रात में चीख पड़ी जब भाई ने जोर से लौड़ा घुसाया विर्जिन चूत में

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अठारह साल होते ही मेरा भाई मेरे पीछे पड़ गया और रोज रोज मुझे मनाने लगा की मैं उसको अपनी चुत चुदाई को दूँ। पर ऐसा मौक़ा भी नहीं मिला और जो दूसरी बात थी वो डर था क्यों की मुझे काफी डर लग रहा ता की पहली बार चुदाई करवाते समय कही ज्यादा खून निकल गया तो क्या होगा।

किसी को बता भी नहीं सकती अगर मेरी चूत फट गई तो मैं दर्द को कैसे बर्दाश्त कर पाऊँगी। ये सब सोच कर मैं काफी परेशान रहती थी। फिर भाई ने मुझे नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के बारे में बताया और फिर मैं कई कहानियां पढ़ी तब जाकर मेरे मन से डर निकला और अपने भाई से चुदाई को तैयार हो गई।

दोस्तों जैसा की आपको पता चल गया मेरी उम्र अठारह साल है मेरा नाम पूजा है मेरे भाई का नाम रवि है वो मेरे से दो साल बड़ा है। घर में हम दोनों के अलावा मेरी माँ और पापा हैं वो दोनों डॉक्टर है पर आजकल कोरोना वायरस की वजह से हॉस्पिटल में ही रह रहे हैं उन दोनों की ड्यूटी लगी हुई है।

घर में पापा और माँ में नहीं रहने की वजह से हम दोनों भाई बहन को मौक़ा मिल गया और हद से गुजर गए। और चुदाई कर लिए रात में। शाम को मेरा भाई मेरे आगे पीछे कबूतर की तरह मडरा रहा था की मैं चुम्मा दे दूँ और अपनी चूचियां दबाने दूँ। पर मैं कह रही थी रात को करना जो भी करना होगा क्यों की मुझे शर्म आ रही थी।

पर उसने मेरी चूचियां दबा ही दिया और किश करने लगा। मैं भी अपने आप को रोक नहीं पाई और उसको भी खूब चुम्मा दी और ली वो अपना जीभ मेरे मुँह में दे रहा था और मैं उसके जीभ को चूस रही थी। धीरे धीरे वो मेरी चूचियों को सहलाने लगा और मैं कामुक होने लगी।

वो बार बार मेरी पेंटी खोल रहा था पर मैं मना कर रही थी। क्यों की उसके पास कंडोम नहीं था। और बिना कंडोम के चुदाई मैं नहीं चाहती थी। तभी वो मार्किट चला गया कंडोम लाने और फिर शाम को सात बजे आया।

दोनों घर से बाहर जाकर रेस्टुरेंट में ही खाना खाये फिर करीब नौ बजे आये। फिर हम दोनों शुरू हो गए। वो अपना सारा कपड़ा उतारा और मेरी तरफ टूट पड़ा उसने मुझे पलंग पर लिटा दिया। फिर उसने मेरी सैंडल उतारी, फिर उसने मेरे टॉप्स उतारे फिर मेरी जीन्स को उतार दिया।

अब मैं सिर्फ ब्रा और पेंटी में थी, मेरा भाई मेरा होठ चूस रहा था और हौले हौले से मेरी चूचियां दबा रहा था। मैं इस नए एहसास का मजे ले रही थी। मेरे रोम रोम खड़े हो रहे थे। मैं कामुक फील कर रही थी।

दोस्तों फिर उसने मेरी पेंटी उतार दी और मैंने खुद से ब्रा का हुक खोल दी। वो मेरी चूचियों को पकड़ लिया और जोर जोर से मसलते हुए पिने लगा। निप्पल को दांत से दबा रहा था। मैं आह आह कर रही थी। तभी वो निचे की तरफ हो गया और मेरे दोनों पैरों को अलग अलग करते हुए मेरी चूत को जीभ से चाटने लगा।

दोस्तों अब मेरे होश हवस उड़ गए थे। मेरी चूचियां तन गई थी चूत गीली हो गई थी। उसने मेरी चूत में ऊँगली करने लगा था। ऊँगली से भी दर्द हो रहा था क्यों की इसके पहले कभी मेरी चूत में कुछ भी नहीं गया था।

मैं बोली लाइट बंद कर दो पर वो मना कर रहा था फिर मेरे कहने पर उसने लाइट बंद कर दिया और मैं शांत हो गई चुदने के लिए तैयार थी।

उसने मेरी चूत पर लंड रखा और जोर से घुसा दिया मैं कराहने लगी अँधेरे में मेरा भाई मेरी चूत फाड़ चुका था। चूत से खून निकल रहा था।

फिर उसने मेरी चूचियों को सहलाया और फिर से वो मेरी चूत में लौड़ा डालने लगा। धीरे धीरे करके वो पूरा लौड़ा मेरी चूत में घुसा दिया और फिर यहाँ से शुरू हो गया भाई बहन की चुदाई (Bhai Bahan Ki Chudai Story) अब वो जोर जोर से चोदने लगा।

हम दोनों ने पूरी रात चुदाई की अलग अलग तरीके से। खूब मजे ली अठारह साल की जवानी का। मजे किये खूब मैंने पर दुसरा दिन मेरे लिए ठीक नहीं था क्यों की मैं चल नहीं पा रही थी। चूत दर्द कर रहा था।

आपको ये मेरी भाई बहन की चुदाई की कहानी कैसी लगी जरूर बताएं। तब तक के लिए धन्यवाद।

पापा जी ने मेरी पहली चुदाई की

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दोस्तों मेरा नाम गुन्नू है। आज मैं आपको अपनी सेक्स कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर सुनाने जा रही हूँ। मेरी ये चुदाई की हॉट कहानी बहुत पसंद आएगी।

कैसे पापा जी ने मेरी पहली चुदाई की और मेरी चूत के रस को पिया, रात भर मैं भी मजे की वो सारे अनुभव आपके सामने शेयर कर रही हूँ।

मैं अठारह साल की हूँ। गाजिआबाद जो दिल्ली के पास है वही रहती हूँ। मेरे घर में दो बहने और मेरी माँ है। बहन की शादी लखनऊ में हुई है। वो अपने ससुराल में ही रहती है। मेरी माँ शिक्षिका है वो एक स्कूल में पढ़ाती है। आपको पता होगा अभी अभी दिल्ली में जो चुनाव हुआ है उनकी भी ड्यूटी लगी थी तो दो दिन के लिए वो चुनाव के लिए बाहर गई थी मैं घर में अकेली थी।

मेरे दीदी के ससुर जिनको मैं भी पापा जी ही कहती हूँ। वो किसी काम से दिल्ली आये थे। तो वो रात में मेरे यहाँ ही रुक गए थे। रात को मैं अपने कपडे चेंज कर सोने जाने लगी तो वो गुन्नू बेटा मेरे पास बैठो बातचीत करते हैं।

मैं भी उनके साथ बैठ गई। उनके ही बेड पर वो अपने जवानी की कहानी सुनाने लगे। फिर वो धीरे धीरे जवानी में क्या क्या किया वो बताने लगे। फिर सेक्स पर आ गए वो कितने के साथ सेक्स किया था जवानी में शादी के पहले वो बताने लगे। फिर वो शादी के पहले सेक्स क्यों करने चाहिए और इसके क्या फायदे होते हैं बताने लगे।

धीरे धीरे वो मुझे बहसी आँखों से देखने लगे और मेरे जांघ पर अपना हाथ फेरने लगे। मैं बोली पापा जी आप क्या कर रहे हैं? तो वो बोले क्यों तुम्हे अच्छा नहीं लग रहा है। तो मैं बोली नहीं नहीं अच्छा तो लग रहा है। मैं इसके आगे कुछ बोलती की वो बोल पड़े मजे लो ऐसा मौका कभी नहीं आएगा तुम भी अकेली हो आज मैं तुमको चुदाई कैसे करते है और तुम अपने पति को कैसे खुश करोगी जब तुम्हारी शादी होगी वो सभी बताऊंगा।

धीरे धीरे वो मेरे होठ को छूने लगे। वो रजाई हटा दिए तो देखि उनका लौड़ा तम्बू ताने खड़ा था मैं मचल गई देखकर बूढ़े का मोटा लौड़ा।

दोस्तों वो मेरी बाल पकड़कर अपने तरफ खींच लिए और मेरे होठ को अपने होठ के पास ले गए और चूसने लगे। मेरी पिंक होठ उनके होठ पर जब पड़ा वो मचल उठे। वो तुरंत ही अपना पजामा का नाडा खोला और निचे कर दिया अंदर बियर ही। दोस्तों उनका लौड़ा सलामी देने लगा था। वो तुरंत ही मेरे बाल पकड़कर अपने लंड के पास ले गए और हाथ से लौड़ा पकड़कर मेरे मुँह में दे दिए और निचे से हौले हौले धक्के देने लगे।

मेरी चूत गीली होने लगी। अब वो मेरा टीशर्ट उतार दिए कैमिसोल पहनी थी वो भी उतार दिए मेरी चूचियां दबाने लगे। मैं उनका लौड़ा चाट रही थी वो सिसकारियां ले रहे थे। दोस्तों आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं। उसके बाद मुझे फिर से करीब लाये और मेरी चूचियां पिने लगे मैं भी अपनी चूचियां पकड़ पर पिलाने लगी।

वो मुझे पटक दिए और ऊपर चढ़ गए अपने लौड़े को मेरे बूब्स पर रगड़ने लगे। फिर मेरी पेण्ट उतार दिया मेरी पेंटी भी उतार दी। वो मेरी टांगो के बिच में चले गए पहले वो मेरी चुत में ऊँगली डाली जब उनके ऊँगली में चुत का पानी लग गया वो ऊँगली चाटने लगे। ऐसा लग रहा था उनको बहुत स्वाद मिल रहा है मैं पूछी पापा जी कैसा लग रहा है वो बोले नमकीन।

फिर वो जीभ से चाटने लगे। मैं उनके बाल पकड़ कर चुत चटवाने लगी। मैं मजे लेने लगी मेरी सिसकारियां निकलने लगी। अब वो अपना लौड़ा निकाल कर मेरी चुत पर लगाया पर बहुत ही ज्यादा दर्द कर रहा था। उन्होंने फिर थूक लगाया अपने लंड पर और मेरी पतली छोटी चुत में लौड़ा घुसाने लगे।

तीन चार बार कोशिश करने के बाद वो अपना पूरा लौड़ा चुत में गाड़ दिए। मैं दर्द से कराह रही थी। मैं चुद रही थी। दर्द में भी मजा लग रहा था। मैं खूब मजे लेने लगी थी।

दोस्तों उन्होंने पूरी रात चोदा। मैं पहली बार चुदी अपनी सील भी तुड़वाई। खूब मजे की मेरी पहली चुदाई मजेदार रही। मैं आपको दूसरी कहानी भी इस वेबसाइट पर जल्द लिखने वाली हूँ। आप रोजाना विजिट कीजिये नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम।

खूबसरत पड़ोस वाली भाभी की चुदाई 2

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जैसा कि आपने पिछली कहानी में पड़ा कि कैसे में भाभी के घर गया और उसे नंगा देखा और उसने कैसे मेरा लंड पकड़ कर मुझे झरने से रोक लिया अब आगे भाभी ने कहा मैने लंबे समय से तुम्हारा इंतजार किया सही मौके का मैने कहा भाभी में आप की बात समझा नहीं आप क्या कहना चाहती है

भाभी ने कहा ओह मेरे हर्ष तुम तो बड़े भोले बन रहे हो जैसे कि तुम मुझे रोज घुर कर नहीं देखते दोस्तो आदमी कितने भी तरीके से औरत को देखे मगर उनकी नजरें बहुत तेज होती है जो हम जैसे शातिर खिलाड़ियों को भी पकड़ लेती है। भाभी ने कहा जो तुम ने अभी देखा वो गलती से नहीं देखा ऐसा में चाहती थी। की तुम मुझे नंगी देखो और हिम्मत कर के मेरी चुदाई करो फिर भाभी ने मेरा माल चूसकर ख़तम कर दिया और कहा आज देखते है कि तुम में कितना दम है . nonvegstory.com

यह कहकर भाभी उठी और मेरे होठों को चूमने लगी भाभी ओह जानू में तुम्हारा कितने दिनों से इंतजार कर रही थी तुम्हारी सारी इच्छाएं आज मेरे साथ पूरी कर लो भाभी ने कहा आज में अपना सबकुछ आप को दे रही हूं। मैने कहा भाभी में बहुत खुशनसीब हूं जो तुम जैसी हसीन कि चुदाई करूगा उसने खींच कर मेरे शर्ट के बदन तोड़ दिए में अपने आप को बहुत नसीब वाला मान रहा था कि जिस औरत को मेरे कालोनी वाले पाना चाहते थे

वो आज मेरे लंड के नीचे होगी। उसने मुझे बेडरूम में ले जाकर बिस्तर पर धकेल दिया और मेरी शर्ट खोलने लगी मैने उसकी चूचियां पकड़ने कि कोशिश की लेकिन उसने मेरे हाथ को वहा से हठा दिया और मुझे सबर करने को कहा उसने हाथ नीचे ले जा कार मेरी पेंट और साथ ही मेरी चडी को भी उतार दिया तो देखा मेरे लन्ड पर बहुत बाल थे

जो मैने एक महीने से काटे नहीं थे उसने देखा और कहा मुझे ऐसे ही लड़के पसंद जिनके लंड के आस पास बहुत बाल हो। मेरा 8इंच का लंड थीरे से अपनी ओकात में आरहा था। मैने फिर से उसके बूब्स पकड़ने कि कोशिश की तो मगर उसने अभी भी मुझे थोड़ा इंतजार करने को कहा और कमरे से बहार चली गई में कंफ्यूज हो रहा था जब वह वापिस आई कमरे में तो उसके हाथ में एक बेग था। वह क्या चाहती थी में अभी तक समझ नहीं पा रहा था।

उसने बेग में से एक रस्सी निकाली और मेरे दोनों हाथों को बेड के किनारे बांध दिया में इस बात से हैरान था हालांकि मैने बहुत सो की चुद फार्डी है मगर ये एहसास मेरे लिए नया था उसने बेग मेसे एक चीज निकाली शायद वह कपन करने वाला लंड था मैने कहा ये सब आप उपयोग करती है उसने कहा हा मेरे पति बिस्तर पर इतने अच्छे नहीं है तो क्या करू  इनका उपयोग आप पर करते है आप मुझे निराश नहीं करेगे मैने कहा क्या में नहीं मुझ पर ट्राय मत करो नेहा

आई रिक्वेस्ट यू नेहा ने कहा ट्राय तो करो मेरी अब फटने लगी थी मगर नेहा को थोड़ी देर में हसी आई और कहा में तो मजाक कर रही थी और कहा अब मालूम पड़ा जब तुम हमारी गांड के अंदर लंड डालते हो तो हमे केसा दर्द होता है अभी तो मैने सिर्फ डराया था यदि सही में तुम्हारी गांड मारती तो तुम्हारा क्या हाल होता मैने कहा तुम सच कह रही हो मगर औरत की गांड का जो मजा है

उस एहसास को हम मर्द लोग को उसने ही मजा आता है शुरू में तो दर्द होता है मगर फिर साथ में तुमको भी तो मजा आता है नेहा मेरी बात पर फिर हसी और मेरे लंड के ऊपर बैठ कर मुझे चूमना शुरू कर दिया वह मेरे होठों को मेरे चेहरे पर मेरी बगल मेरी छाती मेरे पेट और मेरे पाव उसने हर जगह मुझे चूमा और चाटा मगर मेरे लंड को टच भी नहीं किया मैने कहा नेहा मेरे लंड को भी तो चूसो मगर उसने इनकार कर दिया और कहा जब तक तुम भीख नहीं मांगते तब तक वहा टच तो क्या चुसुगी भी नहीं।

तो मैने उससे भीख मागी मेरे लंड को चूसने के लिए उसने चट्टी नीचे कर उसने थोड़ा चूमा और अपने हाथ से मेरे लंड को हिलाया फिर उसने मेरी गेदो को चाटा अपनी जीभ से मेरे लंड के के चारो और फेरी मेरे लंड ने एक ठुमका उसके मुंह पर मारा तो उसने कहा तुम्हें इसकी सजा जरूर मिलेगी में सोच में पड़ गया अब क्या करने वाली है।और अपने हाथ से मेरे निपल को जोर से दबाया मुझे बहुत दर्द हुआ मगर उस समय में काम वासना के असर में था। फिर वो अपने तन को मेरे तन से रगड़ने लगी और मुझे परेशान करने लगी इन सब में मेरा लंड बिना चुद के दर्द कर रहा था।

नेहा ने कहा केसा लगा मेरा फोरप्ले अब असली शो का टाइम आ चुका है फिर उसने बेग में से कुछ चिकनाई जैसी एक क्रीम निकाली और अपने हाथ में लेकर मेरे पूरे शरीर की मालिश करने लगी मालिश करते हुए उसके बॉब्स मेरे आंखो के सामने हिल रहे थे मगर में कुछ कर नहीं सकता था फिर उसने हाथ में पानी लेकर मुझे साफ किया और मेरा एक हाथ खोल दिया अब मुझे थोड़ा बेहतर फिल हो रहा था। लेकिन में उसकी फैंटेसी को रोकना नहीं चाहता था

इसलिए अपनी काम वासना पर काबू करने की कोशिश कर रहा था और बेग में से एक हंटर निकाला और मेरे पाव और मुझे घुमा कर हंदर मारने लगी उस समय तो मुझे ऐसा लगा जैसे उसमे कोई शैतानी आत्मा आगईं हो मगर वो रुकी नहीं टोटल उसने 10हंटर मुझे मारे और साथ ही एक और रस्सी से मेरे दोनों पाव बांध दिया वो फिर से कमरे के बहार गई और थोड़ी देर में कुछ हाथ में लेकर आई

मैने पूछा तो कहा तुम आज का ये सेक्स हमेशा याद रखोगे और जहा उसने हंटर मारा था वहा लाल मिर्च और नमक लगाया मुझे ऐसा दर्द हुआ की मेरी आंखो में से आशु आगए मुझे ऐसा लगा जैसे में कोई मुजरिम हूं और वो कोई जेलर जो मुझे टॉर्चर कर रही हो मैने दर्द में ही उससे कहा नेहा अब तो तुम्हारी फैंटेसी पूरी हो गई अब तो मुझे खोल दो मगर फिर वो वापिस हसी और कहा अभी तो शुरुआत हुई है अभी तो तुम्हारे साथ बहुत कुछ ट्राय करना है मुझे लगा

आज तो सेक्स की जगह भूतनी मेरे पीछे पड़ गई है जो आज तो मुझे मार के ही दम लेगी मुझे अपनी गलती पर पछता भी रहा था कि कहा में इसकी चुद के पीछे पड़ा। मगर उसने थोड़ी देर में बर्फ के टुकड़े से मेरे घाव पर मालिश करने लगी जिससे मुझे कुछ राहत मिली मगर ये आराम थोड़ी देर के लिए ही था अभी तो बहुत कुछ बाकी है इस कहानी के नेक्स्ट पार्ट का इंतजार कीजिए मेरे दोस्तो ये कहानी में आप को इंटरेस्ट तो आया न और ये कहानी का भाग केसा लगा मुझे बताए
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तीनो बहनों ने बारी बारी से चुदवाया मुँह बोले भैया से(Opens in a new browser tab)

बॉयफ्रेंड मेरी माँ को मुझे और मेरी छोटी बहन को चोदता है।

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Threesome Sex Story in Hindi : जी हाँ दोस्तों यही सच है मेरा बॉयफ्रेंड मुझे भी चोदता है मेरी माँ को भी और मेरी छोटी बहन को भी चुदाई करता है।

मैं दिल्ली में रहती हूँ पटेल नगर में जॉब करती हूँ। मेरे पापा नहीं हैं वो चल बसे पिछले साल ही। कमाने वाली में सिर्फ मैं हूँ। मेरी छोटी बहन जो की अभी अठारह साल की है पढाई करती है। मेरी माँ जो घर पर ही रखकर बुटीक का काम करती है।

जैसे मैं घर से बाहर निकली जॉब करने मेरी ज़िंदगी बदल गई। दुनियां का चकाचौंध देखि और मेरे कदम लड़खड़ा गए। पैसे की तंगी भी थी जॉब करना जरुरी था।

पर ऑफिस में काम करने वाले एक लड़के से मेरा प्रेम सम्बन्ध हो गया और फिर चुदाई में बदल गई। पहले दिन उसने मुझे ऑफिस में चोदा वो मेरी पहली चुदाई थी। फिर तो पहाड़गंज में होटल में तो शनिवार को कई बार चुदाई की मेरी क्यों की मैं घर में बताती थी शनिवार को ऑफिस रहता है पर उस दिन ऑफिस बंद रहता था मैं सुबह से रात के आठ बजे तक अय्यासी करती थी।

मैं अपनी बात ज्यादा दिन तक नहीं छुपा पाई और मेरे घर में पता चल गया। तो मम्मी बोली उसको घर बुलाने को मैं घर बुलाई। माँ उससे बहुत इम्प्रेस हुई। अब वो मेरे घर आने जाने लगा और धीरे धीरे वो मेरी छोटी बहन के भी करीब आ गया।

जब मैं ऑफिस जाती वो भी ऑफिस आता पर वो ऑफिस में कुछ ज्यादा ही छुटियाँ लेने लगा। मैं पूछती आखिर इतनी छुट्टी क्यों करते हो तो वो बहना बना देता था।

मुझे लगा की शायद जब मैं ऑफिस आती हूँ और मेरी बहन कॉलेज जाती तब वो घर जाता है। एक दिन मैं घर से ऑफिस के लिए निकली और एक घंटे में वापस आ गई घर पर ऑफिस नहीं गई। जब घर पहुंची तो बॉयफ्रेंड का बाइक मेरे घर पर खड़ा था। मैं गेट लगा था उसकी चाभी मेरे पास थी।

मैं गेट खोलकर अंदर गई तो दंग रही गई। मेरा बॉयफ्रेंड मेरी माँ को चोद रहा था। मेरी माँ नंगी बेड पर थी और वो मम्मी को चूचियों को दबा रहा था। और दोनों टांग अपनी कंधे पर रखे हुए था और मेरी माँ के चुत में लंबा मोटा काला लौड़ा डाले जा रहा था।

माँ हरेक झटके पर हिल रही थी और आह आह आह आह की आवाज निकाल रही थी। वो जोर जोर से माँ की चुत में लौड़ा घुसा रहा था और माँ मजे ले ले कर चुदवा रही थी।

मैं वापस अपने ऑफिस आ गई तब तक हाफ टाइम हो गया था। मैं बहुत ही ज्यादा उदास थी पर खुश इस बात से थी की मम्मी उससे कह रही थी जब तक तुम मुझसे प्यार करोगे तब तक तुम मेरी बेटी को भी प्यार करोगे नहीं तो उसकी शादी किसी और से करवा देंगे।

अब मैं सोचने लगी थी की अगर मैं बोलुं ये रिश्ता गलत है तो मैं भी अपने बॉय फ्रेंड को खो दूंगी इसलिए मैं चुप ही रही। क्यों की आधे खर्चे मेरे घर का वो भी चला रहा है। मेरी सैलरी से कुछ भी नहीं हो रहा था।

दोस्तों आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं। एक दिन की बात है मेरी माँ नानी के यहाँ गई थी। मैं और मेरी बहन ही घर पर थे। उस दिन मेरी बहन की छुट्टी थी और मैं ऑफिस आ गई। पर दोपहर तक मेरी तबियत ख़राब हो गई और वापस घर आ गई।

मैं फिर देखि उसका बाइक मेरे घर के पास खड़ी थी। फिर मैं गेट खोलकर अंदर गई तो देखि मेरी बहन चिल्ला चिल्ला कर चुदवा रही थी।

वो बॉयफ्रेंड के ऊपर बैठी थी और उसका लौड़ा अपने चुत में लेकर जोर जोर से धक्के गोल गोल करके दे रही थी। और आह आह आह आह ले लो मुझे चोद दो मुझे कह रही थी।

कभी वो निचे कभी मेरी बहन निचे वो अलग अलग तरीके से चोद रहा था और चूचियां मसल रहा था मेरी बहन चुदवा रही थी सेक्सी आवाज निकालकर। मुझे लगा की ये गलत है और मैं सीधे अंदर चली गई।

बहन मेरी तुरंत ही कपडे पहन ली। और वो भी कपडे पहनने लगाए मैं पूछी ये क्या हो रहा है तो वो सिर्फ सॉरी सॉरी बोल रहा था।

दोस्तों अब सब कुछ नार्मल हो गया है मुझे हालात से समझौता करना पड़ा पर अब हम तीनो ही चुदाई करवाते है। अब वो रात में मोस्टली यही रहता है और फिर क्या करता होगा आप खुद ही समझ जाइये।

मैं दूसरी कहानी नॉनवेज स्टोरी पर लिखने वाली हूँ तब तक के लिए धन्यवाद.

18 साल की हुई उसी दिन पापा ने सील तोड़ी मेरी चूत की

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Bap Beti Sex : दोस्तों मेरा नाम कोमल है कल ही मैं अठारह साल की हुई है और रात में मेरी चुत फट गई कैसे हुई मेरी पहली चुदाई वो आज आपको बताने जा रही हूँ।

मैं दिल्ली में रहती हूँ। मैं अपने पापा और मम्मी के साथ रहती हूँ। मम्मी मेरी जॉब करती है एक सॉफ्टवेयर कंपनी में और पापा घर से ही काम करते हैं। मेरी मम्मी अभी दुबई गई हुई है कंपनी के काम से और मैं और पापा घर पर थे।

ये मेरे दूसरे पापा हैं क्यों की मम्मी ने दूसरी शादी की है। मम्मी कि उम्र मात्र छतीस साल है और मेरे पापा जिनके साथ मैं रहती हूँ वो चालिस साल के हैं।

मेरे पहले वाले पापा अब दूसरी शादी कर लिए हैं। पर नए पापा बहुत अच्छे हैं। आखिर कल ऐसा क्या हुआ था की पापा मुझे चोद दिए और सच पूछिए तो मैं भी मना नहीं की। हुआ यू की कल ही मेरा बर्थडे था। कल सुबह ही एक गड़बड़ हो गई थी। मेरे बॉय फ्रेंड का फ़ोन आया था और पापा को पता चल गया था की मेरा कोई बॉयफ्रेंड है.

पापा बोले बेटी आजकल ज़माना ख़राब है तुमको पटा कर सिर्फ तुमसे गलत काम करेगा। और तुम्हारी ज़िंदगी बर्बाद हो जाएगी। तुम क्या चाहती हो अपने मम्मी को दुखी करना चाहती तो तो कोई बात नहीं और अगर एक अच्छी लड़की बननी चाहती हो तो ये सब चीज से दूर रहो।

तुम्हे जो भी चीज की कमी है वो तुम या तो अपनी मम्मी से कहो या मेरे से कहो हम दोनों हैं तुम्हारी हेल्प करने के लिए। तो मैं बोली पापा आप ये बताओ मेरी तीनो फ्रेंड को बॉय फ्रेंड है और उसमे से दो लड़की तो सेक्स भी कर चुकी है।

तो पापा बोले देख बेटी बहुत रिस्क है इन सब चीजों में। और रही बात सेक्स की तो ये सब बकवास है। एक दिन का खेल है। तो मैं बोली मैं एक दिन का खेल खेलना चाहती हूँ क्या आप मुझे खेल खेलायेंगे। आज मैं अठारह साल की हो रही हूँ। आप चाहे तो आज ही खेल लेते हैं मम्मी भी नहीं है यहाँ पर।

तो वो बोले पर ये बात मेरे और तुम्हारे बिच रहने चाहिए। तुम्हे मैं बहुत खुश करूंगा। मैं बोली पता नहीं मुझे कभी किसी से ये बात शेयर नहीं करने चाहिए। और मैं आपसे प्रॉमिस करती हूँ मैं ये बात किसी को नहीं बताउंगी।

और पापा बोले आई लव यू और मुझे गले से लगा लिए शाम के चार बज रहे थे। उन्होंने कहा आज मैं चाहता हूँ तुम्हारा बर्थडे घर पर बड़े ही धूम धाम से मनाऊं। मैं बहुत खुश हुई बोली ये तो बहुत अच्छी बात है।

और फिर हम दोनों मॉल गए वही पर केक खरीदे। पापा मेरे लिए कई सारे कपडे और गिफ्ट ख़रीदे। उन्होंने के रेड कलर की ब्रा और स्टाइलिस्ट पेंटी जो की बहुत से सेक्सी थी वो भी लिए मेरे लिए।

घर पहुंचकर केक काटी क्यों की मम्मी को भी फ़ोन पर लाइव दिखाना था। फिर पापा न दुसरा केक निकाला और मुझे बोले अब तुम इससे भी काटो आज समझना तुम्हारी जवानी भी कटेगी। तो तुम नए ब्रा और पेंटी में आ जाओ बाल खुले रहो।

वैसा ही की मैं ब्रा और पेंटी पहनी जो की बहुत ही ज्यादा सेक्सी थी। बाल खुले रखे मेरे गोर बदन और भरा पूरा शरीर पर लाल लाल ब्रा और पेंटी वो भी सेक्सी सा बहुत खूब लग रहा था।

दोस्तों केक काटते ही वो मुझे केक खिलाये मैं भी उनको खिलाई। उन्होंने मेरे होठ पर केक लगा दिए और गालों पर भी उसके बाद वो मेरे होठ को चाटने लगे गाल को भी चाटने लगे.

मुझे पहली बार ऐसा हॉट सा एहसास हो। मैं भी पापा को चूमने लगी वो मुझे उठाकर बैडरूम में ले गए। उन्होंने मेरे होठ को चूसना शुरू कर दिए

दोस्तों मैं पागल हो रही थी मेरी चूत गीली हो रही थी। मेरे रोम रोम खड़े हो रहे थे पापा नंगा हो गए और धीरे धीरे मेरे दोनों कपडे उतार दिए। अब वो मेरी चूत चाटने लगे बार बार मेरी चूत से पानी निकलता और उसे वो साफ़ कर देते।

दोस्तों मेरी चूचियां बड़ी बड़ी और निप्पल टाइट हो गया था। वो बार बार मेरी बूब्स को दबा रहे थे और निप्पल अपने दांतो से दबा देते। मैं आह आह करने लगी वो भी लम्बी लम्बी सांसे लेने लगे। मैं मदहोश होने लगी थी।

दोस्तों क्या बताऊँ आपको उन्होने अपनी ऊँगली जैसे ही मेरी छूट में डालने लगे मुहे काफी दर्द होने लगा वो अपना जांघिया उतार दिए। उनका लौड़ा बहुत मोटा और लंबा था मैं डर गई। सोची जब इतनी पतली ऊँगली से दर्द हो रहा था अगर मोटा लौड़ा चुत में गया तो क्या हाल होगा.

उन्होने लौड़ा चुत पर लगाया और घुसाने लगे पर वही दर्द काफी हो रहा था। वो धीरे धीरे घुसाने लगे. दर्द से कराह रही थी। पर चुदने का भी था। लग रहा था लौड़ा किसी तरह से अंदर ले लूँ। मेरे होठ बार बार सुख रहे थे।

दोस्तों मेरी छूट काफी गीली हो गई थी और पानी में चिकनाई थी उनका लौड़ा बार बार फिसल जा रहा था। पर उन्होंने मेरे दोनों टांगो को अपने कंधे पर रखा और जोर से पेल दिया चुत में।

मैं दर्द से हाय माँ कर गई चुत फट गई थी। दर्द हो रहा था छूट से खून निकल रहा था। पर वो अब धीरे धीरे करके घुसा ही दिए और फिर अंदर बाहर करने लगे और मेरी चूचियों को दबाने लगे पिने लगे.

मैं भी कामुक हो चुकी थी मैं धीरे धीरे गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी अब दर्द भी खत्म हो गया था। अब मजे लेने शुरू हो गए थे। वो जोर जोर से चोद रहे थे और मैं मजे ले ले के चुदवा रही थी।

दोस्तों उन्होंने मुझे पूरी रात चोदा करीब आठ बार। वो कह रहे थे गजब की माल हो तुम। अब से तुम मेरी रखैल हो जब भी मम्मी बाहर जाएगी या ऑफिस जाएगी मैं तुम्हे खुश करते रहूंगा.

दोस्तों ये कहानी कल की है। मैं भी आपको कहानियां पढ़ती हूँ इसलिए आज मैं आपको नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर लिख रही हूँ।

मैं जल्द ही आपको दूसरी कहानी सुनाऊँगी। तब तक के लिए धन्यवाद.,

Father Daughter Sex Story – पापा ने कल पूरी रात मुझे चोदा

बाप बेटी सेक्स स्टोरी

Father Daughter Sex Story in Hindi, बाप बेटी सेक्स स्टोरी, बेटी की चुदाई, : दोस्तों आज मैं आपको अपनी एक सच्ची कहानी सुनाने जा रही हूँ। मैं नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम की फैन हूँ। मैं रोजाना इस वेबसाइट की कहानियां पढ़ती हूँ इसलिए आज मुझे भी आपको अपनी कहानी बताने जा रही हूँ।

मेरा नाम सखी है। मैं अठारह साल की हूँ। मैं ग्रेटर नॉएडा में रहती हूँ। मैं लखनऊ की रहने वाली हूँ। मेरी माँ जो की अभी छह महीने पहले ही दूसरी शादी की है। मेरे पापा जो पहले वाले थे वो हम माँ बेटी को छोड़कर दूसरी शादी कर लिए हैं।

इसलिए माँ भी दूसरी शादी कर ली है। माँ की उम्र अभी छत्तीस साल है वो हॉट और सेक्सी महिला है। वो काफी खुले विचार की है इसलिए मुझे भी किसी चीज के लिए मना नहीं करती हैं।

दोस्तों अब बात आती है पापा की तो मैं क्या कहूं आपको मेरे पापा मेरे से बस दस साल बड़े है और मम्मी से आठ साल छोटे यानी मेरी मम्मी अपने से आठ साल छोटे लड़के से शादी की है। यानी की मम्मी भी खूब मजे ले रही है जवान लंड से और मुझे भी एक लंड मिल गया घर में ही।

मेरी माँ एयरलाइन्स में काम करती है वो घर से बाहर कई बार एक सप्ताह के लिए रहती है। पापा का यानी रमेश जी अब मैं रमेश जी ही बोलूंगी।

रमेश जी का इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का काम है। तो कई बार वो काफी दिन इंडिया से बाहर रहते है और कई बार वो घर पर ही रहते है। जब वो घर पर रहते हैं मुझे और मम्मी का बहोत ख्याल रखते हैं।

जब भी घर पर रहते हम दोनों के लिए खाना तक बनाते शॉपिंग कराते। कभी वो मम्मी को घुमाने ले जाते कभी मुझे। सच तो ये है दोस्तों मैं भी आकर्षित होने लगी थी।

कल सुबह की बात है। वो मुझे तैयार होने के लिए बोले वो मम्मी को एयरपोर्ट छोडने जाने वाले थे तो बोले सखी तुम भी तैयार हो जाओ। मम्मी और मैं दोनों तैयार हो गए वो अपनी स्कोडा कार निकाले क्यों की मम्मी को भी अपनी कार है।

मम्मी को एयरपोर्ट छोड़ दिए और फिर हम दोनों दिल्ली के एक बड़े होते में खाना खाये। तो मैं बोली क्या मस्त होटल है ना। तो वो बोले एक काम करते है। मम्मी तो सात दिन में आएगी इस होटल में कमरा लेते है एक दिन के लिए और तुम खूब एन्जॉय करना।

मैं बोली ये तो बहुत अच्छा होगा और फिर होटल में तुरंत ही चेकइन कर गए। बड़ा सा कमरा मस्त बेड था जाते ही मैं उछल कर बेड पर चढ़ गई। और मैं रमेश जी को गले लगा ली और चूम ली।

दोस्तों मैं उनके गाल पर चूमि पर होठ को चूमने लगे। मैं शांत हो गई। मैं उनको चाहती तो थी पर एक बात लगा था वो मेरे नहीं मेरी माँ के पति है। इसलिए मैं दुरी बनाती थी। पर आज ये दूरियां मिट गई थी।

मैं अपना होशो हवास खो दी। और मैं भी उनको चूमने लगी धीरे धीरे वो मेरी चूचियां दबाने लगे. वो मेरे कपडे उतारने लगे और मैं उनको चूमने लगे। हम दोनों ही नंगे हो गए।

मैं बेड पर लेट गई वो पहले मेरी चूचियों से खेलने लगे और फिर वो मेरी चूत को चाटने लगे। मैं आह आह आह की आवाज निकालने लगी। मैं अंगड़ाइयां लेने लगी। सिसकारियां निकालने लगी.

दोस्तों मेरे रोम रोम सिहर रहे थे क्यों की वो मेरी चूत चाट रहे थे। मैं खुद ही उनके छाती के बाल को सहला रही थी। वो मेरी गांड में ऊँगली डालने लगे। मैं कुछ नहीं बोली। वो अपनी ऊँगली में थूक लगाए और मेरी गांड में ऊँगली घुसा दिए।

मैं बेचने हो गई मेरी चूत गरम हो गई थी। वो मुझे छेड़े ही जा रहे थे। मैं बोली बस करो अब पापा जी। वो बोले जब हम दोनों साथ रहें तो रम मुझे मेरे नाम से ही पुकारो।

मैं बोली ठीक है मेरी जान मेरी जानू अब मुझे चोद दो। मैं प्यासी हूँ।

उन्होंने अपना लौड़ा मेरी चूत पर लगाया और जोर से तीन चार बार कोशिश करने के बाद पेल दिया। अब मुझे जन्नत दिखाने लगे। वो जोर जोर से चोदने लगे और गांड में ऊँगली करने लगे।

मैं आह आह कर रही थी। वो मेरी चूचियों को मसलते हुए चोदे जा रहे थे। कभी वो ऊपर मैं, कभी साइड से कभी ऊपर से कभी निचे से कभी खड़े होकर।

पूरी रात करीब आठ बार वो झड़े और मैं भी शांत हुई। पर दारु और विआग्रा का कमाल ने तो उन्हें घोडा बना दिया।

पूरी रात जन्नत का मजा ली हूँ दोस्तों। दूसरी कहाँ जल्द ही नॉनवेज स्टोरी पर लिखने वाली हूँ।

माँ खुद भी चुदी और मुझे भी चुदवाई रात भर पापा के दोस्त से

अंकल सेक्स कहानी

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मेरा नाम डॉली है मैं अठारह साल की हूँ और मेरी माँ का नाम प्रीति है वो 36 साल की है। घर में मेरी छोटी बहाना और पापा है। मेरी मम्मी बहुत हॉट और सेक्सी महिला है तो मैं भी उनके ही नक़्शे कदम पर चली और अब मैं भी किसी सेक्सी से कम नहीं हूँ। आज मैं आपको अपनी एक सेक्स कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर सुनाने जा रही हूँ। मैं इस वेबसाइट की फैन हूँ और रोजाना इस वेबसाइट कहानियां पढ़ती हूँ और चूत में ऊँगली करती हूँ।

आज मैं जो कहानी आपको सुनाने जा रही हूँ वो मेरे पापा के दोस्त राजीव अंकल के बारे में है वो एक रात को पहले मम्मी को चोदे और फिर मुझे रात भर माँ बेटी को चोदते रहे आज मैं पूरी बात आपको बताने जा रही हूँ। आखिर क्या हुआ था और मेरी माँ मुझे भी चुदने के लिए क्यों कहा बता रही हूँ।

सच्चाई तो ये है की मेरे पापा एक नंबर का हरामजादा है। वो अपनी बीवी यानी मेरी माँ को राजीव अंकल को सौंप चुके है। शायद राजीव अंकल ने ही पापा को मकान बनाने के लिए पैसे दिए और इस वजह से वो मेरी मम्मी की चुदाई करते हैं। उसपर से मेरी मम्मी भी एक नम्बर की चुड़क्कड़ है वो भी बड़े मजे से चुदवाती है क्यों की पापा का लौड़ा छोटा है क्यों की ये बात मैं कई बार मम्मी के मुँह से सुन चुकी हूँ। रात में कई बार कहते सुनी हु नहीं छुड़वाना ऊँगली जैसे लौड़े से।

अब मैं कहानी पर आती हूँ। एक दिन की बात है। मेरे पापा और मेरी छोटी बहन दोनों बुआ के यहाँ चले गए थे। और मैं और मेरी माँ दोनों घर पर थे। मेरी दोस्त का बर्थडे था इसलिए मैं अपने दोस्त के यहाँ चली गई थी। रात को करीब ग्यारह बजे आई जब अंदर आई तो देखि मेरी माँ आह आह आह आह कर रही थी। मैं डर गई लगा की मम्मी कराह रही है उनका तबियत ख़राब हो गया। पर जैसे ही उनके कमरे की खिड़की के पास पहुंची तो दंग रह गई।

मम्मी को राजीव अंकल चोद रहे थे। मम्मी अपने पैरों से राजीव अंकल को जकड़ी हुई थी और मम्मी अपने दोनों हाथ पलंग में बंधी हुई थी। और राजीव अंकल जोर जोर से पेल रहे थे और चूचियां दबा रहे थे।

मैं वही पर स्टूल पर बैठ गई चुपचाप अँधेरे में और मजे लेने लगी। मैं अपना हाथ अपने चूचियों पर रख ली और हौले हौले से प्रेस करने लगी। मम्मी की आह जब निकलती थी तब तब मेरी चूत से गरम पानी निकलती थी। जब जब अंकल मम्मी की चूत माँ धक्के देते थे। चार आवाज निकलती थी पहले से बेड की आवाज चु फिर मम्मी की हाय अंकल ओह्ह्ह और मेरी आ उच्च। दोस्तों मैं तो पानी पानी हो रही थी। मेरा पूरा शरीर गरम हो गया था। मेरी चूत गीली हो गई थी।

मम्मी अब ऊपर आ गई और अंकल निचे, अब मम्मी अंकल के लौड़े पर बैठ गई और पूरा लौड़ा मम्मी की चूत में समा गया। मम्मी बहुत खुश लग रही थी वो अपना बाल खोल दी। और अंकल मम्मी की बूब को जोर जोर से मसल रहे थे। मम्मी भी खूब मसलवा रही थी।

मम्मी अब उठ उठ पर बैठ जाती और पूरा लौड़ा चूत में समा जाता। मम्मी जोर जोर से चुदवाने लगी और अंकल जोर जोर से निचे से धक्के देने लग्गे। मम्मी ऐसी लग रही थी क्या बताऊँ कभी तो अपना होठ चाटती कभी खुद ही अपना बूब्स दबाती। कभी नशीली आँखों से अंकल को देखती।

मैं पागल रही रही थी। वो सब देख देख कर। दोस्तों अंकल अब मम्मी को घोड़ी बना दिए और अब गांड के तरफ से चूत में पेलने लगे। दोस्तों ऐसा लग रहा था की मैं भी ज्वाइन कर लूँ। मैं अपने आप को संभल नहीं पा रही थी।

करीब दस मिनट बाद दोनों शांत हो गए। मैं जाने लगी तो अंकल बोले आज रात चाहे तो तू पचास हजार रुपया कमा सकती है। मैं रुक कर सुनने लगी क्या बोल रहे हैं। वो मम्मी बोली वाओ कैसे बताओ आप जो कहोगे वही करुँगी गांड मारना है तो मार लो मुँह में अपना वीर्य डालना है तो डाल लो जो मर्जी कर लो।

तो अंकल बोले अरे पहले मेरी बात तो सुनो। पचास हजार के लिए काम भी थोड़ा बड़ा है। मम्मी बोली बोलो जो भी है करुँगी। तभी अंकल पांच सौ का बंडल मम्मी को दे दिया। मम्मी का ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा। बोली अब काम बताओ

अंकल बोले डॉली का नथ उतारनी है। मम्मी बोली नहीं नहीं बेटी को नहीं अभी वो सिर्फ अठारह साल की है। मुझे चोद लो पर उसे नहीं। तभी अंकल बीस हजार और निकाले और बोले ये लो अब मना नहीं करना।

मैं सोच रही थी मम्मी हां कर दे। तभी मम्मी बोली मैं नहीं बोलूंगी तुम खुद ही बोलना। वो ऊपर कमरे में होगी। मैं भाग कर ऊपर कमरे में चली गई।

दस मिनट बाद ही अंकल मेरे कमरे में आ गए। मैं चुपचाप लेती थी। वो बोले डॉली सो गई क्या मैं अपना आँख बंद कर ली। वो मेरे बेड पर आकर बैठ गए। मैं बर्थडे पर सजी हुई थी आँख में काजल थे मेकअप और अच्छे से बाल भी बाँधी हुई थी।

वो मेरे होठ पर अपना ऊँगली रख दिए। धीरे धीरे वो मेरी चूचियों पर हाथ फेरने लगे। धीरे धीरे वो मुझे सहलाने लगे। और मैं आँख खोल कर उनको देखि तो वो बोले मैं दस हजार तुम्हे दूंगा। अगर आज रात खुश कर दो तो। मैं बोली मम्मी तो वो बोले वो सो चुकी है।

मैं मुस्कुरा दी और वो फ़िदा हो गए।

अब वो मुझे चूसने लगे गाल से लेकर होठ से लेकर चूची से लेकर पेट से लेकर जांघ से लेकर पेअर के अंगूठे तक। मैं पहले से ही गरम थी। और उन्होंने अब मेरे शरीर में आग लगा दिए।

वो मेरे कपडे उतार दिए। और मेरी चूत को चाटने लगे। वो मेरी चूचियां दबाने लगे। मैं आह आह करने लगी मेरे होठ सूखने लगे। चूत गीली हो रही थी और वो चाट रहे थे गरम गरम नमकीन पानी।

अब उन्होंने बिना देर किये मेरी छोटी चूत पर अपना लौड़ा रख कर घुसाने लगे पर जा नहीं रहा था। वो दो तीन बार कोशिश किये और अपना लौड़ा मेरी चूत में घुसा दिए।

मैं दर्द से कराह उठी चूत फट चुकी थी। अब वो जोर जोर से धक्के देने लगे पर मुझे दर्द हो रहा था। वो मेरी चूचियों को सहलाते हुए चोदने लगे।

धीरे धीरे मेरा दर्द खत्म हो गया और अब मैं भी उनको साथ देने लगी। मैं भी दो तीन पोज में उनको ऑफर की चोदने उन्होंने मना नहीं किया और वैसा ही किया।

रात करीब तीन बजे तक वो मुझे चोदे और मैं चुदी। खूब मजे लिए और दिए।

फिर मैं काफी तक चुकी थी और सो गई। जब सुबह उठी तो मम्मी मेरे लिए चाय लेकर आई और अंकल सोफे पर बैठ कर चाय पि रहे थे। फिर हम तीनो मिलकर चाय पिने लगे। हम तीनो ही एक दूसरे को देख रहे थे।

मेरी छोटी बहन चुड़क्कड़ नंबर वन एक सच्ची कहानी(Opens in a new browser tab)

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