पडोसी ने मेरी माँ को मुता मुता कर चोदा और बूर फाड़ दिया

हेल्लो दोस्तों मैं आप सभी का नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम में बहुत बहुत स्वागत करता हूँ। मैं पिछले कई सालों से इसका नियमित पाठक रहा हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती जब मैं इसकी रसीली कहानियाँ नही पढ़ता हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रहा हूँ। मैं उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी। ये मेरी जिन्दगी की सच्ची घटना है। मेरा नाम हरपाल है। मैं शामली का रहने वाला हूँ जो सहारनपुर के पास पड़ता है। मेरे सीधी साधी जिन्दगी में तब भूचाल आ गया जब मुझे पता चला की मेरी मम्मी का पड़ोस के मर्द के साथ चक्कर है। कब कैसे क्या हुआ सब आप लोगो को बता रहा हूँ।
मेरी मम्मी का नाम दिशा है। वो अभी 33 साल की है पर इतनी सुंदर और मेंटेन रहती है की अभी 16 साल की दिखती है। पापा से उनका डिवोर्स हो गया है और अब घर में सिर्फ मैं और मम्मी ही साथ में रहते है। वो जब भी मार्केट जाती है लोग उनको देखकर सीटी मारते है। मम्मी बहुत सुंदर और सेक्सी माल है। लोगो के तो लौड़े ही खड़े हो जाते है जब वो मेरी सुंदर मम्मी को देख लेते है। वो अक्सर साड़ी पहनती है पर जब मूड में आ जाती है तो सलवार सूट भी पहन लेती है। गोरी और सुंदर इतनी है की लोग उनको छमिया कहकर बुलाते है। मम्मी जी का बदन भरा पूरा है और गोल मटोल है। मम्मे 36” के बेहद पुष्ट है। फिगर 36 30 32 का है। वो अपनी गांड और पुट्ठे पीछे की तरफ निकालकर चलती है तो लोगो के दिल मचल जाते है। कितने मर्द उनको चोदने का ख्वाब संजोने लग जाते है। कितने उनके पुट्ठो पर हाथ रखकर सहलाना और दबाना चाहते है। पर सिर्फ लकी मर्द को मेरी मम्मी की रसीली चूत चोदने को मिलती है।
पता नही हूँ पिछले कुछ महीनो से मम्मी जी ने कुछ जादा ही सजना संवरना शुरू कर दिया था। सुबह सुबह उठकर खूब साबुन मल मलकर नहाती थी और फिर 2 घंटे शीशे के सामने बैठकर मेकअप करती थी। 10 बजे तक मेरे कॉलेज का वक़्त हो जाता था और मैं घर से निकल आता था। रात को जब मैं घर में लौटता था तो मम्मी के बेडरूम की हालत बिगड़ी हुई दिखती थी। हर बार मुझे उनके बेडरूम में कंडोम, गजरे वाला फूल, और उसकी हाथ की चूड़िया टूटी हुई मिलती थी। मैं कुछ समझ नही पाता था। कंडोम के बारे में सोच सोचकर मैं परेशान हो जाता था। पर मम्मी से सामने सामने पूछने की हिम्मत मुझमें नही थी। “कहीं उनका किसी के साथ चक्कर तो नही चल रहा” मैंने मन ही मन में सोचता था।
5 दिन पहले की बात है मैं अपने कॉलेज गया था पर किसी प्रोफेसर की मौत हो गयी थी। इसलिए हमारी छुट्टी कर दी गयी थी। अब मुझे टीवी देखने का बड़ा दिल कर रहा था। मैं जल्दी जल्दी साईकिल चलाने लगा की जल्दी से घर पहुच जाऊं फिर अपना फेवरेट डिस्कवरी चेनल देखूंगा। मैं घर आ गया और साईकिल एक किनारे खड़ी कर दी।
“मम्मी !! मैं आ गया” मैंने आवाज लगा पर कोई नही बोला
घर खाली दिख रहा था। समझ में नही आ रहा था की मम्मी कहाँ है। मैंने सब तरफ देखा पर कोई नही दिखा। फिर मैंने फर्स्ट फ्लोर से कुछ आवाजे सुनी। मैं सीढियों से पहली मंजिल पर जाने लगा तो आवाजे बढ़ गयी। “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” की गर्म गर्म आवाजे आ रही थी। मैं उपर वाले कमरे में गया तो देखा की दरवाजा बंद था। बस हल्का सा खुला था। वो आवाजे उसी कमरे से आ रही थी। मैं दबे पाँव किसी जासूस की तरह आगे बढ़ा। जो देखा उसे देखकर मेरी जिन्दगी हमेशा के लिए बदल गयी। मम्मी जी पड़ोस के मर्द से चुदवा रही थी। दोनों बिस्तर पर लेटे थे। वो मर्द मेरी जवान और सेक्सी मम्मी के दूध जल्दी जल्दी चूस रहा था और मजे ले रहा था। आज पहले जिन्दगी में पहली बार उनको नंगा देखा था। मेरी मम्मी सुंदर और सेक्सी माल दिख रही थी।
आजतक तो उनको साड़ी में देखा था आज पहली बार नंगी देख रहा था। वो अंदर से इतनी गोरी थी की मेरा लंड खड़ा हो गया। काश मैं अपनी मम्मी को चोद पाता तो कितना मजा आता। वो पूरी तरह से नंगी थी। उनके पुट्ठे खूब बड़े बड़े थे। उनका आशिक उनके पुट्ठो को सहला सहलाकर प्यार कर रहा था। बाहों में भरकर प्यार कर रहा था। “दिशा !! यू आर सो सेक्सी” वो बार बार कह रहा था। उनके नंगे दूध को हाथ से जोर जोर से दबा रहा था। आज पहली बार मैंने अपनी आँखों से मम्मी की हरी भरी चूचियां देखी। ओह्ह कितनी सुंदर थी वो। सफ़ेद सफ़ेद चिकनी और निपल्स के चारो तरफ गोल गोल काले गोले तो आज ही लगा रहे थे। वो पडोस वाला मर्द उनकी चूची को मुह में लेकर चूस रहा था। कस कसके जोर जोर से।
वो पूरा मजा लूट रहा था। दोनों बूब्स को अच्छे से पी रहा था मुंह चला चलाकर। मेरी मम्मी उसका साथ निभा रही थी। फिर वो उनके पेट पर अपनी जीभ घुमा घुमाकर किस करने लगा। दांत से खाल को खीचने लगा। वो मर्द मम्मी की नाभि में बार बार ऊँगली कर रहा था। मम्मी जी “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” बोल बोलकर सिसक रही थी। कितनी देर तो वो उनकी सेक्सी गद्देदार नाभि को चूसता और पीता रहा।
“राजेश!! क्या सिर्फ उपर उपर से मजा लोगे की अंदर वाला भी मजा लूटोगे??” मम्मी ने कहा और उसके सिर के बालो में हाथ घुमाने लगी।
“ठहरो मेरी जान!! आज तुमको ऐसा चोदूंगा की पुरे महीने याद रखोगी” वो पडोस वाला मर्द बोला
उसने मम्मी के पैर खोल दिए और मम्मी जी खूबसूरत चूत के दर्शन करने लगा। 2 मिनट तक वो मम्मी का गुलाबी भोसड़ा घूर घूर कर देख रहा था। फिर वो लेट गया और जल्दी जल्दी मम्मी के भोसड़े को पीने लगा, चाटने लगा। मम्मी को बड़ा आनद आ रहा था। वो जल्दी जल्दी अपनी चूत उनकी चूत के अंदर डाल रहा था। मेरी मम्मी की चूत सुर्ख गुलाबी रंग की थी। वो मर्द जल्दी जल्दी चाट रहा था। मम्मी की चूत के होठ बड़े बड़े तितली जैसे थे। वो नामुराद दांत से ओंठो को काटकर मजे लूट रहा था जैसे मेरी मम्मी उनकी जोरू है।
“दिशा रानी!! तेरी चुद्दी का जवाब नही। जितना जादा इसका दीदार करता हूँ उतना ही और देखने का दिल करता है” वो पडोस वाला मर्द बोला और जल्दी जल्दी चाटने लगा। मम्मी जी “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। उनको अच्छा लग रहा था। वो जल्दी जल्दी चूत का माल पी रहा था।
“आराम से राजेश!! आराम से मेरी चूत चाटो” मम्मी कहने लगी
फिर उसने चूत में ऊँगली करनी शुरू कर दी। पहले धीरे धीरे फिर तेज तेज। मेरी मम्मी तो बिस्तर से उछली जा रही थी। अपने गांड और कमर को उठा रही थी। तेज तेज मुंह खोलकर कामुक आवाजे निकाल रही थी। वो मर्द फुल मजे लूट रहा था। कितनी देर तक मेरी मम्मी के भोसड़े में ऊँगली करता रहा। जब सफ़ेद क्रीम लग जाती तो मुंह में लेकर चाट जाता। गर्म होकर मम्मी जी कुछ अपनी चूचियां खुद ही दबाने लगी। उस पडोस वाले मर्द से मम्मी को अपनी तरफ खींच लिया। उनके पैर खोल दिए। अपना 10” लम्बा और 4” मोटा लंड चूत के छेद पर रखा और धक्का दिया।
लंड भीतर चला गया। वो मेरी मम्मी को मेरी आँखों के सामने चोदने लगा। सब मजा मार रहा था। मैं ये सब देखकर परेशान हो गया था। आज मेरी माँ मेरे सामने चुद रही थी। उस मर्द का लंड बहुत मोटा था बिलकुल गधे के लौड़े की तरह। वो धचाक धचाक बोलकर पेल रहा था। मम्मी आराम से सेक्स कर रही थी। मजा लूट रही थी। “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। लम्बी लम्बी साँसे ले रही थी। उसने इक्षा भरकर सम्भोग कर लिया। आज इज्जत लूट ली मेरी माँ की। खूब चोदा साले से। फाड़ के रख दी मेरी मम्मी की चूत। फिर थककर चूत में ही माल गिरा दिया। फिर मम्मी जी के उपर ही लेट गया। वो उस नामुराद को प्यार करने लगी। दोनों आराम करने लगे। मैं उस कमरे के बाहर से सब देख रहा था। इतने में मुझे टॉयलेट लग गयी। मैं वहां से खिसक लिया। 15 मिनट बाद जब मैं आया तो देखा की दोनों फिर से अपना मौसम बना रहे थे। फिर से मम्मी जी की चुदाई होने जा रही थी।
“राजेश!! चोदना है तो जल्दी चोदो। मेरा बेटा हरपाल अब कॉलेज से आने वाला है” मम्मी ने उससे बोला
“चलो निशा रानी! अब कुतिया बन जाओ” वो कमीना बोला
मम्मी खुश हो गयी और जल्दी से कुतिया बन गयी। ओह्ह गॉड!! मम्मी की गांड और पिछवाड़ा इतना सुंदर दिख रहा था की मैं आप लोगो को क्या बताऊं। उन्होंने अपना सिर बेड पर रख दिया और घुटने मोड़कर अपनी गांड उपर किसी ऊंटनी की तरह उठा दी। मम्मी का पिछवाडा देखकर वो मर्द पागल हो गया और उनके गोल मटोल पुट्ठो को हाथ से सहलाने लगा। हर जगह छूने लगा। हाथ गोल गोल करके घुमा रहा था। फिर किस करने लगा। मम्मी जी “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…” करने लगी। “ओह्ह राजेश!! तुम कितना प्यार करते हो मुझे। करो राजेश मुझे और प्यार करो” मम्मी जी बोली
वो अब और प्यार करने लगा। उसने कितनी बार उनके सेक्सी सपाट पुट्ठो पर किस किया। फिर गांड के छेद में जीभ लगाकर चाटने लगा। अब तो मेरी मम्मी को और अधिक आनंद आ रहा था। वो मर्द मम्मी की गांड को पी रहा था। जल्दी जल्दी चाट रहा था और एक हाथ से चूत के दाने को जल्दी जल्दी हिला रहा था। ये सब देखकर मेरा लंड टनटना गया। जी हुआ की अभी जाकर अपनी माँ को चोद लूँ। वो आँखें बंद करके मम्मी की गांड के छेद को चाट रहा था। मम्मी कुतिया बनी हुई थी। लग रहा था की कोई मूर्ति रखी है। वो बस जल्दी जल्दी जीभ हिलाकर चाट रहा था। वो मस्त हो गया था।
आखिर उसने अपने 10” लम्बे और 4” मोटे लंड को मेरी मम्मी जी की गांड के छेद पर रख दिया और एक जोर का धक्का दिया।“ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….आराम से राजेश!! देखो धीरे धीरे मेरी गांड मारना। तेज करोगे तो दर्द होगा” मम्मी जी बोली
वो पडोस वाला मर्द मम्मी की गांड के छेद का दीदार कर रहा था। जल्दी जल्दी चोदने लगा। मम्मी मदमस्त होने लगी। वो मेरी आँखों के सामने मेरी ही माँ की गांड मार रहा था। मैं आजतक अपनी मम्मी की शरीफ औरत समझता था पर आज उसका पर्दा फाश हो गया था। सच तो ये था की वो एक नम्बर की चुदक्कड औरत थी। बिना लंड खाए उनकी रात नही कटती थी। मम्मी की आवारा गर्दी की वजह से पापा ने उनको छोड़ दिया था। अब सब मुझे सब याद आ रहा था। मेरी मम्मी ने पापा के एक दोस्त दिनेश को अपने प्रेमजाल में फ़ांस लिया था और घर में उसको बुलवाकर चुदवा लिया था। एक दिन पापा ने मम्मी को रंगे हाथो पकड़ लिया था। उसके बाद डिवोर्स दे दिया था। दोस्तों अचानक से मुझे सब कुछ याद आ गया। मैंने अपने पापा को कितनी गालियाँ दी थी पर असल में मेरी मम्मी ही गलत थी। अब सब कुछ साफ़ हो गया था। वो पडोस वाला मर्द अपने काम पर रखा हुआ था। अब तक 15 मिनट बीत चुके थे मम्मी की गांड मारते हुए। मम्मी की गांड का छेद 3” मोटा हो गया था। वो आदमी पसीना पसीना हो गया था।
“ओह्ह गॉड!… ओह्ह गॉड!….फक मी हार्डर!….कमाँन फक मी हार्डर!…फक माई ऐस!!” मम्मी कहने लगी। वो अपने हाथ उठा उठाकर मम्मी के पिछवाड़े पर जोर जोर से चांटे मार रहा था। चट चट चट चट!! मम्मी के पुट्ठो पर जब पड़ता तो लाल लाल ऊँगली छप जाती। उसने कितनी जोर जोर से चांटे मारे। फिर मम्मी की गांड के कुँए में थूक दिया। उसने अपने लंड पर भी थूक दिया और फिर से मम्मी के कद्दू में डाल दिया। जल्दी जल्दी फिर से गांड मारने लगा। मेरी मम्मी की गांड किसी बड़े से कद्दू जैसी दिख रही थी। जल्दी जल्दी वो मर्द ऐनल सेक्स करने लगा। आज तो उसने मम्मी की माँ ही चोद डाली थी।
वो हाई स्टेमिना मारा मर्द था। लम्बा लौड़ा बहन का लौड़ा था। उसके डोले शोले बने हुए थे। देखने में तंदुरुस्त बदन का लगता था। और उसका लंड तो बहुत लम्बा था। उनके कुछ देर और ऐस फक किया फिर झड़ गया। उसने अपने लौड़े से कंडोम निकाला। वो उसके माल से भरा हुआ था। मम्मी जी बिस्तर से खड़ी हो गयी और जल्दी से मुंह खोल दिया। उस पड़ोस वाले मर्द ने मम्मी के मुंह में कंडोम उल्टा कर दिया और सब माल मम्मी जी के मुंह में गिर गया। वो सब चूस गयी। उस मर्द से कपड़े पहने। मैं वहां से हट गया जिससे वो मुझे न देख पाए। फिर वो मर्द चला गया। मम्मी से कंडोम बेड के नीचे ही रख दिया। अब मुझे सब समझ में आ गया था की वो कंडोम किसका होता था। अब मम्मी जल्दी जल्दी अपना ब्लाउस पेटीकोट पहनने लगी। मैं जल्दी से सीढियां उतरकर नीचे चला गया और अपने कमरे में जाकर सो गया।
उस रात दोस्तों मुझे नींद ही नही आ रही थी। रात को जैसे बिस्तर पर लेता बार बार मम्मी की चुदाई वाला सीन याद आ रहा था। मैंने एक बार मुठ मार दी। पर 1 घंटे बाद फिर से मौसम बन गया। इस तरह से मैंने उस रात 5 बार मुठ मार दी। फिर मैंने उस कमरे में एक कैमरा फिट कर दिया। कुछ दिनों बाद वो आदमी फाई आया और उसने फिर से लंड चुस्वा चुसवा कर मम्मी को फिर से चोदा और एक बार फिर से गांड मार ली। उसके जाने के बाद मैंने वो विडियो पूरे 3 हजार रुपये में एक दोस्त को बेच दिया। धीरे धीरे वो मम्मी की चुदाई वाला विडियो पूरे शामली जिले में और यू पी, दिल्ली, पंजाब तक व्हाट्सअप कर वाइरल हो गया।
एक दिन मैं और मम्मी शाम को बैठकर टेबल पर खाना खा रहे थे। वो विडियो मम्मी के फोन पर किसी ने भेज दिया। जब मम्मी ने अपनी चुदाई अपनी आँखों से देखी तो हक्की बक्की रह गयी। वो प्रश्नवाचक नजरों से मेरी तरह देख रही थी। पर उनके होठ कांप रहे थे। वो कुछ भी नही बोली। कुछ महीनो के लिए उन्होंने अपने आशिक को हमारे घर पर आने से मना कर दिया। पर फिर चुदाई की तलब मम्मी जी हो होने लगी। और फिर से वो चुदाने लगी। कहानी आपको कैसे लगी, अपनी कमेंट्स नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर जरुर दे।