जवानी की प्यास सेक्स कहानी ठंड में गरमा गरम

Jawani ki Pyas Sex Story in Hindi : दोस्तो में मोहित फिर से आप के लिए एक मस्त कहानी लेकर हाजिर हु और आप से माफी भी चाहुगा मेरी कहनी थोड़ा लेट आती है मगर जिंदगी की सच्चाई इतना जल्दी कोई लिख भी नही सकता उसमे थोड़ा समय तो लगता है तो मेरी कहानी का मजा लो फ्रेंड। मैं एक कंपनी में काम करता हूं और पास के फ्लैट कंपनी में रहता हूं। मेरे ही फ़्लैट के पास ही लड़कियों का एक ग्रुप मेरे पड़ोसी फ्लैट में रहता है।

वे भी काम करते हैं, मुझे नहीं पता कि कौन सी कंपनी में वो काम करते है। यह बात त्योहार की छुट्टी थी, और मेरे पास कुछ लंबित काम था, इसलिए मैंने घर न जाने और फ्लैट में रहने का फैसला किया। मगर न जाने का एक और कारण यह है कि मुझे काम से कुछ ब्रेक चाहिए और आनंद लेना और फिल्में देखना और इस शहर मे घूमना था।यह  घटना दोपहर के आसपास की थी, मैं अपने घर मे सो रहा था, और मेरे घर की घंटी बजती है मैं उस समय अपने घर के हॉल में ही सो रहा था मैं जाग उठा और आधे नींद में था।

मैं दरवाजा खोलता हूं और दरवाजे की तरफ से देख रहा हूं, मैंने देखा कि अंकिता वहां खड़ी है।मैं चौंक गया। अंकिता ने कहा मेरे घर मे लाइट की कुछ प्रॉब्लम क्या आप उसे भी ठीक कर सकते हो क्या?मैंने अपनी शर्ट बिस्तर से ली और उसके पीछे आ गया। मैं आधे नींद में था.मैं बस उसे पीछे-पीछे उसके घर गया और मेन स्विच की जांच करता हूं, उनमें से कोई भी प्रॉब्लम नही थी।

फिर मुख्य बिजली की आपूर्ति की जांच।वहां मैंने देखा कि एक एमसीबी नीचे था।मैं सिर्फ एमसीबी ऊपर किया और लाइट आगई अंकिता-ओह यह समस्या थी.धन्यवाद अंकिता-आप घर नहीं गए मेने कहा मुझे कुछ काम है, इसलिए मैंने घर जाने का फैसला केंसल कर दिया। अंकिता-हाँ!मुझे भी।मेरे सभी दोस्त चले गए हैं, केवल मुझे छोड़ दिया गया है वैसे, एक बार फिर से धन्यवाद।उसके बाद, मैं अपने कमरे में आता हूं और नहा कर ताजा हो जाता हूं और मेछुट्टी इंजॉय करने के लिए प्लान बनाता हूँ और घर से निकल जाता हूं रात में 11 बजे तक घर आता हूं।

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और अपने लैपटॉप पर एक वेब सीरीज देख रहा था, मेरा घर की घंटी बजती है मेने सोच इतनी रात में कोन हो सकता है मैंने थोड़ा सा ही दरवाजा खोला और देखा कि अंकिता वहां खड़ी थी। मुझे नमस्ते कहा अंकिता-क्या मैं आ सकती हूँ? मेने कहा यस आइये वह आ गई, और मैंने दरवाजा बंद कर दिया।मैंने उसकी आँखों में देखा तो आज कुछ अलग ही लग रही थी। अंकिता-आप यहाँ अकेले रहते हो? हाँ!अंकिता-क्या तुम्हारी कोई प्रेमिका है?मेने सोच ये क्यो पूछ रही है मगर हंस कर न कह दिया।

अंकिता- अभी आप क्या कर रहे हैं? मेने कहा कुछ खाश नही।अंकिता-(अचानक) से क्या आप ने सेक्स किया है? मेने है कहा। अंकिता-क्या तुम मुझे पसंद करतो हो?मैं दंग रह गया उसके पास इस तरह के एक सुंदर शरीर है सभी चीजें परिपूर्ण हैं फिर उसने मुझे ऐसा क्या देख लिवा मगर जब चुद की आग जलनी लगती है तो उसे बुझाने वाला भी तो कोई होना चाहिए इसलिए अंकिता मेरे पास आई है मेरा मन बहुत खुश हो रहा था मन ही मन अंकिता-क्या तुम मेरे साथ सेक्स करोगे?मेने हाँ कहा!  अंकिता तो चलो शूरु हो जाओ पहले अपने कपड़े तो खोलोमैं जल्दी से अपने सारे कपड़े खोलता हूं और उसके सामने नंगा हो जाता हु मैं उसके सामने एक कडक लंड के साथ खड़ा था।

वह पहले मेरे चेहरे को छूती है, फिर छाती, और फिर मेरे लंड को पकड़ती है। उसका हाथ इतना गर्म था।वह मेरे लंड को हिलाती है तो उसने हाथ पर थूक लगा कर और इसे फिर से हिलाया। अंकिता ने अपने कपड़े खोले उसके बाद, उसने अपनी ब्रा हटा दी और और panty खोल दिया।उसके स्तन इतने परिपूर्ण थे उसके निपल्स कठोर हो गए और उसकी चुद इतनी शराबी और वहाँ छोटे बाल, वह इतनी गर्म और सेक्सी लग रही है वह मेरा चेहरा पकड़ कर मेरे होंठों पर मुझे चुंबन देती है मैं भी उसे पकड़ लेता हूं और उसकी गर्दन को चाटना और चुंबन करना शुरू कर देता हूं और उसके होंठ चुंबन करता हूं। उसकी इतनी मीठी बदबू आ रही थी। मैं उसे स्तन पकड़ रहा था और उसकी गर्दन और होंठ चाट रहा था।

कुछ मिनटों के बाद हमारा फेंच किस करने लगे। वह एक पागल व्यक्ति की तरह मेरी जीभ चूसने लगती है.वह मेरे बाल पकड़ लेती है और मेरी जीभ इतनी बुरी तरह से चूसती है मैं एक हाथ से उसके गधे को पकड़ लेता हूं, और दूसरी तरफ, मैं उसके स्तनों को दबा रहा था और और उन्हें चूसने के 3 से 4 मिनट के बाद उसकी गर्म सांस महसूस कर सकता था। अंकिता-मेरे साथ भी ऐसा ही करें।मैं उसे पकड़ और दीवार के तरफ सरक कर मैंने उसे अपनी जीभ को बाहर करने के लिए कहा और उसकी जीभ चूसने लगा में उसे दिवार के तरफ कर के जंगली तरह से कभी गर्दन कभी उसके होठ  उसके स्तन दबा देता हूं फिर वह मेरा चेहरा पकड कर चुप हो जाती है।

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उसने मेरी आखो में आँखे डाल कर बहुत प्यारी सी स्माइल दी। मगर में अपना काम चालू रखता हूं मैं उसके स्तन चूसने और चाट और उसके निपल्स काटने शुरू कर दिए मेने उसकी आँखों में देखो.उसकी आँखों पर बहुत सारी जंगलीपन था मैं उसके स्तन चूसने रखता हूं, उसके स्तन मेरे थूक से भरा होता है, और उस पर मेरे दांतों के निशान अंकिता मोहित अब सहन नही होता गुसा दे अपना ये मोटा लंड मगर सेक्स में एक चीज खाश है वो पार्टनर को जितना तरपाओगे उसे उतना मजा आएगा मैं नीचे बैठ गया और उसकी चुद को चाटने लगा। अं

किता  ने अपने एक पैर को मेरे कंधे पर रख दिया क्योंकि हम अभी भी दीवार के पास हैं। उसकी चुद इतनी गीली थी, मैंने अपना मुंह लगाया और चूसने शुरू कर दिया अंकिता ने कराहना शुरू कर दिया, और उसकी आवाज़ मुझे इतना पागल बना रही थी।कुछ ही मिनटों के बाद उसके सब्र का बाँध मेरे मुंह में फूट पड़ा, वह मेरे,वह नीचे आ गई, मुझे इतनी बेतहाशा चुंबन, और मेरे चेहरे पर सब चाटना अंखिता-Uff!चलो बिस्तर पर चलते है। अब मैं उनको अपने कमरे में ले गया और उनको बिस्तर पर लिटा कर उनके ऊपर चढ़ कर उनको किस करने लगा।

मैंने दूध पीते-पीते एक हाथ से उसकी चुद को भी रगड़ रहा था।मैं उनके सिरहाने आकर उनसे अपने लंड को चूसने को कहा.. तो अंकिता ने मना कर दिया। फिर भी मैंने जबरदस्ती से अंकिता के मुँह में लंड डाल दिया और उनका मुँह चोद डाला। कुछ देर लंड चुसाई के बाद अपना सारा वीर्य उनके मुँह में छोड़ दिया जब टक उन्होंने मेरा रस पी नहीं लिया मैंने लंड को उनके मुँह से हटाया ही नहीं और जबरदस्ती उनको लंड का रस पिला दिया।

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अब असली की बारी थी.. तो मैंने नीचे जाकर अंकिता की चुत को फैला कर अपना लंड सीधा उनकी चुत पर टिका दिया। सुपारा फांकों में फंसा कर एक जोर से धक्का मार कर पूरा लंड अन्दर पेल दिया।अंकिता तो मजे में जोर से चिल्ला पड़ीं और मुझे सीने से लगाकर किस करने लगीं, मैंने जोरदार झटके चालू कर दिए।अंकिता अभी अपनी गांड उठा-उठा कर मेरा साथ देने लगीं। वो लगातार ‘आहें..’ भर रही थीं ‘आहहह.. ऊमम.. आहह.. जोरर.. से करर.. आहहहह.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… उम्महह.. आह.. मजा आ गया है..’उनकी कामुक आवाजें रूम में गूंजने लगी थीं। फिर मैंने अंकिता को अपने ऊपर ले लिया और वो मेरे लंड पर उछल-कूद करने लगीं।

अब वो मुझे चोदे जा रही थीं।तब भी मुझे उनको चोदने मजा आ रहा था। अभी एक बजने के करीब का समय हो रहा था। मैंने जल्दी से उन्हें डॉगी स्टाईल में करके पीछे से उसकी चुत में लंड घुसा कर पूरी स्पीड से चोदना शुरू कर दिया। अंकिता ने बिस्तर पर घोड़ी बने हुए तकिया पूरी ताकत से पकड़ा हुआ था। अंकिता इस दौरान चार बार झड़ चुकी थीं। अब मेरा भी निकलने वाला था.. तो मैंने उन्हें सीधा करके उनके मस्त स्तन पर मेरा पूरा माल छोड़ दिया और हम एक-दूसरे से लिपटे पड़े रहे। मैं एक हाथ उनकी चुत में घुसा कर लेटा हुआ था।इसके बाद हमने कई बार सेक्स किया और पूरी छुट्टी का आनंद लिया।इस कहानी को पढ़ने के लिए धन्यवाद और अपने प्यारे कमेंड मेरी ईमेल id पर जरूर भेजे। [email protected].

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