अपनी इश्कबाज साली नेहा को बड़े जुगाड़ से पेला

हलो दोंस्तों, मैं प्रशांत आपको अपनी कहानी सुना रहा हूँ। ये मेरी दूसरी कहानी है नॉनवेज स्टोरी डॉट के पर मेरी साली का नाम कविता है, जो अपने में किसी एटम बम से कम नही है। जब मेरी शादी हुई थी तो मेरे ससुराल वालों ने मेरी साली नेहा को मुझे दिखाया ही नही। मेरी साली मेरी बीवी से 4 साल छोटी थी पर बड़ा कड़क माल थी। जैसे मैंने आपको बताया कि मेरी साली बिलकुल 440 वोल्ट की बिजली थी। अगर आप एक बार देख ले तो यही मन करेगा तो कास इसकी चूत मिल जाती तो लाइफ संवर जाती।


मेरे ससुराल वालों को डर था कि कहीं मैंने अपनी साली को पसंद कर लिया तो उनकी बड़ी लड़की की शादी नही हो पाएगी। तभी जब मैं अपनी ससुराल गया तो उन्होंने केवल बड़ी लड़की दिखाई जो बाद में मेरी पत्नी बन गयी। पर बाद में जब मैंने अपनी साली को देखा तो बहुत पछताया। बार बार यही सोच रहा था कि अगर इससे शादी कर लेता तो सारी जिंदगी इसकी गुलाबी फुद्दी, इसकी गुलाबी चूत मरता। कई दिनों तक तो मैं शॉक में था। खैर किसी तरह जिंदगी की गाड़ी आगे बढ़ी।

मेरी शादी का जब 1 साल हो गया तो मैं थोड़ा अपनी बीवी से बोर हो गया। एक साल तक मैंने अपनी बीवी को जानवरों की तरह चोदा। पूरी पूरी रात जगा जगा के चोदता था। सोने देता ही ना था। खूब चूत मारी मैंने उसकी। अपनी बीवी की गाण्ड भी खूब मारी। पर दोंस्तों, वो कहावत है ना की एक चूत जादा मारो तो मजा ख़त्म हो जाता है। इस तरह मैं भी अपनी बीवी से बोर हो गया था। किसी नए मॉल की तलाश कर रहा था। फिर गर्मी की छुट्टियों में मैं अपनी ससुराल में था, तो अपनी साली नेहा हो लाइन देने लगा।

मैं तो यही सोच रहा था कि अगर वो तैयार हो जाए तो उसे अपनी ससुराल में ही चोद लूँ। मेरी ससुर का घर 3 मंजिला है। 15 20 कमरे है। तो मैं यही सोच रहा था कि अगर साली चुदने को तैयार हो जाए तो तीसरी मंजिल पर ले जाकर किसी भी खाली कमरे में जाकर चोद लूँ। पर यारों बात नही बन पा रही थी। मैं अपनी जवान खूबसूरत साली को लाइन तो बहुत दे रहा था पर वो हरामजादी पता नही कहाँ फ़ोन पर लगी रहती थी। कई बार तो मुझे उसपर शक होने लगा की कहीं किसी लड़के से तो नही फसी है।

फिर एक दिन दोंस्तों मेरा शक यकीन में बदल गया जब मैंने उसको तीसरी मंजिल पर घण्टों घण्टों सारे परिवार से छिपकर बात करते देखा। वो अपने आशिक़ से मिलने का प्लान बना रही थी। फिर दोंस्तों 11 बजे मेरी बला की खूबसूरत साली मार्केट चली गयी कुछ काम से। मैं जान गया कि हो ना हो वो अपने यार से मिलने गयी है। मैं भी उसके पीछे पीछे बाइक से गया। कुछ दूर जाने पर वो रिक्शा से उतर गई। एक लड़का बाइक से आया और मेरी जवान साली ने आगे बढ़कर उनको होंठों पर चुम्मा लिया। बड़े मजे से उसके साथ बाइक पर बैठ गयी और चली गयी।
अइला!! मैं तो चक्कर में आ गया। मैं अपनी साली का पीछा करने लगा। वो दोनों चिड़ियाघर गये। मेरी साली अपने आशिक़ के साथ हाथ में हाथ और बाँहों में बाहें डाल के घूमती रही।

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इस तरह दोंस्तों, मैंने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया था। अगले दिन वो फिर से तीसरी मंजिल पर कपड़े सुखाने के बहाने से चली गयी। मैं जान गया कि मामला गरम है। मैं भी उसके पीछे गया।
नेहा!! मैं तेरी सच्चाई सबको बता दूँगा!! मैंने उसे धमकाया।
मैं सबको बता दूँगा की तू किसी लड़के से फसी है!! मैंने कहा।
नेहा के तो होश ही उड़ गए।
जीजाजी!! प्लीज ऐसा मत करना!! जो चाहे ले लो!! नेहा बोली

तो ठीक है!! मैं किसी को नही बताऊंगा!! बस तू अपनी चूत दे दे!! मैंने कहा।
फिर क्या था दोंस्तों, मैंने उसे तीसरी मंजिल पर एक कमरे में खिंच लिया। पहले उसके ओंठ पिए। फिर उसकी सलवार निकाल दी। फिर सूट। पहले तो मैंने खूब जी भरके उसके मम्मे पिये फिर सीधे उसकी पैंटी निकाल दी। दोनों टाँगों को फैलाकर जब मैंने चूत का जायजा लिया तो पता चला साली जी पहले ही चुद चुकी है। खैर कोई बात नही। आजके कलयुग में ऐसी कौन सी जवान लौण्डिया होगी तो किसी लड़के से चुदी नही होगी। ये सोचकर मैं जूठा खाना खाने को तैयार हो गया।

मैंने अपनी पैंट उतार दी। अपनी दो उँगलियों को मैंने क्रोस किया और साली की बुर में पेल दिया। दोंस्तों, लाल लाल गुड़हल के फूल की तरह चूत थी। बड़ी गूदेदार थी। दोनों होंठ खुले हुए थे, जिससे पता चलता था कि नेहा कई बार चुदवा चुकी है। मैंने जीभ लगाकर उसकी बुर पीनी शूरु की, जिससे वो जादा से ज्यादा गर्म हो जाए और मस्ती से चुदवाए। मेरी प्यारी साली नेहा जहाँ से मूतती थी उस शिश्न मुख को भी मैंने खूब पिया और चाटा। हालांकि ये थोड़ा अजीब और गन्दा काम था पर फिर भी मैंने उसको पिया। फिर मैं अपनी दो उँगलियाँ उसके बुर में डालकर ऊँगली करने लगा। नेहा तुरंत गर्म होने लगी।

मैंने पास पड़ा एक पुराना पर लम्बा टूथब्रश भी उसकी बुर में पेल दिया और g point को ढूंढने लगा। नेहा के बदन में आग सी लग गयी।
जीजू!! ये क्या कर रहे हो?? मेरी मासूम साली ने पूछा
तेरे g point को ढूंढ रहा हूँ। अभी एक कमाल देखना। हर लड़की की चूत में एक सीक्रेट पानी की टँकी होती है वही ढूंढ रहा हूँ! अभी कुछ देर में तुझको बड़ा मजा आएगा!! बस इसी तरह टूथब्रुश करवाती रहो
मैंने अपनी इश्कबाज साली से कहा और मेहनत से उसकी लाल लाल चूत में बड़ी गहराई तक टूथब्रुश करता रहा। दोंस्तों, बड़ी मेहनत के बाद काफी देर तक ऊँगली और टूथब्रुश करने के बाद मैंने नेहा के g point को छू लिया। उसकी बुर आगे पीछे होने लगा। मैं जान गया कि उसकी बुर का मीठा पानी अब निकलेगा। मैंने उसकी बुर के आगे मुँह लगा दिया और g point को लगातार छेड़ता रहा, हिलाता रहा।

दोंस्तों, मेरी मेहनत रंग लाई। कुछ देर बाद उसकी चूत में से कई पिचकरी पिच पिच्च की आवाज करती हुई निकली। हाय! मैं तरस गया था, ये पिचकरी देखने के लिए। मैंने उसकी पिचकरी का सारा पानी पी लिया। मुझे उसपे बड़ा प्यार आ गया था। मैं अब और लगन से उसकी बुर पीने लगा। फिर मैंने उसको चोदना शूरु किया। दोंस्तों, मेरी साली नेहा मुझसे भी 2 इंच लम्बी थी। आप तो जानते ही होंगे की लंबी लड़कियों की चूत ऊपर की ओर उठी हुई किसी स्टेज की तरह होती है। वही छोटी लड़कियों की चूत अंदर की तरह दबी हुई होती है जिसे गुझौव्वा भी कहते है। जहाँ मेरी बीवी की चूत गुझऊवा थी वही नेहा की चूत ऊपर की ओर उठी हुई थी जैसे कह रही हो की प्लीज कोई मुझे कस के चोद दो।

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मैंने नेहा को पेलना सुरु किया। कसावट अधिक नही थी। सायद अपने आशिक़ से काफी चुदवा चुकी थी। पर फ्री का माल खाने में क्या हर्ज है, मैंने सोचा और पेलने लगा। फिर मैंने उसके दोनों पैरों को उसके पतले सपाट पेट पर क्रिस क्रोस आकार में रख दिया और धकाधक चोदने लगा। अब चूत कुछ टाइट लगी। मैं मजे से पेलने लगा। नेहा को चोदने से पहले मैंने उसे अच्छे से गरम कर दिया था। मैं जोर जोर धक्के मारने लगा तो साली की सांसें भी लम्बी खींचने लगी। मैं ये देखकर और जोर जोर से चौवे छक्के मारने लगा। मेरी यही कोशिस थी की मेरा लण्ड पूरा उसकी बुर में समा जाए। मैंने उसे इस तरह खूब पेला।

अब मैंने अपनी पोजीशन बदल दी। मैं एक पुराने तखत पर लेट गया। नेहा को अपनी ओर मुँह करके लण्ड पर बैठा लिया। लगा की वो कोई तपस्या करने जा रही हो।
नेहा!! चल अब लंबे लंबे धक्के मार! मैंने कहा
दोस्तों, वो किसी प्रोफेशनल वेस्या की तरह मेरे लण्ड पर कूदने लगी। हचाहच धक्के मारने लगी। मैं जान गया कि इसका आशिक भी इसको इसी तरह लण्ड पर बैठा कर चोदता होगा। मैंने नेहा के दोनों आमो को हाथों में भर लिया। वो बड़ी प्रोफेशनल ढंग से मेरे लण्ड को कूट रही थी। ये कहानी आप नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पर पढ़ रहे है.
नेहा!! तू तो सनी लियोन की तरह चुदवाती है रे!! सच सच बता ऐसे ठुकाई तूने कहाँ सीखी?? मैंने पूछा
जीजू!! वो रोहन मुझे इस तरह लेता है!! नेहा बोली

मैं उसकी बुर को सहलाता जाता था वो मजे से मेरे लण्ड पर कूद रही थी। उसके आमों को भी मैं दबा रहा था वो प्रोफेशनल रंडी की तरह मेरे लंबे काले लण्ड पर कूद रही थी।
नेहा!! तुझको एक सीक्रेट बता रहा हूँ। इस तरह लण्ड पर बैठकर जितना दिल करे चुदवा लेना, तू कभी पेट से नही होगी!! मैंने उसे बताया
सच जीजू??
हा पगली!! मैंने कहा
और गचागच पेलता रहा। दोंस्तों इस तरह लड़की को चोदने में मजा बहुत आता है, पर इसमें लड़की को बड़ी मेहनत भी करनी पड़ती है। इस तरह लण्ड पर कूदने में अच्छी खासी ताक़त लगती है। फिर जब वो थक गयी तो मेरे सीने पर लेट गयी। मैंने कसके उसके मुलायम गोल मखमली पुट्ठे पकड़ लिए और नीचे से चोदने लगा। आ अअअअ आअह्ह्ह्ह नेहा मीठी सिसकारियां छोड़ने लगी। मुझे बड़ा सन्तोष मिला।

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जब आप किसी लड़की को बिस्तर पर सन्तुष्ट कर देते है तो आपको खुद पर बड़ा गर्व होता है। बस ऐसा ही गर्व मुझे हुआ उस दिन अपनी ससुराल में दोंस्तों। मैंने नेहा को चोदना जारी रखा। अपने सीने पर लिटाने से उनके दोनों मखमली रबर की गेंद से मम्मे मेरे सीने पर आ गए। मैंने शरारत की और उसकी छाती को मुँह में भर लिया और फिर उसे बजाने लगा। फिर दूसरा मम्मा मेरे मुँह में और फिर उसकी बुर का चोदन। फिर नेहा के ओंठों को मुँह में भर लिया, फिर उसकी बुर को फाड़ता रहा।

बार बार मैं यही सोच रहा था कोई बाहरवाला कैसे मेरा खाना खा रहा है। साली पर तो पहला हक जीजा का होता है। इसलिये नेहा को चोदने, पेलने, खाने का हक ईमानदारी से सबसे पहले मुझे मिलना चाहिए। इसलिए मुझे उसके आशिक़ से थोड़ी जलन भी हो रही थी। इसलिए आज वो दिन था जब मुझे अपनी मर्दानगी साबित करनी थी। मैे स्टैमिना बनाकर अपनी जवान साली को ले रहा था। मैं साबित करना चाहता था कि जब बात चोदने, खाने और चूत पेलन की आ जाती है तब जीजा लोगो से बेहतर कोई नही होता है।

दोंस्तों, इसलिए मैं बहुत सम्भल सम्भलकर नेहा को पेल रहा था। जब लगता कि आउट हो जाऊंगा लण्ड बाहर निकाल लेता था। फिर कुछ मिनट बाद फिर नेहा की बुर में डाल देता। फिर साली को पेलता। फिर जब लगता कि आउट हो जाऊंगा फिर लण्ड निकाल लेता। दोंस्तों, आप लोग यकीन नही करोगे, इसी जुगाड़ से मैंने साली को उस दिन 5 बार लिया था। धीरे धीरे वो मुझसे ही सेट हो गयी। और अब तो जब भी ससुराल जाता हूँ, साली की चूत तो पक्की रहती है।

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