करवाचौथ में भाई ने पानी पिलाया मैं व्रत खोली और फिर रात भर चोदा


Bhai Bahan Karwachauth sex story, Brother Sister Real Sex Story, आज मैं आपको एक ऐसी कहानी सुना रही हूँ जैसा की शायद ही आपने पहले कही और कभी सूना होगा। आज मैं आपको अपनी एक सच्ची सेक्स स्टोरी सूना रही हूँ। ये मेरी पहली सेक्स कहानी है नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर, आज मैं आपलोगों के साथ अपनी चुदाई की कहानी शेयर कर रही हूँ। 


मेरा नाम पिंकी है। मैं राजस्थान के कोटा शहर में रहती हूँ। मेरा भाई जो मेरे से बड़ा है वो सरकारी नौकरी में है। वो अकेले ही रहता है उसकी बीवी उसको छोड़कर एक लड़के के साथ भाग गयी है। मेरी भी शादी हो गयी पर मेरा पति दुबई में रहता है। पिछले साल ही शादी हुई है तो अभी तक मैं इंडिया में ही रह रही हूँ। मेरे मम्मी पापा दोनों ही गाँव में रहते है। तो मैं कोटा में सिर्फ बहन भाई ही रहते हैं। 

करवा चौथ के दिन मैं व्रत रखी, दिन भर भूखी प्यासी रही और शाम को चन्द्रमा को अर्ध देखकर मोबाइल पर ही पति का चेहरा देखकर पानी पीती और व्रत तोड़ती। पर शाम के मेरी ज़िंदगी में भूचाल आ गया। मेरा पति मुझे बोला की मैं तुम्हे पसंद नहीं करता हु इसवजह से तुम मेरे लिए व्रत नहीं रखो तुम मेरी बीवी कम मेरी रखैल ज्यादा हो। अगर तेरे से  मेरा कुछ रिश्ता है तो सिर्फ चुदाई का है ताकि मैं जब भी इंडिया जाऊं तो मुझे एक स्लैब चाहिए जिसको मैं चोद सकूँ अपनी लंड को पेल सकू और इससे ज्यादा कुछ नहीं। 


और मैं एक शादी दुबई में करने वाला हूँ लड़की केरला की है वो नर्स है तो तुम भी अपनी ज़िंदगी को अपने तरीके से जिओ और बस इतना ध्यान रखो की तुम मेरे लिए सिर्फ एक चुदाई करने के अलावा कुछ नहीं हो। 

अब खुद सोचिये दोस्तों अगर कोई ऐसा बोल दे और वो भी आपका पति तो पा क्या करोगी। मुझे एकदम से रोना आ गया। मुझे लगा की यार ये क्या रिश्ता है ? कुछ भी ? कभी भी किसी को कुछ भी बोल दो और निकल लो। क्या मैं इस चूतिये के लिए ही अपनी जवानी बचा कर रखी थी ताकि ये मुझे चोद सके। दोस्तों सच बताऊँ तो रोना तो आ ही रहा था सबसे ज्यादा मैं गुस्सा थी की एक लड़की पूरी ज़िंदगी अपनी चूत की सील को बचा कर रखती है की अपने पति से ही तुड़वाउंगी पर मादरचौद इतना दोगला होता है आजकल के आदमी और लड़के की भावनाओं को भी नहीं समझता है। 

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तो रिश्ते कुछ भी नहीं है। जिसपर भरोसा करो वही चूतिया काटता है। तो रोना बंद की और नफरत से भर गयी। मेरा भाई खुद ही उदास बैठा था। क्यों की उसको भी लग रहा था जिसके लिए सब कुछ किया वो औरत आज तक लड़के से चुदवा रही है। करवाचौथ का व्रत रख रही है। मेरा भाई खुद गुस्से में थे। वो भी कह रहा था रिश्ते नाते सब अपने अपने फायदे के लिए होता है। 

मैं समझाने गयी बैठी उसके पास तो वो बोला मैं क्या करूँ मेरे प्यार में क्या कमी थी और मानसी को मेरे में क्या कमी दिखी थी जो वो मुझे छोड़कर चली गयी और अपने से छोटे लड़के से शादी करके। मैंने कहा देखो भाई इसमें तुम्हारा दोष नहीं है वो थी ही रंडी उसको चाहिए था लंड और मोटा वाला। मेरे भैया बोले बहन तुम ऐसी बोल रही है वो भी भाई के सामने तो मैं बोली बहुत हो गया भैया ये रिश्ते नाते। बस ज़िंदगी में आपको खुश कोई नहीं देखना चाहेगा सब लोग  अपनी खुशियां को देखता है। इसलिए रिश्ते नाते से दूर जाओ और एन्जॉय करो। 


आपके रोने से उदास रहने से कुछ नहीं होगा बस आप अपना खून जलाओगे। तो इससे बढ़िया है जब जैसा तब वैसा करो ज़िंदगी बहुत छोटी होती है इसलिए मजे लो भाड़ में जाये दुनिया और दुनियादारी और रिश्ते नाते। सब रिश्ते सिर्फ फायदे के लिए है। इसलिए आ मेरा दिमाग खराब हो गया है। आज मैं आपको वो सब सुख दूंगी को भाभी भी नहीं दी है। 


आज  मैं आपको देखकर व्रत तोडूंगी और फिर वो सुख दूंगी वो कभी  कल्पना में भी नहीं सोचा होगा। तो तैयार हो जाओ मैं भी तैयार हो जाती हूँ आज से खुल कर जियेंगे अपने लिए ना की किसी और के लिए। घर वाला ही काम देगा बहार वाला तो सिर्फ जिस्म का भूखा है। 

और मैं कपडे चेंज करने और सजने संवरने चली गयी और भैया भी नहाने गया। मैं तैयार हो गयी मेरे भाई भी तैयार हो गया। और हम मैं उनके हाथ को पकड़ कर छत पर ले गयी वो थोड़ा हिचकिचा रहा था पर मैं बोली अब पुराने रिश्ते को नया आयाम देते है और ज़िंदगी शुरू करते है। 


आज का दिन खाली नहीं जाने देंगे और हम दोनों छत पर पहुंच गए। चन्द्रमा को देखकर पूजा की और अपने भाई को तिलक लगाई और भाई ने पानी पिलाया और मैं व्रत तोड़ी और  उन्होंने मुझे गले लगाया और मेरे गाल पर पहला किस दिया। हम दोनों निचे आये।  तुरंत खाना आर्डर किये करीब तीस मिनट में खाना आया दोनों एक दूसरे को खाना खिलाया और खाये। 

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और भी बाहों में बाहें डाल कर बैडरूम में जाकर दरवाजा बंद कर दिए और दोनों भी बेड पर बैठकर एक दूसरे को निहारने लगे और फिर एक दूसरे को गले लगा लिए और फिर उन्होने मुझे चूमना शुरू किया मैं भी उनके जिस्म को सहलाना शुरू किया फिर हम दोनों ने एक दूसरे को होठ को चूसने लगे। 

दोनों का लिप लोक हो गया और एक दूसरे के जिस्म को सहलाने लगे। हम दोनों की साँसे तेज तेज चलने लगी। गरम गरम साँसे जब एक दूसरे में टकरा रही थी तो हम दोनों और भी ज्यादा कामुक हो रहे थे। और हम दोनों की बैचेनिया बढ़ रही थी। साँसे तेज तेज हो रही थी होठ सुख रहे थे। 

उन्होंने मेरे साडी का आँचल निचे किये और मेरी बूब्स की तरफ देखने लगा बड़ी बड़ी गोरी बूब्स को देखकर वो पागल होने लगा। वो पहले ऊपर से हाथ फेरा फिर ब्लाउज की हुक को खोलने लगा। और मैं भी मदद की ब्लाउज को खोलने में ब्रा पर आ गयी और उसने हाथ को पीछे कर के ब्रा का हुक जैसे ही खोला मेरी बड़ी बड़ी चूचियां उसके सामने आ गया। 

मेरी चूचियां बड़ी बड़ी है काफी टाइट है गोरी है निप्पल लम्बे है सेक्सी हूँ। मस्त हूँ हॉट हूँ। तुरंत ही उसने मसलना शुरू कर दिया और निप्पल को चूसना शुरू कर दिया मैं उसके बालों को सहलाने लगी और वो मेरी चूचियों के साथ मेरी जुल्फों के साथ खेलना शुरू कर दिया। जैसे जैसे आगे बढ़ रहा था मेरी चुत गीली हो रही थी मेरे पुरे शरीर में करंट दौड़ रहा था। 

मैं लेट गयी उसने मेरे होठ से चाटना शुरू किया मेरी बूब्स से लेकर मेरी नाभि तक मेरे पेट से खेला और सीधा मेरी चुत तक पहुंच गया। मेरी चूत काफी गरम हो गयी थी पानी पानी  था दोनों टांगो को अलग अलग करके। वो मेरी चुत को चाटने लगा। मैं ओह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ करने लगी। वो चुपचाप अपना जीभ मेरी चुत में घुमा रहा था। 

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मैं बोली तुम बहुत चाट चुके हो अब मुझे भी अपना लंड चाटने दो। उसने तुरंत भी मेरी मुँह में अपना लंड दे दिया और मैं चूसने लगी। करीब पांच मिनट में ही हम दोनों की अन्तर्वासना जाग गयी और फिर हम दोनों ही जन्नत की सैर को जाने के लिए तैयार हो गए मैं अपनी टाँगे फैला दिया अपने बाल बिखरा दिए और अपने हाथ से अपनी दोनों बूब्स को दबाने लगी। 

उसने अपना लंड मेरी चूत पर रखा और मेरी दोंनो चूचियों को कस के पकड़ा और दो से तीन झटके दिया और पूरा का पूरा लंड मेरी चुत में चला गया पहले धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा और फिर धीरे धीरे झटके बढ़ने लगे जोर जोर से धक्के देने लगा और कुछ ही देर में हम दोनों एक दूसरे को खुश करने लगे। 

वो धक्के देते मैं भी गांड घुमा कर उसके लंड को अंदर लेती वो कभी मेरे होठ को चूसता कभी हाथ में पीछे से चूतड़ को पकड़ता और  फिर मेरी गांड के छेद पर रखता और गांड में ऊँगली देते और ऊपर से मेरी चूत में लंड घुसाता। ओह्ह्ह्हह्हह दोनों मिलकर एक दूसरे को खुश करने लगे। कभी उप्पर से कभी निचे से कभी साइड से कभी उठा कर कभी बैठा कर जो जो पोजीशन में मजा आ रहा था वही हम दोनों कर रहे थे। 

करीब एक घंटे की चुदाई में हम दोनों का शरीर टूटने लगा और हम दोनों एक साथ झड़ गए। अद्भुत था करवाचौथ के दिन भाई के साथ चुदाई। ये मेरी कहानी आपको नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर कैसी लगी,  मैं अपनी दूसरी कहानी भी आपलोगों के साथ पेश करुँगी इसी वेबसाइट पर तब तक लिए आप मूठ मारिये मुझे याद करके।