पहले मम्मी चुदती थी अब मैं भी चुदती हूँ अब दोनों साथ चुदते हैं

Group Sex Story, Ma Beti Sex : आप भी जानिए माँ बेटी को चोदने साल शख्स कौन है और ये सब कैसे हुआ की मैं भी उन्ही से चुदने लगी जो मेरी माँ को चोदते थे। अब तो दो महीने से ऐसा हो गया की माँ बेटी दोनों साथ चुदते हैं। पूरी कहानी आपको नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर सुनाने जा रही हूँ। ये मेरी पहली कहानी है और आशा करती हूँ आज मैं अपनी जिस्म की आग को आपके सामने बयां कर पाऊं।

मेरा नाम सुमि है और मेरी माँ का नाम रेखा। मेरी उम्र अभी अठारह साल है और मेरी माँ की उम्र मात्र 36 साल। मेरी माँ बहुत ही हॉट और सेक्सी है। और मेरा या कहना दोस्तों मेरी गांड की उभार बाहर की तरफ है। मेरी चूचियां हॉट और टाइट है गोरी हूँ सेक्सी हूँ कच्ची कली हूँ।

मेरी माँ हॉट और चुड़क्कड़ किस्म की औरत है। जो की अपने पति से संतुष्ट नहीं है और गैर मर्द से चुदवाती है। चुदवाने का कारन भी है। जब सगा मर्द चोद नहीं पाए तो औरत क्या करे? यही मेरी मम्मी के साथ है। मम्मी तभी चुदवाने लगी अंकल से जब पापा चोद नहीं पा रहे थे। जैसे ही मम्मी की चूत में लंड डालते सारा माल तुरंत ही गिर जाता और मम्मी तड़पती ही रहती और फिर धक्के दे देती पापा को। ऐसा मैं करीब १ साल से देख रही थी।

और यही देखते देखते जवान हो गयी यानी की अठारहवीं साल में लग गयी। उसके बाद मम्मी का टांका निचे रहने वाले कपिल अंकल से हो गया। कपिल अंकल पर माँ मेरी जान छिड़कती थी। धीरे धीरे कपिल अंकल और मेरी मम्मी में काफी दोस्ती हो गयी। और फिर माँ का रिश्ता आगे बढ़ गया।

इस वक्त पापा का काम भी चल पड़ा था इसलिए कभी तो दिल्ली से बाहर तो कभी तीन तीन दिन फैक्ट्री में घर भी नहीं आते जाते थे। और इसी का मौक़ा मिला मम्मी और अंकल को दोनों करीब आ गए।

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कब कैसे हुआ मेरी मम्मी और अंकल में जिस्मानी रिस्ता कायम अब वही बताने जा रही हूँ।

एक दिन की बात है पापा चंडीगढ़ गए काम से घर में मैं थी और मम्मी। अंकल की वाइफ नाईट ड्यूटी करती है तो वो चली जाती है वो एयरपोर्ट पर जॉब करती हैं। तो शाम को अंकल घर पर आये और बोले आज मैं पार्टी दूंगा। मम्मी भी खुश हो गयी और मैं भी खुश गयी।

फिर उन्होंने आर्डर किया और ढेर सारा खाना आया। खाने के साथ साथ एक बोतल भी लाये थे। मुझे अलग खाना दिया क्यों की वो मम्मी और अंकल दारू पीने वाले थे। तो मैं मजे में पहले उनलोगों के साथ खाई और फिर प्लेट में लेकर अपने कमरे में चली गयी और खाना खाकर मैं नेटफ्लिक्स पर एक हॉट सीरीज देखने लगी और अपनी चूचियां सहलाने लगी। इंट्रेस्टिंग था इसलिए बाहर क्या हो रहा है कुछ ध्यान भी नहीं दिया अपने कमरे का दरवाजा बंद कर दी थी।

करीब बाहर बजे उठी हलके से दरवाजा खोली तो लाइट बंद थी खाने का प्लेट और शराब की बोतल गिलास वैसे ही टेबल पर था। जब मम्मी के कमरे में झांक कर देखि। तो दंग रही गयी। मेरी मम्मी के पकडे एक एक करके खोल रहे थे अंकल। मैं वही अंधरे में बैठ गयी अब्ब मुझे वह से सब कुछ साफ़ साफ़ दिखाई दे रहा था।

सबसे पहले दोनों ने जमकर एक दूसरे को चूमा फिर एक एक करके सारे कपडे उतार दिये। मम्मी की बड़ी बड़ी और गोल सॉलिड चूचियां को अंकल पकड़ रहे थे पी रहे थे निप्पल को काट रहे थे दांतो से। कभी चूत सहलाते तो कभी गांड सलाते कभी होठ चूसते तो कभी गर्दन पर चूमते मेरी माँ बाल हिलाती हुई नखरे दिखाती और फिर सहयोग करती।

धीरे धीरे एक दूसरे को करिब्ब आ गए मम्मी मेरी अपना जीभ अंकल के मुँह में डाल दी। अंकल मम्मी के जीभ को चूसने लगे। फिर अंकल डालते जीभ और फिर मम्मी चुस्ती फिर चूचियां दाबते फिर पीते फिर गांड में ऊँगली करते। उसके बाद मम्मी लेट गयी बेड पर।

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अंकल ने मम्मी के टांगो को अलग अलग किया और मम्मी की चूत चाटने लगे मम्मी अंकल के बाल पकड़ कर चटवाने लगी मम्मी आह आह आह ओह्ह ओह्ह ओह्ह करने लगी। मेरी चूत गरम होने लगी मम्मी की आवाज सुन सुनकर। फिर अंकल ने अपना मोटा लौड़ा मम्मी के दोनों चूचियों के बिच में देकर ऊपर निचे करने लगे उस समय मम्मी दोनों चूचियों को सकता रही थी। फिर मम्मी ने अंकल के लंड को चूसने लगी।

दोनों कामुक हो गए थे। अब अंकल ने अपना लौड़ा मम्मी के चुत पर लगाया और जोर से घुसा दिया मम्मी खुद ही अपनी चूचियां दबा रही थी और अंकल जोर जोर से पेल रहे थे। दोनों आ आह आ ह अहा ओह्ह्ह ओह्ह्ह ओह्ह उफ़ उफ़ की आवाज निकल रहे थे।

कभी मम्मी ज्यादा कामुक हो जाती तो कभी पापा। दोनों एक दूसरे को खुश कर रहे थे। करीब एक घंटे तक दोनों एक घंटे तक किये फिर नंगे ही सो गए। मैं तुरंत ही अपने कमरे में गयी और अपना सारा कपड़ा उतार कर तुरंत ही चुत में ऊँगली डाल डाल कर पानी पानी हो गयी। और फिर झड़ गयी और रात भर अंकल की याद में ही सो गयी.

सुबह उठी तो मेरी मम्मी बहुत खुश थी। मुझे पता था ख़ुशी का वजह। मुझे देखि तो बोली बेटी लगता है रात में नींद नहीं आई क्या। मैं चुप रही।

शाम को मम्मी को अपने पापा के यहाँ जाना पड़ गया जरुरी काम से बोली सुबह आउंगी। मैं बोली ठीक है। फिर क्या था दोस्तों मैं रात के करीब ११ बजे अंकल को फ़ोन की की डर लग रहा है। वो तुरंत ही आ गए। और फिर धीरे धीरे करके उनके करीब जा पहुंची और ऑफर कर दी अपनी पहली चुदाई का। अंकल भी बेटीचोद निकला। तुरंत ही मुझे पटक दिया और फिर मेरी छोटी छोटी चूचियों को मसलने लगा।

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फिर चूत चाटने लगे। मैं भी उनके लंड को पकड़ ली और फिर चाटने लगी। धीरे धीरे उन्होंने मुझे अपनी आगोश में ले लिया और फिर क्या था नन्ही से चूत में मोटा लौड़ा पेल दिया। दर्द तो बहुत हुआ पर करती क्या चुदना चाह रही थी तो दर्द को बर्दास्त कर ली।

पूरी रात उन्होंने मुझे चोदा सुबह मैं सही से चल भी नहीं पा रही थी। दर्द हो रहा था टांगो में चूत में बूब्स में होठ भी काट लिए थे। गांड में ऊँगली डाली तो वह भी दर्द कर रहा था। पर दोस्तों शाम होते होते सब ठीक हो आया। तब तक मम्मी भी आ गयी थी।

रात में मम्मी फिर से चुदवाने ले। अब्ब तो मम्मी रोजाना चुदती थी। पर मैं भी अंकल से रोजाना चुदने लगी पार्क घूमने के बहाने घर से बाहर जाती और अंकल के घर चली जाती 10 मिनट में ही चुदवा लेती क्यों की आंटी तो 5 बजे ही चली जाती थी।

धीरे धीरे ये बात मेरी मम्मी को पता चल गया। तो मुझेः बहुत डांटने लगी। और फिर हम दोनों में लड़ाई हो गयी। मैंने कह दिया पापा को बोल दूंगी सब बात तो तो डर गयी। उसी दिन से अब मुझे चुदने से नहीं रोकती थी। फिर एक दिन ऐसा हुआ मम्मी के लिए एक सोने का चेन लेकर आये अंकल और फिर उसी दिन ही मम्मी के साथ मुझे भी चोदने लगे।

अब मैं माँ बेटी साथ में ही चुदती हूँ।