गर्मागर्म चुदाई रजाई में कौन है मुझे चोदने वाला जानिए

जीजा साली सेक्स

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मेरा नाम स्वाति है। मैं 22 साल की खूबसूरत हॉट लड़की हूँ। आज मैं आपको अपनी चुदाई की कहानी सुनाने जा रही हूँ। दोस्तों ये मेरी पहली कहानी है नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर, ऐसे में रोजाना रात को इस वेबसाइट की कहानियां पढ़कर सोती हूँ।

अब आपको मैं बता देती हूँ मेरे घर में मेरे अलावा मेरी माँ रहती है। एक मेरी बहन है जिनका शादी पिछले साल ही हुआ है। मेरे पापा दुबई में रहते हैं। मैं और मेरी माँ दोनों नोएडा में रहती हूँ। मैं नॉएडा में इंजीनियरिंग की पढाई कर रही हूँ।

कल रात मेरे जीजू आये थे वो कनाडा में रहते हैं। मेरी बहन भी वही रहती हैं वो बंगलौर आये थे अपने कंपनी के काम से और आज रात उनकी फ्लाइट है इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली से। तो वो रात में यहीं रुक गए थे। मेरा जो घर है है उसमे दो फ्लोर है निचे मम्मी सोती हैं और मैं ऊपर फ्लोर पर सोती हूँ। ऊपर फ्लोर पर दो कमरे है एक गेस्ट रूम है जिसमे जीजू सोने वाले थे।

दोस्तों हम तीनो डिनर कर के सोने चले गए। मेरे कमरे में टीवी है तो जीजू इंडिया और वेस्टइंडीज का मैच देखने लगे तब तक मम्मी सो गई थी। मैच ख़तम होते लेट हो गया था। जीजू बोले यहाँ भी ठण्ड बहुत ज्यादा हो गया है। पता नहीं नींद कैसे आएगी, मुझे तो आदत है पकड़ के सोने का। तो मैं बोल दी तो पकड़ के सो जाओ कौन मना कर रहा है। तो जीजू बोले अपना नहीं मुझे तो गोल गोल पकड़ कर सोने की आदत है। तो मैं बोली क्यों को भी ले आते।

तो जीजू बोले क्यों आप यहाँ हो तो उसको लाने की क्या जरुरत , मैं बोली मैं अभी कच्ची कली हूँ। अभी इस सब में नहीं पड़ना चाहती, अभी खेलने के दिन नहीं नहीं की चुदने के। तो जीजू बोली अभी सही समय है अभी ही तो मजा आएगा। बाद में क्या? उम्र ढलने लगेगा। फिर जीजू बोले तो किश करने ही दे दो उसी से काम चला लूंगा और बाद में मूठ मार लूंगा। तो मैं बोली घर आये मेहमान की इज्जत होनी चाहिए। मूठ क्यों मारोगे।आज रात का काम चला देती हूँ। मेरी चूत में भी गर्मी चढ़ी है सर्दी के दिनों में। ऐसे भी सर्दी का मौसम है।

इतना कहते ही जीजू मुझे पकड़ लिए और मुझे चूमने लगे। फिर उनका हाथ मेरी छाती पर यानी की मेरी चूचियों पर पड़ गया और वो धीरे धीरे दबाने लगे। रात के करीब बारह बजने को थे। मैं भी उनके बाहों में आ गई और कब हम दोनों एक दूसरे के कपडे उतार दिए पता भी नहीं चला और फिर वो मेरी बदन को सहलाते हुए मेरी चूचियां दबाते हुए मेरे होठ को चूसने लगे वो मेरी होठ को लॉक कर दिए अपने होठ से।

दोस्तों हम दोनों एक बीएड पर थे पर रजाई अब ओढ़ ली थी। और फिर रजाई में शुरू हुआ चुदाई का खेल, वो मुझे निचे दबा दिए और होठ से शुरू करके मेरे पैर के अंगूठे तक जीभ से चाटने लगे। मैं पानी पानी हो रही थी। मेरी चूत काफी गरम हो चुकी थी। पानी छोड़ रही थी चूत से। मेरे रोम रोम सिहर रहे थे। मैं पूरी तरह चुदने को तैयार थी। पर जीजू अभी और समय लेना चाह रहे थे। वो मेरी चूत को चाटने लगे। अंदर तक वो जीभ डाल रहे थे। मैं आह आह आह कर रही थी उनके माथे को पकड़कर मैं अपना चूत चटवा रही थी। मैं काफी ज्यादा कामुक हो गई थी।

मैं उनके सर को अपने चूत में रगड़ रही थी वो नमकीन पानी जो मेरी चूत से निकल रहा था वो चाट रहे थे। दोस्तों मेरे पुरे शरीर में सिहरन हो रही थी। मैं कामुकता की हद को पार कर चुकी थी। अब बारी आया मुझे चोदने का। अब उन्होंने मेरे दोनों पैरों को अलग अलग कर दिया और अपना लौड़ा मेरी चूत पर लगा दिया और जोर जोर से घुसाने लगे पर मेरी छूट की छेद छोटी होने की वजह से अंदर नहीं जा रहा था। उन्होंने वेसलिन थोड़ा लगाया अपने लौड़े पर और फिर से कोशिश किया और इस बार उनका पूरा लौड़ा मेरी चूत में समा गया और फिर यहाँ से शुरू हुआ चुदाई का सफर।

दोस्तों फिर क्या था वो जोर जोर धक्के देते और मेरी चूचियां हवा में हिलती और झटके से मैं हरेक बार छह इंच आगे पीछे हो जाती। दोस्तों मैं भी कहा कम थी मैं भी उनको अपने पैरों की जंजीर में समेट ली और चुदवाने लगी। उन्होंने मुझे खूब चोदा।

पहले उन्होंने बेसिक स्टाइल में चोदा फिर उन्होंने कुतिया बना कर चोदा फिर वो निचे हो गए और मुझे ऊपर रखा। ये स्टाइल मुझे बहुत पसंद आया क्यों की ऐसा करने से मैं जितना तेज चाहती चुदने उतनी तेज में चुद रही थी। दोस्तों रात भर उन्होंने मुझे चोदा। दोनों साथ ही सोते रहे। यहाँ तक की मेरी माँ को भी पता चल गया था की रात भर मैं चुदी हूँ। उन्होंने बोला रंडी हो गई है क्या रात भर तेरी आवाज आ रही थी कमरे के बाहर आह आह आह आह।

दोस्तों ऐसी चुदाई के लिए मुझे पता नहीं कब तक इंतज़ार करना होगा। पर जल्द ही मैं फिर किसी से चुदने वाली हूँ क्यों की मैं इस चुदाई के बाद से ही चुड़क्कड़ हो गई हूँ बिना चुदे शायद मैं रह नहीं पाऊँगी। मैं फिर से नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर कहानी लेके आउंगी तब तक के लिए धन्यवाद.

करवाचौथ की रात मेरा पति मुझे भी और मेरी बहन को भी चोदा

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मेरा नाम ज्योति है पिछले साल ही मेरी शादी हुई है।  मैं मायके में ही करवा चौथ का व्रत कर रही थी। क्योंकि मेरी मां हॉस्पिटल में भर्ती थी।  मुझसे छोटी बहन है जिसका नाम है नीतू। यह मेरा पहला करवा चौथ का व्रत है। मैं अपने पति की लंबी उम्र के लिए और परिवार में शांति हो इसके लिए मैं यह व्रत रखी थी।

 दिन भर में व्रत रखे खूब सजी समरी ब्यूटी पार्लर गई।  ताकि पति को पसंद आए और मेरी आज फिर से सुहागरात में हुआ भी सब कुछ ठीक था चांद निकल आया चांद को मैंने जल्दी छलनी से मैंने पति के चेहरे को देखी उन्होंने मुझे पानी पिलाया और व्रत की समाप्ति हुई। 

 इस दिन के लिए मैंने अपने प्राइवेट पार्ट के बाल को अच्छी तरीके से साफ थी ताकि आज की रात यादों की रात रहे मैं अपने पति को सेक्स में खुश करना चाहती थी इसलिए जितना हो सका इतना अच्छे से तैयार हुई नए ब्रा और पेंटी खरीदी वह भी नए स्टाइल में।  खाना पीना खाकर हम दोनों सोने चले गए मेरी बहन दूसरे कमरे में टीवी देखने लगी.

 मेरा पति मुझसे बहुत प्यार करता है आज के लिए भी मेरे लिए गिफ्ट लाए। वह सुबह से ही बोल रहे थे कि आज मैं तुमको छोड़ दूंगा नहीं आज तो मुझे रोकना नहीं आज मैं जैसे करना चाहूंगा करने देना मेरे को।  आज यह मत कहना कि पीछे से नहीं दूंगी आज यह मत कहना ऐसे मत करो आज मुझे खुल्ला छूट दे देना और मैं यही सब सोचकर खुल्ला छूट देने के लिए मैं खूब अपने आप पर खर्च किया खूबसूरत बना ताकि रात को रंगीन बना सके.

 मैं तो खूबसूरत लग ही रही थी दरवाजा बंद होते ही पति मेरे ऊपर टूट पड़े गोरे गोरे गाल चूमने लगे लंबे लंबे बाल को  सहलाने लगे। उन्होंने मेरी साड़ियां बड़े प्यार से खुली जैसा कि उन्होंने मुझे पहली रात में खोला। अब मैं पेटिकोट और ब्लाउज पर आ गई थी उनकी निगाहें बड़ी कातिल  वह मुझे घूर के देख रहे थे नीचे से ऊपर तक ऐसा लग रहा था वह हमें आज खाएंगे चाट जाएंगे। और हुआ भी ऐसा उन्होंने तुरंत ही ब्लाउज खोल दिया। ब्रा के हुक खोल दिया मेरे दोनों चूचियां  बाहर आ गई मेरे दोनों चूचियां क्रिकेट के बाल की तरह टाइट हैं। दबाने लगे, निप्पल को पिने लगे। मेरी आह निकल रही थी मैं काफी ज्यादा कामुक हो गई थी मैं बेड पर लेट गई उन्होंने मेरे पेटीकोट खोल दिया , मेरी पेंटी को भी उतार दिया और फिर मेरी चुत चाटने लगे।  मेरे होठ लाल लाल थे खूब सजी हुई थी ऐसा लग रहा था की बस सुहागरात ही है। 

उसके बाद उन्होंने मुझे काफी गरम कर दिया मैं भी कोई कसर नहीं छोड़ी, उनके लंड को खूब चूसा, उनको खूब गरम किया और फिर क्या था दोस्तों वो मुझे चोदने लगे। मेरे कमरे से आह आह की आवाज निकल रही थी. माँ तो ऊपर के फ्लोर पर थी पर मेरी बहन मेरे कमरे के बगल में थी पर मैं बिना किसी के परवाह किये मैं चुदवाने लगी. मुझे कभी निचे से कभी ऊपर कर के कभी घोड़ी बना कर खूब चोदा मैं काफी थक गई थी।  और फिर दोनों थोड़े देर में ढेर हो गए। 

दोनों लेटे रहे और मुझे हलकी हलकी नींद आ रही थी। तभी मेरे पति बाहर गए बोले अभी बाथरूम से आ रहा हूँ। मेरी आँखे बंद हो गई थी और मैं सो गई थी। रात के करीब 2 बजे चीखने की आवाज आई देखि तो मेरे पति बेड पर नहीं थे। मैं अपने बूब्स पर दुप्पटा रखी निचे पेटिकोट डाली और बरामदे पर गई। तो आह आह की आवाज आ रही थी वो मेरी बहन के कमरे से। झाँक कर देखा तो सन्न रह गई। 

मेरे पति निचे है और वो ऊपर उछल उछल कर चुदवा रही थी. उसके लम्बे बाल बिखरे थे, गोल गोल चूचियां झटके दे दे कर हिल रही थी. उसकी चूतड़ हिल रही थी साली गजब की लग रही थी। 

दोस्तों आज मैं साक्षात् सनी लिओनी देखि थी. वैसे ही लग रही थी। 

मुझे गुस्सा नहीं आया मुझे लगा क्यों ना दोनों बहन मिलकर इसका आनंद लें। और फिर मैं अपना दुप्पटा फेकि पेटिकोटि खोली और अंदर चली गई। वो दोनों हड़बड़ा गए। मैं बोली रिलैक्स चलता है। 

मेरे पति बोले भगवान् सबको तुम जैसी पत्नी दे और मेरी बहन भी बोली हां दीदी ऐसी दीदी तो नसीब बालों को ही मिलता है। 

और मैं अपने बहन के चूचियों को पिने लगी. मैं अपनी चूचियां उसके गांड में रगड़ने लगी। जब मेरे पति मेरी बहन को चोद रहे थे तब मैं अपने पति के मुँह पर अपनी चूत रख चटवा रही थी हम दोनों बहन एक दूसरे के चूचियों को पि रहे थे किश कर रहे थे मेरे पति निचे और मेरी बहन लंड पर और मैं उनके मुँह पर गजब का माजरा था। 

दोस्तों सच बताऊँ तो इसको कहते है करवाचौथ। मेरी भी चुदाई मेरी बहन की भी चुदाई और मेरे पति को तो कैसा हुआ चूत और बूब मिल गया और क्या चाहिए ?

खूब मजे किये करवाचौथ के दिन। आशा करती हूँ आप भी अपने पत्नी के चूत का भौसडा बना दिया होगा अगर वो भी करवाचोथ का व्रत की होगी तो। आज तो सभी औरतें हुस्न की परी लगती है और रात में उसके चुत का और गांड का बूब्स का भोसड़ा बन जाता है। नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर ऐसे ही कहानियां पोस्ट करते रहूंगी। 

खुद भी चुदी मम्मी भी चुदी और छोटी बहन को भी चुदवाई

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मेरा नाम पायल है। मेरी बहन का नाम पूजा है मेरी माँ 38 साल की है। मेरे पापा होटल में मैनेजर हैं। पापा कई कई दिन घर नहीं आते हैं हम तीनो माँ बहने ही घर पर रहते हैं। हम तीनो एक से बढ़कर एक सेक्सी हैं। मैं खुले विचार की लड़की हूँ स्कूल में पढ़ती हूँ मेरी छोटी बहन बहुत ही हॉट है। मेरी माँ टिप टॉप में रहती हैं कसा बदन 36 साइज की ब्रा पहनती हैं मैं 34 की और मेरी बहन 32 की अब आपको हम तीनो के बूब्स के बारे में भी पता चल गया होगा।

मेरा नाम पायल है। मेरी बहन का नाम पूजा है मेरी माँ 38 साल की है। मेरे पापा होटल में मैनेजर हैं। पापा कई कई दिन घर नहीं आते हैं हम तीनो माँ बहने ही घर पर रहते हैं। हम तीनो एक से बढ़कर एक सेक्सी हैं। मैं खुले विचार की लड़की हूँ स्कूल में पढ़ती हूँ मेरी छोटी बहन बहुत ही हॉट है। मेरी माँ टिप टॉप में रहती हैं कसा बदन 36 साइज की ब्रा पहनती हैं मैं 34 की और मेरी बहन 32 की अब आपको हम तीनो के बूब्स के बारे में भी पता चल गया होगा। यह सब कैसे हुआ वही बताने जा रहे हैं कैसे हम तीनों चुदाई के मजे लिए। 

मैं दिल्ली के पालम विहार इलाके में रहती थी।  ज्यादातर हम तीनों क्योंकि पापा तो हमेशा होटल में ही रहते थे।  हम दोनों बहन जवान हो चुके हमें तो लड़के चाहिए था हर लड़के में थोड़ा रिस्क होता है।  इसलिए मैंने एक शादीशुदा लड़की को पटाई। उसकी अभी तुरंत शादी हुई थी गांव से दिल्ली आया था।  उसकी बीवी भी उसके साथ आई थी.वह दोनों ही बड़े उम्र के थे। मैरिज के चक्कर में या यूं कहिए सेक्स के चक्कर में जल्दी शादी कर लिया होगा। 

 मैं उनके वाइफ को चिट्ठी कहती थी वह भी मुझे छोटी बहन मानती थी और मैं उनके पति को पूजा करता हूं क्या आप समझ गए होंगे मैंने अपना जुगाड़ बना दिया था धीरे-धीरे उनके घर जाने लगे वह दोनों भी आने लगे मम्मी भी बहुत प्यार करती  थे और बेटी दामाद मानते थे। तो धीरे धीरे धीरे-धीरे मजाक होने लगा। और रिश्ता बहुत गहरा हो गया था। अब उन दोनों का खाना सप्ताह में २ दिन मेरे यहाँ ही होता था। देर रात तक बातचीत करते रहते थे। 

फिर एक दिन ऐसा आया की दीदी गाँव चली गई क्यों की वो प्रेग्नेंट हो गई थी। अब जीजा अकेले रहते थे। ज़िंदगी में एक यही इंसान थे जिनसे बिना रोक टोक जाकर मिल सकती थी। कोई दुरी नहीं था पर अभी तक सेक्स समबन्ध नहीं बना था पर मेरी चूत गीली हो जाती थी उनके बारे में सोचकर और मैं चुदने के लिए बैचेन होने लगी। मुझे उनका लंड चाहिए था। 

1 दिन की बात है,  हम चारों खाना खा रहे थे तभी मोबाइल की घंटी बजी मम्मी ने फोन उठाया। एक मम्मी की बहन नोएडा में रहती थी उनका अचानक तबियत खराब हो गया था वो आधे खाने से उठी और तुरंत ही वह के लिए निकल पड़ी। जाते जाते वो जीजा को भी बोल गई की बेटा आज यही सो जाना मैं तो अब सुबह ही आ पाऊँगी। इतना कहकर चली गई। 

हम तीनो खाना फिनिश किया और फिर बातचीत करने लगे। फिर हमलोगों ने टीवी पर एक मूवी देखि वो थोड़ा एडल्ट किस्म का था तो जब भी किश करने का सिन आता या सेक्स का सिन आता तो मैं जीजा को देखती वो भी मुझे देखते। पूजा भी हम दोनों को देखती यानी की हम तीनो के जिस्म में आग लगी थी चुदाई का। और फिर सोने चले गए।  दो कमरे का मकान था एक कमरे में दो बेड और दूसरे में एक था। पूजा हमेशा अकेले ही सोती है तो वो उस कमरे में चली गई सोने और हम दोनों इस कमरे में रहे। 

हम दोनों सोने लगे पर नींद नहीं लगे। मैं बोली जीजा मुझे अकेला अच्छा नहीं लग रहा है क्या मैं आपके पास आ जाऊ मैं आपके पैर के तरफ सो जाउंगी। तो वो बोले पैर के तरफ क्यों आप सीधे सो जाइये. मैं कुछ नहीं करुगा। तो मैं भी आपको अपने पर भरोसा है मुझे भरोसा नहीं है जिसके साथ के सुन्दर राजकुमार सोया हो। और मैं हंसने लगी। मैं अपने बेड से उठकर उनके बेड में चली गई। पर पांच मिनट के अंदर ही हम दोनों की साँसे तेज तेज चलने लगी और आवाज लड़खड़ाने लगे। और फिर हम दोनों एक दूसरे को देखे और फिर मैं उनको किश करने लगी और वो भी किश करते करते मेरी चूचियों को दबाने लगे। 

वो मेरे ऊपर चढ़ गए। और हम दोनों एक दूसरे के पकडे खोल दिए और वो मेरी चूत को चाटने लगे। मेरे बूब्स को पिने लगे दबाने लगे। गांड में ऊँगली करने लगे मैं तो पागल हो गई थी मेरी चूत से गरम गरम पानी निकलने लगा था वो  मेरी चूत को चाटने लगे और फिर क्या बताऊँ दोस्तों मेरे पुरे श्री में आग सी लग गई थी। मुझे अब देरी नहीं चाहिए थे मुझे तो लंबा मोटा लौड़ा मेरे चूत में चाहिए थे। और वो तुरंत ही मेरे दोनों टांगो को अलग अलग किये और मेरे चूत में मोटा लंड घुसेड़ दिए। मुझे काफी दर्द होने लगा पर तीन चार झटके के बाद अच्छा लगे लगा और शुरू हो गया चुदाई का खेल वो जोर जोर से मुझे चोदने लगे। कभी वो ऊपर कभी मैं ऊपर हम दोनों एक दूसरे को खुश करते रहे। तभी अचानक दरवाजा खुला और पूजा कमरे में आ गई हम दोनों की चुदाई पकड़ी गई। फिर देखते देखते वो फिर से वापस अपने कमरे में चली गई। हम दोनों तब भी नहीं रुके और जोर जोर से चुदाई करते रहे और करीब चालीस मिनट में हम दोनों ही शांत हो गए। 

अब डर था पूजा का वो शायद मम्मी को ये बात बोल देती तो मैं उसके कमरे में गई और बोली बहन देख जो हो गया सो हो गया तुम मम्मी की मत कहना तो वो बोली क्यों मैं क्या आलू बैगन हूँ सेक्स सिर्फ तुम्हे ही करना आता है।  मजे ले ली चुदाई का और मैं यहाँ अकेली मैं समझ गई वो भी चुदने के लिए तैयार थी। 

जाकर मैं जीजा को ये बात बताया तो जीजा कमीना तुरंत ही उसके कमरे में चला गया और फिर पूजा को अपने बाहों में भर लिया और फिर तुरंत ही पूजा की चुदाई करने लगा। पूजा चिल्ला रही थी और जोर से और जोर से और जीजा अब पूजा को जोर जोर से चोदने  लगे। फिर मैं भी कमरे में चली गई और अब हम दोनों बहन मिलकर चुदाई करने लगे. जब वो पूजा को चोदते तब मैं कभी जीजा की गांड सहलाती कभी पूजा की चूचियां को दबाती कभी पूजा के मुँह पर बैठती और अपना गांड चटवाती। पूजा मेरी चूत और गांड खूब चाटी जीजा चोद  कर चूत का भोंसड़ा बना दिया। और फिर तीनो ही थक कर सो गए। 

सुबह कब हुई पता ही नहीं चला मम्मी दरवाजा खटखटा रही थी थी अब तो सब गड़बड़ हो गया था मैं तो नंगी थी मेरे कपडे दूसरे कमरे में जीजा का भी सारा कपड़ा दूसरे कमरे में हम तीनो ही नंगे सो रहे थे। अब क्या करते पूजा दरवाजा खोल दी और पूजा ने तो सारा कपड़ा पहन लिया था पर मैं बेडसीट लपेटे कोने में कड़ी थी और जीजा भी वैसे ही एक चादर। वो अंदर देखे वो समझ गए सारा माजरा। हम दोनों तुरंत ही तैयार होकर पढ़ने चले गए और जीजा घर पर और मेरी माँ घर पर। 

जब स्कूल पहुंची तो देखि स्कूल की छुटी हो गई थी किसी कारण बस सरकार ने आर्डर दिया था स्कूल बंद होने का। वापस आ गई तो दरवाजा बंद देखा। 

अंदर से आवाज आ रही थी चोद बेटा चोद. आज मुझे खुश कर दे। मुझे पता है आपने मेरी दोनों बेटियों को रात भर चोदा है। आज रात मुझे दे देना मैं तुम्हारे कमरे में आ जाउंगी या यही आ जाना। और क्या बताऊ नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के दोस्तों मेरी माँ वाइल्ड होकर चुदवा रही थी। वो मोअन कर रही थी और जोर जोर चिल्लाती भी थी। और फिर दोनों शांत हो गए। मैं दरवाजा खटखटाई तो मम्मी को लगा कोई होगा तो जीजा को कोने में छिपा दी। पर हम दोनों अंदर आ गए जहा जीजा कोने में नंगे खड़े थे।

फिर क्या था दोस्तों हम चारो मिलकर हसने लगे और फिर आप खुद ही सोचिये हमारे घर का माहौल आने वाले दिनों में कैसा हो गया होगा। जी हां आप सही सोच रहे हैं बन्दा एक और चुदने बाले तीन बारी बारी से हम तीनो अपने जिस्म की आग को बुझाते रहे।

जीजू रात भर मुझे और मेरी माँ को चोदा

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मेरे प्यारे दोस्तों मैं कजरी उम्र उन्नीस साल लखनऊ की रहने वाली हूँ। मेरी बहन की शादी पिछले साल ही हुई। जीजा जी और दीदी दोनों बंगलौर में रहते हैं वही जॉब करते हैं। मैं और मेरी माँ दोनों साथ रहते हैं पिताजी इस दुनिया में नहीं है। इस वजह से भी गीता दीदी की शादी जल्दी हो गई। जब की अभी मेरी माँ की उम्र मात्र 38 साल है। हम तीनो ही एक जैसे लगते हैं माँ मेरी लगती नहीं है की उनकी उम्र इतनी है। पिताजी के डेथ के बाद वो विधवा की तरह रहने लगी पर वो विधवा कम एक लड़की ज्यादा लगने लगी क्यों की वो अब सिंदूर नहीं करती है हम दोनों के तरह ही कपडे पहनती है। उसके बाद हमलोग नए फ्लैट में भी शिफ्ट कर लिए इसलिए वह कोई जानपहचान का भी नहीं था इसवजह से कोई पॉइंट आउट करने वाला नहीं था। मजे की ज़िंदगी जी रहे थे।

दीदी की शादी के बाद काफी कुछ बदल गया। मैं माँ बेटी अपना ऑनलाइन बिज़नेस शुरू किये और सब कुछ अच्छे से चलने लगा। अब ज़िंदगी में जो कमी थी वो सिर्फ रिश्ते की कमी थी, खुशियां थी पर शरीर सुख देने वाला कोई नहीं था यहाँ मैं अपनी माँ के बारे में बार कर रही हूँ। मैं आधुनिक ख्याल की लड़की हूँ मैं चाहती हु माँ को भी पूरा सुख मिले।

जीजा जी ऑफिस के काम से लखनऊ आये और हमारे साथ ही ठहरे। जीजा जी भी बड़े खुले दिल के इंसान है वो हमलोग की जितनी भी जरूरते थी चाहे शॉपिंग की या घर की वो सारे पूरा करते हैं। पर उनकी कातिल निगाहें से समझ आता था की वो कुछ और चाहते हैं। वो हमेशा ही मेरी तारीफ करते और बात बात पर हाथ चूमते और कभी हाथ मेरे पीठ पर फेरते। माँ के साथ ही ऐसा ही था वो माँ के काफी करीब होते। माँ भी अपनी निगाहें से कई बाते कह जाती जो मुझे समझ नहीं आती।

एक रात की बात है मैं सोइ थी अचानक मेरी नींद खुली ऐसा लगा कोई कराह रही है। मैं दौड़कर माँ के कमरे के तरफ गई मुझे लगा की माँ का तबियत ख़राब हो गया है। जैसे ही उनके कमरे के पास पहुंची तो दरवाजा थोड़ा खुला था मैं थोड़ा और खोली तो देखि माँ की चूचियां जोर और से हिल रही थी और जीजू उनके ऊपर चढ़े हैं। वो जब जब धक्का देते माँ की चूचियां फूटबाल की तरह हिल जाती। वो कभी माँ को किश करते कभी बूब्स दबाते कभी बूब चूसते। देखकर मैं हैरान हो गई वो दोनों एक पोर्न स्टार की तरह चुदाई कर रहे थे।

मेरे तन बदन में आग लग गई। मेरी चूत गीली होने लगी। मैं अपने हाथ से अपनी चूचियां मसलने लगी। जब माँ आह आह आह की आवाज निकालती मेरा तो पूरा शरीर सिहर जाता। चूचिया टाइट हो गई थी निप्पल खड़े हो गए थे। चूत से गरम गरम पानी निकलने लगी थी। मैं अपना होश खो रही थी ऐसा लग रहा था की मुझे भी कोई चोद दे।

माँ कह रही थी आप मुझे ऐसे ही खुश रखना। आप मुझे अपनी बड़ी बीवी समझना अब ये समझना की आपने मेरी बेटी के साथ साथ मुझसे भी शादी किये हो। अब मर्जी वो करना मेरे साथ मैं नहीं रोकूंगी। मुझे चोदो मुझे गांड मारो मैं कुछ नहीं कहूँगी। जब चाहे जितना चाहे मुझे चोदो। जीजू जोर जोर से माँ को चोद रहे थे। तभी माँ एक गहरी सांस ली और अंगड़ाई ली और जोर जोर से जीजू को अपने तरफ खींचने लगी और शांत हो गई। जीजा भी रुक गए और वो एक दूसरे के पास ही लेट गए।

मैं वही पर खड़ी कड़ी अपनी चूत सहला रही थी। माँ आँख बंद कर ली थी शायद वो थक गई और पांच मिनट के अंदर ही सो गई। जीजू वैसे नंगे ही बाहर बाथरूम में आने लगे। मैं वह से हट नहीं पाई को वो पहुंच गए थे। मैं उस समय बहुत गरम ही वासना की आग में जल रही थी। कामुकता का भूत सवार हो गया था। उनके बाहर आते ही मैं उसे लिपट गई वो ही हैरान हो गए पर तुरंत ही सम्भल गए। वो बोले क्या आपने सब कुछ देख लिया। मैं बोली हां सब कुछ तभी तो पागल हो रही हूँ।

जीजा जी मुझे किश करते हुए मेरे कमरे में ले गए। दोस्तों पहले तो उन्होंने मेरी खूब चूत चाटी।मेरी चूचियों को खूब मसला और ऐसी चुदाई की कह नहीं सकती। मुझे अलग अलग तरीके से करीब तीन घंटे चोदे उनके बैग में विआग्रा था वो खाखा कर खूब चोदे मुझे। उन्होंने ,मेरी कामवासना को शांत कर दिया था।

इस तरह से दोस्तों पूरी रात मुझे और मेरी माँ को चोदते रहे। ये कहानी आप नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे थे।

Jija Sali Sex Story : होली में जीजू ने चूत में रंग लगाकर लम्बे लौड़े से चोदा

Jija Sali Sex Story : सभी लंड वाले मर्दों के मोटे लंड पर किस करते हुए और सभी खूबसूरत जवान चूत वाली रानियों की चूत को चाटते हुए सभी का मैं स्वागत करती हूँ। अपनी कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के माध्यम से आप सभी मित्रो तक भेज रही हूँ। ये मेरी पहली स्टोरी है। इसे पढकर आप लोगो को मजा जरुर आएगा, ये गांरटी से कहूंगी।

मेरा नाम मुग्धा है। मैं बाराबंकी की रहने वाली हूँ। मेरे जीजू जी मुझे कुछ दिन से बराबर काल कर रहे थे। वो होली पर मेरी चूत चोदने को मांग रहे थे पर मैं मना कर देती थी। ऐसा नही है की मैं चुदना नही चाहती थी। मैं भी अंदर से जीजू का रसीला लौड़ा खाना चाहती थी पर अपनी दीदी से बहुत डरती थी। मेरी दीदी इन सब मामले में बहुत स्ट्रिक्ट थी। एक बार उनकी गैर मौजूदगी में मैं अपने जीजू के साथ पिक्चर देखने चली गयी थी। मेरी दीदी ने मुझे बहुत डाटा था। मेरे जीजू जी काफी ठरकी मर्द थे और बाहर की औरतो को भी मौका मिलते ही चोद लिया करते थे। मेरी दीदी इस बात को अच्छी तरह से जानती थी। इसलिए वो हमेशा उन पर नजर रखती थी। फिर से मेरे जीजू का काल आ गया।

“साली साहिबा!! बोलो क्या सोचा तुमने??” वो फोन पर पूछने लगे

“जीजू!! कैसे आप मेरी चूत मारोगे?? दीदी तो हमेशा घर में ही रहती है” मैंने कहा

“कुछ तो जुगाड़ करना होगा। होली का बहाना बनाकर तेरी चूत चोद लूँगा” जीजू ने अपना प्लान बताया

फिर शुक्रवार वाले दिन होली थी। जीजू बृहस्पतिवार को ही घर आ गये। मेरी दीदी 10 दिन पहले ही हमारे घर आ गयी थी। अगले दिन होली का खेल होने लगा। जीजू का हक होता है की साली को रंग लगाये। जीजू ने सुबह होते ही मुझे रंग लगाना शुरू कर दिया। मेरी दीदी को कोई शक नही हुआ। फिर जीजू मेरा हाथ दबाने लगे। मैं उनका इशारा समझ रही थी। वो मुझे आँखों से इशारा करके छत वाले कमरे में जाने को कहने लगे। मैं समझ गयी।

“नही जीजू!! प्लीस मुझे बैगनी वाला रंग मत लगाना!!” मैं कहने लगी

मैं डरने की एक्टिंग करने लगी। मैंने पिंक कलर का एक पुराना सलवार कुर्ता पहना था। मैं छत वाले कमरे में जाने लगी। जीजू मेरे पीछे पीछे उपर आ गये। यही पर चुदाई का प्लान था उनका। तभी मेरी दीदी की पुरानी फ्रेंड आ गयी। दीदी उनके साथ बात करने में बीसी हो गयी। अब जीजू के पास 20 30 मिनट आराम से थे। छत वाले कमरे में जीजू आये और मुझे पकड़ के किस करने लगे। आपको बता दूँ की मैं एक पतली दुबली छरहरे बदन वाली सेक्सी लड़की थी। मेरी चूत का दरवाजा अभी तक बंद था।

किसी ने नही खोला था। आज तक किसी का लंड मेरी बुर में नही गया था। जीजू आज मेरी सील तोड़कर मुझे चोदने वाले थे। मेरा फिगर 32 28 34 का था। मेरे दूध छोटे छोटे थे। पर मैं बहुत सेक्सी और गोरी लड़की थी। जीजू ने मेरी कमर में हाथ डाल दिया और खड़े खड़े ही मुझे सीने से लगा लिया और खूब चूसा। मैं कुछ बोलना चाहती थी पर वो मेरे होठो को पी रहे थे। इसलिए मैं कुछ बोल नही सकी। खड़े खड़े उन्होंने मुझे सीने से चिपका लिया था और खूब गालो पर चुम्मा लिया। मेरे कुर्ते के उपर से उन्होंने चुन्नी हटा दी और मेरे दूध दबाने लगे। मेरे दूध काफी छोटे थे पर आज तक किसी ने इनको मुंह में लेकर नही चूसा था। मेरे कुर्ते के उपर से जीजू मेरी चूचियां दबाने लगे। मैं “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ ह उ उ उ….. आआआआहहहहहहह ….”” करने लगी।

“दीदी को शक तो नही होगा जीजू!!” मैंने कहा

“नही!! चल जल्दी से कपड़े उतार!” जीजू बोले

“ओके! उतारती हूँ” मैंने बोली

उसके बाद जीजू भी कपड़े उतारने लगे। मैं भी उतारने लगी। उन्होंने मुझे बेड पर लिटा दिया। जीजू को मस्ती चढ़ गयी। उन्होंने हाथ में बैंगनी रंग घोलकर मेरे मुंह पर चुपड दिया। मैं किसी बंदरिया जैसी दिख रही थी। मेरे गोरे गोरे चेहरे पर जीजू ने बैगनी रंग लगा दिया था। मेरे हाथ और कंधे पर भी लगा दिया था। मैं नाराज हो गयी थी।

“जीजू!! ये आपने क्या किया?? बैगनी रंग तो जल्दी छूटता भी नही है??” मैं मुंह फुलाकर बोली

“साली साहिबा!! मैं तो तेरी चूत में भी आज रंग लगाऊंगा और असली वाली होली खेलूँगा” जीजू हसंकर बोले

मैंने भी उसके मुंह पर डार्क लाल रंग लगाकर उनको भूत बना दिया। वो भी किसी बन्दर की तरह दिख रहे थे। उसके बाद वो मेरे होठ चूसने लगे। मेरे लिप्स मल्लिका शेहरावत जैसे थे। जिसे उन्होंने काट काट कर चूसा। फिर मेरी 32” की छोटी साइज वाली चूचियों को हाथ से मसलने लगे। मैं चुदने को प्यासी होने लगी। “ओहह्ह्ह….अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” करने लगी। जीजू ने नर्म नर्म चूची को दबा दबाकर मसल डाला। नोच लिया खूब। फिर मुंह में लेकर मेरे आम चूसने लगे। मैं आहे भरने लगी। कितने दिन से मैं भी जवानी का मजा लूटना चाहती थी। मैं भी दीदी की तरह चुदाकर यौवन का आनन्द लूटना चाहती थी। जीजू मेरे छोटे छोटे मुसम्मी को लेकर चूस रहे थे।

लगता था की खा ही जाएँगे। फ्रेंड्स मेरी बूब्स बहुत ही चीकने थे और संगमर्मर जैसे सफ़ेद थे। पर मेरी निपल्स चोकलेट कलर की थी। जीजू जी मेरी निपल्स को खींच खींचकर पी रहे थे। मैं पूरी तरह से नंगी थी। मैं अपनी पेंटी भी उतार चुकी थी। मेरी चूत भी अब ज्वालामुखी की तरह आग उगल रही थी। मेरी चूत भी अब जीजू का लंड मांग रही थी। मैं हाथ लगाकर अपनी चूत को जल्दी जल्दी सहला रही थी। चूत के बड़े से दाने को बार बार हिला रही थी। मुझे बड़ा आनन्द मिल रहा था। मेरे सगे जीजू ने कुछ देर मेरे दोनों बूब्स पीये। फिर मेरे पेट को चाटने लगे। छरहरा होने की वजह से मेरा पेट भी काफी पतला और छरहरा था। मेरे जीजू हाथ से सहलाने ल। फिर जीभ लगाकर चाटने लगे। फिर मेरी नाभि में जीभ घुसाने लगे। मैं “आआआहहह…..ईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” “ करने लगी।

“होली के दिन पर आज मुझे आप कसके चोद लीजिये जीजू जी!!” मैं कहने लगी

वो मेरी नाभि चूसने लगी। मैं कामोत्तेजित होने लगी। यौवन मेरे उपर हावी हो गया था। वो कुछ देर में नाभि में ऊँगली करने लगे। मेरी कमर को हाथ लगाकर सहलाने लगे। फिर मेरे पैर उन्होंने खुलवा दिए। मेरी चिकनी चूत का दर्शन करने लगे। फिर उनके उपर हवस चढ़ गयी। जीजू ने हाथ में लाल वाला रंग घोला और मेरी चूत पर मल दिया।

“ओह्ह्ह जीजू!! आप भी ना!!” मैं कहने लगी

उन्होंने मेरी पूरी चूत को डार्क लाल रंग से रंग डाला। फिर मुंह लगाकर मेरी बुर पीने लगे। मैं उनको पकड़कर “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ…..” करने लगी। मुझे बहुत अधिक नशा मिल रहा था। वो तो पीते ही चले गये। मेरी चूत में आज उनको सब कुछ मिल गया था। आज मेरी चूत में जीजू को रब दिखने लगा था। काफी देर चाटते रहे। मेरे चूत के दाने को दांत में लेकर काट लिया।

“….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी…जीजू!! you are fucking hot” मैं कमर उठाते हुए बोली

उन्होंने 8 10 मिनट मेरी बुर चाटी और चूत के दाने को चबा चबाकर जख्मी कर दिया। फिर अपने 8” लौड़े को हाथ में लेकर फेटने लगे। कुछ देर मुठ देते रहे और अच्छे से खड़ा कर दिया। मेरी चूत में लंड रखा और धमाक से धक्का देकर अंदर डाल दिया। मेरी तो गांड फट गयी। फिर जीजू फटा फट मुझे पेलने लगे। मैं उनके सामने पूरी तरह से नंगी थी। वो जल्दी जल्दी चोदन करने लगे। मैं स्वर्गलोक में चली गयी। आज मेरी भी कितने सालो की चुदास शांत हो रही थी। जीजू ने धक्के मार मारके पूरा 8” लंड मेरी चूत की गली में पंहुचा दिया। मैं पैर खोलकर मरा रही थी। मेरी दोनों चूचियां उपर नीचे जल्दी जल्दी हिल रही थी। जीजू जल्दी जल्दी मेरी बुर चोद रहे थे।

“ohh!! yes yes मजा आ रहा है जीजू !!…ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी…अंदर तक लंड घुसाकर चोदो” मैं कामवासना में उत्तेजित होकर बडबडाते हुए बोली

अब जीजू के उपर असली कामदेव सवार हो गया था। वो और जल्दी जल्दी कमर हिला हिलाकर मुझे fuck करने लगे। मेरी दोनों टांगो को उन्होंने उठा लिया और खूब चोदा। फिर जीजू हाफ हांफ कर अपना माल अंदर ही छोड़ दिए। मैं चुद गयी थी। तभी मेरी दीदी की आवाज सुनाई दी। जीजू ने खिड़की से झांककर देका तो उनकी सहेली जा रही थी।

“साली साहिबा!! जल्दी से कपड़े पहन ले!! तेरी दीदी के गेस्ट जा रहे है। वो उपर आ सकती है। बहुत शक्की औरत है वो” जीजू डरकर बोले

मैं जल्दी जल्दी ब्रा पेंटी पहनी। फिर सलवार कुर्ता पहना। जीजू अपनी शर्ट पेंट पहनकर नीचे भाग गये। मैं चुद गयी। दीदी को कुछ पता नही चला। फिर दोपहर होने पर सब लोग बाथरूम में जाकर नहा लिए। शाम को बड़ी चहल पहल थी। अगले दिन मेरे जीजू ने फिर से मुझे चोदने का प्लान बनाया।

“अजी सुनो!! मैं अपनी साली को लेकर मार्किट जा रहा हूँ। तुम्हारे लिए एक अच्छी सी साड़ी लाऊंगा!!” मेरे जीजू मेरी दीदी से बोले

उनको कोई शक नही हुआ। साड़ी का नाम सुनते ही वो मान गयी और मुझे जीजू के साथ मार्किट जाने की परमीशन दे दी। मैं जीजू के साथ कार में बैठ ली। जीजू कार ड्राइव करने लगे। फिर वो मुझे पास के माल में ले गये। वहां पर उन्होंने मेरी लिए 3 बढ़िया ड्रेस खरीदी। जींस टॉप भी खरीद दिया। शोपिंग करते करते जीजू मुझे टच कर रहे थे। मैं भी उनका साथ निभा रही थी। वो मेरा हाथ कसके दबा देते थे। वो माल बहुत बड़ा था। ड्रेस चूस करने के बहाने उन्होंने मुझे गांड भी कई बार दबा दी।

“साली साहिबा!!! एक बार फिर से ऐयासी हो जाए??” वो पूछने लगे

“पर कहाँ पर??” मैंने पूछा

“ट्रायल रूम में। वहां पर कैमरा भी नही होता” जीजू बोले

उस शोपिंग माल में बहुत से ट्रायल रूम थे जिसमें कस्टमर ड्रेस पहन कर चेक करते थे। जीजू मेरे हाथ पकड़े और लेकर एक ट्रायल रूम में घुस गये। अंदर से दरवाजा बंद कर लिए। उसके बाद शुरू हो गये। फिर से वो जानवर बनकर मुझे किस करने लगे। मैं भी करने लगे। आज मैं लाल रंग की टॉप और जींस पहनी थी। वो मेरे टॉप के उपर से मेरी छोटी छोटी मुसम्मी मसलने लगे। मुझे फिर से गर्म कर दिया। उसके बाद वो भी कपड़े उतारने लगे। मैं भी उतारने लगी।

“साली साहिबा!! होली के त्यौहार में अगर लंड चुस्वाने को न मिले तो मजा नही आता है” वो कहने लगी

मैं उनका संकेत समझ गई। जीजू अपना अंडरवियर उतार डाले। मैंने उनका 8” का लंड पकड़कर जल्दी जल्दी फेटने लगी। ट्रायल रूम में मैं नीचे बैठ गयी फर्श पर और अच्छे से फेटने लगी। जीजू खड़े होकर “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ…ऊँ…ऊँ सी सी सी… हा हा.. ओ हो हो….” करने लगे। उनको बहुत अधिक आनन्द मिल रहा था। मैं खूब मुठ दे देकर उनके असलहे को फेट रही थी। फिर जीभ लगाकर चाटने लगी। जीजू का लंड अपना रस छोड़ने लगा। मैं मुंह लगाकर उनका रस चाट गयी। फिर लंड फेट फेटकर स्टील बना दी और मुंह में लेकर चूसने लगी।

“चूस मेरी रानी!! …..ईईईई….ओह्ह्ह्….और मेहनत से चूस!! मजा आ रहा है!!” जीजू आँख बंदकर बोले

मैं उनके 8” लंड को गले तक लेकर चूस डाली। जीजू को खूब मजा दिलवा दिया। उसके बाद उन्होंने मुझे ट्रायल रूम के फर्श पर लिटा दिया और 15 मिनट मेरी बुर चाटी। चूस चूसकर पानी निकाल दिया। जीजू मेरी चूत में ऊँगली डाल डालकर मुझे उत्तेजित करने लगे। मैं भी मजे लेकर करवा रही थी।

“साली साहिबा!! अब तुम घोड़ी बना जाओ!!” जीजू बोले

मैं ट्रायल रूम में ही घोड़ी बन गयी। जीजू को मेरी गर्म चिकनी चूत की मीठी मीठी सुगंध आ रही थी। वो पीछे से चूत चाटने लगे। मेरी फुद्दी बड़ी ही सेक्सी दिख रही थी। जीजू ने पीछे से भी मुझे बहुत सताया। मुझे खूब ऊँगली की। उसके बाद फ्रेंड्स उनका अगला शिकार मेरे चुतड बन गये। मेरी गांड को हाथ लगा लगाकर जीजू किस करने लगे। मुझे सुरसुरी होने लगी। जीजू मेरी गांड को हाथ से दबा दबाकर मजा लेने लगे। फिर मेरे सफ़ेद गद्देदार चूतड़ को दांत लगाकर काटने लगे।

“ओह्ह जीजू!! आप भी कमाल है!” मैं कह रही थी

फिर कुछ देर पीछे से मेरी चूत चाटते रहे। अपना 8” का मोटा लंड अंदर डाल दिए। मेरी कमर पकड़ कर जीजू मुझे चोदने लगे। मैं “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ…ऊँ…ऊँ….” करने लगी। जीजू जल्दी जल्दी चोदने लगे। मैं तो पागल हुई जा रही थी। जीजू के धक्के तो मेरा बुरा हाल बना रहे थे। मैं अच्छी चुदक्कड लड़की की तरह घोड़ी बनी हुई थी। खूब चुदवाई मैं जीजू से। वो बार बार मेरे सेक्सी चूतड़ो को सह सहलाकर मजा ले रहे थे। उन्होंने ट्रायल रूम में ही मेरे साथ सुहागरात मना डाली।

उसके बाद लंड मेरी चूत के छेद से बाहर निकाल लिया। मैं घोड़ी बनी रही क्यूंकि मैं जानती थी की अभी पिक्चर बाकी है। जीजू फिर से मेरी योनी का कामुक रसीला छेद चाटने लगे। वो जीभ जैसे जैसे फिराते थे मुझे शुरुर सा चढ़ जाता था। मैं मचल रही थी। मुझे वासना का खुमार चढ़ता ही जा रहा था। मर्दों को औरत की बुर से इतना प्यार, इतना लगाव क्यों होता है मैं घोड़ी बने बने सोच रही थी। जीजू की वासना तो खत्म होने का नाम ही नही ले रही थी। मेरी चूत का छेद उनको आज बेहद प्रिय लग रहा था। मुंह लगाकर ऐसे पी रहे थे जैसे उसमे आम का मीठा रस भरा हो। मैं तो लम्बी लम्बी सिस्कारियां लेकर “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ ह उ उ उ….. आआआआहहहहहहह ….” कर रही थी। मेरी मादक जोशीली सिस्कारियां पूरे ट्रायल रूम में गूंज रही थी।

“साली साहिबा!! अब तेरी गांड की बारी है” जीजू बोले और अब मेरी गांड को चाटने लगे। उसमें थूक दिए और मस्ती से चाटने लगे। अब बार फिर से मैं पागल होने लगी। फिर जीजू ने 7 8 मिनट मेरी गांड मुंह लगाकर पी ली। फिर उसमे अपना 8” मोटा लंड घुसेड़ दिये और जल्दी जल्दी चोदने लगे। मैं दर्द में कराहने लगी। मैं रोने लगी और बड़े बड़े मोटे मोटे आशू आँख से बहने लगा।

“जीजू!! प्लीस मुझे चोद दो!! …अई..अई. .अई… उ उ—मेरी गांड मत मारो!! प्लीस मुझे जाने दो” मैं रो रोकर कहने लगी

“मादरजात!! तू मेरी साली है। साली आधी घरवाली होती है। तेरी गांड तो मैं चोदकर रहूँगा” जीजू वहशी दरिंदा बनकर बोले

और काफी देर मेरी गांड मारते रहे। उनके लंड का पूरा टोपा पूरा का पूरा मेरी गांड में घुसकर कोहराम मचा रहा था। मैं दर्द में “ओहह्ह्ह….अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” चिल्ला रही थी। जीजू तो मजे लूट रहे थे। आखिर वो बड़े देर बाद झड़ गए। मेरी कसी गांड में ही माल गिरा दिए। फिर लंड बहार निकाल लिए। अब जाकर मुझे चैन मिला। मुझे राहत मिली। फिर दोनों ने जल्दी जल्दी कपड़े पहने और शोपिंग माल के ट्रायल रूम से बाहर आ गये। आज जीजू ने मेरी चूत और गांड दोनों मार ली थी। मैं लंगड़ा लंगड़ा कर चल रही थी। जीजू ने मुझे कार में बिठाया फिर एक दवा की दूकान से बदन दर्द की दवा खरीदी। जीजू मुझे एक अच्छे रेस्टोरेंट ले गये, जहाँ पर उन्होंने एक गर्म गिलास दूध आर्डर किया मेरे लिए। मैं पी लिया। फिर उनके साथ घर आ गयी।

मेरे दर्द को ठीक होने में 4 दिन लग गये। उसके बाद जीजू ने फिर से मेरी चूत मारी और गांड को भी नही बक्शा। आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज के लिए नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पढ़ते रहना। आप स्टोरी को शेयर भी करना।

नये साल में मॉडल जैसी खूबसूरत बदन साली की चुदाई

सभी लंड धारियों को मेरा लंडवत नमस्कार और चूत की मल्लिकाओं की चूत में उंगली करते हुए नमस्कार। नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के माध्यम से आप सभी को अपनी स्टोरी सुना रहा हूँ। मुझे यकीन है की मेरी सेक्सी और कामुक स्टोरी पढकर सभी लड़को के लंड खड़े हो जाएगे और सभी चूतवालियों की गुलाबी चूत अपना रस जरुर छोड़ देगी।

मेरा नाम अभिमन्यु है। मैं बनारस का रहने वाला हूँ। मेरी शादी हो चुकी है। दो बच्चे भी मेरे है। मेरी शादी के 5 साल हो गये है। अपनी बीबी को इतनी बार पेल चूका हूँ की उसका चूत का दरवाजा पूरी तरह से खुल गया है और अब तो मेरा 8” लंड उसमे बड़े आराम से घुस जाता है। किसी तरह की अब कसावट नही रह गयी है, इसलिए अब मुझे अपनी बीबी को चोदने में जरा भी मजा नही आता है। बच्चे हो जाने की वजह से मेरी बीबी का बदन अब बड़ा बेढंगा और मोटा हो गया है। उसका पेट काफी निकल आया है और थुलथुल बदन हो गया है। उसके कुल्हे तो अब बहुत ही चौड़े हो गये है जिसकी वजह से अब वो जरा भी सेक्सी माल नही दिखती है। इसलिए मैं बाहर की लड़कियों को पटाकर चोद लेता हूँ।

कुछ दिन पहले की बात है मेरी साली नये साल पर मेरे घर आई थी। जब हमारी शादी हुई थी तो वो उस समय काफी छोटी दिखती थी। पर जब नये साल में उसे देखा तो पहचान ही न सका। अब वो 23 साल की कच्ची अनचुदी कली थी जिसे अभी तक किसी ने हाथ भी नही लगाया था। वो “जीजा जी…” बोलकर मुझसे चिपक गयी। मैं तो उसका दीवाना हो गया था।

“रिम्पी!! तुम तो कयामत दिख रही हो!! कैसा इतना बदलाव आ गया??” मैंने पूछा

“बस कुछ सालो में मेरी हाईट अचानक से बढ़ गयी” वो बोली

लाल रंग के टॉप और नीली जींस में क्या कयामत दिख रही थी। बालो को खोले हुए थी और कितनी तारीफ करू। अब उसका जिस्म बहुत विकसित हो गया था। लाल टॉप के उपर से रिम्पी के 34” के दूध मस्त मस्त दिख रहे थे। अब उसका फिगर 34, 28 32 का कितना मस्त हो गया था। जिस तरह से एक नई जवान हुई लड़की लगती है रिम्पी उसी तरह से दिख रही थी। मेरा तो देखते ही लंड खड़ा होने लगा। जींस में उसकी गांड उभरी हुई दिख रही थी। आँखे बड़ी बड़ी और होठ कितने सेक्सी दिख रहे थे।

“अगर मुझे पता होता की मेरी साली आगे चलकर इतनी सेक्सी बन जाएगी तो तुम्हारी दीदी से शादी नही करता। तुम्हारे जवान होने का इंतजार करता। फिर तुमसे ही ब्याह रचाता” मैंने कहा

रिम्पी हँसने लगी।

“अच्छा जी!! तो अभी कौन सी देर हो गयी है” वो मुझे आँख मारने लगी

अब मुझे लग रहा था की मुझसे पट जाएगी। नये साल के दिन 1 जनवरी को मैं, मेरी बीबी और साली रिम्पी बाहर घूमने गये। फिर डिनर करने गये। हमने काफी शॉपिंग भी की। फिर हम तीनो रात का 9 से 12 का शो देखने गये थे। उस दिन माल में “एक था टाईगर” फिल्म लगी हुई थी। रिम्पी भी सलमान खान की फैन थी। उसे तो बहुत मजा आया। हाल में मैं बार बार रिम्पी के हाथ पर अपना हाथ रख देता था। फिर आधी रात में हम तीनो घर पहुचे। मेरी बीबी तुरंत जाकर हमारे बेडरूम में सो गयी। हम सबसे थोड़ी वाइन भी पी रखी थी। इसलिए मेरी बीबी को तुरंत ही नींद आ गयी। रिम्पी की चूत मारने का इससे अच्छा मौका नही मिल सकता था। मैं उसके कमरे में गया तो चेंज कर रही थी। वो दूसरी तरफ मुंह करे खड़ी थी और सफ़ेद ब्रा और पेंटी में थी। मैं पीछे से पहुच गया।

“अरे जीजा जी!! आप??” वो चौककर बोली

मैंने उसके लिए डिसाइनर सोने की इअरिंग्स चुपके से खरीद ली थी जब वो मेरी बीबी के साथ दूसरी शॉप पर शोपिंग कर रही थी। मैंने फौरन ही ज्वेलरी बॉक्स को खोला और उसे गोल्ड एअरिंग्स दिखाई।

“हा !! कितने सुंदर है जीजा जी!!” वो चौंककर बोली

“खूबसूरत साली के लिए खूबसूरत इअरिंग्स!!” मैं बोला

“जीजू!! आई लव यू!!” बोलकर रिम्पी मेरे गले लग गयी। मेरा तो दिल ही धड़कने लगा। ब्रा पेंटी में क्या मस्त सामान दिख रही थी।

“इसे पहनकर दिखाओ रिम्पी!!” मैंने कहा

फिर वो मेरे सामने ही पहनने लगी। बड़े सुंदर दिख रहे थे उसके कानो पर। फिर मेरी ओर देखने लगी।

“जीजा जी!! कही कोई आपका गलत इरादा तो नही है!” वो हंसकर बोलने लगी

मैं उसे सिर से पाँव तक ताड़ने लगा और फिर उसका हाथ पकड़ लिया। “जिसकी साली ऐसी कयामत हो उस जीजा का इरादा तो गलत हो ही जाएगा” मैंने कहा और रिम्पी को अपने से चिपका लिया। मैंने अपने दोनों हाथो से उसके कन्धो पकड़ कर दबोच लिया। रिम्पी सिर से पाँव तक खरा सोना था। गोरी गोरी टाँगे, पतला सपाट पेट, बड़े बड़े दूध, खूबसूरत लम्बा चेहरा और बिलकुल जवां त्वचा थी उसकी। रिम्पी भी सहम गयी। फिर मैंने जल्दी से अपना मुंह उसके मुंह पर रख दिया और चूसने लगा। वो भी मेरा साथ देने लगी और बराबर किस किये जा रही थी। हम दोनों की आँखे बंद थी। ऐसा लग रहा था की वो भी अंदर ही अंदर मुझसे चुदने के मूड में थी। मैंने खड़े होकर ही 10 मिनट उसके संतरे और स्ट्राबेरी जैसे दिखने वाले लब चूस डाले। अब मामला दोनों तरफ से गरमा गया।

“i love you जीजा जी!! you are so sweat!!” वो कहने लगी

“रिम्पी!! i love you too” मैं भी बोला

उसके बाद वो ही किस करने लगी। मेरे गले में उसने अपने दोनों हाथ डाल दिए और अपनी एड़ियों को उपर उठा दिया और मेरे लब चूसने लगी। फिर उसे और जोश चढ़ गया और मेरे गले, और सीने को चूमने लगी, किस करने लगी। मेरी शर्ट की 2 बटन को रिम्पी ने जल्दी से खोल दिया और मेरे सीने के घुघराले बालो पर चुम्बन जड़ने लगी। अब तो जीजा साली की चुदाई होनी निश्चित थी। मैंने भी मौके पर चौका मार के उसकी कमर को दोनों हाथो से पकड़ लिया और सहलाने लगा।

मैं एक लम्बा चौड़ा मर्द था। मेरी छाती काले घुघराले बालो से भरी हुई थी। रिम्पी चुदासी होकर उस बालो में ऊँगली फिरा फिराकर किस करने लगी। जब वो इतनी फास्ट थी तो मैं भी कोई नामर्द तो था नही। मैंने रिम्पी को कसके अपने सीने में खड़े खड़े ही दबा लिया और उसके गले और कन्धो पर किस करने लगा। मेरे हाथ ऑटोमैटिक उसकी 34” की सुडौल चूचियों पर चले गये और मैं दबाने लगा। फिर किस करने लगा। रिम्पी पागल होकर “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….”किये जा रही थी। मैं उसके आमो को हाथ से दबा दबाकर किस कर रहा था। रिम्पी अपनी आँखे बंद किये हुई थी।

“चलो घूम जाओ साली जी!!” मैंने कहा

रिम्पी घूम गयी। मैंने आज फर्स्ट टाइम उसकी पीठ देखी। गोरी चिट्टी खूबसूरत मासंल पीठ। मैं हाथ लगाने लगा। उपर से नीचे तक रिम्पी की पीठ को सहलाये जा रहा था। उसके खुले काले रेशमी बाल उसकी पीठ पर नीचे की ओर झूलते हुए कितने कातिल दिख रहे थे। मैंने बड़े प्यार से उसके बालो को दाई तरफ किया और मांसल गुदाज पीठ पर चुम्मा लेने लगा।

“ओहह्ह्ह….अह्हह्हह…जीजा जी!! अच्छा लग रहा है …अई..अई. .अई…बड़ा मजा आ रहा है”  रिम्पी मदहोश होकर कहने लगी

मैंने उसकी ब्रा के दोनों फीतों को उसके कंधे से नीचे गिरा दिया और ब्रा का हुक पीछे से उसके बाल उठाकर खोल दिए। ब्रा उतर गयी और मैंने उसे बेड पर फेंक दिया। अब मेरी मॉडल जैसे बदन वाली साली उपर से नंगी थी। उसके बाल तो कितने काले और घने थे, मैं तो उसकी जवानी और खूबसूरती देखकर दंग था। मैंने फिर से उसके बालो को पकड़कर उसके दाये कंधे के पार गिरा किया और बड़ी ही चिकनी पीठ पर कब्जा कर दिया।

“ओह्ह तेरी !! क्या मस्त माल है तू रिम्पी!!” मेरे मुंह से निकल गया

फिर पूरी पीठ हाथ लगा लगाकर मजा लेने लगा। रिम्पी पागलो की तरह खुद ही “i love you जीजा जी!! “i love you जीजा जी!!” बड़ी धीरी आवाज में बुदबुदा रही थी। मैं उसके यौवन को देखकर दंग था और होठ लगाकर पूरी पीठ पर किस पर किस किये जा रहा था। फिर मेरा लंड खड़ा हो गया। अपनी जवान सेक्सी साली को चोदने खाने की इक्षा बलवती हो गयी। मेरे अंदर का जानवर जाग गया। मैं रिम्पी की मांसल पीठ पर किस करते करते दांत गड़ाने शुरू कर दिए, वो भी काफी तेज तेज से। ऐसी हरकत करने से वो और अधिक चुदासी हो गयी।

“साली!! आज तेरी चूत मूझे किसी भी कीमत पर चाहिए!” मैं बोला और कस कसके दांत से काटने लगा

मेरे दांतों के कितने निशान उसकी मांसल पीठ पर पड़ गये।

“रिम्पी!! चल बिस्तर पर!!” मैं बोला

हम दोनों बिस्तर पर जाकर लेट गये। अब वो सिर्फ पेंटी में थी। रिम्पी ने मारे शर्म के अपने दोनों हाथो से चेहरा ढक लिया। मैंने उसकी कसी कसी 34” की चूचियों से खेलने लगा। कितनी सुंदर तने तने दूध थे उसके, बिलकुल मॉडल जैसे। मैं दोनों दूध के दर्शन करने लगा और दबाने लगा। वो“आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” करने लगी। उसके दूध तो उसकी ही तरह कयामत थे। क्या रसीली चूचियां थी। सफ़ेद स्तन और निपल (चूचक) के चारो तरफ बड़े बड़े काले गोले। मैं तो देखकर गर्वान्वित होने लगा। फिर दबा दबाकर मुंह में लेकर चूसने लगा। रिम्पी लगातार सिस्कारे निकाल रही थी। उसे भी बड़ा मजा आ रहा था। मेरी बीबी दूसरे कमरे में मजे से सो रही थी। इसलिए मेरे पास रिम्पी को चोदने का अच्छा मौका था।

मेरे अंदर का चोदू मर्द जाग गया और मैं पागलो की तरह उसके दोनों दूध से खेलने लगा। मुंह में ले लेकर रस पीने लगा। “..अई..अई…..मजा आ रहा है जीजा जी!! कितना मजा आ रहा है” वो कहने लगी।

मैं भी संगदिल सनम बन गया और ऐसे चूसने लगा जैसे वो मेरी बीबी हो। जोश में कितनी बार उसके मुलायम खरगोश जैसे कबूतरों पर मेरे दांत गड़ जाते थे। रिम्पी …..सी सी सी सी…करने लग जाती थी। फिर मैंने खुद ही अपना शर्ट पेंट खोल दिया और चड्डी भी निकाल दी। मेरा लंड 8” लम्बा और 3” मोटा लोहे की रॉड की तरह दिख रहा था। मैं अपनी जवान साली के पेट से अब खेलने लगा। हाथ लगा लगाकर सहलाये जा रहा था और किस कर रहा था। रिम्पी की नाभि बहुत सेक्सी और कुवें की तरफ गहरी थी। मैं उसमे जीभ डालने लगा और पीने लगा। रिम्पी love you जीजा जी!! love you जीजा जी!!” कहे जा रही थी। फिर उसकी नाभि को 10 मिनट चूसता पीता रहा। अब कमर पर पहुच गया।

क्या नागिन जैसी पतली कमर थी दोस्तों। मैं मदहोश हो गया। कमर पर खूब किस किया। फिर उसकी पेंटी को हाथो से पकड़कर खीचने लगा। उसे उतार दिया। रिम्पी चूत को जांघे चिपका कर छुपाने लगी। उसकी टाँगे तो एयर होस्टेस वाली लड़कियों जैसी सुंदर थी। मांसल और मुर्गी की टांग की तरह भरी हुई दिख रही थी। मैं उसकी टांगो से खेलने लगा। फिर दोनों जांघ पर हाथ फिरा फिराकर किस करने लगा। कुछ देर में रिम्पी को खुद ही अपनी जांघे खोलनी पड़ी। उसकी चूत का दीदार हो गया। सोच रहा था काली काली झांटो में छुपी हुई चूत देखने को मिलेगी। पर यहाँ तो जंगल अच्छे से साफ़ किया हुआ था। मुझे देखकर ख़ुशी हुई क्यूंकि मुझे साफ़ चिकनी चूत मारना ही पसंद है। बड़ी बड़ी झांटो में नही।

“तुमने झांटे कब बनाई रिम्पी! बड़ी चिकनी बुर है तेरी!!” मैं पूछा

वो अपने चहरे को दोनों हाथ से ढके ढके बोली “आज सुबह ही बनाई है जीजा जी”

“ग्रेट!!” मैंने कहा

फिर उसके पैरो को और अच्छे से खोल दिया। रिम्पी का अनचुदा भोसड़ा ठीक मेरे सामने था। मांसल उभरी हुई फूली फूली चुद्दी थी। मैं पागल हो गया।

“मैं तो तेरा भोसडा पियूँगा रिम्पी!!” मैं मुस्कराकर बोला

“तो रोका किसने है जीजा जी!!” वो बोली मुंह को ढके ढके

मैं टूट पड़ा। चूत को अपने मुंह से ढंक दिया और जल्दी जल्दी चाटने चूसने लगा। रिम्पी कामुक तरह से  “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी… हा हा.. ओ हो हो….” कर रही थी। मुझे उसकी आहे सिसकियाँ बड़ी मादक लग रही थी। मैं चूत को दांत गड़ा गढ़ाकर काट काट कर चूस रहा था, पी रहा था। रिम्पी की बुर थी ही ऐसी। मेरे लिए उसकी चूत बहुत कीमती वस्तु थी। मैंने चूस चूसकर उसे पागल कर दिया। रिम्पी मेरे सिर के बालो को पकड़कर नोचने लगी।

““उ उ उ उ उ…… अब मुझे चोद डालो जीजा जी!! अब इंतजार नही होता…… सी सी सी सी….. ऊँ… वो कहने लगी

मैंने उसकी दोनों जांघो को पकड़कर अपना सर उसकी दोनों जांघो के बीच में रखकर बुर को खूब चूसा। रिम्पी मेरे सर को पकड़कर चूत में धकेलने लगी। उसका बस चलता तो मेरा सिर ही चूत में घुसा देती। उसके चूत के बड़े से उठे उभरे दाने और चूत की कमल जैसी पंखुड़ी को मैंने जी भरकर चूस डाला। रिम्पी की ऐसी तैसी हो गयी। अब वो कमर बार बार उपर उठाने लगी।

“….. ऊँ…ऊँ…ऊँ….प्लीसस्स्स्स चोदो जीजा जी..”. वो कहने लगी

अब मैंने जल्दी से अपना लंड उसकी बुर पर रखा और अंदर की तरफ धकेला। लंड अंदर उतर गया। मैं अपनी मॉडल जैसी दिखने वाली खूबसूरत साली को चोदने लगा। अब रिम्पी शांत होकर चुदाने लगी। मैं उसके उपर ही लेट चूका था और अपनी गांड उठा उठाकर चूत में धक्के दे रहा था। रिम्पी आँखे मूंदे थी। मैं चूत का भूत उतार रहा था। उसकी बुर काफी गुदगुदी और नर्म थी। मेरा 8” का लंड बड़े आराम से उसमे अंदर बाहर जा रहा था। अब रिम्पी अपने होठो को दांत से चबाये जा रही थी। मैं चूत में गमाक गमाक धक्के देते चूत का चुकन्दर बना रहा था।

“ohh!! yes yes yes जीजा जी!! fuck me hard ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी… वो जोश में चिल्ला रही थी और टांगो को और अधिक फैला रही थी

मुझे उसके जोश को देखकर बड़ा जोश चढ़ रहा था। अब तो मैं भी लम्बे लम्बे धक्के चूत में दे रहा था। अच्छे से उसे पेल रहा था। जिससे वो पूरी तरह से संतुस्ट हो जाए और फिर से मुझसे चुदवाये। इस तरह मैंने 20 मिनट अपनी मॉडल जैसी साली की चूत को खाया। फिर लंड बाहर निकाल लिया। रिम्पी का मुंह ठीक सामने था।

“चल फेट इसे!!” मैं बोला

रिम्पी मेरे सिलबट्टे जैसे लौड़े को जल्दी जल्दी फेटने लगी। अब मेरा माल छूटने वाला था। मेरा लंड तमतमाया हुआ दिख रहा था। फिर कुछ सेकंड बार रिम्पी बड़ी जल्दी जल्दी लंड पर मुठ देने लगी और 5 6 सेकंड बाद मेरे लंड से पिचकारी छूट गयी। रिम्पी के मुंह पर मेरा माल गिरने लगा और काफी देर पिचकारी निकली। रिम्पी ने जल्दी से मुंह खोल दिया। माल उसके मुंह में गिर गया और उसका पूरा चेहरा ही मेरे सफ़ेद माल से रंग गया।

“मजा आ गया जीजा जी सी सी..हा हा हा..” रिप्मी अपने गाल से माल को ऊँगली में उठाकर मुंह में चाटते हुए बोली

कुछ देर बाद मैंने अपनी साली की गांड चोद डाली। मेरी बीबी को हमारे काण्ड के बारे में नही पता चला। अब जब भी वो मेरे घर आती है, मैं उसे चोद लेता हूँ। आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज के लिए नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पढ़ते रहना। आप स्टोरी को शेयर भी करना।

दीदी की मौत के बाद जीजू ने मुझे चोदकर प्यास बुझाई

Jija Sali Sex Story हाय फ्रेंड्स, आप लोगो का नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम में स्वागत है। मैं रोज ही इसकी सेक्सी स्टोरीज पढ़ती हूँ और आनन्द लेती हूँ। आप लोगो को भी यहाँ की सेक्सी और रसीली स्टोरीज पढने को बोलूंगी। आज फर्स्ट टाइम आप लोगो को अपनी कामुक स्टोरी सुना रही हूँ। कई दिन से मैं लिखने की सोच रही थी। अगर मेरे से कोई गलती हो तो माफ़ कर देना।

मेरा नाम योगिता है। मैं आगरा की रहने वाली हूँ। मैं अब पूरी तरह से जवान लड़की हो चुकी थी। उम्र 28 की हो गयी है और मेरी शादी अभी तक नही हुई है। मेरा जिस्म काफी भरा हुआ है और नये जवान लड़के मुझे तो हमेशा ही ताड़ा करते है। सभी मेरे साथ मिलन करके करके मुझे चोदना चाहते है। फ्रेंड्स मेरा फिगर अब 34 28 36 इंच का हो गया है। मेरे चूचक बड़े और गांड काफी उभरी हुई है जिसपर लड़के हाथ रखकर दबाना चाहते है। मुझे सेक्स करना और चुदना बहुत पसंद है क्यूंकि मेरी उम्र की हर लड़की काफी गर्म होती है।

मैं अभी तक अपने बॉयफ्रेंड्स से चुदवा चुकी हूँ पर मेरे जीजू ने भी मुझे कुछ दिन पहले चोद लिया है। सब बात आपको विस्तार से बता रही हूँ। फ्रेंड्स कुछ महीनो पहले मेरी शिखा दीदी के बच्चा होने वाला था। मैं, पापा, मम्मी, मेरा भाई और जीजा, दीदी सब बहुत खुश थे क्यूंकि फेमिली में एक नया मेहमान आने वाला था। पर जब शिखा दीदी डॉक्टर के पास चेक अप करवाने लगी तो पता चला की उनके पेट में बच्चा टेढ़ा मेढ़ा है। और इस वजह से रिस्क भी काफी जादा है। मेरी दीदी ने थोड़ी लापरवाही कर दी और हर हफ्ते जांच के लिए नही गयी और फिर एक दिन घर में ही उनका वाटर बैग फट गया और अब तो बच्चा होने वाला था।

जीजा जी बहुत घबरा गये और किसी तरह पास के एक हॉस्पिटल से एक नर्स बुला लाये पर दोस्तों सब कुछ बहुत तेजी से हुआ। शिखा दीदी को एक प्यारी सी बच्ची तो जरुर हो गयी पर दीदी गुजर गयी। इस तरह से आफत का पहाड़ पुरे फेमिली पर टूट पड़ा। अब मेरे जीजू अक्सर उदास और दुखी रहते और पागलो की तरह दीदी को याद करते रहते। उनके घर काम करने वाला कोई न था क्यूंकि जीजू की मम्मी जी काफी बुड्ढी है और उनको दिखता भी कम है इसलिए वो खाना भी नही बना पाती है। इसलिए मैं अपने जीजू के घर रुक गयी और खाना बनाने की जिम्मेदारी मैंने सम्भाल ली।

शिखा दीदी के गुजरने के 4 महीने बाद तक जीजू साधू सन्यासी जैसा हुलिया बनाए रहे और न बाल कटवाते और न दाढ़ी बनाते। रोज रात में “शिखा!! शिखा!!” बोलकर चिल्लाते रहते। इस तरह से उनकी हालत पागलो जैसी हो गयी थी। ऐसे में मुझे ही कई बार उनको शांत करना पड़ता था। एक दिन रात को जीजा जी अचानक से दुखी हो गये और रोने लगे तो मैं उनके पास चली गयी।

“जीजू!! होनी को कौन टाल सकता है। अब आप खुद को सम्भालो और अपने बच्चे के बारे में सोचो” मैं बोली और जीजू को शांत करवाने लगी

तभी वो फफक फफक कर फिर से दहाड़ मारकर रोने लगे। मुझे जीजू को चुप करवाना था इसलिए मैंने उनको पकड़ लिया और अपने से चिपका लिया। जीजू रो रोकर हल्ला करने लगे और मेरा टॉप उनके आशुओं से भीग गया। मैंने उस वक़्त लॉन्ग स्कर्ट और टॉप पहन रखा था। जीजू ने भी अपने गम को भुलाना चाचा और मेरे से चिपक गये और मुझे बाहों में भर लिया।

जैसे वो शिखा दीदी के साथ करते थे वैसा ही मेरे साथ करने गले। 10 मिनट तक जीजू मुझसे किसी प्रेमी की तरह चिपके रहे और इतनी देर में मेरे 34” के बड़े बड़े चूचक उनके सीने से रगड़ खाते रहे। उस वक़्त रात के 10 बजे थे और सब लोग खाना खाकर सो चुके थे। सिर्फ जीजू ही जागे हुए थे। जीजू के पापा जी और माँ जी अपने रूम में सो रहे थे। जीजू ने मुझे बेड पर ही पकड़ लिया और फिर मुझे लिटा दिया। अपना मुंह मेरे होंठो पर रख दिया और मेरे सेक्सी उभरे हुए होठो को 15 मिनट तक चूस चूसकर मुझे गर्म कर दिया।

फ्रेंड्स आजक मेरे बॉयफ्रेंड ने मेरे होठ को चूसा था पर आज जीजू जैसा स्मार्ट मर्द मेरे साथ रासलीला करने लगा। कुछ देर मेरे चमकीले टॉप के उपर हाथ रखकर मेरे 34” के बड़े बड़े जवान दूधो को हाथ से मसलते रहे। पता नही वो किस मूड में थे। फिर उनको अचानक से याद आ गया की मैं शिखा नही योगिता हूँ। जब ये ध्यान आया तो जीजू ने मुझे छोड़ दिया और दूर हट गये।

“सोरी शिखा!! तुम्हारा चेहरा भी बिलकुल शिखा की तरह है इसलिए मैं बहक गया” वो बोले

मैं बिस्तर से उठ बैठी और अपने टॉप को सही किया। फिर दूर खड़े जीजू के पास चली गयी। “कोई बात नही जीजू!! ऐसा होता है। आप दीदी को बहुत प्यार करते थे। मैं ये बात अच्छे से जानती हूँ” मैंने कहा और फिर उनको जबरदस्ती डाइनिंग टेबल पर लेकर आई और खाना खिलाया। फिर मैं अपने रूम में जाकर सो गयी। बार बार वो पल याद आता था जब जीजू मेरे गुलाब से सेक्सी होठो को मुंह चला चलाकर चूस रहे थे। फिर मेरे दूध को किस तरह से उन्होंने मसल मसल कर दबा दिया था। इस बीच मेरी चूत ने अपना अमृत रस छोड़ दिया था। मैंने अपनी लॉन्ग स्कर्ट को उतार दिया और पेंटी में हाथ घुसा दिया और चूत में ऊँगली करने लगे। “ओह्ह जीजा!! चोदो मुझे!! अब दीदी नही है मुझे ही चोदकर प्यास बुझा लो!!” मैं मन ही मन में कहने लगी और अपनी चूत में जल्दी जल्दी ऊँगली करने लगी

धीरे धीरे आनन्द और बढने लगा और ऊँगली करती चली गयी। फिर अंत में कुछ देर बाद “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा सी सी सी ओह्ह” बोलते हुए झड़ गयी और झर्र झर्र मेरी चुद्दी ने अपना पानी किसी होली की पिचकारी की तरह छोड़ दिया। मैं अपने बेड पर लेट गयी पर बार बार जीजू का ख्याल आ रहा था। फिर चुदने की तडप मेरे जिस्म में जाग गयी। मैंने अपना लॉन्ग स्कर्ट और टॉप पहन लिया और रात के 1 बजे जीजू के कमरे में चली गयी। देखा तो वो देवदास की तरह मुंह बनाकर बैठे हुए थे।

“जीजू!! आप सोये नही??” मैंने कहा और उनके दरवाजे को अंदर से बंद किया

“नींद नही आ रही योगिता” जीजू किसी मुरझाये हुए फूल की तरह मुंह लटकाकर बोले

“आज मैं आपको नींद दिला दूंगी” मैंने कहा और अपने टॉप के उपर से चुनरी हटा दी।

जीजू मेरी तरफ अजीब नजर से देखने लगे। “आज दीदी की कमी मैं दूर कुरुंगी” मैं बोली और जीजू के पास जाकर बेड पर लेट गयी। फिर उनको मैंने कसके पकड़ लिया और अपने सीने में दबा लिया। उसके बाद तो सब कुछ अपने आप होने लगा। जीजू का इंजन तो पिछले 6 महीने से बंद बड़ा था, आज वो फिर से शुरू हो गया। उन्होंने मुझे नीचे लिटाया और अपना मेरे उपर आ गये और फिर मेरे होठ को चूसने लगे। धीरे धीरे करके मेरी टॉप को उतरवा दिया। मैंने लाल रंग की स्कर्ट से मैच करती लाल ब्रा पहनी थी।

मेरे 34” के दूध बेहद पुस्ट और रसीले दिखते थे। जब जीजू ने मेरे बड़े बड़े चूचको को ब्रा के उपर से दबाना शुरू किया तो मैं सेक्सी होकर “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” करने लगी। कुछ देर तक वो उपर से मजा लेते रहे। फिर मेरे दूध को ब्रा के उपर से मुंह में लेकर चूसने लगे। कुछ देर में समा गर्म हो गया और मुझे अपने हाथ से अपनी ब्रा खोलनी पड़ी। फिर अपनी नंगी मस्त मस्त चूची को दोनों हाथ से हिला हिलाकर अपने जीजू का मूड बनाने लगी।

“क्यों जीजू!! क्या अब भी देवदास बने रहोगे या मेरे साथ ज़िन्दगी का मजा लूटोगे??” मैंने कहा और फिर से अपने दोनों तने चूचक हाथ से हिला हिलाकर उनको दिखानी लगी। ऐसा करने से जीजू का पारा बढ़ गया और अब वो सही हो गये। मेरे सामने उन्होंने अपनी शर्ट पेंट खोल दी और जोकी में आ गये। फ्रेची वाली जोकी में जीजू का लंड और बड़ा सा पोता मुझे दिख रहा था।

“योगिता!! आज तू ही मुझे ठीक कर सकती है!!!” वो बोले और मेरे उपर चढ़ गये और दोनों बड़े बड़े मदमस्त चूचको को हाथ में ले लिया और हिलाने लगे। मैं “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” करने लगी। जीजू हाथ से दोनों स्तनों को हिला हिलाकर साईज पता करने लगे। फिर पागल और चुदासे होकर मेरे रसीले चूचक दबाने लगे। फ्रेंड्स मैं काफी गोरी और जवान लड़की थी। इस वजह से मेरे चूचक भी कमाल के मस्त मस्त थे। जीजू अब एक हाथ से दाये दूध को दबाने लगे और अपना मुंह मेरे बाए दूध पर लगा दिया और चूसने लगे। मैं भी आनंदित होकर सी सी …..आह आह ऊ ऊ करने लगी। जीजू रुके ही नही और बस चूसते चले गये। ऐसा करने से मेरा जिस्म फिर से गर्म होने लगा और मेरी रसीली सफाचट चूत लंड की डिमांड करने लगी।

“चूसो!! जीजा जी!! you are so sexy!! और चूसो मेरे आमो को!!” मैं इस तरह से किसी बेशर्म बेहया चुदक्कड लौंडिया की तरह बडबड़ाने लगी। अब जीजू और जोश में आ गये और मुंह में मेरे स्तन को ले लेकर जो चुसाई कर दी की मैं आप लोगो को क्या बताऊं। फिर जीजू मेरे दाये स्तन को मुंह में लेकर रस चूसने लगे। मेरी चूत से लेकर गांड के छेद तक में चीटियाँ काटने लगी। मैं चुदने को हो गयी। बार बार “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” किये जा रही थी।

“जीजू!! fuck me now!! (अब मुझे जल्दी से चोद डालो)” ऐसा मैं कहने लगी

इतना कहते ही जीजू ने मेरी लॉन्ग स्कर्ट का हुक खोला और उसे उतार दिया। मेरी लाल रंग की पेंटी मेरी चूत से चिपकी हुई थी। जीजू ने लगे हाथ उसे भी उतार दिया। अब मैं फूल नंगी हो गयी और जीजू के सामने पेश हो गयी। उन्होंने ने मेरे दोनों घुटनों पर किस किया और उसे खोलवा दिया। फिर झुककर मेरी सफाचट चूत को रस चाटने लगे। मैं फिर से ….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ…करने लगी। फ्रेंड्स उसके बाद तो जीजू ने क्या मस्त बुर चुसाई और चटाई कर डाली। मेरी चूत के एक एक होठ, एक एक कली और चूत के दाने को जीभ की नोक से चूस चूसकर रस ले रहे थे।

“ऐसे ही करो जीजू!!! अच्छा लगता है!! और चाटो मेरी मदमस्त चूत को!!” मैं बडबडाने लगी

जीजू भी फुल जोश में आ गये थे। मुझे अपने पैर खोलने पड़े। जीजू ने एक पैर पर दूसरा पैर रख दिया और मेरी दोनों सफ़ेद जांघो को पकड़कर और उपर उठा दिया। और जल्दी जल्दी चाटते ही चले गये। फ्रेंड्स जीजू ने मेरी चूत का बुरा हाल कर दिया और मुझे तड़पा रहे थे। फिर किसी चोदू कुत्ते की तरफ पागल हो गये और मेरी चूत में 2 ऊँगली घुसा दी और उसके बाद तो मेरा बुरा हाल कर दिया। “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..”बोलकर मैं परेशान हो गयी थी। जीजू को जरा भी रहम नही आया और मेरी गुलाबी चूत के होठो को खोलकर चूत में जल्दी जल्दी ऊँगली डालकर फेटने लगे और मुझे दिन में तारे दिखा दिया। “ओह्ह मरी मैं….हाय अब मैं मरी!! झड़ी मैं ओह्ह्ह उफ्फ्फ ऊँ ऊँ ऊँ” इस तरह से मैं सीत्कारे लेने लगी और जीजू ने अपनी दो मोटी उँगलियाँ घुसा घुसाकर मेरा दूसरी बार पानी झड़वा दिया। मेरा तो पसीना ही छूट गया और बदन ढीला पड़ गया। मेरी गुलाबी चुद्दी से काफी पानी निकलने की वजह से मेरी सारी ताकत निकल गयी थी जैसे किसी ने मुझे कपड़े की तरह निचोड़ दिया दो।

मैंने दोनों हाथ और दोनों टाँगे खोलकर जीजू के सामने ऐसे बेशर्म बनके लेटी हुई थी की कोई रंडी भी नही लेटती है। मैं लम्बी लम्बी सांसे भर रही थी क्यूंकि अब दूसरी बार मेरी गुलाबी चूत ने अपना कीमती पानी छोड़ दिया था। अब जीजू का मौसम बनने लगा। वो 69 के पोज में आ गये और मेरे उपर उल्टा होकर लेट गये। मेरे मुंह के ठीक उपर अब जीजू का बड़ा सा 11 इंची का लौड़ा था। मेरी चूत के ठीक उपर अब जीजू का मुंह था। मेरी चूत पर मुंह टीकाकर मुझे गर्म करने लगे। काफी देर मैंने जीजू का लौड़ा 69 के पोज में लेटकर चूस डाला।

“योगिता!! चलो अब तुम कुतिया बन जाओ!! क्यूंकि तुम्हारी शिखा दीदी को इसी तरह से चुदवाना अच्छा लगता था” जीजू बोले

मैं मना न कर सकी। उनके बेड पर ही कुतिया बन गयी और सिर को बेड पर रख दिया। जीजू अपना 11” का बड़ा सा हाथी जैसा लौड़ा मेरी चूत में डालने लगे। उनका सुपारा तो कुछ जादा ही मोटा था। मेरी चूत में हल्का दर्द हुआ पर जीजू बड़े तिकड़मी थे। किसी तरह हिला डुलाकर अपना 11 इंची लौड़ा मेरी चूत में डाल दी दिया और फिर अपने घुटनो को मोड़कर मुझे पक पक मेलने लगे। मैं “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ…ऊँ…ऊँ….” बोलने पर विवश हो गयी। जीजू का लौड़ा मेरी चूत का भोसड़ा बनाने लगा। मैं सु सु करने लगी। जीजू धाय धाय मुझे चोदने लगे और कस कसके लौड़े से झटके देने लगे। मैं सिर को झुकाकर कुतिया बनी थी इसलिए मेरे 34” के बड़े बड़े चूचक नीचे को झूल रहे थे जो और भी सेक्सी दिख रहे थे।

“आह पेलो और पेलो जीजू!! बिलकुल शिखा दीदी की तरह मेरी चुदाई आप कर दो!!” मैं किसी रांड की तरह कहने लगी

फिर तो जीजू भी पगला गये। मेरी कमर को दोनों हाथ से पकड़ लिया और मेरे चूतड़ पर हाथ घुमा घुमाकर मेरी चूत चोद रहे थे। मैं आहे और आवाजे निकाल रही थी। जीजू मस्ती से सम्भोग करते गये और मैं करवाती रही। कुतिया बने बने मेरा बदन कुछ अकड़ गया पर फिर भी बनी रही। क्यूंकि जीजू अपने काम पर पिले पड़े थे। “आह आह योगिता!! तेरी माँ की चूत!! तेरी माँ को भी मैं चोदूंगा छिनाल!! तेरे पुरे घर को अब मैं चोद डालूँगा!!” ऐसा जीजा यौन उत्तेजना में कहने लगे

फिर हाफ गये और लंड को चूत के छेद से बाहर निकाल लिया। अपने माथे से पसीना पोछने लगे। फिर कुछ देर साँस भरते रहे। फिर बाथरूम में जाकर मूतकर आ गये। और फिर से मुझे कुतिया बना डाला। इस बार मेरी गांड के कुवारे छेद में जीजू ने अपना लौड़ा घुसा दिया और अब मेरी गांड चोदने लगे। इस तरह से पूरी रात मेरे साथ यानी अपनी जवान साली के साथ रंगरलियाँ मनाते रहे। मेरे परामर्श पर जीजू ने 1 साल बाद दूसरी लड़की से शादी कर ली है। फ्रेंड्स अब उनकी नई बीबी ही जीजू के बच्चे को पाल रही है। पर जब भी हमारे घर आते है मेरी चुदाई हो जाती है। आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज के लिए नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पढ़ते रहना। आप स्टोरी को शेयर भी करना।

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