बॉयफ्रेंड मेरी माँ को मुझे और मेरी छोटी बहन को चोदता है।

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Threesome Sex Story in Hindi : जी हाँ दोस्तों यही सच है मेरा बॉयफ्रेंड मुझे भी चोदता है मेरी माँ को भी और मेरी छोटी बहन को भी चुदाई करता है।

मैं दिल्ली में रहती हूँ पटेल नगर में जॉब करती हूँ। मेरे पापा नहीं हैं वो चल बसे पिछले साल ही। कमाने वाली में सिर्फ मैं हूँ। मेरी छोटी बहन जो की अभी अठारह साल की है पढाई करती है। मेरी माँ जो घर पर ही रखकर बुटीक का काम करती है।

जैसे मैं घर से बाहर निकली जॉब करने मेरी ज़िंदगी बदल गई। दुनियां का चकाचौंध देखि और मेरे कदम लड़खड़ा गए। पैसे की तंगी भी थी जॉब करना जरुरी था।

पर ऑफिस में काम करने वाले एक लड़के से मेरा प्रेम सम्बन्ध हो गया और फिर चुदाई में बदल गई। पहले दिन उसने मुझे ऑफिस में चोदा वो मेरी पहली चुदाई थी। फिर तो पहाड़गंज में होटल में तो शनिवार को कई बार चुदाई की मेरी क्यों की मैं घर में बताती थी शनिवार को ऑफिस रहता है पर उस दिन ऑफिस बंद रहता था मैं सुबह से रात के आठ बजे तक अय्यासी करती थी।

मैं अपनी बात ज्यादा दिन तक नहीं छुपा पाई और मेरे घर में पता चल गया। तो मम्मी बोली उसको घर बुलाने को मैं घर बुलाई। माँ उससे बहुत इम्प्रेस हुई। अब वो मेरे घर आने जाने लगा और धीरे धीरे वो मेरी छोटी बहन के भी करीब आ गया।

जब मैं ऑफिस जाती वो भी ऑफिस आता पर वो ऑफिस में कुछ ज्यादा ही छुटियाँ लेने लगा। मैं पूछती आखिर इतनी छुट्टी क्यों करते हो तो वो बहना बना देता था।

मुझे लगा की शायद जब मैं ऑफिस आती हूँ और मेरी बहन कॉलेज जाती तब वो घर जाता है। एक दिन मैं घर से ऑफिस के लिए निकली और एक घंटे में वापस आ गई घर पर ऑफिस नहीं गई। जब घर पहुंची तो बॉयफ्रेंड का बाइक मेरे घर पर खड़ा था। मैं गेट लगा था उसकी चाभी मेरे पास थी।

मैं गेट खोलकर अंदर गई तो दंग रही गई। मेरा बॉयफ्रेंड मेरी माँ को चोद रहा था। मेरी माँ नंगी बेड पर थी और वो मम्मी को चूचियों को दबा रहा था। और दोनों टांग अपनी कंधे पर रखे हुए था और मेरी माँ के चुत में लंबा मोटा काला लौड़ा डाले जा रहा था।

माँ हरेक झटके पर हिल रही थी और आह आह आह आह की आवाज निकाल रही थी। वो जोर जोर से माँ की चुत में लौड़ा घुसा रहा था और माँ मजे ले ले कर चुदवा रही थी।

मैं वापस अपने ऑफिस आ गई तब तक हाफ टाइम हो गया था। मैं बहुत ही ज्यादा उदास थी पर खुश इस बात से थी की मम्मी उससे कह रही थी जब तक तुम मुझसे प्यार करोगे तब तक तुम मेरी बेटी को भी प्यार करोगे नहीं तो उसकी शादी किसी और से करवा देंगे।

अब मैं सोचने लगी थी की अगर मैं बोलुं ये रिश्ता गलत है तो मैं भी अपने बॉय फ्रेंड को खो दूंगी इसलिए मैं चुप ही रही। क्यों की आधे खर्चे मेरे घर का वो भी चला रहा है। मेरी सैलरी से कुछ भी नहीं हो रहा था।

दोस्तों आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं। एक दिन की बात है मेरी माँ नानी के यहाँ गई थी। मैं और मेरी बहन ही घर पर थे। उस दिन मेरी बहन की छुट्टी थी और मैं ऑफिस आ गई। पर दोपहर तक मेरी तबियत ख़राब हो गई और वापस घर आ गई।

मैं फिर देखि उसका बाइक मेरे घर के पास खड़ी थी। फिर मैं गेट खोलकर अंदर गई तो देखि मेरी बहन चिल्ला चिल्ला कर चुदवा रही थी।

वो बॉयफ्रेंड के ऊपर बैठी थी और उसका लौड़ा अपने चुत में लेकर जोर जोर से धक्के गोल गोल करके दे रही थी। और आह आह आह आह ले लो मुझे चोद दो मुझे कह रही थी।

कभी वो निचे कभी मेरी बहन निचे वो अलग अलग तरीके से चोद रहा था और चूचियां मसल रहा था मेरी बहन चुदवा रही थी सेक्सी आवाज निकालकर। मुझे लगा की ये गलत है और मैं सीधे अंदर चली गई।

बहन मेरी तुरंत ही कपडे पहन ली। और वो भी कपडे पहनने लगाए मैं पूछी ये क्या हो रहा है तो वो सिर्फ सॉरी सॉरी बोल रहा था।

दोस्तों अब सब कुछ नार्मल हो गया है मुझे हालात से समझौता करना पड़ा पर अब हम तीनो ही चुदाई करवाते है। अब वो रात में मोस्टली यही रहता है और फिर क्या करता होगा आप खुद ही समझ जाइये।

मैं दूसरी कहानी नॉनवेज स्टोरी पर लिखने वाली हूँ तब तक के लिए धन्यवाद.

जिस्म की ज्वाला हुई शांत होटल में भैया के साथ

दामाद जी सेक्स कहानी

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मेरा नाम मोनिका है मैं 28 साल की हूँ। मैं बहुत ही चुड़क्कड़ स्वभाव की हूँ। मुझे मोटा लंड बहुत पसंद है। और मुझे जो देर तक चोद सके उसका तो मैं कायल हूँ। पर किस्मत को ये सब पसंद नहीं था और मेरी शादी एक ऐसे इंसान से हो गई जो देखने में तो लंबा तगड़ा था इंजीनियर था पेशे से पर चुदाई में बेकार था। और जो सबसे ख़राब आदत थी उसकी वो भी शाम को दारू पीना। जब दारू पि लेता था तब तो वो और भी बेकार हो जाता उसका लौड़ा फिर खड़ा ही नहीं होता था। अब आप खुद सोचिये जो नंगी बेड पर लेती हो चूचियां दोनों तनी हुई हो और चूत गीली हो और उसका पति सो जाये तो क्या करेगा। अगर मैं गलत बोल रही हूँ तो आप बताओ?

मैं तंग आ गई थी आखिर कार मुझे अपने मायका आना पड़ा। मैंने अपने पति का घर छोड़ दिया। करती क्या ? तंग हो चुकी थी मैं। रहने लगी अपने मम्मी के साथ, मेरे एक भैया है अपना नहीं मैं उनको भैया बोलती हूँ। ऐसे मैं फरीदाबाद में रहती हूँ और भैया दिल्ली के अशोक विहार में रहते हैं। मैं उनके लिए डाटा एंट्री का काम करती हूँ तो कभी कभी मिलने भी जाती हूँ। पर जब से मैं अपने पति को छोड़ी थोड़ा ज्यादा जाने लगी।

वो मेरी चूचियों का दीवाना हैं। क्यों की जब भी झुकी उनका ध्यान मेरे चूचियों पर चला जाता था। वो कहते थे साडी पहनो जब मेरे से मिलने आओ क्यों की साडी में जिस्म सही से दीखता है अगर माल हॉट हो तो। पेट के साइड से और आँचल के निचे से पता चल जाता है बूब्स कितना बड़ा है। और साडी थोड़ी पतली हो तो क्या कहने फिर से दुकानदार बूब देखकर ही ब्रा निकाल कर दे देगा बिना पूछे की कितना नंबर का ब्रा होता है।

दोस्तों धीरे धीरे बात बढ़ने लगी और वो मेरे करीब आ गए यानी दिल के करीब अब उनके मुँह से सुनना चाहती थी की क्या मेरे साथ चलोगी बाहर।और वो दिन भी आ गया एक दिन जब उनसे मिलने गई तो उन्होंने मुझे ऑफर किया की क्या हम बाहर घूमने जा सकते हैं ?

पर दिक्कत ये थी की उसी दिन शाम को मेरे पति के घर वाले और पति मेरे घर पर आने वाले थे मुझे मनाने। ताकि तलाक मत लो। उनको क्या पता था जब चुदाई नहीं तो साथ क्या रहना। मैं बोली फ्री तो हूँ पर शाम के 6 बजे तक फिर मुझे फरीदाबाद निकलना होगा। और अभी 11 बज रहे हैं देख लो मैं इतने देर तक फ्री हूँ। वो भैया खुश हो गए बोले बहुत है। और उन्होंने तुरंत ही ऑनलाइन होटल बुक किया और हम दोनों कैब मांगकर होटल चले गए।

होटल में पति पत्नी के नाम पर एंट्री लिए और दरवाजा बंद करते ही वो मेरे ऊपर टूट पड़े सच तो ये भी है की मैं ज्यादा टूट पड़ी और ऐसा लग रहा था की होटल के कमरे में कुस्ती हो रही हो एक दूसरे को वाइल्ड तरीके से किश कर रहे थे वो मेरी चूचियों को जोर से दबा रहे थे मेरे गर्दन गाल होठ पीठ बांह कांख पीठ चूतड़ पर किश कर रहे थे अपना जीभ मेरे नाभि में डाल रहे थे। मैं पागल हो गई थी ऐसी ही चाहती थी मुझे कोई कामुक करे। ये कहानी आप नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

उसके बाद उन्होंने सारे कपडे अपने उतार दिए और फिर मेरे कपडे उतार दिए बस ब्रा और पेंटी छोड़ दी। अब मुझे बेड पर लिटा कर मेरे पैर के तलवे से लेकर मेरे सिर के बाल तक जीभ फिरा रहे थे आप खुद सोचिए क्या हाल होगा किसी लड़की को या किसी औरत को। मैं तो पानी पानी हो गई थी मेरे चूत से गर्म गर्म पानी निकलने लगा मेरे मुँह से सिसकारिआं आने लगी। मैं खुद ही अपनी चूचियों को दबा रही थी अपने होठ को दांत से काट रही थी बार बार मेरा होठ सुख रहा था तो अपने होठ पर जीभ फिरा रही थी।

दोस्तों उन्होंने मेरे चूत को चाटना शुरू किया और अपना नाक तक मेरी चूत में घुसाने लगे मुझे बहुत अच्छा लग रहा था मैं खुद उनके बालों को पकड़ पर अपने चूत में रगड़ रही थी। पैर फैलाकर क्या बताऊँ मेरे शरीर में कैसी सिहरन हो रही थी। मजा आ गया था। उन्होंने मेरे मुँह में अपना लंड घुसा दिया और अंदर बाहर करने लगी फिर मैं उनके लंड को पकड़ ली और आइस क्रीम की तरह चूसने लगी उनके लंड से नमकीन माल निकलने लगा था और मैं उस नमकीन स्वाद का मजा ले रही थी।

उन्होंने फिर मुझे उलटा घुमा दिया मैं पेट के बल आ गई और उन्होंने मेरे चूतड़ को दोनों हाथो से अलग अलग किया और मेरी गांड के छेद को चाटने लगे। मैं तो परेशां हो गई लग रहा था घुसा दे चाहे चुत में या गांड में या मेरे नाभि में छेद कर दे अपने लौड़े से। दोस्तों उसके बाद उन्होंने अपना मोटा लौड़ा निकाला थोड़ा थूक लगाया और मेरी मोटी गांड में पेल दिया अब शुरू हो गया था जिस्म की आग शांत करने का समय। मैं गाँड़ मरवाने लगी पर अपना चूत में बेड पर रगड़ रही थी आप विस्वास नहीं करेंगे। वह की बेडशीट गीली हो गई थी मेरे चूत की पानी से।

उन्होंने मुझे सीधा किया और फिर मेरे दोनों पैर अपने कंधे पर रखे और मेरे चूत में लंड घुसा दिया पहली बार मेरे चूत में ऐसा लौड़ा गया अंदर तक। मैं खुश हो गई मेरी आग और बढ़ गई अब वो धक्के देने लगे। जोर जोर से जैसे जैसे धक्के देते मेरी चूचियां फूटबाल की तरह हिलती और मेरा पूरा शरीर हिल जाता मैं कस कर बेडशीट पकड़ रखी थी। मैं आह आह आह ओह्ह ओह्ह ओह्ह की आवाज़ निकल रही थी और वो भी जोर जोर से मुझे चोद रहे थे। फिर अलग अलग तरीके से करीब ५ घंटे तक चोदा थोड़ा समय ले ले कर।

दोस्तों आज भैया ने होटल में मेरी वासना शांत की जो कब की प्यासी थी। मुझे बहुत पसंद आया मेरी चुदाई होटल में। अब देखिये आगे आगे क्या होता है। जो भी होगा मैं नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर जरूर आपको बताउंगी। तब तक के लिए मूठ मार लीजिये आपकी मोनिका।

तीन कमसिन लड़कियों को एक साथ चोदा

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दोस्तों आज मैं आपको अपनी एक सेक्सी कहानी सुनाने जा रहा हूँ। पहले मैं अपने बारे में बता हूँ मेरा नाम रवि है, मुझे चुदाई करना बहुत पसंद है। स्कूल में मैंने कई लड़कियों को चोदा अपने टीचर को चोदा, ट्यूशन वाली दीदी को चोदा अपनी चचेरी बहन को चोदा, आप समझ गए होंगे मैं चुदाई में कितना बढ़िया था और पटाने में माहिर था। पर अब उम्र 25 की हो गई है तो लोकल में जुगाड़ नहीं बन रहा था। 16 से 21 उम्र तब खूब मजे किया पर बाद में तीन साल से सुखाड़ आ गया था मेरी ज़िंदगी में। इसलिए मैंने प्लान बनाया और निकल गया बैंकाक सिर्फ चुदाई करने। लोगो से बहुत सूना था बैंकाक के बारे में वह चुदाई के बारे में लड़कियां कसी हुई माल होती है खूब चुदवाती है।

दिन में एक बजे दिल्ली से फ्लाइट था, देर शाम पहुंच गया। वीजा अराइभल लिए और पहुंच गया बायको होटल, रात में खाना खाने बाहर गया और थोड़ा घुमा फिरा नाईट मार्किट देखा। उस दिन मैंने चुदाई के बारे में नहीं सोचा था थका हुआ था तो सोचा आज आराम करते हैं।

दोस्तों दूसरे दिन दिन के दो बजे होटल से निकला, घुमा फिरा, एक खूबसूरत लड़की से अपना मसाज करवाया एकदम फ्रेश हो गया और शाम को निकल गया एक मार्किट जहा पर चकाचौध था, रोड के दोनों साइड बार था, उस मार्किट में हजारों लड़कियां थी, सभी बार के बारह और बार के अंदर। कही पोल डांसिंग हो रह था तो कही लड़कियां अपने कस्टमर को बुला रही थी।

मैं एक बार में गया जहा पर करीब 100 लड़कियां थी. बियर ली, पिने लगा दो बोतल फिनिश करते करते मैंने 3 लड़की को सेलेक्ट किया। साथ बैठ कर मजे लिए, फिर मैंने बार ओनर को तीनो के बदले पेमेंट दिए क्यों की अगर आप किसी बार से लड़की लेते हो तो पेमेंट करना होता है। फिर मैंने तीनो से रेट फाइनल कर तीनो को लेकर कार से बायको होटल पहुंच गया।

दोस्तों तीनो लड़कियां कमसिन थी, एक लम्बी थी वजन भी सही था, एक छोटी सी थी, एक मिडिल हाइट की. मैं तीनो कद और नैन नक्श और शरीर को अच्छे से चोदना चाहता था ताकि एक बार में ही तीनो तरह के शरीर का मजा ले सकते जैसे आप कभी किसी को चोदते है तब आपको लगता है अगर मोटी होती तो कैसा लगता, पतली होती तो कैसा लगता। जिनको आप चोदते हैं वो अगर मोटी है तो आप दूसरी लड़की पतली हो ऐसा आप सोचेंगे और अगर पतली लड़की से आप सम्बन्ध बना रहे हैं तो आपको लगेगा की काश कोई मोटी लम्बी चौड़ी औरत को चोदता। ऐसा इंसान की फितरत होती है जो होता है पास उससे अलग चाहते हैं. आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

दोस्तों तीनो साइज की लड़कियों के कपडे उतार दिए। पहले तो टीवी चलकर जमकर डांस किया। मैं भी नंगा वो तीनो भी नंगी लंड हिला हिला कर डांस करता था, वो तीनो चूचियां हिला हिला कर डांस करती थी। मैं उन तीनो की भाषा समझता नहीं था और अंग्रेजी टूटी फूटी आती है वो बस इंडियन को समझने के लिए है। उफ्फ्फ्फ़ समझ गए मैं क्या कहना चाह रहा हूँ।

नाचते नाचते कभी किसी के गांड में थप्पड़ मारता तो कभी किसी की निप्पल को मसल देता। कभी किसी की चूत को सहला देता तो कभी किसी को पकड़ पर अपना लौड़ा रगड़ देता। तो तीनो भी खूब मजे ले रही थी और मैं भी खूब मजे ले रहा था. गजब का माजरा था मुझे तब हसी आ रही है। अगर ये वीडियो बना होता था वायरल हो जाता।

फिर क्या था दोस्तों मेरा लौड़ा काबू में नहीं था. मैं एक को उतरकर बेड पर ले गया और दोनों टांगो को ऊपर कर लौड़ा घुसा दिया चूत में और दे दना दन, तभी एक पीछे से आई और मेरे गांड को चाटने लगी और और वही चुदने वाली की चूचियां सहला रही थी। मैं भी बारी बार से सब की चूचियां मसलता किश करता और एक एक कर के तीनों को चोदता ऐसा लग रहा था ग्रुप सेक्स हिट वाला। मादरचोद अंग्रेजी फिल्म को भी फ्लॉप कर दिया था मेरा चुदाई का सिन.

दोस्तों जब खलास होने लगे तब लौड़ा चूत से निकाल लेता और किसी और चीज में बारे में सोचने लगता और ऐसी बात सोचता था की लौड़ा एकदम से डाउन हो जाता था। वो तीनो भी हैरान थी की साले का वीर्य भी नहीं निकला और सिकुड़ गया और बस तुरंत बाद ही फिर से तन जाता था और फिर चोदने लगता था। ऐसा ही चला पूरी रात थोड़े थोड़े देर के अंतराल सुबह करीब तीन बजे मैं बोल गया। अब मेरे में हिम्मत नहीं था। नशा भी उतर गया था और वीर्य भी तीन बार।

हम चारो मिलकर नहाये उन तीनो को गले गया चूचियां मसला और फिर बिदा किया। दोस्तों मेरा ये ट्रिप ज़िंदगी भर नहीं भूलने बाला ट्रिप था। आज भी सोचता हु तो हँसता हु और फिर मूठ मारता है बहुत ही प्यारी खट्टी मीठी यादें है इस चुदाई की। आपको अगर ये कहानी अच्छी लगी हो तो कृपया कमेंट करें।

बॉस ने रात में रुकने के बहाने मेरी बीवी को खूब चोदा

Office Sex Story, My Boss and My Wife Sex Story, Boss ne Wife ko Choda : मेरा नाम मनोज पारेख है। मैं हिमाचल प्रदेश के शिमला शहर में जॉब करता हूं। मेरा परिवार दिल्ली में रहता है। मेरे दो बच्चे हैं जिनकी उम्र 2 साल और 4 साल है। छोटे वाला बेटा है जबकि बड़ी वाली बेटी है। मेरा परिवार मेरे पिता जी के पास दिल्ली में रहता है लेकिन बीवी कई बार परिवार को लेकर मेरे साथ कुछ दिन के लिए रहने को शिमला आ जाती है। शिमला में मेरे पास एक ही रूम है जो कि पूरे परिवार के लिए कम पड़ता है इसलिए हमें होटल में ठहरना पड़ता है। पिछले साल जब मेरी बीवी परिवार के साथ आई थी तो मैंने अपने बॉस को भी परिवार से मिलवाने के लिए ले गया था। मेरे बॉस मुझसे उम्र में ज्यादा बड़े नहीं हैं। बस 5-6 साल का अंतर होगा मुश्किल से।

जब परिवार से मिलने बॉस मेरे पास आए थे तो उनकी नज़र मेरी बीवी पर बार-बार जा रही थी। मैं जानता था कि मेरे बॉस काफी ठरकी हैं क्योंकि ऑफिस में अक्सर लड़कियों के साथ उनके किस्से कहानियां हवा में उड़ते रहते हैं इसलिए मेरे लिए उनका मेरी बीवी को ताड़ना कोई आश्यचर्यजनक बात नहीं थी। मैंने सोचा, ताड़ ही तो रहा है उससे क्या होने वाला है। इसलिए सब कुछ देखते हुए भी मैंने उनकी इस हरकत को नज़रअंदाज़ कर दिया। वैसे भी प्राइवेट जॉब है। अगर मुझे पसंद नहीं भी होता तो भी मैं कुछ नहीं कर सकता था। क्योंकि प्राइवेट में तो हां,जी की नौकरी होती है और ना,जी का घर होता है । इसलिए बात मेरे कंट्रोल में थी ही नहीं।

लेकिन यहां पर ध्यान देने वाली बात ये थी कि मेरी बीवी को भी इसमें कोई आपत्ति नहीं लग रही थी। वो भी मेरे बॉस को हल्की सी मुस्कान के साथ देख रही थी। पत्नी का नाम बताना तो मैं भूल ही गया। मेरी पत्नी का नाम कोमल है। नाम की ही तरह उसका बदन भी काफी कोमल है। दो बच्चों की मां होने के बाद भी उसने अपने फिगर को इस तरह मेंटेन करके रखा हुआ है जैसे अभी अभी शादी हुई हो। उसकी उम्र लगभग 29 के करीब है। कोमल के चूचे काफी शेप में हैं और कमर बिल्कुल पतली है। जब साड़ी पहनती है तो दीपिका पादुकोन से कम नहीं लगती।

इसलिए बॉस की नज़र बार-बार मेरी हीरोइन पर जा रही थी। इधर कोमल भी रह-रहकर बॉस को देखे जा रही थी। मेरे बॉस पहाड़ी हैं। देखने में काफी हैंडसम और सुडौल शरीर के हैं। वो डेली जिम भी करते हैं। हाइट तो नॉर्मल ही है लेकिन काफी गोरे और भरे हुए शरीर के हैं। यही कारण है कि लडकियां उनकी तरफ आसानी से अट्रै्क्ट हो जाती हैं। शायद मेरी बीवी भी उन्ही में से एक थी। जो बॉस की पैनी और शरारती नज़र का जवाब अपनी साडी के पल्लू को बार-बार नीचे गिराकर दे रही थी।

परिवार से मिलने के बाद बॉस ने कहा- अच्छा मनोज मैं चलता हूं। इधर तपाक मेरी बीवी कोमल बोल पड़ी-अरे सर, रात खाना आप हमारे यहां पर ही खाना। आपके लिए स्पेशल डिश बनाने वाली हूं। मीठी और तीखी दोनों तरह की। कोमल की बात सुनकर बॉस के लाल होठों पर एक रहस्यमयी मुस्कान तैर गयी। बॉस बोले- हां जरूर, मेरे सबसे अच्छे एंप्लॉय की बीवी मुझे खाने पर बुलाए और मैं ना आऊं, भला ऐसा कैसे हो सकता है। बॉस ने मुझसे हाथ मिलाया और सबको अलविदा कर चले गए। मैं भी अपने काम पर चला गया। शाम को 6 बजे घर लौटा तो कोमल ने खाने की सारी तैयारी कर ली थी। उसने घर आते ही मुझसे पूछा- आपके बॉस नहीं आए क्या।

मैंने कहा- मैं बॉस को जेब में लेकर थोड़ी घूम रहा हूं। दरअसल मैं थोड़ा खीझ रहा था क्योंकि मेरी बीवी को मुझसे ज्यादा मेरे बॉस की फिक्र हो रही थी। इसलिए मैं थोड़ा गुस्से में भी था। मैंने कहा- कोमल, एक कप चाय बना दो।

वो बोली- ठीक है लेकिन एक बार बॉस को फोन करके तो पता कर लीजिए वो कितने बजे तक आ रहे हैं। मैंने चिड़ते हुए कहा- अगर पता नहीं करूंगा तो चाय नहीं पिलाओगी क्या। वो भी समझ गयी शायद कि मैं बॉस की बात करने के कारण चिड़ रहा हूं। इसलिए वो चुपचाप किचन में चली गई और चाय बनाने लगी। मैंने बॉस को फोन करने के लिए मोबाइल जेब से निकाला ही था कि डोर बेल बज गई। कोमल किचन में चाय बना रही थी। मैंने जाकर दरवाज़ा खोला तो बॉस दरवाजे पर खड़े थे। मैंने भी झूठी मुस्कान के साथ बॉस को गुड इवनिंग विश किया और मन ही मन गाली दी,- आ गया कमीना, नाम लेते ही शैतान हाज़िर। एक तो काम इतना करवाता है और ऊपर से मेरी बीवी भी बोनस में चाहिए इसे।

मैंने बॉस को अंदर आने के लिए कहने से पहले ही वो मुझे एक तरफ हटाते हुए अंदर आ गए। बॉस है भई। कहीं भी आ सकते हैं। चाहे एंप्लॉई का घर ही क्यों न हो। खैर, मैंने दरवाजा बंद कर दिया और बॉस सामने सोफे पर आकर बैठ गए। इतनी देर में कोमल चाय बनाकर किचन से बाहर निकलती हुई हाथ में ट्रे लेकर पहुंची। ट्रे में एक ही कप रखा हुआ था। उसने बॉस को देखकर नमस्ते किया और चाय का कप बॉस के सामने पेश कर दिया। बॉस ने भी कोमल के चूचों की तरफ देखते हुए ट्रे से चाय का कप उठा लिया। मैं हैरान बंदर की तरह उन दोनों की हरकतें देख रहा था।

बॉस ने कहा- अरे मनोज, तुम चाय नहीं लोगे। इधर कोमल ने कहा- अरे सर, आप लीजिए ना, मैं इनके लिए दूसरे कप में ले आती हूं। बॉस ने कोमल की तरफ देखते हुए कहा- हां, लेने ही तो आया हूं। कोमल हल्के से मुस्कुराई और मटकती हुई किचन में वापस चली गई। मैं भी बॉस के साथ सोफे पर बैठ गया और हम दोनों बातें करने लगे। इतने में कोमल ट्रे में चाय का कप लिए हुए फिर से ड्राइंग रुम में आई और ट्रे मेरे सामने टेबल पर रख दी। वो भी हम दोनों के सामने ही बैठ गई। उसकी साड़ी का पल्लू हल्का सा उसकी छाती से नीचे सरका हुआ था जो उसके सफेद दूधों की ऊपरी दरार की झलक दिखा रहा था। मैंने बॉस की तरफ देखा तो वो गिद्ध की तरह कोमल के सीने को ताड़ रहा था। कोमल सब देखते हुए भी अनजान बन रही थी।

तीनों आपस में बातें करने लगे। इतने में मेरी बेटी नव्या खेलती हुई कोमल के पास आ गई। बेटी को देखकर बॉस ने कहा- मिसेज पारेख, आपको  देखकर बिल्कुल नहीं लगता कि आप दो बच्चों की माँ हैं। काफी मेंटेंन करके रखा हुआ आपने खुद को। कोमल भी शरारत भरी नज़रों से मुस्कुरा दी। उसने नव्या को कहा- जाओ बेटी तुम बेडरुम में जाकर टीवी देख लो। मैं अंकल के लिए खाना परोस देती हूं। कहकर वो उठकर दोबारा किचन में चली गई और नव्या बेडरुम में। 10 मिनट में मेरी बीवी कोमल खाने की प्लेटें टेबल पर सजा देती है। हम खाना शुरु करते हैं। रात हो रही थी और ठंड बढ़ती जा रही थी। खाने के बाद बॉस ने कहा- मिसेज पारेख खाना बहुत ही अच्छा बना था। बहुत दिनों बाद इतना स्वादिष्ट खाना खाया है।

कोमल ने कहा- थैंक्यू, आप आते रहियेगा, दोबारा भी सेवा का मौका मिलेगा। इतना कहने के बाद बॉस भी मुस्कुरा दिए। बॉस ने कहा- जरूर मिसेज पारेख। आपकी खातिरदारी बहुत अच्छी लगी। आपके पति की प्रमोशन जल्दी ही होने वाली है। कोमल ने कहा- सर, अगर आप बुरा ना मानें तो आज रात आप यहीं पर ठहर जाइये न। अब रात भी काफी हो चुकी है और बाहर बहुत ठंड भी है। सुबह नाश्ता करके चले जाइयेगा। बॉस यह सुनकर ऐसे मुस्कुराए जैसे कोमल ने उनकी मुंह की बात छीन ली हूो। बॉस बोले- हां, क्यों नहीं, मुझे क्या काम है घर पर। वैसे भी मेरी पत्नी और बच्चे वेकेशन पर जम्मू गए हुए हैं मैं घऱ में बोर ही हो जाऊंगा। यहां पर आप लोगों के साथ टाइम पास भी हो जाएगा। यह सुनकर कोमल भी मुस्कुराई जैसे अपने किसी मकसद में कामयाब हो गई हो।

कोमल ने कहा- ठीक है मैं आप दोनों के सोने का इंतज़ाम कर देती हूं। लेकिन अगले ही पल वो कुछ सोचने लगी। मैंने पूछा- क्या सोच रही हो कोमल?

उसने कहा- लेकिन हमारे पास तो दो ही रूम हैं। एक में पिता जी सोएंगे और एक में मैं और आप। मैंने कहा- कोई बात नहीं, हम यहीं ड्राइंग रुम में सो जाएंगे बॉस अंदर वाले कमरे में सो जाएंगे। एक ही रात की तो बात है। कोमल बोली- हां, ये सही आइडिया है। इतना कहकर कोमल अंदर बिस्तर लगाने के लिए चली गई। कुछ देर बाद वो बाहर आई और बोली, नव्या तो अपने दादा के साथ सो रही है। सर के लिए मैंने बिस्तर लगा दिया है। आप दोनों अगर और बातें करना चाहें तो कर लीजिए, मैं यहां पर सोने की तैयारी कर लेती हूं।

मैंने कहा- चलिए बॉस, हम अंदर बैठते हैं। हम दोनों अंदर चले गए। कुछ देर बातें करने के बाद बॉस ने कहा, यार तुम्हारी पत्नी ने काफी अच्छा खाना बनाया था मैंने स्वाद में कुछ ज्यादा ही खा लिया। अब मुझे नींद आ रही है। तुम भी सो जाओ वो तुम्हारा बाहर इंतज़ार कर रही होगी।

मैंने कहा- ठीक है बॉस आप आराम कीजिए। सुबह साथ ही ऑफिस के लिए निकल लेंगे। कहकर मैं वहां से उठ आया और देखा तो कोमल ने ड्राइंग रुम में सोने की तैयारी कर रखी थी। उसने हल्के पिंक रंग की नाइटी पहन रखी थी और उसके ऊपर ठंड से बचाव के लिए कार्डिगन डाल रखा था। मैंने बाहर आते समय बॉस के रुम का दरवाज़ा बंद कर दिया और ड्राइंग रुम में आकर लेट गया। इधर कोमल किचन में बर्तन साफ कर रही थी। मैं आकर कंबल में लेट गया और जल्दी ही मुझे आलस आने लगा लेकिन कोमल अभी तक नहीं आई थी। मैंने कोमल को आवाज़ लगाई तो किचन से आवाज़ आई- हां, बस आती हूं दस मिनट में। इतने में मुझे नींद आ गई।

नींद में मुझे दरवाज़ा खुलने की आवाज़ सुनाई दी। मैंने अपनी बगल में कंबल पर हाथ मारा तो कोमल वहां पर नहीं थी। मैंने यहां-वहां देखा, वो कहीं नज़र नहीं आ रही थी। तब मैंने ध्यान से सुना तो अंदर वाले रुम से कुछ बातें करने की आवाजें आ रही थीं। मैं चुपके से दबे पांव उठा और अंदर वाले कमरे की तरफ बढ़ा। मैंने ध्यान से सुना तो वो आवाजें बॉस के कमरे से आ रही थीं। मैंने चाबी वाली दरार से दरवाज़े के पास बैठकर एक आंख से अंदर झांका तो कमरे की लाइट जल रही थी और सामने बिस्तर पर कोमल बॉस के साथ लेटी हुई थी। वो बॉस की छाती पर हाथ फिरा रही थी। और बॉस कोमल की कमर को सहला रहे थे।

वो लोग क्या बातें कर रहे थे ये ठीक से सुनाई नहीं दे रहा था। लेकिन अगले 2 मिनट में ही बॉस ने कोमल के होठों को चूसना शुरु कर दिया। कोमल भी बॉस का पूरा साथ दे रही थी। जल्दी ही वो दोनों एक दूसरे से लिपटने लगे। बॉस ने कोमल का कार्डिगन उतार दिया और उसकी नाइटी के ऊपर से ही उसके चूचों को दबाने लगे। साथ ही वो कोमल के होठों का रसपान भी कर रहे थे। कोमल एक हाथ से बॉस की पैंट पर जिप वाले भाग को सहला रही थी। और बॉस का दूसरा हाथ कोमल की गांड को मसल रहा था। सामने का नज़ारा काफी उत्तेजित करने वाला था। मैं भी चुपचाप देखने लगा कि आगे क्या होने वाला है। मेरी बीवी गैर मर्द से कैसे काम क्रीड़ा कर रही है। यह देखने में काफी दिलचस्प लग रहा था।

कुछ मिनटों तक चूमा चाटी करने के बाद बॉस ने अपनी पैंट उतार दी और अंडरवियर समेत उसे नीचे सरका कर कोमल के हाथ में अपना खड़ा हुआ लंड थमा दिया। जैसे ही कोमल ने बॉस के लंड को अपने हाथ में लिया बॉस के मुंह से कामुक सिसकी निकल गई।  सी …..सी…….सी ……सी…..हा….. हा….. हा…..करते हुए बॉस कोमल के हाथ से अपनी मुट्ठ मरवा रहे थे। कोमल भी अपने हाथ को तेज गति के साथ बॉस के लंड पर चला रही थी। अगले ही पल बॉस ने कोमल के सिर को पकड़ा और अपने लंड के करीब लाकर कोमल के होंठ अपने लंड में फंसा दिए। कोमल बॉस के लंड को चूसने लगी। बॉस के आनंद का ठिकाना न रहा। “आआआअह्हह्हह……..ईईईईईईई…….ओह्ह्ह्…….आहहहहहह……म्म्म्म्म्म्….” करते हुए वो अपना लंड कोमल से चुसवाने लगे और साथ ही अपनी शर्ट भी उतार दी। बॉस की मजबूत छाती अब नंगी हो गई थी और उनकी पैंट लगभग उनके पैरों से निकल ही चुकी थी।

कोमल मज़े से बॉस के लंड को चूसे जा रही थी। अगले 2 मिनट तक लंड चुसवाने के बाद बॉस ने कोमल की नाइटी को ऊपर खींचकर निकलवा दिया और उसके चूचों को दबाते हुए अपने मुंह में भर लिया। अब कोमल कामुक सिसकी कमरे के बार तक आने लगी।  “ हूँउउउ……हूँउउउ….. हूँउउउ …..ऊ…..ऊँ……ऊँ…… सी….सी….सी….सी….. हा हा ह ओ हो ह……” करते हुए वो अपने चूचे बॉस से चुसवा रही थी। दूसरे हाथ से बॉस ने कोमल की चूत रगड़ना शुरु कर दिया।

कोमल तो जैसे तड़प उठी। उसने अपनी टांगें पूरी तरह से खोल दीं और बॉस की तीन उंगलियां उसकी चूत में जा घुसीं। कोमल बॉस के सामने नंगी होकर तड़पने लगी। मचलने लगी। बीच-बीच में वो बॉस के होठों को भी चूस रही थी। बॉस तेजी से कोमल की चूत में उंगली अंदर बाहर कर रहे थे। बॉस से ज्यादा कामुकता कोमल के अंदर बढ़ती जा रही थी।

अगले ही पल बॉस ने कोमल टांगों को अपने सामने फैलाया और उसकी चूत पर अपने होंठ रख कर जीभ अंदर डाल दी।“आऊ….आऊ……हमममम….. अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी…….हा हा हा…..” करते हुए मेरी बावी कोमल अपनी चूत मेरे बॉस से चुसवाने लगी।

कुछ देर तक चूत का रसपान करने के बाद बॉस उठ खड़े हुए और कोमल की टांगों को एडजस्ट करते हुए अपने लंड को कोमल की चूत पर लगा दिया और लंड को अंदर धकेल दिया। कोमल के मुंह से निकल पड़ा- “…….मम्मी….मम्मी…… ऊऊऊ……ऊँ……….ऊँ…..उनहूँ…..उनहूँ…..” । बॉस ने मेरी बीवी की चूत को चोदना शुरु कर दिया और दोनों काम क्रीड़ा का आनंद लेने लगे। इधर मैं कमरे के दरवाजे के बाहर ही अपने लंड को हिला रहा था। उन दोनों का ये खेल देखकर मैं एक बार तो झड़ भी चुका था।

कुछ देर तक बॉस ने कोमल की चूत इस पोजिशन में खूब जोर से चोदा और अगले ही पल उसको उठाकर घोडी बना दिया। अब बॉस ने पीछे से चूत में लंड डाल दिया और 10 मिनट चोदते रहे।

“उ…. उ….. उ….. उ…. उ……अअअअअ….. आआआआ….. सी…. सी ……सी ……सी…….ऊँ…….ऊँ……..की आवाजें साफ-साफ कमरे के बाहर सुना जा सकती थीं। बॉस ने एकदम से कोमल की चूत से लंड निकाला और धीरे-धीरे उसकी गांड में धकेलने लगे। कोमल एक बार तो उचकी लेकिन धीरे-धीरे एडजस्ट करते हुए उसने बॉस का पूरा लंड अपनी गांड में ले लिया। बॉस ने फिर से अपने रिदम में कोमल की गांड के छेद को चोदना शुरु कर दिया। अब की बार बॉस की स्पीड ज्यादा लग रही थी।

10 मिनट तक मेरी बीवी की गांड को चोदने के बाद बॉस की स्पीड एकाएक कम हो गई और कुछ ही पल में वो शांत हो कर एक तरफ बिस्तर पर गिर गए। कुछ मिनटों में कोमल भी सामान्य हो गई। मैं भी वहां से उठ खड़ा हुआ। और चुपचाप जाकर अपने बिस्तर में जाकर लेट गया। उनके सेक्स के दौरान मैं भी दो बार झड़ चुका था। मुझे भी लेटते ही नींद आ गई। सुबह आंख खुली तो बॉस जा चुके थे। पूछने पर कोमल ने बताया कि वो जल्दी निकल गए। नाश्ता करने फिर कभी आएंगे।

मैं भी समझ गया कि मेरी बीवी नाश्ते में क्या परोसने वाली है अगली बार। कहानी आपको कैसी लगी अपनी राय जरूर दिजिएगा।

बूर (चूत) फाड़ के चोदा मेरे पति के मालिक ने मैं बोली “पेल बहनचोद और जोर से पेल”

सभी लंड वाले मर्दों के मोटे लंड पर किस करते हुए और सभी खूबसूरत जवान चूत वाली रानियों की चूत को चाटते हुए सभी का मैं स्वागत करती हूँ। अपनी कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के माध्यम से आप सभी मित्रो तक भेज रही हूँ। ये मेरी पहली स्टोरी है। इसे पढकर आप लोगो को मजा जरुर आएगा, ये गांरटी से कहूंगी।

मेरा नाम प्रियदर्शिनी है। मैं 28 साल की मस्त मौला लड़की हूँ। मेरे शादी भी बहुत हैंडसम मर्द से हुई थी। सभी लड़कियों की तरह मेरे भी अरमान थे की मेरा पति मुझे छककर चोदे और जवानी का भरपूर मजा दे। मेरे हसबैंड का नाम विष्णु है। उनका लंड 7 इंच का है। इसी लंड से रोज मेरी चूत की कुटाई करते है। हसबैंड मुझे पेल पेलकर चूत से पानी निकाल देते है। उनकी इस अदा से मैं उनको कुछ जादा ही प्यार करती हूँ। मुझे नही मालुम था की मेरी खूबसूरती एक बड़ी मुसीबत बन जाएगी। मैं एक 5’ 5” वाली सुंदर चेहरे वाले मस्त मौला लड़की थी। मैं बहुत गोरी तो नही थी पर मेरे चेहरे में बड़ी चमक थी। जवानी के रस से मेरा चेहरा सूरज की तरह दमकता था। मेरी आँखे बड़ी खूबसूरत बड़ी बड़ी थी। मेरी नाक, ओंठ, सभी कुछ बड़े गठे हुए सही तरह से थे जैसा खूबसूरत लोगो के होते है।

मेरा फिगर 34 28 36 का था। मेरी कमर तो बड़ी पतली थी और मेरे बड़े बड़े दूध मर्दों के लौड़े में आग सी लगा देती थी। सब मुझे चोदने के सपने देखते थे। इस वजह से हर मर्द जो मुझे देख लेता था चोदते पेलने के बारे में सोचने लग जाता था। मैं किसी को भैया भी बोलती थी तो वो खुद को मेरा सैया ही बनाना चाहता था। पता नही क्यों ऐसा मेरे साथ था। मेरे हसबैंड के बॉस भी मेरी दिलकश अदाओं से बच नही सके। मैं हल्की से सावली रंग की थी पर मेरा बदन भरा हुआ सेक्सी था। मैं रोस पिंक कलर की लिपस्टिक लगाती थी जब भी कोई मेहमान आता था। विष्णु के बॉस अक्सर मेरे घर आते रहते थे। मैं उनके लिए चाय नास्ता लेकर जाती थी। इस तरह रोज का आना जाना होने लगा और मैं समझ ही नही सकी की उनके बॉस मुझे चोदने के मूड में आ गये है। एक दिन विष्णु और उनके पास हमारे घर आये। मैंने दोनों को डिनर सर्व किया।

फिर दोनों पीने लगे। बॉस मेरे पास आकर बैठ गये और मुझे दूसरी नजरो से देख रहे थे। मैं उनके सामने साड़ी ब्लाउस में थी। मैं अच्छी सी पिंक कलर की साड़ी पहनी थी। आगे से मेरा ब्लाउस काफी खुला हुआ था। मेरे मस्त मस्त 34” के दूध बॉस को साफ़ साफ़ दिखाई दे रहे थे।

“प्रियदर्शिनी जी!! आप भी वाइन लीजिये!! आप तो बड़ा शर्म कर रही है” बॉस बोले

“जी नही!! मैं नही पीती हूँ” मैं बोली

“आप तो हमसे हमेशा छुपती रहती है। कभी बात भी नही करती” बॉस शिकायत करने लगे

“जी नही, ऐसी कोई बात नही है” मैं बोली

वो जरा और पास आ गये और मेरा हाथ पकड़ने की कोशिश करने लगे। तभी मेरे हसबैंड का फोन बज गया और उनको नेटवर्क न होने की वजह से बाहर जाना पड़ा। बॉस मेरे हाथ को पकड़कर किस करने लगे। मुझे गाल पर चुम्मा लेने की भरपूर कोशिश की उन्होंने। मैं फौरन दूर चली गयी।

“देखिये सर!! प्लीस आप दूर रहिये!!” आप ऐसी वैसी हरकत मत करिये!! मैं उस तरह की औरत नही हूँ जो बॉस का बिस्तर गर्म करके अपने हसबैंड की तरक्की करती है” मैं बोली

ये बात सुनकर वो नाराज हो गये और चले गये। मैं सब बात विष्णु को बता दी। वो कुछ नही बोल रहे थे। अगले दिन बॉस ने विष्णु को जॉब से फायर करने का आदेश दे दिया। विष्णु बहुत टेंसन में आ गया। वो घर आया तो उसका मुंह लटका हुआ था। अगले दिन वो बॉस से मिलने गया तो वो मेरी चूत की फरमाईस करने लगे।

“विष्णु!! देख तेरी बीबी मुझे कुछ जादा ही जम गयी है। उसकी बुर दिलवा दे। तुम्हारी नौकरी बच जाएगी और प्रमोशन भी मिल जाएगा” बॉस ने ऑफर किया

विष्णु ने मुझे सब बात बता दी। अब मेरी हालत खराब थी। फिर मैंने बॉस से चुदने का फैसला कर लिया। रविवार वाले दिन छुट्टी थी। बॉस शाम को मेरे घर आ गया। अब क्या करती है। उस बहनचोद का बिस्तर मुझे गर्म करना ही था। क्यूंकि नई नौकरी इतनी आसानी से नही मिलती है। विष्णु का बॉस उसके सामने मुझे चोदना चाहता था, पर मैंने इनकार कर दिया। तब भी बॉस मान गया। मैंने उसकी हवस की भूख शांत करने के लिए अच्छी तरह से नहा लिया। साबुन से दूध, कमर, चूत, गांड, चूतड़ को मल मलकर साफ किया। अपनी मस्त मस्त चूत के बाल साफ़ किये। हाथ पैरो में वाक्सिंग की। बालो में शम्पू किया।

और अच्छे से सज धज गयी। मैंने उसी तरह से मेकप किया जैसी नई दुल्हन करती है जब वो सुहागरात मनाती है। दोस्तों, इतना ही नही मैंने शादी का जोड़ा भी पहन लिया। अच्छे से फेसियल कर रखा था। मेरा चेहरे चमक रहा था। अपनी आईब्रोस पर मैंने threding की हुई थी। मैं चोदने लायक कडक माल लग रही थी। मेरे हसबैंड का शराबी बॉस तो पहले ही व्हिस्की की एक बड़ी बोतल गटक चूका था। मुझे शराबी लोग पसंद तो नही है पर आज उस बेटीचोद से चुदना ही था मुझे। मैं कमरे में गयी तो बॉस मुझे देखकर हँसने लगा।

“आओ आओ प्रियदर्शिनी रानी!! मेरे पास आओ। कितनी देर से तेरा वेट कर रहा हूँ” वो शराब के नशे में गर्दन हिलाकर बोला

जैसे ही मैं उसके करीब जाकर बैठी उसने हरकत चालू कर दी। मुझे पकड़ लिया और किस करने लगा। बैठे बैठे मुझे पकड़ लिया और मेरे होठ पर अपने होठ रखकर चूसने लगा। मैं शांति से चुस्वाने लगी। शराब की महक मुझे बहुत परेशान कर रही थी। पर मैं क्या करती।

“प्रियदर्शिनी बेबी!! आज तो आयटम लग रही हो!!” बॉस बोला

उसके बाद मेरे सीने से साड़ी का किनारा हटा दिया और मेरे ब्लाउस को देखने लगा। गुलाबी कसे ब्लाउस में मेरी 34” की चूचियां बड़ी बेताब दिख रही थी। ऐसा लग रहा था फटकर बाहर आ जाएगी। बॉस ने मुझे पकड़ लिया और ब्लाउस पर से दबाने लगा। मैं “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” करने लगी। बॉस ने मुझे बिस्तर पर आराम से लिटा दिया और मुझे प्यार करने लगा। वो गाल पर चुम्मा लेना चालू किया और गले, कान सब जगह किस करने लगा। मेरे बदन में झुनझुनी सी दौड़ गयी। इससे पहले किसी गैर मर्द का लंड नही खायी थी इसलिए मेरे लिए बॉस से चुदना बहुत बड़ी बात थी। वो मुझे मुर्गी की तरह नोचने लगा। ब्लाउस के उपर से मेरे बड़े बड़े रस से लबरेज दूध दबाने लगा। मैं सिसियाने लगी।

“बेबी!! मुझे अपने दूध चुसवा दो” बॉस बोला

मैं अपना ब्लाउस खोलने लगी। मेरे तिकोने कबूतर उसे बड़े पसंद आ रहे थे। मैंने गुलाबी ब्रा पहनी थी। उसे देखकर वो हाथ लगाने लगा और किस करने लगा। “तुम तो छमिया जैसी चिकनी सामान हो। आज तेरे कबूतर का सब रस चूस जाऊँगा” विष्णु का बॉस बोला और ब्रा के उपर से मेरे स्तनो पर हाथ रखकर दबाना चालू कर दिया। मेरी वासना और चुदास अब बढ़ने लगी। कोई भी औरत हो, अगर उसकी चूची कोई मर्द मसले तो वो चुदासी हो ही जाएगी। मैं भी होने लगी। बॉस मेरे दोनों आमो को मसलने लगा। ब्रा के उपर से रगड रगड़ कर मसलने लगा। मुंह में लेकर चूसने लगा। मैं “ओहह्ह्ह….अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” करने लगी।

“बॉस जी!! मैं आपके हाथ जोड़ती हूँ आराम आराम से मेरे अनार आप दबाओ” मैं बोली

“उस दिन तो कह रही थी की तू शरीफ औरत है। आज खुद ही गैर मर्द से चुदने आई है रंडी!!” बॉस बोला

और वो कुछ जादा ही हिंसक हो गया। मेरे 34” के दूध को उसने हाथ से पकड़ा और अपने मुंह में डाल दिया और मस्ती से चूसने लगा। कामवासना में आकर मेरे दूध पर दांत गड़ा दिया। ब्रा में ही मेरे दोनों अनार चूसने लगा। मैं पागल होने लगी। सी सी सी सी..करने लगी। फिर बॉस ने ब्रा उतरवा दी और मुझे उपर से नंगा कर दिया। बाहों में भरकर अपनी औरत की तरह चूसने चाटने लगा। इस दौरान कब मैं शरीफ औरत से चुदक्कड औरत बन गयी मुझे मालुम नही चला। मेरे हसबैंड का बॉस अब मेरे दोनों हाथो को पकड़कर उपर उठा दिया। दोस्तों मैंने अंडरआर्म्स (बगलों) को अच्छे से साफ़ कर लिया था।

बॉस मेरे सेक्सी साँवले जिस्म के एक एक भाग को तबियत भरके देख रहा था। फिर अपनी जीभ लगा लगाकर रगड़ रगड़कर मेरी अंडरआर्म्स चाटने लगा। मैं उसकी रंडी बनने लगी। क्यूंकि ऐसा गदर तो विष्णु ने कभी नही मचाया था। आज तक किसी मर्द ने मेरे अंडरआर्म्स नही चाटे थे पर बॉस को मैं कुछ जादा ही पसंद आ गयी थी। वो कुत्ता मेरे दोनों हाथ को उपर उठाकर अंडरआर्म्स किसी चोदू कुत्ते की तरह चाट रहा था। मैं अपनी गांड उछाल रही थी।

“चाट बहन के लौड़े!!! और चाट इसे!!” मैं भी कहने लगी

बॉस वासना से भर गया। मेरे दोनों गाल पर 2 4 चांटे उसने ताड़ ताड़ मार दिए। फिर से अंडरआर्म्स चाटने लगा। मैं जोश से भर गयी। मैंने ही उसकी गर्दन पकड़ी और अपने मुंह पर लगा लिया। उसके बाद मैंने भी बॉस के होठो को चूस चूसकर उसे जन्नत दिखा दी।

“रंडी!! तेरे अंदर बड़ी आग है। साली आज तेरी चूत और गांड दोनों मारूंगा” बॉस कहने लगा

“तो बेटीचोद चोद ना!! बातों में क्यों टाइम खराब कर रहा है” मैं भी किसी छिनाल की तरह बोली

बॉस के उपर चूत का भूत चढ़ गया। मेरी चूची पकड़कर अब चूसने लगा। मुंह में लेकर अच्छे से पीने लगा। ऐसा करने से मुझे बड़ी संतुस्टी मिली और मैं उसे आराम से पिलाने लगी। बॉस की हवस जाग गयी। वो मेरे दोनों 34” के कसे कसे दूध को पकड़कर मसल मसल कर दबाने लगा। मुंह में लेकर चूसने पीने लगा। मेरे निपल्स बहुत सेक्सी थे। दोस्तों सावले बदन पर काली काली निपल्स कितनी सेक्सी दिख रही थी। मेरे चूचक काले रंग के चमकदार थे और उसके चारो ओर बड़े बड़े काले गोले थे। जिस वजह से मैं मस्त माल दिख रही थी। बॉस का लंड खड़ा हो गया। वो मुझे जल्दी जल्दी चूसने लगा। 15 मिनट मेरे बूब्स से खेलता रहा। कभी हाथ से दबाता, कभी मुंह में लेकर चूसना।

“अपनी फुद्दी दिखा छिनाल!! मैं भी देखू तेरा भोसड़ा कितना सुंदर है???” बॉस वासना में आकर बोला

मैंने साड़ी कमर से खोली। पेटीकोट की डोरी खोली, अंत में पेंटी उतारी, साइड में रख दी।

“ले देख ले बेटीचोद!!” मैं बोली और दोनों पैर खोल दिए

दोस्तों मैं कोई सूखी साखी लड़की नही थी। मेरा जिस्म हट्टा कट्टा और तन्दुरुस्त था। मेरा बदन मांस से भरा पूरा था। इस वजह से मेरा भोसड़ा भी बेहद मांसल और गोश से भरा हुआ था। सावली होने की वजह से मेरी चूत ब्राउन कलर की दिख रही थी। बॉस ने देखा तो कुछ देर देखकर मजा लिया। फिर झुक गया और जीभ लगाकर मेरी चूत चाटने लगा। मैं उसे पिलाने लगी। “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….”करने लगी क्यूंकि मेरे हसबैंड का बॉस साला कुछ जादा ही ठरकी निकल गया। मेरी बुर को काट काटकर जीभ निकाल निकाल कर चाटने लगा। जिस तरह से लोग अंदर का खोया खाते है उसी तरह से बॉस भी खाने लगा।

“बॉस!! आप जरा धीरे धीरे मेरी चूत पीजिये लगती है…….ओह्ह्ह्….अई. .अई— मैं बोली

पर वो गांडू माना ही नही। जल्दी जल्दी मेरी चूत को मुंह लगाकर खाने पीने चूसने लगा। मैं बिस्तर पर उछलने लगी। अपनी कमर और पेट उपर उठाने लगी। वो आज मेरी बुर का सारा रस पी लेना चाहता था। ऐसे पागलो की तरह जीभ निकाल निकाल कर चूस रहा था की मैं आप लोगो को क्या बताऊं। मेरी सावली सलोनी बुर के होठो को खोल खोलकर उसने रस चूसा। मैं इसी दरम्यान 1 बार झड़ गयी। बॉस मेरी चूत से निकला देसी घी चाट गया।

“बॉस!! अब आप मुझे चोदकर रंडी बना दो। जल्दी पेलो मुझे” मैं बोली

वो बड़ी जल्दबाजी में अपनी पेंट शर्ट खोला। अपनी बनियान निकाला, अंडरवियर निकाला। उसका लौड़ा पहले से बह रहा था।

“पहले लौड़ा चूस छिनाल!!” वो बोला और बिस्तर पर लेट गया

मैं बैठ गयी और उसके 10” लौड़े को हाथ में पकड़ ली और जल्दी जल्दी फेटने लगी। बॉस को आनन्द मिलने लगा। दोस्तों उसका लौड़ा बड़ा डरावना किसी नागराज की तरह दिख रहा था। लंड की नशे बहुत तन गयी थी। एक एक नस मुझे दिख रही थी। मैं जीभ निकालकर चाटने लगी। फिर चूसना चालू कर दी। बॉस को मजा आने लगा। मैं और अधिक जोश में आ गयी और तेज तेज चूसने लगी। बॉस को दोगुना मजा मिलने लगा। मैं अच्छे से मुंह में लेकर चूस रही थी।

“प्रियदर्शिनी बेबी!! मस्ती करती है तू!! ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ और चूसो रानी!!” बॉस बोला

मैं लंड को मुंह में लेकर उपर नीचे सर हिलाकर चूसने लगी। लंड के छोटे से मुख को चाटने लगी। उसकी दोनों गोलियों को हाथ से दबा दबाकर चूसने लगी। वो मस्त हो गया। अब विष्णु के बॉस का लंड बिलकुल स्टील जैसा दिख रहा था। किसी भी बुर को फाड़ सकता था। फिर उसने मेरे पैर खोल दिये। लंड को पकड़कर मेरी चूत की गद्दी पर पीटने लगा। मेरे चूत के दाने पर लंड घिसने लगा। मैं “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी… हा हा.. ओ हो हो….” कहने लगी। बॉस पीटता रहा। फिर चूत में लंड घुसा दिया। जल्दी जल्दी चोदने लगा। मैं पेट उठा उठाकर चुदवाने लगी। वो घपाघप चोदने लगा। मैं सी सी करने लगी।

“साली रंडी!! आज तेरी गर्मी दूर कर दूंगा!” बॉस कहने लगा

वो चूत में तेज तेज धक्के देने लगा। मेरी चूत का चुंकदर करने लगा। मैं बिस्तर पर उछल उछल कर चुदवाने लगी।

“पेल बहनचोद और जोर से पेल!! फाड़ दे मेरी चुद्दी को!!” मैं किसी रंडी की तरह कहने लगी

बॉस ने फिर अपना जलवा दिखा दिया। अब मेहनत करके अपनी गांड हिला हिलाकर चोदने लगा। मेरी चूत में करेंट का दौड़ने लगा था। पूरे बदन में करेंट दौड़ रहा था। मैं ही बॉस के दोनों हाथो को पकड़कर अपनी 34” की रसीली चूची पर रख दिया और दबवाने लगी। वो मेरे उपर लेट गया और फिर से मेरे मुंह पर अपना मुंह टिका दिया। मेरे लब चूसने लगा। चूस चूसकर मेरी चूत में लंड दौड़ाने लगा। मैं स्वर्ग जैसा मजा लूटने लगी। बॉस मुझे मेहनत से चोदने लगा और कुछ देर बाद मेरी बुर से पट पट चट चट की ताबड़तोड आवाज निकालने लगी।

मैं किसी रंडी की तरह बिस्तर पर कमर उछाल उछालकर चुदवा रही थी। बॉस धकाधक अपना इंजन चला रहा था। मेरी चूत को फाड फाड़कर उसने चबूतरा बना दिया। उसके बाद पसीना पसीना हो गया और झड़ गया। उसके बाद उसने मुझे कुतिया बनाकर मेरी गांड चोद डाली। आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज के लिए नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पढ़ते रहना। आप स्टोरी को शेयर भी करना।

बॉस की वाईफ की चुदाई “वूमेन ऑन द टॉप” पोज में

सभी लंड धारियों को मेरा लंडवत नमस्कार और चूत की मल्लिकाओं की चूत में उंगली करते हुए नमस्कार। नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के माध्यम से आप सभी को अपनी स्टोरी सुना रहा हूँ। मुझे यकीन है की मेरी सेक्सी और कामुक स्टोरी पढकर सभी लड़को के लंड खड़े हो जाएगे और सभी चूतवालियों की गुलाबी चूत अपना रस जरुर छोड़ देगी।

मेरा नाम सरबजीत सिंह है। मैं भटिंडा का रहने वाला हूँ। मैं पिछले 5 सालो से मिस्टर खुल्लर के लिए काम करता था। उनकी पेन बनाने वाले एक बड़ी फैक्ट्री है। उनके बनाये पेन पंजाब के बजारों में बहुत बिकते है और बहुत पसंद किये जाते है। पहले मैं ऑफिस में ड्यूटी करता था पर बाद में उन्होंने मुझे घर पर लगा दिया था। मेरा मुख्य काम था बंगले के बाकी नौकरों से काम करवाना। इसके सिवा कोई न कोई गेस्ट बगले पर आता रहता था। मैं सभी लोगो को डील करता था। मिस्टर खुल्लर का बर्ताव अपनी वाईफ के लिए अच्छा नही था। जब देखो वो उनको डांटते रहते थे। मेरे बॉस बहुत ही रसिक मिजाज आदमी थे। अक्सर मुझे अखबार में ऐसे विज्ञापन देते को बोलते थे जिसमे नई लड़कियाँ उनकी फैक्ट्री में काम करे पर चूत भी दे दे।

मेरे बोंस की वाइफ को ये नही मालुम था की वो अपनी फक्ट्री में काम करने वाली हर लड़की की चूत मारते है। कई बार तो मुझे दिन में किसी लड़की को उनके ऑफिस में भेजने को बोलते थे। मुझे तो जॉब करनी थी इसलिए मैं उनकी सभी बाते मानता था। कुछ दिन बाद बॉस और उनकी वाईफ में काफी झगड़ा हो गया। उन्होंने बाल पकड़कर अपनी वाइफ को पीटा जिससे उनके पूरे बदन में काफी निशान पड़ गये। मैं उनकी वाईफ का ड्राईवर भी था। उनको कार में ले जाना ले आना मेरा काम था। दूसरे दिन जब बॉस की वाइफ आकर कार में बैठ गयी, मैं ड्राईवर की सीट पर था। उनका पूरा फेस सुझा हुआ था। मुझसे आज रहा न गया। मैंने अपनी चुप्पी तोड़ डाली।

“मैडम!! कल क्या फिर बॉस ने आपके उपर हाथ उठाया??” मैंने कहा

“तुमको तो सब पता ही है। वो हर बार ऐसा ही करते है। ऑफिस का गुस्सा मेरे पर निकालते है। मुझे अपने पैर की जूती समझते है। कभी प्यार से बात नही करते। सिर्फ जब चोदना होता है तब ही मेरे पास आते है। वरना मेरी तरफ देखते भी नही” बॉस की वाईफ बोली और फूट फ़ूटकर रोने लगी। मैं जल्दी से पीछे वाली सीट पर चला गया उनके पास और उनको शांत कराने लगा। वो मुझे बड़े प्यार से देखने लगी। फिर मेरे से लिपट गयी। मैं भी लिपट गया।

“क्या आप मार्किट नही जाओगी??” मैंने कहा

“नही मुझे कही नही जाना है। चलो अंदर चलकर व्हिस्की पीते है। मैं आज तुमको अपना दर्द बताउंगी!!” बॉस की वाईफ बोली

वो काफी अच्छे घर से थी। अभी उनकी ऐज 28 साल थी। देखने में काफी सेक्सी माल लगती थी। उनका रंग भी काफी गोरा था। जिस्म उनका भरा हुआ था की कोई मर्द देख ले तो लंड खड़ा हो जाए। बॉस की वाइफ का फिगर 34 32 36 था। उनके बाल तो माधुरी दीक्षित जैसे थे। बड़े बड़े और खूब घने। वो ही व्हिस्की की बोतल लेकर हम दोनों के लिए व्हिस्की के पेग बनाई। फिर हम दोनों पीने लगे। धीरे धीरे हम दोनों ने 4 पेज लगा लिए। बॉस की वाईफ मुझे लेकर सोफे पर बैठ गयी और पूरी स्टोरी सुनाने लगी। कैसे बॉस ने हमेशा उनको अपने पैर की जूती समझा। सिर्फ चोदने वाली मशीन समझा। उसके बाद वो मुझसे चिपकने लगी। मैं भी शुरू हो गया। करते करते हम लोग का किस शुरू हो गया। वो मुझे पकड़ ली और मेरे होटों पर अपने होट रखकर चुमबन देने लगी। धीरे धीरे उन्होंने ही अपना ब्लाउस खोल दिया।

“सरबजीत!! मैं तुमको कैसी दिखती हूँ??” बॉस की वाइफ पूछने लगी

“आप बहुत सेक्सी हो मैडम!!” मैंने मुस्कुराकर जवाब दिया

“क्या तेरी कोई प्रेमिका है???” वो भवे उठाकर पूछने लगी

“नही मैडम!! अपनी किस्मत इतनी तेज कहाँ। चूत देखे तो जमाना हो गया” मैंने कहा

“तो आज मुझे अपनी प्रेमिका बना लो। आज तुम मेरी चूत चोद लो” वो कहने लगी

उसके बाद खुद ही आकर मुझसे लिपट गयी। दोस्तों जब कोई जवान औरत खुद ही चुदने का निवेदन करने लगे तो मैं कैसे पीछे हट जाता। मैं भी रोमांस में डूब गया। मैंने बॉस की वाईफ को गले से चिपका लिया और खूब प्यार किया। उनके गले पर ऊँगली फिराकर होटो से चुम्मा लेने लगा। ऐसा करने से वो फौरन ही पट गयी। उन्होंने अपना ब्लाउस उतार डाला। गुलाबी ब्लाउस में उनके दूध क्या सेक्सी दिखते थे। अब ब्रा भी खोल डाली और नंगी चूची लेकर मेरे सीने से चिपक गयी।

“सरबजीत!! आज तुम मेरे प्रेमी का रोल निभाओ!! मेरी प्यास बुझाओ” वो कहने लगी

मैंने उनको सोफे पर लिटा दिया। मेरा चोदू और रंगीन मिजाज बॉस तो ऑफिस में किसी सेक्रेटरी से मजे कर रहा था। और मैं इधर उसकी बीबी से मजे लूट रहा था। मैंने उनकी बड़ी बड़ी 34” की चूची को स्पंज वाले रसगुल्ले की तरह दबाना शुरू किया। मैडम “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा सी सी सी” करने लगी। वो भी मजे करने लगी।

“दबा दो सरबजीत!! मेरे दोनों बूब्स को आज दबा दबाकर रस निकाल लो!!” मैडम कहने लगी

मैं खूब दबाया और खूब मसला। फिर रसीली गुलगुली चूची को मुंह में लेकर पीने लगा। जोर जोर से चूसने लगा। फ्रेंड्स, मेरा 9 इंच का लंड मेरी जींस में खड़ा हो गया था। बॉस की वाईफ की चूत चोदने को वो बेक़रार हो रहा था। मेरा जूसी लंड खाने को तडप रही थी। पर अभी मैं उनके मस्त मस्त कबूतर पर ध्यान केन्द्रित कर रहा था। उनकी 34” की बड़ी बड़ी चूची को मुंह में लेकर चूस रहा था। मैंने 15 मिनट चुसाई कर डाली। जिससे मैडम “……अई…अई….अई…..इसस्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” करने लगी। मेरी टी शर्ट को वो उतारने लगी। मेरी जींस की बेल्ट भी खुलवा डाली। मैं नंगा हो चुका था।

“सरबजीत!! तुम लेट जाओ और मेरी उँगलियों का जादू देखो!!” वो बोली

फिर मैं आराम से 3 सीटर लम्बे सोफे पर लेट गया। आप लोगो को बता दूँ की मेरा बॉस बहुत पैसे वाला आदमी था। इसलिए उसके बंगले में हर चीज बहुत हाई क्वालिटी की और महंगी थी। ये वाला सोफा भी दिल्ली से आया था। बहुत ही मुलायम स्पंजी सोफा था ये। जैसे ही बैठो तो लगता था की लेट गये है। बॉस की वाईफ पूरे जोश में आ गयी थी। मेरे 9” के जूसी खीरे जैसे दिखने वाले लौड़े को फेटने लगी। जोर जोर से फेटने लगी। मैं मजा ले रहा था। मैडम ने 10 मिनट लंड फेटा और काफी कठोर बना दिया। फिर मुंह में लेकर जल्दी जल्दी चूसने लगी। खूब मजा आया मुझे। वो अपने सिर को जल्दी जल्दी नीचे उपर करके चूस रही थी। फिर काफी जल्दी जल्दी करने लगी। जिससे मुझे लगा की कही मेरा माल ना छूट जाए। काफी खातिर करने के बाद मेरे लंड की एक एक नस फूल गयी। मेरे गुलाबी सुपाड़े को चूस चूसकर उन्होंने चमका दिया। मेरा लंड किसी रोकेट की तरह खड़ा हो गया था।

“मुझे “वूमेन ऑन द टॉप” वाले पोज में चोदो सरबजीत!! मैं तेरे लंड की सवारी करूंगी। बोल सरबजीत करवायेगा???” मैडम कहने लगी

“बैठ जाइये मेरे लौड़े पर!!” मैंने कहा

वो अपनी साड़ी उतारी। फिर पेटीकोट खोल डाली। फिर पेंटी उताकर नंगी हुई। मेरे सामने उन्होंने अपनी चूत में ऊँगली करना शुरू कर दिया। ऐसी कामुक हरकते करते देख मेरा दिल उनकी मस्त मस्त चूत पीने का करने लगा। मैं उनको खा जाने वाले नजर से देखने लगा। फिर मैं खुद को रोक न सका। मैंने उनको फिर से सोफे पर लिटा दिया और चूत को चाटने लगा। जल्दी जल्दी चाट रहा था। मुंह लगाकर खाने लगा। बॉस की वाईफ “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” करने लगी। मुझे लग रहा था की आज उनकी चूत किसी ने बड़े दिनों बाद पी है।

“और चूसो सरबजीत!! मुझे आनन्द मिल रहा है…. अई…..अई….अई!!” मैडम कहने लगी

मैंने भी किसी कुत्ते की तरह उनकी बुर को चूस डाला। फ्रेंड्स मैं उसी तरह से चाट रहा था जैसे बिल्ली चपर चपर करके दूध पी जाती है। मैंने इक्षा भरके उनकी चूत पी ली। मैडम की चूत अपना मक्खन छोड़ने लगी। मैं चपर चपर करके सब चूस गया। खूब पीया मैंने। फिर अपनी 2 ऊँगली मैंने उनकी चुद्दी में घुसा डाली। जल्दी जल्दी अंदर बाहर करने लगा। मैडम जी “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा…..” करने लगी। जब जब उनकी चूत में ऊँगली करता उनकी बुर अपना प्यारा प्यारा रस छोड़ने लग जाती जिसे मैं पी लेता। इस तरह से बड़ा आनन्द लिया मैंने बॉस की वाईफ से।

“आइये मैडम!! वूमेन ऑन द टॉप वाली पोजीशन में” मैंने कहा

वो जल्दी से आकर मेरे लंड पर विराजमान हो गयी। मेरे लंड ने उनकी चूत की दोनों फांको को फाड़ दिया और किसी खूटे की तरह अंदर घुस गया। मैं उनकी चूची को मसलने लगा। फिर मैडम जल्दी जल्दी उठने बैठने लगी। हल्के हल्के धक्के देकर जम्प करने लगी। वो चुदने लगी। वो मीठे धक्के देने लगी जिससे हम दोनों को अद्भुत मजा मिल रहा था। फिर बॉस की वाइफ ने जल्दी जल्दी जंप मारना शुरू किया और मस्ती से भरके चुदाने लगी। मै उनके दूध हाथ से दबाने लगा। वो “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” करने लगी।

“और तेज कूदिये मैडम!!” मैंने कहा

उसके बाद वो किसी रंडी की तरह 50 60 बार मेरे लंड पर कूदी और खूब मस्ती से चुदा ली। फिर मेरे उपर लेटकर प्यार करने लगी। हम लोगो का होटो पर किश फिर से शुरू हो गया। मैंने मैडम के दोनों चूतड़ पर कब्जा कर लिया। हाथ से कसके पकड़ा और आगे पीछे करने लगा। उनकी पूरी बोडी मेरे लंड पर आगे पीछे होने लगी। फिर मैं शुरू हो गया। मैंने नीचे से उनकी चूत में धक्के देने की रस्म शुरू कर दी। वो अच्छी तरह से चुद पा रही थी। मेरा लंड उनकी चूत को अच्छी तरह से फाड़ रहा था। काफी देर मैंने उनको अपने सीने पर लिटाकर चोदा। फिर वो मुझे किस करने लगी। वो अब नीचे आ गयी और मैं उपर पहुच गया।

मैंने उनके गालो को दांत गड़ाकर काट लिया। फिर उनके दोनों 34” की चूची को पकड़ लिया और लंड चूत में डालकर जल्दी जल्दी पेलने लगा। वो “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ…ऊँ…ऊँ….” करने लगी। क्यूंकि मैं सचिन तेंदुलकर की तरह जल्दी जल्दी चौके छक्के उनकी चूत में लगा रहा था। उनकी बच्चेदानी तक अपना लौड़ा पंहुचा रहा था। मैं इतना जोश में भर गया था की क्या बताऊँ। मेरे धक्को से पूरा बेड ही हिलने लगा।

“सरबजीत!! मुझे धीरे धीरे चोदो!! तुम तो मेरी चूत ही फाड़ डालोगे!!” वो कहने लगी

“मैडम जी!! आज मेरा इरादा कुछ ऐसा ही है” मैंने कहा

उसके बाद कुछ धक्के मैंने और मारे और माल अब बाहर आने लगा। मैंने लंड उनकी चूत से निकाला और उनके मुंह के पास ले जाकर मुठ मारने लगा।

“मेरे मुंह पर मत निकालो!” वो कहने लगी

“मैडम जी!! असली मजा तो माल मुंह पर लेने में है” मैंने कहा और जल्दी जल्दी अपनी पिचकारी छोड़ दी

बॉस की वाईफ अपनी ऊँगली लेकर माल चाटने लगी। उनके पूरे चेहरे पर मेरी सफ़ेद चाशनी पड़ी हुई थी। वो किसी चुदासी रंडी की तरह दिख रही थी। उन्होंने मुझे 2 हजार का एक नोट दिया। मेरा मैडम के साथ इश्क रोज ही होने लगा। मेरे बॉस को हमारे प्यार के बारे में कोई खबर नही थी। हम दोनों चुपके चुपके प्यार करने लगे। मैं रोज ही उनके लिए बजार से मिठाई लेकर आता था।

“सरबजीत!! मुझे ब्लू फिल्म देखना है!!” एक दिन वो कहने लगी

“मैं अभी आपके लिए कुछ ब्लू फिल्म डाउनलोड कर रहा हूँ” मैंने कहा और लैपटॉप पर मैंने हार्डकोर चूदाई वाली ब्लू फिल्म डाउनलोड कर दी। वो मेरे साथ लॉबी में बैठकर देख रही थी। ब्लू फिल्म देखते देखते बॉस की वाईफ गरमा गयी। उनका चुदाई का दिल करने लगा। मेरे से चिपक गयी और मेरे जांघो पर हाथ रखकर सहलाने लगी। मैं समझ गया की वो क्या चाहती है। फिर मेरी जींस के उपर से लंड को सहलाने लगी। खूब हाथ से रगड़ रगड़कर सहलाने लगी। ऐसी कामुक अदाये दिखाने से मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था क्यूंकि मैं भी 25 साल का जवान मर्द था।

“सरबजीत!! क्या तुम मुझे खड़े खड़े चोद पाओगे। आज मैं कुछ नया ट्राई करना चाहती हूँ” बॉस की वाईफ कहने लगी

“ठीक है मैडम!” मैंने कहा

वो धीरे धीरे अपनी साड़ी ब्लाउस उतार कर नंगी हो गयी। अपनी पेंटी उतार डाली। उनका नंगा जादुई सेक्सी बदन एक बार फिर से मेरे सामने था। मैडम का जिस्म बिलकुल शेप में था। पतली कमर तो जैसे कहर ढा रही थी। मैं भी नंगा हो गया। मैडम लोबी की एक दिवार के सहारे खड़ी हो गयी। मैं जाकर जल्दी जल्दी उनकी चूत चाटने लगा। मैं नीचे बैठकर उनकी बुर चूसने लगा। वो “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी… हा हा.. ओ हो हो….” करने लगी।

“आप अपनी चूत में ऊँगली करके दिखाइये! मुझे देखना है” मैंने कहा

मैडम जल्दी जल्दी अपनी चूत में फिंगर करने लगी। उनकी पतली पतली उँगलियाँ भी कम सेक्सी नही थी। वो चूत में ऊँगली डालकर जल्दी जल्दी मथने लगी। पिच पिच की पनीली आवाज उनकी चूत से आ रही थी जो बहुत सेक्सी लग रही थी। उनके चूत का दाना बिलकुल खड़ा हो गया था। बॉस की वाइफ ने मुझे खूब खेल दिखाया। 10 मिनट अपनी बुर में जल्दी जल्दी तेज रफ्तार से कर डाली। उसके बाद ऊँगली बाहर निकाली। मैंने उनको दिवाल से चिपका दिया और चूत में जीभ लगाकर खूब किस किया। फिर फ्रेंड्स खड़े खड़े मैंने उनकी चूत में लंड डाल दिया। वो दीवाल से चिपककर खड़ी थी। मैं जल्दी जल्दी चोदने लगा। आज उनको पहली बार खड़े खड़े पेल रहा था। कुछ ही देर में मेरा 9” लंड उनकी चूत की गहराई नापने लगा। मैडम जी “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ…..” करने लगी।

“मुझे प्यार करो!!” वो बोली

मैंने उनके चेहरे पर उँगलियाँ बड़े प्यार से फिराई। फिर होटो कर किस करते करते चूत चोदने लगा। फ्रेंड्स आप लोग बिलीव नही करोगे की खड़े होकर चुदाई करना कितना सेक्सी लगता है। मेरा लंड बिलकुल चैले की तरह मजबूत हो गया था। मैंने खड़े खड़े बॉस की वाईफ को खूब चोदा। उनकी चूत फाड़ डाली।

“अब मेरे लंड को चूसिये मैडम जी!” मैंने कहा

वो नीचे जैसे ही बैठी, मैंने उनके मुंह में लंड घुसा दिया। वो मेरे 9” के खीरे जैसे लंड को पकड़ ली और मुंह में लेकर चूसने लगी। कुछ देर में मैं उनके मुंह में ही स्खलित हो गया। दोस्तों अब बॉस की बीबी कभी भी नही रोती है। मुझसे रोज ही चुदा लेती है। आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज के लिए नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पढ़ते रहना। आप स्टोरी को शेयर भी करना।

साथ काम करने वाली टीचर को स्कूल में ही चोदा

Teacher Sex Story : सभी लंड धारियों को मेरा लंडवत नमस्कार और चूत की मल्लिकाओं की चूत में उंगली करते हुए नमस्कार। नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के माध्यम से आप सभी को अपनी स्टोरी सुना रहा हूँ। मुझे यकीन है की मेरी सेक्सी और कामुक स्टोरी पढकर सभी लड़को के लंड खड़े हो जाएगे और सभी चूतवालियों की गुलाबी चूत अपना रस जरुर छोड़ देगी।

मेरा नाम अर्जुन है। मैं एक सरकारी स्कूल में शिक्षामित्र की नौकरी कर रहा हूँ। मैं बहुत ही सेक्सी मर्द हूँ। गोरी लड़कियों को देखकर मेरा लंड खड़ा तो हो ही जाता है, पर काली लड़कियों को भी मैं नही छोड़ता हूँ। मेरी नजरों में इतनी हवस भरी है की कोई भी लड़की मुझे बहन लगती ही नही है। सब मुझे माल दिखती है। मेरी चुदाई के कारनामे पूरे शहर में फैले हुए है। ऐसा ही एक किस्सा अभी जल्दी हुआ है।

जिस स्कूल में मैं नौकरी करता था वहां पर मासूमी नाम की एक खूबसूरत लड़की भी मेरे साथ नौकरी करती थी। जैसे ही उसने आना शुरू किया मेरा दिमाग घूमने लगा। मासूमी एक जवान और खूबसूरत जिस्म वाली लड़की थी। वो अभी कुवारी थी और सलवार सूट पहनकर आती थी। वो अच्छे घर से थी और हमेशा अदब से पेश जाती थी। उसकी उम्र कोई 25 के आस पास होगी। उसका फिगर देखकर किसी भी मर्द का लंड खड़ा हो जाता। मासूमी का फिगर 34 32 36 का था। बड़े चुस्त सलवार सूट पहनकर आती थी। वो बड़े बड़े रसीले दूध हमेशा दुप्पटे के नीचे छुपाकर रखती थी। देखते ही मेरा मूड बन जाता था। कुछ दिनों बाद हमारी अच्छी जान पहचान हो गयी। दोस्तों सबसे बड़ी समस्या थी की मैं शादी शुदा मर्द था। इसलिए मासूमी जल्दी मेरी लाइन लेने को तैयार नही थी। पर फिर भी मेरे को लाइक करती थी। जब भी वो नये कपड़े पहनकर आती मैं उसे कोम्पिमेंट जरुर देता।

“आज तुम बड़ी मस्त दिख रही हो” मैं उससे बोलता

“थैंक्स!!” वो नीचे सिर झुकाकर सिर्फ इतना ही बोलती

कुछ दिन और बीत गये तो हम लोगो की पक्की दोस्तों हो गयी। हम दोनों को साथ काम करते हुए एक साल बीत गया था। हमे समाज के गरीब बच्चो को पढ़ाने का काम दिया गया था। पर जब भी मुझे टाइम मिलता मैं बाथरूम में जाकर मासूमी के नाम की मूठ मार लेता। दोस्तों गजब तो उस दिन हो गया जब मैंने बाथरूम का दरवाजा बंद नही किया और पेंट खोलकर “मासूमी!! प्लीस चूत दे दो!! कितनी मस्त माल हो तुम!!” i love you!! i love you!! तुम्हारी चूत को मैं चूस चूसकर चोदूंगा!! बस एक बार तुम मान जाओ” बोले जा रहा था। हाथ में 8” लंड लेकर जल्दी जल्दी मुठ दे रहा था। उसी समय मासूमी मुतासी हो गयी।

उसे भी पेशाब लगी और जब वो बाथरूम का दरवाजा खोलकर सब नजारा देखी तो देखती रह गयी। फिर बड़ी बड़ी आँख बनाकर भाग गयी। मुझे समझ नही आ रहा था की क्या उससे बोलो। क्या सफाई दूँ अपनी?? कुछ दिन हमारी बात नही हुई। कुछ दिन बाद वो ही बात करने लगी।

“अर्जुन!! तुम उस दिन मेरे नाम की मुठ मार रहे थे ना??” मासूमी पूछने लगी

“हाँ” मैंने शर्मिदा होकर कहा

“मजा आया था की नही??” वो पूछने लगी

“बहुत आया” मैंने कहा

उसके बाद हम दोनों की फिर से दोस्ती हो गयी। अब साफ था कि मासूमी भी मुझसे चुदाने का इशारा कर रही थी। एक दिन वो किसी काम से स्टोर रूम में गयी। वहां पर कोई नही जाता था क्यूंकि बच्चों की बाटने के लिए जो सरकारी किताबे आती थी वो वहां पर रखी जाती थी। मैं मासूमी के पीछे पीछे चला गया। उसे पीछे से कमर से पकड़ लिया।

“क्या कर रहे हो अर्जुन??” मासूमी चौंककर कहने लगी

“आज तेरी नाम की मुठ नही मारूंगा। तुझे सच में चोदूंगा” मैंने कहा और उसके बाद मासूमी को खुद से चिपका लिया। मैंने पीछे से उसे दबोच रखा था। पीछे से उसके गले, गाल और कान पर किस करने लगा। उसे मजा आने लगा। वो “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा सी सी सी”” करनी लगी।

“अर्जुन स्कूल में ये सब मत करो! कोई बच्चा देख लेगा तो नौकरी चली जाएगी” मासूमी कहने लगी

“बच्चे पढ़ रहे है!! तेरी चूत आज ही चोदूंगा! तेरी जवानी का सारा रस पी जाऊंगा” मैंने कहा

उसके बाद उसे अपनी ओर घुमा लिया और कंधे से उसे पकड़ लिया। मासूमी आजतक कच्ची कली थी। एक बार भी चुदी नही थी इसलिए उसे बड़ा अटपटा लग रहा था। वो आँखे चुराने लगी। नही नही कहने लगी। पर मैंने जल्दी से उसे पकड़ लिया और उसके मुंह पर अपना मुंह टिका दिया और उसके गुलाब जैसे होठ चूसने लगा। दोस्तों आज मासूमी ने कॉपर ब्राउन कलर की लिपस्टिक लगाई थी जिस वजह से कुछ जादा ही झककास दिख रही थी। मैं भी ओंठ से ओंठ जोड़कर रस चूसने लगा। सारी लिपस्टिक छुड़ा डाली। मासूमी शर्म, हया और संकोच से पानी पानी हुई जा रही थी। खूब किस किया मैंने उसे। फिर गले से लगा लिया। उसकी पीठ पर हाथ घुमाने लगा। मासूमी अब सहयोग करने लगी।

““i love you अर्जुन!! “i love you” वो बहककर कहने लगी

मैं भी उसे लव यू बोलने लगा और कसके चुम्मा चाटी चालू हो गयी। मेरे बदन में गर्मी दौड़ गयी। मासूमी की तरह मैं भी 25 26 साल का जवान लड़का था। मेरे लंड में खून दौड़ गया और लंड खड़ा होने लगा। अब मेरे साथ नौकरी करने वाली मासूमी भी मुझे किस करने लगी। मुझे बाहों में लेकर मेरे दोनों गालो पर चुम्मा लेने लगी। उसकी 34 इंच की बड़ी बड़ी चूचियां मेरे सीने से रगड़ खाने लगी। मैं उसके आगोश में चला गया और मेरे हाथ उसकी पीठ पर से नीचे की तरफ उसके मस्त मस्त 36” के चूतड़ पर दौड़ गये। मैं गोल गोल चूतड़ को उसकी पजामी के उपर से दबाने लगा। वो “……अई…अई….अई…..इसस्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” करने लगी। मैंने काफी देर उसके चूतडो को हाथ से मसला। दोस्तों उसकी गांड बड़ी नर्म और मुलायम थी। मैंने जी भरके दबा दिया।

“साली अपने संतरे दबाने दे” मैं जोश में आकर बोला

मासूमी ने अपनी चूची पर से हाथ हटा लिया। मैंने उसके दोनों सन्तरो पर कब्जा कर लिया और दबाने लगा, मसलने लगा। वो फिर से उई उई करने लगी। दोस्तों कोई भी बच्चा उस स्टोर रूम वाले कमरे में कभी भी आ सकता था। बड़ा डर था उधर। इसके बाद भी मैं चुदासा हो गया था। आज ही मासूमी को चोदने का बड़ा दिल था मेरा। मैंने बड़ा जुगाड़ किया कि उसकी 34” की दोनों बड़ी बड़ी गेंद सूट के उपर से बाहर निकाल आये और मैं पी सकूं। पर उसका सूट इतना टाईट था की उसके मस्त मस्त दूध बाहर आ ही नही सके। इसी बीच मेरी वासना और धधक गयी। मेरा बाया हाथ नीचे को दौड़ गया और सीधा उसकी चूत पर चला गया।

मासूमी ने पजामी पहन रखी थी। मैं उसके उपर से चूत को सहलाने लगा। मजबूर होकर वो मेरे कंधे का सहारा लेकर खड़ी हो गयी और पैर खोल दी। मैं जल्दी जल्दी हाथ लगाकर उसकी चूत सहलाने लगा। वो “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” करने लगी। मुझे उसकी आवाजे बड़ी सेक्सी लग रही थी। मैं और भिड़ गया और जल्दी जल्दी बाया हाथ लगाकर चूत घिसने लगा। मासूमी खड़े खड़े जन्नत का मजा लूटने लगी। मेरे कंधे का सहारा लेकर अपना बदन ढीला करके वो खड़ी हो गयी पैर खोलकर। अब मैं उसकी मस्त मस्त बुर चाटने वाला था। इसी बीच एक छोटा बच्चा स्टोर रूम में आ गया।

“सर जी!! बच्चे हल्ला कर रहे है” वो बच्चा मुझे देखकर बोला

“चलो आता हूँ!! सब बच्चो को चुप करवाओ! आ रहा हूँ” मैने बच्चे को बोलकर भगा दिया

फिर से ऐयासी में लग गया। 10 मिनट तक मैंने अपने साथ नौकरी करने वाली मासूमी की चूत पजामी के उपर से रगड़ी। फिर नीचे बैठ गया। उसकी पजामी की डोरी मैंने ही खोली और पजामी नीचे सरका दी। फिर उसकी पेंटी नीचे सरकाई।

“जान!! सीधा खड़ी रहो!! बुर चाटने दो” मैं बोला

मासूमी मेरी बात मानकर सीधा खड़ी हो गयी दोनों टांग को फैलाकर। मैंने 1 सेकंड में अपना मुंह उसके दीदे(चूत) पर लगा दिया और जल्दी जल्दी चाटने लगा। स्टोर रूम में अँधेरा था क्यूंकि कोई बल्ब नही लगा था उधर। अँधेरे की वजह से हम दोनों को कोई देख भी नही सकता था। इधर रासलीला करने का यही फायदा था। जैसे जैसे मैं उसकी बुर चाटने लगा नमकीन स्वाद मेरी जीभ में उतर आया। मैं उसे उपरवाले का प्रसाद समझकर जल्दी जल्दी चूसने चाटने लगा। मासूमी की ऐसी तैसी हो गयी। खड़े खड़े वो रांड “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” करने लगी। मैं उसकी चूत को ऊँगली की सहायता से खोलकर जीभ अंदर तक घुसा रहा था। मस्ती से चाट रहा था। सुपड सुपड करके चाट रहा था। मासूमी खड़े खड़े बह रही थी। उसकी बड़ी बड़ी झांटों की खुश्बू मुझे पागल बना रही थी। मेरी नाक उसकी काली काली घुंघराली झांटो में डूबी हुई थी। मैंने 12 13 मिनट बैठकर मासूमी की बुर चूसी। इतने में कोई पेरेंट्स आ गये।

“मास्टर साहब??? मास्टर साहब??” बोलकर वो आवाज लगाने लगे। शायद किसी बच्चे की फ़ीस जमा करने आये थे। मुझे सब मजा बीच में खत्म करना पड़ा। जल्दी से हम दोनों कपड़े सही करके बाहर निकल आये। अब शेर के मुंह में खून लग चूका था। मैं मासूमी जैसी सेक्सी लड़की की चूत पी चूका था। अब उसे चोदना बाकी था। कुछ दिन बाद हम दोनों का दांव लग ही गया। उस दिन बच्चे बहुत कम आये थे। बच्चो का इंटरवल हो गया था। मैंने मासूमी को इशारा किया। वो भी स्टोर रूम में चली गयी। अंदर से दरवजा बंद हो गया।

“चल मासूमी जल्दी से कपड़े खोल दे” मैंने कहा

स्टोर रूम में एक बड़ी सी मेज रखी थी। उसी पर आज चुदाई करने वाला था। मासूमी सलवार कमीज उतारने लगी। मैं भी शर्ट पेंट खोलने लगा। फिर वो मेज पर लेट गयी। मैंने अपना कच्छा उतार दिया। जाकर मासूमी पर लेट गया। वो भी अपनी ब्रा और पेंटी खोल डाली। आज अच्छे से उसकी मस्त मस्त चूची को देख रहा था। हाथ में लेकर दबाने लगा। वो “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” करने लगी। मैं हवस में आकर उसके दोनों संतरे जैसे दिखने वाले दूध पकड़ लिए और जोर जोर से दबाने लगा। वो कसकने लगी। दोस्तों मासूमी की चूची खूब कड़ी कड़ी और मस्त थी। आजतक किसी लड़के ने उसे संतरे को हाथ नही लगाया था। मैं ही फर्स्ट टाइम लगा रहा था। जोर जोर से दबा रहा था। आटा जैसा गूथ रहा था। फिर मुंह में लेकर चूसने लगा।

मासूमी ओह्ह ओह्ह करने लगी। उसकी निपल्स बड़ी सेक्सी थी। बड़ी बड़ी रसीली चूचियां थी और काले काले गोले निपल्स के चारो ओर स्तिथ थे। मैं काट काटकर चूसे जा रहा था। वो “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी… ऊँ…ऊँ…ऊँ….” किये जा रही थी। मैं एक हाथ से उसके स्तन को दबाता और दूसरे तरफ मुंह में लेकर जोर जोर से चूसता। खूब मजा लिया मैंने भी। मासूमी मुझे कायदे से पिला रही थी जैसे गाय अपने बछड़े को दूध पिलाती है। खूब चूसा मैंने उसके संतरों को। वो मस्त हो गयी।

“चल मेरा लंड अच्छे से चूस… मुंह में ले ले” मैंने उससे कहा

वो मेज ने नीचे उतर आई। मैं जमीन पर खड़ा रहा। वो अब नीचे बैठ गयी और मेरे लंड को पकड़कर फेटने लगी।

“चूस बेटा!! अच्छे से चूस! खुश कर दे मुझे” मैं बोला

मासूमी की वासना अब जाग गयी। मस्ती से मेरे लंड को सीधे हाथ से पकड़कर जोर जोर से फेटने लगी और अपनी 34” की चूची पर घिसने लगी। मैं मजा मारने लगा। दोस्तों आज मेरा लंड भी फनफना गया। काफी मोटा होता जा रहा था। 8” का खूब लम्बा हो गया था। फिर वो मुंह में लेकर चूसना चालू कर दी। मैं “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी… हा हा.. ओ हो हो….”” करने लगा। मुझे बड़ा मजा मिल रहा था। वो किसी रंडी की स्टाइल में चूसने लगी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने उसी वक्त उसके सिर को पकड़ लिया और जल्दी जल्दी लंड से उसके मुंह में चोदने लगा। मासूमी मेरे लौड़े से कुल्ला करने लगी। इस काम में मुझे सबसे जादा आनन्द मिला। खूब कुल्ला करवाया उसे। वो मेरी दोनों गोलियों को हाथ से छूने लगी। मुझे सनसनी होने लगी। दोस्तों मेरी गोलियां पहले तो ढीली थी, पर अब कड़ी कड़ी होने लगी। उसने मुझे बड़ा सुख दिया। वासना के समुन्द्र में उसने मुझे नहला दिया। मेरे अंग अंग में करेंट दौड़ने लगा। मासूमी ने 15 मिनट तक सर हिला हिलाकर मेरे लंड को चूसा। मेरे रोंगटे खड़े हो गये।

“चलो जल्दी से मेज पर लेटो जान!!” मैंने कहा

वो लेट गयी। उसकी बुर पर नजर गयी मेरी। आज अच्छे से अपनी झांट साफ़ करके आई थी। उसकी चूत बड़ी क्यूट दिख रही थी, प्यारी लग रही थी। मैं मुंह लगा लगाकर चाटने लगा। वो “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” करने लगी। मासूमी मुझे बड़े प्यार से पिला रही थी। मैं उसकी मदमस्त बुर की एक एक कली लीची की तरह चूसे जा रहा था। वो मेज पर लेटकर गर्म गर्म आहे ले रही थी। दोस्तों मैं आज बहुत जोश में आ गया था क्यूंकि रोज ही उसे देखता था और रोज ही उसे चोदने का दिल करता था। आज मेरी इक्षा फलीभूत हो रही थी। मैं और अच्छे तरह से उसकी चूत को खाने लगा। उसकी चूत के लाल लाल ओंठो को मैंने चबाना शुरू कर दिया जिससे उसे बड़ा अच्छा लग रहा था।

“चाटो अर्जुन!! और अच्छे से चाटो मेरी भोसड़ी को!!! मजा दे दो मुझे” मासूमी किसी रंडी की तरह बड़बड़ाने लगी। मैंने भी कोई कसर नही छोड़ी। उसे भरपूर मजा दिया।

“डालो अर्जुन!! अपने लौड़े को अंदर डाल दो!! कुचल डालो मेरी बुर को” वो कहने लगी

तभी मैंने अपने हथियार को जल्दी जल्दी हाथ में लेकर फेटना शुरू किया। अच्छे से खड़ा करने लगा। फिर सही समय जानकर उसकी चूत के छेद में डाल दिया। मासूमी को खाने लगा। वो “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” करने लगी। मैंने उसके दोनों पैर मेज पर खुलवा दिए। वो मेज पर लेटकर चुदाने लगी। मैं अपनी ट्रेन को उसके गहरे छेद में चलाने लगा। मासूमी सम्भोगरत हो गयी। मैं धक्का पर धक्का देकर हज करने लगा। वो मस्ती से चुदवा रही थी। मैं कमर आगे पीछे करके लम्बे लम्बे फटके मारने लगा।

उसकी आहे, सिसकियाँ मुझे जोश दिला रही थी। मेरी कमर नाच नाच कर उसकी चूत फाड़ने लगी। मासूमी मेज पर आगे पीछे होने लगी। मुझे लगा की झड़ जाऊंगा। किसी तरह खुद को सम्हाले हुए था। उसने मेरे हाथ की उँगलियों में अपने हाथ की उँगलियाँ फंसा दी। मैं उसका गेम बजाता चला गया। होले होले.. धीरे धीरे… प्यार से…। अंत में चूत में ही झड़ गया। कुछ देर बाद हम दोनों स्टोर रूम से बाहर आ गये। आज भी वो मुझसे स्कूल में चुदवा लेती है। अब संकोच नही करती है। आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज के लिए नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पढ़ते रहना। आप स्टोरी को शेयर भी करना।

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