रात को गलती से ससुर जी ने चोद दिया

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मैं २४ साल की हूँ। घर में पति के अलावा मेरी सास और ससुर रहते हैं। शादी के आठ साल हो गए पर अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ है। सास ससुर और पति मुझे बहुत प्यार करते हैं। मैं राजस्थान की रहने वाली हूँ। कल रात कैसे ससुर जी ने मुझे गलती से चोद दिया वही बताने जा रही हूँ। ये कहानी मेरी सच्ची कहानी है। जब से ये वाकया मेरे साथ हुआ है तब से सोच रही हूँ क्यों ना अपने मन को हल्का कर लूँ अपनी कहानी कहकर। ये बात किसी और को बताती तो शायद अच्छा नहीं रहता इसलिए मैं सोची की क्यों ना नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर ही अपनी पूरी कहानी आप सभी दोस्तों को बताऊँ। क्यों की मैं भी इस वेबसाइट पर रोजाना आती हूँ आप सबों की सेक्स कहानियां पढ़ने के लिए।

कल रात को करीब 10 बजे की बात है। मेरी सास पड़ोस में जागरण हो रहा था वो वही गई थी बोली थी की बाबूजी को बता देने के लिए क्यों की वो मार्किट गए हुए थे। और मेरे पति अपने दोस्तों के साथ हरिद्वार गए थे। शाम को कपडे धोई थी तो मेरे सारे कपडे गीले थे इसलिए रात को मैंने माँ जी का ही घागरा पहन ली थी। मेरे कपडे और माँ जी के कपडे का नाप एक जैसा ही है तो सोची क्यों ना पहन लेती हूँ। माँ ही बोली थी तू मेरे कपडे पहन ले।

मैं अंधरे में ही खाट पर पड़ी मसाले डब्बे में रख रही थी लाइट नहीं मैं झुक कर अपना काम कर रही थी। तभी मुझे पीछे से पकड़ लिए मुझे लगा की शायद पति देव आये हैं तो मैं चुपचाप ही रही थोड़े गुस्से दिखा रही थी इसलिए कुछ भी नहीं बोली। उन्होंने घागरा उठाने लगे तो लगा रोकना ठीक नहीं है चार दिन से बाहर थे। मैं काम करते रही बिना कुछ बोले और उन्होंने मेरी घागरा उठा दी मैं झुकी हुई थी। तभी उन्होंने अपना लंड निकाला और फिर मेरी चूत में डाल दिया। और जोर जोर से धक्के देने लगे मुझे चोदने लगे। उनका लंड मोटा था और काफी टाइट भी था तो मैं कुछ बोलने ही वाली थी की उन्होंने बोला चुप रह बहु आ जाएगी, चोदने दे मुझे। मुँह से शराब की बू आ रही थी। मैं समझ गई की बाबूजी हैं और मुझे माँ जी समझ कर चोद रहे हैं। तभी मैं एक झटके से खड़ी हो गई।

बोली बाबूजी आप ?? वो बोले बहु तुम ??? अब क्या बताऊँ दोस्तों मैं काठ की तरह हो गई थी। लग रहा था क्या करूँ क्या बोलूं, वो भी अपना लंड धोती के अंदर करते हुए चुपचाप खड़े हो गए। लड़खड़ाती आवाज से बोले गलती हो गई बहु मुझे ऐसा नहीं करने चाहिए था। मुझे लगा की आपकी सास है तो सोचा की जब तक आप कही और हो तब तक मैं चोद लूँ आपने कपडे भी उन्हीं के पहने हुए हो तभी लगा की आपकी सास है।

तो मैं बोली वो जागरण में गए हैं। और वो अभी तक हरिद्वार से नहीं आये हैं। तो ससुर जी ने पूछा की जागरण कब ख़तम होगा तो मैं बोली पूरी रात की जागरण है कलाकार भी आये हैं झांकी भी निकलेगी खाना पीना भी वहीँ है माँ बोली सुबह ही आउंगी। और मैं वह से चली गई। और बोली हाथ मुँह धो लो खाना निकालती हूँ मैं रसोई में चली गई वो हाथ मुँह धोकर खाना खाने आ गए मैं खाना दे दी। वो चुपचाप खाना खा लिए उसके बाद मैं भी खाना निकाल कर खा ली। मैं सारा काम आकर कर। उनके लिए दूध और दबाई लेकर उनके कमरे में गई वो चुपचाप कुछ सोच रहे थे।

जैसे मैं अंदर गई वो बेड पर बैठ गए। तकिये के निचे से उन्होंने एक सोने का कंगन निकाला और मुझे दे दिया उन्होंने बोला पहन ले। आज ही मैंने किसी से ख़रीदे हैं उसको पैसे की जरुरत थी २ लाख का कंगन मुझे सिर्फ एक लाख में मिल गया है। तू पहन ले मैं तो तुम्हारे सास के लिए लाया था पर अब तू रख। मैं खुश हो गई। बोली माँ जी कुछ बोलेगी तो नहीं तो उन्होंने कहा नहीं नहीं मैं कह दूंगा मैंने दिया है मुझे शौक था बहु को देने के लिए।

उन्होंने कहा पर बहु ये बात किसी को बताना नहीं जो अभी एक घंटे पहले हुआ था। नहीं तो हम दोनों की नाक कट जाएगी। मैं बोली ना बाबूजी आप चिंता नहीं करो मैं किसी से नहीं कहूँगी आपने तो मेरी मुँह ही बंद कर दिया है कंगन को देकर। इतना बोलते ही बाबूजी बोले तो फिर आज कोई घर में नहीं है सिर्फ आज के लिए तू मेरे साथ सो जा। ऐसे और भी कंगन ला कर दूंगा। मैं सोची चोदना था तो उन्होंने चोद ही लिया अब तो बस एक रात की बात है मुझे और भी कंगन मिल जायेंगे तो क्यों ना और भी चुदवा लूँ। मैं बोली पर बस आज रात के लिए।

बाबूजी बोले हां हां बिलकुल आज रात के लिए ही बस. असल में जब मैंने तुम्हारे चूत में लंड घुसाया तो तेरा चूत काफी टाइट था और तुम्हारे सासु माँ का चूत काफी ढीली है। जब मैं तुम्हे चोद रहा था तो लगा था इतनी टाइट चूत कैसे हो गई तो सोचा हो सकता है शराब के नशे में ऐसा लग रहा हो। मुझे तो ऐसी टाइट चूत के लिए दस कंगन भी देने पड़े तो कोई बात नहीं मैं तैयार हूँ। उसके बाद मैं बाहर गई में दरवाजा बंद की तभी बाबूजी वह आ गए और मुझे अपनी बाहों में ले लिए। बाबूजी बड़े ही शरीर से मजबूत है और मुछे बड़ी बड़ी रखते हैं सच बताऊ तो साठ साल में भी वो सभी जवान लड़के को फेल करने वाले हैं। क्यों की मैंने अपने सास को चुदते देख चुकी हूँ कैसे वो उस दिन कह रही तो छोड़ दो मुझे छोड़ दो।

दोस्तों उसके बाद क्या बताऊँ मैं खुद ही उनको अपने कमरे में ले गई। और फिर अपनी घागरा चोली उतार दी उन्होंने भी धोती पगड़ी और करता उतार दिया। उनका लंड मोटा हो गया था। काफी लंबा भी था। वो मुझे पकड़ लिए और मेरी चूचियों को पीने लगे। मैं उनके बाल पकड़ पर सहलाने लगी। फिर वो मुझे निचे बैठा दिए और अपना लौड़ा मेरी मुँह में दे दिए। मैं उनके लंड को चूसने लगी वो आह आह करने लगे। वो मेरे बाल को पकड़कर अपने लौड़े को मेरे मुँह में अंदर बाह्रर करने लगे. करीब पांच मिनट के बाद वो मुझे बेड पर जाने बोले।

मैं बेड पर लेट गई। वो निचे ही खड़े रहे और मुझे खींच कर अपने पास लाये मेरे दोनों पैरों को अलग अलग किया और अपना लौड़ा निकला कर घुसा दिए। वो बोले आज मुझे रोकना नहीं पूरी रात क्या पता मौक़ा मिलेगा की नहीं। और वो मुझे चोदने लगे। दोस्तों वो जोर जोर से धक्के दे रहे थे और पूरा पलंग हिल रहा था चों चों की आवाज आ रही थी। वो मेरी चूचियों को मसल रहे थे और जोर जोर से धक्के दे रहे थे।

उसकी बाद मैं फिर से सीधी हो गई अब वो पलंग पर आ गए और मेरे ऊपर चढ़ गए होठ ही चूस रहे थे और लौड़ा घुसाए जा रहे थे। दोस्तों क्या बताऊँ पहली बार मुझे मोटा लौड़ा से चुदने का सौभाग्य प्राप्त हुआ क्यों की पति का लौड़ा छोटा है। मैं भी खूब मजे ले ले कर चुदवाने लगी। वो फिर मेरी गांड मारने लगे। पहले तो दर्द हो रहा था पर उन्होंने तुरंत ही घी लगा दिए मेरी गांड पर और वो अपनी लंड पर अब उनका लंड मेरी गांड में आराम से जाने लगा था वो फिर मेरी गांड मारने लगे थे। मेरा गोरा बंद और गोल गोल बड़ी मोटी गांड और वो भी जवान लड़की की देखकर मचल गए थे। वो कह रहे थे मुझे जन्नत मिल गया है.

बहु तू कितनी अच्छी हो। और वो गांड मार रहे थे। अब मुझे जोर से चुदवाने का मन करने लगा. क्यों की मेरी काम वासना जाग्रित हो गई थी। मैं उनको कहा आज पूरी रात मुझे चोदो। और अब मैं खुद से उनके लौड़े को अपनी चूत में ले ली और चुदवाने लगी जोर जोर से। पलंग और तेज से चों चों करने लगा। और ससुर बहु की कामुकता भरी बाते और दोनों की सिसकारियां निकलने लगी। एक दूसरे को पूरा सपोर्ट कर रहे थे। और फिर उन्होंने जोर जोर से चोदना शुरू कर दिया और फिर एक लम्बी आवाज निकालकर पूरा माल मेरी चुत में डाल दिए। और फिर दोनों उसकी बेड पर सो गए।

हम दोनों तब उठे जब माँ जी मेन गेट से बुला रही थी। हम दोनों जल्दी उठे सुबह के करीब पांच बज गए थे वो अपने कमरे में चले गए सोने का नाटक करने और मैं दरवाजा खोली।

इस तरह से उन्होने चुदाई की शुरआत गलती से की थी और फिर पूरी रात की चुदाई हो गई थी। आपको नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम मेरी कहानियां पढ़ने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.

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