खूबसरत पड़ोस वाली भाभी की चुदाई 2

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Sex Story Devar Bhabhi, Latest 2020 Sex Kahani Devar and Bhabhi
जैसा कि आपने पिछली कहानी में पड़ा कि कैसे में भाभी के घर गया और उसे नंगा देखा और उसने कैसे मेरा लंड पकड़ कर मुझे झरने से रोक लिया अब आगे भाभी ने कहा मैने लंबे समय से तुम्हारा इंतजार किया सही मौके का मैने कहा भाभी में आप की बात समझा नहीं आप क्या कहना चाहती है

भाभी ने कहा ओह मेरे हर्ष तुम तो बड़े भोले बन रहे हो जैसे कि तुम मुझे रोज घुर कर नहीं देखते दोस्तो आदमी कितने भी तरीके से औरत को देखे मगर उनकी नजरें बहुत तेज होती है जो हम जैसे शातिर खिलाड़ियों को भी पकड़ लेती है। भाभी ने कहा जो तुम ने अभी देखा वो गलती से नहीं देखा ऐसा में चाहती थी। की तुम मुझे नंगी देखो और हिम्मत कर के मेरी चुदाई करो फिर भाभी ने मेरा माल चूसकर ख़तम कर दिया और कहा आज देखते है कि तुम में कितना दम है . nonvegstory.com

यह कहकर भाभी उठी और मेरे होठों को चूमने लगी भाभी ओह जानू में तुम्हारा कितने दिनों से इंतजार कर रही थी तुम्हारी सारी इच्छाएं आज मेरे साथ पूरी कर लो भाभी ने कहा आज में अपना सबकुछ आप को दे रही हूं। मैने कहा भाभी में बहुत खुशनसीब हूं जो तुम जैसी हसीन कि चुदाई करूगा उसने खींच कर मेरे शर्ट के बदन तोड़ दिए में अपने आप को बहुत नसीब वाला मान रहा था कि जिस औरत को मेरे कालोनी वाले पाना चाहते थे

वो आज मेरे लंड के नीचे होगी। उसने मुझे बेडरूम में ले जाकर बिस्तर पर धकेल दिया और मेरी शर्ट खोलने लगी मैने उसकी चूचियां पकड़ने कि कोशिश की लेकिन उसने मेरे हाथ को वहा से हठा दिया और मुझे सबर करने को कहा उसने हाथ नीचे ले जा कार मेरी पेंट और साथ ही मेरी चडी को भी उतार दिया तो देखा मेरे लन्ड पर बहुत बाल थे

जो मैने एक महीने से काटे नहीं थे उसने देखा और कहा मुझे ऐसे ही लड़के पसंद जिनके लंड के आस पास बहुत बाल हो। मेरा 8इंच का लंड थीरे से अपनी ओकात में आरहा था। मैने फिर से उसके बूब्स पकड़ने कि कोशिश की तो मगर उसने अभी भी मुझे थोड़ा इंतजार करने को कहा और कमरे से बहार चली गई में कंफ्यूज हो रहा था जब वह वापिस आई कमरे में तो उसके हाथ में एक बेग था। वह क्या चाहती थी में अभी तक समझ नहीं पा रहा था।

उसने बेग में से एक रस्सी निकाली और मेरे दोनों हाथों को बेड के किनारे बांध दिया में इस बात से हैरान था हालांकि मैने बहुत सो की चुद फार्डी है मगर ये एहसास मेरे लिए नया था उसने बेग मेसे एक चीज निकाली शायद वह कपन करने वाला लंड था मैने कहा ये सब आप उपयोग करती है उसने कहा हा मेरे पति बिस्तर पर इतने अच्छे नहीं है तो क्या करू  इनका उपयोग आप पर करते है आप मुझे निराश नहीं करेगे मैने कहा क्या में नहीं मुझ पर ट्राय मत करो नेहा

आई रिक्वेस्ट यू नेहा ने कहा ट्राय तो करो मेरी अब फटने लगी थी मगर नेहा को थोड़ी देर में हसी आई और कहा में तो मजाक कर रही थी और कहा अब मालूम पड़ा जब तुम हमारी गांड के अंदर लंड डालते हो तो हमे केसा दर्द होता है अभी तो मैने सिर्फ डराया था यदि सही में तुम्हारी गांड मारती तो तुम्हारा क्या हाल होता मैने कहा तुम सच कह रही हो मगर औरत की गांड का जो मजा है

उस एहसास को हम मर्द लोग को उसने ही मजा आता है शुरू में तो दर्द होता है मगर फिर साथ में तुमको भी तो मजा आता है नेहा मेरी बात पर फिर हसी और मेरे लंड के ऊपर बैठ कर मुझे चूमना शुरू कर दिया वह मेरे होठों को मेरे चेहरे पर मेरी बगल मेरी छाती मेरे पेट और मेरे पाव उसने हर जगह मुझे चूमा और चाटा मगर मेरे लंड को टच भी नहीं किया मैने कहा नेहा मेरे लंड को भी तो चूसो मगर उसने इनकार कर दिया और कहा जब तक तुम भीख नहीं मांगते तब तक वहा टच तो क्या चुसुगी भी नहीं।

तो मैने उससे भीख मागी मेरे लंड को चूसने के लिए उसने चट्टी नीचे कर उसने थोड़ा चूमा और अपने हाथ से मेरे लंड को हिलाया फिर उसने मेरी गेदो को चाटा अपनी जीभ से मेरे लंड के के चारो और फेरी मेरे लंड ने एक ठुमका उसके मुंह पर मारा तो उसने कहा तुम्हें इसकी सजा जरूर मिलेगी में सोच में पड़ गया अब क्या करने वाली है।और अपने हाथ से मेरे निपल को जोर से दबाया मुझे बहुत दर्द हुआ मगर उस समय में काम वासना के असर में था। फिर वो अपने तन को मेरे तन से रगड़ने लगी और मुझे परेशान करने लगी इन सब में मेरा लंड बिना चुद के दर्द कर रहा था।

नेहा ने कहा केसा लगा मेरा फोरप्ले अब असली शो का टाइम आ चुका है फिर उसने बेग में से कुछ चिकनाई जैसी एक क्रीम निकाली और अपने हाथ में लेकर मेरे पूरे शरीर की मालिश करने लगी मालिश करते हुए उसके बॉब्स मेरे आंखो के सामने हिल रहे थे मगर में कुछ कर नहीं सकता था फिर उसने हाथ में पानी लेकर मुझे साफ किया और मेरा एक हाथ खोल दिया अब मुझे थोड़ा बेहतर फिल हो रहा था। लेकिन में उसकी फैंटेसी को रोकना नहीं चाहता था

इसलिए अपनी काम वासना पर काबू करने की कोशिश कर रहा था और बेग में से एक हंटर निकाला और मेरे पाव और मुझे घुमा कर हंदर मारने लगी उस समय तो मुझे ऐसा लगा जैसे उसमे कोई शैतानी आत्मा आगईं हो मगर वो रुकी नहीं टोटल उसने 10हंटर मुझे मारे और साथ ही एक और रस्सी से मेरे दोनों पाव बांध दिया वो फिर से कमरे के बहार गई और थोड़ी देर में कुछ हाथ में लेकर आई

मैने पूछा तो कहा तुम आज का ये सेक्स हमेशा याद रखोगे और जहा उसने हंटर मारा था वहा लाल मिर्च और नमक लगाया मुझे ऐसा दर्द हुआ की मेरी आंखो में से आशु आगए मुझे ऐसा लगा जैसे में कोई मुजरिम हूं और वो कोई जेलर जो मुझे टॉर्चर कर रही हो मैने दर्द में ही उससे कहा नेहा अब तो तुम्हारी फैंटेसी पूरी हो गई अब तो मुझे खोल दो मगर फिर वो वापिस हसी और कहा अभी तो शुरुआत हुई है अभी तो तुम्हारे साथ बहुत कुछ ट्राय करना है मुझे लगा

आज तो सेक्स की जगह भूतनी मेरे पीछे पड़ गई है जो आज तो मुझे मार के ही दम लेगी मुझे अपनी गलती पर पछता भी रहा था कि कहा में इसकी चुद के पीछे पड़ा। मगर उसने थोड़ी देर में बर्फ के टुकड़े से मेरे घाव पर मालिश करने लगी जिससे मुझे कुछ राहत मिली मगर ये आराम थोड़ी देर के लिए ही था अभी तो बहुत कुछ बाकी है इस कहानी के नेक्स्ट पार्ट का इंतजार कीजिए मेरे दोस्तो ये कहानी में आप को इंटरेस्ट तो आया न और ये कहानी का भाग केसा लगा मुझे बताए
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तीनो बहनों ने बारी बारी से चुदवाया मुँह बोले भैया से(Opens in a new browser tab)

खूबसरत पड़ोस वाली भाभी की चुदाई 1

devar bhabhi sex

सभी दोस्तो को हर्ष का नमस्कार में फिर आज आप के लिए नई कहानी के साथ हाजिर हूं।
यह कहानी 8 महीने पहले की है मेरे घर के पास ही एक भाभी रहने आई उसके साथ ही उसकी 2 साल की बच्ची भी थी जबसे वो हमारे घर के पास रहने आई मेरी नजर तब से उसके ऊपर थी उसका गोरा रंग भूरे बाल सुन्दर चेहरा अच्छी और बड़ी आंखें उसकी लम्बाई 5 फिट 3 इंच थी उसका फिगर 36-30-36 था उसकी चूचियां बहुत सुंदर और गोल साईज में थी उसकी गांड़ लहराती हुई चुलबुली थी। मेरी गली में हर आदमी उसे पाना चाहते थे मगर किस्मत मेरी लगी वह बहुत मिलनसार और रहन-सहन में फैशनेबल थी। वह एक निजी कंपनी में काम करती थी मगर बच्चा होने के बाद बच्चे की परवरिश के कारण उसने जॉब से रिजाइन दे दिया। उसका पति एक सरकारी ऑफिस में काम करते थे जो की दूसरे शहर में रहते थे

इसलिए उसका पति हफ्ते में 2 दिन ही घर पर आता था। उसका नाम टीना था आप लोग सोच रहे होगे की उसकी सुंदरता की भी में ज्यादा ही तारीफ कर रहा हूं। लेकिन सच में वह बहुत सुंदर थी में उसके करीब जाने लगा क्योंकि वो मेरी पड़ोसी थी तो उसका मेरे घर आना जाना लगा रहता था तो हमारी बातचीत हो जाती थी। बाद में हमारी अच्छी दोस्ती भी हो गई में भी अक्सर उसके घर जाता था जब मेरे पास समय रहता एक बार जब में उसके घर गया तो उसने मुझे बच्चे को संभालने के लिए कहा (भले ही वो सो रहा था)

वह घर का कुछ समान लेने मार्केट गई थी मैने हा कहा में उसके घर में अकेला था तो सोचा क्यों उसका घर देखा जाए उसके घर में घूमते हुए में एक कमरे में गया वहां बहुत सारी अच्छी चीजे पड़ी थी मैने वहा रखा एक दराज खोला तो उसमें एक कंडोम पड़ा था शायद उसका पति लाया हो फिर उसके बेडरूम में गया तो वहा मुझे कुछ गंदे कपड़े जो धोने के लिए रखे होगे उसने कुछ सेक्सी ब्रा और पेन्टी एक नाइटी और कुछ अन्य कपड़े थे .

मैने उसकी पेंटी को उठा कर सूंघा क्या मस्त खुशबू आ रही थी जिससे में मदहोश हो रहा था मैने वापिस उसकी पेंटी जहां पड़ी थी वहीं रख दी और आगे मैने वो देखा जिसकी में कल्पना भी शायद करता मुझे एक डिल्डो वाइब्रेटर दिखा शायद वह अपनी पति कि गेर हाजिरी में वह अपनी चुद की आग इससे ठंडी करती है।

और उस समान के साथ एक टेबलेट पड़ा था मैने उसे ओपन कर उसकी और उसके पति कि सेक्स चैट पड़ी मगर मुझे ऐसा लगा ये गलत है किसी की पर्सनल मेसेज नहीं देखने चाहिए मगर मैने उसके चेट में उसके पति का लंड कि फोटो देखी तो उसके पति का लंड बहुत छोटा था में सोच रहा था कि सुंदर औरत को छोटे लंड वाला पति मिला जब ही उसके घर में डिल्डो पड़ा है।

फिर में वापिस अपनी जगह पर आकर बैठ गया थोड़ी देर में भाभी भी आ गई और वहा से में अपने घर अागया एक दिन ऐसा हुआ कि पास ही मार्केट से पैदल घर अारहा था कि रास्ते में मुझे भाभी दिखी साथ ही गोद में उसकी बच्ची भी थी और दोनों हाथ में सामान था। इसलिए ये सोच कर में भाभी की मदद करने उनके पास गया और कहा क्या भाभी पैदल जा रहे हो इतना सामान लेकर मुझे बोल दिया होता तो में गाड़ी से लेकर चलता आप को।

भाभी ने कहा मार्केट पास ही था तो सोचा पैदल ही लेकर आजाऊ सामान दो मैने कहा लाओ भाभी सामान में लेकर चलता हूं घर मगर उसने मना कर दिया नहीं बहुत भारी है में आप को कोई तकलीफ़ नहीं देना चाहती मगर मेने अपनी दोस्ती की कसम दी तब उसने मेरी बात मानी वह अपनी बच्ची को गोदी में से उतारने के लिए जैसे ही झुकी लेकिन बच्ची आसानी से गोदी में से उतरने के लिए तेयार नहीं थी सारी दोस्तो बताना ही भूल गया उसने क्या पहना था।

उसने दुपट्टे के साथ एक गहरा वी-कट सलवार पहना था। जैसे ही उसने बच्ची को नीचे उतारा बच्ची ने उसके सलवार के एक किनारे को पकड़ लिया और उसे नीचे खींच दिया क्योंकि उसके दोनों हाथ में सामान थे इसलिए जब तक उसने वापिस दुपट्टे को पहना जब तक मैने उसके दोनों चूचियों के बीच की लकीर और क्या गोरी चूचियां थी जो बहार आने के लिए मचल रही थी। उसने काले रंग कि ब्रा पहनी थी उसकी आधी चूचियां मुझे दिख रही थी

जैसे तैसे में अपने आप को कंट्रोल कर रहा था। मैने उसका सामान उठाया और उसने बच्ची को वापिस गोद में लिया और हम घर की तरफ चल दिए  जब हम उसके घर पहुंचे फिर से बच्चे को नीचे उतारने के लिए झुकी ताकि दरवाजा खोलने के लिए चाबी निकाल सके मगर फिर से उसकी बच्ची ने इस बार सलवार पकड़ खींचा तो उसके कुछ ऊपर के बटन खुल गए उसी हालत में उसने दरवाजा खोला और अपनी बच्ची को अंदर ले गई मैने उसका सामान किचन में रखा वह अपनी बच्ची को सुलाने की कोशिश कर रही थी वह कुछ समय में सो गई बच्ची को सुलाने के बाद वहा से उठ कर मेरे पास आई और कहा आप यहां बैठो में चेंज कर के आई में सोफे पर बैठा मगर मैने देखा कि उसने अपने बेडरूम का दरवाजा ठीक से बंद नहीं किया है

में थीरे से दरवाजे के पास गया और अंदर झांककर देखा तो उसने अपने कपड़े पूरे उतार दिए थे वो रूम में नंगी खड़ी आइने में अपने आप को देख रही थी उसके बूब्स चमक रहे थे में उनको देख कर हैरान था कि क्या मस्त बड़े चूचियां थी चूचियों के ऊपर गुलाबी निपल्स और भी सुंदर लग रहे थे उसने एक हाथ से अपनी चूचियां सहलाई और दूसरे हाथ की उंगली को चुद के अंदर बहार करने लगी जिससे उसकी तेज चलती सासो की आवाज आ रही थी।

उसी समय मैने भी अपना लंड पेंट में से निकाला और थीरे से मुठ मारने लगा मगर उसके मस्त बदन को देख कर अपने आप पर काबू नहीं रख सका और एक आवाज के साथ मेरा भी थोड़ा बहुत माल निकलने लगा उसने आवाज सुन ली थी वह तुरंत मेरे पास आई और मेरे लंड को कस कर पकड़ लिया उसने तुरंत मेरे माल को लंड के अंदर ही रोक लिया मैने उसके चेहरे को देखा तो उसके चेहरे पर एक मुस्कान थी भाभी ने कहा तुम आज कल के लड़के बहुत कामुक होते हो तुम्हे पता नहीं किस समय और कब क्या करना है ये तुम्हारा माल बहुत ज्यादा कीमती है इसे यूहीं बेकार मत करो


दोस्तो आगे क्या होगा ये में नेक्स्ट भाग में पता चलेगा की भाभी सच में चदाई चाहती है या सिर्फ मुझे परेशान कर रही है आप को मेरी नई कहानी कैसी लगी और नॉनवेज स्टोरी . कॉम का शुक्रिया जो मेरी स्टोरी आप तक पहुंचाते है जिससे आप फेन का प्यार मुझे मिलता रहता है और एक बात दोस्तो कई मेरे फेन मुझसे आंटी या भाभी के नंबर मागते है तो सॉरी फेन में किसी के नंबर नहीं दे सकता जैसे आप मेरे दोस्त है वो भी मेरे दोस्त है और दोस्तो को बदनाम नहीं किया जाता और उनको कोई तकलीफ़ हो ये दोस्ती का उसूल नहीं है इसलिए कुछ चीजे प्रायवेट रहे तो अच्छा है
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पाल पोसकर जवान किया फिर 2 जनवरी को पहली बार चुदवाई

देवर भाभी सेक्स

मैं 31 साल की हूँ मेरा नाम सुमन है, विधवा हूँ, दुश्मनो ने मेरे पुरे खानदान को ख़तम कर दिया था। बस मैं बची और मेरा एक देवर जो की सिर्फ 10 साल का था उस समय, घर से बहुत धनी हूँ। पर इससे भोगने वाला कोई नहीं है। मेरा कोई बच्चा नहीं है। मैंने अपने देवर को पालपोस कर बड़ा की। १ जनवरी को वो 21 साल का हुआ। उसने मुझे १ जनवरी को बोला की अब हमलोग नए साल से एक नई ज़िंदगी जियेंगे। हमारे ज़िंदगी में इतनी मुश्किलें आई पर अब नहीं चाहते हैं की आगे मुश्किल आये मैं भी अब्ब २१ साल का हो गया है ज़िंदगी को नए सिरे से जीना चाहता हूँ।

मैं बोली शादी के 15 दिन बाद ही मेरी ज़िंदगी उजड़ गया था पर आपके सहारे ही मैं ज़िंदगी को जीने के लिए सोची। यहाँ तक की मेरे घरवाले भी मुझे दूसरी शादी के लिए कहा पर मैं सोची की मैं दूसरी शादी नहीं करुँगी। और आपके बड़े होने का इंतज़ार करने लगी। मैं अपने घर और धन दोनों को बचा कर रखी अगर मैं गलत होती तो मैं आज यहाँ नहीं होती सारा साम्राज्य बेच कर और और गुलछर्रे उड़ा रही होती। पर मैं आपके लिए ही यहाँ थी।

तो देवर जी ने कहा की मुझे भी पता है आपको कोई भी खुशियां नहीं मिली। पर इस नए साल से मैं आपको पूरी खुशियां दूंगा जो आपको नहीं मिला। दोस्तों 1 जनवरी को मैं बहुत खुश हुई क्यों की मैं अब से सोच ली थी एक अच्छी ज़िंदगी जिऊंगी। अपने देवर के साथ लखनऊ घूमी खाना खाई। सिनेमा देखि और रात में घर आकर नए साल का खूब जश्न मनाई।

२ जनवरी की बात है। शाम को हम दोनों खाना खाकर छत पर टहलने गए , देवर जी जिनका नाम रवि है। उन्होंने पूछा भाभी आप एक बात बताओ क्या आपको ज़िंदगी में किसी चीज की कमी महसूस नहीं हुई ? मैं पूछी कैसी कमी तो वो बोला भैया का देहांत शादी के पंद्रह दिन बाद ही हो गया था। आप नई नवेली दुल्हन थी। लोग शादी इसलिए करते हैं ताकि उसको शारीरिक और मानसिक शांति मिल सके। पर आपको तो दोनों ही नहीं मिला आज आप 31 साल की हैं। आपको कभी नहीं लगा की इंसान की शारीरिक जरूरत पूरी करने चाहिए ? आप हमेशा अलग कमरे में सोये और मुझे अलग कमरे में सुलाय। आखिर क्या कारन है मैं जानना चाहता हूँ।

तो मैं बोली मैं आपके 21 साल होने का इंतज़ार कर रही थी। ताकि मैं आपके साथ ज़िंदगी जी सकूँ। मैंने प्रण की थी की मैं कभी भी २१ साल के पहले हाथ नहीं लगाउंगी और मुझे आपके भैया छुए थे और जब आप बड़े और जवान हो जायेंगे तो मुझपर अधिकार होगा। हम दोनों हवेली की छत पर ही ये सब बाते कर रहे थे। ये सब बात सुनकर देवर ही बोले तो मैं कल ही 21 का हो गया है आ २ जनवरी है तो आपने क्या सोचा? तो मैं बोली सेज सजा ली हूँ। गुलाब की पंखुड़ी पलंग पर है। आज से नई ज़िंदगी जीना चाहती हूँ आज अपना सारे ख्वाइश पूरी करना चाहती हूँ। अब मैं माँ बनना चाहती और आपको पति बनाना चाहती हूँ।

ये सुनकर वो मेरे आँखों में आँख डालकर खड़े हो गए मेरे गाल पकड़ लिए पर मैं बोली नहीं अभी नहीं मैं १० साल इंतज़ार की हूँ आज के लिए ऐसे छत पर नहीं। आप जाओ तैयार होकर आओ जैसे की दूल्हा आता है आपके लिए कपडे तैयार कर दी। कमला बाई आपका कपड़ा आलमारी में रख कर गई है। आप कमरे में बैठना मैं तैयार होकर आती हूँ।

और दोस्तों मैं करीब एक घंटे बाद वही सब कपडे जो मेरे शादी के दिन के थे वही पहन कर तैयार हुई सिंदूर लगाई। और कमरे में आ गई दूध का गिलास लेकर। मेरा देवर जो अब मेरा पति बन गया है। पाल पोस कर बड़ा की ताकि मैं पति बना सकूँ। दूध दी दूध पीया वो भी चकम रहे थे सिल्क के कुर्ते में। पलंग पर लेट गई पुरे कमरे में गुलाब की खुशबु आ रही थी।

उन्होंने मेरे ब्लाउज की डोरी पीछे से खोला। ब्रा का हुक खोला और पीठ पर किस किया मैं मचल गई। क्यों की मैं दस साल बाद रिश्ते बनाने जा रही थी। मैं गोद में लिटा लिए और अपनी चूचियां रवि के मुँह में दे दी। वो मेरी चूचियों को पीने लगा और मैं बाल सहलाने लगी वो हौले हौले दबा भी रहा था। मेरे मुँह से सिसकारिआं निकल रही थी। मैं पानी पानी हो गई थी। मैं बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी मेरे पुरे शरीर में हलचल हो रही थी। मैं लेट गई और वो मेरे ऊपर चढ़ गया।

दोस्तों मैं अपने साडी को उतार दी पेटीकोट का नाडा ढीला कर दी। उसने खुद ही पेटीकोट खोला निकाला मेरे कमर से लाल लाल वस्त्र थे सारे। वो मेरी चूत को चाटने लगा। मैं उसके बाल पकड़ कर चटवाने लगी। मैं वासना की आग में धधक रही थी। अब मेरे से रहा नहीं जा रहा था। मैं बोली अब मेरी प्यास बजा दो और उसने अपना लौड़ा निकाला और मेरे चूत पर रख कर घुसा दिया। दोस्तों जिसको मैं बड़ा की आज उसी से जिस्म की गर्मी पूरी कर रही थी। जैसे आप बकरे पालते हैं और एक दिन काट कर खाते हैं। मैं भी आज वही कर रही थी।

वो मेरी चूचियों को दबा रहा था और मुझे चोद रहा था। मैं चुदवा रही थी। चूचियां मुँह में दे रही थी। हरेक तरफ से खुश कर रही थी। अनाड़ी था पर मैं उसे चोदना सीखा रही थी। और पहली रात को करीब 4 बार हम दोनों ने पति और पत्नी की तरह चुदाई की एक दूसरे को खुश की। दोस्तों आज से मेरी ज़िंदगी में एक नई खुशियां आई है। अब मैं अपने देवर को पति बना ली हूँ। आज इसलिए मैं आप सभी दोस्तों को नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर अपनी कहानी शेयर कर रही हूँ। आप सब मेरे लिए दुआ कीजिये ताकि मेरी ज़िंदगी अब अच्छी चले.

पड़ोसी रीना भाभी की चुदाई

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हैलो दोस्तो में आप का दोस्त हर्ष। फिर से आप के मनोरंजन के लिए नई कहानी लेकर आया हूं। आप ने मेरी पिछली कहानी को पसंद किया इसके लिए आप का बहुत-बहुत धन्यवाद दोस्तो ये कहानी मेरे घर के सामने रहने वाली भाभी की है उसका पति ड्राईवरी करता था जो कि ज्यादा तर समय बहार ही रहता है। एक दिन जब रीना को पहली बार देखा तो मेरा दिल धक करने लगा। और में पहली ही नजर में रीना का दीवाना बन गया। में सुबह शाम अपने घर की खिड़की खोलकर इसी इंतजार में बैठा रहता की रीना कब बहार निकले कब में उसके रूप को निहार सकु। दिन यूहीं गुजरते गए। इस दौरान मेरे मन में रीना को पाने की चाहत थी। उधर रीना भी मेरे इंतजार में पलके बिछाए रहना अच्छा लगने लगा। यू कह ले की रीना का यू इंतजार करना मेरे तन बदन में आग लगा रही थी। मेरी तन कि आग भी रीना के मन में पहुंचकर उसकी चुदाई की वासना धीरे धीरे बड़ा रही थी। इस तरह से में रीना से बात करने लगा। हमारी रोज बात भी। हो रही थी मगर मुझे तो रीना की जवानी का रस पीने की इच्छा बहुत हो रही थी। और ये मौका मुझे एक दिन मिला जिसे मैने रीना की खूब चुदाई की। एक रोज मेरी कालोनी में रात को 9बजे लाइट गुल हो गई थी। में जब 9:30बजे घर पहुंचा तो ताला खोलने के बाद पलट गया और रीना के दरवाजे पर दस्तक दे दी। दरवाजा खुला और रीना वहा आई। भीतर कमरे में एक लैंप जल रहा था। मैने एक नजर उसके पीछे कमरे में दौड़ाई रीना के अलावा वहा कोई नहीं था। रीना ने प्रश्नवाचक नजर से मुझे देखते हुए कहा कहिए क्या काम है। मगर उसका दिल बुरी तरह से घबरा रहा था मैने कहा माचिस होगी? जी अभी लाई ये कहकर रीना पलट गई। मैने रीना से पूछा भाई साहब दिखाई नहीं दे रहे। रीना ने कहा वो बहार गए है 2-3 दिन में लौटेंगे मैने कहा आप को अकेले डर नहीं लगता क्या रीना ने कहा बिल्कुल नहीं। फिर यहां के लोग तो बहुत अच्छे है। हा सो तो है। में डबल मीनिंग शब्दों में बोला तभी तो रात को दरवाजा खुलवाकर माचिस मागने पर भी गुस्सा नहीं होते। जवाब देने की बजाय रीना हंस पड़ी फिर धिर से बोली आप बाते बहुत अच्छी करते है। मैने कहा शुक्रिया वैसे मुझे अपनी इस खुभी का पता नहीं था। रीना फिर हंस पड़ी फिर बोली चाय पिओगे। मैने कहा ये तो मेरी किस्मत है जो आप के हाथो की चाय नसीब होगी। उसने कहा अभी बना कर लाती हूं। मैने कहा आप का इरादा दरवाजे पर खड़े हो कर ही चाय पिलानी है क्या? उसने मुझसे माफ़ी मांगी और कहा अंदर आ जाइए। मेरा मन खुशी से उछल रहा था कि आज तो रीना की चुदाई करके ही रहूंगा। में कमरे मे जाकर एक स्टूल पर बैठ गया रीना दो कपो में चाय लाई एक मुझे दिया दूसरा कप लेकर मेरे सामने बैठ गई चाय के दौरान हम हम दोनों बातचीत करते रहे फिर अचानक ही रीना पूछ बैठी चाय कैसी बनी है। मैने कहा बहुत अच्छी है हो भी क्यों नहीं चाय बनाने वाली भी तो इतनी खूबसूरत है। रीना ने कहा में खूबसूरत लगती हूं आप को ये बात कहते हुए रीना शरमा भी रही थी। मैने कहा दुनिया में आप बहुत खूबसूरत हो जो की हर लड़का चुदाई से पहले लड़की या किसी और को कहता है। झूठे कहीं के रीना मुंह बनाकर बोली। में सच कह रहा हूं ये कहते हुए मैने उसका हाथ पकड़ लिया। क्या कर रहे हो छोरो रीना कसमसाई ऐसे केस छोर दू अभी तो शुरुआत है। हाय देय्या और भी कुछ पकड़ोगे जाहिर है यू खाली पीली हाथ पकड़ने से क्या फायदा तुम्हे कमरे में नहीं बुलाना था। रीना प्यार से भरे शब्दों में कहा। अब गलती ही गई है तो सजा तो भुगतनी पड़ेगी मैने ये बात रीना से कहीं। यह कहकर में अपनी जगह से उठा और रीना को अपनी बाहों में भर लिया। अरे क्या कर रहे हो? प्यार म
में शादी शुदा हूं। मैने कहा मुझे तो सिर्फ भूख लगी है खाना खिला दो तो जीवन भर तुम्हारे कदम चुमुगा तुम्हार गुलाम बनकर रहुगा जो कहो वो तुम्हारा दास करेगा पहले तो रीना ने मना किया फिर रीना ने कहा पहले दरवाजा तो बंद कर लो। में जल्दी ही दरवाजा बंद करके रीना के करीब आ गया और उनको अपने गले से लगा लिया और उनकी पीठ पर हाथ फेर कर रीना को शांत करने लगा। मैंने जैसे ही रीना को गले से लगाया, तो उसने भी मुझे कसके पकड़ लिया. आज मौका भी सही था. उनके घर में हम दोनों के अलावा और कोई नहीं था. मेरे हाथ रीना की पीठ पर चलने लगे थे. रीना के हाथ भी मेरी कमर पर चलने लगे और उन्होंने अपना चेहरा मेरे सीने पर टिका दिया. उसकी गरम सांसें मुझे एक सेक्सी सा अहसास दिलाने लगी थीं. मैंने महसूस किया कि रीना के चूचे मेरे सीने में दब रहे थे. इस सबसे मेरे लंड ने खड़ा होना शुरू कर दिया था. दो तीन पलों में ही मेरा लंड पेंट में तंबू बना कर खड़ा हो गया. इस बात का पता रीना को भी चल गया … क्योंकि मेरे लंड के उभार को वो अपनी चूत के ऊपर महसूस कर रही थीं. रीना मुझसे चिपकी रहीं.
मैंने उनसे कहा- चलो आप कुछ देर आराम कर लो.
रीना उठ कर खड़ी हो गईं. मैं उनको देखने लगा. रीना भी मुझे वासना भरी निगाहों से देखने लगी थीं. रीना ने मुझसे कहा- चलो अन्दर बैठते हैं. मैं उनके कहने पर बेडरूम में आ गया और उनके साथ बेड पर बैठने लगा. तभी रीना ने मुझे खड़ा किया और एकदम से मेरे सीने से लग गईं. मैं समझ गया कि आज इनको मेरा लंड चाहिए. मैं उनको चूमने लगा रीना भी मुझे साथ देने लगीं. मैंने उनको एक मिनट से भी कम समय में नंगी कर दिया. अब रीना सिर्फ़ पिंक ब्रा और पैंटी में रह गई थीं. मैंने उनको बिस्तर पर बैठा दिया. रीना ने भी बैठे हुए ही मेरे सारे कपड़े निकाल दिए और मैं अंडरवियर में रह गया. फिर हम दोनों एक दूसरे को ज़ोर से किस करने लगे. मैं रीना के मम्मों को दबाने लगा और रीना ज़ोर ज़ोर से सिसकारियां लेने लगीं. रीना- इसस्स … अह ईश धीईईरेए … करो प्लीज़ …

मैंने रीना की ब्रा खोल दी और उनके मम्मों को आज़ाद कर दिया. रीना ने अपने दूध मेरी आंखों के सामने एक बार मस्ती से हिला क्या दिए कि मैं तो मानो बुरा गया. मैंने झट से उनके एक दूध को अपने मुँह में भर लिया और पीने लगा.
साथ ही रीना के दूसरे मम्मे को जोरों से दबाने लगा. रीना बस ज़ोर ज़ोर से सिसकारियां ले रही थीं- इस्स … ऊऊह एयायाह …
मैं ज़ोर ज़ोर से रीना को किस करते हुए एकदम पागल हुआ जा रहा था. फिर मैंने उनको बिस्तर पर गिरा दिया और उनके ऊपर चढ़ गया. मैं सबसे पहले नीचे उनकी चूत पर आया और पैंटी के ऊपर से ही उनकी चूत पर चुम्मी ले ली, जिससे उनकी चूत ने उसी पल पानी छोड़ दिया. इसके बाद मैंने उनकी पैंटी निकाल दी और उनकी चूत को जीभ से चाटने लगा. रीना भी अपनी कमर उठा उठा कर मुझसे अपनी चूत चटवा रही थीं. उनको फिर से उत्तेजना भरने लगी थी. कुछ पल बाद मैंने उनकी तरफ देखा, तो उनकी आंखों में एक मस्त प्यास सी दिखाई दी. मैंने लंड हिलाते हुए उनको दिखाया तो रीना उठ कर बैठ गईं. मैं समझ गया. अब हम दोनों 69 की अवस्था में आ गए थे. मेरे खड़े लंड को देख कर रीना के चेहरे पर ख़ुशी दिखाई देने लगी थी. उन्होंने मेरे लंड की तरफ अपना मुँह किया और मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगीं.
रीना मेरे लंड को बड़े मस्त तरीके से चूस रही थीं. मैं भी रीना की चूत को नीचे से चाट रहा था. चूत को चाटने के साथ में मैं एक उंगली भी उनकी चूत में अन्दर बाहर कर रहा था.
थोड़ी देर में ही हम दोनों झड़ गए. मैं रीना की छूट का सारा नमकीन पानी पी गया और रीना ने भी मेरे लंड के पानी को पीकर लंड चाट कर साफ़ कर दिया. वो मेरे लंड को चाटती ही रहीं, जिससे मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा था. थोड़ी देर में रीना ने मेरे लंड को चूस कर फिर से खड़ा कर दिया. अब हम दोनों किस करने लगे और मैंने रीना की चूत को फिर से चाट कर उनको गर्म कर दिया.
अब रीना बोलीं- मुझसे रहा नहीं जा रहा … प्लीज़ तुम जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डाल दो … और मुझे चोद दो मैं न जाने कितने दिनों से प्यासी हूँ.
ये सुनते भी मैंने कहा कि मेरे पास तो कंडोम है ही नहीं … कुछ हो गया तो?
इस पर रीना ने बोला- उसकी ज़रूरत नहीं है … तुम मुझे ऐसे ही चोद दो. अपने लंड को मेरी चूत में डाल दो. मैंने रीना को चुदाई की पोजीशन में लिटाया और अपने लंड को उनकी चूत पर टिका कर एक जबरदस्त शॉट दे मारा. मेरा लंड रीना की चूत को चीरता हुआ अन्दर चला गया. रीना को तेज दर्द होने लगा ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ और उनकी आंखों से पानी आने लगा. उनका दर्द देख कर मैंने उनकी तरफ देखा, तो रीना ने इशारे से चुदाई करते रहने को कहा. मैंने अपने होंठ रीना के होंठों से लगा दिया और उनको किस करने लगा. थोड़ी देर में रीना नॉर्मल हो गईं. वो अपनी कमर उठा कर मेरा लंड अन्दर लेने लगीं. मैं समझ गया और फिर मैंने रीना की चूत में धक्के लगाने चालू कर दिए.
रीना ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगीं- एयेए इस्स … और ज़ोर से चोदो मुझे  आह … एयेए … मज़ा आ रहा है … आज से तुम ही मेरी चूत के मालिक हो … आह … और ज़ोर से फक मी हार्डर …
मैं रीना की चूत में ज़ोर ज़ोर से शॉट मारने लगा. कुछ देर बाद मैंने रीना को डॉगी स्टाइल में आने को कहा. वो झट से कुतिया बन गईं. मैंने पीछे से उनकी चूत में अपना लंड पेला और उन्हें ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा. रीना भी अपनी गांड मेरे हर शॉट के साथ आगे पीछे कर रही थीं. थोड़ी देर में रीना ने मुझे नीचे आने आने के लिए बोला. मैं बिस्तर पर लेट गया और रीना मेरे लंड की सवारी करने लगीं. इस दौरान मैं भी नीचे से उनका साथ दे रहा था.
थोड़ी देर में रीना की चूत ने पानी छोड़ दिया और वो निढाल होकर मेरे ऊपर गिर गईं. उनके चेहरे पर पूर्ण संतुष्टि के भाव थे. वो मेरे सीने पर किस कर रही थीं. लेकिन मेरा अभी हुआ नहीं था, सो मैंने रीना को नीचे लिटा लिया और उनकी चूत में लंड डाल कर ज़ोर ज़ोर से धक्के देने लगा. काफी देर की चुदाई में रीना कई बार झड़ी थीं.
अब मैंने कहा कि रीना मेरा होने वाला है … पानी किधर निकालूं?
रीना ने कहा- मेरी चूत में ही झड़ जाओ. मैं तेज तेज धक्के देने लगा और कुछ ही देर में रीना और मैं एक साथ झड़ गए. मैं उनके ऊपर ही लेटा रहा.
अब रीना ने मुझसे पूछा- अब बताओ तुमको मुझमें क्या अच्छा लगा? मैंने रीना की चूची चूसते हुए कहा- पहले तो ये आम अच्छे लगते थे, मगर अब आपकी चूत पसंद आ गई है.
रीना मुझसे चिपक गईं और बोलीं- आज से मेरा सब कुछ तुम्हारा है. आज की चुदाई से रीना बहुत खुश थीं. इसके बाद जब भी हम दोनों को मौका मिलता है, हम दोनों चुदाई कर लेते हैं. तो दोस्तो, ये थी रीना की चूत चुदाई स्टोरी. मुझसे कोई ग़लती हो गई हो, तो माफ़ कर देना. रीना के साथ चुदाई की कहानी आपको कैसी लगी, मुझे कमेंट ज़रूर करके बताना.
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पति की नामर्दी के कारण भाई साहब से चुदाई करवाई

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मेरा नाम गुंजन है। मैं दिल्ली में रहती हूँ मेरी उम्र 34 साल है, मैं बहुत ही सेक्सी हूँ, मुझे सेक्स कहानियां नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ना बहुत अच्छा लगता है। मैं इस वेबसाइट की बड़ी फैन हूँ। रोजाना १० बजे रात को इस वेबसाइट को ओपन करती हूँ और हॉट कहानियां पढ़ती हूँ। पर दुःख की बात है की मेरी वासना शांत नहीं हो पा रही है। पति चोद नहीं पता है। जब भी वो मेरे ऊपर चढ़ता है और चूत पर अपना लौड़ा रखता है और दो से तीन मिनट में ही वो खल्लास हो जाता है। मुझे तो लगता है चूचियां उसके गांड में डाल दूँ।

आप ही बताओ भाई साहब जब एक औरत को लंड नहीं मिले तो वो क्या करे। मूठ तो मार सकती नहीं ऊँगली करती हु तो कुछ नहीं होता और पागल हो जाती हूँ इसी सब की वजह से मैंने भाई साहब को अपने जाल में फँसाई और फिर उनको अपना गुलाम बनाई और अब जब भी मुझे चुदाई का मन करता है चुदवा लेती हूँ। अब मैं आपको पूरी कहानी बताउंगी।

जैसा की आपको पता चल गया है मैं अपने पति से संतुष्ट नहीं हो पा रही थी तो मैंने एक जानपहचान के भाई साहब हैं वो मुझे भाभी कहते हैं। पड़ोस में ही रहते हैं तो उनके वाइफ से जान पहचान बनाई। और फिर उनके घर जाने लगी। उनकी वाइफ बड़ी भोली है वो बातों में ज्यादा आ जाती है। और मैंने अपनी अदाओं के द्वारा उनको अपने और आकर्षित करने लगी। और वो धीरे धीरे मेरी चंगुल में आ गए। दिवाली के दिन उनको मैं जादू की झप्पी दी और अपनी चूचियां उनके सीने में रगड़ी की वो वो मेरे फैन हो गए। उसके बाद जब उनकी पत्नी सो जाती और मेरे पति सो जाते तब हम दोनों रात को व्हाट्सप्प पर चैटिंग करते और फिर दोनों बाथरूम में जाकर स्काइप पर एक दूसरे को खुश करते। पर दुरी से क्या होगा उधर उनका लौड़ा खड़ा होता था इधर मेरी चूत गीली होती थी। पर कोई फायदा नहीं होता है। प्यासी की प्यासी।

एक दिन हम दोनों ने प्लान बनाया की मैं आपके घर जाकर बोलूंगी की मेरी माँ का तबियत बहुत ख़राब है वह मुझे जल्दी पहुंचना है। मैं उनके घर गई और रोने का नाटक करने लगी की भाई साहब आप प्लीज अपनी गाडी से मुझे आगरा ले चलो एक दिन की बात है अगर माँ ठीक रही तो कल आपके साथ ही आ जाउंगी और नहीं तो आप मुझे वही छोड़ देना। उनकी वाइफ तुरंत ही अपने पति को बोली जाओ जी ऐसे मौके पर अगर हमलोग काम नहीं आये तो बेकार है। और फिर भाई साहब अपनी गाडी निकाले और मैं निकल पड़ी। मेरे पति किसी काम से दिल्ली से बार गए तो मैं ये चाल चली।

हम लोग दिल्ली के एक होटल में कमरा लिए और एक बोतल शराब खरीदी, और करीब शाम के तीन बजे उस होटल में चेकिन कर लिए। दोस्तों वह जाकर पहले तो दोनों मिलकर शराब पि चिकन खाया और फिर शुरू हो गए। पहले तो दोनों नंगे होकर एक साथ बाथरूम में नहाये। नहाते नहाते ही उन्होंने मेरे बदन में आग लगा दिया। वो मेरी चूचियां पि पि कर उसके बाद मेरी चूत चाट चाट कर मुझे कामुक कर दिया था उन्होंने। दोस्तों मैं काफी गरम हो गई थी। उनका लंड बहुत मोटा और लंबा था आज लग रहा था आज पूरी रात चुदवा चुदवा कर अपनी चूत फाड़ लुंगी।

नहाकर हम दोनों बेड पर आ गए। उन्होंने मुझे पहले खूब चूमा पेअर के अंगूठे से लेकर मेरी मांग तक चूत मेरी गीली हो गई थी. मेरी चूचियां बड़ी बड़ी थी और भी टाइट हो गई थी। निप्पल मेरे खड़े हो गए थे। मेरा रोम रोम सिहर रहा था। ऐसा लग रहा था जैसे मेरे अंदर वासना की आग लग गई थी। मुझे ऐसा लग रहा था की मेरे शरीर में जितने भी छेद हैं चाहे मुँह हो गांड हो चूत हो भाई साहब का लौड़ा उसमे डालबाऊँ। दोस्तों पहले तो उन्होंने मेरी चूत खूब चाटा, दोनों 69 के पोजीसन में आ गए थे और वो मेरी चूत चाट रहे थे और मैं उनके लंड चूस रही थी।

फिर उन्होंने मेरी चूत में लौड़ा डालना शुरू किया और जोर जोर से मुझे चोदने लगे. मैं भी उनके साथ हो ली और गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी। पुरे कमरे से सेक्सी आवाज आ रही थी। आज मुझे किसी मर्द से पाला पड़ा था मेरे चूत में अंदर तक भाई साहब का लौड़ा जा रहा था। उन्होंने कामसूत्र के करीब 10 तरीके अपनाएं मुझे चोदने के लिए। फिर उन्होंने मेरी गांड मारी आज तक मैं कभी गांड में लौड़ा नहीं घुसाई थी पर आज ये भी हसरत मेरी पूरी हो गई थी।

शाम के करीब 7 बजे तक दो बार चुदाई कर चुके थे। फिर वो होटल से बहार जाकर अपने से कामशक्ति का टेबलेट लाये। शाम को फिर हम दोनों ने शराब पि और फिर चुदाई की। रात में टेबलेट खा खा कर करीब 6 बार मुझे चोदे। पर दोस्तों दूसरे दिन सुबह हम दोनों से उठा नहीं जा रहा था। होटल से एक बजे निकले और फिर घर गए।

दोस्तों पहली बार मेरी वासना शांत हुई थी भाई साहब के साथ। अब मैं अलग अलग बहाने कर के अपनी शरीर की आग को बुझाऊँगी। मैं अपनी दूसरी कहानी जल्द ही नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर लिखूंगी। तब तक के लिए धन्यवाद.

चुदाई का नशा : पड़ोस के लड़के से सम्बन्ध बनाई मेरी सच्ची कहानी

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हेलो दोस्तों आज मैं आपको अपनी सेक्स कहानी बताने जा रही हो कैसे मैंने एक  पड़ोस के लड़के को पटाई जो रिश्ते में देवर लगता था उससे मैंने अपने सेक्स की भूख मिटाई थी.  आपको पता है जब इंसान को कोई चीज थोड़ा खाने को मिले तो उसे खाने की इच्छा और बढ़ जाती है यही हाल मेरे साथ हुआ था जब मेरे पति दिल्ली चले गए थे शादी के 10 दिन बाद अगर कोई अपनी नई नवेली पत्नी को छोड़कर सेक्स का चस्का लगा कर अगर वह छोड़ दे तो क्या होगा आप खुद बताएं क्या मैंने कोई गलत काम किया था मुझे यह भी पता है कि मेरा पहला बच्चा और उसके लड़के का ही यह बात सिर्फ मुझे पता है यहां तक की उस लड़के को भी नहीं पता कि उसकी बेटी बड़ी हो रही है.

 यह सब कैसे हुआ था आज मैं आपको इस कहानी के माध्यम से बताने जा रही हूं यह मेरी पहली कहानी है नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर आशा करती हूं यह कहानी आपको काफी पसंद आएगी क्योंकि यह मेरी सच्ची कहानी है। 

मेरी शादी  जून के महीने में हुई थी.  शादी के 10 दिन बाद ही मेरे पति दिल्ली चले आए क्योंकि उनको ज्यादा छुट्टी नहीं था घर में मेरे साथ रहती थी उनके भी मायके से निमंत्रण आ गया था और वह अपने मायके चली गई थी उनके भाई की बेटी की शादी थी.  मेरे पड़ोस में एक लड़का रहता था मेरे से तीन-चार साल छोटा होगा शायद वह बारहवीं में पढ़ता था मैं खिड़की से हमेशा उसे देखते रहती थी मुझे लगता था कोई मेरी वासना को शांत करें क्योंकि मेरी कामवासना हमेशा भड़कते रहती थी।  मुझे लगा कि जल्द से जल्द जितना हो सके मैं इस लड़के से संपर्क बनाओ और जल्दी से जल्दी तीन-चार दिन तक रिश्ते बना दूं फिर मेरी सास आ जाएगी तो शायद मेरे लिए मुश्किल हो जाएगा।

 1 दिन की बात है काफी गर्मी पड़ रही थी बाहर कोई नहीं था वह लड़का जिसका नाम राहुल था वह कहीं से आ रहा था मैंने खिड़की से ही उनको बुलाया वह आ गए मैंने उनको बोला कि क्या आप मेरे लिए ग्लूकोज  ला दे मेरा तबीयत ठीक नहीं लग रहा है। वह करीब 10 से 15 मिनट के बाद ही ग्लूकोज लेकर आ गए. मैंने उनको कहा आप बहुत अच्छे हो इतना मदद कोई नहीं करता तो वह बोले ऐसी बात नहीं है भाभी जी जब भी आपको मेरी जरूरत पड़े तो आप बता देना मैं आपकी सेवा में हमेशा हाजिर रहूंगा आखिर किस दिन काम आता है उसका ही क्यों ना हो। तुम्हें गोली और क्या क्या मदद आप मेरी कर  सकते मुझे तो काफी मदद की जरूरत है क्योंकि आपके भैया दिल्ली चले गए मुझे छोड़कर ऐसे में तो मदद की जरूरत पड़ेगी वह अपने हां हां जब भी जो भी मदद की जरूरत हो मैं तैयार हूं तो मैं बोली कसम खाते हैं क्या आप मेरी मदद करेंगे तो उन्होंने कहा हां हां बिल्कुल मैं कसम खाता हूं.

 मैं बोली अगर मुझे कुछ और चाहिए तो वह बोले वह भी मैं दूंगा उसका भी मदद करूंगा मुझे लगा यही मौका है मैं बोल दूंगा मैंने उनको कह दिया जो आपके पेंट में है वह चाहिए।  वह बोले क्या बात कर रहे हो आप आज तक मैंने ऐसा किसी के साथ नहीं किया है और यह गलत बात होती है किसी को पता चल जाएगा तो क्या होगा इसलिए मैं यह तो हरगिज नहीं करूंगा तो मैं बोली हो गया ना आपका कसम मैं यही कह रही थी कि हो सकता है अब मुझे जरूरत है  आप मना कर रहे हो। 

वह चुपचाप खड़े रहे उसके बाद बोले समय आने दीजिए कोशिश करूंगा कि मदद कर पाऊं तो मैं खुद ही इससे बढ़िया मौका कहां से आएगा सब लोग अपने-अपने घरों में हैं मेरे साथी मेरे घर पर नहीं है वह 3 दिन बाद आएगी मैं चाहती हूं आप 3 दिन मेरे साथ बिताएं आप ही जान जाएंगे सेक्स क्या चीज होता है मैं आपको सिखा दूंगी वह बोली थी मैं खड़ी हो गई।  और उनको पकड़ कर चूमने लगी उनके लिप को काटने लगे वह अपना हाथ पीछे करके खड़े थे मैं उनके हाथ को पकड़ी और अपने चूच पर रख दी वो एक लंबी सांस नहीं है उनके लौड़े को पकड़ ली। काफी टाइम था ऐसा लग रहा था लोहे का सरिया हो मुझे इसकी जरूरत थी। मैंने तुरंत ही अपने ब्लाउज का हुक खोल दिया और ब्रा भी उतार दी गर्मी का दिन था मुझे पता था कोई नहीं आएगा दरवाजे बंद की और गई वह मेरे ऊपर लेट गए अनाड़ी क्योंकि उनको कुछ आता जाता नहीं था मैंने अपनी चूचियां  पकड़ कर उनके मुंह में डाली तब उसने उसके बाद तो दोस्तों मेरे तन बदन में आग लग गई। वह भी सिसकारियां लेने लगी लंड मोटा होने लगा। 

 उसके बाद वह मेरे बूब्स को दबाने लगे मैं मचलने लगी मेरे मुंह से सिसकारियां निकलने लगी।  मेरी चूत गीली होने लगी। उनको मैंने अपना साड़ी उठाकर उनके मुँह के चूत के पास ले गई। और बोली जाती है पहले वह थोड़ा हिचकिचाएं  क्योंकि शायद वह यह सब पहली बार कर रहे थे मुझे तो लगता है पहली बार वह किसी औरत को छू रहे थे सेक्स के नजरिए से , मैं उनके सिर को पकड़ कर अपने चूत मेरा करने लगी वह भी काफी ज्यादा कामुक हो गए और फिर वह  अपनी ताकत का इस्तेमाल करने लगे वह वाइल्ड होकर मेरे होंठ मेरे गर्दन मेरे कंधे मेरी जांघ सबपे किश करने लगे. मैं आप और हो गई उनसे जल्दी से जल्दी उसका सरिया अपने चूत में चाहिए थे। 

वो भी अब मुझे चोदने  के लिए तैयार हो गए और तुरंत अपना मोटा हथियार निकाला और मेरी चूत  पराठा और जोर से धक्का दिया पूरा का पूरा हथियार मेरी चूत के अंदर चला गया। मैं गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी।  मुझे बहुत अच्छा लग रहा था मेरी सिसकारियां निकल रही थी। आह आह उफ़ उफ़ उफ़ आह आउच ओह्ह ऐसी आवाज से कमरा गूंज रहा था पसीने पसीने हो गई थी वह भी पसीने पसीने हो गए थे मैं नीचे से धक्के दे रही थी ऊपर से धक्के दे रहे थे और बीच में फच फच की  आवाज आ रही थी। मैं अपनी मोटी जांघ से उनको लपेट ली। अपनी चूचियों को खुद से भी दबाने लगी और उनको ही बोली दबाओ और पियो वो भी ऐसा ही करने लगे। अंगड़ाइयां ले रही थी. किसी भी पल मैं झड़ने वाली थी। पर उस बन्दे में दम था स्पीड बढ़ गया था। मैं थक रही थी पर वो जोर जोर से चोदे जा रहा था। 

 अचानक एक वक्त आया और उनका पूरा माल मेरी चूत  मैं गिर गया मैं शांत हो गई वह भी शांत हो गए करीब 5 मिनट तक वह मेरे ऊपर ही बैठे रहे मैं मैं सहला रही थी।  आज मेरी वासना शांत हुई थी। यहां तक कि ऐसी चुदाई मेरे पति भी नहीं किए थे आज एक नया एक्सपीरियंस मुझे मिला था।  वह तुरंत अपने कपड़े पहने और मेरे घर से निकलते मैं लेटी रही शाम को 5:00 बजे उठती मेरा शरीर बिल्कुल हल्का लग रहा था खाना बनाई खाकर रात को 9:00 बजे वह मुझे फिर दिखे खिड़की से मैंने उनको इशारे से बुलाई और बोली रात को आ जाना। 

 रात को करीब 11:00 बजे आ गए और रात को हम दोनों ने 2 घंटे तक एक दूसरे को खूब खुश किये।  4 दिन तक हम दोनों का प्यार मोहब्बत चल तेरा फिर मेरी सास आ गई और दोस्तों हद तो तब हो गई 10 दिन बाद मेरा मेंस का टाइम था और वह नहीं आया मैं डर गई अब क्या होगा मैं प्रेग्नेंट हो गई थी मैंने एक होशियारी की मैं तबीयत खराब होने का बहाना थी और अपने पति को फोन लगाएं और बोली शायद मैं नहीं दूंगी मुझे ऐसा लग रहा है मेरी तबीयत बहुत खराब है और मैं एक से एक नाटक करने लगी औरत के झांसे में कोई भी आ जाता है दोस्तों मेरी सांसो में आ गया वह तुरंत पकड़ा और गांव वापस आए पास के शहर में जाकर मुझे दिखाया तो बोला शायद इनको मानसिक समस्या हो गई है नई जगह आई है इस वजह से इनको यह परेशानी हुई है यह बात सभी को कहते हैं जब किसी बीमारी का पता नहीं चलता वह भी मुझे इतना ही कहा.

 दो-तीन दिन में मैं नॉर्मल हो गई इस दो-तीन दिन में उन्होंने मुझे भी जम के चोदा और वो कुछ दिनों के बाद ही वह वापस दिल्ली चले गए अगले महीने खोल करके उनको बताइए कि मैं मां बनने वाली हूं आप बाप बनने वाले हैं और सच्चाई तो कुछ और था दोस्तों इस बच्चे का बाप तो कोई और था नाम तो देना ही था मैं उस लड़के का नाम नहीं दे सकती थी। 

 सब कुछ प्लान के हिसाब से चला घर वाले बहुत खुश हुए एक लड़की को जन्म दिया पर पता है यह कैसे हुआ. आशा करती हूं आपको मेरी कहानी अच्छी लगी होगी यह मेरी सच्ची कहानी है अब मैं अगली कहानी नॉनवेज story.com जल्दी लिखने वाली तब तक के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

लखनऊ वाली भाभी बोली ले लो मुझे मेरा पति नामर्द है

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जब आपको कोई औरत ऑफर करे चुदाई का तो इससे बढ़िया तोहफा आपके लिए क्या हो सकता है। मुझे ये मौक़ा मिला था जब लखनऊ वाली भाभी खुद ही मेरे से चुदवाने के लिए तैयार हो गई थी और बोली चोद लो पर देखो गांड मरने नहीं दूंगी। मैं बोला कोई बात नहीं मुझे तो आपकी चूत (बूर) चाहिए चोदने के लिए। और एक दिन ऐसा आया की भैया गए गाँव और मैंने पूरी रात उर्मिला भाभी को चोदा अलग अलग तरीके से और उनको संतुष्ट किया। जानते हैं क्या और कैसे हुआ था ये वाक्या आपके सामने मैं नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर सूना रहा हूँ।

बात लखनऊ की है मैं पढाई करता था ऐसे मैं गोरखपुर से हूँ। उर्मिला भाभी कानपूर की रहने वाली है। उसके पति बैंक में जॉब करते हैं वो निचे फ्लोर में रहती है और मैं ऊपर की फ्लोर पर रहता हूँ। भाभी को अभी कोई बच्चा नहीं हुआ है जबकि शादी के दस साल हो गए है। मैं भाभी का बड़ा फैन हूँ क्यों की वो गाना और टिकटोक पर बड़ी ही सेक्सी वीडियो बनाती हैं। कोई भी घायल हो जाये ऊनके नैनो के बाण से। टिकटोक पर पता नहीं कितने लड़के और आदमीं उनको देखकर मूठ करते होंगे क्यों की जब भी वो वीडियो में पोज देती है वो अपना नाभि दिखती है और वो अपनी साडी नाभि के निचे करती है और उसके बाद वो अपनी बूब्स पर इशारा करती और फिर आँख मारती है।

भाभी मुझे काफी पसंद करती थी। उनको लगता था की उनको बच्चा इसलिए नहीं हो रहा है क्यों की उनका पति उनको चोद नहीं सकता है। मैं उनके लिए सेफ थे क्यों की घर एक था मैं अकेला रहता था। क्यों की जब से वो मुझसे ज्यादा घुलने मिलने लगी तब से उनका पहनावा चेंज हो गया था वो मॉडर्न तरीके से रहने लगी थी और ब्यूटी पारलर जाया करती थी। मैं उनके पति से कहते सूना था की क्या बात है आजकल तुम बड़े ही खुश रहती हो सजी धजी रहती हो पर मुझे रात को चोदते समय तुम नखरे दिखाती हो आखिर क्या बात है। मुझे भी लगा था जो भाभी काफी बुझी बुझी रहती थी वो मुझे देखकर काफी खुश हो जाती है आखिर क्या कारन है जब उनके घर में झगड़ा हो रहा था तो मैं समझ गया भाभी मुझे पसंद करने लगी है।

एक दिन की बात है भैया गाँव गए थे क्यों की उनको अपने भाइयों से जमीन का बटवारा करना था। जाना जरुरी हो गया था। भाभी घर पर अकेली थी। रात के करीब 10 बज रहे थे मैं अपने कमरे में प्रोजेक्ट फाइल्स कम्प्लीट कर रहा था। तब दरवाजे पर किसी ने दस्तक दिया खोला वो भाभी थी और सीधे अंदर आ गई। आकर दरवाजा उन्होंने खुद बंद किया और बोले मुझे एक जरुरी बात करनी है। मैं बोला हां हां ककयों नहीं। …. वो बोली किसी को कुछ नहीं नहीं बताना मैं बोला ठीक है। हम दोनों के जुवान लड़खड़ा रहे थे। आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

अचानक वो गाउन खोल दी उनकी चूचियां बड़ी बड़ी तनी हुई.गोरा बदन, पतली कमर, चूत एकदम साफ़ बाल साफ़ की हुई थी। मैं देख कर हैरान रह गया ऐसा लगा रहा था शरीर से की वो २० साल की लड़की रहे। वो बोली तुम्हे मुझे चोदना होगा। और किसी को भी ये बात पता नहीं चलने चाहिए तुम अपने किसी भी दोस्त को नहीं बताओगे। लड़के में यही दिक्कत होती है। उससे कई औरतें फंस सकती है पर इसलिए चुदवाने से डरती है ताकि वो किसी को बता ना दे।

मैं बोला नहीं नहीं ऐसा नहीं होगा ये बात मेरे और आपके बिच ही रहेगा। और भाभी ने हाथ फैला दिया और मैं आगे बढ़कर उनके शरीर से लिपट गया। शरीर की गर्मी मुझे कामुक कर रही थी। भाभी खुद मुझे बोली लेट जाओ मैं लेट गया। उन्होंने मेरे पेंट खोल कर जांघिया उतार दिया। मैं खुद बनियान उतार दिया। वो मेरे लौड़े को चूसने लगी। वो मेरे लौड़े पर थूकती और फिर आराम से पुरे मुँह में लेती और चाटती। दोस्तों वो मेरे छाती पर छोटे निप्पल को भी चाटने लगी, मैं उनके बूब्स को दबाने लगा तो वो बोली इससे कुछ नहीं होगा मेरे निप्पल को सक कर। मैं उनके निप्पल को चूसने लगा. वो आह आह की आवाज निकलने लगी। वो मेरे होठ को चूसने लगी और मैं भी उनके होठ को चूसने लगा.

वो फिर लेट गई और पैर फैला दी। मैं उनके चूत को निहारने लगा तभी वो बोली देखने से क्या होगा चाट जाओ। और मैं तुरंत ही लपलपाती जीभ से उनके चूत को चाटने लगा। वो गरम गरम सफ़ेद रंग का झाग अपने चूत से निकाल रही थी और मैं चाट रहा था वो और भी ज्यादा कामुक हो गई। मेरा लौड़ा भी खड़ा हो गया। मैं तुरंत अपने लौड़े के उनके चूत पर सेट किया और जोर से डाल दिया। उनकी चीखें निकल गई। मैंने फिर से बाहर निकाला और फिर जोर से मारा धक्का इस बार वो हाय कि आवाज निकाली। फिर क्या था दोस्तों वो गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी।

मैं उनको पलट पायलट कर चोदा। चूचियां दबाई। चूत चाट किश किया गांड में ऊँगली किया। करीब एक घंटे तक चोदा फिर दोनों शांत हो गए वो मेरे साथ ही सो गई। वो अपना सिर मेरे छाती पर रखकर बातें करने लगी। बोली अब तुमसे आशा करती हूँ जब तक तुम लखनऊ में हो तुम मेरी चुदाई करते रहना। आज मुझे पहली बार चुदाई से संतुष्टि मिली है। मैं बोला आप चिंता नहीं करिये ऐसे भी मैं रोज मूठ मार कर बर्बाद करता हूँ। अगर आपके काम आ जाये और आप माँ बन जाओ इसमें मेरी ख़ुशी होगी और फिर उनके बूब्स सहलाने लगा.

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