चचेरे भाई और उसके दोस्त से करवाई मैंने डबल चुदाई

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हाय फ्रेंड्स, आप लोगो का नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम में स्वागत है। मैं रोज ही इसकी सेक्सी स्टोरीज पढ़ती हूँ और आनन्द लेती हूँ। आप लोगो को भी यहाँ की सेक्सी और रसीली स्टोरीज पढने को बोलूंगी। आज फर्स्ट टाइम आप लोगो को अपनी कामुक स्टोरी सुना रही हूँ। कई दिन से मैं लिखने की सोच रही थी। अगर मेरे से कोई गलती हो तो माफ़ कर देना।

मेरा नाम इशिका है। मैं भरतपुर, (राजस्थान) की रहनी वाली हूँ। मेरे फेमिली में सब काफी पढ़े लिखे है और नौकरी कर रहे है। मेरी उम्र 26 साल की है। अभी कुवारी हूँ पर अनेक मर्दों से चुद चुकी हूँ। मुझे जवान और हैंड्सम लड़के काफी पसंद है और उनको देखकर मुझे उनसे प्यार हो जाता है। फिर मैं लड़को से चुदवा लेती हूँ। आपको बता दूँ की मेरा हाईट कम है। 5’ 3” की हूँ पर मस्त लड़की हूँ। मेरा फिगर 34 28 32 का है। मेरा भरा हुआ बदन मेरे जिस्म से दिखता है और मेरा रंग भी काफी गोरा है। हमेशा अपने बाल खोलकर चलती हूँ। मेरे उड़ते बाल और जुल्फों को देखकर लड़को का दिल मचल जाता है। वो सब मेरे रूप और खूबसूरती के दीवाने हो जाते है।

आपको जो स्टोरी सुना रही हूँ वो मेरी डबल चुदाई की स्टोरी है। मेरे चाचा के लकड़े विक्रम से मेरा अफेयर काफी दिनों से चल रहा था। उसके साथ कई बार सेक्स हो गया था। कुछ दिनों बाद विक्रम का बर्थडे आने वाला था। वो हमारे घर आया और मुझसे कहने लगा की उसके बर्थडे पर मुझे जरुर आना है। फिर मैं भी उसके घर पर चली गयी। उस दिन विक्रम बहुत स्मार्ट दिख रहा था। उसने व्हाईट कलर का कोट पेंट पहना था। जिसमे वो बहुत जंच रहा था। मैंने फूलो का बुके विक्रम को दिया।

“हलो भाई!! आज बहुत जम रहे हो” मैंने फूल वाला बुके उसे देते हुए कहा

“इस्स्स्स!! मुझे भाई मत कहा करो। जिसके पास तेरी जैसी मस्त जवान लड़की होगी वो तेरा भाई तो नही बनना चाहेगा। तू भी किसी से कम नही दिख रही है इशिका!!” विक्रम बोला

मैंने रेड कलर की लोंग कुर्ती और लेगी पहनी हुई थी। मेरे 34” के मस्त मस्त दूध मेरी कुर्ती से दिख रहे थे। गले से हल्के हल्के सफ़ेद दूध की झलक विक्रम को मिल रही है

“थैंक्स विक्रम!!” मैंने कहा

“तुझे देख लेता हूँ तो नियत डोल जाती है। आओ मिलो इनसे। ये है मेरा सबसे क्लोस फ्रेंड विहान!!” विक्रम बोला

विहान ने मुझे हेलो कहा और हाथ आगे बढ़ा दिया। फिर मैंने भी विहान से हाथ मिलाया। उसके बाद हम तीनो बाते करने लगे। मेरा चचेरा भाई मुझे कई बार चोद चूका था इसलिए मैं उससे खुलकर चूत चुदाई की बात करती थी। विक्रम मुझे चोदने के लिए पूछने लगा। वो कहने लगा की आज मैं विहान और उससे डबल चुदाई करवा लूँ। एक लौड़ा चूत में ले लूँ और दूसरा गांड में ले लूँ। मैंने आजतक डबल लंड नही खाया था पर आज मेरा भी दिल कर रहा था। बर्थडे की पार्टी खत्म होने के बाद मैं चाचा के घर पर रुक गयी। फिर रात में विक्रम और विहान मेरे रूम में आ गये।

“भाई!! किसी से देखा तो नही??” मैंने पूछा

“नही!! सब सो रहे है” विक्रम बोला

उसके बाद दोनों मेरे आजू बाजू आकर लेट गये और मुझे छूने लगे। रात को मैं नाईट सूट पहनकर लेटती थी। धीरे धीरे विक्रम और विहान मेरे मस्त मस्त दूध पर हाथ लगाने लगे तो मैं “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….”करने लगी। दोनों मेरे एक एक गाल पर चुम्मा लेने लगे और मुझे प्यार कर रहे थे। मेरा नाईट सूट को उतरवा दिया और अब मैं ब्रा और पेंटी में आ गयी।

“विहान!! देख मेरे बहन कैसी है???? क्या तुझे अच्छी लगी???” विक्रम विहान से पूछने लगा

विहान ने मेरे बड़े बड़े दूध को ब्रा के उपर छुआ और सहलाने लगा। फिर मेरी दोनों चूचियों पर हाथ घुमाने लगा। मुझे बड़ा मजा मिला।

“भाई विक्रम!! तेरी बहन तो जबरदस्त सामान है। तू नसीब वाला है जो ये तुझको अपनी मस्त मस्त चूत दे देती है” विहान मेरे बूब्स को प्रेस करके बोला

फिर विक्रम भी मेरी मस्त मस्त चूचियों को दबाने लगा। खूब आनन्द हम तीनो को आने लगा। दोनों ने बारी बारी से मुझे बिस्तर पर लिटाकर मेरे रसीले होठो को चूसा। दोस्तों लड़के तो गुटका तम्बाकू खाते है इसलिए उनके होठ काले और भद्दे हो जाते है। पर हम लड़कियाँ किसी तरह का पान मसाला नही खाती है जिसकी वजह से हमारे ओंठ बहुत सुंदर दीखते है। विहान और विक्रम से बारी बारी मेरे होठ चूसकर मुझे और गर्म किया। मेरे मुंह में दोनों से अपनी जीभ घुसाकर मुझसे चुसाई। जिसके बाद मैं चुदासी लड़की बन गयी। अब दोनों गांडू मेरी सफ़ेद पेंटी पर हाथ घुमाने लगे।

मेरी चूत पर ऊँगली चला रहे थे। मैं “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” करने लगी। दोनों दोस्तों से मेरी पेंटी पर काफी ऊँगली चलाई और खूब सहला दिया जिससे मैं बड़ी सेक्सी महसूस करने लगी। फिर दोनों से अपनी अपनी जींस खोल दी और मेरे दोनों हाथो में लौड़ा दे दिया। आज पहली बार मैं दो दो लौड़े से खेल रही थी।

“इशिका!! पहले तुम 1 लौड़ा चूसती थी पर आज तुमको 2 2 लौड़े को चूसकर खड़ा करना है” विक्रम बोला

उसके बाद दोनों मर्द लेट गये और मैं बैठ गयी और दोनों का लौड़ा हिलाने लगी। दोस्तों दोनों के लौड़े काफी मोटे तगड़े थे। विक्रम का 8” लम्बा था और विहान का तो 10” था जो काफी खतरनाक दिख रहा था। मैं अपनी खूबसूरत उँगलियों से दोनों के लंड फेटने लगी और मुझे भी काफी अच्छा लग रहा था। दोनों मर्द आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह् करने लगे। फिर मैं झुक कर मुंह में लेकर चूसने लगी।

“ohh yes beby चूसो इसे!! और अंदर तक मुंह में लो!!” विहान बोला

मैंने उसके लौड़े को और अधिक मुंह में ले लिया और मस्ती से चूसने लगी। दूसरे हाथ से विक्रम का लौड़ा फेट रही थी। काफी देर तक चुस्ती रही। फिर मुंह से विहान का लौड़ा निकाल दिया और विक्रम का लेकर चूसने लगी। सिर हिला हिलाकर मेहनत कर रही थी। विहान से इसी बीच मेरी पेंटी उतार दी और पीछे से मेरे चूतड़ सहलाने लगा। फिर पीछे से मेरी चूत और गांड में ऊँगली करने लगा।

“तुम तो बहुत सेक्सी हो बेबी!!” ऐसा विहान कहने लगा

फिर मैं और जादा खुश हो गयी और मेहनत से उसके लौड़े को फेट फेटकर चूसने लगी। काफी मजा आया इसमें। विक्रम और विहान दोनों ने बारी बारी से मेरी चूत में ऊँगली की और अंदर बाहर करते रहे। फिर गांड में ऊँगली कनरे लगे तो मैं काँप गयी और “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” करने लगी। बड़ा आनन्द आया दोस्तों। दोनों मर्दों ने मुझे काफी गर्म कर दिया था।

“बेबी!! क्या तुमने कभी डबल लौड़ा खाया है” विहान पूछने लगा

“नो!!” मैंने कंधे उचकाकर बोला

“आज तुमको डबल लौड़ा मिलेगा” विहान बोला

उसके बाद दोनों दोस्त मेरी एक एक चूची को हाथ लगाने लगा। सहला सहलाकर दबा रहे थे। दोस्तों मेरे दूध बहुत सेक्सी और मलाई जैसे मुलायम थे। खूब मजा आया रहा था। दोनों जब जब हाथ से मेरे बूब्स प्रेस करते थे तो कितना आनन्द आता था। फिर दोनों गांडू मेरी एक एक चूची मुंह में लेकर एक साथ चूसने लगे तो बड़ा आनन्द मिला। आज मुझे हर तरह का मजा डबल डबल मिल रहा था। दो दो मर्द आज मेरी नर्म नर्म चूची को मुंह में लेकर चूस रहे थे। मेरी चूत अपना पानी छोड़ रही थी। मैं खुद भी अपनी चूत में ऊँगली कर रही थी।

बड़े देर तक विक्रम और विहान मेरे सेक्सी जिस्म से खेलते रहे। मुझे फॉरप्ले करते रहे और पूरी तरह से चुदासी बना डाला। उसके बाद विक्रम नीचे लेट गया और मुझे अपने उपर ले लिया। मैं उलटी होकर विक्रम के उपर बैठ गयी। उसने होले होले मेरी गांड में 8” लंड घुसा दिया। फिर विहान उपर से आ गया और मेरी चूत में लंड डालने लगा। मुझे दर्द होने लगा। मैं “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” करने लगी। मुझे काफी दर्द हो रहा था। पर फिर दोनों मर्दों के लंड मेरी गांड और चूत में घुस गये। फिर दोनों मुझे चोदने लगे “अई. .अई..अई…..मर गयी!! मर गयी मैं … उ उ उ उ उ…” मैं ऐसा कहने लगी। दोनों लड़के मुझे चोदने लगे। मुझे बड़ा अलग तरह का अहसास हो रहा था। मेरे दोनों छेदों में मोटे मोटे लंड दौड़ लगा रहे थे जिसकी वजह से मुझे काफी उत्त्जेना और चुदास वाला नशा मिल रहा था। दोनों बारी बारी से लंड मेरे छेदों में डालकर फाड़ रहे थे।

मैं तो मरी जा रही थी। “ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” मैं चिल्लाने लगी तो मेरे चचेरे भाई ने मेरे मुंह पर अपना हाथ रखकर दबा दिया वरना फेमिली के लोग सुन लेते। दोनों मस्ती से मेरी चूत और गांड को फाड़ रहे थे। मैं तो मरी जा रही थी। मेरी आँखों से गर्म गर्म आंसू निकलने लगे। दर्द भी हो रहा था पर मजा भी बहुत आ रहा था। मुझे मीठा दर्द दोनों छेद में हो रहा था।

“चोदो!! आज मुझे चोद चोदकर रंडी बना दो!! किसी रांड की तरह फाड़ दो मेरे भोसड़े को!!” मैं उत्तेजना में बकने लगी

मेरी नशीली कामोत्तेजक आवाज सुनकर दोनों दरिन्दे बन गये और जल्दी जल्दी अपने पाने अपने लौड़े मेरे सेक्सी चोदनीय छेदों में दौड़ाने लगे। मेरी पीठ विक्रम की तरह थी। मैं उलटा मुंह करके उसके उपर लेटी थी और विहान सबसे उपर था और मेरी चूत फाड़ रहा था। इस तरह से दोनों ने 20 मिनट मेरे छेद को फाड़ा और फिर झड़ गये। “सी सी सी सी….. ऊँ…ऊँ…ऊँ….” बोलकर विहान कापते हुए मेरी चूत में झड़ गया। फिर मेरा चचेरा भाई विक्रम भी मेरी गांड में झर गया। अब मैं नीचे उतर आई और बेड पर लेटकर आराम करने लगी। मेरी बुरी हालत थी और दोनों छेदों में काफी दर्द हो रहा था।

“बेबी! आई लव यू!! बहुत मजा दिया तूने!!” विहान बोला

उसके बाद विहान ने मेरी टाँगे खोल दी और चूत में जीभ लगाकर चाटने लगा। मुझे फिर से वो मजा देने लगा।

“कुछ देर रुक जाओ!! अभी तो मेरी चूत में दर्द हो रहा है” मैंने विहान से कहा

पर वो गांडू माना ही नही। अपना मुंह लगा लगाकर मेरी गुलाबी चूत को किसी चोकलेट की तरह चाट रहा था। दोस्तों लड़को ने मुझे फाड़ मेरी चूत को फाड़ फाड़कर उसका भरता बना दिया था। मेरा छेद तो अब और भी बड़ा हो गया था। विहान मेरी टांगो और खूबसूरत चिकनी जांघो को बार बार किस कर रहा था। “तुम बहुत हॉट माल हो इशिका बेबी!!” वो बार बार कहे जा रहा था। उसके मुंह में मेरी चूत का सफ़ेद माल लगा हुआ था। मेरी चूत की एक एक पंखुड़ी को वो मजे लेकर चूस रहा था। बड़ा आनन्द मुजको भी देख रहा था। मैं फिर से अब “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” करने लगी।

“चाटो विहान!! मेरी खूबसूरत चूत को और चाटो!! अच्छे से चूसो!!” मैंने किसी छिनाल बेशर्म लड़की की तरह कह रही थी

विहान भी पूरे जोश में भर गया और मजे लेकर चूसने लगा। मेरी चूत के सेक्सी कामुक होठो को वो ऐसे चूस रहा था जैसे कोई रबड़ी मलाई मिल गयी हो। फिर से चूत में ऊँगली नही पूरा अंगूठा ही कुत्ते से पेल दिया और मुझे तड़पाने लगा। मैं फिर से कसमसाने लगी। उई उई करने लगी। मेरे चूत के दाने को विहान से अपने दांत से खींचना शुरू कर दिया। मुझे लगा की मैं मर न जाऊं। कमीना मुझे अपना घर का माल समझकर खींच रहा था। जैसे कुत्ते मुर्गी को देखकर नोचने लग जाते है। इस दौरान मुझे दर्द हुआ पर मजा भी बहुत मिला। उसके बाद विहान का लौड़ा फिर से टनटना गया और किसी तट्रोफी की तरह खड़ा हो गया। उस बहनचोद ने फिर से अपना लंड पकड़कर मेरे भरे और गद्दीदार चूत में डाल दिया और मुझे घमा घम पेलने लगा।

“आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…फाड़ो!! और तेज फाड़ो मेरे भोसड़े को!! ….सी सी सी सी..हा हा हा..” मैं बदहवास होकर कहने लगी। मैं अपने दांतों से अपने होठ काटने लगी। इस समय मैं कोई हाई क्लास काल गर्ल दिख रही थी। विहान भी पूरी तरह से चोदू बन गया और कमर उठा उठाकर मेरी चूत की गहराई में लंड को कुदाने लगा। वो किसी रेसर की तरह अपना लंड रूपी बाइक को अपनी चूत की सड़क पर दौड़ाये जा रहा था।

“विहान चोदो!! और चोदो मेरी बहन को!!” उधर से विक्रम बोला

वो हम दोनों की चुदाई का लाइव शो देखने लगा। अब विहान और जोश में भर गया और इतनी जल्दी जल्दी चोदने लगा की मैं आप सबको क्या बताऊं। विहान की आँखे लाल लाल किसी कातिल की तरह दिख रही थी। वो बहनचोद मेरी आँखों में देख देखकर मेरी चूत का भरता बनाए जा रहा था। मेरी एक एक हड्डी चट चट चटक रही थी क्यूंकि विहान मुझे किसी रंडी की तरह घमा घम हावी होकर पेल रहा था। वो हरामी मुझे अपनी गर्लफ्रेंड समझकर पेल रहा था। पका पक!! उस गांडू ने मेरे माथे पर पसीना ला दिया।

“आह झड़ी मैं…..अब झड़ जाउंगी!!” ऐसा बोलते हुए मेरी कमर मरोड़ खाने लगी और मेरा बदन ऐठने लगा। फिर मेरी भोसड़ी से अपनी चूत का पानी किसी पिचकारी की तरह छोड़ दिया।

“इशिका बेबी!! यू आर ए फकिंग सेक्सी गर्ल!! फकिंग हॉट!!” विहान कहने लगा

मेरी झड़ती हुई चूत में उसने फिर से लंड घुसा दिया और फिर से पेलने लगा। मेरी रंडी की तरह फटी चूत अपना पानी छोड़ रही थी और इसी कस्मकश में विहान मुझे लगातार चोदे जा रहा था। “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” मैं कहने लगी और अपना मखमली पेट उपर उठाने लगी। विहान ने मेरी गले में हाथ डाला और मुझे अपने मुंह की तरह खींचा। फिर मेरे सेक्सी गुलाबी चिकने होठो को चूसने लगा। मुझे अपनी तरह उठाकर चोदता रहा। कुछ मिनट बाद वो झड़ गया और अपने माल से मेरी चूत का कुवां भर दिया। फिर लंड बाहर निकालकर विहान हट गया।

अब मेरे चाचा का लड़का मुझसे जलने लगा और आकर तुरंत मेरी चूत को मेरी पेंटी से साफ किया और लंड मेरी चुद्दी में डालकर मुझे चोदने लगा। विक्रम अब मुझे जलन और इर्षा में चोदने लगा और पका पक बजाने लगा। कुछ देर बाद वो भी झड़ गया। आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज के लिए नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पढ़ते रहना। आप स्टोरी को शेयर भी करना।

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