कंप्यूटर ठीक करवाने के बहाने चुदवाती रही

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दोस्तों ये मेरी पहली कहानी है। मैं दिल्ली में रहती हूँ, आज मैं आपको अपनी चुदाई की कहानी सुनाने जा रही हूँ। क्यों की मैं भी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम की फैन हूँ और रोजाना नई नई सेक्स कहानियां पढ़ती हूँ। यही एक वेबसाइट है जहाँ पर हॉट सेक्स स्टोरी होती है।

मेरी उम्र 19 साल है। मुझे चुदने का बहुत मन करता था पर चुदती कहाँ? क्यों की आजकल लोग ब्लैकमेल भी करते हैं। रात रात भर कई बार नींद नहीं आती थी चूत सहलताती थी तो कभी चूचियां खुद ही दबोचती मसलती पर इससे कुछ भी नहीं होता है उलटे सेक्सी और कामुक हो जाती थी और फिर रात भर सपने में कोई चोद रहा होता था तो तकिये को दबा के सो जाया करती थी। जब कॉलेज जाती थी तो मेरी सहेलियां कहानी सुनाती थी। मेरा बॉय फ्रेंड आज पार्क में चोदा तो मेट्रो में किस किया तो कभी कहती थी आज होटल में जा रही हूँ चूत की खुजली ख़तम करने के लिए।

ये सब कहानी जब सुनती थी की कैसे उसका बॉय फ्रेंड उसको चोदता है चूमता है गांड मारता है चूचियां दबाता है तब और भी कामुक हो जाती थी और फिर मुझे भी चुदने का मन करने लगता था। मुझे एक उपाय सूझी। मेरे पड़ोस में एक भैया रहते थे। उनकी बीवी गाँव गई थी क्यों की वो प्रेग्नेंट हो गई थी। मैं उनके यहाँ गई क्यों की वो कंप्यूटर इंजीनियर हैं। मैं उनको अपना लैपटॉप दिखाई क्यों की मेरा लैपटॉप काम नहीं कर रहा था। उन्होंने ठीक कर दिया।

फिर मैं बराबर उनके यहाँ जाने लगी। कभी लैपटॉप ठीक कराने, कभी सॉफ्टवेयर डलवाने, तो कभी कुछ पूछने। मेरा इरादा तो कुछ और था पर कामयाब नहीं हो पा रही थी। सोचती थी कही वो मना कर दिया तो क्या होगा।

एक दिन की बात है। मेरे मम्मी पापा और भाई दोनों मामा जी के यहाँ हरिद्वार गए थे। मैं घर पर अकेली थी। मैं रात के करीब 9 बजे उनके यहाँ लैपटॉप लेकर पहुंच गई। और ये भी ध्यान में रखी की कोई रस्ते में देख ना ले। मैं उनके घर पहुंच गई और भगवान् ने भी मेरा साथ दिया उस समय बिजली चली गई थी। तो रस्ते में अँधेरा थे मैं अँधेरे में ही उनके घर पहुंच गई। वो उस समय मोबाइल पर गाने सुन रहे थे और मोमवत्ती जल रही थी।

मैं पहुंची उनके यहाँ तो वो उठकर खड़े हो गए और बोले लाइट नहीं है। देखो कब आती है। तो मैं बोली कोई बात नहीं मैं इंतज़ार कर लेती हूँ और मैं उनके बेड पर बैठ गई। इधर उधर की बातचीत होने लगी। और फिर पढ़ी को लेकर चर्चा चलने लगा। मैं बात करते करते इमोशनल हो गई की मैं नीट की तैयारी करना चाहती थी पर पापा ने मुझे नहीं कहा और फिर रोने लगी। वो मेरे पास आपकर बैठ गए। मैं कुछ ज्यादा ही एक्टिंग करने लगी की मैं बहुत दुखी हूँ और सिसकने लगी। वो मुझे चुप कराने लगे। और धीरे धीरे वो मेरे पीठ को सहलाने लगे। मुझे नहीं पता क्या चल रहा था उनके मन में पर हां ये तो सही थी की उस समय वो मुझे सांत्वना दे रहे थे।

तभी मैं उनके तरफ देखी वो भी मुझे देखे और फिर मैं उनका हाथ पकड़ ली और अपनी उँगलियाँ उनके उँगलियों में फंसा दी। उनका होठ मेरे होठ के तरफ बढ़ा और मैं भी अपना होठ बढ़ाई उसके बाद मैंने अपनी आँखें बंद कर ली और उन्होंने अपने होठ से मेरे गुलाबी होठ पर मुहर लगा दी। फिर क्या था दोस्तों मेरी साँसे तेज तेज चलने लगी धड़कन बढ़ गई थी। उनका हाथ मेरे बूब्स पर जैसे पड़ा मैं सिहर गई। उन्होंने हौले हौले से बूब्स को दबाने लगे। मैं तो तार तार हो गई थी। इतनी जल्दी मेरी चूत गीली हो गई समझ में नहीं आया। दोस्तों मेरे होठ लाल हो गए थे चूचियां बड़ी और टाइट हो गई थी।

मेरे पुरे बदन में सिहरन हो गई थी। मैं अपने सीने से उनको दबोच ली। और वो मेरे ऊपर चढ़ गए। मैं अपना बाल खोल दी और वो मेरे होठ को चूसते हुए अपने हाथों से मेरे जिस्म को टटोल रहे थे। मैं पागल हो रही थी यही चाहती थी। सपने इसी के देखे थे मैंने। आज डर भी नहीं था मेरे घर में कोई नहीं था। आज आराम से चुदवा सकती थी और मेरे सपने पुरे हो रहे थे।

दोस्तों कुछ ही देर में हम दोनों कामुकता की हद को पार हो गए और एक दूसरे के जिस्म को टटोलते हुए हम दोनों कपडे उतार दिए। मेरी जवानी अब चुदने को तैयार थी। मेरा गोरा बदन बेड पर संगमरमर की तरह चमक रही थी। मेरी नशीली आँखे वासना से भरी हुई थी मैं खुद से भी अपने चूचियों को दबा रही थी और अपने निप्पल को ऊँगली से मसल रही थी। उन्होंने मेरे दोनों पैरों को अलग अलग कर दिया और बिच में बैठ कर मेरी चूत निहारने लगे। उन्होंने ऊँगली से छुआ चूत गीली हो चुकी थी। गीली चूत से पानी ऊँगली में लगाया उन्होंने और फिर ऊँगली को अपने मुँह में डाला। और उनके मुँह से एक ही शब्द निकला “गजब”

मैं मुस्कुरा उठी और सरमा गई। दोस्तों फिर उन्होंने एक सिसकारी ली और फिर मेरी चूत को अपने जीभ से चाटने लगे। मैं सिहर रही थी मेरे बदन में गुदगुदी हो रही थी। मैं मचल रही थी। वो मेरी चूत को चाटते ही जा रहे थे। मेरे मुँह से आह आह आह की आवाज निकलने लगी और वो भी बड़े आराम से मेरी चूत से निकलने वाली पानी को चाट रहे थे।

फिर उन्होंने ऊपर चढ़ कर मेरे बूब्स को पीना शुरू किया मुझे दर्द भी हो रहा था और अच्छा भी लग रहा था। फिर उन्होंने अपना जीभ मेरे मुँह में डाल दिया और मैं उनके जीभ को चूसने लगी। दोस्तों मेरा पूरा बदन गरम हो गया था। मैं सपनों में थी। मेरी साँसे और धड़कन धीरे धीरे और भी ज्यादा होने लगी थी। मेरी चूच ऊपर निचे हो रही थी जब मैं साँसे लेती और छोड़ती तब।

उसमे बाद उन्होंने अपना लौड़ा निकाल मेरे मुँह में डाल दिया और मैं उनके लौड़े को अपने जीभ से चाटने लगी। फिर मैं पुरे मुँह में लेती और निकालती। वो अब आह अब उफ़ उफ़ उफ़ करने लगे ये मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। उसके बाद फिर वो निचे चले गए और मैं टांग फैला दी बिच में वो लौड़ा सेट किये मेरी चूत पर और फिर जोर से झटके दिए पूरा लौड़ा मेरी चूत में समा गया।

फिर वो मेरी चूचियों को सहलाते हुए जोर जोर से चोदने लगे। मैं भी जोश म आ चुकी थी वो मेरी चूत को फाड़ रहे थे और मैं फड़वा रही थी। दोस्तों मैं अब अपना कमर उठा उठा कर धक्के निचे से दे रही थी और वो ऊपर से जोर जोर से फच फच कर चोद रहे थे। मेरे बाल बिखरे पड़े थे मेरी काजल फ़ैल चुकी थी। नशीली आँखे अब लाल हो गई थी और मैं फुल मूड में आ गई थी। अपनी नाख़ून से उनके पीठ पर कई निशान बना चुकी थी वो मेरे चूच पर अपने दांत का निशान भी छोड़ चुके थे यानी लव बाईट दोनों तरफ से दे चुके थे।

करीब एक घंटे की चुदाई के बाद हम दोनों एक दूसरे को पकड़ कर सो गए और एक दूसरे के बदन को सहला रहे थे।

दोस्तों उस दिन के बाद से हम दोनों को जब भी मौक़ा मिलता चुदाई कर ही लेते हैं। अब मैं लंड की भूखी नहीं हूँ पर हां मुझे अब अलग अलग तरीके का लंड चाहिए। अब उसका भी इंतज़ाम कर रही हूँ आशा करती हूँ जल्द ही मुझे ये भी नसीब होगा।

आपको मेरी ये कहानी कैसी लगी? आप प्लीज नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर जरूर आइये मैं आपके लिए दूसरी कहानी जल्द ही प्रकाशित करुँगी। तब तक के लिए बाय बाय।

सेक्सी कपल की बीबी की चुदाई उसके पति के सामने कर दी

Sexy Couple Sex Story : हाय फ्रेंड्स, आप लोगो का नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम में स्वागत है। मैं रोज ही इसकी सेक्सी स्टोरीज पढ़ता हूँ और आनन्द लेता हूँ। आप लोगो को भी यहाँ की सेक्सी और रसीली स्टोरीज पढने को बोलूंगा। आज फर्स्ट टाइम आप लोगो को अपनी कामुक स्टोरी सुना रहा हूँ। कई दिन से मैं लिखने की सोच रहा था। अगर मेरे से कोई गलती हो तो माफ़ कर देना।
मेरा नाम मनीष पाठक है। मैं पिछले कई सालो से जिलोगो का काम कर रहा हूँ। मेरी आर्थिक हालत कुछ अच्छी नही थी इसलिए मुझे ये काम करना पड़ता था। वैसे भी मैं काफी सेक्सी मर्द हूँ। मैं अजमेर का रहने वाला हूँ और आस पास के इलाके में सेक्सी कपल के साथ उसकी बीबी को चोदकर मजे देने का काम करता हूँ। इसमें मैं अच्छे पैसे कमा लेता हूँ। कोई कोई कपल तो मुझे 20 हजार तक की रकम दे देते है। मैं एक सेक्सी मर्द हूँ और मेरा लौड़ा 9 इंच का है। काफी मोटा और ताकतवर है। दोस्तों मैं अपने लौड़े की फोटोज सेक्सी कपल्स को फेसबुक और व्हाट्सअप पर भेजता हूँ तो बहुत सारे रिप्लाई आते है। उन कपल्स को मेरा मोटा लौड़ा बहुत पसंद आता है। उसके बाद फोन पर बात होती है। जब कपल्स मेरा पूरा खर्चा उठाने को तैयार हो जाते है तो ही मैं बस या ट्रेन पकड़कर उनके पास जाता हूँ और उनकी बीबियों को चोदता हूँ। मेरी सर्विस से सारे मर्द बहुत संतुस्ट दिखते है। मैं उनकी बीबियों को रात भर सोने नही देता हूँ। 4 महीने पहले की बात है. मैंने अपने वेबकैम पर ब्रोडकास्ट करके एक कपल से बात की। उनका नाम रजनीश और हंसिका था। वो लोग भी अजमेर के रहने वाले थे. उन्होंने मुझे अपने लौड़े की नुमाइश वेबकैम पर करने को कहा। जब मैं अपने 9” लंड को फेट फेटकर मुठ मार कर कई मिनटों तक अपने हथियार का प्रदर्शन किया तो दोनों को मैं पसंद आ गया। उसके बाद मैंने भी रजनीश से उसकी बीबी के दूध और चूत को वेबकैम पर दिखाने को कहा। हंसिका गोरी चिट्टी और काफी नैन नक्स वाली औरत थी। मुझे घूर घूर पर देखे जा रही थी।
फिर हंसिका मेरे सामने न्यूड होने लगी अपने ब्लाउस को खोलने लगी। दोस्तों उसके ब्लाउस से उसके दूध के उभार मुझे दिख गये तो काफी आनन्द आया। क्यूंकि हंसिका का जिस्म काफी सेक्सी था। उसके कबूतर 34” से बड़े ही दिख रहे थे। फिर ब्लाउस को खोलने के बाद अपनी ब्रा भी उतार दी। उसके कबूतर काफी अच्छी कंडीशन में थे। तने और कसे हुए। जरा भी लटके हुए नही थे क्यूंकि मुझे लटके और झूलते दूध वाली औरते पसंद नही है।
“हंसिका जान!! जरा अपने दूध को हाथ से दबाकर तो दिखाओ” मैंने वेबकैम में कहा फिर हंसिका मेरे सामने अपने दूधो को दबा दबाकर अपने जिस्म की नुमाइश करने लगी। मुझे काफी मजा मिला। फिर रजनीश ने अपने लौड़े को दिखाया तो मुझे हंसी आ गयी क्यूंकि उसका लौड़ा सिर्फ 5” का था। मैं समझ गया की रजनीश अपनी जवान और खूबसूरत बीबी की चुदने की तडप को अच्छे से पूरा नही कर पा रहा है। तभी उसे मेरी जरूरत है। हमारी बाते शुरू हो गयी और कुछ दिन बाद रजनीश ने मुझे काल किया
“हाय मनीष!! मेरी डार्लिंग को तुम्हारा लौड़ा बहुत ही पसंद आया है। तुम इसको किसी दिन आकर मेरे ही घर में चोद दो!!” रजनीश बोला
“मैं इसके पैसे लेता हूँ। फ्री में कुछ नही करता” मैंने कहा “कितने लोगे तुम??” रजनीश फोन पर बोला
उसके बाद 8 हजार पर डील फिक्स हो गयी। रजनीश भी अजमेर का रहने वाला था इसलिए मुझे जादा कोई दिक्कत नही हुई उसके घर जाने में। उसके बाद मेरी उसकी बीबी हंसिका से बात होने लगी। उसकी आवाज काफी अच्छी और मीठी थी। फिर तो रोज ही फोन पर बाते होने लगी। कुछ दिन बाद मै रजनीश के बताये पते पर पहुच गया। उसके घर में प्रवेश कर गया।
“आओ आओ मनीष!! अब तो तुम हम दोनों के ख़ास दोस्त हो भई!!” रजनीश मुझसे हाथ मिलाते हुए बोला
मैंने भी ख़ुशी ख़ुशी हाथ मिलाया। हमारी बाते शुरू हो गयी। मैंने रजनीश को बताया की पिछले 5 सालो से जिगोलो का काम कर रहा हूँ। उसके बाद मैं उसकी बीबी हंसिका को देखने लगा। वो लाल टॉप और पजामी में थी और अपने काले बालो को खोले हुए थे। उसके बाल काफी अच्छे थे लम्बे घने और काले। “आओ जान जरा चुम्मा तो दो” मैंने हंसिका से बोला
“डार्लिंग!! तुम्हारा दिलबर आ गया है। आज मनीष तुमको अपना मोटा लंड खिला देगा। देखो शरमाओ मत और दिल खोलकर मनीष का स्वागत करो” रजनीश बोला मैंने हंसिका की लाज शर्म को देखा तो खुद ही उसका हाथ पकड़ लिया और अपने पास सोफे पर बिठा लिया। जल्दी से उसके गोरे गाल पर पप्पी ले ली। अभी दोनों के कोई बच्चे नही थे। 1 साल उनकी शादी को हुए थे। हंसिका दूर हटने की कोशिश करने लगी तो मैंने उसके हाथ को पकड़ लिया और जाने नही दिया। हंसिका बिलकुल शुद्ध देसी माल थी। आँखे बड़ी बड़ी और माथे पर बिंदी लगाये थे। उसके गले में बड़ा सा मंगल सूत्र लटक रहा था। आज उसका पति ही उसे गैर मर्द से चुदवाने जा रहा था। लाल टॉप पर ही उसके बड़े बड़े गोल आकार दूध दिख रहे थे। मैंने रजनीश के सामने ही उसके दूध पर हाथ रख दिया और चूची पर हाथ घुमा दिया।
“हूँ …हूँ …हूँ सामने देखो कुछ नही कह रही है। पर रात को सिर्फ तुम्हारे ही लंड खाने को बात करती है” रजनीश अपनी बीबी हंसिका की तरफ देखकर बोला
“आज तेरी बीबी की अच्छे से सेवा करूंगा। कोई शिकायत का मौका नही दूंगा” मैंने कहा उसके बाद हंसिका चाय लाने चली गयी। मटक मटक कर बड़ी सी गांड हिला हिलाकर वो किचन की तरफ चली गयी। उसका फिगर 36 30 34 का आराम से था। लंड खड़ा हो गया उसे देखकर। मुझसे पहले भी रजनीश ने हंसिका को कुछ महीने पहले एक गैर मर्द से चुदवा दिया था। उसे अपनी बीबी को गैर मर्दों से चुदवाते देखने में बड़ा आनन्द आता था। रजनीश पराये मर्द के साथ थ्रीसम करता था जिसमे दोनों मर्द मिलकर हंसिका को चोदते थे। कुछ देर बाद चाय पी ली, फिर रजनीश मुझे पास की मॉडल शाप पर ले गया। उसने अच्छी शराब की बड़ी बोतल ली और काफी सेक्सी बाते की। फिर हम दोनों पीकर घर आ गये। हंसिका ने चिकन बना रखा था। तीनो ने रात का डिनर किया। फिर हंसिका रात के 9: 30 तक बेडरूम में नाईट सूट पहनकर आ गयी। रजनीश मेरे साथ ही थ्रीसम करना चाहता था। धीरे धीरे हम दोनों मर्दों ने अपने अपने कपड़े उतार दिए। फिर हंसिका को अपने पास बिस्तर पर लिटा लिया।
“मनीष!! आज मेरी बीबी को रंडियों की तरह चोद डालो प्लीस!! कोई रहम मत करना” रजनीश अपना लंड फेटते हुए बोला
मैं बेड के सिराहने टेक लगाकर बैठ गया और हंसिका को अपनी गोद में बिठा लिया। गुलाबी नाईटी में उसका जिस्म काफी सेक्सी दिख रहा था। हाथो में हंसिका ने कंगन और चूड़ियाँ पहन रखे थे और हाथो में महंदी लगा रखी थी। ओंठो पर गुलाबी लिपस्टिक लिप लाइनर के साथ लगाया था और मेकअप करके मेरे पास आई थी। मैंने उसको अपनी गोद में बिठा लिया और गालो पर पप्पी लेने लगा। नाईटी के चिकने कपड़े में वो हॉट माल दिख रही थी। मैंने उसकी गुलाबी नाईटी को पैरो के पास से उपर को उठा दिया तो उसके चिपके सफ़ेद पैर दिख गये।
फिर मैंने हंसिका को बेड पर लिटा दिया। उसकी नाईटी को और उपर जांघ तक उठा दिया तो उसकी सेक्सी जांघ चमक गयी। मैं कामुक हो गया और उसके दोनों जांघो को सहलाने लगा दोनों हाथो से। हंसिका स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा करने लगी। मैं झुक गया और उसकी सेक्सी सफ़ेद जांघो पर किस पर किस करने लगा। ऐसे करते करते मैं उपर पहुच गया और उसकी पेंटी दिख गयी। मैंने ही उसकी पेंटी को उतार दिया। हंसिका की नाईटी को उपर किया किया और अब वो मेरे सामने नंगी थी। उसकी चूत मेरे सामने थी।
“देखो मेरी डार्लिंग ने अपनी चूत के बाल अच्छे से साफ कर लिए है मनीष सिर्फ तेरा लौड़ा खाने के लिए” रजनीश बोला
मैं कुछ देर तक हंसिका की भोसड़ी को देख देखकर मजा लेता रहा। फिर जीभ लगाकर चाटने लगा। जल्दी जल्दी मुंह लगाकर उसकी चूत का रस लेने लगा। जीभ लगा लगाकर चाट रहा था। 5 मिनट में हंसिका को मजा आने लगा। वो “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा सी सी सी ओह्ह” करने लगी। मैं ख़ुशी ख़ुशी चाटने लगा। और दिल खोलकर मैंने रजनीश की औरत की चूत को उसके सामने काटा। रजनीश ने वेबकैम निकाला और विडियो बनाने लगा। वो जब जब अपनी औरत को किसी पराये मर्द से चुदवाता था उसका विडियो जरुर बनाता था। मैं तो मस्ती से हंसिका की भरी हुई चूत को पी रहा था। किसी प्यारे कुत्ते की तरह चाट रहा था। जल्दी जल्दी जीभ चला चलाकर चाट और पी रहा था। रजनीश हम दोनों की फिल्म बना रहा था।
“ओह मनीष!! ….इसस्स्स्स्स्स्स्स्……. तुम बड़े सेक्सी मर्द हो। चाटो बेबी!! और चाटो!!” हंसिका कहने लगी। ये बात सुनकर मैं और चाटने लगा। रजनीश ने मुझे मोटा 12” का डिलडो लाकर दिया।
“इसे मेरी बीबी की चूत में डाल दे यार” रजनीश बोला
अब मैंने धीरे धीरे हंसिका की चूत में डिलडो घुसाना शुरू कर दिया। और फिर मोटा तगड़ा डिलडो पूरा उसकी भोसड़ी में घुसा दिया। हंसिका की चूत के ओंठ उघड़ गये। मैंने अंदर बाहर डिलडो चलाना शुरू कर दिया तो हंसिका “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” करने लगी। रजनीश हम दोनों की पिक्चर बना रहा था हैंडीकैम से। मैं मोटे डिलडो को अंदर बाहर करने लगा। खूब मजा लिया मैंने भी। 15 तक तक डिलडो हंसिका की चूत में चलाता रहा। फिर वो झड़ने वाली हो गयी। वो कांपने लगी और जोर जोर से आहे भरने लगी। मैं डिलडो निकाल लिया और अपनी 2 उंगलियाँ उसकी चुद्दी में घुसा दी और जल्दी जल्दी फेटने लगा। कुछ ही देर में हंसिका झड़ने लगी। “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ—हमममम” बोलकर उसका झरना फूट पड़ा और किसी दिवाले के अनार की तरह पानी उपर को निकलने लगा। मैंने चूत में ऊँगली करता ही रहा और कुछ सेकंड था काफी पानी किसी फव्वारे की तरह हंसिका की चुद्दी ने निकला तो नीचे की बह गया। क्यूंकि मैंने उसे बेड के किनारे कर दिया था।
ऐसी सेक्सी चूत को देखकर मैं फिर से मोहित हो गया और चूत को फिर से जल्दी जल्दी जीभ लगाकर पीने लगा। चूत के दोनों होंठो को मैंने खूब चूसा और सारा रस पीया। समझ लीजिये की खा गया। “कितनी सेक्सी चूत है अपनी पानी छोड़ती है। वरना अनेक औरतो की चूत में चाहे जितना ऊँगली डिलडो डालो कुछ नही होता” मैंने मन ही मन सोचने लगा। उसके बाद रजनीश भी आ गया। उसने अपना हैण्डीकैम एक टीवी के पास मेज पर ऑन करके रख दिया और नंगा होकर आ गया। उसने हंसिका के मुंह में अपना लंड दे दिया और चुसाने लगा। “मनीष!! अब चोद मेरी बीबी को!!” रजनीश बोला
मैंने अपने 9 इंची लौड़े को फेटना शुरू किया। कुछ देर मुठ मारता रहा। फिर लंड की एक एक नश फुल गयी। “नाईटी उतार रंडी!!” मैंने कहा। हंसिका ने अपनी गुलाबी नाईटी उतार दी और पूरी नंगी होकर लेट गयी दोनों टांग को खोलकर। “यार मनीष तू तो असली मर्द है। तेरे सामने तो मुझे अपने छोटे लंड को देखकर शर्म लग रही है” रजनीश बोला
मैं मुस्कुरा दिया। उसके बाद मैंने अपने लंड को पकड़ा और हंसिका की चूत पर पीटने लगा। कुछ देर तक उसकी कामुक चूत की पिटाई लगाता रहा। फिर लंड को उसके के सेक्सी भूरे भूरे होठो पर रगड़ने और घिसने लगा। बड़ा तड़पाया हंसिका को। वो सोचती की अभी बार लंड घुसा दूंगा पर हर बार मैं उसे टोपी पहना देता। लंड के मोटे टोपे से चूत के भूरे भूरे और गुलाबी होठो को खूब देर तक रगड़ता रहा और हंसिका “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” करती रही। फिर जादा तड़पाना भी सही नही था। अंत में लंड का टोपा चूत में घुसा सा हाथ से धक्का देकर। गर्म गर्म हंसिका की चुद्दी का अहसास हुआ और थोडा और धकेला तो मेरा 9” लंड उसकी चूत में पूरा घुस गया। हंसिका आहे भरने लगी। मैंने उसकी कमर को पकड़ लिया और पकर पकर चोदने लगा। रजनीश तो जैसे देखकर ही मस्त हो गया था। हम दोनों ने ड्रिंक भी की थी इसलिए मौसम कुछ जादा ही रंगीन हो गया था।
मैंने तो कुछ पेग ही लिए थे क्यूंकि आज हंसिका को चोदना जो था। मैं अपनी गांड उठा उठाकर चूत में गहराई में जाकर उसे पेल रहा था। हंसिका ने अपनी दोनों टांग किसी रांड की तरह हवा में तान दी। मैं जल्दी जल्दी धक्के देने लगा। उसकी चूत काफी कसी थी। मैं उसकी भूरी रंग की भोसड़ी की तरह देख देखकर धक्के लगा रहा था। जब जब लौड़ा अंदर घुसता था हंसिका “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” करने लग जाती थी। इसमें कोई संदेह नही थी उसे चूत में मेरे लौड़े की रगद परम सुख दे रही थी। हंसिका की गर्म गर्म आहे और सिसकियाँ मेरा मनोबल बढ़ा रही थी। फिर रजनीश ने उसके चेहरे को पकड़कर उसके मुंह में अपना 5” का लौड़ा घुसा दिया और चुसाने लगा। इस तरह से हम तीनो से थ्रीसम वाला काम किया और मैंने हंसिका की चूत 15 मिनट घिसी। फिर लंड निकाल लिया।
“मनीष!! मेरे भाई!! आओ इस कुतिया को अपना लंड चुसाओ तब तक मैं इस बहन की लौड़ी की चूत चोद लूँ” रजनीश बोला
मैं उठकर हंसिका के चेहरे के तरफ चला गया। अब रजनीश ने कुछ देर अपनी बीबी की चूत मुंह लगाकर चाटी। मेरे लंड से 4 5 बुँदे चूत में छूट गयी थी। रजनीश मेरा माल भी चाट गया और अच्छे से अपनी औरत का भोसड़ा चाटने लगा। मैंने हंसिका के मुंह में लौड़ा घुसा दिया और वो मेरे सुपारे को मुंह में लेकर चूसने लगी। “इसे फेटो जान” मैं बोला। हंसिका अपने सीधे हाथ से मेरे लंड को फेटने लगी। मैं अपने घुटनों को मोड़कर उसके पास ही बैठ गया। कुछ देर बाद मनीष मेरे सामने ही अपनी बीबी को चोदने लगा। मैं भी लाइव टेलीकास्ट देख रहा था। लाइव शो का मजा ले रहा था। मैंने हंसिका के दूध को हाथ से गोल गोल सहलाना शुरू किया। वो “ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” करने लगी। मेरे लंड को मुंह में लेकर चूस भी रही थी। दोस्तों इस तरह से मैंने और रजनीश ने हंसिका को पूरी रात थ्रीसम करके चोदा। उसे कुतिया बनाया खाया। फिर दोनों मर्दों ने बारी बरी से उसकी गांड मारी।
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मेरे बॉयफ्रेंड ने मुझे मेरे ही कमरे पर आकर चोदा

हाय फ्रेंड्स, आप लोगो का नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम में स्वागत है। मैं रोज ही इसकी सेक्सी स्टोरीज पढ़ती हूँ और आनन्द लेती हूँ। आप लोगो को भी यहाँ की सेक्सी और रसीली स्टोरीज पढने को बोलूंगी। आज फर्स्ट टाइम आप लोगो को अपनी कामुक स्टोरी सुना रही हूँ। कई दिन से मैं लिखने की सोच रही थी।अगर मेरे से कोई गलती हो तो माफ़ कर देना।

मेरा नाम पल्लवी है। मेरी उम्र 23 साल है। मैं परियो की तरह बहुत ही खूबसूरत हूँ। मेरा कद भी लंबा है। मैं 5 फीट 8 इंच की हूँ जो की लड़कियों की के लिए काफी है। मैं जब चलती हूँ तो मेरे बड़े बड़े मम्मे बहुत ही तेजी से उछल उछल कर लड़कों का लंड खड़ा कराये रहते है। मैं भी एक लड़की हूँ। मेरा भी  मन चुदने को बहुत करता था। लेकिन मैं अपने आस पास के लड़को से नहीं चुदवाती। चोदने के बाद वही रंडी और पता नहीं क्या शुभ शुभ नाम रखने लगते है। मेरी  गांड भी बहुत जबरदस्त गोल मटोल दिखती है। चूंचियो की तरह वो भी बहुत ही सॉफ्ट है। मेरी चूत की तो बात ही अलग है। वो भी फूली हुई गद्दे की तरह है। ढेर सारा माल उसमें उसमे भरा हैं।  दोस्तों मै अब अपनी कहानी पर आती हूँ।

 बात एक साल पहले की है। मैं अपनी कहानी आप लोगो की खिदमद में पेश करने को परेशान थी। ये मेरे साथ घटित सच्ची घटना है। जो की एक सफर के दौरान घटित हुई। मै उस समय तैयारी करने कानपुर जा रही थी। छुट्टियां थी तो मैं अपने घर देवरिया आयी हुई थीं। मै ट्रेन में सिंगल शीट पर बैठी हुई थी।खिड़कियों से आती हवाओ का मजा ले रही थी। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। चुदने का भी मन उन हवाओ ने बना डाला। इतने सुहाने मौसम में अब मुझे अपने चूत के राजकुमार का इंतजार होंने लगा। मै चुदने को तड़पने लगी। मेरी चूत के कीड़े जाग गये। वो काट काट कर खुजली करने लगे। मै कहने लगी- “हे भगवान मेरे लिए भी किसी लंड का इंतजाम कर दो” भगवान ने मेरी सुन भी ली।

यही सब मै सोच कर मन ही मन कह ही रही थी कि अगला स्टेशन आ गया। मै स्टेशन की तरफ देख रही थी। मुझे एक लगभग 25 साल का लड़का मेरे ही डिब्बे की तरफ बढ़ता दिखाई दिया। उसका लंबा शरीर और गठीला बदन बहुत ही आकर्षक लग रहा था। मैं पहली बार सुंदरता के साथ किसी लड़के को इस तरह देख रही थी। मैने उसके लिए तो अपनी जान रख दी। वो अंदर की तरफ शीट को ढूंढता हुआ आ रहा था। मेरे सामने वाली शीट खाली थी। उसकी पर आकर वो बैठ गया। मै अपने कान में एअरफोंन लगाए गाने का मजा ले रही थी। वो भी अपनी गांड को शीट पर टिकाकर बैठ गया। मेरी तो उस लड़के से नजर ही नहीं हट रही थी। उसने भी अपना सामान रख कर फुरसत पाई तो उसकी नजर मुझ पर पड़ ही गई। हम दोनो नैंन मटक्का करने लगे। मै भी कोई कम स्मार्ट थोड़ी थी। कुछ देर बाद हमने बोलना शुरू किया।

मै- “हाय आई ऍम पल्लवी”

वो- “निशांत…. निशांत मिश्रा”

मुझे उसके इस तरह से बोलने की स्टाइल बहुत अच्छी लगी।

मै- “आप को भी कानपुर जाना है क्या”

निशांत- “हॉ। मुझे भी वही अपनी बुआ के यहाँ जाना है। कुछ दोस्त सरकारी नौकरी की भी करते है, तो उनसे मिलने भी जाना है”

मै- “आप क्या करते हो???”

निशांत- “मैं भी मेडिकल की तैयारी कर रहा हूँ लेकिन खुद ही। कही कोचिंग के लिए नहीं गया”

धीरे धीरे उससे बात करते करते मैंने उसके लंड की तरफ अपनी नजर नीचे करके देखी। उसका लंड खड़ा हो चुका था। उसने देखते ही अपना बैग लंड पर पेंट के उपर रख लिया। मैंने उसका प्रेसर बढ़ाने के लिए अपना दुपट्टा अपने सीने से हटा दिया। मै झुक कर उससे बात करने लगी। मेरी लटकती चूंचिया  मेरे वी शेप गले में साफ़ साफ़ दिखने लगी। उसका लंड तो देखते ही मीनार बन गया । निशांत थोड़ा रोमांटिक होकर बात करने के मूड में आने लगा। अपना बैगअपनी शीट पर रख कर हम दोनो दरवाजे के पावदान पर जाकर बैठ गए। आप लोगो को तो पता ही होगा। पावदान पर कितनी जगह होती है। हम दोनों चिपक कर बैठे हुए थे। ट्रेन सरपट सरपट पटरियों पर दौड़ रही थी। उसके शरीर के स्पर्श से ही मुझे बहुत मजा आ रहा था। आज जिंदगी में पहली बार किसी लड़के के इतनी पास चिपक कर बैठी थी। आज मुझे ईश्वर ने लंड के साथ उसका ड्राइवर भी दे दिया।

निशांत- “कानपुर में अकेली ही रहती हो”

मैं- “हाँ”

निशांत शक भरी नजरों से- “फिर तो तुम्हारा बॉयफ्रेंड होगा”

मै- “नहीं मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है। मैंने आज तक किसी लड़के से बात तक नही की है”

निशांत- “ये तो सभी कहती है”

मै- “तुमको मै ऐसी वैसी लड़की दिखती हूँ” इतना कहकर मै गुस्से से उठकर चलने लगी। निशांत ने मुझे पकड़ कर बैठा लिया। उसके बाद मेरे कंधे पर अपना एक हाथ रख कर एक हाथ मेरा पकड़ कर। मुझे अपने दिल का हाल बताने लगा। कहने लगा- “लडकियां तो बहुत देखी। लेकिन तुम्हे देखकर दिल में हलचल होने लगी। अभी तक मुझे लड़कियां प्रपोज़ करती थी। लेकिन आज पहली बार मैं किसी लड़की को प्रपोज़ करने जा रहा हूँ” मै मन ही मन बहुत खुश हो रही थी। आज मेरा कोई बॉयफ्रेंड भी बनने वाला था। मैं ख़ुशी से झूम उठी।  उसने फ़िल्मी स्टाइल में मेरे हाथों को पकड़ कर कहने लगा- “पल्लवी मै तुम्हेदेखते ही बहुत चाहनें लगा हूँ। मै तुमसे बहुत प्यार करने लगा हूँ। क्या तुम मुझे अपना बॉयफ्रेंड बनाओगी???”

मै- “सच तो ये भी हैं कि मैं भी कुछ इसी तरह का ख्याल अपने दिल में रखे हूँ। जो आग तुम्हारे दिल में लगी है। वो मेरे दिल में भी है” उसने समझ लिया की मैने उसे अपना बॉयफ्रेंड बना लिया है। लेकिन अब कौन बताये की आग कहाँ कहाँ लगी हुई है। उसने मुझे गाल पर किस किया। मुझे बहुत अच्छा लगा। मैंने भी तुरंत जबाब दे डाला। मैंने भी किस करके पूरा कर दिया। उसने कहा-” मै तुम्हे मिलना चाहता हूं”  मैनें अपना पता उसे बता दिया मै कहाँ रहती हूँ। वो भी मुझे अपना फ़ोन नम्बर वगैरह बताने लगा। उसने पूछा- “मै तुम्हारे रूम पर आऊं तो कोई कुछ बोलेगा तो नहीं”

मै- “बता दूँगी की भैया है” इतना कहकर मै हँसने लगी…

वो मुझे चिपका कर होंठ पर किस करने लगा। मै भी उसका साथ दे रही थी। कुछ ही पल में पीछे कोई आ गया। दोनों लोग एक दुसरे को देखकर हसते हुए अलग हुए। बाद में मौक़ा मिलते ही वो एक मिनट कभी दो मिनट किस करते करते पूरा रास्ता कट गया। चलते चलते निशांत ने मेरे मम्मो को दबा ही दिया। मम्मो को दबाते ही गाडी ने  आवाज की और स्टेशन आ गया। हम दोनो को अधूरी चुदाई की प्यास बहुत ही तड़पा रही थी। स्टेशन से नीचे आते ही दूसरे दी मिलने का वादा किया। मैंने अपने कोचिंग जाने से मना भी कर दिया था। मैं तुम्हारा पूरा दिन इन्तजार करूंगा।  इतनी बात करके वो अपनी बुआ के घर चल दिया। मै भी अपने रूम पर आई। रात को नींद ही नहीं आ रही थी। मैंने अपने सारे कपडे भी उतारे दिये।

सोच सोच करके अपनी चूंचियो को मसल रही थी। मै बहुत ही गर्म हो चुकी थी। पहले सब्जियों से ही चुदाई कर लेती थी। आज भी टोकरी में जाकर देखा तो सूखा सूखा बैगन पड़ा था। आज हाथ से ही काम चलाना पड़ रहा था। मैंने किसी तरह से रात भर हाथ से काम चलाकर अपनी रात काटी। सुबह से मेरी बेचैनी और भी बढ़ने लगी। पूरा दिन भी बीत गया। निशांत नहीं आया। मेरे सारे सपनो पर लग रहा था पानी फिर जाएगा। मै दुखी होकर बैठ गई। आज कितना मेक अप किया था मैंने। लेकिन मेरे सपनों के राजकुमार का तो पता ही नहीं था। मैंने बाहर जाकर एक बार फिर से देखा तो निशांत मुझे पास ही गली में खड़ा दिखाई दिया। मै तो ख़ुशी से पागल हो गई। मैंने उसे अपने साथ लाकर रूम में अंदर आते ही दरवाजा बंद किया। उससे चिपक कर मैं किस करने लगी।

मै- “निशांत!! इतना देर क्यों करके आये। पता है मैं सुबह से ही तुम्हारा इन्तजार कर रही हूँ। तुम थे कहाँ अभी तक”

निशांत- “मेरी जान मै तुम्हारे लिए ही तो रात में आया हूँ। जिससे ज्यादा देर तक मैं तुम्हारे साथ रह सकूं”

मै- “आज तुम मेरे साथ पूरी रात रहोगे??”

निशांत- “हाँ इसीलिए तो शाम को आया हूँ। घर पर बुआ को बता दूंगा। मै अपने दोस्त के रूम पर रूक गया हूँ”

अब तो मेरी ख़ुशी बहुत ज्यादा हो गई थी। मुझे भी पता था कि वो मुझे चोदने के लिए ही आज रुका है। मैं भी खाना बनाने के लिए जा रही थी। उससे पहले ही मुझे उसने पकड़ लिया। मै उससे कहने लगीं- “निशांत अभी नहीं पहले मैं खाना बना लू”

निशांत- “मुझे भूख नहीं है। तुम्हे हो तो बना लेना अभी”

इतना कहकर मेरे होंठो पर अपना होंठ लगा दिया। ट्रैन से जबरदस्त चुसाई करने लगा। मेरी मुलायम गुलाबी गुलाब जैसी होंठो की पंखुड़ियों को चूस कर उसका रस निचोड़ने लगा। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मै भी उसका सर पकड़ कर साथ देने लगी। मै गर्म होने लगी। अब सब कुछ बड़ी तेजी से होने लगा। मेरी साँसे तेज हो गई। मै कांपने लगी। वो मेरी गांड पर एक दे मारी। मै तिलमिला उठी। कहने लगा- “इतनी काँप क्यों रही है”

मै- “मुझे नहीं पता मै क्यों काँप रही हूँ। लेकिन मुझे बहुत अजीब लग रहा है”

निशांत- “पहली बार है ना इसीलिए काँप रही हो”

मुझे घसीट कर बिस्तर पर ले जाकर पटक दिया। मैं भी मूड बना चुकी थी। मैंने उसके सामने सलवार कुर्ता पहना हुआ था। मैने कहा- “निशांत थोड़ा धीमे धीमे करो मेरी धड़कने बढ़ जाती है। मैंने निशांत को पकड़ लिया। वो मेरे ऊपर ही लेट गया। मेरी चूंचियो को ऊपर से ही चूमते हुए। मेरी टांगो में टाँगे फसाकर बहुत ही मजा ले रहा था। गले को चूमते ही मैं बहुत ही जोश में आ गई। मैंने उसे कस के जकड लिया। वो समझ गया मै गर्म हो रही हूँ। उसने चूंचियो को दबाते हुए। मेरा कुर्ता निकाल दिया। मै गुलाबी रंग की ब्रा में उसके सामने मॉडल की तरह बैठी थी।  वो मुझे देखते ही अपने मुह में हाथ लगा लिए। मेरी चूंचियो की चमक से उसकी आँखे चौंधिया गई। मेरे दोनों कबूतर ब्रा की जाल में फसे हुए थे। उसने निकाल कर आजाद कर दिया। फिर उनके साथ किसी छोटे बच्चे की तरह खेलने लगा। उसने मेरी कबूतरों के साथ अपने होंठ लगा कर किस करके चूसने लगा। अब वो मुसम्मी की तरह निचोड़ रहा था। मुझे ये सब सहन नहीं हों पा रहा था। मैं उसको अपने दबाते हुए“..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” की सिसकारी भरने लगी। उसने मेरी चूत पर अपना हाथ रख कर मसलने लगा। आह आह के साथ मैंने उसके हाथों को पकड़ कर और जल्दी जल्दी अपनी चूत को मलने लगी। उसने मुझे आजाद करते हुए। मेरे ऊपर से उठ कर खड़ा हो गया।

अपने पैंट को निकालते हुए उसने अपने लंड के दर्शन करवाया। मैंने अभी तक किसी का लंड नही छुआ था। उसने मेरा हाथ पकड़ कर उसको अपने लंड पे राजा पर रख दिया। पहले तो वो मुझे कुछ नरम नरम लगा। उसके बाद वो बहुत ही टाइट हो गया। बिल्कुल आइसक्रीम की कोन की तरह। उसने कहा- “अब इसे लॉलीपॉप की तरह चूसो”

मैंने चूसने से मना कर दिया। मैंने बताया मुझे उल्टी हो जायेगी। उसने कुछ नहीं कहा। मेरे गालो पर ही अपना लंड रगड़ने लगा। उसने मेरी सलवार के नाड़े को खींचकर खोल दिया। पैंटी सहित उसको निकाल कर मुझे नंगा कर दिया।  मै तड़पती हुई बिस्तर के चादर को हाथो में लपेट कर दबा रही थी। उसने मेरी टांगो को फैलाकर चूत के दर्शन किया। चिकनी चूत को देखते ही उसकी जीभ लपलपाने लगी। उसने मेरी चूत को चाट कर साफ़ करने लगा। दोनों टुकड़ो के बीच में अपनी जीभ को फसाकर मेरी गांड को दबा रहा था। मैं उसका मुह अपनी योनि में दबा रही थी। अंदर तक जीभ डाल कर उसने चूत की साफ़ सफाई कर डाली। मेरी चूत ने भी लंड के आने की ख़ुशी में थोड़ा बहुत जल छिड़क डाला। उसने अपना मुह हटाकर मेरी चूत में अपना लंड रगड़ने लगा। मै अब बहुत बेकरार हो गई थी। उसने गर्म गर्म अपना लंड मेरी चूत में डालने के लिए छेद पर रख दिया। मै तडप उठी। उसने मेरी चूत में लंड को धकेल दिया। मेरी चूत में उसका टोपा जाकर फस गया। मै जोर जोर से “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की चीख निकाल दी।

मुझे बहुत दर्द हो रहा था। उसका बड़ा मोटा लंड मेरी चूत को फाड़ डाला। बिना मेरा  दर्द समझे वो धक्के पर धक्का मार कर मेरी चूत में अपना लंड जड़ तक घुसा कर जोर जोर से मेरी टांगो को पकड़ कर चोदने लगा। घच घच पच की आवाज एक लय में सुनाई दे रही थी। मैं भी “….उंह उंह” की आवाज से सुर ताल मिला रही थी। उसने मुझे उठा लिया। उसके बाद मेरी एक टांग उठाकर धका धक् पेल रहा था। मेरी चूंचिया हिल रही थी। उसके लंड की गोलियां मेरी टांगो पर कभी कभी लग रही थीं। उसने मेरी चूत को फाड़कर उसका भरता बना डाला। जोर जोर से चुदाई का माहौल बन गया।

 उसने भीं अपनी गाड़ी तेज चलाई। हचक हचक कर मेरी चूत में अपना लंड डाल कर मुझे  दर्द दे रहा था। मैं भी बहुत उत्तेजित होने लगी। मुझे भी उस दर्द में मजा आने लगा। वो कुछ ही देर में थक गया। वो बिस्तर पर लेट गया। मै भले ही अभी तक चुदी न थी। लेकिंन फिर भी काफी स्टाइल मैने ब्लू फिल्मो से सीखा था। मै उसके लंड को खड़ा करके चूत रख के बैठने लगी। धीरे धीरे मेरी चूत ने उसका पूरा लंड जड़ तक ले लिया। मै भी उछल उछल कर चुदवाने लगी। वो मेरी चूत में अपना लंड कमर उठा उठा कर पेलने लगा। मेरी चूत में अब दुगनी स्पीड से लंड अंदर बाहर हो रहा था। मैं बहुत ही जोर जोर से उछलने लगी। मै झड़ने की स्थिति में पहुचती। उससे पहले मेरी चूत से उसने लंड निकाल लिया। मै भी झड़ने से बच गई। उसने मुझे कुतिया बनाकर कुत्तो की तरह मेरे पीछे चूत चुदाई करने लगा।

मेरी कमर पकड़ कर उसने जोर जोर से झटके पर झटका लगाना शुरू किया। मै बहुत ही तेज तेज चीखने लगी। वो भी झड़ने वाला था। उसके चोदने की रफ़्तार का कुछ पता ही नहीं चल रहा था। मेरी चूत ने भी अपना माल निकाल दिया। उसने माल चूत में लगे लगें ही कुछ देर तक चोदा। उसके बाद मेरी चूत से अपना लंड निकाल कर वो भी मुठ मार कर मेरी चूंचियो पर ही झड़ दिया। उसके बाद पूरी रात चुदाई की। फिर आज तक उसके साथ सिर्फ फोन सेक्स कर पाती हूँ। अगर गॉड ने चाहा तो मुझे फिर से उसका लंड खाने का मौका मिल जाएगा।

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दो बॉयफ्रेंड ने मिलकर बुझाई चूत की प्यास

Gangbang Sex Stories : हेलो दोस्तों मैं आप सभी का नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम में बहुत बहुत स्वागत करती हूँ। मैं पिछले कई सालो से इसकी नियमित पाठिका रही हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती जब मैं इसकी सेक्सी स्टोरीज नही पढ़ती हूँ। आज मैं आपको अपनी कहानी सूना रही थी। आशा है की ये आपको बहुत पसंद आएगी।
हेल्लो दोस्तों आपका बहुत बहुत स्वागत है। मेरा नाम अर्चना है। मै पंजाब में रहती हूँ। मेरी उम्र 23 साल की है। मेरा फिगर बहुत ही जबरदस्त है। मैं देखने में बहुत ही हॉट सेक्सी लगती हूँ। मैंने कई सारे लडको से अब तक चुदवाया है। लड़को को मेरी चुदाई करके बहुत आनंद मिलता है। मुझे भी चोदकर लड़के बहुत ही मजा देते है। मैंने लड़को से चुदवा कर अपनी चूत को फड़वा चुकी हूँ। कितनी भी चुदाई करवा लूं। लेकिन चुदवाने की तड़प तो कभी खत्म ही नहीं होती। इसीलिए मुझे हमेशा नए नए बॉयफ्रेंड बनाने पड़ते हैं। मैं स्कूल के दिनों से ही चुदती आ रही हूँ। मेरे बॉयफ्रेंड मुझसे बहुत खुल कर रहते है। मैं उनसे खूब चुदाई करवाती हूँ।
दोस्तों मै जब कॉलेज में पढ़ रही थी। तो मेरी दोस्ती एक साथ दो लड़कों से हो गई। लेकिन एक दूसरे को नहीं पता था कि मैं एक के अलावा किसी दूसरे की गर्लफ्रेंड भी हूँ। मैंने एक दूसरे से ये बात छुपा कर रही थी। मेरे दोनों बॉयफ्रेंड बहुत ही खूबसूरत थे। मैं उनको अपनी चूत चोदने को उनके ही नाम कर रखा था। लड़को का खड़ा लौड़ा मुझे बहुत पसंद है। मै हैंडसम लड़को की तुरंत दीवानी हो जाती हूँ। मेरा मन उनसे फड़वाने को कहने लगता है।
मेरा बस चले तो मै अपनी चूत में हमेशा लौड़ा डलवाये रहूं। मै रात को सेक्स टॉयज के साथ खेलती हूँ। मुझे उनसे खेलना बहुत अच्छा लगता है। दोस्तों ये बात तब की है जब मैं कॉलेज जाने के साथ साथ दिल्ली में ही तैयारी कर रही थी। मैंने अपने कोचिंग में दो लड़के पटाये थे। दोनों के दोनों बहुत ही स्मार्ट थे। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि मै दोनों से पटी हूँ। दो तीन महीने बाद वे दोनो अच्छे दोस्त हो गए। किसी तरह से मै दोनों से बचती आ रही थी। एक का नाम अमित था। दूसरे का नाम सरस था। मुझे दोनों ही बहुत अच्छे लगते थे।
अमित का कद सरस से बड़ा था। सरस की पर्सनालिटी अमित से अच्छी थी। दोनों ही खूब गोरे थे। अब तक मैंने कई लड़को को पटाया था। लेकिन इनको पटाने के बाद मुझे और किसी को पटाने का मन ही नहीं कर रहा था। मैं उन दोनों में से किसी को नहीं छोड़ना चाहती थी। अमित और सरस रूम लेकर रहते थे। दोनों की अच्छी दोस्ती होने पर एक ही रूम में शिफ्ट हो गए थे। लेकिन इस बात का मुझे कुछ पता नहीं था। अमित अक्सर फ़ोन करके मुझे अपने रूम पर बुला लेता था। जब भी उसके मकान मालिक नही होते थे। वो फ़ोन करके बुला लेता था। उस दिन भी उसने मौक़ा देखा और मुझे फ़ोन करके अपने रूम पर बुलाया। मै उसके रुम पर गई। दरवाजा अंदर से लॉक था। मैंने खट खटाया तो सरस ने आकर दरवाजा खोला। मैं सरस को देख कर चौंक गई।
सरस- ” तुम यहां क्या करने आयी हो”
मैं- “पहले रूम में चलों”
सरस घबराया हुआ मुझे देख रहा था। मैं रूम गई तो हमेशा की तरह अमित ने मुझे चिपका कर किस किया।
अमित- “सरस ये है मेरी गर्लफ्रेंड”
सरस- “पता है ये तेरी नही मेरी वाली है”
अमित भी सरस की तरह चुप सा हो गया। मैंने कहा मैं तुम दोनों की गर्लफ्रेंड हूँ। दोनो मुझे देखने लगे। दोनो का दिल टूट सा गया। लेकिन फिर भी मैंने दोनों को बहुत ही समझाया। मैंने जो सच था मैने सारी बात दी। मै दोनों को समझा कर थक चुकी थी। आखिरकार दोनों बाद में मान गए। मुझे पहले पता होता तो मैं कभी उनके रूम पर ना आती। कोचिंग में तो अच्छे दोस्त है। ये तो पता था लेकिन इतने अच्छे हैं ये नहीं आता था। मैने बिस्तर पर बैठ कर उनसे कहा- “तुम लोग परेशान न हो मै सिर्फ तुम दोनों की ही हूँ। अगर मुझे किसी एक के साथ रहना होता तो अब तक मैंने किसी एक को छोड़ दिया होता”
मेरे एक दाए साइड में आकर सरस और बाए साइड में अमित आकर बैठ गया। मै पहली बार किसी दो लड़कों के बीच में अकेले ऐसे ही बैठी थी। उन दोनो ने अपना एक एक हाथ मेरे ऊपर रख कर मुझे प्यार करने लगे। सरस मेरे पीठ पर हाथ लगा रहा था। अमित मेरे पेट पर हाथ फेर रहा था। मुझे दोनों से वैसे तो कोई डर लग नही लग रहा था। दोनों मुझे सहला सहला कर जोश दिला रहे थे। मै जोश में आ रही थी। मैं पहले भी दोनों से कई बार चुदवा चुकी थी। इसीलिए मुझे दोनों से डर नहीं लग रहा था।
मुझे डर तो इस बात का लग रहा था। दोनों से आज एक साथ कैसे चुदवाऊंगी। दोनों ही मेरे होंठो को अपनी एक एक अंगुलिया लगा रहे थे। मेरी नाजुक होंठ आज दो लड़कों से चुसने वाली थी। अमित ने अपना होंठ मेरे होंठ पर सटा दिया। उसने अपने होंठ को सटा कर चूमना शुरू किया। अमित मेरी नाजुक ग़ुलाबी होंठो को चूम चूम कर चूस रहा था। उधर सरस मेरी चूंचियों पर हाथ फेर रहा था। मैंने आँख बंद करके होंठ चुसाई करवा रही थी। मुझे बहुत मजा आ रहा था। लेकिन अंदर ही अंदर से डर भी रही थी। मैं क्या करती आज तो बहुत अच्छे से फंस चुकी थी। अमित मेरे होंठो को चूस चूस कर गरम कर रहा था। मुझे सरस की चूंची दबाई ज्यादा गर्म कर रही थी। मेरा जोश में आने के कारण डर कम होता जा रहा था। मै भी अब चुदने के मूड में आने लगीं। मै अब अपनी चूत में लौड़ा डालने को तैयार हो रही थी।
सरस मेरी चूंचियो को दबा दबा कर मजा ले रहा था। अमित मेरा होंठ चूस चूस कर गुलाबी से और ज्यादा गुलाबी कर दिया। उसका होंठ भी बहुत मुलायम था। अमित ने होंठ चुसाई बंद कर दिया। उसके ये सब बंद करते ही सरस खूब जोर जोर चूसने लगा। सरस मेरे होंठ को चूमने का इंतजार कर रहा था। इतना इन्तजार के बाद उसका फल अब उसे मिलने लगा। मैंने दोनों के लौड़े पर हाथ रख कर बैठी थी। अमित अब मेरी चूंचियां दबाने लगा। दोनों मिलकर मेरा खूब मजा ले रहे थे। मुझे भी बहुत मजा आ रहा था। मैंने उस दिन ब्लू कलर सिल्क का सलवार कुरता पहन कर आई थी। मैं सिल्क ब्लू कलर में बहुत ही हॉट लगती हूँ। मेरे गोरे बदन पर ये कपङा बहुत ही अच्छा लग रहा था। मैंने दोने के लौड़े को चैन खोलकर निकाला। दोनों का लौड़ा बहुत ही मोटा था। मैंने दोनों के लौड़े को अपने हाथों में पकड़ लिया। कुछ देर दबाने के बाद मैंने उनके लौड़े को खींच कर ऊपर नीचे करने लगी।
दोनों मुझे खूब ज्यादा गर्म करने की कोशिश कर रहे थे। मैं अब बेकाबू होती जा रही थी। दोनों मेरी एक एक चूंचिया मसल रहे थे। अमित उठा और मेऱा कुर्ता निकालने लगा। मैने अपना दोनों हाथ ऊपर उठाकर निकलवा लिया। दोनों मेरी चूंचियो को ब्रा में देखकर कुत्तो की तरह टूट पड़े। अपने अपने साइड का दोनों पकड़ कर दबाने लगें। सरस ने मेरी ब्रा की हुक पीछे से खोल कर निकाल दिया। मैंने अपना ब्रा निकाल कर चुच्चो को आजाद करवा लिया। दोनों के दोनों मेरी बेल जैसे मम्मो को पकड़ लिए। मेरे मम्मो के ऊपर उभरा हुआ निप्पल पकड़ कर दबाने लगे।
मै “–अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ—- अअअअअ—-आहा —हा हा हा” की सिसकारी भरने लगीं। मेरी चूंचियो के निप्पल को दबा कर उस पर अपना मुह लगा दिया। दोनों मेरी उभरी हुई निप्पल को अपने होंठ से पकड़ कर खींच खींच कर पीने लगे। मुझे बहुत दर्द हो रहा था। मेरी चूंचियो को पी पी कर उसे काट रहे थे। मै गर्म हो गई। मैंने दोनों का मुह पकड़ कर अपनी चूंचियो में दबवा रही थी। दोनों ही मेरी गद्दे जैसी बूब्स में अपना मुह सटा कर मजे से पीने लगे। मुझे मजा आने लगा। दोनों ने मेरी चूंचियो के निप्पल को काट कर उसे खड़ा कर दिया। मै दोनों के लौड़े को पकड़ कर मुठ मार रही थी। उन दोनों का लौड़ा भी खड़ा तैयार हो रहा था। अमित मेरी चूंचियो को दबाता हुआ। अपना एक हाथ मेरी सलवार में डाल दिया। उसका हाथ मेरी चूत को छू रहा था।
इतने में सरस खड़ा होकर। मुझे भी उठा दिया। वह मेरे सलवार के नाड़े की गांठ खोलने लगा। गाँठ बहुत ही मजबूत बंधी थी। थोड़ी देर बाद खुल गई। मेरी सलवार को नीचे सरका कर निकाल दिया। अब मै पैंटी में खड़ी थी। मुझे खुद को शीशे में देखकर बड़ा नाज हो रहा था। मेरी जैसी बॉडी किसी की नही थी। पैंटी में ब्लू फिल्मो में पोर्नस्टार लग रही थी। दोनों मुझे ऊपर से नीचे तक देख रहे थे। उन दोनों ने मेरी पैंटी को मिल कर निकाला। मैं अब उनके सामने नंगी खड़ी थी। मुझे बहुत जोश का रहा था। मेरी चूत में खुजली होने लगीं। दोनों अपने अपने कपडे उतारने लगे। दोनों ने अपनी शर्ट निकाल कर बनियान निकाल दी। दोनों अपने अपने पैंट को कच्छा सहित निकाल कर नंगे हो गये। दोनों का लौंडा बहुत ही बड़ा लग रहा था। आज दोनों ही बहुत ज्यादा चोदने को बेकरार लग रहे थे। मै बिस्तर पर बैठ गई। सरस ने आकर मेरी दोनो टांगों को खोलकर मेरी चूत पीने लगे। अमित भी बिस्तर पर खड़ा हो गया। मैंने अमित का लौंडा अपने हाथ में लेकर आगे पीछे करके मुठ मारते हुए चूसने लगी।
सरस मेरी चूत पर अपनी जीभ लगा कर चाट रहा था। उसने मेरी चूत के दोनों टुकड़ो को होंठ से पकड़ कर खींच खींच कर चूस रहा था। मैं उसके खींचते ही
“उ उ उ उ उ…..अ अ अ अ अ आ आ आ आ सी सी…..ऊँ..ऊँ….ऊँ….” की धीऱे धीऱे से आवाज निकल रही थी। मैं भी अमित के लौड़े को आइसक्रीम की तरह चाट चाट कर चूस रही थी। अमित का लौंडा और भी ज्यादा मोटा हो गया। सरस मुठ मार मार कर मेरी चूत के दाने को काट रहा था। दाने के काटते ही मैं अमित के लौड़े को अपने मुह में ही दबा देती थी। वह अपना लौड़ा मेरे गले तक डाल कर। मेरी मुह में ही चोदने लगा। गले में लौडा जाते ही मेरी सांस अटक जाती थी।
मैं बहुत ही थक गई। मेरी सांस फूलने लगी। अमित का लौड़ा छोडकर मै लेट गई। सरस ने अपना लौड़ा मेरी चूत पर रख कर रगड़ने लगा। मैं अपने हाथ से बिस्तर को पकड़ कर दबा रही थी। मैं अब अपनी चूत में लौड़ा डलवाने को परेशान हो रही थी। सरस मुझे उतना ही रगड कर तड़पा रहा था। मैंने उसका लौड़ा पकड़ कर अपनी चूत के छेद में घुसाने लगी। उसने अपने लौड़े को छेद पर रखते ही जोर का धक्का माऱा। उसका आधा लौड़ा मेरी चूत में घुस गया। मै जोर से “…..मम्मी….मम्मी….सी सी सी सी….हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ….ऊँ… .ऊँ.. उनहूँ उनहूँ…” चिल्लाने लगी। दर्द के मारे मेरा बुरा हाल हो रहा था। मैने अपने हाथ को चूत पर रख कर मसलने लगीं। वह मेरी आधी चूत ही चोद रहा था। दर्द कम होते ही उसने मेरी चूत में अपना पूरा लौड़ा घुसा दिया।
पूरे लौड़े से अब मेरी चुदाई हो रही थी। उधर अमित खाली बैठा मुठ मार रहा था। कुछ देर तक सरस चूत चुदाई कर रहा था। सरस के हटते ही अमित ने आकर मेरा काम लगा दिया। अमित ने मुझे खड़ी उठाया। मै खड़ी हो गई। अमित ने मेरी टांग को उठाकर अपने कंधे पर रख लिया। मेरी टांगो के बीच में अमित ने अपना लौड़ा लगा दिया। उसने अपना लौड़ा मेरी चूत में घुसाने लगा। मेरी चूत में धीऱे धीऱे अमित का पूरा लौड़ा घुस गया। अमित जोर जोर से अपना लौड़ा अंदर बाहर करने लगा। इतनी जबरदस्त चुदाई आज पहली बार कर रहा था। मैं भी “…उंह उंह उंह हूँ… हूँ…. हूँ…हमममम अहह्ह्ह्हह…अई… अई….अई…” की चीख के साथ चुदवा रही थी।
सरस मेरी उछलती हुई चूंचियो को पकड़ कर मेरी चूंचिया दबाने लगे। दोनो तो आराम कर कर के चोद रहे थे। मै तो अकेली ही दोनों के मोटे लौंडे को खा रही थी। अमित बैठ गया। मै कुतिया बन कर उसका लौड़ा चूसने लगी। मैंने उसके लौड़े पर लगे माल को चाट कर साफ़ किया। मुझे झुका देख सरस झट से बिस्तर पर चढ़ कर मेरी चूत के पीछे घुटने मोड़कर बैठ गया। उसने अपना लौड़ा मेरी चूत में घुसा दिया। मेरी कमर को पकड़ कर उसने लपा लप अपना लौंडा मेरी चूत में डालने लगा। उसका लौड़ा बड़ी ही तेजी से मेरी चूत को फाड़ रहा था। मेरी चूत से पानी बहने लगा। उसने अपना लौड़ा निकाल कर मेरी चूत पर अपना मुँह लगा दिया।
उसने मेरी चूत के माल को पी लिया। अमित ने मुझे अपने लौड़े पर बिठा लिया। उसने अपना लौड़ा मेरी गांड़ में घुसाने लगा। उसका बड़ा लौड़ा मेरी गांड़ में आसानी से नहीं घुस रहा था। उसने अपने मुह से थोड़ा सा थूक निकाला। उसे अपने लौड़े के टोपे पर लगा लिया। अबकी बार उसने धक्का मारा। उसके लौड़े का टोपा मेरी गांड में घुस गया। मै इस बार कुछ ज्यादा ही तङप उठी। मेरी गांड़ फट गई। मै खूब तेज से “आ आ आ अह्हह्हह. ….ईईईईईईई……ओह्ह्ह्…..अई. …अई… अई….अई–मम्मी…” की आवाज से पूरा कमरा भर दिया। उसका लौड़ा मेरी गांड़ को फाड़ता हुआ। अंदर की तरफ घुस रहा था। मेरी चीखने की आवाज भी बढ़ रही थी। अमित ने अपना लौड़ा पूरा जड़ तक घुसा कर ही दम लिया। मेरी गांड़ का बुरा हाल हो गया। वो दुप दुप होकर उसका लौड़ा दबा रही थी। मैं अमित के लौड़े पर उछल उछल कर धीऱे धीऱे गांड़ चुदवाने लगी।
मुझे अब मजा आ रहा था। उसका लौड़ा मेरी गांड़ में अंदर तक घुस कर राहत दे रहा था। पूरा लौड़ा खाने के बाद भी मेरी गांड़ की खुजलाहट कम नहीं हो रही थी। इतने में सरस ने आकर मुझे उठा लिया। मै खड़ी थी। अमित भी उठ गया। दोनों मुझे अब एक साथ चोदना चाहते थे। दोनों ने मिलकर अपने एक एक हाथ से मेरी एक टांग को उठा कर ऊपर कर दिया। मै एक पैर के सहारे खड़ी थी। सरस पीछे और अमित आगे था। दोनों अपना लौड़ा पकड़ पकड़ कर मेरे अगवाड़े पिछवाड़े में डाल रहे थे। एक साथ दोनों अपना अपना औजार डाल दिया। धीऱे धीऱे दोनों अपनी गाड़ी को रेस देना शुरू कर दिया।
वो मुझे कुछ ही देर मे फुल स्पीड में चोदने लगे। मै जोर जोर से “ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ….ऊँ ऊँ ऊँ….ऊँ सी सी सी सी…हा हा हा….ओ हो हो….” की शोर से चुदवा रही थी। दोनो ने मिलकर मेरी गांड़ और चूत का भरता लगा डाला। दोनों एक साथ झड़ने वाले भी हो गए। उन्होंने ने अपना लौड़ा मेरी मुँह में लगाकर मुठ मारने लगे। दोनों ने अपने गन्ने का रस मेरी मुह में गिरा दिया। मै उनके जूस को पी गई। हम तीनों नंगे ही लेट गये। दोनों ने उठ कर एक बार मेरी फिर से चुदाई की। मैं कुछ देर बाद अपने घर चली आई। कहानी आपको कैसे लगी, अपनी कमेंट्स नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर जरुर दे।

मेने मेरी बेस्ट फ्रेंड की चुदाई की

Best Friend Sex Story : थैंक्यू दोस्तों आपने मेरी आंटी की चुदाई की कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर आप लोगो को पसद आई. आज फिर आप लोगो के लिए एक नया किस्सा लेकर हाजिर हे आप का दोस्त राज शर्मा .दोस्तों कहानी इस तरह है दोस्तों. मेरी एक बहुत सुंदर दोस्त है और उसका नाम रीना है जो रतलाम में ही रहती है. उसके फिगर का साईज 34-28-38 है और हम दोनों एक बहुत अच्छे दोस्त है. दोस्तों यह बात कुछ महीने पहले की है, बातों में हम दोनों आपस में बहुत खुले हुए है और हम एक दूसरे से हर तरह की बातें किया करते है,

आज भी वो रतलाम में एक किराए के मकान में अपने मकान मालिक के साथ रहती है. दोस्तों मेरा उसके रूम पर हमेशा आना जाना रहता था और जब भी हम मिलते तो किस करते थे और हग भी करते धीरे धीरे हम इन सब से आगे बढ़ते चले गये. दोस्तों उसका एक बॉयफ्रेंड भी था और वो उसे भी बहुत पसंद किया करती थी, लेकिन मैंने महसूस किया कि वो हमेशा मेरे साथ कुछ ज्यादा खुश रहती थी, मेरे साथ वो अपने रूम पर किस करती, हग करती और हम दोनों साथ लेटकर घंटो तक बातें किया करते थे और एक दूसरे को कपड़ो के ऊपर से छुआ करते थे और में उसके बूब्स को दबाया करता और उसकी गांड पर भी हाथ फेरता रहता था. वो भी मेरे लंड पर हाथ फेरती और लंड को बहुत देर तक हिलाती और हम दोनों कभी कभी पूरे नंगे होकर लेटे रहते, लेकिन ऐसा कुछ गलत नहीं करते, लेकिन एक दूसरे को चिपककर हमेशा किस करते रहते थे और इस बीच हम दोनों कई बार झड़ भी जाते, लेकिन हम अपना कंट्रोल नहीं खोते थे और बहुत मज़े करते थे. दोस्तों एक दिन में उसके रूम पर चला गया तो हम हमेशा की तरह ही किस करते रहे तभी अचानक से उस दिन उसने मेरा लंड मेरी पेंट से बाहर निकाल लिया और फिर वो उसे किस करने लगी. करीब 15 मिनट तक चूसने के बाद में भी बहुत गरम हो गया और में उसके होंठो पर किस करता रहा और अब में उसके बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाता निचोड़ता रहा और हम दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था.

तभी मैंने उसकी पेंटी में अपना एक हाथ डाल दिया तो मैंने महसूस किया कि उसकी चूत अब तक बहुत गीली हो चुकी थी और मुझसे भी कंट्रोल नहीं हो रहा था. वो अब लगातार मेरी मुठ मारे जा रही थी और करीब 20 मिनट के बाद हम दोनों एक एक करके झड़ गये और लेटे रहे. फिर हम कुछ देर बाद उठकर नहाने चले गये. फिर हमने अपने कपड़े पहने और खाना खाया. दोस्तों अब हमने अपने सभी कपड़े उतार दिए, सबसे पहले मैंने उसका कुर्ता उतार दिया और उसने मेरी टी- शर्ट को उतार दिया, फिर मैंने उसकी सलवार और उसने मेरा लोवर. दोस्तों अब वो मेरे सामने सिर्फ ब्रा, पेंटी में थी और में अंडरवियर और बनियान में था. मेरा तनकर खड़ा हुआ लंड अंडरवियर से बाहर उभरा हुआ दिख रहा था और फिर मैंने उसकी पेंटी को उतार दिया और अपना अंडरवियर भी फिर हम दोनों ने एक दूसरे को बहुत जमकर किस किया, तो कुछ देर बाद मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और उसकी गांड के नीचे एक तकिया रख दिया, जिससे उसकी चूत ऊपर होकर पूरी तरह खुल गई और में उसकी वो गुलाबी चूत देखकर बिल्कुल पागल सा हो गया.

अब में चूत पर अपने एक हाथ से उसे सहलाने लगा जिसकी वजह से वो धीरे धीरे मोन करने लगी और फिर मैंने सही मौका देखकर उसमे अपनी एक ऊँगली को डाल दिया और धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा, जिसकी वजह से वो काँप गई. फिर में उसके पूरे शरीर पर किस करता रहा और वो लगातार मोन कर रही थी. फिर हम 69 की पोजीशन में आ गए और वो मेरा लंड चूसती रही और में उसकी चूत को चाटता रहा जिसकी वजह से वो तड़पने लगी थी, लेकिन करीब 15 मिनट के बाद हम दोनों झड़ गये. फिर में उसे लगातार किस करता रहा और उसकी चूत में अंदर तक जहाँ तक मेरी जीभ गई में चूसता रहा और उसके बाद मैंने उसके बूब्स को बहुत देर तक दबाया और सक किया उसके बूब्स अब लाल हो चुके थे और वो मेरा लंड अपने मुहं में लेकर एक बार फिर से खड़ा कर रही थी और उससे भी अब कंट्रोल नहीं हो रहा था फिर मैंने उसके दोनों पैरों को फैला दिया और उसकी गांड के नीचे थोड़ा मोटा तकिया लगा दिया और उसकी चूत के मुहं पर अपने लंड पर कंडोम लगाकर टिका दिया और फिर दो जोरदार झटको में अपना पूरा का पूरा लंड एक ही बार में अंदर घुसा दिया जिसकी वजह से उसकी बहुत ज़ोर से चीख निकल गई, लेकिन उसने अपना मुहं बंद कर लिया फिर थोड़ी देर रुकने के बाद में उसे अब धीरे धीरे अंदर बाहर करता रहा करीब दस मिनट के बाद वो झड़ गई. तो मैंने उसे सीधा किया घोड़ी बनाया और अब मैंने उसकी चूत में पीछे से लंड को डालकर चोदना शुरू किया और फिर में उसे लगातार धक्के देकर चोदता रहा. करीब 25 मिनट तक लगातार उसको उस पोज़िशन में चोदने के बाद मेरा झड़ने वाला था. फिर उसने जल्दी से लंड को बाहर निकालकर लंड से कंडोम को उतार दिया और फिर वो लंड को अपने मुहं में लेकर मेरा सारा वीर्य पी गई. उसने फिर करीब 15 मिनट तक वहीं पर लेटकर आराम किया.

अब उसने कुछ देर बाद मेरा लंड एक बार फिर से चूसना शुरू किया और मेरा लंड खड़ा होते ही उसने मेरी तरफ मुस्कुराते हुए अपनी खुद की गांड को मेरे आगे करके वो मुझसे कहने लगी कि यह तो रह गई है. मैंने अपने लंड पर और उसकी गांड पर थोड़ा सा मक्खन लगा लिया और लंड को उसकी गांड पर बहुत ज़ोर से दबाव बनाते हुए अंदर डाला, लेकिन तीन बार जोरदार धक्के देने के बाद भी लंड नहीं घुसा और फिर मैंने थोड़ा और दम लगाया तो दो इंच अंदर घुस गया. उसकी आँखो से आंसू आ गये, लेकिन उसके चेहरे पर कोई दर्द नहीं था मुझे उसके चेहरे पर संतुष्टि साफ साफ नजर आ रही थी. अब उसने खुद ही अपनी गांड का पूरा ज़ोर लगाकर पीछे की तरफ एक झटका मार दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड थोड़ा और सरकता हुआ उसकी गांड में पूरा अंदर चला गया और में अब लगातार धक्के देकर चोदता रहा और फिर उसे करीब 15 मिनट तक लगातार चोदने के बाद हम दोनों झड़ गये.

अब हम दोनों नहाने चले गये और फिर नहाकर बाहर आने के बाद मैंने उसे एक बार फिर से चोदा. दोस्तों उसे बहुत मज़ा आ रहा था और वो मेरी चुदाई से बहुत खुश थी और उसके चेहरे पर संतुष्टि की चमक साफ साफ नजर आ रही थी. फिर थोड़ी देर बाद उसने मुझसे कहा कि तुम मेरे हाथ पैर दोनों को बांध दो और फिर मेरी जमकर चुदाई करो, में आज तुम्हे नहीं रोकूंगी. फिर मैंने उसके दोनों हाथों को बांध दिया और दोनों पैरों को पूरा फैलाकर बांध दिया. फिर में उसकी चूत की तरफ अपना मुहं ले गया और मैंने उसकी चूत को बहुत देर तक चाटा और मेरे लगातार चूसने चाटने की वजह से वो उछल उछलकर एक बार फिर से झड़ गई और तब पहली बार मैंने उसकी चूत का पूरा पानी चखकर देखा तो वो थोड़ा सा नमकीन था.

फिर उसकी चूत को कुछ देर चाटने के बाद मैंने उसके मुहं में अपना लंड डाल दिया और मेरे लंड पर उस समय चोकलेट फ्लेवर का कंडोम लगा हुआ था, वो बहुत खुश थी और कुछ देर चूसने के बाद उसने कंडोम को निकालकर लंड को सक किया और मैंने अपना सारा वीर्य उसके मुहं और बूब्स पर गिरा दिया. उसके कुछ देर बाद मैंने उसे अपनी गोदी में बैठाकर बहुत जमकर चोदा और फिर मेरा वीर्य करीब दस मिनट के बाद निकल गया, लेकिन अब उसकी चूत अपनी चुदाई के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुकी थी. फिर हमने ऐसे ही पूरे नंगे बैठकर एक साथ चाय पी, तब उसने मुझसे कहा कि बस एक बार और आज के लिए बहुत होगा और बाकी की चुदाई बाद में करना, लेकिन में इस बार उसकी चुदाई बिना कंडोम के करने को बोला, क्योंकि वो आज पहली बार मुझसे ही अपनी चुदाई करवा रही थी और अपनी चूत में पहले बहुत बार ऊँगली करके उसने अपनी सील को पहले ही तोड़ लिया था. अब हम एक बार फिर से अपनी आखरी चुदाई के लिए तैयार हो गए और इस बार में उसके नीचे और वो मेरे ऊपर थी. मेरे तनकर खड़े लंड पर धीरे धीरे अपनी चूत दबाकर लंड को अंदर घुसा रही थी. दोस्तों आज पहली बार में उसकी चूत की चमड़ी को अपने लंड की चमड़ी पर रगड़ते हुए देख रहा था और में आपको बता नहीं सकता कि मुझे उस समय कितना मज़ा आ रहा था. वो मेरे लंड पर धीरे से उठती और फिर नीचे बैठ जाती जिसकी वजह से लंड अंदर बाहर हो रहा था और वो खुद अपनी चुदाई मेरे लंड से कर रही थी और बहुत मज़े कर रही थी और फिर दस मिनट बाद हम दोनों झड़ गये और कुछ देर लेटे रहे. दोस्तों यह थी मेरी चुदाई की कहानी आप को केसी लगी [email protected]

अपनी बीवी के साथ साथ मैंने अपनी सास को भी चोदा और उनकी चूत से पानी भी निकला

हेल्लो दोस्तों, मेर नाम सुरेंद्र है। और मै बिहार का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 21 साल होगी, और मैं एक सरकारी जॉब करता हूँ। मैं देखने में बहुत स्मार्ट हूँ,  इसीलिये मेरी जिंदगी में कभी भी लड़कियो की कमी नही थी।  मैंने अपनी जिंदगी में बहुत सिटियाबाजी किया है। पहले अपने पापा के पैसो से और फिर नौकरी मिलने के बाद अपने पैसो से। मेरी जिंदगी में कभी भी पैसो की कमी नही थी जिससे चुदक्कड़ टाइप की लड़कियां खुद ही मेरे पास आ जाती  थी। कुछ दिनों तक मैं उनकी खूब चुदाई करता और उसके बदले में मैं उनके उनके  फोन में रिचार्ज करवा देता था और उनके लिए कुछ शॉपपिंग कर लेता था जिससे वो हमेशा खुश रहती थी। मैंने अपनी जिदगी में बहुत सी लड़कियो को चोदा है लेकिन मेरा कभी  मन नही भरता किसी की चुदाई करने से। और जब से मुझे नौकरी  मिली है तब से तो मैं और भी ज्यादा चुदक्कड़ हो गया हूँ। अगर कोई लड़की पैसे  भी मांग लेती है तो मैं पैसे देकर उसको चोद देता हूँ। मैंने तो बहुत बार बहुत सी लड़कियो से झूठे प्यार के चक्कर में फसा कर चोद दिया  है। और लड़कियो को भी  मुझसे  चुदने में मज़ा आता है तो वो मुझसे दुबारा चुदवाने के लिए  मुझे फोन भी करती है लेकिन मैं दोबारा उन्ही लड़कियो को चोदता हूँ जो मुझे  बहुत ही अच्छी लगती है।
आज मैं आप  सभी को अपनी ऐसी कहानी सिनाने जा रहा हूँ जो आप लोगो ने बहुत कम ही सुनी होगी। आप ये कहानी नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। कुछ साल पहले की बात है जब मुझे नौकरी मिली थी। मेरे घर वालो ने मेरी शादी एक जगह देखी और मुझसे कहा – “चलो तुम भी लड़की देख लो अगर  पसन्द आ जाये तो हाँ कर लेना”। मेरा मन नही था लेकिन मम्मी के कहने पर मैं  उनके साथ गया। जब हम लोग वहां पहुचे तो मेरी साँस और ससुर दोनों हम लोगो का ही इंतजार कर रहे थे।  हम लोग वहां पहुंचे तो उन लोगो ने हमारा स्वागत किया। पहले तो मैंने अपनी सास पर उतना ध्यान नही दिया क्योंकि  मेरा ध्यान  उनकी बेटी को देखने के लिए बेचैन था। मैं सोच रहा था  न जाने कैसी लड़की को मेरे मम्मी पापा ने पसन्द किया होगा। मेरी होने वाली सास ने हमको पानी  पिलाया और कहा – “मैं अभी पूजा को बुला कर लेती हूँ”।

 वो अंदर चली गई, और फिर  कुछ देर बाद अपनी बेटी के साथ में आई। जब मैंने पूजा को देखा तो वो तो मुझे एक ही नजर में पसंद आ गयी लेकिन फिर मेरी नजर अपनी होने वाली सास पर पड़ी , मैं तो उनको भी  देखता रह गया। वो क्या गजब की लग रही थी। ऐसा लग रहा था कि जैसे उनकी कोई बड़ी बहन है। मुझे तो माँ और बेटी दोनों पसन्द आ गई थी। मैंने तो सोचा भी नही था कि मेरी सास कभी मुझेसे चुदवा सकती है।  मैंने शादी के लिए हाँ कर दिया। मैंने सोचा बेटी तो मिलेंगी ही और कभी टाइम मिला तो उसकी माँ को भी  चोद लूंगा। जब मैंने शादी  से हाँ कर दी तो सब लोग खुश हो गए। घर के सारे लोग हम लोगो को घर में अकेला छोड़ कर बाहर चले गए की हम दोनों कुछ देर बातें करे। सबके  जाने के बाद मैंने पूजा से कुछ देर तक बातें की फिर मैंने उससे उसका फोन नंबर लिया। कुछ ही देर मैं उसके मन की बात जान ली , कुछ  देर  बाद मैंने चुपके से उसके  गाल पर किस कर लिया। तो वो खुश हो गयी और अंदर चली गयी।
कुछ दिन बाद हमारी शादी तय हुई लेकिन मेरी नजर अपनी होने वाली सास पर थी। शादी से पहले मेरी तिलक हो चकी थी और कुछ दिन बाद हमारी शादी भी हो गयी और और हमारी शादी के बाद मेरी सुहागरात वाली रात आई,  मैंने उस दिन एक जोश वाली  दवाई लायी क्योकि मैं उसे पूरी रात चोदने वाला था।

रात हुई मै कमरे के अंदर गया, वो चुपके से बेड पर बैठी थी, मैंने अपने कपडे उतार कर उसके बगल में बैठी गया और कुछ देर मैंने उससे बातें की फिर मैंने अपने हाथो को उसके हाथो पर रख दिया और धीरे धीरे उसकी ओर बढ़ने लगा, वो भी थोड़े से जोश में थी क्योकि मुझे लगता है वो भी चुदाई के बार में ही सोच रही थी। मैंने उसके घूँघट को हटा दिया और सीधे ही मै उसने होठो पर टूट पड़ा। और बहुत देर तक उसके होठो को चूसने के बाद मैने बहुत देर तक उसके मम्मो को दबाया और फिर मैंने उसके कपड़ो को निकाल कर उसके मम्मो को पिया और फिर मैंने मोटे लंड को पूजा के मुह में रखा दिया और मै उसके अपना लंड भी चुसाया। अपने लौड़े को चुसाने के बाद मैंने अपने लंड से पूजा की चूत को चोदना शुरु किया। मेरी चुदाई से धीरे धीरे पूजा का बुरा हाल होने लगा मै उसको बहुत तेजी से चोदने लगा और उसकी चूत को चोद चोद कर फैलाने लगा। कुछ देर तक चोदने के बाद मैंने जोश वाली दवाई खा ली जिससे कुछ ही देर में मै पूजा की चुदाई और भी तेजी से करने लगा। और पूजा चीख चीख कर रो रही थी, लेकिन मेरी चुदाई रुकने वाली नही थी। मै पूरी ताकत से पूजा को चोद रहा था। मैंने लगभग पूजा को 2 घंटे तक लगातार चोदता रहा। चुदाई खत्म होने के बाद भी मैंने बहुत देर तक उसकी चूत और चूचियो से खेलता रहा।

शादी के कुछ दोनों तक मैंने पूजा को खूब चोदा। लेकिन कुछ दिन में जब मेरा मन उसकी चूत से भर गया तो मैने सोच की किस तरह अपनी सास को मै चोदुं। एक दिन मैंने अपनी सास को फोन किया और उनसे कहा – “आप की बेटी बहुत कामचोर है और मेरे साथ ठीक से नही रहती है”। आप ये कहानी नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। अगर कुछ दिनों तक ऐसे ही चलता रहा तो मै जल्दी ही इसे छोड़ दूंगा। तो मेरो सास डर गई और मेरे फोन को काट कर  पूजा को फोन किया। तो उसने अपनी माँ से कहा सब तो ठीक है कुछ नही हुआ है।

तो कुछ देर बाद मेरी सास का फोन फिर से आया उन्होंने मुझसे कहा – सब तो ठीक है तब ऐसी बात क्यों कर रहे हो?? तो मैंने उनसे सीधे कह दिया सब तो ठीक है लेकिन मै आप को चोदना चाहता हूँ क्योकि जब मैंने पहली बार आप को देखा तो मेरे मन में आप को चोदने का ख्याल आया। ये सच है की अगर आप मुझसे नही चुदोगी तो मै आप की बेटी को छोड़ दूंगा। मेरी बातों को सुन कर वो कुछ देर कुछ नहीं बोली फिर कुछ देर उन्होंने कहा अगर ऐसी बात है तुम मुझको चोदना चाहते हो तो चोद लो लेकिन मेरी बेटी की जिन्दगी मत बर्बाद करना। उन्होंने मुझसे कहा – तुम्हारे ससुर रोज दिन में अपनी डिउटी पर चले जाते है और मै घर में अकेली रहती हूँ, तुम आ जाना और किसी को सक भी नहीं होगा की तुम मेरी चुदाई करने आये हो। मै उनकी बातो को सुन कर खुश हो गया, मेंने उनसे कहा मै कल आऊंगा।

अगले ही दिन मै उनके घर आ गया, जब मै वहां पंहुचा तो वो घर पर ही थे, कुछ देर तक उनसे बातें हुई फिर वो चले गये और मुझसे कहा बेटा खाना खा कर जाना। तो मैंने मन में सोचा मै तो तुम्हारी पत्नी को खाने आया हूँ और खाना खाने की बात करते है। जैसे ही वो गए मै अपनी सास को उनके बेड रूम में ले गया और उनको बेड पर लिटा दिया और उनकी पतली और रसीली होठो को चुसने लगा और साथ में मै उनक शरीर पर अपने हाथो को फेरते हुए उनकी चूचियो को दबाते हुए उनके मम्मो को मसल रहा था।  जिससे कुछ ही देर  में मेरी सास भी जोशीली हो गई और मुझे अपने बाँहों में भर लिया और मेरे होठो को चूसने लगी और मेरे बदन को सहलाते हुए मुझको कस कर जकड़ लिया। आप ये कहानी नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। मैंने उनके होठो को पीते पीते मै उनके गले को भी पीने लगता और मै उनके गले को अपने दांतों से काटने लगता जिससे मेरे सास तडप जाती थी और मेरे होठो को और भी जोर से चूसने लगती थी। बहुत देर तक मै उनके होठो को शराब के प्याले की तरह पीता रहा। और साथ में मैं उनके निचले होठो को काट कर अपनी सास को और भी उत्तेजित कर रहा था।

 लगातार मैंने आधे घंटे तक मैंने उसकी होठो का रसपान किया और फिर मै धीरे धीरे उनके गले को पीते हुए उनकी चूचियो को पिने के लिए नीच बढ़ने लगा। जब मै नीचे बढ़ रहा था तो मेरी सास बहुत ही जोशीली हो गई थी। मैंने धीरे से उनके मम्मो को अपने हाथो में ले लिया और दबाने लगा और धीरे धीरे मैंने उनके ब्लाउस की बटन को खोल दिया और उनके गोर गोर मम्मो को अपने हाथो से सहलाते हुए दबाने लगा, क्योकि उन्होंने उस दिन ब्रा नही पहना था। मैंने उनके मम्मो को मसलते हुए पिने लगा। कुछ ही देर मै और मै और भी जोश में आ गया और उनकी चूचियो को अपने दांतों से काटने लगा और मेरे सास जोर जोर से चीखने लगती और मुझको जोर से पकड लेती। कुछ देर तक उनके मम्मो को पीने के बाद मैंने अपने मोटे से लौडे  को निकाल और अपनी सास के मम्मो पर पटकते हुए मैंने अपने लंड को उनके मुंह के पास ले गया और उनके होठो में अपने लंड को लगाने लगा। कुछ देर बाद मेरी सास ने  मेरे लंड को  जल्दी से अपने मुह के अंदर ले लिया उर मेरे लंड को अपने पति के लंड की तरह से चूसने लगी। वो मेरे लंड को चूस ही रही थी की मेरे अंदर मेरे जोश का सैलाब उठा और मैंने उनके गले को पकड लिया और मै जल्दी जल्दी उनके मुह में पेलने लगा। और कुछ देर बाद मैने अपने लंड को उनके गाल की तरफ कर दिया और उनके मुह में पेलने लगा, जिससे उनके गाल पर बहुत जोर पड़ रहा था और जोर जोर से अहह अहह अहह अह उह उह उह ओह ओह ०ह्हह ह्हहा करने लगी। आप ये कहानी नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। जब कुछ देर बाद मैंने अपने अपने लंड को उनके मुह से बहर निकाला तो उनके मुह से बहुत ज्यादा लार निकलने लगा, क्योकि उनको लार लीलने का समय नही मिल रहा था।

उन्हें अपने लंड चूसने के बाद मैंने उनकी साडी को बिना खोले ही  मैंने उनकी साडी को उठा दिया, जिससे उनकी काली रंग की पैंटी दिखने लगी थी। मैंन उनके पीने को खीच कर छोडने लगा जिससे मेरी सास और भी कामुक होकर तडप जाती। फिर मैने उनकी पैंटी को निकाल दिया। जब मैंने उनकी पैंटी निकली तो मैंने देखा उनकी चूत काफी साफ और उम्र के हिसाब से काफी सटी हुई भी। मैंने बिना कुछ सोचे समझे अपने लंड को उनकी चूत में लगने लगा और कुछ देर में मैंने पहले ही बार में जोर लगा कर अपने लंड को  उनकी चूत के अंदर डाल दिया। जब मेरा मोटा लंड उनकी चूत के अंदर गया तो वो चीखने लगी। लेकिन मैंने अपना लंड उनकी चूत से बाहर नही निकाल और लगातार उनकी बुर को चोदने लगा। कुछ ही देर में मेरा लंड और भी टाइट हो गया और उनकी चूत को फाड़ने लगा। मेरा लौडा बार बार मेरी सास के भोसड़े में में जा रहा था जिससे उनकी चूत होठ की तरह बार बार खुल और बंद हो रही थी।  और तेज तेज से .. “उ उ उ उ ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ अहह्ह्ह्हह सी सी सी सी.. हा हा हा.. ओ हो हो……..उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ. हमममम अहह्ह्ह्हह.. अई…अई….अई..आऊ….. आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह….सी सी सी सी.. हा हा ….अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्……उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह…..चोदोदोदो…..मुझे और कसकर चोदोदो दो दो दो” कह कर चीख रही थी। और मै लगातार उनकी बुर को चोद रहा था।

कुछ देर बाद मैंने अपने लंड को उनकी चूत से बहर निकाल लिया और उनको कुत्तिया बना कर मै उनके उपर चढ़ गया और उनके गांड को फैला कर अपने लंड को उनकी गांड में डाल दिया और जोर लगा कर पेलने लगा। और मेरे सास और भी तेज तेज से चीखने लगी थी। लेकिन मै बिना कुछ सोचे समझे उनको चोद रहा था। मै लगातार उनके गांड को मार रहा था और कुछ देर बाद मुझे  लगा अब मै झड़ने वाला हूँ तो मैंने और भी जोर लगा कर उनकी गांड मारने लगा। और मेरी सास बेचारी वो तो केवल दर्द से चीख रही थी। कुछ देर लगातार जोर लगाकर पेलने से मेरे लंड से मेरा माल मेरी सास की गांड में ही गिर गया उर कुछ देर बाद उनकी गांड में से चूने लगा। जब मेरा माल निकला तो मुझे बहुत अच्छा लगा। अपने सास को चोदने के बाद मैंने कुछ देर तक उनकी चूत में उंगली की और उनकी चूत से पानी निकाल लिया।

दोस्तों इस तरह से मैंने बीवी के साथ साथ अपनी सास को भी चोदा। आप ये कहानी नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

हवस में हुई नादानी मैंने चुदवाया अपने दोस्त को बोयफ़्रेंड बनाकर

हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम राधिका सिंह चौहान है। मेरी ऊम्र 21 साल और मै जौनपुर की रहने वाली हूँ। अब मै अपने बारे में क्या बताऊँ यारों 32-28-32 का साइज था। मेरा गोरा रंग, भूरे बाल, काली-काली बड़ी-बड़ी आँखें, गुलाबी होंठ, कसे हुए चूचे और उभरे नितंब। मुझे देखकर किसी भी लड़के का लंड खड़ा हो जाए। मैं भी आप लोगो की तरह अन्तरावस्ना पर कुछ sex भरी बातें पढ़ कर अपने जवानी की आग को शांत कर लेती हूँ।
लोगो के सेक्स स्टोरी पढ़ कर मुझे अच्छा और सुकून भरी जीवन का अहसांस होता है । मैंने सोचा की कोई मेरी भी लव स्टोरी पढ़े और ये जाने की क्या होता है, जब सच में किसी को किसी से प्यार होता है।
अब ये मेरी नादानी थी या मेरी हवस ?? बहूत कुछ सोचते हुए मैंने खुद की एक स्टोरी जो की सायद मेरे जीवन का एक ऐसा पल है जिसे सायद भुला पाना आसान नहीं।
दोस्तों अब मैं ज्यादा कुछ ना बोलते हुए मै आपको अपनी उस कहानी की दरिया में ले जाना चाहूंगी, जहा से आप वापस नहीं आना चाहेंगे।
तो कहानी शुरू होती है मेरे शहर जौनपुर से मैं उस समय 12th पास कर के अपनी ग्रेजुएशन की पढाई करने के लिए नवाबो के शहर लखनऊ सिटी में Amity यूनिवरसिटी में Forensic chemistry में एडमिशन ( दाखीला) करवाया। उस दिन 20/07/2013 तारीक थी, ये डेट मुझे याद है क्योकि की स्टडी की पहली क्लास थी।
क्लास शुरू होने से पहले हमारे टीचर ने हम लोगो की खुद से और एक दूसरे से भी introduced करवाया।
लड़को में मुझे एक लड़का दुर्गेश कुमार चौहान जो की मेरे ही करीब के वाराणसी शहर से था और मेरे ही कॉस्ट का था।
अब हर कोई लगभग अपनी ही करीबी से दोस्ती करना पसंद करेगा क्योकि शायद बुरे समय में उसका और मेरा दोनों का साथ दे लगभग हर कोई अपने ही कॉस्ट में दोस्ती और रिलेशनशिप रखना ज्यादा पसंद करता है।
तो मेरा भी उससे दोस्ती करने का मन हुआ, और मैं आप को बता दूँ क़ि ये मेरी पहली और आखरी गलती थी जो अब मैं सायद कभी ना करूँगी।
वो लड़का भी थोड़ा अजीब ही था सबसे सांत और सबसे अलग सायद यही वो चीज थी जो क़ि मुझे उसकी तरफ बार बार खींच रही थी।
मैं उससे दोस्ती करू तो करू कैसे ?? क्योकि मैंने कभी किसी लड़के से न ही बात की और न ही दोस्ती और वो सिर्फ क्लास में आता और पढाई करता उसे किसी और से कोई वास्ता नही रहता था। आप ये कहानी नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहें है। पर सायद रब की मर्ज़ी थी हम एक दूसरे की कॉलेज के कैंटीन में अचानक टकरा गये हमने एक दुसरे को सॉरी बोला कर फिर मेरे जुबां से एक लफ्ज़ निकला ,दोस्ती में नो सॉरी नो थैंक्स फिर उसने पूछा की हम दोस्त कब हुए मैंने बात को घूमते हुए बोला की हम क्लासमेट है ,और क्लासमेट तो दोस्त के तरह ही होता है।
काफी समय बीतने के बाद हम एक दुसरे के काफी अच्छे दोस्त बन चुके थे। अब हमने आपस में कांटेक्ट नंबर शेयर कर चुके थे हम कभी कभी घंटो चैटिंग करते भी करते रहते थे।
समय निकलता गया और हमारा दोस्ती कब प्यार में बदल गया कुछ मालूम ही नहीं हुआ।
अब हम एक दुसरे के साथ बाहर आउटिंग पे भी जाने लगे और एक दुसरे को निक name भी दिया।। समय ऐसा भी आया की हमारे कॉलेज की टूर उत्तराखंड के लिए जा रही थी और हम लोगो ने भी उसमे अपने अपने नाम लिखवा दिये।
टूर के दौरान हम लगो को एक एक पार्टनर चुनना था जो हमारी हेल्प कर सके। हम एक ही सीट पर बैठे और उत्तराखंड के लिये कॉलेज से रवाना हो गए।
हम सब को अलग अलग रूम मिला मेरा रूम उसके के जस्ट बगल वाला था। सुबह हुई मुझे नहाना था पर मेरा एक बैग उसी के पास छूट गया था जिसमे मेरा कुछ सामान था मैं उसे लेने के लिए गई और मैंने गेट नॉक किया पर गेट उस समय खुला हुआ था मैं जल्दी से गई और उससे बोली दुर्गी – मेरा वो बैग कहा है इतना बोलते ही मैं एकदम से चुप सी हो गयी क्योकि वो उस वक़्त बाथरूम से नहा कर ही निकला था उसे नंगा देख मेरे बदन की एक एक रोम खड़े हो गये और उसका मोटा लंड और चौड़ी छाती उस के मर्द होने की सबूत दे रहा था।
मैंने झट्ट से अपनी आँख बंद कर वहाँ से भाग कर अपने रूम में वापस आ गई ,कुछ समय बाद दुर्गी मेरे दरवाजे पर दस्तक देते हुए बोला की लो अपना बैग और जल्दी से तैयार हो जाओ हम लोगो को घूमने निकलना है। मैं फटा फट तैयार हो कर रूम से बाहर आयी मैंने रेड कलर की सूट पहन रखी थी जिसमे मै शायद बहूत ही सेक्सी लग रही थी क्योकि सब की नज़र मुझ पर ही थी। मैंने दुर्गी से बस में पूछा – क्यों क्या हुआ सब मुझे ऐसे क्यू देख रहे थे। तो उसने कहा – “आज तुम किसी कयामत से कम नहीं लग रही”। हम लोग घूम के वापस आ गए रात हो गई अब सब लोगो को डिनर के लिए नीचे जाना था, हम भी गए और डिनर के दौरान दुर्गी भी मरे पास बैठा और पूछने लगा, आज का दिन कैसा रहा। मैंने बोला – पहले तुम अपना बताओ। उसका जवाब था कि आज की सुबह मेरे लिए याद गार रहेगी शायद ही मैं कभी भूल पाऊ।
मैंने सरमाते हुए कहा- “तुम बहूत मज़ाकिया किस्म के हो गए हो, डिनर के दौरान हमने एक दूसरे के पैरों को मज़ाक मज़ाक में टच कर रहें थे। जिससे मै धीरे धीरे शायद जोश में आने लगी थी। मैंने किसी तरह डिनर ख़त्म कर के अपने रूम में जा के सोचने लगी की शायद आज जो हुआ या हो रहा था वो गलत है लकिन मुझे बहुत मज़ा आया और ज़िन्दगी में नए सुख का अहसास हुआ। अब रात बहुत हो गई थी मैं सोने जा रही थी।
सोने से पहले मैंने अपनी ड्रेस चेंज किया, और आज के दिन मैंने अपनी नई पैंटी और ब्रा पहन कर सोने के लिये बेड पर गई तभी मैंने जोर जोर चीखने लगी मेरी आवाज सुन कर दुर्गी रूम के बाहर आया और बोला – क्या हुआ।
मैंने कहा – छिपकली छिपकली, मेरे बेड पर छिपकली है। दुर्गी ने कहा – “दरवाजा खोला मैं अभी छिपकली को भगा दूंगा”। मैंने डर के मारे दरवाजा खोला और दरवाजे के पीछे छिप गई दुर्गी कमरे में आया और छिपकली को चादर समेटते हुए विंडो से बाहर फेंक दिया।
उसके मुड़ने के बाद मुझे ख्याल आया मैंने कुछ भी नहीं पहना शिवाय पैंटी और ब्रा के अब मैं और शर्मिन्दा हो गई मुझे इस हालत में देख के उसकी भी आँखे खुली की खुली रह गई। आप ये कहानी नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहें है, वो मुझे देखता ही रह गया मैंने बोला – “तुम अपनी आंखें बंद करो और मुझे वो मैक्सी दो जल्दी”। पर शायद मुझे नंगा देख उसकी उसके अंदर का शैतान जाग गया था। उसका लंड जो की पैजामे में कैद था वो बाहर आने के लिए अंदर से ताकत लगा रहा था। जिससे की उसका पैजामा लंड के दबाव से उठता जा रहा था। उसने खुद को कंट्रोल कर अपने लंड को हाथ से दबा कर उसे अपने नारे की गांठ घुसा दिया और मुझे मैक्सी देने के लिए आगे बढ़ा। मै पसीने से लतपत हो गई थी मैक्सी लेने के लिए अपने हाथ को आगे बढ़ाया जैसे ही उनका हाथ लगा, उसका लंड एकदम से खड़ा हो कर आगे एकदम तोप की तरह सामने खड़ा हो गया अब हम दोनों के जिस्म से सिर्फ और सिर्फ पसीने आना शुरु हो गया और हम एक दुसरे को सेक्स भरी नज़रो से देखने लगें थे। अब शायद हम दोनों का कण्ट्रोल खुद पर से हट चूका था।।
जिससे हम दोनों के मुख से उम्म्ह… अहह… जैसे आवाज़ निकलने लगी।
मै उससे चिपक गई और उसे किस करने लगी. उसने भी देर न करते हुए मेरे बूब्स में हाथ डाल दिया। और मेरे बूब्स बहुत टाईट थे, दबाते वक्त उसे बहुत मजा आ रहा था जिससे उसको और मुझे भी हम दोनों को सेक्स का भूत चढ़ने लगा.
वो मुझे गोद में उठा कर मेरे बूब्स को चूमने लगा मेरे बदन में जैसे बिजली दौड़ गई हो जोश दोनों में इतना था कि हम एक दुसरे को नोचने चाटने लगे। उसने मुझे बेड पर पट्ट दिया। और मेरे होठो को चूसना शुरु कर दिया। दुर्गी मेरे होठो के निचले होठो को बार बार काट रहा था जिससे मै और भी उत्तेजित हो जाती और उसको कस कर बाँहों में भर लेती। मै भी बड़ी मस्ती से उसके होठो को चूसने लगती। हम दोनों ने एक दुसरे के होठो को लगभग 20 मिनट तक चूमते रहे।
मै सिर्फ ब्रा और पेंटी में थी, फिर उसने वो भी उतार दी और मेरे नंगे शरीर को धीरे धीरे किस करने लगा। उसने मेरे पूरे बदन पर किस करने के बाद मेरे मम्मो को दबाते हुए उसको पीने लगा। आप ये कहानी नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहें है। वो मेरे मम्मो को बड़ी मस्ती से पीते हुए मेरी चूत पर अपने हाथो को सहलाने लगा। जिससे मै बेकाबू होकर उसके हाथो की उंगलियो को पकड कर अपनी चूत में डालने लगी।
बहुत देर तक मेरी चुचियो को मसलते हुए पीने के बाद वो मेरी शरीर को चुमते हुए मेरी चूत की तरफ बढ़ने लगा। जैसे ही वो मेरी चूत के पास पहुंचा, मैंने उसका सिर अपनी चूत में दबा लिया, फिर मैं बोली- अब नहीं रहा जाता… उम्म्ह… अहह… हय… याह
उसने मेरी पैंटी पहले ही उतार दी थी, उसने मेरी चूत को देखा और कहा कि आह आह कितनी सुन्दर… तुम्हारी चूत मैंने पहली बार बुर देखी है, आप ये कहानी नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहें है। बिल्कुल तुम्हारे होंठो की तरह नीचे भी एक होठ है ,जिसमे अजीब सी गर्मी और अजीब सी महक है .उसने नीचे के होंठों का चूसना शुरू किया.
अपना पूरा मुंह खोला और पूरी बुर को मुंह में भर कर उसी पर दांत काट लिया.
अब मेरी झरने की बारी थी अब मैं कांप रही थी और उम्म्ह… अहह… हय… याह…अहह ओह्ह्ह ओह्ह उनहू उनहू ,,,….. कर रही थी, तभी मैं जोर से कांपी और मेरी चूत का पानी छुट गया. वो तब भी बुर चाट रहा था, आधा चाटा और आधा बहाया.
मैंने उससे कहा ये बैमानी है मै भी तुम्हारा लंड चूसना चाहती हूँ फिर उसने अपनी नेकर को खोला और अपने लंबे और मोटे लंड को निकाल कर मेरे हाथो में रख दिया। मैं उसके लंड को सहलाते हुए चूसने लगी। उसे डर लग रहा था कहीं मैं दांत से ना काट लू। और मैंने जोश में उसके लंड को कच्च से दांत काटा और उसका लंड दर्द होने लगा।
मगर उसके बाद भी वो अपने लंड मेरे मुंह में देकर मुझे चूसता रहा उसे मजा आने लगा।

बहुत देर तक लंड चूसने के बाद वो मेरे ऊपर आया मेरी टांगें फैलाई और चूत पर लंड रखा, और एक जोरदार झटका दिया लेकिन उसका लंड फिसल गया.और मेरी चूत से बाहर चला गया
फिर दुबारा यही… 3 बार ऐसा हुआ… चौथी बार लंड को उसने सैट किया, एक बार और जोर का झटका मारा और लंड थोड़ा सा अन्दर गया…
दोनों की चीखें एक साथ निकली ‘आआअहह..’
मैंने पूछा तू क्यों चिल्लाया?? मेंरी तो पहली बार है थोड़ा दर्द तो होगा ना!
और मेरा चमड़ा छिल गया…उसका लंड खुल गया था, टोपी बाहर… फिर लंड सेट किया, फिर एक धक्का… दर्द कम हुआ और फिर धीरे-2 मेरी चूत ढीली होने लगी थी। आप ये कहानी नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहें है। उसे मजा आ रहा था, उसका लंड जरा सा अन्दर था, उसको कन्ट्रोल नहीं हुआ उसने एक और झटका मारा, फिर मैं चिल्लाई, मेरे आँसू निकलने लगे.
उसने एक और झटका मारा लंड पूरा अन्दर… मैं रो रही थी- निकालो निकालो!
मैं दर्द के मारे ..मम्मी मम्म …उनहूँ उनहू उनहू … उ उ उ उ उफ़ उफ़ उफ़ ओह ओह्ह्ह्ह …..दर्द हो रहा है … कह रही थी।
लेकिन उसने लंड नहीं निकाला.
फिर 5 मिनट बाद मुझे भी मजा आना शुरू हुआ, जोर का झटका ‘हाय जोर से लगा…’ और कमरा पूरा …..”आह आह आह आह आह उई आह उई आह उई..” हो रहा था, उसे हरामीपन सूझ रहा था, वो चोदते चोदते मेरी कमर में गुदगुदी कर रहा था और चुची चूस रहा था, और दांत से काट भी रहा था। मैं आह उई आह उई आह उई करती रही और कह रही थी- चोदो चोदो और चोदो!
फिर उसने चोदते चोदते मेरी गांड में भी उंगली डाल दी, मैं दर्द के मारे उछल पड़ी.
कुछ देर में वो झर गया।
रात भर में हमने तीन बार चुदाई की. सुबह देखा तो चादर खून से सनी थी और मैं ठीक से चल भी नही पा रही थी।
मैंने सुबह दुर्गेश को बताया मेरी चूत बहुत दर्द हो रहा है। तो उसने मेरे लिये दवाई लाई और मुझे अपने हाथो से खिलाया। मै ठीक तो हो गयी लेकिन मेरी पहली चुदाई के बाद तो मेरी चूत बिल्कुल ढीली हो गयी क्योकि मै और दुर्गी रोज किसी ना किसी बहाने से मुझे चुदवाने के लिये मना लेता था। आप ये कहानी नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहें है।

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