भाभी की बूर गांड और चूची में रंग लगा कर चोदा


Holi Sex, Holi Bhabhi Sex, होली सेक्स स्टोरी : जब किसी औरत के जिस्म को टटोलकर कपडे के अंदर हाथ डाल कर जब आप रंग लगाने का मौक़ा होली में मिल जाये तो आपको कैसा लगेगा। आज मैं आपको होली सेक्स स्टोरी के माध्यम से कहानी लिखने जा रहा हूँ। ये मेरी पहली कहानी है नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर। आईये मजे लेते हैं हॉट और गरमा गरम सेक्स कहानी की।


मेरा नाम राजन है और मेरी भाभी जो की बहुत ही हॉट है, गोरी है, सेक्सी है, गांड चौड़ी है. मस्त कजरारे नैन है, चूचियां गोल गोल और 34 साइज की ब्रा पहनती है। अगर आपको ऐसे माल को चखने का मजा होली में मिल जाये तो आप खुद सोचिये कितना मजा आयेगा। मुझे बहुत मजा आया था रंग लगाने से लेकर चुदाई करने तक। भाभी का नाम रानी है उम्र 22 साल, भैया रहते है बॉर्डर पर तो छुट्टी नहीं मिली थी होली पर तो नई नवेली भाभी को रंग लगाकर चोदना तो बनता है।

होली के दिन पापा मम्मी जल्दी उठकर स्वादिष्ट भोजन बनाया, होलिका पूजा की और फिर हम चारो मिलकर एक दूसरे को रंग लगाए। पैर छूकर प्रणाम किया। फिर मैं होली खेलने अपने दोस्तों के साथ चला गया। मम्मी पापा दोनों को नानी घर जाना था तो वो दोनों निकल गए बोल के गए की शाम तक आ जाऊंगा।


मैं दोस्तों के साथ खूब मजे किये खूब रंग खेला बियर भी पी भांग भी पी। करीब दो बजे वापस जब घर आया तो देखा भाभी अंदर कमरे में लेटी थी। उनको देखकर मुझे अच्छा नहीं लगा। क्यों की उनकी पहली होली थी यहाँ पर पिछले साल वो मायके में ही थी। तो देखकर मुझे दुःख हुआ की सबलोग होली खेल रहे हैं और मेरी भाभी का चेहरा बिलकुल साथ था।

मैंने कहा भाभी अब मैं आपको रंग लगाऊंगा आप आँगन में आ जाओ। भाभी बोली नहीं नहीं मुझे रंग नहीं लगाना मुझे होली खेलना अच्छा नहीं लगता। मैंने कहा ठीक है होली अच्छा नहीं लगता है तो कुछ और ही खेल लो। भाभी बोली नहीं जी मुझे कुछ भी नहीं खेलना। और खेलने का होगा तो भैया के साथ नेक्स्ट ईयर खेलूंगी। तो मैंने कहा कर दिया ना मुझे पराया ये बोल कर। और सच बताऊँ दोस्तों मेरे आँख में आंसू आ गया।

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भाभी को जब इस बात का एहसास हुआ तो बोली ओह्ह्ह्हह गलती हो गयी देवर जी बस यूँ ही कह दिया मजाक में। आप बुरा नहीं मानना, ऐसा भी होली में कभी बुरा नहीं मानते। और फिर उन्होंने कहा ठीक है जी भर के रंग लगा लो जितना लगना है और जहाँ जहाँ लगना है। आज मैं मना नहीं करुँगी। इतना सुनते ही मैंने कहा थैंक्स भाभी आ जाओ अपने देवर के साथ रंग खेल लो। और मैं रंग हाथ में लिया और पानी हाथ पर मिलाकर उनके गाल पर रंग मलने लगा।

गोरे गोरे गाल लाल लाल हो गया। पर मेरी नियत ख़राब हो गयी, मेरी धड़कन तेज हो गयी और मैं धीरे धीरे मेरे हाथ के स्पर्श में कामुकता भर गया। और मेरे हाथ उनके गालों को और होठ को महसूस करने लगा। मैंने रंग फिर से लिया पानी डाला और गर्दन पर लगाने लगा और कांपते हाथों से उनके ब्लाउज के ऊपर से लगाने लगा। उन्होंने कहा नहीं नहीं उतना नहीं ये आपका नहीं है भैया का है।


मैंने कहा फिर से कह दिया आपने भैया का है। अभी आपने कहा था की जितना लगाना है रंग लगा फिर आप मना कर रहे हैं। उन्होंने कहा चलो लगा लो पर मेन दरवाजा तो बंद कर दो कोई आ गया तो। ओह्ह्ह्हह्ह्ह्हह इतना सुनते ही मैं मेन गेट के तरफ भागा और जल्दी लगा कर आ गया। ग्रीन सिग्नल मिल गया था कोई घर में मेरे और भाभी के अलावा था भी नहीं। इससे बढ़िया मौक़ा क्या हो सकता है किसी भी लड़के के लिए। मैं तुरंत आकर रंग उनके ब्लाउज के ऊपर से लगाने लगा।


उन्होंने साडी का पल्लू गिरा दिया ओह्ह्ह्हह बड़ी बड़ी गोल गोल सुडौल चूचियां ब्लाउज के ऊपर से ही कातिलाना दिख रही थी। मैंने ऊपर से थोड़ा ही लगाया की मैंने ब्लाउज का हुक खोलने लगा। हुक खुलते ही मैंने उनका ब्रा उतार दिया और बूब्स पर रंग मसलने मसलने लगा। गोरा गोरा बूब्स देखकर तो मेरा दिमाग ख़राब हो गया टाइट थी उनकी चूचियां मैंने तुरंत ही रंग लगा कर लाल कर दिया।

उसके बाद मैंने उनका पेटीकोट उठाया तो वो सरमाने लगी बोली नहीं नहीं देवर जी। मैंने चूचियां दे दी अब नहीं बस मेरी इज्जत है ये मैंने कहा कुछ नहीं होगा होली में ये सब चलता है। उन्होने कुछ नहीं बोला उसके बाद मैंने तुरंत खींच दी घुटने से निचे कर दिया फिर से पेटीकोट उठाकर उनके गांड में रंग लगाने लगा। ओह्ह्ह उनका मस्त मस्त चूतड़ में जब रंग लगाने लगा उसकी समय उनके चेहरे का हाव भाव बदल गया।


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वो दांत पीसने लगी आँखे ऊपर निचे होने लगी सिसकारियाँ लेने लगी। मैं तुरंत ही पीछे चला गया। अपना लंड उनके गांड में रगड़ते हुए हाथ आगे करके उनकी चूत में रंग लगाने लगा। उन्होंने अपना पैर फैला दिया अब मैं उनकी चूत को सहलाते लगा तो महसू किया कि उनकी चूत गीली हो चुकी थी। उन्होंने अपना गांड मेरे लंड में रगड़ना शुरू कर दिया। और एकदम से मेरे तरफ घूम गयी और मेरे होठ को चूसने लगी।

मैंने तुरंत ही उनके बूब्स को दबाते हुए उनके होठ को चूसने लगा। मैंने उनके कपडे उतार दिया साडी फेंक दी और पेटीकोट का नाडा खोल दिया वो नंगी हो गयी। आँगन में हम दोनों एक दूसरे को चुम रहे थे एक दूसरे के बदन को सहला रहे थे। उन्होंने मुझे बरामदे पर आने का इशारा किया मैंने उनको गोद ने उठाया और बरामदे पर चटाई पर लिटा दिया।

मैंने उनके दोनों पैरों के बिच में बैठकर चूत चाटने लगा वो मेरे बाल को पकड़ पर अपने चूत को चटवाने लगी। गरम गरम लसलसा पदार्थ निकल रहा था मैं चाट रहा था और नमकीन स्वाद का मजे ले रहा था। बार बार वो पानी छोड़ती अपनी चूत से और मैं चाट जाता। फिर मैंने तुरंत दोंनो चूचियां को एक साथ सताया और लंड को बिच में लगा कर दोनों चूचिओं को साइड से दबा कर लैंड को चूचियों के बिच में पेलने लगा।

ओह्ह्ह क्या बताऊँ उनकी सिसकारियां इतनी सेक्सी थी और अअअअअ आए ओह्ह्ह्हह्ह उफ्फ्फ्फ़ की आवाज निकालती तो मेरा लंड और भी फनफना जाता था मोटा हो जाता लंबा हो जाता। उन्होंने मेरे लंड को पकड़ लिया और अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। पर मुझे चुदाई करना था। मैंने कहा भाभी मेरी जान मेरी डार्लिंग अब मत तड़पाओ मुझे अपना लंड बूर में घुसाने दो। उन्होंने कहा मैंने कहा मना की बूर में लौड़ा घुसाने के लिए मेरे देवर जी। घुसा दो पूरा लंड मेरी चूत में।

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और चोद दो मुझे प्यासी हूँ। आपका लंड बहुत सेक्सी है मोटा है लंबा है मुझे शांत करो चोद कर नहीं तो मैं पागल हो जाउंगी। मैंने तुरंत ही उनके दोनों पैरों को अलग अलग किया और बूर में लंड घुसा दिया। जोर जोर से धक्के देने लगा हरेक धक्के पर वो हाय हाय करती। ओह्ह्ह्हह मैंने कामसूत्र के करीब १० पोजीसन इस्तेमाल कर लिया। भाभी भी सेक्सी आवाज निकाल निकाल कर मेरे जिस्म को सहलाते हुए गांड घुमा घुमा और और झटके दे दे कर चुदवाने लगी।

करीब एक घंटे तक उनको चोदते रहे इस बिच भाभी दो बार झड़ गयी थी। अंत में मेरा लंड वीर्य उगल दिया और पूरा चूत मेरे वीर्य से भर गया। हम दोनों शांत हो गए। एक दूसरे को सहलाते रहे और फिर दोनों उठे और एक साथ नहाने लगे। फिर वह पर चुदाई किया। नहा धोकर हम दोनों आधे कपडे में ही सो गए वो बस ब्रा और पेंटी में और मैं सिर्फ जाँघियां में। शाम को उठे फिर चुदाई किया तब मम्मी पापा का फ़ोन आया की आज नहीं आऊंगा।

ये सुनकर दोनों ख़ुशी से झूम उठा और फिर हम दोनों रात भर बियर पी पी कर गांड बूर मुँह चूचियां कांख चूतड़ खूब सहलाये चोदे और मजे किये। अपनी दूसरी कहानी जल्द ही नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर लिखने वाला हूँ तब तक के लिए धन्यवाद।