीचर को चोदा, ट्यूशन वाली दीदी को चोदा अपनी चचेरी बहन को चोदा, आप समझ गए होंगे मैं चुदाई में कितना बढ़िया था और पटाने में माहिर था। पर अब उम्र 25 की हो गई है तो लोकल में जुगाड़ नहीं बन रहा था। 16 से 21 उम्र तब खूब मजे किया पर बाद में तीन साल से सुखाड़ आ गया था मेरी ज़िंदगी में। इसलिए मैंने प्लान बनाया और निकल गया बैंकाक सिर्फ चुदाई करने। लोगो से बहुत सूना था बैंकाक के बारे में वह चुदाई के बारे में लड़कियां कसी हुई माल होती है खूब चुदवाती है।

दिन में एक बजे दिल्ली से फ्लाइट था, देर शाम पहुंच गया। वीजा अराइभल लिए और पहुंच गया बायको होटल, रात में खाना खाने बाहर गया और थोड़ा घुमा फिरा नाईट मार्किट देखा। उस दिन मैंने चुदाई के बारे में नहीं सोचा था थका हुआ था तो सोचा आज आराम करते हैं।

दोस्तों दूसरे दिन दिन के दो बजे होटल से निकला, घुमा फिरा, एक खूबसूरत लड़की से अपना मसाज करवाया एकदम फ्रेश हो गया और शाम को निकल गया एक मार्किट जहा पर चकाचौध था, रोड के दोनों साइड बार था, उस मार्किट में हजारों लड़कियां थी, सभी बार के बारह और बार के अंदर। कही पोल डांसिंग हो रह था तो कही लड़कियां अपने कस्टमर को बुला रही थी।

मैं एक बार में गया जहा पर करीब 100 लड़कियां थी. बियर ली, पिने लगा दो बोतल फिनिश करते करते मैंने 3 लड़की को सेलेक्ट किया। साथ बैठ कर मजे लिए, फिर मैंने बार ओनर को तीनो के बदले पेमेंट दिए क्यों की अगर आप किसी बार से लड़की लेते हो तो पेमेंट करना होता है। फिर मैंने तीनो से रेट फाइनल कर तीनो को लेकर कार से बायको होटल पहुंच गया।

दोस्तों तीनो लड़कियां कमसिन थी, एक लम्बी थी वजन भी सही था, एक छोटी सी थी, एक मिडिल हाइट की. मैं तीनो कद और नैन नक्श और शरीर को अच्छे से चोदना चाहता था ताकि एक बार में ही तीनो तरह के शरीर का मजा ले सकते जैसे आप कभी किसी को चोदते है तब आपको लगता है अगर मोटी होती तो कैसा लगता, पतली होती तो कैसा लगता। जिनको आप चोदते हैं वो अगर मोटी है तो आप दूसरी लड़की पतली हो ऐसा आप सोचेंगे और अगर पतली लड़की से आप सम्बन्ध बना रहे हैं तो आपको लगेगा की काश कोई मोटी लम्बी चौड़ी औरत को चोदता। ऐसा इंसान की फितरत होती है जो होता है पास उससे अलग चाहते हैं. आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

दोस्तों तीनो साइज की लड़कियों के कपडे उतार दिए। पहले तो टीवी चलकर जमकर डांस किया। मैं भी नंगा वो तीनो भी नंगी लंड हिला हिला कर डांस करता था, वो तीनो चूचियां हिला हिला कर डांस करती थी। मैं उन तीनो की भाषा समझता नहीं था और अंग्रेजी टूटी फूटी आती है वो बस इंडियन को समझने के लिए है। उफ्फ्फ्फ़ समझ गए मैं क्या कहना चाह रहा हूँ।

नाचते नाचते कभी किसी के गांड में थप्पड़ मारता तो कभी किसी की निप्पल को मसल देता। कभी किसी की चूत को सहला देता तो कभी किसी को पकड़ पर अपना लौड़ा रगड़ देता। तो तीनो भी खूब मजे ले रही थी और मैं भी खूब मजे ले रहा था. गजब का माजरा था मुझे तब हसी आ रही है। अगर ये वीडियो बना होता था वायरल हो जाता।

फिर क्या था दोस्तों मेरा लौड़ा काबू में नहीं था. मैं एक को उतरकर बेड पर ले गया और दोनों टांगो को ऊपर कर लौड़ा घुसा दिया चूत में और दे दना दन, तभी एक पीछे से आई और मेरे गांड को चाटने लगी और और वही चुदने वाली की चूचियां सहला रही थी। मैं भी बारी बार से सब की चूचियां मसलता किश करता और एक एक कर के तीनों को चोदता ऐसा लग रहा था ग्रुप सेक्स हिट वाला। मादरचोद अंग्रेजी फिल्म को भी फ्लॉप कर दिया था मेरा चुदाई का सिन.

दोस्तों जब खलास होने लगे तब लौड़ा चूत से निकाल लेता और किसी और चीज में बारे में सोचने लगता और ऐसी बात सोचता था की लौड़ा एकदम से डाउन हो जाता था। वो तीनो भी हैरान थी की साले का वीर्य भी नहीं निकला और सिकुड़ गया और बस तुरंत बाद ही फिर से तन जाता था और फिर चोदने लगता था। ऐसा ही चला पूरी रात थोड़े थोड़े देर के अंतराल सुबह करीब तीन बजे मैं बोल गया। अब मेरे में हिम्मत नहीं था। नशा भी उतर गया था और वीर्य भी तीन बार।

हम चारो मिलकर नहाये उन तीनो को गले गया चूचियां मसला और फिर बिदा किया। दोस्तों मेरा ये ट्रिप ज़िंदगी भर नहीं भूलने बाला ट्रिप था। आज भी सोचता हु तो हँसता हु और फिर मूठ मारता है बहुत ही प्यारी खट्टी मीठी यादें है इस चुदाई की। आपको अगर ये कहानी अच्छी लगी हो तो कृपया कमेंट करें।

टिक टॉक वाली लकड़ी की चुदाई खेत में

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दोस्तों मेरा नाम रवि है मैं भोपाल का रहने वाला हूँ। आज मैं आपको टिक टॉक सेक्स कहानी सुनाने जा रहा हूँ। मैं कैसे टिक टॉक वाली लड़की को चोदा खेत में, ये मेरी सच्ची चुदाई की कहानी है। मैं आपके साथ शेयर करना चाह रहा हूँ ताकि आपको भी अनुभव शेयर करूँ चुदाई का मजा खेत में।

मैं एक लड़की का फैन हूँ टिक टॉक पर, उसकी अदाएं जबरदस्त है वो बड़ी ही खूबसूरत और कमसिन है गजब के ड्रेस पहनती है। सच पूछो दोस्तों मैं उसको ही देखकर रात में मूठ मार कर सोता हूँ। उसका नाम सुरभि है वो अठारह साल की है हम दोनों अगल बगल गाँव के हैं।

एक दिन भोपाल से अपने गाँव जा रहे थे कुछ दूर पैदल जाना पड़ता था तभी सुरभि मिल गई. मैं तुरंत पहचान गया टिक टॉक वाली लकड़ी सुरभि, मैं तुरंत ही कह दिया मैं आपका बहुत बड़ा फैन हूँ। मैं आपके सारे वीडियो देखता हूँ। और हाँ रात में मैं मोठ्ठ्हहहह और मैं चुप हो गया मैं बोलने वाला था मुठ मार कर सोता हूँ। पर वो समझ गई, तभी सुरभि बोल उठी क्या कह रहे थे मुठ, मैंने कहा नहीं नहीं गलती हो गई ऐसा मेरा कहने का कोई इरादा नहीं था।

तो वो कहने लगी बड़े हरामी हो, मूठ मारते हो मुझे देखकर, सच पूछिए तो मुझे हिम्मत हो गई। और मैं कह दिया हां हां जब इतनी हॉट हो गांड चौड़े है बूब्स सॉलिड है कपडे ऐसे पहनती हो जिसे नाभि और कांख के बाल दीखते हैं तो क्या करूँ मूठ नहीं मारु तो क्या करूँ ?

तो वो बोल उठी निकाल दो हजार कल मुझे कॉलेज का फॉर्म भरना है और मेरे घर में मेरी लड़ाई हो गई है टिकटॉक के चलते ही, पापा कहते हैं रंडी हो गई हूँ, जब उन्होंने कह ही दिया तो क्यों ना रंडी का ही काम कर लेते हैं। उन्होंने पैसे नहीं दिए वो बोले टिकटॉक से ही ले ले, और मेरा भाग्य तुम टिकटॉक से ही हो, तो तुम मुझे चाहे तो चोद सकते हो पर मैं दो हजार लुंगी।

मेरा तो ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा, मैं सोच रहा था कोई सपना तो नहीं ऐसी लकड़ी को चोदने के लिए तो तीस हजार भी कम ही है और वो दो मांग रही थी। तभी तो बोली ओये तू गलत नहीं समझना मैं रंडी नहीं हूँ, आजतक किसी से चुदी नहीं हूँ बस अपने जीजाजी के अलावा पर वो भी मेरी चूत में लंड नहीं घुसा पाए थे , जब वो चोदने को लंड चूत पर सेट ही किये थे तभी दीदी देख ली और उसी दिन से मेरा और उनलोग का रिश्ता ख़तम हो गया है।

मैं झट से बोल दिया। नहीं नहीं मैं ऐसा हरगिज नहीं सोच रहा हूँ, तू मुझे चोदने दे सकती हैं ये ले दो हजार और मैं तुरंत निकाल के दे दिया। रास्ता सुनसान था। दूर दूर तक कोई दिखाई नहीं दे रहा था ,वही एक सरकारी स्कूल था जो सालों से बंद पड़ा था खंडहर था। हम दोनों ने वही चोदने का प्लान बनाया और फिर चल दिया। पर वो शायद होर्रोर फिल्म देखती है इसलिए वो खंडहर में चुदने से मना कर दी। लगा की भूत भी ना चोद दे।

खंडहर के पीछे धान का खेत है हम दोनों खेत में चले गए ,कह कोई नहीं दिखाई दे रहा था। मैंने उसके पजामा के नाड़े खो दिए और उसके समीज को ऊपर कर दिए पर मजा नहीं आ रहा था तो मैंने उसको पूरा खोलने के लिए कहा वो तैयार हो गई। फिर क्या था दोस्तों गजब का फिगर। बड़े बड़े गोल गोल चुच्चियाँ, गोल गांड, होठ गुलाबी चूत पिंक कलर की, वो भी क्लीन था साफ़ सुथरा, मैं होठ चूसने लगा, चूचिया दबाने लगा फिर निचे जाकर उसके चूत को चाटने लगा, वो मेरे सर के बाल पकड़ कर चटवाने लगी। धीरे धीरे उसके चूत से नमकीन गरम गरम पानी निकलने लगा. मैं वो चाट रहा था नमकीन स्वाद में थे। ये कहानी आप नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

वो काफी कामुक हो गई और वो मेरे लौड़े को चूसने लगी ऐसे जैसे पता नहीं क्या मिल रहा था और मैं सिहर रहा था। और धीरे धीरे मेरा लौड़ा आठ इंच का हो गया। वो अब निचे आ गई और फिर मुझे बोली चोद जल्दी, और फिर मैंने उसके चूत पर अपना लौड़ा लगाया और जोर जोर से धक्के देने लगा पहले तो जा नहीं रहा था चूत काफी टाइट था फिर धीरे धीरे जाने लगा वो गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी और मैं भी फूल स्पीड में चोदने लगा.

दोस्तों गजब लगा चूचियाँ पीते हुए गांड में ऊँगली देते हुए होठ चूसते हुए फिर अपने लौड़े को उसके चूत में डालना कैसा एहसास था बता नहीं सकता। वो भी जन्नत का मजे ले रही थी। खूब खेला उसके जिस्म से और खूब चोदा, करीब आधे घंटे में दोनों शांत हो गए और फिर कपडे पहन का चल दिए।

हम दोनों साथ साथ ही जाने लगे, तभी वो बोली तू अपने दो हजार ले लो मैं रंडी नहीं हु. हां मुझे जरुरत है अलग बात पर मैं कोई और उपाय कर लुंगी। पर मैं दो हजार और दे दिया बोला तुम बहुत ईमानदार और हॉट हो इसलिए ले लो। कोई बात नहीं तुम जब चाहे मुझे फ़ोन कर सकती हो। मैं तुम्हारी मदद के लिए हमेशा तैयार हूँ। हम दोनों ने एक दूसरे को नंबर दे दिए। अभी रोजाना बात होगी है पर हो सकता है जल्द ही फिर से चुदाई करेंगे।

आपको ये कहानी कैसा लगा टिकटॉक वाली लड़की की चुदाई। आप रोजाना आएं नॉनवेज स्टोरी वेबसाइट पर, आपका शुक्रिया।

बिजली मीटर रीडिंग करने वाले लड़के ने मेरी बीबी की चूत फाड़ी

हेल्लो दोस्तों, मैं विमल आप सभी का नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम में बहुत बहुत स्वागत करता हूँ। मैं पिछले कई सालों से नॉन वेज स्टोरी का नियमित पाठक रहा हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती तब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ता हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रहा हूँ। मैं उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी। ये मेरी जिन्दगी की सच्ची घटना है।

दोस्तों जो घटना मैं आपको बताने जा रहा हूँ वो ३ साल पुरानी है। मेरी नई नई शादी हुई थी और मेरी बीबी मयूरी बहुत ही सुंदर और सेक्सी माल थी। सुहागरात पर मैंने जमकर उसकी चूत मारी थी। पर उसकी सील पहले ही टूटी हुई थी जिससे मुझे काफी दुःख पंहुचा था। पर मयूरी एक बहुत ही खूबसूरत लड़की थी। इसलिए मैंने उसे कुछ नही कहा और रोज मैं उसकी चूत बजाता रहा। मुझे खूब मजा आया दोस्तों। मेरी बीबी मयूरी का जिस्म बिलकुल भरा हुआ था और २५ साल उसकी उम्र थी। मयूरी के जिस्म का फिगर 36 32 34 था। वो बहुत खूबसूरत लड़की थी। जब रात में मैं उसे नंगा करके उसकी चूत बजाता था तो मुझे बहुत मजा आता था। पर धीरे धीरे मुझे उसको लेकर डर भी लगने लगा था। क्यूंकि कई बार वो एक छिनाल की तरह पेश आती थी। पर उस पर हमेशा नजर रखता था। अगर मैं उस पर नजर ना रखता तो वो और मर्दों से चुदवा लेती।

मेरी बीबी मयूरी खूबसूरत तो बहुत थी पर उसका स्वाभाव बहुत चंचल भी था। वो गैर मर्दों को घर की बालकनी से झाँक झांक कर देखती थी। उसे नये नये मर्दों से हंसी मजाक करना बहुत पसंद था। इसलिए मुझे उसको लेकर हमेशा डर लगा रहता था। शादी होने के बाद उसने ३ बार मेरे घर में अपने पुराने आशिकों से चुदवा लिया था। ये बात मेरे पड़ोसियों ने मुझे बताई थी। इसलिए मैं और जादा डरने लगा था। जब मैं उससे उसके आशिकों के बारे में पूछता था तो वो बहुत बिगड़ जाती थी और तरह तरह से चिल्लाने लग जाती थी। उस दिन घर में कोई काम नही करती थी और सारा घर सर पर उठा लेती थी। एक दिन मैं सुबह जी अपने ऑफिस चला गया था। उस दिन मेरी बीबी मयूरी बहुत अच्छे मूड में थी। वो घर में भी बहुत सज धज के रहती थी। हमेशा खुले हुए गहरे गले वाले ब्लाउस को पहनती थी जो पीछे से भी बैकलेस हुआ करते थे। ऐसे कपड़ों में मयूरी इकदम मस्त चोदने पेलने लायक माल लगती थी। कोई भी मर्द उसे देख लेता तो पटक के चोद लेता।

मेरे जाने के बाद सुबह ११ बजे बिजली का मीटर रीडिंग लेने वाला नया लड़का मेरे घर पर आ गया था। वो अभी जल्दी ही नौकरी पर नया आया था। उसने मेरे घर की घंटी बजाई तो मेरी खूबसूरत और गदराये जिस्म वाली बीबी मयूरी निकली।

“मैडम मीटर रीडिंग करनी है!!” वो लड़का बोला

“आओ!!” मेरी बीबी मयूरी से हसंकर कहा

वो नया लौंडा अंदर चला गया। मयूरी उसे देखते ही फिसल गयी। क्यूंकि वो लड़का अभी मुस्किल से २२ साल का था, नौजवान और बहुत हैंडसम था। उसने एक पिली टी शर्ट कॉलर वाली और जींस पहन रखी थी। वो अंदर जाकर मीटर चेक करने लगा और रीडिंग करने के बाद बिजली का बिल निकलने लगा।

“भैया मैं आपके लिय चाय लाती हूँ!!” मेरी सुंदर बीबी मयूरी बोली और चाय बनाने चली गयी।

वो लड़का सोफे पर बैठकर इन्तजार करने लगा। जैसे ही मयूरी आई वो चाय की ट्रे को नीचे मेज पर रखने लगी तो उसका साड़ी का पल्लू सरक गया। और मेरी चुदासी बीबी का खूबसूरत संगमरमर जैसा जिस्म उस लड़के को दिखने लगा। मयूरी की आँखें उस लड़के को ताड़ने लगी। और वो लड़का मेरी बीबी के दूध को घूर रहा था। कुछ मिनट तक दोनों एक दूसरे की आँखों में देखते रहे। फिर मेरी खूबसूरत जिस्म वाली औरत थोड़ा संकोच कर गयी। मयूरी जान गयी की वो नया लौंडा उसके बूब्स को ताड रहा था। उसने जल्दी से अपने पल्लू को कंधे पर सरका लिया और शरमाकर वहां से चली गयी और रसोई में जाकर खड़ी हो गयी।

वो नया लौंडा चाय का कप उठाकर पीने लगा पर उसके तनमन में जैसे आग सी लग चुकी थी। साफ था की वो मेरी औरत को कसके चोदना चाहता था। उसने २ घूंट चाय ही पी फिर प्याला वहीँ मेज पर रख दिया। और सीधा अंदर रसोई में चला गया। उसने मेरी चुदासी बीबी मयूरी की आँखों में देख लिया था की वो भी चुदने के मूड में थी। वो अंदर रसोई में चला गया और उसने मयूरी को पीछे से पकड़ लिया।

“तुम ??? तुम???” मयूरी बोली तब तक उसने मयूरी को कमर पर दोनों हाथों से पकड़ लिया था और गालो पर पप्पी लेने लगा। फिर उसने बड़ी फुर्ती से मयूरी को पलट दिया और अब दोनों आमने सामने थे। वो नया बिजली का मीटर रीडिंग करने वाला लौंडा बहुत ठरकी था। उसे नये नये घरों की नई नई औरतों की चूत चोदना बहुत पसंद थी और आज वो मेरी खूबसूरत जिस्म वाली बीबी की चूत चोदने जा रहा था। उसने इमरान हाशमी की स्टाइल में मेरी चुदक्कड़ औरत मयूरी को पकड़ लिया और होठो पर किस करने लगा। वो जल्दी जल्दी मयूरी के होठ चूस रहा था। १५ मिनट तक वो यही करता रहा। फिर अंत में मेरी बीबी भी उससे पट गयी। मयूरी से उसे बाहों में भर लिया।

“मैडम!! आप बहुत हसीन हो!!” वो नया छोकरा बोला

“तो मेरी रसीली चूत तुम चोदोगे???” मयूरी उसकी आँखों में आँखें डालकर बोली

“मैडम अगर आप मुझे अपने खूबसूरत मम्मे पिलाओगी तो मैं आपकी चिकनी चूत को जरूर चोदूंगा!!” वो नया छोकरा बोला

उसके बाद मेरी चुदासी कैरेक्टरलेस बीबी ने उसे फिर से पकड़ लिया बाहों में भर लिया दोनों रसोई में बहुत देर तक खड़े रहे और एक दूसरे के होठ चूसते रहे और पीते रहे। उसके बाद मयूरी उसे लेकर कमरे में चली गयी। वहां दोनों बिस्तर पर लेटकर जबरदस्त रोमांस करने लग गये। एक बार फिर से वो मयूरी के गुलाबी ताजे गुलाब जैसे होठो को चूस रहा था। उसका हाथ मेरी बीबी के मम्मो पर आ गया और ब्लाउस के उपर से वो मयूरी के हरे भरे बूब्स को दबाने लगा। मयूरी “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” की आवाज निकालने लगी। वो जोर जोर से मेरी बीबी के भरे हुए मम्मो को दबा रहा था। आज मयूरी को भी बहुत मजा आ रहा था। कई दिनों से उसका भी मन कर रहा था की किसी गैर मर्द का लंड वो खाए। आज उसका सपना पूरा होने जा रहा था। वो नया लौंडा मेरी चुदासी इश्कबाज बीबी को पहली नजर में पसंद आ गया था। दोनों बिस्तर में लेटे हुए थे और लपटा झपटी कर रहे थे। वो लड़का मेरी बीबी की रसीली छातियों को ब्लाउस के उपर से दबा रहा था। उसे तो जैसे आज जन्नत मिल गयी थी। दोनों अब गरमा गये थे।

कुछ देर में उस नये छोकरे ने अपने सारे कपड़े निकाल दिए और नंगा हो गया। वो बांका जवान छोरा था। उसका जिस्म भरा हुआ था और बॉडी शोडी सब बनी हुई थी। उसके गदराए जिस्म को देखकर मेरी चुदक्कड बीबी मयूरी तो बहुत खुश हो गयी थी। आज उसे एक नये मर्द से चुदने का गोल्डन चांस मिलने वाला था। उस लड़के ने धीरे धीरे मयूरी की साड़ी निकाल दी। मयूरी अब सिर्फ ब्लाउस पेटीकोट में आ गयी थी। उसका ब्लाउस तो बस नाममात्र का ब्लाउस था। आगे और पीछे दोनों तरफ से खुला हुआ था। सिर्फ ब्लाउस और पेटीकोट में मेरी औरत बीबी बहुत मस्त चोदने लायक माल लग रही थी। दोनों फिर से प्यार करने लगे। लड़के ने मयूरी को बिस्तर पर पेट के बल लिटा दिया। मयूरी का पीछे का खूबसूरत और चिकना जिस्म उसे साफ साफ दिख रहा था। वो लड़का आज मेरी औरत को कसके चोदना चाहता था। वो मयूरी के रूप रंग को देखकर पागल हो गया और पीछे सब जगह किस करने लगा।

मयूरी के बैकलेस ब्लाउस में उसकी चिकनी नशीली पीठ साफ साफ दिख रही थी। लड़का उसे पीठ पर चूमने लगा, कन्धों को चूमने लगा उर दांत से काटने लगा। फिर वो मयूरी की सेक्सी 32” की पतली कमर को किस करने लगा। मयूरी “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….”की सिस्कारियां निकालने लगी क्यूंकि वो बहुत जादा उत्तेजित हो गयी थी और उसे बहुत मजा आ रहा था। उस लड़के ने मेरी बीबी के ब्लाउस की डोर को दांत से पकड़कर खीचा तो ब्लाउस खुल गया। उसने ब्लाउस निकाल दिया। वो मयूरी के पैरों को सहलाने लगा। “आह आह राजा।।।।आजजजज।।।।मुझे कसके चोदो दोदोदोदोदो।।।” मयूरी बोली। उसके बाद तो वो मीटर रीडिंग करने वाला लड़का बिलकुल पागल हो गया था। धीरे धीरे वो मयूरी के पेटीकोट को उपर उठाने लगा तो उसके खूबसूरत टखने उस लौंडे को दिख गये। मेरी बीबी अभी भी पेट के बल बिस्तर में लेटी थी। वो लड़का उसके उपर सवार था और धीरे धीरे मयूरी के पेटीकोट को उपर उठाने लगा। वो बार बार मयूरी के पैरों को चूम लेता था। कुछ देर बाद तो बिलकुल गजब हो गया था।

उस चुदक्कड़ लड़के ने मयूरी का पेटीकोट कमर तक उठा दिया और उसकी खूबसूरत गोरी गोरी भरी भरी जाँघों को सहलाने लगा। मेरी बीबी पागल हो गयी थी। फिर वो बड़ी देर तक मयूरी की नंगी पीठ को सहलाता रहा और होठो से चूमता रहा। फिर उसने मेरी अल्टर आवारा छिनाल बीबी को पलट दिया और सीधा बिस्तर पर लिटा दिया। उस लड़के ने मयूरी का पेटीकोट का नारा खोल और निकाल दिया। मेरी बीबी पूरी तरह से नंगी हो गयी थी क्यूंकि आज उसने पेंटी भी नही पहनी थी। अब मयूरी उस गैर मर्द के सामने पूरी तरह से नंगी थी। वो चूत का शिकारी  मेरी बीबी की भरी हुई उफनती जवानी को देखकर बिलकुल पागल हो गया था। वो मयूरी पर लेट गया और पूरे जिस्म में किस करने लगा। दोनों से फिर एक दूसरे को बाहों में भर लिया। कुछ देर बाद वो मेरी औरत के 36” के बहुत ही खूबसूरत और रुई जैसे मुलायम मम्मो को हाथ से दबाने लगा। मयूरी “…..ही ही ही ही ही…….अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…” की सिस्कारियां भरने लगी।

दोनों ऐश करने लगे। उस लड़के को खूब मजा मिल रहा था जबकि मयूरी को भी ऐश मिल रही थी। आज वो एक गैर मर्द से अपने दूध दबवा रही थी। कुछ देर बाद वो छोकरा मयूरी के दूध को मुंह में लेकर पीने लगा। उसे तो बहुत सुख मिल गया था। इधर मयूरी भी बहुत सेक्सी महसूस कर रही थी। मेरी बीबी के दोनों मम्मे 36” के थे और बहुत बड़े बड़े गोल गोल थे। वो मुंह में देख मम्मो को चूस रहा था। जैसे मयूरी उसकी अपनी बीबी हो। वो हाथ से दूध को तेज तेज दबा भी रहा था। मयूरी भी उसे चेहरे, ओठो, माथे पर किस कर लेती थी। वो बार बार उस लड़के की कमर और पुट्ठों पर अपने हाथों से सहला रही थी। जिससे दोनों को बहुत चुदास चढ़ गयी थी। मेरी खूबसूरत जिस्म वाली बीबी के दूध को माशाअल्लाह थे। 36” की विशाल छातियों की निपल्स के चारो ओर काले काले गहरे रंग के घेरे थे जो बहुत सेक्सी लग रहे थे। वो लड़का मेरी औरत को अपनी औरत समझकर उसके दूध पी रहा था और दोनों छातियों को हाथ से मींज रहा था।

वो निपल्स को उँगलियों से छेड़ रहा था और ऐठ रहा था। इस तरह दोनों गर्मा गर्म मनोरंजन कर रहे थे। मेरी चुदासी बीबी मयूरी की चूत तो बिलकुल गीली हो गयी थी क्यूंकि वो मीटर रीडिंग करने वाला लड़का आधे घंटे से उसके दूध पी रहा था। उसका तो दिल ही नही भर रहा था। वो जितना जादा दूध पिता था उतना उसकी वासना बढ़ जाती थी। उसके बाद उस लड़के ने मयूरी के सिर के नीचे ३ मोटी तकिया लगा दी। मयूरी का सिर उठ गया और उस लड़के से अपना लौड़ा मेरी बीबी के मुंह में डाल दिया।

दोस्तों मैंने आपसे बाताया की मेरी औरत तो शुरू से बड़ी छिनाल थी। हमेशा नये नये लंड खाने की फिराक में रहती थी। जैसे ही उस लड़के ने लंड मयूरी के मुंह में डाल दिया, मयूरी को बहुत मजा आया। वो जल्दी उसका लौड़ा चूसने लगी। मयूरी को तो जैसे आज स्वर्ग ही मिल गया था। वो जल्दी जल्दी उस लड़के का लौड़ा चूसने लगी। आज मयूरी उससे कसके चुदाना चाहती थी। वो लौड़ा चूसना भी बहुत पसंद था। लड़का जल्दी जल्दी अपनी कमर को चलाने लगा और उसका लंड जल्दी जल्दी मेरी छिनाल बीबी के मुंह में जाने लगा। मयूरी उसके लौड़े को हाथ से फेटने लगी। दोनों पर सेक्स का भूत चढ़ा हुआ था। मयूरी के मुंह में उस लड़के ने आधे घंटे चोदा। उसके बाद उसने मेरी औरत के दोनों पैर खोल दिए और मयूरी की गुलाबी चूत के दर्शन करने लगा। फिर वो लेटकर मयूरी की चूत को पीने लगा। उसे बहुत मजा आ रहा था। मयूरी“आई…..आई….आई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” की आवाज निकाल रही थी। वो जल्दी जल्दी मयूरी की चूत पी रहा था। उसकी चूत का नमकीन सौंधा सौंधा स्वाद उस लौंडे को बहुत पसंद आ रहा था। उसे लगा की जैसे काला नमक का स्वाद उसे मिल रहा हो। उसमे मयूरी के भोसड़े को 20 मिनट तक पीया और मजा मारा।

फिर उसने अपना 8” का मोटा लंड मयूरी की चूत के छेद पर रख दिया और धक्का दिया। लंड अंदर सरक गया। वो जल्दी जल्दी मेरी आवारा बीबी को चोदने और खाने लगा। मयूरी चुदने लगी। उसे बहुत मजा मिल रहा था। उसका एक गैर मर्द का लंड खाने का सपना आज पूरा हो गया था। मयूरी की रसीली चूचियां जल्दी जल्दी उपर नीचे हिलने लगी। ये देखकर उस लड़के को और जादा सेक्स चढ़ गया और वो तेज तेज कमर चलाकर मेरी औरत की चूत मार रहा था। इतनी खूबसूरत औरत को चोदकर आज उस लड़के ने जैसे गंगा ही नहा ली थी। वो जल्दी जल्दी मेरी औरत को चोद रहा था, खा रहा था। मयूरी की जवानी का भोग लगा रहा था। उनके यौवन रस को लूट रहा था।

कुछ देर बाद वो राक्षस बन गया और उसने अपने हाथ मेरी औरत के चुच्चों पर रख दिए और जोर जोर से दबाने लगा और कमर घुमा घुमाकर मेरी औरत को चोदने लगा। मयूरी “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हममममअहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाज निकाल रही थी। उस लड़के ने मेरी चुदक्कड़ बीबी को 2 घंटे चोदा फिर चला गया। ये कहानी आप नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

शादी में गया था, मेरे बगल में जो औरत सोई थी उसको पूरी रात चोदा, सच्ची कहानी

Shadi sex story : दोस्तों सबसे पहले आपको मेरा नमस्कार, आपने मेरी बहुत सारी कहानियां पढ़ी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर, पर पहले तो आपसे मैं माफ़ी चाहता हु, क्यों की बहुत दिनों से कोई कहानी नहीं लिख पाया हु, आशा करता हु ये कहानी जो की एक दम नई और काफी हॉट है, दोस्तों ये मेरी सच्ची कहानी है, ये कुछ भी बनावटी नहीं है. मैं आपके सामने मेरी ये चुदाई की सच्ची कहानी पेश कर रहा हु,

मेरा नाम गौरव है, मैं उत्तर प्रदेश का रहने बाला हु, दिल्ली में रहता हु, वेबसाइट डिज़ाइन करता हु, मैं अक्सर इस वेबसाइट पर अपनी कहानी पोस्ट करता हु, क्यों की मैं बहुत ही चोदू स्वभाव का हु, और देखने में काफी स्मार्ट हु, तो किसी ना किसी को पटा ही लेता हु, और अपने लण्ड का शिकार बना ही देता हु, मेरा लण्ड भी ९ इंच का है तो किसी का भी मन भा जाता है. जब एक बार चुदती है तो उसको बार बार मेरे से चुदवाने का मन करता हु, और दोस्तों मैं भी मना नहीं करता हु, अब मैं सीधे अपनी कहानी पर आता हु.

मैं अभी गाँव गया था, एक शादी में, शादी मेरे साले की बेटी की थी, घर बहुत छोटा था, और गर्मी बहुत पड़ रही थी, गाँव में गर्मी से हालत बहुत ख़राब हो रहे थे, दिन भर किसी तरह से गर्मी काटता और रात को थोड़ा राहत होती, क्यों की छत पर जाकर सोता, विजली नहीं के बराबर ही थी. शादी के एक दिन पहले की बात है लेडीज गीत गा रही थी, सब लोग सो गए थे, दिन भर का थका मांदा जो एक बार सो गया वो अब सुबह ही उठेगा, ऐसी नींद पड़ती थी, मेरी पत्नी आई और बोली बगल के घर में इन्वर्टर लगा है, मैं वही सो जाउंगी, एक कमरे में सारे लेडीज सो रही है, अच्छा है वहा सोने का इंतज़ाम, मैंने कहा ठीक है भाई तुम्हारा तो इंतज़ाम हो गया है, चलो मैं छत पर ही ठीक हु,

वो चली गई, और मुझे नींद आ गई, रात के करीब तीन बजे मेरी नींद खुली अँधेरा था, कुछ और भी बच्चे और औरत सोई हुई थी, एक लाइन से, मैं लास्ट में था, एक बहुत बड़ा सा दरी बिछी हुई थी उसी पर सब लोग अपना अपना बेडशीट बिछा कर सो रहे थे, दोस्तों मैं हैरान रह गया, मेरे बगल में एक औरत सोई हुई थी, साडी पहनी थी, साडी अस्त व्यस्त थी, घुटने तक उठी थी, पायल की चमक चांदनी रात में चमक रही थी और गोर गोर उसके बदन, मुँह पर साडी लपेटी हुई थी, ब्लाउज से दो बड़ी बड़ी चूचियां तनी हुई थी, और ऊपर से क्लीवेज दिख रहा था, पेट चौड़ी थी, नाभि देखकर ऐसा लग रहा था की अपना लौड़ा उसी में डाल दू. गोल गोल काली पर लाल लाल चुडिया, नींद में साँसे लेती थी तो उसकी चूचियां ऊपर निचे हो रही थी, गजब की औरत थी , क्या खूबसूरत, ओह्ह्ह मेरा मन तो ठनक गया, मेरी साँसे तेजी से चलने लगी. मैं बैठ कर उसके बदन को निहार रहा था, तभी वो करबट ले ली और सरक कर मेरे साइड में और आ गई, अब उसका पीठ दिख रहा था, और चौड़ी गांड मेरे तरफ थी.

मैं वापस सो गया पर मेरी नींद उड़ चुकी थी, मैंने अपना लण्ड हाथ में लिया और हिलाने लगा. मैं उस औरत को पहचानता नहीं था, पर वो भरपूर जवान थी करीब ३० साल की होगी, उसके बाद मैं उसके तरह घूम गया और अपना लण्ड हाथ के लेके हिलाने लगा. तभी वो फिर सरक कर मेरे तरफ हो गई, अब वो मेरे में सट गई थी, मेरा लण्ड उसके चूतड़ में सट गया था, उसके बदन के डिओड्रेंट की भीनी भीनी खुसबू आने लगी थी, मैं और भी ज्यादा मदहोश होने लगा. मुझे लगा की जो हो जाये, आज मैं इस सुंदरी को छोडूंगा नहीं, आज अपने लण्ड का रस इस खूबसूरत मदमस्त औरत के चूत मे डालूंगा, और फिर क्या था, मैं अपने हाथ को उसके बांह पर रख दिया, और धीरे धीरे सहलाने लगा. उसके बाद वो फिर करवट ली और फिर सीधी हो गई, मुँह उसका साड़ी के आँचल से ढका हुआ था, पर बाकी सब कुछ मेरे सामने था, मेरे नजर के सामने उसका ब्लाउज था, चौड़ी पेट, मोटी मोटी जांघें, मैंने अपना हाथ उसके चूच पर रख दिया, थोड़े देर तक यों ही रखे रखा और फिर सहलाने लगा. और फिर दबाने लगा. और फिर ब्लाउज का हुक खोल दिया, और उसके चूच को जोर जोर से दबाने लगा. दोस्तों क्या बताऊँ फिर मैंने उसका साडी ऊपर कर दिया, वो अंदर जाँघियां नहीं पहनी थी, मोटे मोटे गोर गोर जाँघों को सहलाते हुए, जब मैं अपना हाथ उसके चूत पर रखा तो, एक अलग ही गर्मी की एहसास हुआ, चूत पर घने बाल थे, और चूत गीली हो चुकी थी, और चूत की गर्मी साफ़ पता चल रहा था.

तभी वो फिर वापस पलट गई फिर गांड मेरे तरफ आ गया था, अब मेरे से रहा नहीं जा रहा था, साडी को पूरा उठा दिया, गोल गोल चूतड़ बहुत ही मस्त लग रहे थे, मैंने सहलाया, और फिर चूत में ऊँगली की, चूत गीली और चिकिनी होने की वजह ऊँगली अंदर चली गई, फिर मैंने अपना लण्ड निकाला, और उसके पैर को उठा पर अपने ऊपर रख और और अपने एक पैर को उसके दोनों पैरो को बिच में डाल कर, लण्ड को चूत के छेद पर रख कर, अंदर पेल दिया, ओह्ह्ह्ह क्या बताऊँ दोस्तों ना ज्यादा टाइट चूत थी ना ज्यादा ढीला, मेरा पूरा नौ इंच का लौड़ा उसके चूत में समा गया, जब मेरा पूरा लण्ड उसके चूत के अंदर गया, तो उसके मुँह से आवाज निकली आह,,, और फिर मैं धीरे धीरे चूत पे लण्ड पेलना शुरू कर दिया, चूतड़ हिल रहे थे मेरे चोदने के झटके से, उसकी चूत में मेरा लण्ड अंदर बाहर हो रहा था, मैंने चूचियों को मसलते हुए, पूरा सेक्स का मजा ले रहा था, पर ज्यादा देर तक नहीं चोद पाया, क्यों की मैं बहुत पहले से गरम था, और करीब १० मिनट में ही ही मैं खल्लास हो गया, पर वो संतुष्ट नहीं हो पाई थी, क्यों की उसके मुँह से उह्ह की आवाज निकली, मैं सर्मिन्दा हो गया, मुझे नींद आ गयी, जब मेरी नींद खुली तो वो नहीं दिखी, शादी में बहुत सी औरते आई हुई थी. पर दिन भर उसको पहचानने की कोशिश की पर ढूंढ़ नहीं सका.

दूसरे दिन रात को फिर वही सोया था, और फिर रात के करीब दो बजे आई, और फिर मेरे साथ ही लेट गई. फिर क्या था, उसके बदन को टटोलना शुरू किया, ब्लाउज की हुक खोल दी, और इस बार ब्रा का हुक भी खोल दिया, और पेटी कोट को ऊपर कर दिया, पर वो अपना मुँह ढकी ही रही, हटाने की कोशिश की पर वो नहीं हटाई, इस बार उसके ऊपर चढ़ गया, और जोर जोर से चोदने लगा. करीब आधे घंटे तक खूब चोदा, कभी पीछे से कभी ऊपर से कभी चूचियों को सहलाता और कभी अपने मुँह में लेके पिने लगता, आज तो बहुत संतुष्ट थी, वो मुझे पकड़ पकड़ कर खूब चुदी, मैं भी जल्दी बाजी नहीं किया और उसको संतुष्ट किया, फिर वो उठ कर चली गई.

दूसरे दिन वो नहीं आई सोने, शायद वो वापस चली गई, वो शादी में आई थी. और फिर उसके दूसरे दिन हमलोग भी वह से चल दिया. पर एक खूबसूरत सी यादें लेके. दोस्तों ये मेरी सच्ची कहानी है, आपसे नम्र निवेदन है की आप नॉनवेज स्टोरी पर मेरी कहानी को रेट करें. की आपको ये कहानी कैसा लगा.

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