मालिक के बेटी की चुदाई, से मेरे लंड की हुई कटाई

हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम आसिफ खान है। मै अलीगड़ का रहने वाला हूँ। मै आज अपने सबसे खतरनाक और अपनी जिंदगी की आखिरी चुदाई की कहानी सुनाने जा रहा हूँ। मेरी उम्र 24 साल होगी। मै बहुत हरामी और बेशर्म किस्म का था। मै बहुत स्मार्ट और जवान हूँ। मेरा लंड काफी मोटा लगभग 9  बड़ा और थोडा सा टेढा है। मैंने अपने कॉलेज की बहुत सी लड़कियों को कॉलेज के टोइलेट में ही चोद डाला था। ये बात कॉलेज में हर कोई जनता था फिर भी लड़कियां मेरे ऊपर मरती थी, और मुझसे चुदवाने के लिये राजी हो जाती थी।  आज से एक साल पहले मैने अपनी पढाई पूरी कर ली थी, मै पढ़ने में ज्यादा तेज नही था इसलिए मुझे कोई सरकारी नौकरी नही मिली। तो एक दिन मेरे घर वालो ने मुझसे कहा – बेटा तुम सउदी क्यों नही चले जाते पैसे कमाने के लिये??  मैंने उनसे कहा – बीजा बनवाना पड़ेगा। तो मेरे घर वालो ने कहा – तुम जाने के लिये तैयार हो, तो बीजा हम बनवा देंगे।

मैने अपने घर वालो से कह दिया आप बीजा बनवाइए मै जाऊंगा सउदी। मेरे घर में मेरे चाचा और कुछ लोग सउदी में रहते थे। मेंरे घर वालो ने उनको फोन किया और उनसे कहा मेरे लिये कोई काम ढूंड दे। मेरे चाचा ने मेरे लिये एक बड़े घर में काम ढूंडा , जिसमे मुझे केवल घर की सफाई करनी थी। और पैसे भी अच्छे दे रहा था।

एक महीने बाद मेरा बीजा बन कर आ गया। एक हफ्ते बाद मेरी सउदी की टिकट थी। मैंने एक हफ्ते पहले अपनी पैकिंग कर ली। मैंने सोचा की अब सीधे तीन साल बाद घर वापस आना है और वहां बुर की जुगाड हो की ना हो, तो क्यों ना, एक हफ्ते में खूब चुदाई कर लूँ। मैंने एक एक करके जितनी लड़कियों को चोद चूका था उन सब को फिर से चोदा। मेरा तो मन भर गया था चुदाई से क्योकि एक हफ्ते में मैंने बहुत चुदाई की।

धीरे धीरे मेरा सउदी जाने का वक्त आ गया। मै सउदी लाने के लिये घर से निकाल पड़ा। मेरे साथ मेरे घर वाले भी मुझे एअरपोर्ट छोड़ने के लिये आये। मेरी अम्मी मुझे बहुत प्यार करती थी। उन्होंने मुझसे कहा – ‘’बेटा अपना ख्याल रखना और समय पर खाना खा लिया करना’’। मैंने अम्मी से कहा – आप चिंता मत करिये मै अपना ख्याल रखूँगा। मैंने एअरपोर्ट पर अपनी फ्लाईट पकड़ी। और कुछ ही घंटो मै सउदी के एअरपोर्ट पर पहुँच गया। वहां मेरे चाचा पहले ही से मेरा इंतज़ार कर रहें थे। जब मै वहां के एयरपोर्ट तो मै वहां की साफ सफाई और सुंदरता को देखता ही रह गया। जैसा मैंने मूवियो में देखा था वैसा ही नजारा था वहां का।

 मेरे चाचा ने मुझे आवाज़ दी – मै दौड़ते हुए चाचा के पास गया और उनको गले से लगा लिया। अपना सामान लेकर मै चाचा के साथ उनके रूम पर गया, जहाँ वो रहते थे। उन्होंने मुझसे कहा – “कुछ खा लो और थोडा आराम कर लो थक गाये होगे”। मैंने कहा ठीक है – मैंने खाना खाया और आराम करने के लिये लेट गया। आराम करने के बाद मै जब उठा तो शाम हो चुकी थी। मैं शाम को घूमने के लिये बाहर निकला, तो मैंने देखा बहुत सी खूबसूरत लड़कियां और खूबसूरत शहर लाइट से चमक रहा था। मैंने ऐसी शानदार जगह कभी नही देखी थी और वहां की लड़किया तो लाजवाब थी लेकिन कोई उनकी तरफ आँख भी उठके नही देखता था। थोड़ी देर बाहर घूमने के बाद मै वापस चला आया। वापस आने के बाद ,मेरे चाचा ने मुझे वहां के शासन के बारे में बताया। उन्होंने ये भी बताया की अगर किसी रेप केस है तो ये लोग सीधे उस आदमी के लंड को ही काट देते है। मै तो ये सब सुन कर डर गया। मैंने सोच क्या फायदा किसी  का रेप करने का।

रात हो गयी, चाचा ने कहा – “खाना खाके सो जाओ, सुबह तुम्हे अपने काम पर जाना है, तुम्हारा पहला दिन है अच्छे से काम करना”।

सुबह हुई मै जल्दी से काम पर जाने के लिये तैयार हो गया, चाचा ने मुझे उनके घर पर चोदा और उनसे मेरा परिचय करवाया।

 मेरे चाचा ने मुझे उस घर के मालिक से मिलवाया। उनका घर बहुत बड़ा था। उन्होंने मुझे पूरा घर दिखा दिया और सारा काम भी समझ दिया। मैंने अपना काम करना शुरू कर दिया
उस बड़े से घर में केवल मालिक, मालकिन और उनकी एक 19 साल की बेटी रहती थी। उनकी बेटी तो कमाल की थी । दूध जैसी गोरी , लाल लाल टमाटर की तरह गाल और आंखे तो बहुत ही गजब की थी बड़ी बड़ी, हल्की नीली रंग की। वो ऐसे कपडे पहनती  थी की उसका पूरा शरीर कपड़ो से ढका रहता था। ऐसे कपड़ो में उसकी चूचियाँ  बिलकुल नही दिखते थे। लेकिन उसके के चहरे रंग स तो उसकी चूचियाँ तो और भी  गोरी होंगी।
एक महीना बीता, मैं एक दिन घर की सफाई कर रहा था, मेरे मालिक की बेटी आई और उसने मुझसे  पूछा – you know english ?? । उसे हिंदी थोड़ी कम आती थी इसलिए वो इंग्लिश में मुझसे बात कर रही थी , मुझे भी थोड़ी अंग्रेजी आती थी।मैंने उससे कहा  “yah I know english”. उसने मुझसे पूछा – what’s your name ?? मैंने  जवाब दिया – आसिफ खान।
उसने मुझसे कहा – can you  first clean my room ??  मैंने कहा – why not mam.
मैं उसके कमरे को साफ कर रहा था और वो मेरे आस पास घूम रही थी मैंने पूछा –  I can ask something ??  तो उसने जवाब दिया – why not
मैंने पूछा –  what’s you’re name ??  तो उसने अपना नाम यास्मीन बताया। मैं तो उसे देखते ही उसे चोदना चाहता था, लेकिन वहां का शासन बहुत टाइट थी  इसलिए मैं ऐसा कुछ नही करना चाहता था कि मुझे जेल जाना पड़े।
धीरे धीरे समय बीतता गया और मेरे मालिक की बेटी का मुझसे दोस्ती हो गई , मेरे मालिक तो हमेशा आफिस में रहते थे और मालकिन अपने कमरे से बाहर ही नहीं आती थी। सारा काम नौकर करते थे । जब मैं घर की सफाई करता था तो यास्मीन  मुझसे बातें किया करती थी। मैं भी उसे पसंद करता था लेकिन मैं अपने आप को  रोके रहता था क्योंकि मुझे डर था कि कही मेरी नौकरी ना चली जायें।
एक दिन मैं यास्मीन के कमरे की सफाई कर रहा था, उसने मुझे पीछे से पकड़ लिया  और मुझसे कहा –  “I love you and I know you also love me ” मैंने उससे कहा – what is this I am your servant and I am too poor.  तो उसने कहा-  “it’s ok .I am not believed on this fact .”   उसके बहुत मनाने  पर मान तो  गया लेकिन मेरे मन में एक डर सा था। कहीं कोई ये बात जान गया तो मेरी तो नौकरी जायेगी और साथ साथ मुझे जेल भी।
यास्मीन का आज पूरा मूड था कि मैं उससे खूब किस  करूँ और साथ ही साथ मैं उसकी खूब चुदाई भी करूँ। उसने मुझे अपने बेड पर धकेल दिया और अपने कपड़ो को  एक एक करके निकालने लगी। उसने पहले अपने नकाब को निकाला , क्या गजब की लग रही थी वो,  मेरा तो उसे देखते ही लंड खड़ा हो गया। अपने नकाब को निकलने बाद  उसने अपने सूट को निकालने लगी। मेरा तो ये सब देख कर बुरा हाल हो रहा था। मेरा लंड तो मेरे पेंट को फाड़ते हुए  मेरा लंड खड़ा हो गया। मैंने अपने लंड को दबाते हुए यास्मीन को देख रहा था। उसने अपने सूट को निकाल दिया  और अब  उसका गोरा बदन दिखने लगा था और उसके आधे मम्मे उसकी नील रंग के ब्रा के बाहर था। उसके मम्मे तो बहुत ही मस्त  थे। मेरे मन में तो पानी आ रहा था। मेरा लंड उसे चोदने के लिए बेताब हो रहा था। अपने सूट को निकलने के बाद  यास्मीन ने अपने चूची को दबाते हुए मेरी तरफ आने लगी।  मैंने यास्मीन को पकड़ के अपनी गोद में उठा लिया और उसके होठो को पीने लगा।
यास्मीन भी बहुत जोशीली थी, उसने भी मुझे कसकर पकड़ लिया और मेरे होठो को पिने लगी।
मैंने उसको बाँहों से उतार कर बेड पर बिठा दिया और उसके रसीले और नाजुक  होठो को अपने ने नुकीले और मजबूत दांतो से काट काट कर पिने लगा। हम दोनों  ही कामातुर होकर एक दूसरे के होठो को काट काट कर पी रहे थे। हमे तो ये भी पता नही चल रहा था, की मैं उसके निचले होठो को पी रहा हूँ की ऊपर के होठो को पी रहा था। या फिर उसके जीभ को,  कुछ भी समझ नही आ रहा था। मैं उसके होठो को पीते  पीते उसके बूब्स को दबाने लगा था। जिससे यास्मीन का पूरा बदन ऐंठ रहा था और  वो मुझे और भी कस कर पकड़ लिया और मेरे होठो को मस्ती के साथ चूसने लगी।  उसका नीले रंग का ब्रा उसके गोर गोर चुचियों पर बहुत मस्त लग रहा था। मैंने तो इस तरह की चूचियाँ और ब्रा तो केवल सनी लियोनी के सेक्सी वाली विडियो  में ही देखा था।
मैंने उसे किस करते हुए उसके ब्रा को पीछे से खोल दिया। ब्रा के खुलते ही  उसके बूब्स के निप्पल मेरे सीने में छूने लगी।  मैंने यास्मीन के होठो को  पीते हुए मैंने अपने हाथों से उसकी चुचियों को मसलना शुरू किया।  उसकी चुचियाँ इतनी कोमल और सॉफ्ट थी, की मेरा हाथ उसकी चुचियो से फिसल रहा था। मैं लगातार उसके मम्मो को  मसलते हुए उसके होठो को पी रहा था। बहुत देर तक किस करने के बाद मैंने उसके गर्दन को पीते हुए उसकी गोल गोल, बड़ी बड़ी, रसीले और कोमल मम्मो को पीने लगा। उसकी चूची के बीच में काले रंग का धब्बा बहुत मस्त लग रहा था। मै उसके मम्मे के काले धब्बे को अपने खुरदरी जीभ से चाटते हुए उसकी चुचियों को पी रहा था और यास्मिन कामातुर होके बड़ी मस्ती से मेरे सर पर अपना हाथ फेर रही थी। मै बहुत देर तक उसकी कोमल और मुलायम बूब्स का रसपान किया और उसकी चूची को खूब मज़े लेते हुए मसला भी।

चुचियों को पीने और मसलने के बाद मैंने यास्मिन के सलवार का नारा खोला और उसकी  काली रंग की पैंटी में छुपी हुई चूत को देखने के लिये मैंने उसके पैंटी को भी न निकाल दिया। पैंटी निकालते ही उसकी चांदी की तरह चमकती हुई चूत दिखने लगी। मैंने अपनी जिंदगी में बहुत सी चूत की चुदाई की थी लेकिन इतनी गोरी और साफ चूत मैंने अपने जिंदगी में नही देखी थी। मैंने उसकी चूत को पहले अपने हाथो की उंगलियों से सहलाया जिससे यास्मिन के जिस्म की आग भडक उठी। वो अब इतना चुदासी हो रही थी कि वो अपने मम्मो को मसलने लगी थी, और साथ ही साथ वो अपने बदन को भी ऐंठ रही थी। मैंने उसकी फुद्दी की छेद में अपने उंगलियों को डालने लगा जिससे यास्मिन और भी कमातुर हो गई। मैंने जैसे जैसे अपने हाथो की उंगलियों को उसकी चूत में डालने लगा¸ वो बड़ी मस्ती से ….अहह  आह्ह…. हा…अहह… उह…..उह्ह…ऊह्ह्ह…आराम से … उफ्फ़ …उफ्फ़ इस्सस्सस… …कामोन्…..अह्ह्ह..आह्ह्ह्ह्ह… करके चीख रही थी। मैंने अपनी उगलियों को उसकी चूत में डालने के बाद कभी क्रोस में फैला देता और कभी कभी तो मै अपनी चारो उंगलियों को उसकी चूत में डाल देता। हमें बहुत मजा आ रहा था।

थोड़ी देर लगातार मेरे उंगली करने से यास्मिन अपने आप को रोक नही पाई और उसकी चूत से पानी निकलने लगा जिससे यास्मिन को अच्छा फील हो रहा था। उसकी चूत के पानी को मैंने अपने जीभ से पीते हुए मै उसकी चूत को चाटने लगा। उसकी चूत का पानी बहुत मस्त था बिल्कुल उसकी तरह। मै अपनी जीभ को उसके बुर के अंदर डाल रहा था जब मेरी खुरदुरी जीभ उसके रसीली और रुई की तरह मुलायम बुर में घुसती तो यास्मिन तडप उठती। लेकिन उसे बहुत मजा आ रहा था।

जब मै यास्मिन के चूत को पी चूका तो उसने मुझसे कहा – “I wana suck your penis.”  मैंने अपने 9 इंच के बड़े लंड को निकाल कर मैंने अपने लंड को उसके हाथ में रख दिया। तो उसने कहा –  ”your penis is too large I like it.”  मैंने कहा – थैंक्स

उसने मेरे लंड को अपने जीभ से चाटने लगी और कुछ देर बाद उसने मी लंड को अपने मुह रख लिया। मेरा लंड बहुत बड़ा था इसलिये पूरा लंड उसके मुह में नही जाता था। मुझे बहत अच्छा लग रहा था।

 20 मिनट तक मेरे लंड को चूसने के बाद मैंने उसकी चूत को चोदने के लिये उसको बेड पर लिया दिया। उसने मुझसे कहा – मैंने एक मूवी देखी है जिसमें हीरो हेरोइने को बंध कर चोदता है क्या तुम मुझे उस तरह से चोद सकते हो??¸ मैंने हाथो को बाँध दिया और उसकी चूत को अपने लंड से सहलाया और धीरे से अपने लंड को उसकी चूत की छेद में डालने लगा। मेरे लंड के अंदर जाने से यास्मिन तडप गई और वो अपने चूत के ऊपरी भाग को अपने हाथो से मसलने लगी। मै भी बहुत जोश में था, मैंने अपने लंड को उसकी चूत में जोर लगाके डालने लगा जिससे यास्मिन का तो  “….अहह आह्हह्ह हा हा हा हा ….. उह उह उन्ह …उफ़ उफ़ उफ़ उफ़……. हाँ ना ना ना ……..येह येह ये ……  फक मी फास्ट ….अहह अहह उनहू उनहू ….. करके  बुरा हाल हो रहा था। मै लगातार उसकी चूत को चोदे जा रहा था और वो तेज तेज से चीख रही थी। हम दोनों उस चुदाई का पूरा मजा उठा रहें थे।

 हमारी चुदाई खत्म नही हुई थी की बीच में ना जाने कहा से यास्मिन के पापा घर आ गेर और यास्मिन को बुलाने उसके कमरे में आ गये।  उन्होंने दरवाजा खोला तो मै उनकी बेटी की चुदाई कर रहा था। उसका हाथ बंधा होने के कारण मेरे मालिक को लगा मै उसका रेप कर रहा हूँ।

मै पकड गया मेरे मालिक ने मुझे पुलिस के हवाले कर दिया, और यास्मिन के ऊपर जोर देकर उससे झूठी गावाही दिलवायी। जिससे वहां के सरकार ने मेरा लंड कटवा दिया।

उस दिन के बाद मै नामर्द हो गया। मैं किसी की फिर से चुदाई नही कर पाया।

मेरे भाई ने मेरी गर्लफ्रेंड की चूत में लौड़ा दिया मेरी गैर मौजूदगी में

हेलो दोस्तों, मैं समर प्रताप सिंह आपको अपनी सेक्सी स्टोरी इंडिया की नं १ हिंदी सेक्स स्टोरी साईट नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर सुनाने जा रहा हूँ। ३ साल से पंखुड़ी मेरी गर्लफ्रेंड है। मेरे पड़ोस में रहती है। उसको मैं कई बार चोद चूका हूँ। मेरा सगा भाई अविनाश मुझसे बहुत जलता था जब मैं पंखुड़ी को घर लाकर चोदता था। अविनाश काला कलूटा था, जादा हैंडसम नही थी इसलिए उससे कोई लड़की जल्दी नही पटती थी। इसलिए जब भी पंखुड़ी मुझसे मिलने आती थी, अविनाश मुझसे बहुत जलता था।

एक बार मुझे एक कॉम्पटीशन का एक्जाम देने देहरादून १० दिनों के लिए जाना पड़ा। मेरी गैर मौजूदगी में मेरी माल पंखुड़ी मेरे घर आई और मेरे बारे में अविनाश से पूछने लगी।

“समर घर पर है क्या???” पंखुड़ी ने पूछा

“भाई !!….यही सड़क तक गये है, आओ वेट कर लो!!” अनिवाश मेरी माल पंखुड़ी से बोला

अविनाश बार बार तिरझी निगाहों से मेरी माल को ताड़ रहा था। पंखुड़ी ने एक नीली रंग की कॉटन शोर्ट स्कर्ट पहन रखी थी। उसकी मस्त मस्त सुडौल जांघे अविनाश को दिख रही थी। उपर पंखुड़ी ने एक लो कट स्लीवलेस हल्के हरे रंग का टॉप पहन रखा था। जिसमे उसकी दुधिया बाहें दिख रही थी साफ साफ़। पंखुड़ी के ३४” के मम्मे काफी आकर्षक थे और किसी भी जावन लड़के का ध्यान आकर्षित कर सकते थे। प्यारी सी परी जैसी मेरी सामान पंखुड़ी को देखकर ना जाने क्यों मेरे सगे भाई के दिल में उसे चोदने की बड़ी ज्वलंत इक्षा पैदा हो गयी। अनिवाश ने मन ही मन सोच लिया की जब उसका भाई समर हजारों बार पंखुड़ी को पेल चूका है और उसके रूप के समुन्द्र से हजारों मोती चुरा चूका है तो क्यूँ ना आज अविनाश पंखुड़ी को चोद ले और उसके समुद्र से एक बाल्टी पानी निकाल ले। क्या फर्क पड़ता है। अविनाश ने सोचा। उसने लॉबी में बैठी पंखुड़ी को सुकून देने के लिए ac ओन कर दिया। फिर अंदर फ्रिज के पास गया। उसके २ ग्लास में कोको कोला निकाली और पंखुड़ी के ग्लास में कुछ नशीली गोलियां मिला दी और लाकर मेरी माल को दे दी।

भीसड गर्मी के कारण पंखुड़ी २ मिनट में अपनी सारा कोल्ड्रिंक गटागट पी गयी। मिनट भी न हुए की पंखुड़ी को नींद आ गयी। मेरा चुदासा भाई अविनाश ये देखकर बहुत खुश हो गया। जब पंखुड़ी पूरी तरफ से बेहोश हो गयी तो अविनाश उसके पास सोफे पर बैठ गया। उसने उसका हाथ पकड़कर उठाया और देखा की कहीं ऐसा तो नही तो जग रही हो। पर मेरी सामान पंखुड़ी ने कोई प्रतिक्रिया नही दी और सोती रही। उसके बाद अविनाश फुल जैसी हसीन पंखुड़ी का हाथ चूमने लगा। फिर धीरे धीरे उसके कंधे पर अपना हाथ रख दिया। अविनाश ने मेरी सामान पंखुड़ी को अपनी बाँहों में भर लिया और चूमने चाटने लगा। बहनचोद!!!.. भाई के नाम पर मेरा भाई कसाई निकला। क्या कोई भाई अपने भाई की माल को धोखे से ठोकता है क्या?? फिर अविनाश पंखुड़ी के रसीले लीची जैसे मीठे होठ की मिठास लेने लगा।

पंखुड़ी बेसुध थी। उसे कुछ पता नही था की उसके साथ क्या हो रहा है। अविनाश ने जी भरकर उसके रसीले होठ चूसें और मजा मारा। उसके बाद वो मेरी सामान के स्लीवलेस गोरे हाथों को शिद्दत से चूमने लगा।

“ओह्ह्ह…..पंखुड़ी….तुम बहुत गजब का सामान हो?? तुम्हारी चूत लेने में मजा आएगा!!” अविनाश किसी दरिन्दे की तरह बोला

वो काफी देर तक पंखुड़ी के गोरे हाथ पंजे से कंधे तक चूमता रहा। क्यूंकि वो स्लीवलेस थी। उसके बाद उसने मेरी सामान को सोफे पर लिटा दिया और अपने सारे कपड़े निकाल दिए। फिर अविनाश ने अपना कच्छा भी निकाल दिया। उसने बेसुध पंखुड़ी के दोनों हाथ उपर कर दिए और उसका हरा टॉप निकाल दिया। फिर उसकी ब्रा भी निकाल दी। अब अविनाश के मुँह में वासना का पानी भर आया। वो मेरी फूल जैसी कच्ची कली पर किसी हब्सी की तरह टूट पड़ा। मेरा सगा भाई अविनाश ही मेरी माल की इज्जत लूट रहा था और उसकी रसीली बुर में लंड देने वाला था। उसने अपने राक्षस जैसे दोनों हाथ पंखुड़ी के ३४” के बूब्स पर रख दिए और कमीना बेदर्दी से उसे मीन्जने लगा।

पंखुड़ी बिचारी कुछ नही समझ पा रही थी की उसके साथ क्या हो रहा है। वो तो गोली के नशे में थी। मेरा भाई उसके मस्त मस्त गुलाबी मम्मे पीने लगा। कुछ देर बाद उसने पंखुड़ी की शोर्ट स्कर्ट भी निकाल दी और उसकी गुलाबी पैंटी भी निकाल दी। अब मेरी जान पंखुड़ी मेरे दुष्ट भाई के शिकंजे में थी। अविनाश बड़ी देर तक उसके मस्त मस्त दूध का चूसन और पान करता रहा। फिर वो पखुडी जैसी फूल सी माल की चूत पीने लगा। कुछ देर बाद अविनाश ने अपने मोटे लंड में ढेर सारा तेल लगा लिया और अच्छी तरफ से लंड में मल लिया। फिर वो मेरी प्रेमिका को चोदने लगा। पंखुड़ी बेहोश थी। उसको होश नही था। पर उससे ये तो महसूस हो रहा था की कोई उसके साथ कुछ गंदा काम कर रहा था।

“हटो…….दूर हटो….मुझसे!! मुझे मत चोदो!!…..मेरी चूत सिर्फ और सिर्फ समर मार सकता है!!” पंखुड़ी नशे में बुदबुदा रही थी। वो कह रही थी। पर मेरे भाई को इससे कुछ फर्क नही पड़ा। वो तो अपनी कमर चला चलाकर मेरी माल को चोद खा रहा था।

“मजा आ गया भाई…..वाह….मजा आ गया!!” अविनाश बोल रहा था। उसका लौड़ा मुझसे जादा मोटा था जो मेरी गर्लफ्रेंड के भोसड़े में जाकर तूफान मचा रहा था। गप गप पंखुड़ी को ठोंक रहा था। जब मैं पंखुड़ी को अपने घर पर जाकर उनकी नर्म चूत में लंड देता था तो मेरा भाई अविनाश बहुत जलता था मुझसे। पर आज उसने अपना बदला सूद समेत निकाल लिया था। पंखुड़ी उसके जाल में उसी तरह से फंस चुकी थी जैसे फंदे में कोई बगुला फंस जाता है। अविनाश नशे में धुत्त पंखुड़ी के रसीले ओंठ चूस चूस कर उसको पेल रहा था। कभी उसके कंधे पर काट लेता था। कभी पंखुड़ी की चुच्ची पर। आज वो अपनी साड़ी हवस और वाशना को सूद समेत वसूल कर रहा था।

पंखुड़ी की बुर बड़ी मस्त थी। बिलकुल भरी हुई हुई चूत थी। खूब पेला अविनाश ने मेरी गर्लफ्रेंड को मेरी गैर मौजूदगी में। पंखुड़ी का भोसड़ा पूरी तरह से फट गया। आधे घंटे बाद वो उसकी चूत में झर गया। पंखुड़ी एक बार चुदवा चुकी थी, पर वो साफ़ साफ़ नही जान पायी थी की उसके साथ क्या हो रहा है। कौन उसको बजा रहा है। फिर अविनाश उसके उपर लेट गया और उसके जिस्म को कामुकता से चूमने चाटने लगा। २० मिनट बाद भी पंखुड़ी को होश ना आया। इसी बीच मैंने अविनाश को फोन लगाया।

“हेलो भाई!!….क्या पंखुड़ी घर आई थी??? क्या मेरे बारे में पूछ रही थी क्या???’ मैंने फोन पर अपने सगे भाई से पूछा

“नही भैया!! वो तो नही आई!!” अविनाश ने मुझसे झूठ बोल दिया। उन बहनचोद ने पंखुड़ी का फोन भी ऑफ़ कर दिया था

“भाई!! मैं पंखुड़ी का नम्बर मिला रहा था, पर पता नही क्यों उसका फोन बंद जा रहा है!!” मैंने कहा

“….पता नही भैया!!….अगर वो घर पर आएगी तो मैं आपको काल कर दूंगा!” बहनचोद मेरे हमारी भाई ने कहा और मुझसे साफ़ साफ़ झूठ बोल दिया। जबकि मेरी गर्ल फ्रेंड उसके बगल ही थी और पूरी तरफ ने नंगी थी। कुछ देर बाद मेरे कुत्ते भाई अविनाश ने फिर से मेरी गर्लफ्रेंड पंखुड़ी को चूमना चाटना शुरू कर दिया। उस हमारी ने अपने मोबाइल की रिकार्डिंग ऑन कर दी और एक किनारे फोन सेट कर लिया। वो पंखुड़ी को धीमे धीमे पुरे जिस्म पर चूमने लगा और विडियो बनाने लगा। फिर उसने बड़ी देर तक उसके नग्न उरोज [छातियों] को रिकॉर्ड कर लिया और मुँह में भरके पंखुड़ी के दूध पिये और विडियो बनाता रहा। पंखुड़ी के चेहरे, ओंठ, गले, नंगे चुच्चे, नाभि, सफ़ेद सफ़ेद चिकनी जांघ और नंगी चूत को मेरे कमीने भाई ने हाथ से खोला और पूरी नंगी चूत की विडियो रिकॉर्डिंग कर ली।

मेरी मासूम और भोली भाली गर्लफ्रेंड पंखुड़ी को ये लेशमात्र भी पता नही चला की उसके साथ क्या क्या काण्ड हो गया है। वो एक बार चुद चुकी है। और उसके पूरे नंगे खूबसूरत जिस्म की विडियो बन चुकी है। फिर कैमरे के सामने ही अपने ६” लौड़े पर मुठ मारने लगा। कुछ देर में उसका लंड फिर से खड़ा हो गया। एक बार फिर से वो मेरी सामान को चोदने का प्लान बना रहा था। फिर अविनाश ने कैमरा एक जगह सामने सेट कर दिया। और सोफे पर ही नंगी टांगे खोल पर पड़ी मेरी सामान पंखुड़ी के चुच्चे वो पीने लगा। वो मुँह से चूस चूस कर पंखुड़ी की काली काली निपल्स मजे से चूस रहा था। पंखुड़ी के बूब्स बहुत सुंदर थे। निपल्स के चारों ओर बेहद खूबसूरत सुंदर सुंदर चमकीले काले रंग के छल्ले थे। अविनाश मजे लेकर वो दूध पी रहा था जिसपर मेरा हक था। और जिन बूब्स को मैं पिया करता था। अविनाश ने आज साल भर की कसक पूरी कर ली थी।

वो बड़ी देर तक पंखुड़ी के दूध पीता रहा। फिर उसने पंखुड़ी की गांड के नीचे २ मोटे तकिया लगा दिए, जिससे उनकी गांड उपर आ गयी। अविनाश लेट कर इस बार पंखुड़ी के गांड पीने लगा और मजे लेकर चाटने लगा। उसने पंखुड़ी की गांड में ढेर सारा तेल लगा दिया। उसमे मजे लेकर आधे घंटे तक ऊँगली करता रहा। उसके बाद अविनाश ने मेरी सामान की गांड में लंड रखा और जोर का धक्का मारा। अविनाश का मोटा लंड मेरी गर्लफ्रेंड की गांड को फाड़ता हुआ अंदर घुस गया। उसके बाद अविनाश पंखुड़ी की गांड मारने लगा और कसी गांड में अपना कड़ा लोहे जैसा लंड देने लगा।

कुछ देर में पंखुड़ी की कच्ची कली जैसी अनचुदी गांड पूरी तरह से रवां हो गयी। अविनाश मजे लेकर उनकी गाड़ में लंड देता रहा। आज उसने पूरी अपनी शैतानी इक्षा पूरी कर ली थी। कितनी अजीब बात है पंखुड़ी मेरी माल थी, उसके बावजूद मैंने उसकी गांड कभी नही मारी थी, सिर्फ मैं उसकी बुर चोदता था। क्यूंकि मैं उसकी इज्जत करता था। वो मेरी प्रेमिका थी, कोई रंडी छिनाल आवारा लड़की नही थी। पर मेरा भाई इतना बड़ा हरामी निकल गया की मैं दोस्तों आपको क्या बताऊँ। वो मेरी प्रेमिका की गांड मार रहा था वो भी धोके से। उस दुष्ट ने पंखुड़ी के कोका कोला में बहुत सारी नशे की गोलियां मिला दी थी।

“प्लीस….मेरी गाड़ मत मारो ..प्लीस!!” पंखुड़ी अपनी गांड चुदवा रही थी और नशे में बुदबुदा रही थी। पर मेरे सगे भाई अविनाश को उस पर ना ही दया आई और ना ही कोई तरस आया। वो मजे से जल्दी जल्दी पंखुड़ी की गांड मारता रहा और सारे काण्ड को अपने फोन में रिकोर्ड करता रहा।

“प्लीस….मेरी गाड़ मत मारो ..प्लीस दर्द हो रहा है!!” पंखुड़ी बोल रही ही। हालाकि उसकी आँखें बंद थी। पर मेरे सगे भाई को उस बेचारी पर कोई तरस नही आया। उसने १ घंटे तक पंखुड़ी जैसी फूल को गांड के नीचे तकिया लगाकर खूब जी भरकर गांड मारी। उसके बाद अविनाश ने अपना लंड जल्दी से निकाल लिया और पंखुड़ी के मुँह पर माल गिरा दिया। १ घंटे बाद पंखुड़ी को होश आ गया। दोस्तों, जब मैं लौटकर आया तो उसने रो रोकर सारी बात बता दी। मेरा खून खौल गया की अविनाश ने धोखे से कितनी बार पंखुड़ी को चोदा खाया।

“अविनाश!! मैं अभी पुलिस स्टेशन जा रहा हूँ और तेरे खिलाफ रिपोर्ट लिखा रहा हूँ और 375, 376 में केस दर्ज करा दूंगा” मैंने कहा

“भाई ….जाना है तो जाओ, पर ये विडियो देख लो” अविनाश बोला। जब उसने विडियो दिखाया तो मेरा और पंखुड़ी दोनों की गांड में से धुआं निकल आया। मेरा भाई नहीं कसाई निकला।

“अगर तुम पुलिस में गये तो मैंने ये विडियो अपने सारे दोस्तों को भेज दिया है। अगर मैं जेल में गया तो मेरे दोस्तों विडियो वायरल कर देंगे, उसके बाद तुम्हारी माल पंखुड़ी ने ना ही कोई शादी करेगा और ना ही कोई सामान की चूत मारेगा!!” अविनाश बोला। उसके बाद दोस्तों मुझे और पंखुड़ी को उसके सामने झुकना पड़ गया। अब वो महीने में १० बार पंखुड़ी को ब्लैकमेल करता है और उसकी गांड और चूत दोनों मजे से मारता है। मैं मजबूर हूँ और कुछ नही कर सका मैं। आपको ये कहानी कैसी लगी, अपनी कमेंट्स नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर जरुर दें।

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