रात में चीख पड़ी जब भाई ने जोर से लौड़ा घुसाया विर्जिन चूत में

bhai bahan sex story

अठारह साल होते ही मेरा भाई मेरे पीछे पड़ गया और रोज रोज मुझे मनाने लगा की मैं उसको अपनी चुत चुदाई को दूँ। पर ऐसा मौक़ा भी नहीं मिला और जो दूसरी बात थी वो डर था क्यों की मुझे काफी डर लग रहा ता की पहली बार चुदाई करवाते समय कही ज्यादा खून निकल गया तो क्या होगा।

किसी को बता भी नहीं सकती अगर मेरी चूत फट गई तो मैं दर्द को कैसे बर्दाश्त कर पाऊँगी। ये सब सोच कर मैं काफी परेशान रहती थी। फिर भाई ने मुझे नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के बारे में बताया और फिर मैं कई कहानियां पढ़ी तब जाकर मेरे मन से डर निकला और अपने भाई से चुदाई को तैयार हो गई।

दोस्तों जैसा की आपको पता चल गया मेरी उम्र अठारह साल है मेरा नाम पूजा है मेरे भाई का नाम रवि है वो मेरे से दो साल बड़ा है। घर में हम दोनों के अलावा मेरी माँ और पापा हैं वो दोनों डॉक्टर है पर आजकल कोरोना वायरस की वजह से हॉस्पिटल में ही रह रहे हैं उन दोनों की ड्यूटी लगी हुई है।

घर में पापा और माँ में नहीं रहने की वजह से हम दोनों भाई बहन को मौक़ा मिल गया और हद से गुजर गए। और चुदाई कर लिए रात में। शाम को मेरा भाई मेरे आगे पीछे कबूतर की तरह मडरा रहा था की मैं चुम्मा दे दूँ और अपनी चूचियां दबाने दूँ। पर मैं कह रही थी रात को करना जो भी करना होगा क्यों की मुझे शर्म आ रही थी।

पर उसने मेरी चूचियां दबा ही दिया और किश करने लगा। मैं भी अपने आप को रोक नहीं पाई और उसको भी खूब चुम्मा दी और ली वो अपना जीभ मेरे मुँह में दे रहा था और मैं उसके जीभ को चूस रही थी। धीरे धीरे वो मेरी चूचियों को सहलाने लगा और मैं कामुक होने लगी।

वो बार बार मेरी पेंटी खोल रहा था पर मैं मना कर रही थी। क्यों की उसके पास कंडोम नहीं था। और बिना कंडोम के चुदाई मैं नहीं चाहती थी। तभी वो मार्किट चला गया कंडोम लाने और फिर शाम को सात बजे आया।

दोनों घर से बाहर जाकर रेस्टुरेंट में ही खाना खाये फिर करीब नौ बजे आये। फिर हम दोनों शुरू हो गए। वो अपना सारा कपड़ा उतारा और मेरी तरफ टूट पड़ा उसने मुझे पलंग पर लिटा दिया। फिर उसने मेरी सैंडल उतारी, फिर उसने मेरे टॉप्स उतारे फिर मेरी जीन्स को उतार दिया।

अब मैं सिर्फ ब्रा और पेंटी में थी, मेरा भाई मेरा होठ चूस रहा था और हौले हौले से मेरी चूचियां दबा रहा था। मैं इस नए एहसास का मजे ले रही थी। मेरे रोम रोम खड़े हो रहे थे। मैं कामुक फील कर रही थी।

दोस्तों फिर उसने मेरी पेंटी उतार दी और मैंने खुद से ब्रा का हुक खोल दी। वो मेरी चूचियों को पकड़ लिया और जोर जोर से मसलते हुए पिने लगा। निप्पल को दांत से दबा रहा था। मैं आह आह कर रही थी। तभी वो निचे की तरफ हो गया और मेरे दोनों पैरों को अलग अलग करते हुए मेरी चूत को जीभ से चाटने लगा।

दोस्तों अब मेरे होश हवस उड़ गए थे। मेरी चूचियां तन गई थी चूत गीली हो गई थी। उसने मेरी चूत में ऊँगली करने लगा था। ऊँगली से भी दर्द हो रहा था क्यों की इसके पहले कभी मेरी चूत में कुछ भी नहीं गया था।

मैं बोली लाइट बंद कर दो पर वो मना कर रहा था फिर मेरे कहने पर उसने लाइट बंद कर दिया और मैं शांत हो गई चुदने के लिए तैयार थी।

उसने मेरी चूत पर लंड रखा और जोर से घुसा दिया मैं कराहने लगी अँधेरे में मेरा भाई मेरी चूत फाड़ चुका था। चूत से खून निकल रहा था।

फिर उसने मेरी चूचियों को सहलाया और फिर से वो मेरी चूत में लौड़ा डालने लगा। धीरे धीरे करके वो पूरा लौड़ा मेरी चूत में घुसा दिया और फिर यहाँ से शुरू हो गया भाई बहन की चुदाई (Bhai Bahan Ki Chudai Story) अब वो जोर जोर से चोदने लगा।

हम दोनों ने पूरी रात चुदाई की अलग अलग तरीके से। खूब मजे ली अठारह साल की जवानी का। मजे किये खूब मैंने पर दुसरा दिन मेरे लिए ठीक नहीं था क्यों की मैं चल नहीं पा रही थी। चूत दर्द कर रहा था।

आपको ये मेरी भाई बहन की चुदाई की कहानी कैसी लगी जरूर बताएं। तब तक के लिए धन्यवाद।

लंड की प्यासी दीदी को उनके बर्थडे पर अच्छे से चोद डाला

Bhai Behan Sex Story : हाय फ्रेंड्स, आप लोगो का नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम में स्वागत है। मैं रोज ही इसकी सेक्सी स्टोरीज पढ़ता हूँ और आनन्द लेता हूँ। आप लोगो को भी यहाँ की सेक्सी और रसीली स्टोरीज पढने को बोलूंगा। मेरा नाम गोविन्द खंडेलवाल है। आज फर्स्ट टाइम आप लोगो को अपनी कामुक स्टोरी सुना रहा हूँ। कई दिन से मैं लिखने की सोच रहा था। अगर मेरे से कोई गलती हो तो माफ़ कर देना।
मैं अभी 21 साल का हुआ हूँ। देखने में बहुत ही खूबसूरत लगता हूँ। मेरे मोहल्ले की सारी लडकियां मरती हैं मुझ पर। लेकिन मैं भी किसी को लिफ्ट नहीं देता। मेरे एटीट्यूड को देख कर अच्छे अच्छे घर की लडकियां भी फ़िदा हो जाती हैं। लेकिन सच तो ये था कि किसी भी लड़की से बोलने से हमे डर लगता था। इसीलिए मैं कभी किसी को गर्लफ्रेंड नहीं बना पाया। एक लड़की से इंटर में पहुचते पहुचते आँख मटक्का भी किया। तो उसका बाप उसे लेकर कही और ही चला गया। उसकी चूंचियो को मैं आज तक नही भूल पाया। मेरे नसीब में लग रहा था चूत की एक भी झलक ही नहीं लिखी है। लेकिन क्या पता था कि मुझे मेरे घर में ही चूत मिल सकती है। वो भी दीदी जैसी खूबसूरत लड़की की।
फ्रेंड्स बात कुछ ही दिन पहले की की है। जब मैंने अपनी दीदी से चुदाई करना सीखा। उनका नाम चारू है। वो बहुत ही हॉट और सेक्सी लगती है। उनके कसमसाती बदन को देखने में बहुत ही आनंद मिलता है। मै भी उनको खूब ताड़ता था। लेकिन मैंने अभी तक उनको चोदने की नजर से नहीं देखा था। मै और दीदी सभी लोग साथ में हाल में आ गए। कुछ मेहमान भी आये थे। दीदी ने बहुत ही जबरदस्त कपड़ा पहना था। आज उनका बर्थडे था। उनकी ब्रा की पट्टियां अच्छे से साफ़ साफ़ गुलाबी रंग की दिख रही थी। लेकिन मुझे क्या पता था की आज इन्हें छूने का अवसर भी मिलेगा। मैने भले ही किसी को अभी तक चोदा न था लेकिन चोदने की तड़प मुझमे कूट कूट कर भरी हुई थी।
मेरा सिकुड़ा लंड बड़ा होने लगा। मुझसे अब रुका नहीं जा रहा था। मेरा लंड पैंट को फाड़कर बाहर आने को मचलने लगा। मेरी दीदी ये सब शायद देख रही थी। मैं वहाँ से किसी तरह से भाग कर बाथरूम में आया। 10 मिनट तक हाथ से काम चलाने के बाद मेरा माल निकल आया। सब माल निकाल कर थोड़ा रिलैक्स फील क़िया। उसके बाद मैंने पैंट पहना और फिर से सबके साथ चला आया। अब मेरा लंड सिकुड़ चुका था। दीदी ने केक काटा। सभी लोग तालियां बजा कर हैप्पी बर्थडे टू यू……. कहने लगे। उसके बाद सब लोग खाना खाकर मजे से बात कर रहे थे। रात काफी हो चुकी थी। पडोसी और सारे मेहमान अपने अपने घर चले गए। घर पर मम्मी पापा ही थे। वो लोग भी थक कर कुछ ही देर में सो गये। मुझे और दीदी को नींद ही नहीं आ रही थीं। हम दोनों लोग आज भी एक ही रूम में सोते थे। मेरी दीदी बहुत गोरी और सेक्सी लड़की थी। उनका बदन भरा हुआ और गदरया सेक्सी बदन था। कोई भी मेरी दीदी को देखक सेंटी हो जाता, वो इतनी सुंदर थी।
दीदी- “गोबिंद तुम्हे नींद आ रही है??”
मै- “नहीं दीदी मुझे नहीं आ रही। आपको??”
दीदी- “मुझे भी नहीं आ रही है यार”
मैं- “दीदी चलो हम सब बात करते हैं”
दीदी का बिस्तर मेरे बिस्तर से दूर था।
दीदी- “तेज बोलोगे तो आवाज होगी। तुम मेरे बेड पर ही आ जाओ”
मै- “ओके दीदी”
दीदी- “और बताओ आज पार्टी में मजा आया??”
मै- “बहुत मजा आया। वो आपकी दोस्त लोग बहुत अच्छी थी”
दीदी- “क्यों मै अच्छी नही लगती क्या”
मैं- “अपनी तो बात ही न किया करो। आपसे भी कोई अच्छा हो सकता है क्या??? आप तो करोडो में एक हो” ऐसा मैंने उनकी गुलाबी रंग की ब्रा की तरफ देखते हुए कहा।
दीदी- “तुम्हारी नजर कहाँ है??”
मै- “कही नहीं। मैं तो दीवाल को देख रहा था” मुझे डर लगने लगा।
दीदी- “गोबिंद मेरी पीठ में खुजली हो रही है”
मै- “दीदी मै खुजला देता हूँ”
दीदी अपनी मेरी तरफ अपनी पीठ करके लेट गई। मै खुजलाने लगा। उनकी ब्रा की पट्टियां मेरे हाथों में लग रही थी। मेरा लंड तो रॉकेट की तरह खड़ा होने लगा। मै बहुत ही बेचैन होने लगा। हुक सहित मै पूरे ब्रा की पट्टियों पर हाथ फिराने लगा। वो मुझे देख कर हँसने लगी। मै “क्या बात है दीदी”
दीदी- “देख लो मेरी पीठ पर लाल लाल तो नही हुआ है कुछ। मुझे अब भी खुजली हो रही है”
मै- “नहीं दीदी आप जाकर शीशे में देख लो”
दीदी- “देख लो यार आज मुझे मना न करो मेरा बर्थडे है”
इतना कहकर उन्होंने अपनी नेट वाली टी शर्ट को उठाकर गले पर कर लिया। मुझे सब कुछ साफ़ साफ़ दिख रहा था। उनका मुह टी शर्ट से ढका हुआ था। मैंने उनके गोरी गोरी चूंचियों को देखने लगा। आगे की चूंचियो को देखकर मैं पीछे की खुजली की बात करने लगा। उनकी गोरी चूंचियो को देखकर मैंने कहा- “दीदी सब नार्मल है। कही एक भी दाग नहीं नजर आ रहा” दिल तो कर रहा था अभी इन खरबूजों को काटकर खा जाऊं। मेरी नजर ही वहाँ से नहीं हट रही थी। दीदी ने अपने टी शर्ट को मुह से हटाया तो मुझे चुच्चो को ताड़ते हुए देख ली। मैंने कहा- “दीदी मै अभी इधर एक कीड़े को जाते देखा था। पता नही कहाँ गायब हो गया”
दीदी ने कहा- “मुझे इस टी शर्ट में खुजली हो रही है। मैं इसे निकाल देती हूँ”
इतना कहकर उन्होंने निकाल कर चादर ओढ़ ली। मुझे भी ठण्ड लगने लगी। मैंने कहा- “दीदी मै जा रहा हूँ अपने बिस्तर पर मुझे ठण्ड लग रही है”
उन्होंने चादर उठाते हुए मुझे ढका और चिपकाने लगी। मेरे सीने में उनकी 34″ की चूंचिया लग रही थी। मैं कण्ट्रोल नहीं कर पा रहा था। उनकी चूंचियो को दबाने का जी करने लगा।
दीदी- “तुम अपनी किसी गर्लफ्रेंड को नहीं बुलाये थे मेरे बर्थडे पार्टी में”
मै- “कोई होगा तभी तो बुलाऊंगा। जब कोई है ही नहीं तो किसको बुला लूं”
दीदी- “हमसे झूठ बोल रहे हो तुम??”
मै- “नहीं दीदी मै झूठ नहीं बोल रहा। आपकी कसम!!”
दीदी- “तुम इतने बड़े हो गए। और तुम्हे ये सब प्यार मुहब्बत वाली ए बी सी डी नहीं पता”
मै- “नही मुझे नहीं पता”
दीदी ने मेरी तफरी लेनी शुरु कर दी। मुझसे पता नहीं क्या क्या कहकर मजाक करने लगी। मै भी चुपचाप सब सुनता रहा। उन्होंने कुछ देर बाद हँसना बंद किया तो मैंने कहा- “इतना भी नहीं है कि मैं कुछ नही जानता। मैंने अभी तक कुछ किया नहीं है। लेकिन मुझे सबकुछ पता है”
दीदी- “तू भी ब्लू फिल्म देखता है”
मै- “हाँ देखता हूँ तुम्हारे ही फ़ोन से”
दीदी चौंक गई। सच फ्रेंड्स मुझे इसका कोई पता नहीं था कि वो भी देखती हैं। मैंने भी ऐसे तैसे अपनी सारी बात कह डाली।
दीदी कहने लगी। आज बर्थडे के मौके पर एक शो सनी लिओन का देख ही लेते है। मैंने भी हाँ में हाँ मिला दी। दीदी ने अपना लैपटॉप उठाया और एक इयरफोन लगाकर देखने लगी। मैं भी एक इयरफोन लगाकर आवाज सुन रहा था। दीदी देख देख कर गरम होने लगी। कंधे पर रखे अपने हाथों से मुझे दबाने लगी। मै भी मौक़ा नहीं गवाना चाहता था। आज मैं अपने अंदर के भड़ास को निकालना चाहता था। मैंने भी हिम्मत करके उनकी जांघ पर अपना हाथ रख दिया। मेरा भी अब मन चोदने को करने लगा। इतने में सनी की चुदाई ख़त्म हो गईं। दीदी ने कहा- “एक और देखते है” ऐसे कर करके हमने दो तीन ब्लू फिल्म देखी।
मैने पैंट में हाथ डालकर लंड के टोपे को छुआ। मुझे कुछ चिपचिपा लगा। मेरा लंड अपना थोड़ा सा माल निकाल चुका था। मै दीदी की तरफ देखकर मुस्कुराने लगा। वो अपना चुदासी मुह बनाये मुझसे कहने लगी- “चलो हम लोग भी ऐसे ही करते हैं” दीदी की बाते सुनकर मैं दंग रह गया। मेरे दिल की बात बोल डाली उन्होंने। मैं भी सीधा बनने का नाटक किया।
मै- ” मै आपको कैसे चोद सकता हूँ। तुम मेरी बड़ी बहन हो”
दीदी- “मुझे पता है तुम मेरे सगे भाई हो। लेकिन चुदाई करने से कुछ हो थोड़ी न जायेगा”
मैं- “मम्मी जान गई तो हम दोनों लोग घर से भगा दिए जाएंगे”
दीदी ने जाकर दरवाजा बंद कर दिया। वापस आकर कहने लगी- “अब कोई नहीं जान पायेगा। आज मुझे तुम अपना लंड बर्थडे गिफ्ट समझ कर दे दो”
मै ना ना कर ही रहा था कि सनी लिओन की तरह वो हवस की पुजारन बनकर मेरे लंड पर अपना हाथ रख दी। वो कहने लगी- “भैया जी आज तुम मेरे सैयां जी बन जाओ। आज मुझे किसी चीज के लिए ना मत करना”
मैंने कहा- “ठीक है मेरी प्यारी बहना आज तेरा ये भाई भी देख तेरी हर तरह की ख्वाहिश कैसे पूरी करता है” इतना कहकर मैंने अपना पैंट निकाल दिया। अब मेरा डिक्सी सकॉट का अंडरबियर को फैलाये मेरा लंड रॉकेट की तरह उड़ने को तैयार था। वो मेरे कच्छे में ही मेरा लंड पकड़कर साइज़ नापने लगी। दीदी- वाओ… कितना बड़ा और मोटा है”
मै-” दीदी अभी तो ये और बड़ा होगा”
दीदी को मेरा लंड देखने की बहुत ही बेचैनी होने लगी। उन्होंने एक झटके में मेरा कच्छा मेरे लंड से जुदा कर दिया। मेरा लंड देख कर उनकी आँखे फ़टी की फटी रह गई। वो अपने मुह पर हाथ लगाकर जोर से सांस ली। फिर हाथ लगाकर मेरा लंड सहलाने लगी। लंड के टोपे का ख़ाल सरक कर नीचे आ गयी। गुलाबी होंठो से मेरे गुलाबी टोपे को चूसने लगी। मै लेट कर अपना कमर उठा उठा कर चुसवाने लगा। वो पूरा टोपा मुह में लेकर चूस रही थी। मैंने उनके बालो को पकड कर पूरा लंड उनके मुह में घुसा दिया। मेरा लंड उनके गले में जाकर फस गया। कुछ ही देर में दीदी की साँसे फूलने लगी। वो मुझे विनती भरी आँखों से देख रही थी। नाखूनों को मेरी गांड में गड़ा रही थी। मैंने उचक कर उनके मुह से अपना लंड निकाल लिया। दीदी ने चैन से सांस ली।
वो मेरे गांड पर मार कर बुरा भला कहने लगी। मैनें उनके होंठो पर अपने लंड को रख कर उनका मुह बंद करवा दिया। इमरान हाशमी की तरह मै जोर का किस करने लगा। दीदी को भी आज अपने भाई पर नाज करवा दिया। लगातार मैंने उनके होंठो की 10 मिनट तक चुसाई कर लाल लाल कर दिया। दोनों चुच्चो को देखकर मुझसे रहा नहीं गया। मैंने दोनों दूध को एक एक हाथो में पकड़ कर दबाने लगा। वो गर्म होने लगी। वो “……अई…अई….अई……अई….इस स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की सिसकारी भरने लगी। मैंने ब्रा को निकाल कर दोनों लटकते नींबुओं को चूसने लगा। गोरी गोरी चूंचियो पर काले रंग का निप्पल बहुत ही रोमांचक लग रहा था। वो भी बहुत खुश हों रही थी। मुझे अपने मजेदार चूंचियो में दबाकर बहुत ही मजे से उसका रसपान करवा रही थी। मै निप्पलों काट काट कर उनकी चीखे निकलवा रहा था। वो जोर जोर से “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की मनमोहक आवाज निकाल मुझे पागल कर रही थी।
मैंने कहा- “दीदी अब अपने कुएं का दर्शन करा दो”
दीदी- “आओ मेरे कुएं के महाराज मै तुम्हे दर्शन के साथ साथ उसका पानी भी पिलाती हूँ”
इतना कहकर वो अपनी जीन्स को निकाल कर पैंटी में हो गई। मुझे उनकी निकली सफ़ेद सफ़ेद गोरी गांड साफ़ साफ़ पैंटी में दिख रही थी। दीदी ने अपनी पैंटी को निकाल कर नंगी हो गई। मैंने उनको लिटा दिया। दोनों टांगो को खोलकर मैंने उनकी चूत के दर्शन किया। मैंने जिंदगी में पहली बार आज चूत का साक्षात् दर्शन कर रहा था। मैंने ब्लू फिल्मो के पोर्न स्टारों की तरह चूत पर जीभ लगाकर पीना शुरू किया। दीदी बहुत ही गर्म हो गई। कुछ ही देर में वो कहने लगी- “गोबिंद बाबू अब न तड़पाओ मेरी चूत मे अपना लंड भर दो”
मैंने सेक्स स्टोरी में पढ़ा था कि तड़पा कर चोदने में बहुत मजा आता है। मैं भी वैसा ही कर रहा था। मैंने उनकी बात मान ली। अपना लंड उनकी चूत पर रगड़ने लगा। चूत पर रगड़ते ही वो और तड़पने लगी। मेरा लंड पकड़ कर वो अपनी चूत में घुसाने लगी। मैंने भी धक्का मार ही दिया। मेरा टोपा अंदर घुस गया। वो जोर जोर से “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की चीखे निकालने लगी। मैंने उनका मुह दबाकर आवाज दबा दिया। उसके बाद मैंने जोर का धक्का मार कर पूरा लंड घुसा दिया। वो दर्द से तड़पने लगी। मैंने चुदाई करना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में उनकी आवाजे धीमी होने लगी। मैंने अपना हाथ उनके मुह से हटा लिया। वो भी अपनी चूत को उठा दी। दीदी सनी लियॉन की तरह ओह्ह…फ़क..फ़क मी…. ओह्ह माई गॉड फ़क… की आवाजे निकाल कर चुदवा रही थी। मैंने भी चुदाई तेज कर दी। दीदी कहने लगी- “तेरा लंड तो बहुत मजा दे रहा है। और जोर से चोदो मुझे बहुत मजा आ रहा था”
मैंने कहा- “मै थक गया हूँ। अब तुम ही चुदाई करो”
इतना कहकर मै लेट गया। वो मेरे लंड पर चूत रख कर बैठ गई। पूरा लंड चूत में घुसाकर वो जोर जोर से उछल उछल कर चुदवाने लगी। मै भी अपना लंड उठा उठा कर पेल रहा था। घच पच घच्च पच्च की आवाज के साथ वो चुदाई करने में मस्त थी। आवाजों को सुनने के लिए वो जल्दी जल्दी उछल कर चुदवा रही थी। मेरा लंड बहुत ही अकड़ रहा था। मैंने अब एकाग्रचित होकर चुदाई करने के लिए उनको झुका दिया। मैंने अपना लंड उनकी चूत में घुसाकर कमर पकड़ लिया। उसी के सहारे से पूरा लंड जड़ तक पेलने लगा। वो “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की चीखों के साथ चुद रही थी। दीदी के कुएं में से पानी आ गया। लंड को निकालते ही झरने की तरह सफेद दूधिया माल निकलने लगा। मैं सारा का सारा माल चाट कर पी लिया। माल की खुशबू मुझे बहुत अच्छी लगी। मैंने दीदी की गांड मारने के लिए अपना लंड छेद पर लगा दिया। लंड को डालते ही उनकी गांड फट गई। वो फिर से जोर जोर चिल्लाने लगी।
उनकी गांड बहुत ही टाइट थी। मेरा लंड चोदने में बहुत ही रगड़ खा रहा था। मै उनकी गांड को फाड़ता हुआ तेज तेज से चुदाई कर रहा था। वो “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाज के साथ गांड हिला हिला कर चुदाई करवाने लगी। मेरा लंड अब और भी ज्यादा टाइट होने लगा। दीदी की चूत पर मेरे लंड की दोनों गोलियां बहुत ही तेजी से लड़ रही थी। मैंने दीदी से कहा- “दीदी मै झड़ने वाला हूँ। कहाँ गिराऊं अपना माल”
दीदी- “मेरी गांड में ही भर दो सारा माल”
मैंने भी अपना चासनी उनकी गांड में भर दी। दीदी की गांड मेरे लंड के गरमा गरम माल से भर गयी। लंड को निकलते ही टप टप करके वीर्य गांड से टपकने लगा। साफ़ कपडे से अपनी गांड पोंछकर उन्होंने साफ़ कर लिया। एक रात चुदाई करके अपने लंड का गुलाम बना दिया। अब वो रोज मेरा लंड खाने को बेकरार रहती है। हम लोग खूब मजा करते है।
आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज के लिए नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पढ़ते रहना। आप स्टोरी को शेयर भी करना।

भाभी समझ कर मुझे चोद दिया मेरा भाई और मैं भी खूब चुदवाई भैया से

मेरा नाम विनीता है, आज मैं आपको अपनी एक बड़ी ही हॉट चुदाई की कहानी सूना रही हु, ये चुदाई की कहानी मेरे और मेरे बड़े भैया रणवीर के बारे में है, आप को मेरी ये कहानी बहूत ही ज्यादा हॉट लगेगी, क्यों की आज भी वो दिन जब याद करती हु, तभी मेरी चूत गीली हो जाती है. और अपनी चूचियां खुद ही अपने हाथों से मसलने लगती हु, आज मैं कोशिश करुँगी जो उस रात को हुआ था मैं हु बहु आपको बता दू. दोस्तों मैं नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के बहूत ही बड़ी फैन हु, आपको खुद ही देख लीजिये आपको इस वेबसाइट जैसी हॉट कहानियां कहीं नहीं मिलेगी. मैं तो इस वेबसाइट की कहानी पढ़ पढ़ कर मैं अपनी चूचियां खूब दबाती हु और अपने चूत में ऊँगली करती हु, अब मैं आपका समय बर्बाद नहीं करुँगी.

मैं 21 साल की हु, मैं कानपूर की रहने बाली हु, मेरे भैया जो मेरे से सिर्फ एक साल बड़े है, ये कहानी जुलाई की है. मेरी शादी 12 जून को हुई थी. और 2 जुलाई को मेरे भैया की शादी हुई, मैं अपने ससुराल से वापस आ गई थी क्यों की भैया की जो शादी होनी थी. दोस्तों पर मेरे चूत को लंड की आदत हो गई थी क्यों की शादी के बाद थोड़े दिनों तक ही ससुराल में रही थी, तो खूब चुदी थी, पर जब मैं अपने मायके आई तो मुझे अपने पति का लंड याद आने लगा था. भैया के शादी में मेरे पति भी आये थे पर वो दो दिन में ही चले गए और मैं थोड़े दिन के लिए और रह गई थी. भैया की शादी के चार दिन बाद की ये कहानी है. माँ और पापा दोनों मन्नत मांगे थे की दोनों बच्चों की शादी करने के बाद हरिद्वार जाना था. और वो दोनों चले गए.

घर में मैं और नई नवेली भाभी और भैया थे, मैं तो दिन रात सजी संवरी रहती थी क्यों की मेरी भी शादी हुई थी, हम दोनों ननद भाभी एक दूसरे का लाल लाल कपडे चूड़ियां, शेयर करते थे, और खूब खुश रहते थे, एक दिन की बात है हम दोनों ननद और भाभी ही घर पर थे, क्यों की भैया की जिगरी दोस्त की शादी थी इसलिए वो बरात चले गए थे, वो लेट नाईट वापस आते, तो मैं और भाभी दोनों एक ही बेड पर सो गए थे, रात को लाइट चली गई थी, गर्मी का दिन था, पंखा भी बंद हो गया था, भाभी ज्यादा कोमल है, क्यों की वो दिल्ली की रहने बाली है. वो हमेशा एयर कंडीशनर में रहने बाली है, यहाँ पंखा भी चलना बंद हो गया था. इसलिए वो इधर उधर घूमने लगी. और मेरी नींद कब लग गई पता ही नहीं चला.

अचानक मेरे होठ को किसी ने जोर से चूमने लगा. और मेरी चूचियों को दबाने लगा. मैंने देखा तो भैया थे, उनके मुह से शराब की बदबू आ रही थी, मैंने कुछ बोलना चाही पर उन्होंने मेरा मुह दबा दिया, जोर से और बोले की विनीता सुन लेगी. मैं समझ गई को वो भाभी समझ कर मेरी चूचियों को दबा रहे थे और किश कर रहे थे, असल में हम दोनों दुल्हन की तरह ही थे लाल लाल साडी में ऊपर से बिजली नहीं थी. इसवजह से वो मुझे पहचान नहीं पाए. और वो मेरे ब्लाउज के हुक को खोल दिए और मेरी चूचियों को दबाने लगे. मैंने कहा ये क्या कर रहे हो, आपने शराब पिया है. उन्होंने मेरा मुह फिर से दबा दिया, वो काफी ज्यादा नशा में थे. वो काफी मजबूत है इसलिए मैं उनको रोक नहीं पाई.

और देखते ही देखते उन्होंने मेरी साडी ऊपर कर दी और पेंटी उतार दी, अब दोस्तों सच बताऊँ मुझे भी अच्छा लगने लगा. क्यों की मैं खुद भी लंड की प्यासी थी. मैं चुचाप हो गई. और उन्होंने अपना लंड निकाला और मेरी चूत के ऊपर रखा और जोर से पेल दिए. मैं छटपटा गई. क्यों की भैया का लंड मेरे पति के लंड से ज्यादा मोटा और लंबा महसूस हो रहा था. मेरे मुह से चीख निकल गई. उन्होंने फिर से मेरे मुह को बंद कर दिया और बोले साली तुमको समझ नहीं आ रहा था. मेरी बहन को पता चल जायेगा. वो आँगन में सोई हुई है. मैंने समझ गई की भाभी आँगन में सोई है. लाइट जाने की वजह से. मैं चुपचाप हो गई. और लंड का मजा लेने लगी.

मैंने अपना ब्रा का हुक खोल दिया, और मैंने अपनी चूचियां अपने भाई के मुह से लगा दी. वो मेरी चूचियों को अपनी दांतो से काट रहे थे. और मसल रहे थे. मैं सातवे आसमान में थी. मेरे शरीर का रोम रोम खड़ा हो गया था. मैं अपने आप को भाई के हवाले कर चुकी थी. और चुदाई का मजा ले रही थी. भैया जोर जोर से धक्का लगा रहे थे. मैं भी अपना गांड उठा उठा कर लंड पेलवा रही थी. मेरी चूत काफी गीली हो गई थी. चूचियां तन गई थी. मैंने अपने भाई को बाहों में भर लिया, और अपने पैरो से लपेट ली. मेरा भाई नशे में होने के कारण वो समझ ही नहीं पा रहा था की आज उसकी बहन चुद रही थी. भाभी तो गांड फाड़ कर आँगन में सो रही थी. उसके बाद वो गालियां दे दे के चोद रहे थे.

दोस्तों क्या बताऊँ पति से ज्यादा खुश भैया कर रहे थे. उनका गठीला बदन लंबा लौड़ा, मोटा लौड़ा और वो जोर जोर से चोदना नशे की हालत में. करीब २० मिनट की चुदाई मुझे खुश कर दिया. और वो झड़ गए. और झड़ते ही तुरंत ही सो गए. मैंने अपने कपडे ठीक की ब्रा पहनी, ब्लाउज पहनी, तब तक भैया खराटे लगाने लगे. मैं उठी और आँगन में जाके भाभी को उठाई, बोली की भैया आ गए है. वो जाकर भैया के साथ सो गई. और मैं वही आँगन में लेट गई. नींद जब खुली तो सुबह हो चुकी थी. भैया को आजतक पता नहीं चला की वो रात भाबी को नहीं अपने बहन यानी की मुझे चोदा था. दोस्तों आशा करती हु की मैं टूटी फूटी शब्दों में अपनी बात को नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे रख पाई हु, आपका बहूत बहूत धन्यवाद मेरी कहानी पढ़ें के लिए.

भाई ने चोदा कामसूत्र मूवी दिखाके खूब चुदी उस रात को

मेरा नाम गौरी है. मैं फाइनल एअर की स्टूडेंट हूँ. मेरा भाई भारतिया सेना मे है. वो काफ़ी सुंदर और बॉडी बिल्डर है. आज जो मैं बात आपसे शेयर कर रही हू वो 100 प्रतिशत सच्ची है, क्यों की मैं खुद अपनी बीती बात को आपसे शेर कर रही हू, क्यों की मैं देखा है नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे सब लोग अपना अपना अनुभव शेयर करते है, तो मैंने सोचा क्यों ना मैं अपनी बात शेयर करूंग जो मेरे और मेरे भाई के बीच में हुआ है. जब मैं मजा ले रही हु दूसरे की कहानी को पढ़कर तो क्यों ना मैं भी अपनी कहानी शेयर करूँ.

अब मैं आप लोगो को अपने बारे मे बताती हूँ. मैं ब्राह्मण परिवार से होने के कारण मेरा रंग गोरा होना स्वाभाविक है पर मैं कुछ ज़्यादा गोरी हूँ. मेरी साइज़ 38 30 38 है. दिखने मे मैं मस्त हूँ. कोई भी मुझे अगर आगे से देखता है वो पीछे से भी जरूर मुड़कर देखता है, आगे से सबकी नज़र मेरी चुचिओं की उभार पर होता है और पीछे वो मेरी मस्त मस्त चूतड़ को हिलते हुए देखता है.

मैं अपने भाई के बारे मे पहले ही आपको बता दिया है की वो इंडियन आर्मी मे है और वो साल दो साल मे छुट्टियों मे घर आया करता था. उसके आते ही गलियों की लड़कियों का हमारे घर आना जाना बहुत बढ़ जाता था.कुछ लड़कियों तो मुझे भी परेशन कर दिया था कहकर की अपने भाई को मेरे लिए पता दे ना. कितनो ने तो ये भी कहा था की एक बार तेरे भाई के हथियार(पेनिस) से मेरा गड्ढा भर जाए तो मे दुनिया की सबसे ख़ुसनसीब लड़की हूँगी.पर इतनी बातों से मेरे मॅन मे मेरे भाई के लिए बुरे ख़याल नही आए थे.

मुझे सेक्स मे इतनी ज़्यादा रूचि तो नही थी पर लड़कों के साथ घूमने मे मुझे बड़ा मज़ा आता था.मेरा सपना था की मैं किसी बॉडी बिल्डर, खूबसूरत लड़के के साथ लॉन्ग ड्राइव पे जाऊ, और लोगो को दिखा साकु. पर ना तो मेरा कोई बॉयफ्रेंड था ना कोई ऐसा दोस्त जो मेरी ये खाविश पूरी करे.

एक बार मैने अपने भाई से कहा की मुझे घर बैठे आलस आ रही है, कुछ दीनो के लिए कहीं घूमने जाना चाहती हूँ, पर मम्मी पापा के साथ नही, तो भाई ने मज़ाक करते हुए कहा की अपने बॉय फ्रेंड के साथ चली जा.( हम दोनो मे ऐसी बातें चलती रहती थी). तो मैने कहा की मेरा कोई बाय्फ्रेंड नही है भैया. तो उसने बड़े प्यार से कहा “तो बना ले पगली”
भाई के इस रिप्लाइ से मे थोड़ी शॉक हो गई पर बात फिर नॉर्मल हो गई और उसने प्रॉमिस किया की वो जब घर आएगा छुटियों मे,तब मुझे कहीं घूमने ले जाएगा.मैं बहुत खुस हो गई और भाई के घर आने का इंतज़ार करने लगी.

दो महीने बाद मेरा भाई गोपाल छुट्टियों मे घर आया.घर के सभी लोग उसे मिलकर बहुत खुस हुए. मैं तो उसे देख कर हैरान हो गई. उसकी बॉडी सेम तो सेम जॉन अब्राहम के जैसी हो गई थी.

फिर हम गले मिले, उसने मुझे एक प्यारा सा गिफ्ट भी दिया. रात को सब खाना खाकर अपने अपने कमरे मे चले गये और मे अपने भाई के कमरे मे जाने लगी. रात के करीब 10 बजे होंगे, मैं जैसे ही दरवाजे के पास पहुचि, मैने देखा की दरवाजा खुला था और भाई कपड़े बदल रहे थे और फोन पर बात भी कर रहे थे.

भाई- यार यहा आए एक दिन भी नही हुआ की मैं तो अभी बोर हो गया हूँ. अब घर पर लगता है रहा ना जाएगा.

(फिर फोन पे सामने बाले की बात सुना)

भाई- अरे नही यार चूत तो यहाँ भी मिल जाएग्गी,पर तुम लोगों के साथ ग्रूप मे चोदना कुछ अलग ही मज़ा है.

मैं ये सुन कर दंग रह गई और थोड़ी हॉर्नी भी हो गई. इसका मतलब भाई आर्मी कॅंप मे अपने दोस्तों के साथ मिलकर किसी को चोदता है. इतने मे उसने अपना अंडरवियर खोला और टवल कमर मे लपेट कर बातरूम की और बढ़ा. उईईई माआअ क्या था वो?????

मेरे भाई का औजार!!!इतना मोटा और लंबा!! मैं बहुत डर गई और तुरंत अपने कमरे मे चली आई.उस नज़ारे को मे पूरी रात भुला ना पाई और सुबह होते होते मुझे नींद आ गई.सुबह मे जब उठी तो भाई मेरे बगल मे बैठे थे.उन्होने कहा की मम्मी पापा कहीं जा रहे हैं ,तुम उनसे मिल आओ बाहर.

मैं तुरंत बाहर आई तो मम्मी पापा कार पर बैठ चुके थे.मैने पूछा की कहाँ जा रहे हो इतनी सुबह सुबह तो पता चला की पापा मम्मी को आँख के ऑपरेशन के लिए दिल्ली जा रहे हैं और शायद एक दो हफ्ते मे वापद आएँगे.मम्मी पापा ने कहा की हमारे आने तक तुम्हारा भाई तुम्हारा ख़याल रखेगा.

पहले मुझे बहुत गुस्सा आया की मम्मी पापा मुझे अकेले छोड़ के जारहे है पर मारे मान मे जैसे ही कल रात वाली बात याद आई, मे मॅन ही मॅन खुस होने लगी.उस समय तक मे खुद समझ नही पाई थी की मेरे भाई का लंड मुझे भा गया.मम्मी पापा के जाने के बाद मे घर के अंदर आई और नहाने चली गई.फिर मैने नास्ता तैयार किया और हम दोनो बातें करते करते नाश्ता करने लगे.

मे- भैया म्‍म्मी पापा तो चले गये!!! अब तुम मुझे घूमने कब ले जाओगे?

भाई-तो क्या हुआ? हम दोनो को ही जाना है ना घूमने?छसले जाएँगे . एक दो दिन रुक जाओ ,मे कल ही आया हूँ ,तोड़ा आराम कर लू.

मे- भैया !! आपका मॅन तो लग रहा है ना यहाँ?

भाई-अपने घर मे किसका मॅन नही लगता पगली??

मे- नही..यहाँ आप के दोस्त नही हैं ना कोई इसलिए पूछी.

भाई-तुम हो ना मेरी प्यारी सी दोस्त.

मे – वैसे भैया ! मोहल्ले की आधी लड़कियाँ आपसे दोस्ती करना चाहती है.आप किसी को आप्बी दोस्त क्यूँ नही बना लेते..दोस्ती के बाद गफ़ भी बन जाएगी और उसके बाद ससयद आपको बीबी और मुझे भाबी भी मिल जाए.

भाई- इस मोहल्ले की कोई लड़की पसंद नही है मुझे.किसी की नाक टेढ़ी. .किसी की आँखे डरावनी ,कोई कोयले जैसी काली है और कोई भैंस जैसी मोटी.मेरी पसंद ऐसी नही है.

मे- तो आपको केसी पसंद है मेरे प्यारे भैया?

भाई- तुम्हारे जैसी (कहकर तोड़ा मुस्कुरा दिए)

(उनकी इश्स बात से मे तोड़ा सहम गई)फिर थोड़े सेक्सी अंदाज़ मे पूछा..

मे- मुझमे ऐसा क्या है भैया जो उन लड़कियों मे नही??? हां हां बताओ ज़रा.

भाई- अरे तू मेरी बेहन है.तुझे नही बता सकता ऐसी बातें.मेरी गफ़ या दोस्त होती तो बता देता.तू पूछ ना अपने बॉय फ्रेंड से की लड़कों को लड़कियों मे क्या अच्छा लगता है?

मे- मे जानती हूँ भैया की आपको क्या पसंद है.और मे ऐसी लड़की आपके लिए ढूंड निकालूंगी.

(ऐसा कहते हुए मे अपने रूम मे चली गई) थोड़ी देर बाद जब मे वापस डाइनिंग रूम मे आई तो भैया वहाँ नही थे. मैं सीधे उनके रूम की तरफ चली गई और दरवाजे के पास पहुँचे पहुँचते थोड़ी धीरे हो गई. मैने देखा दरवाजा अंदर से बंद था.पर डोर के होल से अंदर का नज़ारा सॉफ दिखाई पड़ता था और वहाँ की लाइट भी ओं थी.

मे ये देख कर हैरान हो गई की मेरा भाई मेरे पेंटी के साथ खेल रहा है. कभी नाक से सूंघटा है कभी अपने लंड मे लपेटता है..ओह ये तो पूरा सेक्स का पुजारी है और अपनी बेहन को निशाना बनाना चाहता है..

मुझे लगा की मैं अपने भाई से चुद सकती हु अगर कोई आईडिया आ जाये तो तभी मैं पेट दर्द का बहाना बनाया, आआह आआआह आआअह जोर जोर से करने लगी बहार भैया तुरंत दौड़कर आये और बोले क्या हुआ बहन, मैंने कहा भैया मेरे पेट में काफी दर्द हो रहा है, तो भैया बोले चलो डॉक्टर के यहाँ ले चलते है तो मैंने कहा नहीं नहीं डॉक्टर से कुछ भी नहीं होगा मेरा ये दर्द अक्सर उठ जाता है, जब ऐसा होता है तो माँ गरम सरसों का तेल मेरे पेट पे मालिश कर देती है,

भैया बोले मैं कर देता हु यार, क्या होगा तुम्हारी दर्द देखि नहीं जा रही है, जब भईया रसोई में तेल गरम करने गए तब तक मैंने अपना कपडा चेंज कर ली, मैंने नाईटी डाल ली नाईटी के अंदर सिर्फ पेंटी पहनी थी अब आप खुद सोचिये मेरा भाई तेल कैसे लगाएगा, मैंने ब्रा भी उतार दी थी. और पलंग पे लेट गयी.

भैया आये बोले अरे यार मैं कैसे लगाउँगा तेल तुम तो नाईटी पहनी है मैंने कहा कोई बात नहीं आप उधर मुह घुमाओ मैं कपड़ा ऊपर कर देती हु भैया उधर मुह घुमाए मैंने नाईटी ऊपर कर दी और अपने पेंटी के ऊपर एक तौलिया धक दिया, और बोला चलो लगाओ, और मैं झूठ मूठ का आह आह आह कर रही थी.

मेरा चौड़ा पेट मोटी मोटी जांघे भैया को लार टपकने पे मजबूर कर रहा था वो तेल लेके जैसे ही पेट को छुआ मैं आऊच कर गयी, मेरे शरीर का रोम रोम सिहर उठा था, मेरे तो होठ दाँतों टेल दबने लगे जैसे जैसे वो तेल लगा रहा था मेरी चूच टाइट होने लगी और मेरे भाई का लैंड खड़ा होने लगा एक बार उसने अपना ऊँगली मेरे बूब को टच किया मैं सरमा गयी फिर वो बार बार टच करने लगा और मैं सोने का नाटक करने लगी, बाद में वो मेरे चूच के दोनों हाथो से पकड़ लिया और उसमे में तेल मालिश करने लगा, फिर वो मेरे पेंटी के निचे भी हाथ डाल के तेल लगाने लगा, तभी मैंने आँखे खोल दी और बोला भैया ये क्या? तो भइया एक ऊँगली होठ पे रखा और बोला श्ह्ह्ह्ह्ह्ह मैंने चुप हो गयी उसने मेरी पेंटी उतार दी. और नाईटी भी बाहर कर दिया वो भी नंगा हो गया और मैंने तो पूरी नंगी थी ही.

मेरे चूत को वो चाटने लगा और अपने हाथो से बूब को मसलने लगा मैंने हॉर्नी हो गयी और बोली अब देर मत कर उसने अपना लण्ड निकाला और मेरे बूर के मुह पे अपने लण्ड का सुपाड़ा रखा और एक ही धक्के में पेल दिया मैंने दर्द से कराहने लगी और वो फिर धीरे धीरे चोदने लगा फिर क्या था उसने लैपटॉप में काम सूत्र का वीडियो चला लिया और उसने काम सूत्र में जिनते पोजीशन थे सब को बारी बार से किया, मुझे रात भर चोदा मैंने सुबह सुबह बहुत हल्का महसूस कर रही थी, भैया बोले बहन तुम नहा लो हम दोनों फिर से कामसूत्र देखने बाले है. आपको ये कहानी कैसी लगी जरूर बताएं, मेरे भैया तो फिर से चले जायेगे अगर कोई मेरी प्यास को बुझा सकता है तो कमेंट करो मैं फ़ोन सेक्स के लिए तैयार हु.

Sister ki chudai nanga karke – बहन की चुदाई नंगा करके

” अब तुम दोनो पति पत्नी हो चुके हो. बेटी, अपने पति के चरण स्पर्श करो.” पंडित जी ने कहा असुर मेरी पत्नी नीलू ने झुक कर मेरे चरण स्पर्श कर लए.” अब वधू को वार माला पहनायो बेटा” मैने वार माला पहना डी. ” बेटी पति के गले में वार माला डालो” पंडितजी फिर बोले. नीलू ने मेरे गले में माला पहना डी. हम दोनो कोई 30 मिनिट के बाद मंदिर से पति पत्नी बन कर बाहर निकले. टॅक्सी में बैठ कर हम होटेल पहुँचे, जहाँ हमारा कमरा सज़ा हुआ था.

आप को सच बता देता हूँ. नीलू मेरी पत्नी बन चुकी है, लेकिन असल में वो मेरी बेहन है. हम दोनो के मा बाप स्वर्ग सिधर गये थे जब मैं 10 साल का था और नीलू 8 साल की. हमारी बुआ नीतू ने हुमको पाला पोसा. फूफा किशोरी लाल एर्क कपड़े की दुकान चलते थे और देर रात को वापिस आते थे.

धीरे धीरे हम दोनो जवान होने लगे. नीलू बहुत ही सुंदर निकली. उसस्का बदन भर गया और सीने पर उभर नज़र आने लगे. उसस्के नितंभ उभर आए और जवानी का हुस्न खिलने लगा. एक बार मैं गुसलखाने के पास से गुज़र रहा था तो पानी के गिरने की आवाज़ सुनाई पड़ी. नीलू नहाते हुए गाना गा रही थी. मेरे हरामी मान में एक स्कीम आई मैने सोच किओं ना च्छूप कर अपनी बेहन को नहाते देखा जाए? गुसलखाने के दरवाज़े में एक च्छेद था. मैने आ ंख यूयेसेस पर टीका डी. मेरी बेहन का गोरा गड्राया जिस्म पूरी तरह नंगा था और वो नहा रही थी. उसस्के हाथ बार बार उसस्की मस्त चुचि को मसल रहे थे. उसस्की चूत फूली हुई थी और यूयेसेस पर छ्होटे छ्होटे बाल उगने शुरू हो चुके थे. उससने अपनी चूत पर हाथ फिराया तो मैं डंग रह गया किओं के उसस्की उंगली उससने अपनी चूत में घुसेड डी और अंदर बाहर करने लगी. नीलू ने आँखें बंद कर रखी थी और उंगली से वो अपनी चूत छोड़ रही थी.

मुझे चुदाई के बारे में मालूम था बेशक मैने क़िस्सी को नहीं छोड़ा था. अपनी सग़ी बेहन को देख कर मैं मस्ती से भर गया और मेरा लंड खड़ा हो गया. उसस्के मूह से अजीब आवाज़ें आ रही थी. वो बुदबुदा रही थी,” ह…महेश, जल्दी करो….पेलो मुझे….है मैं मार गयी भैया….अपनी बेहन की प्यास बुझा दो, छोड़ डालो मुझे मेरे भाई,….सीईई…ऊऊ” मैं हैरान रह गया. मेरी बेहन मुझे ही याद कर के अपनी चूत छोड़ रही थी. मेरे हाथ ने मेरा लंड पाजामे से बाहर निकल लिया और यूयेसेस को सहलाने लगा. अगर मेरी बेहन मुझ से ही छुड़वाना चाहती है तो फिर दर किस बात का? मैं दरवाज़े पर खड़ा हो कर मूठ मरने लगा.

अचानक पीछे खिड़की खुली. मैने मूड कर देखा तो बुआ मुक़जे देख रही थी. बुआ मुस्कुरा रही थी और उसस्की आँखों में शरत थी. मैं घबरा गया और बाहर भाग गया. शाम को जब मैं घर लौटा तो नीलू टुटीओन पर गयी हुई थी. बुआ ने मुझे अपने कमरे में बुलाया.” महेश, बहनचोड़ काइया कर रहे थे तुम? अपनी बेहन को नंगा देख रहे थे. कितनी देर से ये सब चल रहा है? तो इससका मतल्ब है तुझ पर जवानी चढ़ रही है, मदरचोड़? तेरा हथियार तो बड़ा ज़ालिम है, बहनचोड़ जिसस को अपनी बेहन को देख कर हिला रहा था. अपनी बुआ को नंगा नहीं देखेगा? बुआ अभी जवान है. तेरा फूफा तो कुच्छ करता नहीं है, तुम ही कुच्छ कर दिखायो बुआ को. मैं तुझे कैसी लगती हूँ, यार?”

“पहली बार झाँका था गुसलखाने में आज, बुआ. माफ़ कर दो. आयेज से नहीं करूँगा कभी, बुआ सच” मैने माफी माँगी. बुआ को गौर से देखा. वो मुस्कुरा रही थी.” साले आयेज से नहीं करोगे तो काइया पीच्छे से करोगे, मदरचोड़ कहिनके? बुआ तो खुद तुझ से छुड़वाना चाहती है. मेरे भाई, तेरे बाप का तो बहुत डूमदर लंड था, तेरा देखते हैं कैसा है. तुम नीलू को छ्चोड़ो. वो अभी बची है. जब जवान होगी मैं खुद तुझे उस्स्को तेरे हवाले कर दूँगी. तब तक तू ही बुआ को शांति पहुँचा, बेटे” मैने देखा की बुआ की चुचि उसस्के सफेद ब्लाउस से बाहर निकालने को तड़प रही थी. बुआ का रंग सांवला था लेकिन जिस्म बहुत सेक्सी था. बचा ना होने की वजह से वो काफ़ी स्लिम थी. बस चुचि और गांद को छ्चोड़ कर उसस्का जिस्म च्चारहरा था. पतली कमर स्लिम पेट और सब कुच्छ लंड खड़ा करने के लिए काफ़ी था. मैने सोचा, किओं ना बुआ से काम चलाया जाए. शांति से बढ़ कर चुदाई की शिक्षा कौन दे सकता है?

मैं भी मुस्कुरा पड़ा और बुआ की तरफ बढ़ गया.” बुआ पहले वादा करो की नीलू को मेरी बनायोगी. मैं तुम दोनो के साथ प्यार से सारी ज़िंदगी बिता दूँगा. कसम से!” कहते ही मैने अपना हाथ बुआ के कंधे पर रख दिया और उससने मुझे अपनी तरफ खींच लिया. बुआ की बड़ी बड़ी चुचि मेरे सीने में धँसती चली गयी. बुआ ने मुझे मेरे चूतड़ से भींच लिया. और मेरे हाथ बुआ की कम्र पर कस गये. हम गहरे आलिंगन में थे और मेरा लंड पंत की क्वेड से बाहर आने को मचलने लगा. मैं बुआ के मुख पर झुका और उस्स्को किस करने लगा. बुआ के होंठ बहुत नरम और रसीले थे. मैं उनको चूमने लगा और वो मुझे चूमने लगी. उससने अपनी ज़ुबान मेरे मुहन में घुसा डाली जिस्सको मैने चूसना शुरू कर दिया. हमारे मुख रस एक दूसरे से मिल रहे थे और वासन का दौर ज़ोर पकड़ रहा था.

हवस के कारण अब मेरे हाथ बुआ के ब्लाउस के अंदर जा कर उसस्की मस्त चुचि को टटोलने लगे. मेरी बुआ के बदन से एक ज़बरदस्त गर्मी निकल रही थी और बुआ की चुचि को स्पर्श करते ही मुझे नशा सा होने लगा. बुआ ने अपनी एक जाँघ को मेरी टाँगों के बीच धकेल दिया और मेरा लंड उसस्की जाँघ पर घर्षण करने लगा,” ओह मेशी….कितना मोटा है तेरा लंड….मैने एस्सा लंड आज तक नहीं देखा..तेरा फूफा तो सला कुच्छ भी नहीं है तेरे मुक़ाबले में…आज तेरे फूफा के बिस्तर पर ही तुझे अपना सब कुच्छ भेंट करूँगी, मेरे मेशी…आज से नीतू तेरी है…रग़ाद दल अपनी बुआ को मेरे यार…रग़ाद रग़ाद कर छोड़ ले अपने बाप की बेहन को” बुआ बोलती गयी और अपना हाथ नीचे सरका कर मेरे लंड को पकड़ कर मुठियाने लगी.

मैने तब तक बुआ के ब्लाउस को खोल दिया और उसस्के निपल्स को उंगली और अंगूठे में दबाने लगा. बुआ की चुचि पर घुंडी काफ़ी बड़ी हो चुकी थी.” बुआ, जी करता है तेरी चुचि चूस लून. नीलू की तो अभी छ्होटी है….तेरी चुचि तो बहुत बड़ी और कसी हुई है. बुआ काइया मैं चुचि चूस सकता हाऊं, बस एक बार!” बुआ भारी आवाज़ में बोली,”मेशी, एक तो मुझे तुम अकेले में नीतू कहा करो, बुआ नहीं. बहनचोड़, मुझे छोड़ना भी चाहते हो और कहते भी बुआ हो. तू मुझे यार बोल, रंडी बोल पर बुआ मत बोल, ठीक है? चुदाई का मज़ा नहीं आएगा वेर्ना”

मैने बुआ की ब्रा के हुक भी खोल दिए और उसस्की चुचि को नंगा कर दिया. काइया चुचि थी नीतू की? ‘नीतू, तेरा यार महेश अब तेरी चुचि चूसना चाहता है, चूस लून काइया? तेरी इजाज़त चाहिए” नीतू मस्ती में बोली,” ये हुई ना बात! चूस मेरे यार, खूब जी भर के चूस. तेरा फूफा ना तो खुद चूस्ता है और ना ही उससने मुझे मा बनाया है जिसस से मेरा कोई बचा हो जो मेरा दूध पी सके. बहनचोड़ मेरे निपल मूह में ले लो. तेरा फूफा तो ना मुझे लंड चूसने देता है और ना ही मुझे चूस्ता है. अब तो तू ही मेरा सपना पूरा कर सकता है, मेरे मेशी!”

मैने बुआ की चुचि पर ज़ुबान फेरी, होंठ रगड़े और निपल को मूह में ले लिया, बुआ के मुख से एक वासनात्मक सिसकी निकली,” अहह….मेश्िीीईई….ओह…..म्‍म्म्ममम…चूस ले मदरचोड़….एयाया…तेरी ,आ की चूत….चूस मेरा निपल…” मुझे तो नशा चढ़ गया बुआ की सिसकी सुन कर. मैने जवानी में किस की चुचि को स्पर्श तक नहीं किया था. अब मैं अपनी बुआ की मस्त चुचि का स्वाद चख रहा था. बुआ भी भड़क उठी और मेरे लंड को बाहर निकालने लगी. उससने मेरी पंत की बेल्ट खोल डाली और मेरे लंड को झपट लिया. लंड से रस की बांड तपाक रही थे और लंड लोहे जैसा कड़ा हो गया. बुआ मेरे लंड को अपनी चूत की तरफ खींच रही थी और साथ ही उसस्के हाथ मेरे लोड से खेल रहे थे.

नीतू की सारी अस्त व्यस्त हो चुक्की थी. मैं उसस्के बदन से सारी उत्तरने लगा. पेटिकोट के सामने का हिस्सा शायद चूत रस से भीग गया था किओं की कपड़े पर गीलेपन का निशान था. मैने एक हाथ बुआ की चूत पर रख दिया,” ऑश किओं च्छेदता है अपनी बुआ की चूत…..मेरी चूत में आग भड़क चुकी है, मेरे यार,,,लंड मांगती है मेरी चूत, हाथ नहीं….तेरा लंड भी इससके अंदर घुसना चाहता है…मेरी चूत की इच्छा पूरी कर दो बेटे..एक चुदसी औरत की लंड की प्यास बुझाने से बड़ा कोई पुण्या का काम नहीं होता…अब देर मत कर बेटा, छोड़ दल अपनी नीतू को”

जल्दी जल्दी मेरे हाथ बुआ का पेटिकोट उतरने लगे जिससके नीचे नीतू ने पनटी नहीं पहनी थी. बुआ की शेव की हुई चूत फूली हुई थी और मेरा हाथ लगते ही फदाक उठी. मुझे लगा की मेरा हाथ क़िस्सी आग के शोले को स्पर्श कर रहा है. मेरे बदन में एक करेंट दौड़ गया. बुआ का क्लिट, कड़ा हो चुका था और चूत की फाँकें मस्ती से गुलाबी हो चुकी थी. मेरे हाथ ने गरम चूत के माँस को मुति में भर कर दबा दिया. मेरा हाथ चूत रस से भीग गया और बुआ सिसकारी लेने लगी. मेरे होंठ बुआ के निपल चूस रहे थे और हाथ मस्त चूत को मसल रहा था. वासना का तूफान पूरे ज़ोर पर था. मैने नीतू को उठाया और बिस्तर पर ले गया. बुआ पीठ के बाल टाँगें पसार कर लेट गयी. उसस्की आँखें बंद थी. नंगी औरत का नज़ारा कितना मस्त होता है कोई मुझ से पुच्छे. नीतू के काले बाल खुल चुके थे.” नीतू तुमने शायद इसी बिस्तर पर सुहग्रात मनाई होगी. अब मैं तुझे इसी बितर पर अपना रहा हूँ.” मैने कहा.

” सुहग्रात! हा, यूयेसेस बहनचोड़ किशोरी के साथ? उसस्का लंड तो मेरी सारी के अप्पर ही पिचकारी छ्चोड़ गया था, राजा. तेरा फूफा तो बस टीन ढके मरने वाला है. जब तक मेरी चूत को पता चलता है की चुदाई होने वाली है, तेरा फूफा मदरचोड़ झाड़ कर सो भी जाता है. आज मुझे अपने भतीजे से बहुत उमीद है. कमाल के बाद मैने तेरा लंड ही मस्त देखा है” मैं हैरान रह गया, कमाल मेरे पापा का दोस्त है जो देल्ही में रहता है और बहुत आमिर है,” हन बेटा, कमाल से में चोरी चोरी छुड़वा लेती हूँ. काफ़ी दूं है उसस्के लंड में. मैं बहाना बना कर उस्स्को मिलती हूँ, अब तुम से काइया परदा. तुम तो जानते ही हो की उसस्की पत्नी मार चुकी है, अब मुझे ही अपनी पत्नी समझता है. अब तुम भी मेरा ख्याल रखना, महेश”

मेरा टन मान जल गया. तो बुआ, साली रंडी, कमाल अंकल की रखैल है? तो ठीक है, अब वो मेरी भी रखैल ही बन कर रहेगी.” बुआ कौन सा आसान पसंद है तुझे? अगर फूफा के साथ सुहग्रत नहीं मनाई तो मैं तेरी इच्छा पूरी कर देता हूँ, मेरी नीतू रानी, काइया तुम नीचे लेतो गी या फिर महेश के लंड की सवारी करोगी? ना जाने कितने लंड खा चुकी हो तुम, अब तो सभी आसान ट्राइ कर लिए होंगे. मेरा मान तो करता है तुझे घोड़ी बनाने का. लेकिन आखरी फ़ैसला तो तुम को ही करना है” मैने कटाक्ष करते हुए कहा, लेकिन नीतू हवस से इतनी भारी हुई थे की बोली,” महेश बेटा, मुझे घोड़ी बना या कुट्टी, लेकिन नीतू कुट्टी की चूत को भर दे अपने लंड से, और नहीं रहा जाता.”

मैने नीतू को उल्टाया और वो मेरे सामने घोड़ी बन गयो. मैं अपने लंड को मसालते हुए उसस्के मस्त गांद को देखने लगा.” अब चढ़ भी जा घोड़ी पर मेशी….सोच काइया रहा है? जल्दी कर मदरचोड़. कब से तरस रही हूँ मस्त लंड को, पेल दे मेरी चूत में…..हाईईईई….छोड़ भी मुझे!” मैने नीतू के चुटटर पकड़ कर लंड का सूपड़ा चूतड़ की दरार से चूत के मुहाने पर टीका दिया और मार दिया ज़ोरदार ढाका. नीतू तज़ुर्बेकार औरत थी. भीगी हुई चूत के कारण मेरा लंड एक ही बार में दनदनाता हुआ बुआ की चूत में परविष्ट हो गया. नीतू की चूत साली इतनी टाइट थी की चूत ने मेरे लंड को ग्रिफ़्ट में ले लिया. मेरा लंड अब तूफ़ानी रूप धारण कर चुका था.” आह नीतू…साली कितनी छुड़वा चुकी है पर तेरी चूत आज भी कुँवारी लड़की जैसी है….मेरा लंड कैसे जाकड़ रखा तेरी चूत ने! एस्सा आनंद मुझे सपने में भी नहीं मिला आज तक, नीतू, चुदाई तो बस जन्नत है!”

नीतू उतेज़ित हो कर हाँफ रही थी. उसस्की चुचि नएचे झूल रही थी. मैने उसस्के चुटटर से हाथ अलग कर के उसकी चुचि को पकड़ कर मसलना शुरू कर दिया, दबाना शुरू कर दिया. नीतू भी अपने आप में ना रही. ” हााई महेश, साले कैसे पेला है अपनी नीतू को तुमने….तेरा कुँवारा लंड बहुत डूमदर है….कमाल भी इतना डूमदर नहीं है….छोड़ मुझे, मसल दे मेरी चुचि….कितना मस्त लंड है तेरा..मेरी नज़र तुझ पर पहले किओं नहीं पड़ी….छोड़ मुझे मेशी!” मैं अपनी स्पीड बढ़ने लगा. मेरा लंड पिस्टन बन चुका था. जब मेरा लंड बुआ की चूत में घुसता तो फ़च फ़च की आवाज़ आती. चूत से रस की बरसात हो रही थी. नीतू के बाल उसस्की पीठ पर फैल चुके थे. अचानक मुझे ना जाने काइया हुआ, मैने उसस्के बलों को पकड़ कर खेंच लिया और उसस्की गर्दन को पीच्छे मुड़ना पड़ा. उसस्के बलों को मैं घोड़ी की लगाम बना कर हांकने लगा. चुदाई अब राक्षसी रफ़्तार पर चलने लगी. नीतू अपने चूटर मेरे लंड पर धकेल रही थी.

” ओह मेशी…ऑश हरामी….मेरी बछेड़नी से टकरा रहा है तेरा लंड मदरचोड़…फाड़ दे मेरी चूत….बना दे इससका भोसड़ा…बहनचोड़ छोड़ ले अपनी रंडी बुआ को, नीतू को पेल मेरे बेटे…ओह…..म्‍म्म्ममम….आअगग्ज्ग”
मैं पागल हो चुका था. एक हाथ से मैं नीतू के बाल खींच रहा था दूसरे से उसस्की चुचि दबा रहा था और झुक कर उसस्की पीठ को चूम रहा था. मेरी बुआ का जिस्म मेरे लिए एक ननगए गोश्त की दावत बन गयी थी. नीतू ने अपना एक हाथ नीचे ले जा कर अपनी जांघों के बीच से मेरे अंडकोष पर रख दिया और उनको मसल दिया. मेरे अंडकोष से अप्पर उठती हुई आग मेरे लंड रस के रूप में मेरे लंड की तरफ़ उठी.” आआआअ….बुआ….बहनचोड़…..मेरा लंड छ्होट रहा है….तेरी चूत ने मुझे ग्युलम बना लिया है..काश मेरी नीतू मेरी ही हो कर रहती…ओह मेरा लंड गया…मैं झार रहा हूऊओन” मैने अब अपना हाथ बुआ के क्लिट से रगड़ा दिया. बुआ तड़प उठी. वो पागलों की तरह सिर हिलने लगी ज़ोर ज़ोर से गांद पीच्छे कर के छुड़वाने लगी. वो भी झड़ने वाली थी.

मेरा लंड अपनी पिचकारी छ्चोड़ने लगा. उधर बुआ भी चूत रस छ्चोड़ने लगी,” हााआआं बेटे बस….नीतू भी गइईए…चूत झारीईए…छोड़ ज़ोर से…निकल दे मेरा पानी….ऑश बेटा छोड़ मुझे….रग़ाद कर छोड़ मेरी चूत….म्‍म्म्मममम…..मैं गयी!” जब मेरा लंड बुआ की चूत से निकला तो कुच्छ रस उसस्के चुटटर पर जा गिरा और कुच्छ उसस्की जांघों से होता हुआ चादर पर. नीतू, बिस्तर पर पेट के बाल जा गिरी और मैं उसस्के नंगे जिस्म पर ढेर हो गया. मैने उसस्के कान को अपने होंठों में दबा कर किस करते हुए कहा” नीतू, नीलू को मेरा बनाने वाली बात याद है ना? मैं नीलू को तेरी तरह छोड़ कर सदा के लिए अपना बनाना चाहता हूँ….अपनी पत्नी की तरह” बुआ ने अपने मूह तकिये में च्छूपा कर कहा,” ठीक है, मेरे राजा, जब बाप की बेहन को छोड़ लिया है तो अपनी को भी छोड़ लेना. मेरा वादा है की तुझे नीलू का पति बनायूंगी, लेकिन अपने फूफा के आने से पहले एक रौंद और ना हो जाए?”

चचेरी बहन की सील तोड़ी रात को छत पे

हेलो दोस्त, आज मैं हिम्मत कर पाया हू की आज मैं अपनी एक कहानी जो की चचेरी बहन की है वो मेरे पड़ोस मे ही रहेती है ओर उसका नाम कल्याणी है हम दोनो साथ मे ही बड़े हुए है ओर साथ मे ही खेलते थे वो मेरा बहुत अच्छी तरह से ख्याल रखती थी ओर छोटे भाई की तरह ही रखती थी.

वो मेरे से दो साल बड़ी है तो मे उसे दीदी कह कर ही बुलाता था ये बात तब की है जब मे फर्स्ट सेमेस्टर के छुटियों पे घर आया था दोस्तो मे आपको बता दू की हम दोनो का घर का छत एक ही है सो हम दोनो छत पर ही रात को खेलते थे जब मे घर आया तो वो बहुत ही खुस हुई मुझे देखके ही फिर हम थोड़े दिन साथ मे ही खेले ओर अचानक वो दो दिन से दिख नहीं रही थी तो मुझे लगा की वो कही बाहर गयी हुए है तो उसी रात को मे लॅपटॉप लेके उपेर चला गया वाहा पे कोई भी नहीं आता था तो मुझे लगा अब तो वो नहीं है तो कोई भी नहीं आएगा तो मे लॅपटॉप लेके एडल्ट मूवीस देखने लगा तो वो अचानक ही कब आ गयी मुझे पता ही न्ही चला यारो ओर वो भी थोड़ी देर देखने लगी फिर अचानक ही मेरी नज़र उसपे पड़ी तो मेरा दिमाग ख़राब हो गया, सच पूछो तो मेरी तो फट गयी ओर मेने तुरंत ही लॅपटॉप का स्लाइड बन्ढ़ कर दिया ओर कुछ नहीं बोला तो वो बोली की ए बुरी बात है देखना ओर वो वहा से चली गयी ओर मुझे लगा क वो पापा को बोल देगी पर थैंक गॉड उसने ऐसा नहीं किया.

फिर मे थोड़े दिन उपर ही नहीं गया ओर अचानक ही कुछ दिन बाद मे उपर जाके बैठा था तो वो आ गयी ओर इधर उधर की बाते करने लगी उतने मे पापा ने आवाज़ लगाई तो मे वहा पर गया जब वापस आया तो वो मेरे बेड पे आके सो गयी तो मेरी ब हिम्मत बढ़ गयी ओर मे जाके उसके पास ही सो गया क्या बताऊँ दोस्तों वो उसकी वो गजब की सुन्दर लग रही थी, वो अंदर बारे नहीं पहनी थी उसकी दोनों चुचिओं का निप्पल साफ़ साफ़ दिख रहा था नाइटी पे, ओर मे आउट ऑफ कंट्रोल हो गया लिंग फिर भी मेने कंट्रोल किया, वो तो पहेले से ही सेक्सी थी ही क्या उसका गोल गोल बूब्स ओर क्या उसकी आस यारो मे तो पागल ही हो रहा था लेकिन करता भी क्या यारो वैसे ही पड़ा रहा ओर उसका फिगर तो 34 28 36 का ओर भी अच्छा लग रहा था.

थोड़ी देर ऐसे ही रहने के बाद मेने मेरा एक हाथ उसके हाथ पर रख दिया तो उसने कुछ ब नहीं बोला फिर थोड़ी देर बाद उसके हाथ को रब कर ने लगा उसे ओर भी मज़ा आने लगा फिर धीरे रहके मेने उसके गाल पे किस कर दिया तो ब उसने कुछ ब नहीं कहा क्यूकी शायद वो भी वही चाहती थी. क्यू ना चाहती दोस्तो आख़िर वो ब मेरी तरह वर्जिन ही जो थी फिर क्या था मेरा तो ग्रीन सिग्नल मिल गया बात फिर भी मे कोई रिस्क लेने नहीं चाहता था तो मेने मेर हाथ वहा से ले लिया तो थोड़ी देर बाद उसने मेरा हाथ पकड़ के रब करने लगी ओर मुझे किस कर दिया फिर क्या था यारो मेरा तो वैसे ही लण्ड खड़ा था अब और भी आउट ऑफ कंट्रोल हो गया ओर मेरा होठ उसके होठ पे जा टिका वो भी पहले से तैया थी इसके लिए तो उसने ब रेस्पॉन्स देना स्टार्ट कर दिया ओर मे तो गले पे लिप्प पे गर्दन पे यारो हर जगह किस कर ने लगा ओर वो बस आँखे बंद करके सिर्फ़ मज़ा ले रही थी उतने मे मेने एक हाथ उसके बूब्स पर रखे तो वो तो चिहकउठी ओर मोन करने लगी ओर जब दूसरा हाथ जब मेने पेंटी मे डालके टच किया तो वो तो उछल पड़ि क्या नज़ारा था यारो वो क्या बताऊँ आपको उतने मे उसका हाथ मेरे लंड पर पेंट के उपेर से ही सहलाने लगी थी ओर मुझे भी अब मज़ा आने लगा था.

फिर मेने उसकी नाइटी उतार दी ओर ब्रा क उपर से ही उनके बूब्स चूसने लगा ओर वो तो पागल ही हो रही थी फिर मेने ब्रा ओर पनटी भी उतार दी उतने मे उसने मेरा ट्राउज़र निकल के मेरे लंड से खेलने लगी थी ओर मे भी अब फुल एग्ज़ाइट हो गया था फिर मे धीरे धीरे धीरे किस करते करते उसकी चूत पर आ गया ओर जेसे ही मे ने उसकी चूत मेरी टंग रखी वो तो आअह आअह आअह उह्ह उह्ह्ह उफ्फ्फ आआह करने लग गयी ओर मेने जेसे ही पूरी टंग उसके चूत मे डाली तो वो तो चिलालने लगी आअहह उुहुहुहह उूुउउइईईई ओर तेज ओर तेज जेसी आवाजे निकालने लगी ओर दोनो हाथ से मेरा सिर पकड़ के उसकी चूत मे दबा दिया मैं तो सांस भी नहीं ले पा रहा था पूरी तरह से

15 मीं उसकी चूत चाटने क बाद वो झड़ गयी ओर उसका सारा पानी मे पी गया..ओर फिर से मे उसको किस करने लगा ओर अब तो वो पूरी तरह से कामुक हो गयी थी ओर कहने लगी प्लीज मुझे ओर मत तड़पाओ ओर डाल दो अपना ये 7इंच का लंड मेरी चूत मे ओर तोड़ दो मेरी वर्जिनिटी तो मेने कहा अभी तो बाकी है जान पहेले तुम मेरा लंड चूसो बाद मे तो वो मना करने कहने लगी ना बाबा ना मुझे ए सब पसंद नहीं तो मेने फोर्स करने के बाद वो मान गयी ओर मेरा लंड के सूपड़े का टेस्ट किया तो उसे ओर भी मज़ा आया तो वो पूरा लंड लेके चूसने लगी ओर मे तो यारो जन्नत की शैर कर रहा था.

वो मेरे लण्ड को लोली पोप की तरह बस चूस ही जा रही थी ओर मेरा तो ये फर्स्ट टाइम था किसी लड़की क साथ तो मे तो 5मीं मे ही झड़ गया ओर वो पूरा का पूरा पानी पी गयी फिर मे उसको लिप्प किस करने लगा ओर वो भी तैयार हो गयी लेकिंग मे ओर भी तड़पाना चाहता था तो बस किस ही करता रहा ओर वो तो बस एक ही वर्ड बोलती थी प्लीज् चोद दो मुझे अब सहा नहीं जा रहा है ओर फिर मेने उसे लंड चुस्वाया ओर उसे पलंग पे लिटा के उसके दोनो टांगो क बीच मे आ गया ओर मेरा लंड उसकी चूत पर रख के रगड़ने लगा ओर वो तो बस बिना पानी की मछली की तरह तड़प रही थी फिर क्या था मेने एक ज़ोरदार धक्का दिया तो बस सिर्फ़ 1 इंच ही अंदर गया की वो ज़ोर से चिल्लाई हहाआआआआआआआआअहह उउइईईईईईईईईईईईईईईई म्‍म्म्ममममममममममममाआआआआआआआआआ निकालो उसे बहुत दर्द हो रहा है ओर उसका सिल टूट गया ओर खून निकल रहा था पर मेने उसकी लिप्प बंद करदी ताकि आवाज़ ज़्यादा ना आए ओर जब वो शांत हुई तो दूसरा ज़ोर का धक्का दिया तो आधा लंड उसकी अंदर था ओर वो रोने लगी ओर कहने लगी मे वर्जिन हूँ ओर तू मेरी इस तरह से चुदाई कर रहा है जेसे मे रंडी हु, निकालो उसे ओर जाने दो मुझे मेरे को नहीं चुदवाना तेरे से पर मैंने उससे प्यार से मनाने लगा और होठ पे गाल पे सर पे किस किया तो वो भी शांत हो गयी ओर फिर तीसरा धक्का तो पूरा का पूरा लंड अंदर चला गया ओर वो तो बस अब आअहह उुउुहुहहूहह उूउउइईईईई आआअहह और चोद मुझे, फक मी, खूब चोदो मुझे, फक में, कहे जा रही थी.

उतने मे उसकी आवाज़ ओर बढ़ गयी मुझे पता चल गया की अब वो झड़ने बाली है तो मे तो ओर तेज कर दिया ओर वो कहने लगी ओर तेज ओर तेज मैं जाने वाली हूँ ओर तेज ओर कहराते हुए आआआआअहह ऊहह गगगगगगगगगगगाआआआआआआआईयईईईईईईईईईईईईई म्‍म्म्ममममममममीईईईई ओर झड़ गयी पर मेरा तो अभी बाकी था तो मेने तो कंटिन्युवस रखा ओर 20 मीं की चुदाई क बाद मे भी अब झड़ने वाला था तो मैंने पूछा कहा डालु तो उसने कहा अंदर ही डाल दो मैंने टेबलेट खा लुंगी और मैं फिर तेज तेज चोदने लगा, वो भी गांड उठा उठा के चुदवाने लगी, इस तरह से फिर से हम दोनों एक साथ झड़ गए, बहुत ही मजा आया था मुझे अपने चचेरी बहन की सील तोड़ने में.

चचेरी बहन की चूत की पानी पानी कर दिया मैंने

मेरा नाम कुशाग्र है मैं लखनऊ में रहता है, मैं 21 साल का हु, मुझे एडल्ट मूवी देखना बहुत अच्छा लगता है, और सेक्स की कहानियां पढ़ना काफी अच्छा लगता है. मैं रोज रोज एडल्ट मूवी देखता हु, मैं आज तक कभी किसी भी लड़की की चुदाई नहीं पर मन बहुत करता था, अब मेरी ये तमन्ना पूरी हो गयी है, क्यों की कल ही मैंने अपने चचेरी बहन शिल्पा की चुदाई की है वो भी बड़े ही फिल्मी स्टाइल में, क्यों की मैं काफी कुछ एडल्ट मूवी देख के सिख गया हु, कैसे लण्ड घुसाते है कैसे चूत को चाटते है, सबसे बढ़िया तरीका कौन सा होता है चुदाई करने के लिए.

मेरे मम्मी पापा दोनों मामा जी की यहाँ गए थे क्यों की मेरी नानी की तबियत खराब थी, तो मैं घर पे अकेला था, मेरे पापा दो भाई है, बड़े चाचा बगल बाले घर पे रहते है, उनकी बेटी यानी की मेरी चचेरी बहन शिल्पा बहुत ही खूबसूरत है, वो मेरे से एक साल बड़ी है, पर अभी शादी नहीं हुई है वो पढाई कर रही है, तभी मेरा दरवाजा किसी ने खटखटाया, मैं जाके देखा तो शिल्पा थी, बोली कुशाग्र चाची है, मैंने कहा नहीं वो तो मामा जी के यहाँ गए है, तो बोली अरे यार मम्मी भेजी है, बोली जा चाची के यहाँ से चीनी ले आ, तो मैंने कहा कोई बात नहीं मैं दे देता हु, वो अंदर आ गई और मैं चीनी लेने रसोई में चला गया.

मैं रसोई में से चीनी लेके बाहर आया तो देखा की शिल्पा मेरे लैपटॉप के सामने बैठी थी, मैं सोफे ऑफ़ बैठ के एडल्ट मूवी लैपटॉप पे देख रहा था और बंद करना भूल गया, मैं बहुत हड़बड़ा गया था, मैं झट से लैपटॉप को बंद किया और बोला सॉरी, गलती से चालू ही रह गया, मैं डर गया था, पर शिल्पा मुझे तिरछी नजर से देख रही थी, और अपने होठ पे दांत को दबा रही थी, ऐसा लग रहा था वो सेक्स की नशे में आ गई थी, तभी शिल्पा बोली क्या तुम्हे ये मूवी अच्छा लगता है, मैंने कहा हां, तो वो बोली मुझे भी बहुत अछा लगता है, चालू कर ना सुरु से, मैंने स्टार्टिंग से मूवी को चालु कर दिया, वो मेरे साथ बैठ गयी सट के और हम दोनों मूवी देखने लगे,

धीरे धीरे शिल्पा ने मेरे लण्ड को पकड़ लिया फिर वो मेरे में लिपट गयी, उसकी बड़ी बड़ी चूचियाँ मेरे साइन से चिपक गयी, मैं शिल्पा के होठ पे किश कर लिया, वो भी मुझे किश कर रही थी, फिर मैंने उसके टॉप को ऊपर कर दिया और बड़ी बड़ी मदमस्त चूचियाँ दबाने लगा, हम दोनों मूवी भी देख रहे थे और एक दूसरे को किश करते हुए वो मेरे लण्ड को सहला रही थी और मैंने उसके चूची को सहला रहा था, मैंने कहा चाची चीनी का इंतज़ार कर रही होगी, तो शिल्पा बोली वो तो मैंने झूठ बोला था, मम्मी पापा दोनों गाँव गए है, रात को आयेगे, इतना सुनते हु, मैंने उसके कपडे उतार दिए, ब्रा का हुक भी पीछे से खोल दिया बड़ी बड़ी चूचियाँ मेरे सामने झूल रहे थे, मैंने एक एक करके दोनों चूचियों को मुह में ले रहा था, और दबा रहा था शिल्पा सिर्फ आअह आआह आआह आआह कर रही थी,

फिर दोनों लैपटॉप लेके बैडरूम में आ गए लैपटॉप का वॉल्यूम थोड़ा और बढ़ा दिया, और दोनों 69 की पोजीशन में आ गए, यानी की मैंने उसके चूत को चाट रहा था और वो मेरे लण्ड को अपने मुह में लेके चाट रही थी, मैंने उसके क्लीन शेव चूत को खूब चाटा उसके बाद मैंने अपनी एक ऊँगली उसके चूत में घुसा के अंदर बाहर करने लगा ये सिलसिला करीब १५ मिनट तक किया, क्या बताऊँ दोस्त शिल्पा के मुह में आआह आआअह आआअह आआअह आआअहाआ की आवाज़ निकल रही थी और वो वाइल्ड तरीके की कर रही थी, हरेक तीन से चार मिनट में वो अपने चूत की पानी छोड़ रही थी, जैसे ही वो पानी छोड़ती मैं फटाफट चाट जाता. आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे पढ़ रहे है.

फिर मैंने उसको किश करने लगा और बूब को दबाने लगा, शिल्पा बोली कुशाग्र अब मुझे मत तड़पाओ प्लीज, मेरा चूत तेरे लण्ड को पाने के लिए बेक़रार है, मैंने भी अपने लण्ड को दो बार हिलाया मेरा लण्ड करीब 8 इंच का हो चूका था, और सलामी दे रहा था, मेरा लण्ड भी शिल्पा के चूत में जाने को बेक़रार था, मैंने शिल्पा के दोनों टांग को फैलाकर अपने दोनों कंधे पे लिया और अपना लण्ड उसके चूत के सामने रखा, फिर एक झटका दिया, मेरा लण्ड पूरा उसके चूत में चला गया था, फिर वो गांड उठा उठा के चुदवाने लगी,

फिर मैंने शिल्पा को घोड़ी बना और मैंने मैं कुत्ते की तरह हो गया और चोदने लगा, करीब मेरी और शिल्पा की चुदाई २ घंटे तक चली थी, इस बीच मैं दो बार झड़ चुका था पर उससे छोड़ने का मन ही नहीं कर रहा था, इसलिए जैसे ही मैं उसको छेड़ता मेरा लण्ड फिर से तैयार हो जाता, और jab भी मैं शिल्पा की चूत में ऊँगली घुसाता और अंदर बाहर करता और जीभ घुसता उसका भी चूत पानी पानी हो जाता, आपको मेरी कहानी कैसी लगी प्लीज रेट करें.

Daily Updated Hindi Sex Kahani Website Must Read Sexy Hot Sex Story at Nonveg Story Hindi Sex Kahaniyan