सहेली का पति से चुदवाई

हेलो दोस्त मेरा नाम निकिता है, मैं अपने पति को बहुत प्यार करती हु पर आज कल मुझे अपने सहेली के पति के साथ सेक्स सम्बन्ध बन गए है, क्या करू मेरा चूत आजकल मुझे दो लंड से चुदवाने की आदत सी हो गयी है, मैं बहुत ही सेक्सी औरत हु, मेरी उम्र २९ साल है, हॉट हु मेरी ब्रा की साइज ३६ है, आप सोच रहे होंगे की चूच बहुत बड़ा बड़ा होगा पर ऐसा नहीं है मेरा शरीर काफी सुन्दर है, निचे से ऊपर तक सेक्सी दिखती हु.


आज मैं आपको एक कहानी जो की बिलकुल सच्ची है मैं शेयर कर रही हु, ये सेक्स का रिश्ता जो नया नया बना वो मेरे सहेली का पति मनोज है, काफी सेक्सी इंसान है, गजब का सुन्दर है, मैं जब भी उसके घर जाती थी तो मेरा चूच मचलता था की कास ये चूचियाँ मनोज के हाथ से दबे जब भी मैं मनोज को देखती मेरी चूत में खुजली होने लगी, चुदवाने का मन करने लगता पर क्या करती मैं कामयाब नहीं हो पा रही थी, मैं चुदवाने के लिए तैयार थी पर मनोज मुझे उस निग़ाह से नहीं देखता था, पर मैं भी बहुत ही चुदक्कड़ हु, मैंने भी सोच लिया की लंड का मज़ा लेके ही रहूगी,

एक दिन मैं ऑफिस नहीं गयी थी मेरा पति भी पुणे गया था किसी काम से तो मैं सोची की आज मनोज को फ़ोन करती हु, क्यों की मेरी सहेली गाँव गयी थी क्यों की बच्चों की छुटियाँ थी, मनोज भी ५ दिन बाद जाने बल था ये बात मुझे पता था, तो मैं जानबूझ कर मैंने मनोज को फ़ोन किया और बोली मनोज जी, मुझे अर्जेंट बैंक का अकाउंट खुलवाना है, मैं फॉर्म भी ले आयी पर बैंक में किसी का खता हो उसका परिचय चाहिए, आपका तो अकाउंट उसी बैंक में है क्या आप परिचय दे देंगे बहुत भी जरूरी है, तो मनोज बोले हां हां क्यों नहीं मैं शाम को आपके घर के तरफ आऊंगा तो मैं फॉर्म में परिचय दे दूंगा. तो मैं बोल पड़ी नहीं नहीं मैं तो आपके अपार्टमेंट के पास ही हु, किसी काम से आई थी, आप कहे तो मैं आ जाती हु पांच मिनट के लिए, तो मनोज बोले ये तो और भी अच्छी बात है,

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मैं तो सोच ली की आज मैं माँ को pighlaa के ही रहूगी जब आग सामने होगी तो पिघलना पड़ेगा ही. मैं ५ मिनट में ही पहुंच गयी उन्होंने दरवाजा खोला और मैं अंदर आ गयी बहार बहुत गर्मी थी इस वजह से मेरे माथे पे पसीना था तो मनोज बोले अरे इतनी गर्मी में, मैंने कहा हां जरूरी था इस वजह से, मनोज के यहाँ बैडरूम में ही ऐ सी था तो बोले आप १० मिनट ऐ सी में ही बैठ जाओ, तो मैं बैडरूम में ही बैठ गयी वो फ्रीज़ से पानी निकलने गए, मैंने अपना दुपटा उतार के बगल में ही रख दी थी, मेरा जो सूट था उसमे से मेरी चूची आराम से दिख रही थी, दोनों गोल गोल चूचियाँ बाहर झांक रहा था, मनोज जैसे ही अंदर आया मैंने देखा की वो मेरी चूची को घूर रहा है मैंने भी थोड़ा और झुक गयी पानी लेने के बहाने की मनोज को चूचियाँ और ज्यादा दिखे, मैं समझ गयी, वो देख रहा था.

फिर वो मेरे सामने ही प्लास्टिक का चेयर लगा के बैठ गया मैंने पेट के बल लेट गयी और मुह उसके तरफ था, अब तो आप भी कल्पना कीजिये की मैं किस तरह दिख रही हूँगी, फिर मनोज ने कहा आज आप बड़े ही अच्छे लग रही हो, मैंने कहा आप भी तो आज सेक्सी लग रहे हो, और मैं मुस्करा दी, वो भी मुस्कुराया, फिर मैंने फॉर्म पे साइन करवाई, और बोली कैसा चल रहा तो मनोज ने कहा बीवी के वगैर क्या चलेगा, तो मैं बोल दी कहो तो मैं आज खाना बना देती हु, तो मनोज ने कहा नहीं खाना की चिंता नहीं है खाना के अलावा भी कुछ होता है खाना तो सब जगह mil जाता है पर हरेक कुछ सब जगह नहीं मिलता, मैं समझ गयी वो क्या चाह रहा है, आज पहली बार वो थोड़ा लाइन दे रहा था मैं भी मौके का इंतज़ार कर रही थी, तो मैं ही बोल पड़ी अगर कुछ ऐसा है मेरे पास तो मैं दे सकती हु, तो मनोज बोल पड़ा, उसपे तो आपके पति का हक़ है, तो मैंने कहा की पति को क्या पता, इतना कह कर मैंने एक सेक्सी मुस्कान दी, वो मेरे पास खींचा चला आया और अपना होठ मेरे होठ पे रख के मुझे अपनी बाहों में भर लिया.

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मैंने भी भरपूर मदद की होठ चुस्वाने में धीरे धीरे उसका हाथ मेरे चूची पे गया और कस कस के दबाने लगा, मैं भी उसको चूमने लगी, बेड पे पैर फैलाकर लेट गयी वो मेरे ऊपर चढ़ गया, और कपडे के ऊपर से ही धक्क्के लगाने लगा और होठ चूस रहा था, फिर उसने मेरे एक एक कर के कपडे खोलने सुरु किया मैं उस दिन बड़ी भी जालीदार सेक्सी ब्रा और पेंटी पहनी थी, वो ब्रा का हुक खोलते ही, मुह से मेरे चूच की निपल को चूसने लगा फिर वो पुरे चूच पे जीभ फेरने लगा, मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था फिर मैंने कहा मनोज ऊपर का कर रहे हो असल मज़ा तो निचे है देखो, मनोज तुरंत ही मेरे पेंटी को निकाल दिया और दोनों पैर के बीच में बैठ के मेरा पैर फैला दिया और मेरे चूत को चाटने लगा, मैं मदहोश होने लगी, वो दोनों हाथ से चूच पकडे था और मुह कभी चूत के कभी नाभि पे, फिर मैं सेक्सी आवाज़ निकलने लगी, उसका लंड खड़ा हो गया था और काफी टाइट था, मैं भी पुरे लंड को अपने चूत में लेने के लिए बेक़रार थी.

आखिर वो समय आ गया जब वो पूरा लंड मेरा चूत में पेल दिया मैं कराह उठी, उसका लंड मेरे पति के लंड से ज्यादा बड़ा और मोटा था, उसके मसल को मैं अपने चूच से सटाये थी, और जोर जोर से गांड उठा उठा के चुदवा रही थी, वो भी मुझे चोदता रहा कभी उठा के कभी बैठा के कभी ऊपर चढ़ा के, कभी पैर ऊपर कर के, फिर मुझे पेट के बल लिटा दिया और अपने लंड पे थूक लगाया और मेरे गांड में एक से दो झटके में में पूरा लंड मेरे गांड में दाल दिया, फिर मुझे काफी देर गांड मरने के बाद फिर से चूत चोदा फिर सारा का सारा वीर्य मेरे मुह में डायल दिया, मैं उसके नमकीन वीर्य को चाट रही थी, उस रात को भी हम वही रुके और रात भर रंगरेलियां मनाई, आपको ये कहानी कैसी लगी जरूर रेट करे और फेस बुक पे शेयर करे आपको मेरी कसम आपको अपने लंड की कसम प्लीज.