जब दामाद जी ने मुझे पूरी रात चोदा अब कहते है तुम्हे भी बीवी बनाऊंगा मैं क्या करूँ?

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दोस्तों आज मैं सभी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के रीडर से एक बात पूछना चाहती हु, आखिर क्या करूँ? मेरे दामाद जी कहते है मैं तुम्हे बीवी बनाऊगा, आप रुपाली (मेरी बेटी) से भी हॉट हो, रुपाली की चूत से ज्यादा टाइट है आपकी चूत, गजब की माल हो आप, मैंने कइयों को चोदा है आजतक पर सबसे ज्यादा मजा आया वो आप हो सासु माँ, क्या करूँ दोस्तों कभी मैं सोचती हु, की मैं भी मजे लू और ज़िन्दगी अपने तरीके से जिऊँ, पर कभी लगता है की मैं खुद अपने बेटी की घर को बर्बाद कर दूंगी, एक तरफ मेरा मातृत्व झलकता है एक तरफ वासना की आग लगी हुई है, मैं खुद भी सोच नहीं पा रही हु की आखिर क्या करूँ?

आज मैं आपके सामने पूरी कहानी रख रही हु, मैं मजे भी ले रही हु और परेशान भी हो रही हु, आज मैं आपके ऊपर छोड़ती हु की मेरे लिए क्या बढ़िया रहेगा. अब मैं सीधे इस नाजायज रिश्ते की शुरुआत कैसे हुई उसके बारे में बताती हु.

मेरा नाम चित्रांगदा है, मैं 36 साल की हु, मेरा इस संसार में मेरी बेटी रितिका के अलावा और कोई नहीं है, मेरे पति धनबाद में सरकारी नौकरी में थे, पर वो और ज्यादा शराब पिने की वजह से उनका लिवर ख़राब हो गया था और वो चल बसे, जो सरकार से पैसे मिले थे उससे मैंने अपने बेटी की शादी दिल्ली में रहने बाले एक लड़के कुणाल से कर दी, वो मेरे ही प्रदेश जामताड़ा का रहने बाला था, वो दिल्ली में ही सेटल थे, शादी के बाद रितिक दिल्ली चली गई, मैं रह गई अकेली, सच पूछिये दोस्तों मेरी ज़िदंगी वीरान हो गई थी, क्यों की मेरे पास कोई और नहीं था, मैं अकेले रह रही थी. पर एक अच्छी बात हुई की, रितिक ने अपना फ़र्ज़ निभाया, और वो मुझे अपने पास बुलाने के लिए कुणाल को धनबाद भेजी, पहले तो मुझे लगा की मुझे नहीं जाना चाहिए, पर फिर सोची की अगर नहीं जाऊगी तो मेरा क्या होगा, मेरा तो ऐसे भी इस दुनिया में कोई नहीं है.

सुबह की राजधानी एक्सप्रेस से दामाद जी आ गए, उनके आने से पहले ही मैंने खाना बना ली और नहा धो कर तैयार हो गई थी. नई नई साडी पहन ली, विधवा भले हु, पर मेरी उम्र अभी ३६ साल ही है, तो अभी भी किसी अठारह साल की लड़की को फेल कर सकती है. बदन की बनावट और चूचियों की साइज पे तो आज भी सब को घायल कर देती हु, उन्होंने कहना खाया और थोड़े देर बात चित करते हुए सो गए, और मैं भी उन्ही के पलंग पर ही बात करते करते बैठे बैठे ही सो गई.

अचानक मैंने देखा की दामाद जी मेरे गोद में अपना सर रख दिए, मेरी नींद खुल गई, अब मैं सोच रही थी की क्या करूँ हटा दू, की रहने दू. आखिर मेरे दामाद ही तो है. मुझे लगा की नहीं हटानी चाहिए और मैंने उनके सर पर हाथ फेरने लगी. वो और अच्छे से मेरे गोद में सो गए, अब मेरे मन में वासना की आग कौंधने लगी. क्यों की ऐसे मैंने कभी ऐसे जवान को मैंने अपने गोद में नहीं सुलाई थी. पति से ज्यादा बनता नहीं था और आठ साल से बीमारी से ही त्रस्त थी. और मैंने उनके होठों के ऊँगली से छूने लगी. और गाल पर हाथ फेरने लगी.

अचानक उन्होंने कहा आ जाओ ना यार मेरे बाहों में रितिका मैं समझ गई की, वो शायद रितिका के गोद में ऐसे सोते होंगे, उन्होंने मुझे अपने तरफ खीच लिया, मैं भी सरक कर निचे हो गई और, उनसे सट कर सो गई. वो मेरी चूचियों को सहलाने लगे और फिर पेट के नाभि में अपना ऊँगली डालने लगे. और फिर मैंने भी अपनी आँचल अपने चूचियों पर से हटा दी, और ऊपर ब्लाउज का बटन खोल दी. वो मेरी चूचियों को दाबने लगे और मेरे गाल में अपना होठ रगड़ने लगे. और उन्होंने आँख खोल दिया.

मैं हड़बड़ा गई. वो बोले कोई बात नहीं सासु माँ हड़बड़ाने की कोई बात नहीं, मैं नींद में था ही नहीं. आप बहूत हॉट हो. आप बहूत ही सेक्सी हो. और आपकी उम्र ही क्या हुई है जो ऐसी ज़िन्दगी जी रही हो. मैं नार्मल हो गई और वो मेरे होठ को चूसने लगा और मैं भी उसने होठो को चूसते हुए बालों में अपनी उँगलियाँ फिरा रही थी. मेरे तन बदन में आग लग गई थी. मुझे जल्द से जल्द ठुकवाने का होने लगा था, मैंने अपनी साडी उतार दी और उन्होंने मेरे पेटीकोट को को उतार कर फिर मुझे ब्रा और पेंटी में निहारते रहे और कह रहे थे ओह्ह्ह माय गॉड क्या चीज है आप, आपके सामने तो जवान लड़की भी फेल हो जाएगी, और ब्रा का हुक खोल दिया, पैंटी निचे उतार दिया.

उसके बाद क्या बताऊँ मेरे दोस्त मेरी बड़ी बड़ी गोल गोल मस्त चूचियों को चाटने लगा और जोर जोर से दबाने लगा. और मेरी तो चूत गीली होने लगी, अपने होठ को खुद के दांतो से दबा रही थी और मेरे मुह से अनायास ही सेक्सी सेक्सी आवाज निकलने लगी. वो भी सिसकारियां ले रहा था, और मेरे बदन को अपने हाथों से सहला रहा था. और वो फिर मेरे चूत को सहलाया और बोला, माँ जी आपकी चूत तो गीली और काफी गरम है .मैंने कहा हां ये आग तो कब से लगी हुई थी. आज धधक गई गई है. और उसने निचे जाकर मेरे पैरों को अलग अलग कर के चूत को चाटने लगा. मैंने आह आह आह करने लगी. वो अपनी जीभ को मेरे चूत को सहला रहा था और जो नमकीन पानी निकल रहा था उसको वो चाट रहा था मैं खुद भी अपनी चूचियों को अपने हाथो से सहला रही थी.

फिर क्या बताऊँ दोस्तों उसने अपना लंड मेरे चूत के छेद पर रखा और जोर से धक्का दिया, मुझे दर्द हुआ क्यों की मेरी चूत काफी टाइट थी. दामाद जी बोले आह क्या माल हो माँ जी. इतनी टाइट चूत तो आपकी बेटी की भी नहीं है. मजा आ गया, और ज़िन्दगी का मजा तो अब आएगा, और वो जोर जोर से चोदने लगा. मैं भी सेक्सी हो गई. और जोर जोर से कमर उच्छालने लगी. और कमरे में सिर्फ हाय हाय हाय की आवाज आने लगी. दोस्तों क्या बताऊँ मेरे बदन में चुदाई का करंट दौड़ रहा था, और फिर हम दोनों एक दूसरे को चुदने और चुदवाने में मदद करने लगे.

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आखिर चालीस मिनट के बाद हम दोनों शांत हो गए, दामाद जी पूरा का पूरा वीर्य मेरे चूत के अंदर डाल दिया, और फिर एक दूसरे को पकड़ कर सो गए.

ये शुरआत हो गई थी मेरी नाजायज रिस्ते की मेरा दामाद मेरे साथ ७ दिन रहा और करीब मुझे ३५ बार चोदा, कल ही मैं दिल्ली उसके साथ आ गई हु, अब आज सुबह किचन में चुदी थी वो भी खड़े खड़े जब मेरी बेटी नहाने गई बाथरूम में. पर जो भी कहे नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के दोस्तों, मैं बहूत खुश हु. आगे क्या होगा क्या पता पर जो हो रहा है वो बहूत ही सुकून देने बाला है. अब कहते है तुम्हे भी बीवी बनाऊंगा मैं क्या करूँ?

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