रात में चीख पड़ी जब भाई ने जोर से लौड़ा घुसाया विर्जिन चूत में

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अठारह साल होते ही मेरा भाई मेरे पीछे पड़ गया और रोज रोज मुझे मनाने लगा की मैं उसको अपनी चुत चुदाई को दूँ। पर ऐसा मौक़ा भी नहीं मिला और जो दूसरी बात थी वो डर था क्यों की मुझे काफी डर लग रहा ता की पहली बार चुदाई करवाते समय कही ज्यादा खून निकल गया तो क्या होगा।

किसी को बता भी नहीं सकती अगर मेरी चूत फट गई तो मैं दर्द को कैसे बर्दाश्त कर पाऊँगी। ये सब सोच कर मैं काफी परेशान रहती थी। फिर भाई ने मुझे नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के बारे में बताया और फिर मैं कई कहानियां पढ़ी तब जाकर मेरे मन से डर निकला और अपने भाई से चुदाई को तैयार हो गई।

दोस्तों जैसा की आपको पता चल गया मेरी उम्र अठारह साल है मेरा नाम पूजा है मेरे भाई का नाम रवि है वो मेरे से दो साल बड़ा है। घर में हम दोनों के अलावा मेरी माँ और पापा हैं वो दोनों डॉक्टर है पर आजकल कोरोना वायरस की वजह से हॉस्पिटल में ही रह रहे हैं उन दोनों की ड्यूटी लगी हुई है।

घर में पापा और माँ में नहीं रहने की वजह से हम दोनों भाई बहन को मौक़ा मिल गया और हद से गुजर गए। और चुदाई कर लिए रात में। शाम को मेरा भाई मेरे आगे पीछे कबूतर की तरह मडरा रहा था की मैं चुम्मा दे दूँ और अपनी चूचियां दबाने दूँ। पर मैं कह रही थी रात को करना जो भी करना होगा क्यों की मुझे शर्म आ रही थी।

पर उसने मेरी चूचियां दबा ही दिया और किश करने लगा। मैं भी अपने आप को रोक नहीं पाई और उसको भी खूब चुम्मा दी और ली वो अपना जीभ मेरे मुँह में दे रहा था और मैं उसके जीभ को चूस रही थी। धीरे धीरे वो मेरी चूचियों को सहलाने लगा और मैं कामुक होने लगी।

वो बार बार मेरी पेंटी खोल रहा था पर मैं मना कर रही थी। क्यों की उसके पास कंडोम नहीं था। और बिना कंडोम के चुदाई मैं नहीं चाहती थी। तभी वो मार्किट चला गया कंडोम लाने और फिर शाम को सात बजे आया।

दोनों घर से बाहर जाकर रेस्टुरेंट में ही खाना खाये फिर करीब नौ बजे आये। फिर हम दोनों शुरू हो गए। वो अपना सारा कपड़ा उतारा और मेरी तरफ टूट पड़ा उसने मुझे पलंग पर लिटा दिया। फिर उसने मेरी सैंडल उतारी, फिर उसने मेरे टॉप्स उतारे फिर मेरी जीन्स को उतार दिया।

अब मैं सिर्फ ब्रा और पेंटी में थी, मेरा भाई मेरा होठ चूस रहा था और हौले हौले से मेरी चूचियां दबा रहा था। मैं इस नए एहसास का मजे ले रही थी। मेरे रोम रोम खड़े हो रहे थे। मैं कामुक फील कर रही थी।

दोस्तों फिर उसने मेरी पेंटी उतार दी और मैंने खुद से ब्रा का हुक खोल दी। वो मेरी चूचियों को पकड़ लिया और जोर जोर से मसलते हुए पिने लगा। निप्पल को दांत से दबा रहा था। मैं आह आह कर रही थी। तभी वो निचे की तरफ हो गया और मेरे दोनों पैरों को अलग अलग करते हुए मेरी चूत को जीभ से चाटने लगा।

दोस्तों अब मेरे होश हवस उड़ गए थे। मेरी चूचियां तन गई थी चूत गीली हो गई थी। उसने मेरी चूत में ऊँगली करने लगा था। ऊँगली से भी दर्द हो रहा था क्यों की इसके पहले कभी मेरी चूत में कुछ भी नहीं गया था।

मैं बोली लाइट बंद कर दो पर वो मना कर रहा था फिर मेरे कहने पर उसने लाइट बंद कर दिया और मैं शांत हो गई चुदने के लिए तैयार थी।

उसने मेरी चूत पर लंड रखा और जोर से घुसा दिया मैं कराहने लगी अँधेरे में मेरा भाई मेरी चूत फाड़ चुका था। चूत से खून निकल रहा था।

फिर उसने मेरी चूचियों को सहलाया और फिर से वो मेरी चूत में लौड़ा डालने लगा। धीरे धीरे करके वो पूरा लौड़ा मेरी चूत में घुसा दिया और फिर यहाँ से शुरू हो गया भाई बहन की चुदाई (Bhai Bahan Ki Chudai Story) अब वो जोर जोर से चोदने लगा।

हम दोनों ने पूरी रात चुदाई की अलग अलग तरीके से। खूब मजे ली अठारह साल की जवानी का। मजे किये खूब मैंने पर दुसरा दिन मेरे लिए ठीक नहीं था क्यों की मैं चल नहीं पा रही थी। चूत दर्द कर रहा था।

आपको ये मेरी भाई बहन की चुदाई की कहानी कैसी लगी जरूर बताएं। तब तक के लिए धन्यवाद।

बहन ने दी भाई को चुदाई की ट्रेनिंग जानिए क्यों और कैसे

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मेरा नाम पूनम है मैं 25 साल की हूँ। मैं तलाकशुदा हूँ। और तलाक लेने का कारन ये था की की मेरा पति मुझे चुदाई में संतुष्ट नहीं कर पा रहा था इसलिए मैं शादी के तीन महीने बाद ही अलग हो गई। दोस्तों जब ज़िंदगी में जिस चीज की चाहत से शादी की और वही पूरा नहीं हो पा रहा हो तो क्या करें ? क्या करने चाहिए? अब आप ही बताइये। इसलिए मैं अपने भाई जो मेरे से तीन साल छोटा है और उसकी शादी होने वाली है। उसकी शादी जल्दी इसलिए हो रही है क्यों की वो मानसिक कमजोर है। दौरा पड़ता है और शादी के लिए लड़की मिल गई है तो पापा और मम्मी सोचे हैं, की जल्द से जल्द शादी कर दिया जाये। आपको तो पता होगा दोस्तों आजकल सही लड़के की तो शादी होती ही नहीं दौरा पड़ने वाले लड़के से कौन शादी करेगा।

आज मैं आपको नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर अपनी कहानी सुनाने जा रही हूँ। मैं अपने छोटे भाई को ट्रेंड की हूँ चुदाई में और मैंने सिखाया ताकि वो अपनी बीवी को चोद सके और खुश कर सके ताकि उसकी भी वाइफ भागे नहीं छोड़कर। इस कहानी के माध्यम से आपको यही बताने जा रही हूँ, की कैसे मैं उसको ट्रेंड किया और कैसे चुदाई सिखाई और फिर कैसे वो आजकल मुझे चोद रहा है। वो सब आपको बताने जा रही हूँ।

दोस्तों मैं अभी मायके में ही रह रही हूँ , मेरे पापा मम्मी दोनों टीचर हैं। वो दोनों सुबह साथ बजे जाते हैं और करीब चार बजे आते हैं। तब तक मैं और मेरा भाई घर पर ही रहते हैं। भाई का नाम राजा है। जब लड़की वाले से बातचीत पूरी ही गई की शादी अप्रैल में करने हैं। एक दिन राजा मुझसे बोला दीदी एक चीज बताओ क्या शादी सिर्फ सेक्स के लिए ही की जाती हैं ? तो मैं बोली नहीं नहीं ऐसी बात नहीं शादी इसलिए की जाती है ताकि वंश बढे। और तुम्हे एक अच्छा दोस्त मिल जाये जो तुम्हारी केयर करती हो। पापा मम्मी तो हमेशा रहेंगे नहीं। आप वो सभी बातें पापा मम्मी से या मुझे नहीं कर सकते जो तुम अपने पत्नी के साथ कर सकते हो।

इतना सुनकर वो उदास हो गया। मैं पूछी क्या बात है? वो बोला वो मेरे से दोस्ती क्यों करेगी, मेरे से तो कोई दोस्ती नहीं करता। तो मैं बोली तुम बहुत प्यार करना, तो वो बोला मुझे तो प्यार भी नहीं करना आता।

दोस्तों मुझे लगा की मुझे रोल प्ले करना चाहिए और इसको सिखाना चाहिए तो खुश कैसे रखोगे अपनी बीवी को। मैं बोली एक काम करते हैं आज शाम को मम्मी पापा लखनऊ जा रहे हैं तीन दिन के लिए शादी में। हम दोनों ही यही रहेंगे और मैं तीन तीन दिनों में तुम्हे प्यार भी करना सीखा दूंगी। और बीवी को खुश कैसे रखोगे ये भी बताउंगी। दोस्तों इतना सुनकर वो काफी खुश हो गया। पर मुझे लग रहा था क्या ये सही बात है जो मैं करने जा रही हूँ। फिर मुझे लगा शायद मैं नेक काम ही करुँगी इस लड़के के लिए।

मम्मी पापा लखनऊ चले गए। हम दोनों भाई बहन ही घर पर थे। रात के करीब नौ बजे वो बोला दीदी आज सीखा रहे हो ना ? मैं बोली पर ये बात किसी से नहीं कहना। वो बोला बिलकुल नहीं बोलूगा। मैंने उसको वही पकड़ पर होठ को चूसने लगी। मैं बोली अब ऐसा ही तू मुझे चुसो। वो भी वैसे ही चूसने लगा. मैं फिर से उसको चूसने लगी। अपना जीभ उसके मुँह में डालने लगी। फिर वो भी वैसा ही करने लगा।

दोस्तों इतना करते ही वो वो हरामखोर वाइल्ड हो गया। वो तो मेरे बाल बिखरा दिया और मुझे जोर जोर से चूमने लगा उसको मैं बोली होठ पर वो तो होठ को लाल कर दिया और कंधे पर गर्दन पर गाल पर जोर से चुम रहा था। मैं उसके हाथ को पकड़ कर अपने चूचियों पर रख दी वो और मैं उसके हाथों को दबाने लगी. वो अब मेरी चूचियों को दबाने लगा.

इतना करते ही उसका लौड़ा मोटा हो गया और पेण्ट में ऐसा लग रहा था जैसे की टेंट लग गया हो। मैं उसके लौड़े को पकड़ ली वो सरमा गया। मैं बोली वो भी ऐसे ही पकड़ेगी तू सरमाना नहीं बल्कि खोल कर उसके हाथ में दे देना। उसने तुरंत ही अपना पेंट खोलकर अपना लौड़ा मेरी हाथों में रख दिया मैं उसके लौड़े को आगे पीछे करने लगी।

फिर बैठ गई और मुँह में ले ली , अब वो मेरे सर को पकड़कर अंदर बाहर करवाने लगा। मैं भी मजे लेने लगी। फिर मैं खुद ही अपना टी शर्ट उतार दी और ब्रा भी उतार दी , उसको साथ बैडरूम में ले गई। और लेट गई। उसको मैं बोली अब तू मेरी चूत चाट वो मेरी चूत चाटने लगा. मैं दोनों पैरों को अलग अलग कर दी ताकि उसको कोई दिक्कत नहीं हो। वो मेरी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा। मैं मदहोश होने लगी। क्यों की मैं खुद ही लंड नहीं मिलने के चलते शादी तोड़ कर आई हुई थी। अब मुझे जवान लंड और मोटा लंड मिल रहा था इसलिए मैं इस मौके का फायदा लेने जा रही थी।

मैं उसको चूमने लगी वो भी मुझे चूमने लगा। अब वो मेरी चूचियां भी मसल रहा था और मेरी गांड भी। वो मेरी चूत भी चाट रहा था वो मुझे सहला भी रहा था। दोस्तों मुझे आज ही पता चला की बन्दे में दम होने चाहिए बस चुदाई अपने आप आ जाती है मेरा पागल भाई बड़े प्यार से मुझे प्यार कर रहा था। मैं हैरान थी वो मुझे वही कर रहा था जो मुझे पसंद है।

अब वो निचे जाकर मेरी टांगो को अलग अलग किया और फिर अपना लौड़ा मेरी चूत पर लगाया और जोर से घुसा दिया। मैं कराह उठी। क्यों की उसका लौड़ा बहुत ही ज्यादा मोटा था और मेरी चूत की छेद पतली। मैं कराह उठी पर वो लगा मुझे जोर जोर से चोदने। मैं भी अब मजे लेने लगी वो मेरी चूचियों को मसलते हुए मेरी चूत में लौड़ा पेलने लगा। मैं भी निचे से धक्के देती तो पूरा लौड़ा मेरी चुत में समा जाता। और वो भी ऊपर से धक्के देता.

दोस्तों अब तो वो ऐसे चोद रहा था जैसे को कोई पोर्न स्टार हो। पर मैं उसको बता रही थी बिच बिच में की आइए करना अपनी बीवी को वैसे करना ताकि उसको लगे की मैं सीखा रही हूँ। पर दोस्तों जैसा वो मुझे चोद रहा था उससे तो मैं खुद ही सिख रही थी। इस तरह से वो मुझे रात दिन जब भी मन करता वो मुझे चोदा हम दोनों ही खुश थे। पर ये चुदाई उसके कॉन्फिडेंस लेवल को काफी हाई कर दिया था। वो कहता है अपनी बीवी को खूब चोदुंगा। और मुझे भी बिस्वास है वो अपनी बीवी को बहुत खुश रखेगा जब मैं तीन दिनों में खुश हो गई।

दोस्तों अपनी दूसरी कहानी जल्द ही नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर लिखने वाली हूँ आपसे अनुरोध करती हूँ आप रोजाना विजिट करें।

भैया ने भाभी समझ कर चोद दिया सच्ची कहानी

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दोस्तों मेरा नाम नेहा है मैं 19 साल की हूँ। आज मैं आपको एक सच्ची कहानी सुनाने जा रही हूँ। ये कहानी नहीं सच्चाई है। आज मैं आपलोगों की भी ये कहानी सुनाने जा रही हूँ। पहले तो मैं आपको ये बता दूँ मैं भी अब नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम की फैन हो गई हूँ जब से मेरी सहेली सरिता ने इस वेबसाइट के बारे में बताया है तब से मैं रोजाना इस वेबसाइट पर की कहानियां पढ़ती हूँ। इसलिए आज मैं अपनी कहानी आपलोगों को शेयर कर रही हूँ।

ये बात ज्यादा पुरानी नहीं है कल की ही है। कैसे मुझे सगे भाई ने चोदा वही बताने जा रही हूँ। और सच्चाई तो ये है की ये चुदाई ग़लतफ़हमी में हो गई है पर जो हो गया उसके लिए क्या करना अब तो कहानी बन गई ही चुद गई हूँ। एक जनवरी को ही मेरे भाई की शादी हुई है। और मेरी भाभी मेरे उम्र की ही है कद काठी भी मेरे जैसी ही ज़रा भी अंतर नहीं है। दोस्तों मुझे बचपन से ही दुल्हन बनने का बहुत शौक है। मैं घर में हमेशा दुल्हन दुल्हन खेलते रहती थी। और मुझे दुल्हन बनना बहुत पसंद है। मैं जब भाभी को देखि तो फिर से दुल्हन बनने का मन करने लगा। इसलिए मैं भाभी को बोली भाभी आज शाम को तो भइया पार्टी में जा रहे है मामा जी के यहाँ और शायद वो रात में नहीं लौटे तो आज शाम को मुझे आप दुल्हन बनाना इस बार मैं सच की बनना चाहती हूँ।

आप मुझे अपना कपडे पहनना और गहने भी मैं आपका शादी की लाल साडी पहनना चाहती हूँ। आप मुझे अच्छे से सजाना। तो भाभी बोली सही है मेरा भी समय कट जाएगा क्यों की आपके भैया नहीं रहेंगे तो मुझे भी मन नहीं लगेगा। तो दोस्तों मैं शाम को जब भैया चले गए तो मैं दुल्हन बनने के लिए तैयार हो गई और भाभी ने मुझे अपने कपडे दिए और वैसा ही सब कुछ किया आप यूँ समझिये की मैं सिर्फ सिंदूर ही नहीं लगाई थी सजी धजी थी दुलहन की तरह।

जब सज धज गई तभी भाभी के पापा आ गए। वो बिना बताये आये थे उन्होंने कहा की सरप्राइज देना था इसलिए बिना बोले आ गए। इसलिए लिए भाभी बहुत खूश हुई। और वो अपने पापा से बात करने के लिए घर के बगल में ही एक कमरे का सेट हैं जहाँ गेस्ट रहते हैं वही चली गई क्यों की रात का समय था तो कोई दिक्कत नहीं था वो वही बैठ कर बात करने लगी पापा जी से। मैं उनका ही इंतज़ार कर रही थी। की जब वो आयेगी तभी सारे कपडे उतारूंगी मैं सेल्फी ले रही थी। फोटो खींच रही थी। तभी लाइट चली गई। मैं एक मोमबत्ती जलाई और फिर मेन गेट बंद करने के लिए चली गई ताकि कुत्ता नहीं आ जाये।

तभी भैया आ गए। वो अंदर आते ही मुझे पकड़ लिए उनके मुँह से शराब की बदबू आ रही थी। वो पिए हुए थे। शायद वो मामा के यहाँ अभी नहीं गए थे। मैं पूछी की आप तो मामा के यहाँ जानेवाले थे तो वो बोले यार जा रहा हूँ बस पंद्रह मिनट में निकलूंगा एक दोस्त ने पार्टी दे दी इसलिए लेट हो गया। वो मुझे पकड़ लिए मैं बार बार बोल रही थी छोडो छोडो मुझे अरे मैं हु पर उन्होंने मेरी नहीं सुनी। उन्होंने मेरे मुँह को दबा दिया। और मुझे कमरे में खींचे लिए और पलंग पर लिटा दिया और साडी को ऊपर किया पिंटी खोली।

मैं बचने की कोशिश कर रही थी पर हो नहीं पा रहा था। उन्होंने मेरे टांगो को अलग अलग कर के अपना लौड़ा निकाला और जोर से मेरी चुत में डाल दिया अब मैं चुद चुकी थी। शायद उन्हें ये नहीं पता था की मैं हूँ। उन्हें लगा की भाभी है क्यों की वो मुझे चोद रहे थे और कह रहे थे शालू तू रोज रोज और भी जवान होते जा रही है। आज तेरी चूत काफी टाइट लग रही है.वो चोद रहे थे और मैं चुदवा रही थी। वो जोर जोर से धक्के दे रहे थे और उनका लौड़ा मेरी चुत में समाये जा रहा था। धीर धीरे मुझे भी अच्छा लगने लगा और मैं शांत हो गई और मैं भी चुदाई में साथ देने लगी। क्यों की चरों तरफ अन्धेरा था एक हलकी लाइट बरामदे पर जल रही थी.

उन्होंने मेरी ब्लाउज की हुक खोल दी और ब्रा को ऊपर कर दिया और मेरी चूचियां दबाने लगे. फिर वो मुझे किस करने लगे. वो मुझे बार बार चूमते रहे। दोस्तों मैं मजे से चुद रही थी। अब मैं भी निचे से धक्के दे रही थी। वो और भी ज्यादा कामुक हो रहे थे। वो कह रहे थे आज तो तू भी मूड में है क्या ज्यादा दर्द नहीं हो रहा है मैं कुछ भी नहीं बोली। मैं बस चुदाई का आनंद ले रही थी। उनके मुँह से बराबर शराब की बू आ रही थी रही थी।

दोस्तों उसके बाद मुझे उलटा कर दिया और पीछे से ही मेरी चूत में अपना लौड़ा पेलने लगी। वो मेरी चूतड़ को पकड़कर जोर जोर से धक्के दे रहे थे और मैं चुद रही थी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और उनका लौड़ा पूरी तरह से अंदर बाहर हो रहा था। मेरी चूत काफी गीली हो गई थी और अपनी चूचियां मैं खुद ही दबाने लगी क्यों की मैं काफी सेक्सी हो चुकी थी। मेरे रोम रोम पागल हो रहे थे गर्म हो गई थी मैं।

उन्होंने मुझे फिर से सीधा किया और इस बार और भी जोर जोर से चोदने लगे। दोस्तों अब उनकी स्पीड बढ़ गई थी और मैं तार तार हो रही थी क्यों की उनके धक्के से लौड़ा अंदर तक जा रहा था। मैं खूब मजे लेले के चुदवा रही थी। और वो मेरी चूचियों को जोर से दबाते हुए होठ को चूमते हुए। जोर से लौड़ा अंदर करते हुए। एक आवाज जोर से निकाली अअअअअ और सारा माल मेरी चूत में डाल दिया।

अब मैं शांत हो गई थी ऐसा लग रहा था कितनी थकान हो। मैं बेसुध पड़ी रही मैं अब हिलडुल भी नहीं पा रही थी। मैं शांत हो गई थी। वो तुरंत ही अपने जीन्स को ऊपर चढ़ाये और ज़िप लगाया अपना जैकेट पहने और एक बार मुझे हलकी थपकी देकर कहा सो जाना मैं मामा जी के यहाँ जा रहा हूँ सुंबह आऊंगा। मैं चुदाई के बिना नहीं रह सकता था इसलिए मैं एक बार घर आ गया ताकि तुम्हे आज भी चोद कर ही जाऊं। मैं तब भी चुप थी। वो तुरंत ही चले गए।

उन्हें पता भी नहीं चला उन्होंने भाभी के जगह पर मुझे चोद दिए थे। दोस्तों आज मैं आपको इसलिए हु बहु लिख रही हूँ क्यों की ये कल ही वाकया हुआ था।

आगे क्या होगा भाभी को क्या बोलेंगे क्या ये राज ही रहेगा मैं सब कुछ आपको अपनी दूसरी कहानी में नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर बताउंगी। तब तक के लिए आपका धन्यवाद.

पाल पोसकर जवान किया फिर 2 जनवरी को पहली बार चुदवाई

देवर भाभी सेक्स

मैं 31 साल की हूँ मेरा नाम सुमन है, विधवा हूँ, दुश्मनो ने मेरे पुरे खानदान को ख़तम कर दिया था। बस मैं बची और मेरा एक देवर जो की सिर्फ 10 साल का था उस समय, घर से बहुत धनी हूँ। पर इससे भोगने वाला कोई नहीं है। मेरा कोई बच्चा नहीं है। मैंने अपने देवर को पालपोस कर बड़ा की। १ जनवरी को वो 21 साल का हुआ। उसने मुझे १ जनवरी को बोला की अब हमलोग नए साल से एक नई ज़िंदगी जियेंगे। हमारे ज़िंदगी में इतनी मुश्किलें आई पर अब नहीं चाहते हैं की आगे मुश्किल आये मैं भी अब्ब २१ साल का हो गया है ज़िंदगी को नए सिरे से जीना चाहता हूँ।

मैं बोली शादी के 15 दिन बाद ही मेरी ज़िंदगी उजड़ गया था पर आपके सहारे ही मैं ज़िंदगी को जीने के लिए सोची। यहाँ तक की मेरे घरवाले भी मुझे दूसरी शादी के लिए कहा पर मैं सोची की मैं दूसरी शादी नहीं करुँगी। और आपके बड़े होने का इंतज़ार करने लगी। मैं अपने घर और धन दोनों को बचा कर रखी अगर मैं गलत होती तो मैं आज यहाँ नहीं होती सारा साम्राज्य बेच कर और और गुलछर्रे उड़ा रही होती। पर मैं आपके लिए ही यहाँ थी।

तो देवर जी ने कहा की मुझे भी पता है आपको कोई भी खुशियां नहीं मिली। पर इस नए साल से मैं आपको पूरी खुशियां दूंगा जो आपको नहीं मिला। दोस्तों 1 जनवरी को मैं बहुत खुश हुई क्यों की मैं अब से सोच ली थी एक अच्छी ज़िंदगी जिऊंगी। अपने देवर के साथ लखनऊ घूमी खाना खाई। सिनेमा देखि और रात में घर आकर नए साल का खूब जश्न मनाई।

२ जनवरी की बात है। शाम को हम दोनों खाना खाकर छत पर टहलने गए , देवर जी जिनका नाम रवि है। उन्होंने पूछा भाभी आप एक बात बताओ क्या आपको ज़िंदगी में किसी चीज की कमी महसूस नहीं हुई ? मैं पूछी कैसी कमी तो वो बोला भैया का देहांत शादी के पंद्रह दिन बाद ही हो गया था। आप नई नवेली दुल्हन थी। लोग शादी इसलिए करते हैं ताकि उसको शारीरिक और मानसिक शांति मिल सके। पर आपको तो दोनों ही नहीं मिला आज आप 31 साल की हैं। आपको कभी नहीं लगा की इंसान की शारीरिक जरूरत पूरी करने चाहिए ? आप हमेशा अलग कमरे में सोये और मुझे अलग कमरे में सुलाय। आखिर क्या कारन है मैं जानना चाहता हूँ।

तो मैं बोली मैं आपके 21 साल होने का इंतज़ार कर रही थी। ताकि मैं आपके साथ ज़िंदगी जी सकूँ। मैंने प्रण की थी की मैं कभी भी २१ साल के पहले हाथ नहीं लगाउंगी और मुझे आपके भैया छुए थे और जब आप बड़े और जवान हो जायेंगे तो मुझपर अधिकार होगा। हम दोनों हवेली की छत पर ही ये सब बाते कर रहे थे। ये सब बात सुनकर देवर ही बोले तो मैं कल ही 21 का हो गया है आ २ जनवरी है तो आपने क्या सोचा? तो मैं बोली सेज सजा ली हूँ। गुलाब की पंखुड़ी पलंग पर है। आज से नई ज़िंदगी जीना चाहती हूँ आज अपना सारे ख्वाइश पूरी करना चाहती हूँ। अब मैं माँ बनना चाहती और आपको पति बनाना चाहती हूँ।

ये सुनकर वो मेरे आँखों में आँख डालकर खड़े हो गए मेरे गाल पकड़ लिए पर मैं बोली नहीं अभी नहीं मैं १० साल इंतज़ार की हूँ आज के लिए ऐसे छत पर नहीं। आप जाओ तैयार होकर आओ जैसे की दूल्हा आता है आपके लिए कपडे तैयार कर दी। कमला बाई आपका कपड़ा आलमारी में रख कर गई है। आप कमरे में बैठना मैं तैयार होकर आती हूँ।

और दोस्तों मैं करीब एक घंटे बाद वही सब कपडे जो मेरे शादी के दिन के थे वही पहन कर तैयार हुई सिंदूर लगाई। और कमरे में आ गई दूध का गिलास लेकर। मेरा देवर जो अब मेरा पति बन गया है। पाल पोस कर बड़ा की ताकि मैं पति बना सकूँ। दूध दी दूध पीया वो भी चकम रहे थे सिल्क के कुर्ते में। पलंग पर लेट गई पुरे कमरे में गुलाब की खुशबु आ रही थी।

उन्होंने मेरे ब्लाउज की डोरी पीछे से खोला। ब्रा का हुक खोला और पीठ पर किस किया मैं मचल गई। क्यों की मैं दस साल बाद रिश्ते बनाने जा रही थी। मैं गोद में लिटा लिए और अपनी चूचियां रवि के मुँह में दे दी। वो मेरी चूचियों को पीने लगा और मैं बाल सहलाने लगी वो हौले हौले दबा भी रहा था। मेरे मुँह से सिसकारिआं निकल रही थी। मैं पानी पानी हो गई थी। मैं बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी मेरे पुरे शरीर में हलचल हो रही थी। मैं लेट गई और वो मेरे ऊपर चढ़ गया।

दोस्तों मैं अपने साडी को उतार दी पेटीकोट का नाडा ढीला कर दी। उसने खुद ही पेटीकोट खोला निकाला मेरे कमर से लाल लाल वस्त्र थे सारे। वो मेरी चूत को चाटने लगा। मैं उसके बाल पकड़ कर चटवाने लगी। मैं वासना की आग में धधक रही थी। अब मेरे से रहा नहीं जा रहा था। मैं बोली अब मेरी प्यास बजा दो और उसने अपना लौड़ा निकाला और मेरे चूत पर रख कर घुसा दिया। दोस्तों जिसको मैं बड़ा की आज उसी से जिस्म की गर्मी पूरी कर रही थी। जैसे आप बकरे पालते हैं और एक दिन काट कर खाते हैं। मैं भी आज वही कर रही थी।

वो मेरी चूचियों को दबा रहा था और मुझे चोद रहा था। मैं चुदवा रही थी। चूचियां मुँह में दे रही थी। हरेक तरफ से खुश कर रही थी। अनाड़ी था पर मैं उसे चोदना सीखा रही थी। और पहली रात को करीब 4 बार हम दोनों ने पति और पत्नी की तरह चुदाई की एक दूसरे को खुश की। दोस्तों आज से मेरी ज़िंदगी में एक नई खुशियां आई है। अब मैं अपने देवर को पति बना ली हूँ। आज इसलिए मैं आप सभी दोस्तों को नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर अपनी कहानी शेयर कर रही हूँ। आप सब मेरे लिए दुआ कीजिये ताकि मेरी ज़िंदगी अब अच्छी चले.

31 दिसबर बेटे को गले लगाई और दे बैठी सब कुछ

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New Year 2020 Sex Story दोस्तों में निहारिका अपनी सेक्स कहानी सुनाने जा रही हूँ आज सुबह सुबह ही जो मेरे साथ हुआ वो अच्छा भी था और एक नए रिश्ते की शुरुआत भी। अब देखते हैं नए साल में ये प्यार कितना परवान चढ़ता है। और आगे क्या क्या होता है। पर आज मैं आपको सुबह क्या क्या हुआ वही बताने जा रही हूँ। नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम ने मुझे साल 2019 रंगीन बनाने में मदद की। यहाँ तक की पति के साथ भी मेरा रिश्ता और ज्यादा प्रगाढ़ हो गया और आज जो रिश्ता कायम हुआ बेटे के साथ वो मैं आपके ऊपर छोडूंगी आप क्या सोचते हैं। मैं क्या सोचती हूँ और मेरी ज़िंदगी में ये बदलाव कैसे लेके आया वही इस कहानी के माध्यम से नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पाठकों के सामने रख रही हूँ।

मैं 34 साल की हूँ। मस्त हूँ। गोरी और सेक्सी हूँ। शादी के दस साल हो गए मेरा कोई अपना बेटा नहीं है आज जो कहानी कह रही हूँ वो मेरा सौतेला बेटा है जो मेरे से सिर्फ दस साल छोटा है। पति देव ने दो शादी की की मैं दूसरी बीवी हूँ। क्यों की पहली पत्नी का देहांत हो गया है कार एक्सीडेंट में। पति की उम्र तो ज्यादा है पर मजे खूब लेती हूँ। मेरा बेटा करण जो मेरे से मात्र दस साल छोटा है जिम ट्रेनर है। मैं भी करण को खूब लाड दुलार करती थी पर आज से नजरिया बदल गया कैसे क्या हुआ वही बताने जा रही हूँ।

पति देव शहर से बाहर हैं। करण और मैं घर पर हूँ। सुबह सुबह की बात है जब वो सो कर उठा तो उसके आँख में आंसू थे मैं पूछी बेटा क्या बात है तुम क्यों रो रहे हो तो वो बोला मुझे अपनी माँ की याद आ रही है। आज हमेशा मुझे हग करती थी। और आशीर्वाद देती थी की कल से नया साल है तुम खूब आगे बढ़ो तुम्हे हरेक खुशियां नसीब हो। पर आज वो मेरे साथ नहीं हैं इसलिए मैं उनको मिस कर रहा हूँ। ये सब सुनकर मुझे भी रोना आ गया और मैं अपने आप को रोक नहीं पाई और मैं अपना हाथ फैला दी बोली आ लग जा गले।

वो दौड़ कर आया और मेरी बाहों में समा गया। मैं भी उसको अपनी बाहों में समेट ली। वो अपना सर मेरे कंधे पर रख लिया और जोर से हग कर लिया मैं भी उसके पीठ को सहलाते हुए बोली तुम्हे चिंता करने की कोई बात नहीं मैं हु तुम्हारी माँ तुम्हारी दोस्त आज से सब कुछ हूँ। दोस्तों जब वो गले मिला और मैं भी गले मिली तो माँ की ममता जाग नहीं रही थी और शायद इस बात को वो भी समझ रहा था। क्यों की वो मेरी पीठ को सहला रहा था और मेरी ब्रा को फील कर रहा था। मैं भी खो गई और उसको ऐसे गले लगा बैठी जैसे शादी के पहले बॉय फ्रेंड को गले लगाती थी और फिर वही से किस और लिप लॉक हो जाता था और बॉय फ्रेंड का हाथ मेरी चूचियों पर आ जाता था यही मेरे साथ भी हुआ था।

वो मेरे से ऐसे चिपक गया था जैसे वो छोड़ने वाला ही नहीं है। मैं भी ऐसे खो गई जैसे की मुझे लगा ही नहीं हो की मेरा बेटा है। और कब वो मेरी होठ पर अपना होठ ले आया और किस करने लगा पता ही नहीं चला। और भी रोक नहीं पाई और मैं भी अपना लिप लॉक कर दी। अब वो अपना हाथ मेरी चूचियों पर ले आया और दबाने लगा. मैं नाईट ड्रेस में ही थी। वो मेरे गर्दन पर किस करने लगा मेरे पीठ को सहलाने लगा मेरे कान को अपने दांत से काटने लगा. मैं भी उसके पीठ को सहलाने लगी.

दोस्तों हम दोनों बैडरूम के तरह चल दिया और मैं तुरंत ही अपना ऊपर का टॉप खोल दी और ब्रा का हुक खोल दी उसने ब्रा को बूब्स पर से हटा दिया और बूब्स को चूमने लगा काटने लगा. दबाने लगा पिने लगा निप्पल को ऊँगली से मसलने लगा. दोस्तों मैं ऐसे गरम हो गई कह नहीं सकती। मेरे मुँह से सिर्फ सिसकारियां निकल रही थी। मैं आह आह आह करने लगी। वो चुपचाप मेरी चूचियों से खेल रहा था। बस मेरे मुँह से ही आवाज निकल रही थी। मैं पागल हो रही थी मेरे रोम रोम खड़े हो गए थे। अंड़गाड़ियाँ ले रही थी। होठ को बार बार अपने दॉंतो तले दबा रही थी।

उसके बाद मैं लेट गई बेड पर उसने मेरा पजामा निकाल दिया और मेरी जाँघों को सहलाने लगा. उसके बाद वो मेरी पेंटी खींच कर निकाल दिया और अपना हाथ मेरी चूत पर फेरते हुए एक शब्द बोला “वाओ ” और फिर तुरंत ही दोनों पैरों के बिच में बैठ गया और चूत को निहारने लगा. और दोनों पैरों को अलग अलग करते हुए वो मेरी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा। वो ऊँगली भी डालने लगा। मैं अपने पैरों को और फैला दी ताकि उसको कोई दिक्कत नहीं हो।

दोस्तों वो ऊपर फिर चढ़ा मेरे होठ को चूसा फिर मेरी चूचियों को फिर मेरे पेट पर होते हुए मेरी चूत को चाटा देखा लौड़ा निकाल लिया। मैं उस सके तकिये को अपने दोनों मुठ्ठी से कस के पकड़ी हुई थी। उसने अपना लौड़ा मेरी चुत पर लगाया और जोर से घुसा दिया। दोस्तों उसका छह इंच का लौड़ा मेरी चूत में फिसलते हुए अंदर दाखिल हो गया और मेरी जान में जान आई। मेरी वासना और भड़क गई। अब वो जोर जोर से धक्के देने लगा.

मैं अपना गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी। वो जोर जोर से धक्के देता हरेक धक्के पर मैं सिर्फ हाय हाय करती। धीरे धीरे हम दोनों ही जोश में आ गए। वो पीछे से मुझे चोदने लगा कभी फिर लिटा कर फिर वो लेट गया और मैं ऊपर चढ़ गई। दोस्तों आज दिन भर करीब आठ बार वो चोद चुका है। और अभी भी मेरी पार्टी चल ही रही है।

अब आप ही बताओ इस रिश्ते को क्या नाम दूँ। जो भी होगा नए साल में देखूंगी। जल्द ही आपको अपनी बात नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर शेयर करुँगी। तब तक के लिए धन्यवाद और आपको भी नव वर्ष की शुभ कामनाएं आपकी भी चुदाई की मनोकामना पूर्ण हो। जिसको भी आप चाहते हो.

मुझे और मेरी ननद दोनों को संतुष्ट करता है एक साथ

पड़ोसन सेक्स कहानी

मैं पायल 24 साल की हूँ। मेरी शादी पिछले साल ही हुई है। मेरे घर में, मैं मेरी ननद, मेरी सास और मेरे पति रहते हैं। मेरी सास स्कूल में टीचर है, पति का बिजनेस है वो टूर पर रहते हैं। मेरी ननद उन्नीस साल की है। मेरी ननद बहुत ही ज्यादा हॉट और सेक्सी लड़की है। दोस्तों सच पूछिए तो मेरी ननद ने ही मुझे सेक्स का सही ज्ञान दिया और कैसे चुदना है उसी न बताया है और उसी ने यह भी बताया है की पति के अलावा भी चुदाई का रिश्ता रखूं तो ज़िंदगी और ज्यादा हॉट और मीनिंगफूल कैसे हो जाएगी। आज मैं आपको नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के माध्यम से यही कहानी बताने जा रही हूँ। कैसे एक लड़का हम दोनों को संतुष्ट कर रहा है एक साथ चोद कर। अब मैं सीधे कहानी पर आती हूँ।

पिछले दिनों की बात है। मम्मी जी इलेक्शन ड्यूटी पर शहर से बाहर चली गई थी तीन दिन के लिए। पति टूर पर गया था वो सात सात दिन तक घर से बाहर रहता है। मैं शनिवार को दीपक जलाने के लिए घर से बाहर गई थी। जब वह से आई वापस तो मेरे ऊपर वाले कमरे में आवाज आ रही थी. आह आह आह आह ओह्ह राघव आह आह आह राघव आह आह आह। मैं दौड़ कर गई तो देखकर दंग रही गई। मेरी ननद पूजा चुद रही थी। मैं खिड़की से झांककर देखने लगी। मेरी ननद और वो लड़का दोनों नंगा था और पूजा बेड पर थी वो लड़का निचे खड़ा था दोनों पैर अपने कंधे पर रखे था और जोर जोर से धक्के दे रहा था। दोस्तों ऐसी कभी भी मेरी चुदाई नहीं हुई थी जैसे की पूजा चुद रही थी। सच पूछिए तो ऐसी ही चुदाई के बारे में मैं सपने देखती थी की कोई मुझे चोदे।

पूजा चौड़ी गांड वाली लड़की है हॉट पूरा शरीर है। चूचियां सॉलिड है क्रिकेट गेंद की तरह गठीला बदन गोरा चेहरा लम्बे लम्बे बाल होठ पिंक। दोस्तों जब भी राघव धक्के देता वो करीब छह इंच तक आगे पीछे हो रही थी सोच लीजिये उस लड़के के लौड़े में कितना दम था। मेरे से रहा नहीं गया और मैं दरवाजा खटखटा दी। एकदम शांति हो गई वह पर। मैं दुबारा दरबाजा पीटी फिर भी दरवाजा नहीं खुला। मैं फिर धक्के लगाई तभी दरवाजा खुला और राघव भागा। वो ऊपर से भाग कर अपने छत पर कूद गया। और जब अंदर गई तो मेरी ननद ब्रा पहन रही थी पर उसके ब्रा का हुक बाल में फंस गया था इसलिए वो ना पहन पा रही थी ना छुड़ा पा रही थी वो सिर्फ पेंटी में थी ब्रा उसके बालों में लटका हुआ था।

मैं अंदर जाकर ब्रा उसके बालों से हटाई और बोली क्या बात है पूजा रानी। तुम तो जवान हो गई हो। चुद तो ऐसी रही थी मानो सन्नी लिओनी चुदवा रही थी। वो डरी हुई थी शायद सोच रही थी उसका भेद खुल गया है। पर मैं किसी और ही जुगाड़ में थी। मैंने समझाया तो वो समझ गई बोली भाभी आप किसी को मत बताना प्लीज। मैं बोली ठीक है नहीं बताउंगी पर एक काम तुम्हे करना होगा। पूजा बोली बोलो भाभी, मैं बोली फिर आज रात का पार्टी रखते है ऐसे भी घर पर कोई नहीं है इससे बढ़िया मौक़ा नहीं मिलेगा। वो बोली क्या मैं बोली उस लड़के को बुलाओ मैं भी तुम्हारे साथ मिल कर अपनी वासना शांत करेंगे ऐसे भी अभी तुम जोश में ही आ रही थी और मैं आ गई।

वो मुस्कराने लगी। और बोली ठीक है। मैं बोली मैं फटाफट खाना लगाती हूँ दोनों खा लेते हैं फिर बुलाओ तुम उसको। और फिर वैसा ही हुआ हम दोनों खाना खाकर तैयार हुए और पूजा ने उस लड़के को बोली आ जा मैं और भाभी दोनों मिलकर तेरा लंड लेंगे। वो लड़का बोलै ठीक है मम्मी पापा जैसे ही सोयेंगे आ जाऊंगा मैं तुम छत का दरवाजा खुला ही रखना। और वो लड़का साढ़े दस बजे के करीब आ गया.

मैं भी अब उसके कमरे में थी वो लड़का आया और फिर हम दोनों मिलकर उसको सहलाने लगे और चूमने लगे. धीरे धीरे हम तीनो ही नंगे हो गए। और फिर एक एक करके उसका लौड़ा चूसने लगे. वो हम दोनों को चुम्म रहा था दोनों की चूचियों को दबा रहा था। उसको हम दोनों ने पलंग पर लिटा दिया मैं उसके मुँह पर बैठ गई और चूत चटवाने लगी पूजा तब उसका लौड़ा चूस रही थी।

फिर मैं लौड़ा चूसने लगी और पूजा उसके मुँह पर बैठकर अपना चूत चटवाने लगी. अब हम तीनो ही जोश में आ गए। पहले वो मुझे चोदना शुरू किया। फिर पूजा को बारी बारी से हम दोनों चुदवा रहे थे। उसका मोटा लौड़ा जब चूत से अंदर बाहर होता तो वो नजारा मस्त था। हम दोनों ही एक दूसरे की चूचिया और चूत से खेल रहे थे। और फिर हम दोनों एक एक करके चडवाते रहे.

दोस्तों हम तीनो एक तीसरे को खुश कर रहे थे। और चुदाई का खेल रात भर चलता रहा. दोस्तों तीन दिन तक हम दोनों उस लड़के से अपनी वासना की आग को बुझाते रहे। पहली बार मुझे सेक्स में सटिस्फैक्शन मिला था। पूजा का गदराया हुआ बदन और मैं खुद पूजा के बदन से खेलने लगे. फिर तीन दिन बाद माँ आ गई। पर हम दोनों अभी भी लेस्बियन की तरह एक दूसरे को खुश कर रहे हैं। अब जब माँ स्कूल जाती है हम दोनों उस लड़के से चूत को आग शांत करते हैं। और आगे करते भी रहेंगे. आशा करती हु आपको ये कहानी पसंद आई होगी दूसरी कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर जल्द ही लेके आने वाली हूँ.

भाई ने पैर छुआ और मैं बुला ली रात को कैसे हुए ये सब जानिए

भाई बहन सेक्स

” दोस्तों ये कहानी मेरे और मेरे चचेरे भाई के बिच की है कैसे मैं अपना जिस्म खुद उसको दे दी। और चुदवा ली। रात भर मैं उसके प्यार में पागल रही और चुदवाती रही। क्या जादू किया था उसने आप भी जानिए”

दोस्तों, मेरा अनामा शिल्पा है मैं 23 साल की मदमस्त गदराई हुई शादी शुदा बिना बच्चे की हसीना हूँ। आज मैं पुरे मूड में हूँ इसलिए आपको भी अपनी कहानियां सुनाने जा रही हूँ। आज मैं आपको हॉट कर दूंगी सिर्फ अपनी कहानी सूना कर और मैं आशा करती हूँ यादों में मुझे जरूर याद रखेंगे। भले ही आप आज रात के लिए या एक दिन के लिए याद रखने पर जरूर याद रखिये। मैं चाहती हूँ आप जैसे लोग मेरे दीवाने हो जाये। अब मैं आपको अपने बारे में बताती हूँ ताकि आप मुझे याद रख सकतें।

मदमस्त जिस्म की मल्लिका हूँ। उम्र 23 साल, शादीशुदा, बिना बच्चे की, ससुराल में रहती हूँ , 24 साइज की ब्रा पहनती हूँ. पांच फुट पांच इंच की हूँ , गोरी हूँ ,बाल लम्बे लम्बे हैं ,गांड मेरी चौड़ी है, कमर पतली है, जांघें मोटी है, सीना चौड़ी और उसपर दो चूचियां गजब ढाती है मेरे बदन पर। पीछे से गजब की हॉट लगती हूँ। काजल लगाती हूँ लिपस्टिक जरूर लगाती हूँ। नजर कातिलाना है। चूत और कांख की बाल हमेशा साफ़ करती हूँ। रोजाना नहाती हूँ परफ्यूम लगाती हूँ पंद्रह दिन में एक बार ब्यूटी पारलर जाती हैं। नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम की बड़ी फैन हूँ। रोजाना कहानियां पढ़ती हूँ।

मैं जो आपको सेक्स कहानी सुनाने जा रही हूँ। वो ज्यादा पुरानी नहीं है। अभी भी मेरे दिल दिमाग में छाया हुआ है उस रोज की बात इसलिए मैं साफ़ साफ़ लिख पा रही हूँ। दोस्तों ये कहानी मेरे और मेरे चचेरे भाई के बिच की है कैसे मैं अपना जिस्म खुद उसको दे दी। और चुदवा ली। रात भर मैं उसके प्यार में पागल रही और चुदवाती रही। क्या जादू किया था उसने आप भी जानिए।

असल बात है की मैं अपने पति से संतुष्ट नहीं हूँ क्यों की वो गे हैं। उनको महिलाओं में और लड़कियों के ज्यादा इंटरेस्ट नहीं है। वो मर्दों की तलाश में ही रहते हैं जो उनको गांड मारे। मुझे ये सब अच्छा नहीं लगा जब मैं यहाँ आई तो वो बोले देखो मैं शादी नहीं करना चाहता था पर माँ बाप के चलते मैं शादी कर लिया हूँ मैं तुमको शारीरक सुख नहीं दे पाऊंगा इसलिए तुम चाहो तो ज़िंदगी के मजे लो और मेरी बीवी भी बनी रहो। मुझे तो शुरआत में ठीक नहीं लगा पर वो मुझे प्यार भी करते हैं खूब खर्चे करते हैं सभी जगह घुमाते हैं। शॉपिंग कराते हैं इज्जत देते हैं। चाहे इनके घर वाले को या ये हो। बहुत पैसा है फैक्ट्री हैं गाडी है बँगला है सब कुछ है। मुझे लगा की अगर मैं बहार रिश्ते बना लूँ और यही रह कर मजे लूँ तो मुझे ज़िंदगी में सब कुछ मिल जाएगा.

यही सोच कर मैं चुदाई करने वाले को ढूंढने लगी। और तभी चचेरा भाई मेरे हाथ लग गया। एक दिन की बात है वो मेरे ससुराल आया था। क्यों की उसका एग्जाम उसी शहर में था मेरे से वो दो साल का छोटा है। तो घर आकर वो सभी को प्रणाम किया पैर छूकर। वो मेरा भी पैर छूने आया पर उसका मुझे पैर छूना थोड़ा अलग था। वो मेरे पैर को छूते हुए थोड़ा ऊपर तक गया यानी मेरे पैरों को सहला गया दो तीन बार और ऊपर नजर से देख कर मुस्कुरा रहा था। मैं समझ गई ये कुछ और चाह रहा था। मैं बोली क्या चाहिए आशीर्वाद? वो बोला आशीर्वाद से कुछ भी नहीं होता है। आशीर्वाद के अलावा और आपको पास बहुत कुछ है देने को। मैं बोली ठीक है रात को दस बजे मेरे कमरे में आना। फिलहाल तो चाय पीओ.

वो बोला ठीक है दीदी। मेरा घर भी बहुत बड़ा है बड़ी कोठी है गेस्ट रूम अलग है। इसलिए मैं पहले ही बोल दी ताकि रात को मुझे ढूंढना नहीं पड़े. रात को दस बजे जब सब लोग खाना खाकर अपने अपने कमरे में चले गए। मेरे पति देव नौ बजे ही चले गए थे क्यों की वो गोवा जा रहे थे तीन दिन के लिए किसी के साथ। तो वो मेरे कमरे में आ गया। मैं मोबाइल फ़ोन पर नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर एक बहुत ही सेक्सी कहानी क्रिसमस के दिन ससुर जी ने खूब चोदा पढ़ रही थी। कहानी बहुत ही हॉट थी एक औरत कैसे अपने ससुर जी के साथ सेक्स की थी क्रिसमस के दिन। मेरी चूत पहले से ही गीली थी इस कहानी को पढ़कर। मैं अपनी चूचियों को सहला रही थी। चूत में ऊँगली दे रही थी और कहानियां पढ़ रही थी। तभी वो आ गया।

मैं बुलाई और बोली आ जा। वो पूछा जीजाजी कहा गए ? मैं बोल दी गांड मराने और मारने। वो बोला चुप हो जा। मैं बोली सच बोल रही हूँ। तो वो बोला हां बहन बड़े लोगों की बड़ी बड़ी बातें। मैं बोली अब बता तू मुझे सहला क्यों रहा था ? तो वो बोला और क्या करता आपसे जो उम्मीद थी वही मांग रहा था। तो मैं बोली चल पहले दरवाजा बंद कर दे। वो तुरंत ही उठा और दरवाजा बंद कर दिया। मेरे समीप आया तो मैं बोली चल पहले मेरे पैर सहला जितना खुश करेगा मैं भी तुम्हे उतना खुश करुँगी। और मैं नाईटी ऊपर कर दी जांघ तक।

वो मेरे पैरों को दबाने लगा. आँखों में अलग आस लिए वो मुझे निहार रहा था। सेक्सी अंदाज में पर मैं अभी भी कहानियां पढ़ रही थी नॉनवेज स्टोरी पर। वो बोला दीदी अगर थोड़ा तेल दे दो तो मैं पुरे शरीर पर मालिश कर दूँ। फिर क्या था दोस्तों मैं उसको बता दी वह से तेल ले आ. वो तेल लेकर आ गया और पहले वो मेरे हाथ पैर में मालिश किया और बोला और कही? तो मैं बोली पुरे बदन पर के दे। मैं अपने सारे कपडे उतार दी। वो मेरे बदन को देखकर पागल हो गया उसका हाथ थरथराने लगा। वो कांपती हाथों से मेरे बदन पर तेल लगाना शुरू किया। वो मेरी चूचियों पर और मेरी चूत में ज्यादा मालिश कर रहा था। मैं बोला हरामखोर क्यों और तुझे मेरे बदन पर कही और जगह दिखाई नहीं दे रहा है जो मेरी चूचियों पर और मेरी चूत पर मालिश कर रहा है। क्यों मेरी थकन सिर्फ इन्ही दो जगहों पर है।

तो वो बोला उलट जाओ मैं उलट गई अब मेरीगांड पर मालिश करने लगा. अब तो मेरा जिस्म आग में जलने लगा और उसकी जो हालत हो रही थी वो मुझे ही पता है। दोस्तों उसका लौड़ा खड़ा हो गया था उसकी साँसे तेज तेज चल रही थी। वो सिसकारियां ले रहा था अंगड़ाइयां ले रहा था। मैं बोली चल अब मैं ज्यादा परेशां नहीं करुँगी आजा ला अपना लौड़ा। मैं अपने हाथों से उसका लौड़ा पकड़पर चूसने लगी. वो आँखे बंद किये अपना लौड़ा चुसवा रहा था।

तब तक मेरी चूत काफी गीली हो गई थी मैं काफी सेक्सी हो चुकी थी मैंने उसको कहा आज तू खुश कर दे जैसे मुझे चोदना चाहता है वैसे तू मुझे चोद ले। मैं मना नहीं करुँगी। वो पहले मेरी चूचियों पर टूट पड़ा दबाने लगा पिने लगा फिर वो मेरी चूत चाटने लगा।

वो अपना लौड़ा मेरी चूत पर सेट किया और पूरा लौड़ा एक बार में ही घुसा दिया अब वो धक्के देने लगा और मैं निचे से धक्के देने लगी. वो जोर जोर से चोद रहा था और मैं गांड उठा उठा कर चडवा रही थी। दोस्तों कमरे में आह आह आह आह की आवाज आ रही थी पलंग की आवाज मच मच कर रही थी। मैं उसको अपने बाहों में भरी हुई थी कभी जो मेरे होठ को चूसता कभी मेरी चूचियों को चूसता कभी गर्दन पर चूमता कभी वो होठ को। और जोर जोर से धक्के दे रहा था।

मैं गांड उठा उठा कर जोर जोर से आवाज निकाल रही थी। कह रही थी चोद मुझे चोद और वो जोर जोर से घुसा रहा था। दोस्तों करीब एक घंटे बाद वो झडा मैं उसका वीर्य अपने मुँह में ले ली और पि गई और फिर उसका लौड़ा चाटकर साफकर दी। करीब दो घंटे बाद वो फिर से मुझे चोदने लगा। रात भर में करीब तीन बार वो मुझे चोदा। सुबह तक वो मेरे साथ था। फिर वो नहा धोकर चला गया। मैं उसको बोल दी जब भी आएगा यही आ जाना और जितना मर्जी रहना और चोदना। वो बोला ठीक है इस बार मैं साथ दिन तक रहूंगा और जब भी आऊंगा यही रहूंगा.

अब मैं को हॉट किस्म के मर्द का इंतज़ार कर रही हूँ। देखिये कब मिलता है।

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