विधवा मकान मालकिन हूँ चुदाई की आदत लग गई है

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ज़िंदगी कभी कभी किस मोड़ पर ले आती है समझ नहीं आता है। जब एक औरत समाज की नजरों में विधवा हो और उससे सही से रहने चाहिए। पर अगर उस विधवा को सेक्स करने का चस्का लग जाये तो क्या करे। दोस्तों अपने आप को कितना समझाया पर शुरुआत में गलतियां हो गई थी पर ये गलतियां अब आदत बन गई है। आज मैं आपको नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के माध्यम से अपनी कहानी आपको बताने जा रही हूँ।

मेरा नाम मीनू है मैं 32 साल की हूँ। मेरी एक बेटी है वो बहुत ही छोटी है। मेरे पति का देहांत पिछले साल हो गया है। उन्होंने कुछ अच्छा किया है तो बस एक ही चीज मकान तीन मंजिला बना दिए है। आज उसी से आने वाले किराये से ही घर चलता है। मैं अभी भरपूर जवानी में हूँ। किसी अठारह साल लड़की से कम नहीं हूँ। क्यों की मैंने अपना फिगर मेंटेन करके रखा है। जब पति थे तब भी अपने आप को बर्बाद नहीं की। अपने शरीर का खूब ख्याल रखा। पर अब मेरी जवानी को भोगने वाला कोई नहीं।

दोस्तों मैं भी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम की बड़ी फैन हूँ। रोजाना सेक्स कहानियां पढ़ती हूँ। और वही से आदत लगा मुझे चुदाई का क्यों की शुरआत में तो कहानी पढ़कर अपने चूचियों को मसल लेती थी चूत सहला लेती थी। चुत में ऊँगली कर अपने आप को समझा लेती थी पर ये सब कितना दिन चलेगा। आपको भी दोस्तों सिर्फ मुठ मार के कितना दिन चला सकते हैं आपको भी चुदाई का मौक़ा मिलना चाहिए। जब तक आपको चूत नसीब नहीं हो रहा है तब तक। फिर भी लोग अपने लिए कोई ना कोई जुगाड़ बना ही लेते हैं। चाहे चुदाई बीवी की हो, भाभी की हो, गर्लफ्रेंड की हो, अपने परिवार में किसी के साथ हो या किसी रंडी के साथ हो।

मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ पति के जाने के बाद छह महीने तक तो सोची नहीं सेक्स के बारे में। उसके बाद कहानियां पढ़ने लगी। फिर दो महीने तक ऐसे ही चूत सहला सहला कर निकाली। फिर मेरा एक किरायेदार आया सोनू , सोनू की उम्र चौबीस साल है, वो जिम में ट्रेनर है तो मैं मर मिटी उसके शरीर के बनावट पर, देखने में हैंडसम, लंबा भुजाएं चौड़ी दोस्तों किसी भी औरत का दिल धड़क जाये उसको देख कर। पर ये सब काम मेरे लिए आसान नहीं था. क्यों की कैसे उसे पटाती ये सोच कर मैंने नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर कुछ कहानियां पढ़ी ताकि कोई आईडिया मिले और मिल भी गया।

एक रात करीब दस बजे मैं उसके कमरे में गई उसका कमरा ऊपर के फ्लोर पर था। मैं सब्जी देने के बहाने लगी। और पहन रखी थी नाइटी जो की सिल्क की थी हलकी थी बिना बांह की, अंदर मैं ब्रा नहीं पहनी निचे पेंटी भी नहीं। अब मेरे अंग नाइटी के ऊपर से दिख रहे थे। मेरी चूचियां कितनी बड़ी है निप्पल कैसा है आप ऐसे ही फील कर सकते थे। जब चलती थी तो गांड मटकती थी और बिच में नाइटी गांड से सटती और चूचियां हिलती तो और भी सेक्सी लगती।

दोस्तों जैसे ही उसने मुझे देखा उसकी आँखे मेरे बूब्स पर अटक गई मुँह खुला का खुला रह गया। ऊपर से निचे तक देखा वो तो पागल हो गया उठकर खड़ा हो गया। बोला भाभी आप तो मैं बोली बस सब्जी देनी आई हूँ। और सब्जी वही निचे रखने लगी झुक कर तो आगे से मेरी दोनों चूचियों उसको साफ़ दिखाई दी। वो एक टक मुझे देखने लगा तभी मैं मुड़कर जाने लगी तो मटकती गांड देखा। मैं समझ गई वो दीवाना हो गया है।

उसके बाद वो बोला भाभी बैठो, मैं बोली रात ज्यादा हो रही है. बैठने का तो मन है पर कैसे बैठूं आपको सुबह जिम जाना पडेगा देर हो जाएगी। तो वो बोला अरे नहीं नहीं कल तो जिम वीकली ऑफ है। आप आराम से बैठ सकते हो। तो मैं बोली फिर क्या फायदा अगर आराम से बैठूं तो? तो बोला अरे मुझे बोलने नहीं आता है। आप जैसे चाहो वैसे रहो मुझे क्या तो मैं बोली सच में ? तो वो बोला हां हां इसमें मेरा क्या। तभी मैं बोली तो क्या आज रात मुझे खुश कर सकते हो।

वो बोला भाभी आप क्या बोल रहे हों। दोस्तों मेरी धड़कन तेज हो गई थी। पता नहीं चल रहा था क्या कह रही हूँ। क्या सुन रही हूँ। मैं होश हवस खो दी थी उस समय मेरी दिल की धड़कन बढ़ रही थी। और फिर हिम्मत करके उसके करीब पहुंच गई और बाहों में भर ली। दोस्तों आँखें बंद हो गई थी और उससे लिपट गई थी। पहले वो थोड़ा सम्हला और फिर उसने भी मुझे अपनी बाहों में भर लिया। मैं उसको चूमने लगी वो भी मुझे चूमने लगा वो मेरी चूचियों को दबाने फिर मेरी कामुकता चरम पर पहुंच गई। मैं चुदने को बेताब होने लगी थी पर फोरप्ले करवाना और करना चाह रही थी यानी की मैं उसके प्राइवेट पार्ट को चाटने और उससे अपनी चूत चटवाने को सोच रही थी। जो इसके कमरे में संभव नहीं था।

मैं बोली आ जा निचे। दोस्तों वो कुत्ते की तरह मेरे पीछे भाग कर आया। जैसे की मैं रोटी देने वाली हूँ। दोस्तों उसके आते ही मैं रूम का दरवाजा बंद की और अपनी नाइटी उतार फेंकी और वो भी तब तक अपने कपडे उतार चुका था। वो खड़ा था मैं तुरत ही बैठ गई और उसका लौड़ा मुँह में ले ली और चाटने लगी। उसका लौड़ा करीब आठ इंच का था और तीन इंच मोटा था। गजब का सॉलिड लौड़ा था। फिर वो मुझे उठाकर पलंग पर लिटा दिया और फिर मेरी चूत चाटने लगा। जब वो मेरी चूत में जीभ लगाता मेरे तन बदन में आग लग जाती। दोस्तों मेरे रोम रोम सिहर रहे थे। मैं कामुक हो गई थी।

उसके बाद उसने मेरे पुरे बदन पर पीठ पर गांड में चूत में कांख में कान में गर्दन में नाभि में चूतड़ में जांग पर ऊँगली में चूमने लगा और अपनी जीभ फिराने लगा ये कराना मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मैं अंगड़ाइयां लेने लग रही थी मेरे होठ सुख रहे थे। मेरी चूत गीली हो गई थी चूचियां टाइट हो गई थी। मैं आह आह आह आह की आवाज निकलने लगी थी। और कह रही थी चोदो मुझे खूब चोदो आज मेरी चूत फाड़ दो, मेरी आग बुझा दो, मेरी चूचियों को खूब पियो जैसे कोई बच्चा पीता है दूध, वैसे ही चाटो, मेरी गांड चाटो मेरी चूत चाटो। वो तो पागल हो गया था।

उसने अपने लौड़े को मेरी चूत पर सेट किया और जोर से घुसा दिया चूत में, दोस्तों इतना मोटा लौड़ा पहली बार मेरी चूत में गया था पति का भी इससे आधी था। फिर वो चोदना शुरू किया और मैं चुद्वाना, दोस्तों वो आगे से पीछे से खड़े होक कुतिया बना कर लिटा कर बैठा कर खूब चोदा, मेरे रोम रोम खिल गए थे। मुस्कुरा रही थी। अपनी चूचियों को मसल रही थी।

दोस्तों हम दोनों पूरी रात एक दूसरे को खुश कर रहे थे। जो मर्जी जिसको कर रहा था वो वही कर रहा था। हम दोनों एक दूसरे को साथ दे रहे थे। रात भर चुदने के बाद मेरी चूत में सूजन आ गया था। पर मैं बहुत खुश थी आप पति की कमी महसूस नहीं हो रही थी।

दोस्तों हम दोनों तीन महीने तक सेक्स किये, पर वो अब गाँव चला गया है। पर मुझे तो चुदाई की लत लग चुकी है. मैं समझ नहीं पा रही हु क्या करूँ। अब किसी और को पटाने वाली हूँ। दूसरी कहानी जल्द ही नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर लिखने वाली हूँ।

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