मना करती रही फिर भी दामाद जी ने मुझे चोद दिया कम्बल में

दामाद जी सेक्स कहानी

वासना की आग जब शरीर में लग जाये तो रिश्ते भी नहीं दिखाई देते हैं। कई बार तो ऐसा हो जाता है की ना करते हुए भी चुदाई हो जाती है। जब बैठ कर सोचती हूँ क्या ये सही हुआ था या गलत हुआ था तो निष्कर्ष नहीं निकाल पाती हूँ की मेरे साथ सही हुआ था या गलत हुआ था। पर जब कुछ ऐसे रिश्ते बन जाते हैं जो दोनों के लिए भी सही होगा है या यूँ कहिये की बाहर मुँह मारने से अच्छा है घर में ही सेक्स की भूख मिटा लें। इसलिए मैं आज नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर अपनी कहानी आपलोगों को सुनाने जा रही हूँ। ताकि मैं आपको अपनी मन की बात सूना सकूँ और अपने दिल को हल्का कर सकूँ।

पहले मैं आपको अपने बारे में बता दूँ। मेरे पति फ़ौज में थे पर अब नहीं हैं। मेरी एक बेटी है जो 20 साल की है। और मेरी उम्र मात्र 38 साल है। मैं अभी जवान हूँ सुन्दर हूँ अपने बॉडी को मैंटेन करके रखी हूँ। किसी भी अठारह साल की लड़की को मात दे सकती हूँ। इसी सब की वजह से कल रात चुद गई अपने दामाद से जो मेरे से ज्यादा छोटा नहीं है उसकी उम्र अठाइस है और मेरी अड़तीस। अब मैं सीधे कहानी पर आती हूँ। आपको तो पता होगा दोस्तों देहरादून में कड़ाके की ठंढ पड़ रही है।

मेरी बेटी को जॉब लगा है इसलिए वो ट्रेनिंग में गई है। कल रात दामाद जी आ गए वो मुंबई के रहने वाले हैं। मुंबई में ज्यादा ठंढ नहीं पड़ती इसलिए वो देहरादून की सर्दी में परेशां हो गए। उन्होंने रात में दो कंबल लिए फिर भी ठंढ नहीं जा रही थी। हम दोनों एक ही कमरे में सोये थे पर अलग अलग बेड पर मैं रोजाना की भांति नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम की सेक्स कहानी को पढ़ रही थी। कल की हॉट कहानी ठंड का बहाना कर रजाई में आया और चोद दिया मेरा भाई ये कहानी पढ़कर मैं पागल हो गई थी। इतनी जबरदस्त सेक्सी कहानी थी इस वेबसाइट पर रहा नहीं गया और मैं अपने कपडे उतार कर अपनी चूचियाँ सहलाने लगी और चूत में ऊँगली करने लगी। पर पता ही नहीं चला कब आह आह आह की आवाज निकाल रही थी।

मेरी मोअन सुनकर दामाद जी मेरे बेड पर आ गए वो समझ गए थे मैं क्या रही थी। उन्होंने झटके से कम्बल को हटा दिया मैं तो अंदर नंगी थी बड़ी बड़ी चूचियों छोटे छोटे निप्पल, मोटी जाँघे पतली कमर गोरा बदन खुले बाल थे। लिपस्टिक भी लगा राखी थी काजल मेरे आँखों को और भी कातिलाना बना रहा था। उन्होंने कहा मैं जब आपके पास हूँ तो अपने आप से क्या काम चलाना। ये कहकर उन्होंने अपना हाथ मेरी चूचियों पर फेरना शुरू कर दिया। पर मैं मना करने लगी। मुझे एकदम से लगा ये ठीक नहीं है। मैं नहीं चाहती थी की दामाद से मेरा सेक्स रिश्ता बने क्यों की आखिर वो मेरी बेटी के पति है और अपने बेटी के पति के साथ कैसे सेक्स कर सकती हूँ।

पर उन्होंने नहीं माना और कंबल के अंदर आ गए और अपना लिप मेरे लिप से लॉक कर दिए। वो पागलों की तरह ऊपर से निचे जा रहे थे कभी मेरे होठ को चूसते कभी मेरे गर्दन को कभी बूब्स को दबाते कभी निप्पल रगड़गे कभी नाभि में ऊँगली करते कभी चूत सहलाते। दोस्तों पांच मिनट के अंदर मैं भूखी शेरनी की तरह हो गई। पहले तो मना किया पर अब चुदने के लिए राजी हो गई। और शायद इस कदर हो गई की अगर वो मुझे नहीं चोदता तो मैं नहीं छोड़ती।

मैंने अपने बाहों में भर लिया और चूमने लगी फिर उसको निचे जाने को बोली अपना दोनों पैर फैला दी। और अपना चूत चटवाने लगी। मैं बार बार गरम पानी चूत से निकाल रही थी चूत मेरी गीली हो रही थी। पर वो चाट चाट कर साफ़ कर रहा था। फिर मैं ऊपर बुलाई और चूमने लगी। मैं अपना जीभ उसके मुँह में घुसा दी वो मेरी जीभ को चूसने लगा मैं और भी ज्यादा पागल हो गई और बोली अब नहीं अब देर मत करो मुझे चोद दो।

अब क्या बताऊँ दोस्तों मोटा लंबा लौड़ा जैसे ही मेरी चूत में गया मैं कामुक हो गई तुरंत ही सिसकारियां निकलने लगी आह आह आह की आवाज कमरे में गूंजने लगी। बेड की आवाज भी मच मच कर रहा था। और फच फच करके मेरी छूट में लौड़ा जा रहा था।

दोस्तों सच बताऊँ तो आज तक मेरी ऐसी चुदाई नहीं हुई थी। मेरा दिल बाग़ बाग़ हो गया था। मेरी चूत गीली हो गई थी चिपचिपा पानी जांघों पर भी लग गया था। फिर मैं खुद ऊपर गई और निचे दामाद जी अब उनका लौड़ा पकड़ कर खुद भी चूत में ली और बैठ गई। पूरा लौड़ा चूत में समा गया। अब जोर जोर से ऊपर से धक्के देने लगी। बड़ी बड़ी चूचियां हिल रही थी गांड चाप चाप कर रहा था। मेरी चूत में सट सट लौड़ा जा रहा था। पुरे शरीर में बिजली दौड़ रही थी। करीब ऐसे ही उन्होंने ऐसे ही मुझे एक घंटे तक चोदा फिर दोनों झड गए और एक दूसरे कोई पकड़ कर एक ही कंबल के अंदर सो गए।

दोस्तों पूरी रात में करीब उन्होंने आठ बार चोदा आज मेरा कमर और चूत दर्द कर रहा है। होठ मेरे लाल हुए पड़े है दो तीन जगह बूब्स पर भी कटे निशान है उन्होंने वह पर दांत से काट लिया था। पर ये सभी दर्द अब मेरे लिए अच्छे है। मैं खूब एन्जॉय की अपने दामाद के साथ सेक्स। आज दोपहर में ही वो चले गए पर उन्होंने कहा अगले सप्ताह फिर आएंगे। मैं बेसर्बी से इंतज़ार कर रही हूँ। मैं जल्द ही दूसरी कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर लेकर आने वाली हूँ। धन्यवाद।

दामाद से प्रेगनेंट हो गई हूँ, बोली मैं भी चुदुँगी और मेरी बेटी भी

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मेरा नाम राधिका है मैं 38 साल की हूँ। मैं अपने बेटी की शादी 8 महीने पहले की हूँ। मेरी एक ही संतान है वो मेरी बेटी है। पिछले साल ही मेरे पति का देहांत हो गया एक्सीडेंट में। तो अपनी बेटी की शादी अठारह साल की उम्र में ही कर दी हूँ। मेरा और कोई नहीं है इसलिए दामाद जी अपने पास ही बुला लिए हैं अब हमलोग ग़ज़िआबाद में रहते हैं। शादी के तीन महीने बाद ही मेरी बेटी को जॉब लग गया है वो पुणे में सरकारी डिपार्टमेंट में जॉब करने लगी है वो जल्द ही अपना ट्रांसफर दिल्ली या ग़ज़िआबाद करवा लेगी इसलिए वह पुणे में ही लॉज में रह रही है। मैं यहाँ दामाद के साथ रहती हूँ। बेटी के साथ इसलिए नहीं जा पाई क्यों की कई बार वो अलग अलग शहर ट्रेनिंग के लिए चली जाती हैं।

अब मैं आपको अपनी कहानी बता रही हूँ आखिर कैसे क्या हुआ की मैं दामाद जी से सम्बन्ध बना ली और फिर बात आगे तक निकल गई और मैं प्रेग्नेंट हो गई हूँ। कई बार सोचती हूँ इस बच्चे को जन्म दू पर सोचती हूँ मेरी बेटी क्या सोचेगी? इसलिए समझ नहीं आ रहा है आखिर क्या करूँ मैं। एक दिन की बात है दामाद जी का तबियत काफी ख़राब हो गया था। तुरंत हॉस्पिटल ले गई। हॉस्पिटल में करीब एक घंटे बाद छुट्टी दे दिया था हम दोनों घर आ गए थे।

घर आकर मैं बाथरूम में नहाने चली गई। नहाकर निकली तो अपना गाउन पहन लिया था। और दामाद जी के कमरे में आई तो वो फुट फुट कर रोने लगे। वो कहने लगे मुझे मरना नहीं है मुझे मरना नहीं है। मैं बोली ऐसा क्यों बोल रहे हैं। आपको क्या हुआ थोड़ा दिक्कत था डॉक्टर ने दबाई दी है आप ऐसा मत कीजिये। पर वो रोने लगे। दोस्तों सच बताऊँ मैं काफी डर गई थी क्यों की मैंने कुछ ही महीने पहले ही मौत देखि थी अपने पति का। अब मेरा और सहारा नहीं है इसी सहारे के साथ ही अपना ज़िंदगी काटनी है। तो मैं उनको गले लगा ली अपने सीने से लगा ली।

और फिर उन्ही के साथ ही लेट गई क्यों की मैं खुद ही डरी हुई थी। वो मेरे से चिपक कर सो रहे थे अचानक मेरे गाउन के कपडे का बेल्ट खुल गया और उनका मुँह मेरी दोनों चूचियों के बिच में आ गया। मैं फ़टाफ़ट बंद की और उठने लगी। तभी दामाद जी पकड़ लिए बोले मम्मी जी आप मेरे से क्यों शर्म कर रही हो आप मेरे साथ ही सोओ। मैं फिर से सो गई फिर वो बोले ऐसे नहीं जैसे आपने पहले सुलाया था वैसे। मैंने फिर से अपने सीने से लगा ली। अब उनकी हरकतें शुरू हो गई।

वो धीरे धीरे करके मेरी चूचियों को सहलाने लगे। और फिर ये बढ़ता गया। मैं नर्भस होने लगी सोची ये सब ठीक नहीं है। फिर दूसरे तरीके से लगा की मैं ऐसा कुछ नहीं करूँ की दामाद जी नाराज हो जाये और इसका परिणाम कुछ गलत हो। तो मैं कुछ नहीं बोली और बात बढ़ता गया उन्होंने मेरे गाउन के बेल्ट को खोल दिया और मेरी चूचियों को बारी बारी से पीने लगे। मैं धीरे धीरे कम्फर्ट हो गई और मैं उनके बालों को सहलाने लगी।

बात बढ़ी वो मेरे होठ को चूसने लगे किश करने लगे। वो फिर मेरे लम्बे बाल खोल दिए। और फिर मेरे होठ से लेकर मेरी पेट जांघ पैर फिर चूचियां मेरी चूत मेरी गांड को किश करने लगे। मैं पानी पानी होने लगी। मेरी वासना चरम पर आ गई। मेरी चूत काफी गीली हो गई थी और काफी गरम भी हो गया था। मैंने उनके लौड़े को पकड़ ली और फिर अपने मुँह में ले ली। और चूसने लगी। वो मेरी बाल को पकड़पर अपने लौड़े को मेरी मुँह में डालते और निकालते, मुझे ये सब बहुत ही ज्यादा अच्छा लगने लगा। मैं चूस रही थी दामाद जी का लंड, आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं। उसके बाद वो मेरे दोनों पैरों के बिच में जाकर मेरी चूत में ऊँगली करने लगे। मैं अपने चूत से पानी छोड़ने लगी वो जीभ से चाटने लगे।

दोस्तों वो मुझे इतना ज्यादा कामुक कर दिए क्या बताऊँ। फिर मैं बोली दामाद जी अब ऐसे काम नहीं चलेगा अब देर मत कीजिए। वो इतना सुनते ही मेरे दोनों पैरों को फैलाया और अपने लंड का सुपाड़ा मेरी चूत पर लगाई और जोर जोर डालने लगे। दोस्तों मेरी सुखी चूत फिर से हरी भरी हो गई थी। मैं मोयन करने लगी मेरे मुँह से सिसकारियां निकल रही थी। आह आह आह आह की आवाज के अलावा और उफ़ उफ़ आउच ओह्ह और जोर से और जोर से निकल रही थी। जितना मैं ये सब शब्द बोलती वो और भी जयादा कामुक हो जाते। और फिर जोर जोर अपना लौड़ा मेरी चूत में डालने लगते, वो मेरी चूचियों को मसलते हुए जब मेरे होठ को चूमते थे और फिर जोर से चूत में लंड घुसाते था ऐसा लगता था जन्नत मिल गया है।

मैं तुरंत ही उनको बोली दामाद जी अब मुझे कभी मत छोड़ना मैं अब आप साथ ऐसे ही रहूंगी। मैं भी चुदुँगी और मेरी बेटी भी हम दोनों ही आपसे सम्बन्ध बनाएंगे आप मुझे भी पत्नी बना लो। तो मेरे दामाद जी बोले जो बनना है बन जाओ चाहे मेरी माँ बन जाओ बहन बन जाओ मेरी बीवी बनो या मेरी सास अब तो मैं रोजाना चोदुंगा। क्यों की आपको चूत, चूचियां, गांड, जांघ, नाभि, होठ सब किसी जवान लड़की से कम नहीं है।

और फिर दोस्तों यही सिलसिला चलता रहा रोज सास काम पत्नी ज्यादा हो गई अब इस महीने मेरा पीरियड नहीं आया जब किट लाकर चेक की तो पता चला प्रेग्नन्सी पॉजिटिव है। अब समझ नहीं आ रहा है क्या करूँ। पर इतना तो तय है दोस्तों मेरी ज़िंदगी में बहार आ गया है। मैं बहुत खुश हूँ।

दामाद जी ने चूत की खुजली शांत की अब किसी और की तलाश है

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मेरा नाम रूपा है 42 साल की हूँ पर मैं 25 से कम की नहीं दिखती हूँ। मैं बहुत ही ज्यादा सेक्सी और हॉट हूँ। मुझे एडल्ट फिल्म देखना और नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर सेक्स कहानियां पढ़ना बहुत ही अच्छा लगता हैं। मैं मॉडर्न होने के साथ साथ भारतीय परम्परा को भी अच्छे से निभाती हूँ। मैं अच्छी माँ हूँ। मैं अपने दम पर अपनी बेटी को आई आई टी में पास करवाई हूँ और इंजीनियर की डिग्री दिलबाई हूँ। पति से मेरी तलाक आज से अठारह साल पहले ही हो गई हैं। हम दोनों ही घर पर रहते थे पर अब मैं अकेली हो गई हूँ। मैं दिल्ली में रहती हूँ

छह महीने पहले ही मैंने अपनी बेटी की शादी की हूँ। मेरा दामाद नीरज बंगलौर में रहता है और मेरी बेटी भी बंगलौर में रहती है। दोनों सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करते हैं। एक दिन नीरज कंपनी काम से दिल्ली आया एक सप्ताह के लिए। वो मेरे साथ ही रहने लगा। वो होटल में रहने की जिद कर रहा था मैं ही बोली यही रह हो मेरा भी मन लग जायेगा।

शनिवार के दिन हम दोनों मार्किट गए नीरज खूब शॉपिंग करवाया। रात को बाहर ही खाना खाये और देर रात वापस आये। मैं वापस आकर नहाने बाथरूम में चली गई। वो टीवी देख रहा था। अचानक मेरे बाथरूम का दरवाजा नीरज खोल दिया मैं अंदर शावर में नहा रही थी। नंगी थी। मैं रोजाना योग करती हूँ इसलिए मेरा शरीर फिट है। नीरज आँखे फाड़फाड़ कर मुझे देखने लगा। और अनायास ही उसके मुँह से निकल गया वाओ मम्मी जी आप तो अपनी बेटी को भी फेल कर रही हो। क्या बॉडी है आपकी। ओह्ह्ह मुझे नीरज के दिए कॉम्पलिमेंट अच्छे लगे। मैं बोली तो क्या चाहते हो ? इरादे तो ठीक है। नीरज बोलै चाहता तो बहुत कुछ हूँ पर आपके पर्मिशन के बिना तो मैं बोली दे दी अब बोल।

नीरज अंदर आ गया और वो भी शावर में भीगने लगा। नीरज मेरे होठ को अपने होठ से छूने लगा। मैं उसके तेज सांस को महसूस कर रही थी। मेरे भी आँख बंद हो गए और कब नीरज को आगोश में ले ली मुझे भी पता नहीं चला। और दोनों लम्बी किश जो करीब 10 मिनट तक का था चलता रहा। फिर नीरज निचे झुक गया और बड़े ही प्यार से मेरे बूब्स को पकड़ कर हौले हौले दबाने लगा और फिर निप्पल अपने मुह में लेकर पिने लगा।

अब मेरी सिसकारियां निकलने लगी। वो धीरे धीरे वाइल्ड हो गया अपने कपडे उतार दिया। मैं हैरान हो गई इतना मोटा लौड़ा और इतना लंबा। मैं बोली क्या मेरी बेटी इतने मोटे लौड़े को बर्दाश्त कर लेती है। वो हसने लगा और बोला आज आप पहले देखिये आपको कैसा लगेगा। तो मैं बोली आज तो मुझे चाहिए ही मैं तो दीवानी हो गई हूँ नीरज। अब और और भी पगला गई हु इतने मोटे लौड़े को देखकर।

नीरज मुझे उठाकर बैडरूम में ले गया दोनों नंगे थे पर भीगे हुए थे। उसने मेरे दोनों पैरों को उठादिया और बिच में बैठ गया मेरी छूट में ऊँगली करने लगा। करीब पांच मिनट तक तेज तेज से अंदर बाहर करने लगा मैं सिसकारियां ले रही थी। मेरे रोम रोम खड़े हो रहे थे मैं अपनी चूचियाों को अपने ही दबा रही थी। और आवाज निकाल रही थी।

तभी नीरज ऊँगली निकाल कर वो मेरी चूत को चाटने लगा और बोला आप दोनों माँ बेटी की चूत बहुत ही जायदा नमकीन है। दोनों का सेम मजा है। वो पहले पांच मिनट तक ऊँगली करता फिर जब चूत पानी छोड़ता तब वो पि जाता चाट जाता।

उसके बाद वो अपना लंड मेरे चूत पर लगाकर अंदर डाल दिया पर चूत मेरी टाइट हो गई थी इसलिए अंदर आराम से जा नहीं रहा था। वो फिर से कोशिश किया और अपना पूरा लौड़ा मेरी चूत में डाल दिया। मैं बैचेन हो गई। दर्द भी हो रहा था और मजा ही आ रहा था। वो जोर जोर से मुझे चोदने लगा। मैं भी कमर उठा रही थी ताकि सही झटके लगे और वो भी जोर जोर से दे रहा था। मेरी चूचियों को जोर से दबाता मेरे गोर बदन पर उसकी उँगलियों के निशान बन जाते। आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

वो फिर मुझे उलट दिया, मेरी गांड का वो दीवाना था जैसा को वो कह रहा था गांड जरूर देना मैं आपके चूतड़ का दीवाना हूँ माँ। और वो मेरी गांड में लौड़ा डालने लगा पर जा नहीं रहा था उसने अपने लौड़े में थूक लगाया और मेरी गांड पर भी लगाया और जोर से पेल दिया मैं छिलमिला उठी दर्द होने लगा वो शांत हो गया और दर्द से कराह उठी। वो धीरे धीरे से मेरी पीठ को सहलाया और फिर सॉरी बोला। मैंने कहा कोई बात नहीं अब धीरे धीरे मार दो गांड।

वो धीरे धीरे डालने लगा और पांच मिनट में ही वो जोर जोर से देने लगा। दोस्तों दोनों को पूरी संतुष्टि मिली और उस रात तीन बार मेरी चुदाई की थी नीरज ने। दूसरे दिन से तो क्या कहना रिश्ते ही चेंज हो गए थे। मैं फिर से जवान हो चुकी थी। अठारह साल बाद। मैं सोच ली अठारह साल की हुई हूँ।

दोस्तों सात दिन तक खूब मजे किये हम दोनों ने। पर ये खुशियां ज्यादा दिन तक नहीं रहा जैसा नीरज साथ दिन के लिए ही आया था और वो वापस चला गया। पर मुझे आदत लगा गया चुदाई का अब मैं बिना लौड़े के नहीं रह पाऊँगी। अब मुझे लग रहा है शादी कर लूँ या किसी की रखैल बन जाऊं या फिर किसी लड़के को पटा लूँ ताकि वो मेरी चुदाई कर सकते। मैं दिल्ली में रहती हूँ। अगर लगता है आपमें से कोई जो नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर सेक्स कहानी पढ़ने आते हैं उसमे दम है मुझे चोद के खुश करने का तो आप आमंत्रित हैं।

मैं अकेला और चुदने वाली तीन और तीनो चुदने के लिए पागल पहले मुझे पहले मुझे

दोस्तों किसी को चूत नहीं मिलता है, कोई रंडी के पास जाता है, कोई हस्थ्मैथुन कर के अपना काम चलाता हैं, और किसी को भगवान देते हैं तो छप्पर फाड़ कर देते हैं, आज कल मैं भी चूत की नगरी में डूबा हुआ हु, तीन तीन चूत और चोदने वाला एक, मैं अकेला, दो चूत काफी टाइट. एक की गांड टाइट और चौड़ी, एक बड़ी गांड वाली एक छोटी गांड आर एक मिडिल साइज़ की. आज मैं आपको अपनी ये कहानी सुनाने जा रहा हु, बहूत ही सेक्सी है ये कहानी आज मैं अपनी कहानी को इसलिए नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर भेजा हु ताकि, मेरे वो भाई जो मूठ मार के काम चला रहे हैं उसको थोड़ा और भी कामुक कर दूँ, ताकि ऐसा लगे की वो भी सचमुच ही चोद रहे हैं.

तो अब देर नहीं करते हुए सीधे कहानी पर आ रहा हु, मेरा नाम कन्हैया हैं, मैं उत्तराखंड का रहने वाला हु, और दिल्ली में रहता हु, मेरी शादी अभी तीन महीने पहले ही हुई है, ये शादी लव मैरिज हैं, इसके लिए मैं तैयार था, मेरे घर बाले तैयार नहीं थे, और लड़की के पापा भी तैयार नहीं था, इस वजह से काफी दिक्कत हुई, और शादी मैंने मंदिर में कर लिया, फिर जाके कोट में, इस शादी का परिणाम ये हुआ की मेरे घर बाले मुझे अपने घर से निकाल दिए, और मेरे सास ससुर में तलाक हो गया, अब मैं, मेरी पत्नी, मेरी साली और सासु माँ साथ साथ रहने लगे.

मेरी सासु माँ की उम्र 38 है उनका नाम रम्भा है, मेरी पत्नी अर्चना 19 की और मेरी साली नीतिका 18 साल की हैं, वो तीनो नए ख़याल के लोग हैं, बिंदास जिंदगी जीते हैं, सच पूछिए तो थोड़ा मैं ही कम मॉडर्न हु, बाकी वो तीनो आधुनिक युग की लड़की और औरत हैं, स्टाइल में रहने वाली, नए नए वेस्टर्न कपडे, टाइट जीन्स, चस्मा, क्या बताऊँ दोस्तों तीनो एका पर से एक हैं, मैं इसी पर तो मर मिटा था, मेरी सासू माँ टीचर है, एक कान्वेंट स्कूल में, मेरी साली कॉलेज जाती हैं, और मेरी पत्नी वो जॉब करती हैं, सच पूछिए तो मैं ही कुछ नहीं करता मैं निठल्ला हु, कोई काम नहीं बस तीनो को चोदता हु और तीनो को खुश रखता हु,

सुबह होते ही मेरी बीवी और सासू माँ जॉब पर चली जाती है, मेरी साली उठती है, और उन लोगो के जाने के बाद दरवाजा बंद कर देती है, और मेरे कमरे में आ जाती हैं, और चुद्वाती हैं, मेरी साली 34 नंबर की ब्रा पहनती हैं, गजब की सॉलिड चीज हैं, गोल गोल चूचियां चूतड उभरा हुआ, होठ गुलाबी, चूत पर बहूत ही कम बाल, पहले तो वो अपनी चूत चत्वाती हैं, फिर अपना दूध पिलाती हैं, फिर वो वाइल्ड हो जाती हैं, और फिर मेरा लौड़ा अपने मुह में ले के चूसने लगती हैं, मैंने भी हौले हौले बालों को सहलाते हुए, उसके चुचियों को दबाता हु, फिर निचे कर के, अपनी बाहों में भर कर मोटा लौड़ा उसके चूत पर लगा कर जोर जोर से ड्रिल करने लगता हु, बस कमरे में आह आह आह आह आह ओह्ह ओह्ह ओह्ह की आवाज आती हैं, और फिर जब दोनों का झड जाता हैं तो दोनों सो जाते हैं, करीब एक घंटे में उठते हैं, नहा धोकर, मैं काजू किसमिस और बादाम खाकर दूध पीता हु, ताकि ताकत बनी रहे, रोज एक मरदाना टेबलेट भी खाता हु ताकि लंड हमेशा खनकता रहे. फिर मेरी साली एक बजे कॉलेज चली जाती हैं. उसका कॉलेज २ बजे से है, मैं एक घंटे की नींद लेता हु.

दो बजे सासू माँ आ जाती हैं, उनके बेल बजाने पर ही मैं उठता हु, आते ही वो मुझे हग करती हैं (गले लगती हैं) उसकी बड़ी बड़ी और गदराई बदन जब मेरे सिने से सटती है मेरा लैंड खनक जाता हैं और तम्बू गाड देता हैं, फिर सासू माँ खाना बनाती हैं, फिर हम दोनों आराम से खाते हैं, और फिर मेरे बेड पर ही आराम करने आ जाती है, फिर वो मेरे बाल को सहलाते सहलाते, मेरे करीब आ जाती हैं और फिर मैंने भी उनको अपने आगोश में ले लेता हु, फिर क्या दोस्तों गदराई बदन के कपडे उतारने में ज़रा भी देर नहीं लगाता, बड़ी बड़ी चूचियां, लम्बी चौड़ी शारीर, गांड भरा हुआ, जांघे मोटी मोटी बाल लम्बे लम्बे, मैंने अपने सास की गांड को ज्यादा सहलाता हु, और चूत की बाल में उँगलियाँ ज्यादा फेरता हु, फिर मैं उनको घोड़ी बना कर पीछे से उनके गांड में लैंड डाल कर जोर जोर से धक्का देने लगता हु, बड़ी गांड हरेक झटके पर हिलती हैं, और मेरी सासू माँ जोर से आह आह आह करती है, फिर वो सीधी हो जाती है और अपना पैर मेरे कंधे पर ले लेती हैं अब वो अपने चूत में मेरा लंड खूब पकड़ कर सेट करती हैं और फिर चुदवाने लगती हैं, वो तो मुझे उस टाइम गालियाँ भी बहूत देती हैं मादर चोद कहके, मैं भी उस समय रंडी कहता हु, इस तरह से दोनों जब झड जाते हैं तब फिर सो जाते हैं. शाम को ६ बजे मेरी बीवी आती हैं, तब मेरी सासू माँ और मैं उठता हु.

मेरी साली भी ७ बजे घर आ जाती हैं, तीनो मिलकर टीवी देखते हैं, खाना खाते हैं और फिर रात को अपनी बीवी की चुदाई, वो तो बहूत हरामी हैं, वो कभी गांड में लेती हैं कभी मुह में कभी चूत में, वो मेरे लैंड को अपनी चुचियों में रगडती हैं, और मेरे मुह में पेशाव भी करती हैं, मैं भी उसके मुह में मूतता हु, वो बहूत ही वाइल्ड तरीके से चुद्वाती हैं, रात को फिर करीब १२ बजे के करीब सो जाते हैं.

दोस्तों इस तरह से मेरी ये नई जिंदगी बहूत ही हॉट हो गई हैं, चूत ही चूत, एक बहूत ही टाइट चूत जो मेरी सास की हैं, उसके बाद मेरी बीवी का और साली की चूत तो बहूत ही ज्यादा टाइट हैं, जब मर्जी तब चोदता हु, बहूत ही मस्त जिंदगी चल रही हैं. आपको ये कहानी कैसी लगी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर स्टार रेट कर जरुर बताएं, धन्यवाद

दमाद जी ने ब्लैकमेल करके फाडू गांड चुदाई की

Chudai ki Kahani : हेलो दोस्तों मैं आप सभी का नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम में बहुत बहुत स्वागत करती हूँ। मैं पिछले कई सालो से इसकी नियमित पाठिका रही हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती जब मैं इसकी सेक्सी स्टोरीज नही पढ़ती हूँ। आज मैं आपको अपनी कहानी सूना रही थी। आशा है की ये आपको बहुत पसंद आएगी।
मेरा नाम सुलू है। मै 38 साल की हूँ। मैं देखने में बहुत ही हॉट और सेक्सी लगती हूँ। मैं जब भी चलती हूँ मेरे बड़े बड़े मम्मे हिलते रहते हैं। मेरे बाल कही कही पकने लगे हैं। लेकिन मैं आज भी 29 साल की लगती हूँ। मै चुदवाने में बचपन से ही रूचि रखती थी। मेरी स्किन आज भी उतनी ही शाइन करती है। मेरी गांड मेरे मोटापे के साथ काफी निकली हुई है। जिसको देखकर हर कोई उसकी तरफ आकर्षित होता है। कई लड़के तो दीवाने ही हो गए। वे जब भी देखते है तो उसके पीछे ही पड जाते हैं। मेरे रिलेशन के कई सारे लोगों ने भी मेरी गांड की चुदाई कर मुझे बहुत आनंद दिया है। मुझे भी बहुत मजा आता है। दोस्तों मैं अब अपनी कहानी पर आती हूँ।

एक मीडियम परिवार में रहती हूँ। मेरे घर के सारे लोग कही न कही जॉब करते हैं। मैं भी एक टीचर हूँ। रोज मै पढाने जाती हूँ। मुझे स्कूल के कई सारे टीचर भी पसंद करते हैं। उनमें से एक के बेटे की शादी मेरे भाई की बेटी से हुई है। उनका नाम अविनाश है। उनके बेटे का नाम अजय है। पहले समधी जी यानि की अविनाश जी ने मुझे चोदा उसके बाद उनके बेटे ने जिसका नाम अजय है उसने भी मुझे चुदाई का भरपूर आनंद दिया। पहले जब मै स्कूल पढ़ाने जाती थी। तो शाम को वो मुझे छोड़ने घर आया करते थे। रास्ते भर में वो ब्रेक मार मार कर मेरे मम्मे अपने पीठ पर लड़ाया करते थे। उनको इसी में बहुत मजा आता था। लेकिन मैं भी उनके जबरदस्त शरीर पर फ़िदा थी। उनका कद 6 फ़ीट से भी ज्यादा था। मैं एक बार उनको पकड़ कर बैठी थी।

मेरा हाथ उनके चैन के ऊपर चला गया। बाप रे इतना बड़ा लंड मैंने पहली बार छुआ था। वो मेरे छूते ही अपना लंड खड़ा कर लेते थे। मैंने उनके लंड से तुरंत हाथ झटकते हुए उठाया। वो कहने लगे- “क्या हुआ सुलू जी अपना हाथ क्यों झटक रही हो” मै चुपचाप बैठी रही। लेकिन वो बार बार मुझसे यही पूंछते रहे। मैंने बताया कि तुम्हारा इतना बड़ा खड़ा हुआ था। तो मैं छूकर डर गई। उन्होंने मुझे अपने घर ले चलने को कहने लगे। मैंने मना किया। लेकिन वो मुझे जबरदस्ती लेकर चल दिये। उनका घर मेरे घर से 6 किलोमीटर ही था। कहने लगे शाम तक आकार छोड़ दूंगा। मै भी चली गईं। घर जाकर देखा तो वहां और कोई नहीं था। मैं और अविनाश ही थे। उन्होंने मुझे अंदर करके दरवाजा बंद कर लिया। आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं.

मुझे डर लगने लगा। मैंने कहा- “आप करने क्या वाले है। जो अभी दरवाजा बंद कर रहे हो”
अविनाश- “आज घर पर कोई नहीं है। मैं तुम्हे काफी दिनों से चोदना चाहता हूँ। ये बात तुम्हे भी पता होगी”
मै तो चौक गई। मुझे पहले से ही ये पता था कि मुझे चोदने को अविनाश बेकरार है। लेकिन इस तरह से मुझे घर पर लाकर चोदेगा ये नहीं पता था। उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया। मैं छुड़ाने लगी। लेकिन मर्दो की पकड़ ही कुछ खाश होती है। मैंने भी कुछ ही देर में थक कर छुड़ाना छोड़ दिया। मुझे किस करने लगे। मैंने पहले तो विरोध किया। लेकिन बाद में उनका साथ देना शुरु किया। मेरा मन भी बदलने लगा। मै भी आज चुदवाने का मूड बनाने लगी।

विरोध मै कितना भी कर रही थी फिर भी मैं पहले से ही अविनाश से चुदवाने को परेशान हो रही थी। आज मौक़ा भी था। और उनकी जबरदस्ती भी थी। किस करके मेरे नाजुक होंठो का रस निचोड़ रहे थे। मेरी सारी लिपस्टिक छूट गई। ये सब कही चुपके से अजय देख रहा था। हमे पता भी नहीं चला की मुझे कोई देख रहा था। मै गर्म हो चुकी थी। उसने कही से हमारी चुदाई होते फोटो खींच ली थी। एक एक करके सारे कपडे उतार कर नंगा करके खूब चूंची चूस कर मजा लिया। आखिरी तक मेरी चुदाई करके खूब मजा दिया। झड़कर मेरे ऊपर लेट गया।

खिड़की से मैंने किसी को बाहर जाते देखा। मैंने कहा कोई जा रहा है बाहर। अविनाश जी उठे और बोले तुमने खिड़की नहीं बंद की थी। मैंने तो दरवाजा ही बंद किया था। इतने में अजय ने बाहर से बुलाया। मैंने आवाज सुनकर झट से कपडे पहन कर बैठ गई। अविनाश भी अपना कपड़ा पहनकर बाहर निकल कर देखा। तो मेरा दमाद अजय बाहर बरामदे में बैठा था। मैंने भी अंदर से निकल कर गई। उसने मेरे पैर छुआ। पूंछने लगा- “आप कब आयी। और घर के सारे लोग कहाँ है। आप अकेले ही थी”
मैं- “अभी अभी ही तो आयी हूँ। तुम बाहर ही रह गए मै अंदर चली गई।

लेकिन अजय मुझे अजीब नजरों से देख रहा था। मेरे पीछे हर कोई दीवाना है। ये तो पता था। लेकिन मेरा दामाद भी मुझे चोदना चाहता था। अविनाश चले गए। मै और अजय ही घर पर थे। उसने मुझे उकसाना शुरू किया। उसने कहा- “आप बैठो मै चाय कर लाता हूँ। चार घंटे से मै यही बाहर के कमरे में सो रहा था। सर दर्द होने लगा। आप कब आई हो??”
मै तो खामोश हो गई।
मै- “अभी तो मैं भी आई हूँ। मैंने तुम्हे नहीं देखा”
अजय- “आप अभी नही। आप को आये लगभग एक घंटे से ऊपर हो गया”

मै समझ गयी। इसे सबकुछ पता होगा। उसने तुरंत ही कहाँ। आप जो गुल खिला रही है ये किसी और के साथ खिलाना। आप ने जो किया है उसे अगर किसी और को पता चला तो आप कही की नहीं रहेंगी। मै अपना सर नीचे करके बैठ गईं। मैंने सब कुछ सच सच बता दिया। उसने कहा। मैंने भी देखा था। जब पापा आपसे जबरदस्ती कर रहे थे। लेकिन मैं उस समय बोल देता तो उन्हें पता चल जाता। मै जान गया हूँ। इसीलिए मैं चुपचाप था। खूब उछल उछल कर चुदवा रही थी। तुम्हे शर्म नहीं आ रही थी। पति के होते हुए चुदवाने का इतना ही शौक है तो… उसके बाद उसने जो भी कहा मुझे सुनकर बहुत बुरा लगा। वो बुरा भला कहने लगा। मैंने कहा- “बस भी करो। ये सब तुम्हारे बाप का किया है। मुझे धोखे से यहां लाकर वो मेरे साथ ऐसा कर रहे थे। उसने कहा- “मजा लिया है तो थोड़ा मजा दिखाता हूँ तुम्हे” आज मैं तुम्हारे एक घंटे पहले की चरित्र चित्रण दिखाता हूँ।

किस प्रकार से तुम अपनी गांड मटका मटका कर चुदवा रही थी। इतना कहकर अपना फोन निकाल कर मुझे सारे फोटोज दिखाने लगा। मै उसमे चुद रही थी। उनका लंड मेरी चूत में घुसा हुआ था। मै तो ये सब देखकर चौंक गई। मुझे कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था। मैं क्या करूं। मेरे दिल की धड़कनें डर के मारे तेज हो गई। मैंने हाथ जोड़कर कहा- “ये सारी फोटो डिलीट कर दो। नहीं तो किसी घर वालो ने देख लिया। तो वो मुझे मार देंगे”
उसने कहा- “डिलीट कर दूंगा। लेकिन मैं भी कुछ चाहता हूँ”
मै- “जो भी चाहते हो ले लो लेकिन प्लीज़ ये सब डिलीट कर दो”

अजय- “पक्का!! सोच लो। देना पड़ेगा नहीं तो मै सबको दिखा दूंगा”
उसने मुझे चुदने के लिए कहने लगा। मेरी तो डर के मारे गांड फट रही थीं। मैं अभी तुरंत ही चुदी थी। तो मेरा थोड़ा सा भी मन चुदने को नहीं हो रहा था। मैंने फिर भी हाँ कर दिया। आज बाप बेटे मिल कर मेरा बाजा बजाने पर तुले हुए थे। मेरी चूत पहले बाप ने फाड़ी। अब बेटा उसे और अच्छे से फाडने पर लग गया। उसने कहा- “जल्दी से मेरे कमरे में चलो। कोई आये उससे पहले मैं तुम्हारा काम लगा कर ख़त्म कर दूं”

मै पास के ही उसके कमरे में चली गई। मैंने उससे बहुत कहा कि ये सब गलत है। लेकिन उसने एक ना मानी। बस अपनी बात पर ही अड़ा रहा। उसने मुझे शादी में ही देखा तब से चोदने की कल्पना करता रहता था। उसने मुझे बताया। मुझे तो इस हादसे का यकीन ही नहीं हो रहा था। लेकिन फिर भी मानना पड रहा था। आज मै पहली बार एक ही दिन में दो दो लंड खाने जा रही थी। पहली बार तुरंत ही दोबारा चुदवाने को तैयार हो रही थी। दोनो ने मुझे रंडी बना डाला जो पैसे के लिए खूब सारे ग्राहकों से चुदवाती है। मैं बिस्तर के सामने खड़ी ही थीं। पीछे से आकर अजय ने मुझे पकड़ लिया। कहने लगा- “आज भी तुममे उतना ही जोश है। जितना तुममे पहले रहा होगा। मुझे भी आज अपनी इस जवानी से शांत कर दो” मै चुपचाप सुनती रही। मेरा दमाद अजय मेरी बड़ी बड़ी चूंचियो को ब्लाउज में ही लेकर खेलने लगा। मेरी सॉफ्ट चूंचियो से सबको खेलना बहुत अच्छा लगता है। उसका बाप भी अभी अभी खेलकर गया हुआ था। उसने मेरे होंठो से अपने होंथो को सटा कर चुसाई करने लगा। मुझे बहुत बेकार लग रहा था। लेकिन डर से मुझे ये सब करना पड़ रहा था। अविनाश से चुदने में मेरी मर्जी भी थी। भले ही मैं न न कर रही थी। अजय तो मेरी मजबूरी का फायदा उठा रहा था। मेरे कपड़ो की तारीफ़ कर रहा था।

मै पतला वाला ब्लाउज पहनती हूँ। मुझे सेक्सी कपडे पहनना बहुत अच्छा लगता है। किस करते ही मैं फिर से गर्म होने लगी“..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ…. आहा …हा हा हा” की आवाज की सिसकारी निकलने लगीं। वो भी समझ रहा था। कि मैं गर्म होने लगी हूँ। मेरे होंठ को काट काट कर बचा कुचा रस भी पी गया। इतना करके एक बार फिर मुझे नंगा होने के लिए तैयार होना पड़ा। उसने मेरी साडी को निकाल कर फेंक दिया। मै अब ब्लाउज और पेटीकोट पहने वही पर खड़ी थी।

उसने अपने बाप की तरह दरवाजा बंद करके। काम पर लग गया। आते ही मेरी ब्लाउज की हुक को खोलकर निकाल दिया। मुझे बच्चे समान अजय के सामने ब्रा में खड़ी होना शर्म महसूस कर रही थी। लेकिन वो तो पति से भी ज्यादा बन रहा था। मेरी ब्रा को भी निकाल कर रख मेरी खरबूजे जैसी चूंची पर अपना हाथ लगाकर मजे लेने लगा। दोनों फुट मम्मो को अपने हाथों से उछाल उछाल कर बहुत प्रसन्नता से खेल रहा था। कभी उन्हें दबाता तो कभी खींच लेता था। अचानक अपने मुह में मेरी चूंचियो सहित निप्पल को भर कर पीने लगा। मुझे बहुत ही गर्मी का एहसास होने लगा। मै फिर से चुदने को तैयार होने लगी।

उसने जैसे ही मेरे निप्पल को काट काट कर पीना शुरू किया। मै जोर जोर से “……अई…अई….अई…… अई….इसस्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की आवाज के साथ चुसवाने लगी। मै अब फिर एक बार चुदने को तड़पने लगी। उसने मुझे खूब गर्म कर दिया। मेरी चूत से एक बार फिर से पानी निकलने लगा। उसने कुछ देर तक पीने के बाद मेरी पेटीकोट का नाडा खोलकर निकाल दिया। मुझे अब शर्म लिहाज का कोई काम नहीं था। मैं भी आज रंडी बन गई। मैंने अपनी टांग खोलकर बिस्तर पर लेट गई। उसने मेरी चूत के दर्शन किए। मेरी पैंटी को निकाल कर अलग किया। उसके बाद दोनों टांगों को खोलकर अलग किया। चिकनी चूत देखकर इसके भी मुह में पानी आने लगा। उसने अपना मुह मेरी चूत पर लगाकर रसपान करने लगा। चूत की चिकनाहट से वो भी दंग रह गया।

आज तक उसे भी ऐसी चूत चोदने को नही मिली होगी। चिकनी चूत पर अपनी खुरदुरी जीभ लगाकर मुझे और भी ज्यादा गर्म कर दिया। चूत के दाने को पकड़ कर अपनी होंठ से खींच रहा था। मैं “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” की चीख निकाल रही थी। चीख के निकलते ही वो और ज्यादा तेजी से काटने लगता। कुछ देर बाद निकले माल को पीकर चाट कर साफ़ कर दिया। अपना कपड़ा निकाल कर उसने अपने बाप से भी बड़ा मोटा लंड मेरी हाथो में रखकर चूसने को कहा। मैं उस बड़े मोटे गन्ने जैसे लंड को मुह में रख कर चूसने लगी। उसका लंड बड़ा होता जा रहा था। इतना मोटा लंड तो मैंने आज तक नहीं देखा था। मैं उसे आइसक्रीम की तरह चाट चाट कर चूस रही थी। इतने दिनो में आज तक मुझे 12 इंच का लंड नहीं मिला था।

नॉर्मली मुझे 6 से 8 इंच तक का ही लंड मिला था। मैंने भी उसके लंड से थोड़ा सा माल निकाल दिया। मै भी चाट गई। उसने मेरी दोनों टाँगे खोलकर अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ कर गरम कर दिया। मेरी चूत से जैसे आग की लपटें निकलने लगी हों। मै अपनी चूत को सहलाने लगी। उसने खूब तड़पाकर मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया। मेरी मुह से “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की आवाज निकलने लगी। अपना लंड धकापेल मेरी चूत में पेलने लगा। मेरे दमाद अजय का लंड बहुत ही बेरहमी से आज मेरी चूत को फाड़ रहा था। आज तक किसी के लंड ने मुझे ऐसा दर्द नहीं दिया था। मेरी चूत का दर्द बढ़ता ही जा रहा था। कुछ देर बाद मेरी चूत को दर्द से छुटकारा मिलने लगा।

मुझे भी जोश में बहुत मजा आ रहा था। अब मैं भी अजय का साथ दे रही थी। मै अपनी गांड उठा उठा कर चुदवा रही थी। चूत से तो मेरी जल्दी ही पानी की धारा बहने लगी। उसने सारा पानी पीकर मुझे झुका दिया। मै आज चुदकर बहुत थक गई थी। लेकिन फिर भी चुदने की प्यास अब भी बाकी थी। मैं जैसे ही झुकी। अजय ने अपना काला मोटा लंड मेरी गांड में डाल कर चोदने लगा। गांड चुदाई करवाने में मुझे कुछ ज्यादा ही मजा आ रहा था। टाइट गांड में लंड डालते डालते उसका भी बुरा हाल हो रहा था। इतनी सकरी गांड की छेद में मोटा लंड घुसाकर गांड को भी फाड़ डाला। गांड मार कर उसने बहुत ही मजा लिया। उसका लंड घच घच की आवाज के साथ मेरी चुदाई कर रहा था।

मै भी हिला हिला कर “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की मीठी आवाज के साथ चुद रही थी। अजय झड़ने वाला हो रहा था। उसने झट से अपना लंड मेरी गांड से निकाल कर। मेरी मुह में रख दिया। जोर जोर से मुठ मार कर हा हा हा.. ओ हो हो….” की आवाज के साथ झड़ गया। मै भी उसका सारा माल पी गईं। हमने जल्दी जल्दी से अपने कपडे पहने। उसके बाद उसने सारी फोटो डिलीट की। लेकिन उस चुदाई से खुश करके वो आज तक मेरी चुदाई कर रहा है। कहानी आपको कैसे लगी, अपनी कमेंट्स नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर जरुर दे।

मेरी बीवी ने ही अपनी माँ को मेरे से चुदवाया! पढ़े कैसे

Mother in law sex story : नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के सभी पाठकों को सूरी का बहुत बहुत नमस्कार. बेशक नॉनवेज डॉट कॉम हिंदी की सबसे जादा पढ़ी जाने वाली सेक्स स्टोरी साईट है. मैं इसकी मस्त मस्त कहानियों का दीवाना हूँ. इसी से प्रेरित होकर मैं आपको अपनी सेक्सी स्टोरी सुना रहा हूँ. मेरा नाम सूरी कपूर है. मैं चंडीगढ़ का रहने वाला हूँ. पेशे से सिविल इंजीनियर हूँ और बड़ी बड़ी बिल्डिंगे बनाता हूँ. सारी जिम्मेदारी मुझ पर ही होती है इसलिए मैं काम को लेकर काफी व्यस्त रहता हूँ. कुछ दिन से मेरी बीबी निक्की मुझसे कुछ जरुरी बात करना चाहती थी. पर काम के दबाव के कारन मैं उससे बात नही कर पा रहा था और ना ही उसकी बात सुनने का वक़्त निकाल पा रहा था. फिर एक दिन २ दिन की छुट्टी मिल गयी तब मैंने अपनी खूबसूरत बीबी को वक़्त दिया.

‘निक्की !! मेरी जान, कहो क्या कहना है?? बड़े दिनों से तुम मुझसे किसी मुद्दे पर बात करना चाहती हो. बोलो क्या बात है???’ मैंने पूछा. मेरी जवान बीबी निक्की थोडा झेप गयी. वो संकुचाने लगी. मैंने कहा ‘बोलो मेरी जान. क्यों क्यूँ चुप हो??’. फिर निक्की ने अपनी बात मेरे सामने रखी.

‘जानू मेरी मम्मीजी कई दिनों से चुदना चाह रही है. मेरे पापा तो अब रिटायर ही हो चुके है. इसलिए अब ६५ का होने के कारण उनका लंड भी रिटायर हो चूका है. जरा भी खड़ा ही नही होता है. उधर मम्मी जी की गर्म चूत रोज रात में लंड मांगती है. तो क्या आप कृपा करके मेरी मम्मी जी को चोद देंगे!!’ मेरी बीबी निक्की बोली. आईला मैं तो ४ फुट उपर उछल पड़ा. मेरी सास सोनिया कपूर एक बहुत मस्त माल थी. जवानी तो जैसे उनके बदन से ढलने का नाम ही नही लेती थी. पता नही दोस्तों मेरी सास किस चक्की का आटा खाती है आज भी ४५ साल की होने के बावजूद वो बिलकुल ३० साल की पटाखा माल लगती थी.

अपनी बीबी निक्की द्वारा अपनी सास को चोदने की अनूठी पहल का मैंने स्वागत किया. सास का नाम सुनते ही मेरे मन में पटाखे दगने लगे. जब मेरी शादी निक्की से हुई थी तभी मेरी सास पहन ओढ़ पर किसी माल से कम नही लग रही थी. हाँ १०० परसेंट मैं निक्की की माँ और अपनी सास सोनिया कपूर को चोदना चाहता था, पर मैं एक बार में उसकी बात नही मानने वाला था. जरा भाव दिखाना जरुरी था.

‘निक्की !! मेरी कैसी डिमांड कर रही हो तुम??? …..अपनी सास को चोदना. नही नही ये उटपटांग काम मुझसे नही होगा’ मैंने निक्की से कहा और मुँह फेरके बैठ गया. वो मुझे सच मान बैठी.

‘सुनिए जी !! कितने दामाद अपनी सास से इश्क लड़ाते है. प्लीस मेरी मा को चोद कर उनको यौन संतुष्ट कर दीजिये!! प्लीस पति देव!!’ निक्की मुझसे गुजारिश करने लगी. बड़ी देर तक मैं उसे टहलाता रहा.

‘अच्छा ठीक है! ठीक है!! देखता हूँ …..क्या हो सकता है?? अगले हफ्ते अपनी माँ को घर बुला लो !!’ मैंने कहा. सोनिया कपूर जैसी मस्त मम्मो वाली जिसकी सास हो वो दामाद भला क्यूँ नही अपनी सास को चोदेगा. जैसे जैसे दिन बितते गए वैसे वैसे मेरा लंड खड़ा होने लगा. हर रात मैं सोता तो यही सोचता की नग्न सास सास के दर्शन होंगे तो कितना रोमांचकारी होगा. कैसे होंगे सासु माँ के मम्मे?? किसी होगी उनकी नाभि?? क्या सेक्सी नाभि होगी?? और चूत ?? कैसी होगी सासु माँ की चूत??? दोस्तों, इस तरह के सैकड़ों प्रश्न मेरे दिमाग में एक के बाद एक उठने लगे. इस तरह वो दिन आ गया जिसका मुझे बेचैनी से इंतजार था. सासू माँ अपना घूमते पहियों वाला स्काईबैग कम्पनी का ट्रोली बैग लेकर मेरे घर आ गयी. किसी फिल्म स्टार की तरह उन्होंने आँखों पर बड़े बड़े फंकी गोगल्स लगा रखे थे. वैसे तो जादातर औरते जब ४० पार कर जाती है तो साड़ी पहनती है. पर मेरी सास सोनिया कपूर पर जवानी पूरी तरह से चडी थी. आज भी वो जींस टॉप में थी.

उनका फिगर बिलकुल मेंटेन था. पेट पर जरा भी चर्बी नही थी. हाँ मैंने पेट के किनारों पर प्रेगनेंसी वाले स्ट्रेचिंग मार्क्स जरुर देख लिए. मार्क्स देखकर ही मेरा लंड खड़ा होने लगा. ३ बच्चों को पैदा कर चुकी औरत को चोदने को मिलेगा. चलो जो हुआ अच्छा ही हुआ. मेरी सास सोनिया कपूर के ३ बच्चे थे. एक मेरी बीबी निक्की, एक साली अरीना और एक साला रिशभ. मैंने आगे बढ़कर सासू माँ के पैर छू लिए और उनका ट्रोली बैग अपने हाथ में ले लिया. ‘आइये !! मम्मी जी !! आईये !! आपका चंडीगढ़ में बहुत बहुत स्वागत है!!’ मैंने कहा. मम्मी जी आते ही वाशरूम में घुस गयी. सायद पेशाब करनी गयी होंगी. उसकी छुल्ल छुल्ल मुतने की आवाज मैंने सुनी. तो मेरा दिल उसने प्यार करने को मचल पड़ा. जब मेरी सास वाशरूम से बाहर निकली तो उन्होंने अपने हाथ पैर अच्छे से धो रखे थे. उसका टॉप गीला हो चूका था. थोडा पानी उसके मम्मो पर भी चला गया था.टॉप का कपड़ा भीगकर उनके मस्त मस्त दूध से चिपक गया था.

मुझे तो सासू माँ उसी समय बहुत सेक्सी लग रही थी. मन कर रहा था की उसी समय उनको गिरा के चोद लूँ. मैंने, निक्की और सासू माँ ने एक साथ चाय पी. फिर सासू माँ निक्की से हालचाल पूछने लगी. मैं ऑफिस के लिए चला गया. चलते समय श्रीमती सोनिया कपूर ने मुझे घुर के देखा. उन तिरछी नजरों में मुझे उसकी कामवासना और चुदास साफ साफ़ दिख रही है. बिलकुल स्पस्ट था की वो मेरा लौड़ा खाने ही राजस्थान से चंडीगढ़ तक आई थी. मैं आगे बढ़ा और मैंने अपनी बीबी निक्की के सामने ही उसके गालों पर किस कर लिया ‘बाय सासू माँ!!!’ वो शर्मा गयी. मैं ऑफिस के लिए निकल गया. शाम को मेरी जवान बीबी ने अपनी माँ के लिए तरह तरह के पकवान बनाये थे. सासू माँ को राजमा और कड़ी चावल विशेष रूप से पसंद था. हम तीनो से साथ खाना खाया. अब रात हो चली थी. ‘किस कमरे में माँ को लेकर जाओगे??’ निक्की ने अपनी माँ के सामने ही सवाल दाग दिया की किस कमरे में मेरी माँ को चोदोगे. मैं झेप गया और कुछ ना कह पाया. मेरी ओंठो पर खेलती हंसी मेरे दिल का हाल बयां कर रही थी.

‘जिस कमरे में तुम कहो. कहो तो माँ के कमरे में जाकर ही इनको लूँ’’ मैंने कहा.  मैं कमरे में चला गया. कुछ देर में मेरी बीबी निक्की अपनी माँ सोनिया कपूर को साड़ी पहनाकर सारा सृंगार करके ले आई. ऐसा लग रहा था की मेरी सास करवा चौथ के अवसर पर सजी धजी है. ‘अच्छे से लेना इनको !!’ निक्की ने मेरे कान में बोला और दरवाजा बंद करके चली गयी. सायद वो बाहर ही खड़ी हो और अपनी माँ की चुदते समय गर्म गर्म सिस्कारे सुनना चाहती हो. ‘आइये सासू मा !!! आपकी जिन्दगी को मैं संवार दूँ !! मैंने कहा. आप भी मेरी सास एक ठोकने चोदने लायक सामान थी. गालों पर उम्र के साथ साथ जहाँ और औरतों के झुर्रियां पड़ जाती है, मेरी सास श्रीमती सोनिया कपूर के एक भी झुर्री नही था. मैंने उनको अपने बगल बेड पर बिठा दिया. उनका हाथ पकड़ लिया और धीरे धीरे उनका हाथ चुमते चुमते अपनी सासू माँ को अपनी ओर खींचने लगा.

सच उम्र को तो उन्होंने कबका धोखा दे दिया था. रेखा जैसी जवान और कमसिन लगती थी. ‘सासू माँ !! क्या ससुर जी का लौड़ा अब खड़ा नही होता तो आपको राजस्थान से चंडीगढ़ आना पड़ा??’ मैंने मजाक मजाक में पुछा

‘बेटा सूरी !! अगर उनका लौड़ा खड़ा होता तो मैं तेरे पास क्यूँ आती. आज मुझे कायदे से चोद बेटा. कितने दिनों से मेरी अनचुदी चूत ने लंड नही खाया है. मुझे अच्छे से चोद बेटा !!’ मेरी सास मेरा मान मनौवल करने लगी. मैंने उनको बाहों में कस लिया. उनके मुँह से यही सेक्सी शब्द तो मैं सुनना चाहता था. लाल रंग के जोड़े में सासू मा किनती माल लग रही थी. मैंने उसके कसे कसे चिकने गालों को किसी आशिक की तरह धीरे धीरे चूमने चाटने लगा. उनके गाल, गले और कान के कोने को अपने दांतों से काटकर खींचने लगा. धीरे धीरे मेरी सास श्रीमती सोनिया कपूर गर्म और चुदासी हो गयी. वो खुद मेरे पास आ गयी और मेरी गोद में आकर बैठ गयी. कुछ देर में मैंने उनकी साड़ी निकाल दी. माँ कसम कसे और चुस्त लाल ब्लाउस और पेटीकोट में वो कोई एयर होस्टेस लग रही थी.

मैंने उनके यौवन को पीने लगा. मैंने अपनी जवान सास को सीने से लगा लिया. उसके सीने की धड़कन मैं सुन सकता था. धीरे धीरे मैं उनके ब्लाउस के कबूतर को आजाद करना चाहता था. अपने आप मेरे हाथ श्रीमति सोनिया कपूर यानी मेरी सास के दूध पर जाने लगा. वो पूरा सहयोग कर रही थी. कहीं से किसी भी तरह का विरोध नही था. मैंने जोर जोर से अपनी सास के दूध दबाने लगा. आज सायद पहली बार उनकी चूत लूँगा. कितना आकर्षक होगा ये सब. मैंने इसी विचार में खोया था. कुछ देर बाद सास खुद बेहद चुदासी हो गयी थी. क्यूंकि मैंने उनके मस्त मस्त ३६ साइज़ के दूध पर अपने पुरुष वाले हाथ रखकर निगेटिव को पोजिटिव से जोड़ दिया था. वो पुरुष ही होता है जिसकी छुअन से एक स्त्री मोम की भांति पिघल जाती है और अपना सबकुछ एक पुरुष को न्योछावर कर देती है. ठीक इसी तरह मेरे हाथो द्वारा उनके चुचुक मर्दन से मेरी सास बहुत ही गर्म हो गयी है. वो मुझसे जल्द से जल्द चुदवाना चाहती है. उनकी आँखों और हाव भाव में काम की मूक सहमती मैं अच्छे से पढ़ सकता था. धीरे धीरे सासू माँ ने खुद ही अपने हाथों से अपने ब्लाउस के बटन खोलने शुरू कर दिए. मैंने भी अपने सारे कपड़े निकाल दिए. उधर सासू माँ ने अपनी अपना ब्लाउस, पेटीकोट, ब्रा पेंटी सब निकाल दिया. मैंने उनको बाहों में भर लिया और हमदोनो दामाद और सास किसी नवविवाहित जोड़े की प्यार करने लगा. कहना गलत नही होगा की आज भी ४५ साल की होने के बावजूद मेरी सास का फिगर बढ़िया था. मम्मे बस हल्के हल्के झूलते हुए थे, पर बिलकुल झलरा नही थे. कुछ कुछ मेरी सास पमेला एंडरसन की तरह थी. मैंने उसके होठ पीने के बाद उनके दूध मुँह में भरके पीने लगा. वो मेरे सीने से चिपक गयी.

मैंने उनकी टांग खोल दी. सासू माँ के चूत के दर्शन हुए. हल्की झाटों से भरी चूत थी. सायद उनको झाटे बनाने का समय नही मिला था. मैंने हाथ में जरा थूक लगाया और चूत में ऊँगली करने लगा. मेरी सास सोनिया कपूर उछल पड़ी. उनकी चूत में सनसनी हो रही थी. मैंने हाथ से जोर जोर से चूत में ऊँगली करने लगा. वो मुझे रोकने लगी. पर मै नही रुका. जब अच्छी तरह चूत का रास्ता बन गया. तो मैंने जरा थूक हाथ में लिया और लौड़े पर पानी लगाया. और सासु माँ की चूत में डाल दिया. वो चुदने लगी. मैं उनको चोदने लगा. सासू माँ मुझे पता नही क्या नजरे नही मिला रही थी. सायद दामाद जी का लौड़ा खाते शर्मा रही हो. मैंने सास का चेहरे अपने सामने कर लिया जिससे वो मुझसे नजरे ना चुरा सके. मैं उनको पेलते पेलते ही उनपर लेट गया. अपना मुँह सास के मुँह पर रख दिया मैंने और उनके ओंठ चूसते चूसते उनको ठोकने लगा. ‘सासू माँ !! इधर मेरी ओर देखिये …..वरना मुझे आपकी बुर लेने में जरा भी मजा नही आएगा!!’ मैंने कहा.

बड़ी मान मनौवल के बाद सासू माँ मेरी तरह देखने लगी. मैंने अपनी आँखें उनकी आँखों में डाल दी. हमदोनो नजरों और जिस्म से एक हो गये. मैं उन्हें घपाघप चोदने लगा. बढ़ते धक्कों के साथ सासू मजा को मजा भी जादा आने लगा. वो अपने पैर और कमर उठाने लगी. ओओह ओह ओह उईईइ म्मम्मम्ममकी आवाजे निकलने लगी. मैंने उनको ठोकता रहा. सासू माँ अब सीधा मेरी नजरों में देख रही थी. मैंने उसके दोनों हाथ कसके कलाई से पकड़ लिए और जोर जोर से उनकी चूत लेने लगा. मेरे धक्कों के साथ सासू के दूध डांस करने लगे. ये एक शानदार और जानदार चुदाई थी. मेरे धक्के देना जारी रखा. सासू माँ का पेट गोल गोल उपर नीचे करने नाचने लगा जिसे देखकर मुझे बहुत अच्छा लगा.

आज भी उनकी कमर किसी कटीले माल से कम थी. मैंने अपनी पूरी ताकत से उनको पेलता रहा. उनका पलता पेट बार बार निचे जाता, फिर उपर आता. इसी तरह उनका पेट बार बार नाच रहा था. मैं अच्छे से समझ रहा था की वो मेरे शानदार धक्कों का पूरा मजा मार रही है. मैं खट खट करके उनको चोद रहा था. कुछ देर बाद सासू मा ने अपने दोनों पैर उपर ९० डिग्री पर उठा दिए.पर कुछ सेकंड के लिए अपना लौड़ा एडजस्ट करने के लिए सासू मा के भोसड़े से निकाला तो वो मेरा लौड़ा पीने दौड़ी.

‘दामाद जी !! आपके लौड़े की इस दासी हो अपना लंड नही चुसाएंगे???’ सासू मा बोली. मैंने तुरंत उनके मुँह में लंड दे दिया. किसी काम की प्यासी औरत की तरह वो जोर जोर से आवाज करते हुए मेरा लंड चूसने लगी. सासू माँ की चूत लेकर मेरा लंड बिलकुल टाइट हो गया था और ये ९ इंची किसी बंदूक की तरह तन गया था. सासू किसी बड़े दिनों से मेरे हथियार की प्यासी थी. इसलिए पूरा का पूरा मुँह में लेकर चूस रही थी. कुछ देर बाद मैंने उनको अपने पास तिरछा करने लिटा लिया और जोर जोर से सासू माँ का मुह चोदने लगा. वो किसी देसी रांड की तरह हपर हपर करके मेरी बंदूक चूस रही थी. अब उनको फिर से चोदना था. मैंने उनको बाये तरह करवट दिला दी. एक पैर के उपर दूसरा पैर रख दिया. मैंने पीछे से अपना लौड़ा ले गया और उनके मस्त मस्त चूतड़ों के बीच में से मैंने उनकी चूत के दरवाजे को ढूढ़ लिया और करवट दिलाये दिलाये ही अपनी सास को खाने लगा. वो बेटा बेटा करने लगी. मैंने कहा बेटा बेटा मत कहो. जब बेटे का लंड खा रही हो तो सैयां सैयां कहो. पर मेरी सास मुझे चुदते चुदते बेटा बेटा ही बोलती है और मजे से चुदवाती रही. मैंने उनको अपनी बाहों में भर लिया और उनके दूध पीते पीते उनको ठोकता रहा. कुछ देर बाद मैं झड गया.

अब दुसरे राउंड में मैंने सासू मा को सीधा पीठ के बल लिटा दिया. ठीक उनके बगल लेट गया. उनकी एक टांग को उपट उठा दिया. अपना पैर मैंने उनके दुसरे पैर पर रखा और लेटे लेटे ही चूत में मैंने अपना लौड़ा डाल दिया. इस तरह लेटे लेटे ही मैं सासू माँ की चूत मारने लगा. ये एक अलग तरह का आसान था. इसमें मैं साफ़ साफ़ उनको आमने सामने देख पा रहा था और उनकी चूत ले पा रहा था. मैंने सासू माँ के कंधे पकड़ लिए और जोर जोर से शॉट मारने लगा. मेरा लंड का हर शॉट सीधा उनकी चूत के जाकर किसी फुटबाल की तरह गोल दाग रहा था. मैंने इस तरह लेटे लेटे इतनी जल्दी जल्दी सास को चोद रहा था की लग रहा था कोई साइकिल चल रही है. मैं जोर जोर से गोल पर गोल करने लगा. मैं जिस तरह से गुत्थम गुत्था होकर लेटे लेटे सास की बुर मार रहा था उस तरह से अक्सर सांप सेक्स करते है. फिर कस कसके धक्के मारते हुए मैं झड गया. मेरी मस्त जवान सास सोनिया कपूर १५ दिन तक मेरे पास चंडीगढ़ में रही और मेरे लंड की सेवाए लेती रही. उसके बाद वो अपने घर लौट गयी. आपको ये कहानी कैसी लगी अपनी कमेंट्स नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर जरुर दें.

सास बीवी और साली तीनो को बारी बारी से चोदा

दोस्तों ज़िंदगी में मजे तभी मिलते है जब आपको जो चाहिए वो मिले, आप खुद ही सोचो आपके मन में कई सारे भाभी, लड़की, आंटी, होगी जिसको आप मन में सोच के मूठ मारते है, अगर सोचो ये सही हो जाए तो आपको कैसा लगेगा, आपको उसी को चोदने का मौका मिल जाये तो कैसा लगेगा, आप जो वीर्य बाथरूम में या बेड के निचे डाल देते हो वही वीर्य अगर उसके चूत में गिरे तो कैसा लगेगा, होगा ना तब मजे का दिन. आज मैं अपनी भी कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे लेके आ रहा हु, क्यों की मेरा भी फ़र्ज़ बनता है की मैं भी अपनी कहानी पोस्ट करूँ,

मेरा नाम मुकेश है, २२ साल का हु, दिल्ली में रहता हु, मैं दिल्ली पढाई करने के लिए आया था, पर मैं यहाँ घर जमाई बन गया और अब तो मत पूछो क्या क्या हो रहा है, मस्त लाइफ कट रही है, चुदाई ही चुदाई, आपने पढ़ा होगा दुकान के सामने मोबाइल ही मोबाइल, फ्लैट ही फ्लैट, ऐसा मेरे मन में सिर्फ चुदाई ही चुदाई, हा हा हा हा हा हा हा, क्या करूँ यार बहुत खुश हु आजकल. तो बात शुरू हुई ठण्ड के दिनों से मेरा संडे को कोचिंग में छुट्टी रहती थी, मैं छत पे धुप सेक रहा था वही बगल के घर के छत पे भी दो बहने होती थी, वो मुझे देखते रहती थी, बड़ी तो ज्यादा देखती थी, मुझे धीरे धीरे मजा आने लगा अब तो वो जैसे ही छत पे चढ़ती थी मैंने भी में छत पे चढ़ जाता था और बस नजर की प्यास बुझाते रहता था, रात में या कभी कभी दिन में भी उसके याद में मूठ मार लिया करता था. आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे पढ़ रहे है. मूठ मारने का कारन ये होता था की, उसका सेक्सी अंदाज़, उसके शरीर की बनावट, उसके उभरी हुयी बड़ी बड़ी चूचियाँ. मुझे बड़ी बड़ी चूची बहुत पसंद है, उसके चूतड़, हाय क्या बताऊँ दोस्तों जब भी मैं उसके चूतड़ की उभर और चलते हुए दोनों चूतड़ ऊपर निचे ऊपर निचे मैं तो फटा फट लैंड को अपने हाथ में ले लेता था.

वो हेल्ती थी, बड़ी बड़ी चूची, कमरे और पेट की बनावट ओह्ह्ह मजा आ जाता था उसे देख के, फिर बात थोड़ी और बढ़ी, था दिवाली का दिन मैं काफी पटाखे लाया छोड़ने के लिए निचे गया तो वो तीनो भी थे, उसके पापा गोवा के एक होटल में मैनेजर है, वो यहाँ कम आते है, तो दिल्ली में दोनों बेटियां और माँ ही रहती है, मैंने उनलोगो को दिवाली विश किया, और थोड़ी बात की तो उसकी मम्मी ने मुझे उसी समय चाय पिने के लिए बुला लिया और मैं भी उनके साथ उनके घर गया, मुझे मिठाई दिया, क्या बताऊँ दोस्तों मुझे पहली बार थोड़े नज़दीक से दीदार करने का मौक़ा मिला उन बड़ी बाली लड़की पायल को, छोटी का नाम छोटी ही था, और उसकी माँ दोनों से कम नहीं थी यानी तीनो एक पर से एक, फिर क्या था वो लोग मेरी बातों से काफी आकर्षित हुए जैसा की अक्सर लड़का लड़की को देखकर अच्छी अच्छी बाते करता है, आपका क्या ख्याल है आपने भी जरूर की होगी…….

धीरे धीरे आना जाना सुरु हो गया, और मैं और पायल करीब आ गए, एक बस दो महीने बाद नया साल आ गया था, फर्स्ट जनुअरी को मैंने नए साल की शुभकाएँ दी और पता नहीं मुझे क्या हुआ मैंने अपनी बाहे फैला दी और वो भी मेरी बाहों में आ गयी, मुझे पहली बार किसी लड़की की चूच की दवाब महसूस हुआ, मैंने उसके पीठ पे हाथ रखा तो ब्रा को टटोल सका, ओह्ह्ह उसके बदन की खुसबू मजा आ गया था अब तो बस पायल का ख्याल मेरे मन में था, और हम दोनों का प्यार परवान चढ़ा और इजहार होके शादी तक हो गयी,

पहली रात को मैंने देशी स्टाइल में ही चुदाई की, जैसे की आपलोग सुहागरात की सीन किसी बी ग्रेड सिनेमा में देखते है, खूब मजे किये, सील टूटा, बूर चाटा, दूध पिया, पूरा आत्मा शांत हो गया, करीब १० दिन तक दिन में पांच पांच बार चुदाई होती थी, ज़िंदगी मजे में था, पर मैंने पायल को पा लिया था अब मुझे छोटी की चूत चाहिए थी, इस वजह से मैंने छोटी को भी फ़्लर्ट करना सुरु किया, एक दिन पायल और मेरी सास मंदिर गयी थी वो मंदिर घर से काफी दूर था तीन चार घंटे लगते, तभी मैंने छोटी को भी चोद दिया, उसकी चूत काफी टाइट थी, दूध भी बड़ा बड़ा था, बूर को चाटा, बूर की पानी भी पि, और फिर से एक कुंवारी लड़की की सील तोड़ी यानि की १० दिन के अंदर दोनों को मैंने चोद दिया, अब तो दिन में एक बार पायल को चोदता, पायल को चोदने के लिए तो कभी भी कुण्डी लगा लेता पर छोटी को चोदने के लिए मुझे अकेले के जरुरत होती थी, तो कभी पायल नहाने जाती और माँ जी इधर उधर होती तभी मैं छोटी को भी चोद देता.

ऐसा ही चलता रहा, फेब्रुअरी का महीना था पायल और छोटी एक बेड पे रजाई ओढरकर टी वि देख रहे था और मैं और मेरी सासु माँ एक बेड पे, मेरी सासु माँ मेरे पैर के तलवे को दबा रही थी क्यों की उस दिन दर्द हो रहा था, अचानक मेरा पैर उनके चूची को टच किया मेरा पैर उनके रजाई के अंदर था, फिर मैंने धीरे धीरे उनके चूच को टच करता, तभी पायल और छोटी निचे गयी किसी काम से तभी सासु माँ बोली क्यों दोनों से जी नहीं भरा, मैंने अवाक् रह गया, मैंने कहा क्या कह रहे हो सासु माँ, बोली हा मुझे पागल मत समझो मैंने देख रही हु आजकल छोटी भी चुद रही है आपसे.

तो मैंने कह दिया तो फिर आपका क्या ख्याल है, बोली ठीक है मुझे भी तो चाहिए, कब दे रहे हो, मैंने कहा आज रात को ही, बोली नहीं नहीं, एक काम करते है, कल सुबह छोटी और पायल को मसि के यहाँ भेजते है, किसी बहाने से वो शाम तक आएगी तब तक हम दोनों रास लीला करेंगे. मैं समझ गया ये साली भी बड़ी कुत्ती चीज़ है, वही हुआ सुबह उन्होंने दोनों को मसि के यहाँ भेज दी, और फिर सुरु हो गए खेल सास के साथ, सासु मा की चौड़ी गांड, बड़ी बड़ी चूच, चौड़ा पेट मोती चूतड़, भरा पूरा बदन मुझे कायल कर दिया, और उस दिन मुझसे दिन भर चुद्वाते ही रही, वो काफी एक्सपीरियंस थी, इस वजहस से व कामसूत्र का सारे पोज़ आजमाई, अब तो घर का गार्जियन ही चुद गयी और उन्हें पता भी था की मैं छोटी को भी आजकल चोद रहा हु, तो दर जिसका था हट गया, अब तो सिर्फ पायल नहाने जाती तो कुण्डी लगा देता छोटी को चोदने के लिए,

पर आजकल कुछ गड़बड़ हो गया है, पायल को सब बात मालूम हो गया है, की मैं तीनो को चोद रहा हु, तो पायल नाराज है आजकल मैंने सास को और छोटी को ही चोद रहा हु, आशा करता हु की मेरी कहानी आपको अच्छी लगी होगी, अगर अच्छी लगी हो तो निचे स्टार पे और फेसबुक पे लाइक जरूर करें प्लीज, आपका दोस्त मुकेश, दिल्ली से.

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