जीजा ने दोनों कुंवारी साली को चोदा


मेरा नाम निधि है, और मेरी छोटी बहन का नाम रम्भा। मेरी उम्र 21 साल है और मेरी बहन की 20साल। आज मैं आपको अपनी चुदाई की कहानी सुनाने जा रही हूँ। कैसे मेरे जीजा ने दोनों बहनो को चोदा पूरी रात और ये बात सिर्फ हम दोनों बहनो को ही पता है। मेरी दीदी और मम्मी को नहीं पता।


अब मैं सीधे कहानी पर आती हूँ। कैसे क्या हुआ था वही बता रही हूँ। आशा करती हूँ नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के पाठक मेरी कहानियां को पढ़ने से ज्यादा समझने की कोशिश करेंगे। मेरी ये पहली कहानी है इस वेबसाइट पर। मैं कहानियां तो करीब दो साल से पढ़ रही हूँ यहॉ पर आकर पर लिखने का मौक़ा आज मिल रहा है। और वही सब कुछ आपके सामने पेश कर रही हूँ।

मैं तीन बहन हूँ। मेरे पापा सेना में है। मम्मी स्कूल में टीचर है और मैं बंगाल में रहती हूँ दुर्गापुर में। मेरी बाद बना जो मेरे से एक साल बड़ी है। दो महीने पहले ही शादी हुई है। हम तीनो बहने एक जैसी ही हूँ तीनो हॉट और खूबसूरत पर आजतक हम तीनो ने कभी घर से बाहर मुँह नहीं मारा। सब लोग कहते है लड़की हो तो हम तीनो बहनो की तरह नजर उतर कर नहीं देखती है बाहर और ये बात सच है दोस्तों कभी लगा ही नहीं की बॉय फ्रेंड बनाया जाए। घर में ही हमलोग खुश रहते हैं।


दीदी शादी होने के बाद पहली बार किसी लड़के से ज्यादा बातचीत करने का मौक़ा मिला और मजाक भी करने का वो हैं मेरे जीजा वो भी हमलोगो के तरह ही मजाकिया और बात चीत में हैं। तो लगा ही नहीं की वो घर के बाहर के इंसान है। दीदी के तो पति है पर हम दोनों बहन ही जल्दी ही घुल मिल गए। मम्मी भी कभी मना नहीं की किसी चीज के लिए वो भी जीजा को बहुत रेस्पेक्ट देते है।

एक दिन की बात है। दीदी और माँ दोनों नानी के यहाँ चले गए थे। क्यों की नानी का तबियत ख़राब था। दीदी चार दिन पहले ही ससुराल से आयी थी उनका ससुराल धनबाद पड़ता है। और मेरी नानी घर बांकुरा। तो दीदी और माँ दोनों नानी घर चले गए। घर में मैं और मेरी बहन दोनों ही थे। अचानक रात के करीब आठ बजे बेल्ल बजा जाकर दरवाजा खोला तो जीजा आये थे।

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मैंने कहा आपने फ़ोन नहीं किया ना दीदी बोली ना माँ की आप आपने वाले है। तो वो बोले मैंने सोचा बिना फ़ोन करके जाते हैं सरप्राइज देने के लिए। वो अंदर आये तो पूछे माँ और दीदी कहा हैं तो मैं बोल दी, दो दोनों तो नानी के यहाँ गए है और कल परसों आएंगे।

जीजा बोले अरे यार सब गड़बड़ हो गया। ये सरप्राइज के चक्कर में काम ख़राब हो गया। चाय बनाने लगी तब तक वो फ़ोन किये दीदी को और माँ को अपने बारे में बताये ऐसे ऐसे, तो वो बोले कोई बात नहीं। हम दोनों कल आयंगे ऐसे तो परसों आये पर आप आ गए तो कल आयंगे।


तभी माँ का फ़ोन आ गया मेरे फ़ोन पर बोली। जीजा की खातिरदारी में कमी नहीं रहने चाहिए खाना पीना अच्छे से दे देना और तुम दोनों बहन खा लेने और उनको भी अच्छे से खिला देना। और तुम दोनों मेरे कमरे में सो जाना और वो बैडरूम में सो जायँगे। मैं समझ गयी, तभी जीजा बोले क्यों ना पार्टी की जाये।


वो तुरंत ही मछली ले आये और खुद ही बनाये और हम तीनो मिलकर खाये। और फिर मेरी छोटी बहन सोने चली गयी और मैं और जीजू दोनों बातचीत करने लगे।

धीरे धीरे बात बढ़ी और उन्होंने बताया की नॉनवेज स्टोरी पढ़ा है आपने तो मैं मुस्कुरा कर बोल दी आप पढ़ते हैं क्या तो वो बोले अभी तो नहीं पढ़ा एक मैंने से क्यों की जब से आपकी दीदी मेरे साथ थी तब तो पढ़ने की क्या जरुरत जो करना है कर लो। ये तो उनके लिए है जिनको कुछ नहीं मिलता है।


हम दोनों हसने लगे। और बात आगे बढ़ी और फिर सेक्स तक आ गयी उन्होंने पूछा कभी किया तो मैंने कह दिया की नहीं। तो उन्होंने पूछा करने का मन नहीं करता है। तो मैंने कहा करता तो है पर क्या कर सकते हैं। और मेरी साँसे तेज होने लगी रात के करीब ११ बज गए थे। उनकी भी साँसे तेज हो गयी। और उन्होंने लड़खड़ाते जवान से बोल गए अगर आज रात। …….. मैं समझ गयी, मैं चुप रही धड़कन तेज हो रही थी।

उन्होंने कहा अगर एतराज हो तो कोई बात नहीं। मैंने कहा नहीं नहीं ऐसी बात नहीं है। यानी मैंने हामी भर दी। और फिर वो उठे और मुझे गले से लगा लिए। मेरी बलखाती जवानी किसी को भी घायल कर दे। भरा पूरा बदन। बड़ी बड़ी चूचियां गोल गोल गांड उभर बाहर की तरफ। मस्त जवानी और गोरा बदन पागल हो गए वो जहाँ से हाथ लगाते वही से दबोच लेते। दोस्तों वो पागल हो गए पहले उन्होंने मेरे होठ के रस को पीना शुरू कर दिया।

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फिर मैं भी आवेश में आ गयी और उनके होठ को पीने लगी। धीरे धीरे कब हम दोनों एक दूसरे के कपडे खोल दिए पता ही नहीं चला मैं बेड पे लेट गई। और मेरी बड़ी बड़ी हॉट सेक्सी चूचियां से खेलने लगे पीने लगे मेरे निप्पल को दांत से दबाने लगे। फिर वो मेरी चूत को सहलाया और फिर चाटने लगे। मैंने पागल होने लगी मेरी चूत से गरम गरम पानी निकलने लगा और वो चाट चाट कर पी रहे थे।

मैं आह आहे अहा ओह्ह कर रही थी वो जम पर मेरे चूत को आधे घंटे तक चाटे फिर वो जैसे ही ऊपर आये उनका मोटा लौड़ा मेरे पेट पर रगड़ खाते हुए मेरी चूच में बिच में आ गया मैंने दोनों चूचियों को दबाई और उन्होंने अपने लंड के चूचियों के बिच में दे दिया और थोड़ा थूक लगा कर आगे पीछे करें लगे। मैं पागल हो रही थी।

फिर मैंने लैंड पकड़ पर अपने मुँह में ले ली और चाटने लगी। वो अब सिसकारियां ले रहे थे। अब मैं ऊँची उड़ान में थी। मैंने कहा जीजू अब देर मत करो मुझे चोद दो मेरी चुत की गर्मी शांत कर दो और उन्होंने भी बिना देर किया मेरी दोनों पैरों को अलग अलग किया और अपना लैंड चुत की मुँह पर लगाया और फिर जोर से धक्के दे दिया। दर्द से कराह उठी। वो दर्द मीठा था। अच्छा लग रहा था।

उनकी पकड़ तेज हो गयी दोनों बात मेरी बूब्स पर था और लंड उनका पूरा मेरी चूत में समा गया था अब वो हौले हौले से अंदर बाहर करना शुरू कर दिया। मेरे रोम रोम खड़े हो रहे थे। पागल हो रही थी। और फिर जोर जोर से धक्के देने लगे।

दोस्तों मैं भी जोश में आ गयी और मैं भी उनकी मदद करने लगी जैसे वो चाहते थे वैसा ही कर रही थी। दोनों जिस्म पर एक हो गए थे। अब कोई दुरी नहीं थी। लंड अंदर बाहर हो रहा था। कमरे में फच फच की आवाज आ रही थी। दोनों एक दूसरे को खुश कर रहे थे।

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करीब दो घंटे तक उन्होंने मुझे अलग अलग स्टाइल में चोदा और मैंने भी वो सब किया जो मैं फिल्मो में और नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ती थी। फिर जाकर हम दोनों ही खलास हो गए। कब नींद आ गयी पता ही नहीं चला नंगी ही सो गयी।

सुबह करीब पांच बजे नींद खुली तो जीजा नहीं थे। बगल के कमरे से आवाज आ रही थी। मैंने तुरंत नाईटी पहनी और दौड़कर देखने गयी तो दंग रही गयी। जीजा निचे लेते थे और मेरी छोटी बना उनके लंड को छूट में लेकर रगड़ रही थी। वो ऐसे कर रही थी मानो घोड़े पर बैठी हो और जीजा दोनों चूचियों को मसल रहे थे। और निचे से धक्के दे रहे थे।

तभी मेरी बहन कहने लगी जीजा अब मेरे से नहीं होगा मैं तक गयी हूँ और फिर मेरी बहन निचे लेट गयी और वो ऊपर चढ़ कर जोर जोर से पेलने लगे। और फिर पांच मिनट में ही वो सारा माल गिरा दिए चुत और और फिर दोनों एक दूसरे पर लेट गए।

मैं वापस अपने कमरे में आकर लेट आई नींद नहीं आई। सोचते रही क्या किस्मत पाया है इस बन्दे ने एक ही घर की तीन तीन लड़कियों की चुदाई।

दोस्तों मैं दूसरी कहानी जल्द ही सुनाने वाली है। कैसे मेरी मम्मी जीजा से चुदी है।