पुरानी प्रेमिका की चुदाई मोटे लौड़े से की और गांड भी मारी

हाय दोस्तों, मैं अरविन्द सैनी आप सभी का नॉन वेज स्टोरी में स्वागत करता हूँ। मैं कई सालों से नॉन वेज स्टोरी पर सेक्सी स्टोरी पढता हूँ और मजे लूटता हूँ। आज मैं आपको अपनी सेक्सी चुदाई कहानी सुनाने जा रहा हूँ। मैं जालौन का रहने वाला हूँ। मैं इस समय ४० साल का हूँ, मेरी शादी हो चुकी है और ४ बच्चे है मेरे।

एक दिन जब मैं मार्केट में किसी काम से गया था तो अचानक मेरी मुलाकात छवि वर्मा से हो गयी। वो मेरी कॉलेज फ्रेंड थी, मेरी गर्लफ्रेंड और प्रेमिका थी। मैंने ४ साल तक उसकी मस्त छूट में लौड़ा दिया था। फिर कुछ दिन बाद उसकी भी शादी हो गयी और इधर मेरी भी शादी हो गयी। फिर मेरी उससे कभी मुलाक़ात नही हुई। पर आज तो जैसे मेरी किस्मत ही चमक गयी थी। जालौन के एक बड़े शोपिंग स्टोर में मेरी मुलाकात छवि से हो गयी। उसे बड़ी दूर से देखते ही मैं उसे पहचान गया।

“ओह हाय छवि, कैसी हो तुम???” मैंने मुस्कुराते हुए कहा

वो पलटकर मुड़ी तो जैसे उसे विश्वास ही नही हो रहा था।

“अरविन्द!!….इतने दिनों बाद??” वो हंसकर बोली

फिर हम एक दूसरे का हाल चाल पूछने लगे। कॉलेज टाइम में मेरी कई माल हुआ करती थी, पर छवि सबसे टॉप की माल हुआ करती थी। उसको मैंने गोद में लेकर खड़े होकर कई बार चोदा था। आज कम से कम १५ साल बाद उसे मैं देख रहा था। अपने पति से चुदवा चुदवाकर अब वो एक औरत बन चुकी थी। कॉलेज के समय में वो सलवार सूट पहनती थी, पर आज उसने साड़ी ब्लाउस पहन रखा था। पहले उसके मम्मे ३० के थे तो अब पति से चुद चुदकर उसके मम्मे बहुत बड़े हो गये थे और ३६” के उपर चले गये थे। छवि को देखते ही मुझे उसका चिकना नंगा जिस्म याद आ गया, जिसे मैंने चूस चूसकर उसे सैकड़ों बार चोदा था। आज उसे देखकर फिर से उसकी बुर चोदने की इक्षा जाग गयी थी।

“कितने बच्चे है तुम्हारे??” छवि ने मुझसे पूछा

“चार” मैंने कहा

“और तुम्हारे??” मैंने पूछा

“पांच (३ लड़के और २ लड़कियाँ)” वो बोली

मैं मन ही मन में सोचने लगा की जरुर इसका मर्द बहुत बड़ा ठरकी होगा जो मेरी माल को चोद चोदकर उसने ५ बच्चे चूत से निकाल दिए। आज एक औरत बन चुकी छवि को देखकर ही पुरानी कॉलेज के जमाने की यादे ताज़ा हो गयी और ना जाने क्यों मेरा लौड़ा फिर से खड़ा होने लगा। मैं मन ही मन में सोचने लगा की अपनी बीबी (महक) की चूत मार मार कर मैं वैसे भी बहुत बुर हो चूका हूँ, अगर आज पुरानी प्रमिका छवि की हरी हरी भरी भरी चूत मारने को मिल जाए तो कहना ही क्या।

“आओ चलते है ….काफी पीते है!!” मैंने उससे कहा और अपनी मोटर साईंकिल पर बिठा लिया और एक रेस्टोरेंट में मैं उसे लेकर चला गया। मैंने २ काफी और कुछ मिठाइयों का ऑर्डर दे दिया और छवि से बात करने लगा। चुदवा चुदवाकर ५ बच्चे पैदा करने के बाद भी वो अच्छी लग रही थी। हालाँकि पहले जब कॉलेज के दिनों में वो २१ २२ साल की थी तो क्या गजब की माल लगती थी, पर अब चेहरे की चमक थोड़ी कम हो गयी थी, पर आज भी वो बढ़िया माल थी। और २ ३ बार तो चुदने लायक आराम से थी। वेटर हम लोगो के लिए काफी और मिठाइयाँ ले आया और हम लोग काफी पीने लगे। मैंने उसके पति का हाल चाल पूछा और उसने मेरी बीवी का। फिर हम अपनी कॉलेज की बात करने लगे। मैं उससे मजाक करने लगा।

“और बताओ छवि….तुम्हारे पति का कितना बड़ा है??” मैंने धीरे से पूछा

गरमा गरम है ये  जान! तुम मुझे चोद सकते हो, पर बाद में धोखा मत देना

“धत्त!!!…ये भी कोई पूछता है क्या??” वो बोली और शर्मा गयी

“अब मुझसे भी क्या शरमाना जान??” मैंने कहा

“५ इंच का लौड़ा है उनका!!” वो किसी चोर की तरह धीमे से बोली

“बहनचोद!!…. तब तुमको क्या मजा देता होगा वो गांडू!!” मैंने कहा

“अरविन्द….अब सबका लौड़ा तुम्हारी तरह १० इंच का हो, जरुरी तो नही!!” छवि बोली

दोस्तों, इस तरह हम दोनों गर्म गर्म चुदाई वाली बाते करने लगे। मैं छवि को लेकर रेस्टोरेंट के एक कोने में चला गया। वहां पर सन्नाटा भी था और अँधेरा भी था। मैंने उसके ब्लाउस में उपर से हाथ डाल दिया और सफ़ेद रसीले दूध को मैं मजे लेकर दबाने लगा। छवि ने कुछ नही कहा।

“जान…..अच्छा बता की तुमको मैं बढ़िया तरह से चोदता था की तुम्हारा पति तुमको बढ़िया तरह से लेता है??” मैंने छवि के दूध को दबाते दबाते हुए कहा

“अरविन्द….. आआआआअह्हह्हह….ईईईईईईई…ओह्ह्ह्हह्ह…अई..अई..अई….तुम्हारे जैसी चुदाई तो आजतक मेरी किसी ने नही की। तुम तो मुझे २ २ , ३ ३ घंटे पेलते थे” छवि बोली

मैं उसके दूध बिना रुके दबाता ही रहा। फिर मैंने उसकी साड़ी उठाकर उसकी चूत में हाथ डाल दिया और चूत सहलाने लगा। धीरे धीरे वो गर्म हो गयी। रेस्टोरेंट के जिस कोने में लेकर मैं उसे बैठा था, वहां पर अँधेरा था, इसलिए मुझे और छवि को कोई नही देख सकता था। मैं जोर जोर से उसकी रसीली बुर सहलाने लगा। फिर चूत से हाथ निकालकर उसके दूध दबाने लगा। कुछ देर बाद तो मेरी कॉलेज के जमाने की प्रेमिका बिलकुल गर्म हो गयी।

“छवि….आज तू १५ साल बाद मिली है…..ऐ चूत दे ना!” मैंने उसके दूध दबाते दबाते कहा

“नही…….ये सब गलत है…..मेरी शादी हो चुकी है…५ बच्चे है मेरे!!” छवि बोली

मैंने और जोर जोर से उसके आम दबाने लगा और कुछ देर में मैंने उसको बिलकुल गर्म कर दिया

“अरे यार……नाटक मत कर। क्या तेरा मन नही करता ही वो पुरानी रसीली यादे…आज फिर से ताज़ी हो जाए। क्या तुझे याद नही हम लोगो ने साथ में नंगे होकर कितने मजे मारे है???” मैंने कहा

मैंने अपनी पुरानी मॉल को फुसलाने लगा। मेरा असली मकसद छवि की रसीली बुर पीना और जी भरकर चोदना था।

“नही यार……वो सब पुराना समय था। गुजर गया। अब मैं शादी शुदा औरत हूँ!!” छवि बोली और इधर उधर के बहाने बनाने लगी

मैंने अपना हाथ उसके ब्लाउस ने निकाल लिया और जल्दी से साडी उठाकर उसकी चड्ढी में चूत में डाल दिया और चूत में जल्दी जल्दी ऊँगली चलाने लगा। १० मिनट में छवि की चूत में मैंने इतनी ऊँगली कर दी की वो बहुत जादा गर्म हो गयी। मैं ताड़ गया था की अब वो मेरा लंड खाने को तैयार हो जाएगी।

“अब बोल…..चूत देगी???” मैंने छवि की चूत में ऊँगली करते करते पूछा

“हाँ….पर कहां चोदोगे मुझे???” छवि बोली

“उसकी टेंशन मत ले जान!!” मैंने कहा

मैंने छवि को लेकर एक होटल में आ गया। मैंने ४०० रूपए में २ घंटे के लिए होटल में कमरा ले लिया। अंदर आते ही मैंने दरवाजा बंद कर लिया और छवि को बाँहों में भर लिया। मैं भीतर से बहुत खुश था की आज पुराणी यादें एक बार फिर से ताज़ी हो जाएंगी। जिस लौंडिया को २१ साल की उम्र में गोद में लेकर चोदा था, आज वो एक मस्त चुदासी औरत बन चुकी है। आज देखते है इसकी चूत का टेस्ट कैसा मिलता है। मैंने छवि को बाहों में भर लिया और उसके मस्त मस्त होठ पीने लगा। वो भी बहुत गर्म हो चुकी थी और मुझसे चुदवाना चाहती थी। वो भी मेरे होठ से होठ लगाकर मेरे होठ पीने लगी।

कुछ ही देर में हम दोनों बिस्तर पर आ गये। मैंने उसकी साड़ी निकाल दी। मेरी कॉलेज की जमाने की प्रेमिका जिसको मैंने आज से १५ साल पहले चोदा था, आज फिर मुझसे चुदने वाली थी। मैंने बिलकुल पागल हो गया था, क्यूंकि कई दिन से अपनी बीबी की चूत मार मारकर मैं पक गया था। मैं छवि के लाल रंग के ब्लाउस का एक एक बटन खोलने लगा और मैंने ब्लाउस निकाल दिया। मादरचोद!! कितने बड़े बड़े मम्मे हो गये है बहन की लौड़ी के। मैं हैरान था। कहाँ पहले ३२ का साइज था, पर अब तो पूरा ४० का हो गया था। काली ब्रा में मेरी माल के दूध जैसे बाहर निकलने तो बेताब हो रहे थे। मैंने झट से छवि की पीठ में हाथ डाल उसकी ब्रा खोल दी। मैंने काली जाली वाली ब्रा निकाल के एक किनारे रख दी। पुरानी यादे आज फिर से ताजा हो गयी। इन्ही नशीले मम्मो को मैं पी पीकर उसे खूब रगड़कर चोदा था। पर अब छवि ३५ साल की माल हो चुकी थी। अब वो पहले वाली बात नही थी, पर बूब्स खूब बड़े बड़े हो गए थे और जरा नीचे की ओर लटक गए थे। मैंने हाथ में लेकर अपनी सामान छवि के दूध जोर जोर से दबाने लगा। वो …मम्मी…, सी सी……. सी सी सी सी… ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ.. करके सिसकने लगी। मैं आज उसको देखकर बिलकुल पागल हो गया था। आज भी उसके दूध काफी मस्त थे। मैं मुंह में लेकर छवि के मस्त मस्त दूध चूसने लगा। कुछ देर बाद मैंने उसका पेटीकोट खोल दिया और उसकी चड्ढी भी निकाल दी।

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मैं किसी हब्सी आदमी की तरह उसकी चूत में ऊँगली डाल रहा था और पुरानी प्रेमिका छवि के दूध को पी रहा था। कुछ देर बाद छवि भी गर्म और चुदासी हो गयी और उसके दूध अब कस गये। उसकी निपल्स कड़ी होकर टाइट हो गयी। मैं मुंह में काली कड़ी कड़ी निपल्स को लेकर मजे से चूसने लगा। उफ्फ्फफ्फ्फ़…..दोस्तों मुझे तो जैसे जन्नत का मजा मिल रहा था। छवि उ उ उ उ ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँअहह्ह्ह्हह करने लगी। मैं अपने तेज पैने दांत से उसकी चूचियों को काटने और चबाने लगा। वो चुदवाने के लिए पागल हुई जा रही थी।

“उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी…. ऊँ..ऊँ…ऊँ अरविन्द!! मेरे जानू….चोदो…अब मुझे चोदो….अब देर मत करो!!” छवि सिसक सिसक कर बोलने लगी।

मैं उसकी चूत पर आ गया और उसकी बुर पीने लगा। उसकी हल्की हल्की झाटे पर। ५ ५ बच्चे इस चूत से निकले थे और पैदा हुए थे, इसलिए चूत के आस पास मैंने स्ट्रेचिंग मार्क्स साफ़ साफ़ देख सकता था। मैं मुंह लगाकर अपनी पुरानी सामान छवि की चूत मजे लेकर पीने लगा। उसकी चूत पति से चुदवा चुदवाकर काफी फट चुकी थी। चूत के होठ चुदवा चुदवाकर काफी बड़े हो गये थे और किनारे की तरफ लटक गये थे। मैं मजे से छवि की चूत के होठ जीभ लगाकर पीने लगा। वही पुराना स्वाद मेरी जुबान पर आ गया तो आज से १५ साल पहले उसकी चूत पीने पर मुझे मिला था। मैं पूरे प्यार और सिद्दत से अपनी पुरानी प्रेमिका की बुर पीने लगा। धीरे धीरे वो पूरी तरह से गर्म हो गयी और उसकी चूत से माल निकलने लगा।

मैं चूत के दाने और होठो को जीभ से लपर लपर जल्दी जल्दी किसी आवारा कुत्ते की तरह चाट रहा था। छवि बार बार अपनी गांड उठा रही थी। ““अरविन्द, मेरे जानम …..आआआआआ…अब देर मत करो… चोदोदो दो….सी सी सी….ईई..” इस तरह छवि बार बार मोनिंग करने लगी। पर मैं तो ऊसकी बुर पीने में डूबा था। फिर मैंने उसके दोनों पैर खोल दिए और उसकी चूत में अपना मोटा लौड़ा डाल दिया और मजे से चोदने लगा। एक शादी शुदा औरत को खाने में एक दूसरी फीलिंग आती है। किसी दूसरे आदमी के माल पर डाका डालने में एक दूसरा मजा मिलता है। आज मैं किसी दूसरे आदमी की औरत को चोद खा रहा था, मुझे बहुत मजा और संतुस्टी मिल रही थी।

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मैंने छवि की दोनों भरी भरी गोरी भरी भरी जांघो को पकड़ लिया और उसे फट फट करके चोदने लगा। मेरा १०” लौड़ा पूरा का पूरा उसके भोसड़े में घुसा जा रहा था। मैं जोर जोर से अपनी माल को पेल रहा था। उसके जरा झूलते हुए मम्मो को मैंने हाथ में कसकर पकड़ लिया था और उसे मैं तेज तेज कमर हिला हिलाकर पेल रहा था। छवि को तो जैसे चक्कर आने लगा। वो उपर की तरफ देखने लगी, चुदवाते चुदवाते उसकी तो जैसे आँखें की निकली जा रही थी। मैंने उसकी दोनों जांघ पकड़कर जल्दी जल्दी उसको चोद रहा था और उसकी रसीली चूत में जल्दी जल्दी लंड डाल रहा था। मेरा लौड़ा इतना बड़ा था की जब चूत के अंदर घुसता था तो साफ़ मालूम पढता था की कुछ अंदर गया है। क्यूंकि छवि की चूत के उपर का भाग उठ जाता था और लौड़े का उभार साफ़ साफ़ दीखता था। मैं उसे खूब जोर जोर से पेल रहा था। वो मेरे सीने से चिपक गयी। मैंने उसको बाहों में भर लिया और मजे से उसकी बुर फाड़ने लगा। मेरे हाथ अब भी उसके दूध पर थे। मैं जोर जोर से उसके दूध दबा रहा था। कुछ देर बाद मैंने अपना माल छवि के भोसड़े में ही डाल दिया। वो मुझसे चिपक गयी और पागलों की तरह मेरे गाल, चहरे और होठो को चूमने लगी।

फिर हम काफी देर तक नंगे नंगे एक दूसरे की बाहों में लेते रहे। कुछ देर बाद छवि मेरे पास आकर मेरा लौड़ा चूसने लगी।

“अरविन्द, तुम्हारा लौड़ा तो मेरे पति के लौड़े से दोगुना है!!” छवि बोली

“तो फिर सोच क्या रही हो जान…..चूस लो मेरे लौड़े को!!” मैंने कहा

उसके बाद तो मेरी पुरानी प्रेमिका छवि बड़ी देर तक मेरे लौड़े को चुस्ती रही और उससे मंजन करती रही। वो बार बार मेरा सुपाडा अपनी जीभ से चाट रही थी। मुझे बड़ी गुदगुदी हो रही थी। कुछ देर बाद वो खुद ही मेरे लौड़े पर आकर बैठ गयी। लंड को चूत में लेकर मेरी कमर पर उठने बैठने लगी। तो मैंने भी उसे नीचे से चोदने लगा। धीरे धीरे हम दोनों में अच्छा तालमेल बैठ गया और वो अपनी गांड मटका मटकाकर चुदवाने लगी। उस दिन होटल में मैंने उसे २ घंटे में ४ बार चोदा, और २ बार गांड मारी। फिर हम अपने अपने घर आ गये। मेरी पुरानी प्रेमिका चुदवाकर अपने घर चली गयी। आज भी उसकी चुदाई को याद करता हूँ तो लंड खड़ा हो जाता है। कहानी आपको कैसी लगी, अपनी कमेंट्स नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर जरुर दें।

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