पापा जिस तरह चुदाई करते थे वैसा मुझे भी चुदने का आदत हो गई

Hot Teen Sex Story in Hindi : जी हां आपने सही पढ़ा! मैं ऐसी लड़की हूँ जिसको करवाने का नशा है। बिना चुदाई रह नहीं पाती हूँ। मेरी भूख और प्यास लंड है जो मेरी चुत की गर्मी को शांत कर सके। मैं आपको अपनी पूरी कहानी इस वेबसाइट पर यानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर बताउंगी। आखिर मुझे ये सब आदत कैसे लग गया और कैसे मैं आजकल अपनी चूत की गर्मी को शांत कर रही हूँ और अगर जिस दिन नहीं चुदती हूँ उस दिन मेरे साथ क्या होता है। आप मेरी पूरी कहानी पढ़ेंगे। ये मेरी सच्ची सेक्स कहानी है।

पहले मैं अपने बारे में बताती हूँ –

मेरा नाम रितिका है। मैं दिल्ली की रहने वाली हूँ। बचपन में मुझे सेक्स से नफरत था इसका कारण यह था की। मेरे पापा मेरी मम्मी को खूब चोदते थे। मेरी मम्मी सह नहीं पाती थी। पापा की चुदाई जबरदस्त होती थी, मैं बस बस करने लगती थी। कभी चूत कभी गांड जिधर मन उधर पेल रहे होते थे। और मैं सब देख रही होती थी दुबक के। बचपन में तो डर लगता था पर धीरे धीरे जब जवान हुई तो वैसे ही चुदाई की चाहत रखने लगी। मुझे लगता था मुझे भी वैसा ही कोई चोदे जैसे मेरे पापा मम्मी को चोदते थे।

जब भी किसी मर्द को देखती मेरी चूत गीली होने लगती। जब भी किसी लड़के को देखती तो सबसे पहले उसके पेंट और लंड के तरफ निहारती। जिसका लंड मोटा होता था उसके तरफ तो मर मिटती थी क्यों की जीन्स या पेंट के ऊपर से ही फुला हुआ लगता था तो पता चल जाता था उसका लौड़ा कितना मोटा है। धीरे धीरे कहानियां पढ़ने लगी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम। इस वजह से और भी ज्यादा कामुक हो गई।

उसके बाद अपना शिकार ढूंढने लगी। पर आसान नहीं था। फिर मैंने एक दिन प्लान बनाया। मेरे पड़ोस में एक अंकल रहते हैं वो बहुत ही ज्यादा पढ़े लिखे हैं। उनका कंप्यूटर का ही काम है सब काम विदेश का है वो घर से ही काम करते हैं। मैंने अपनी मम्मी को बोली, मम्मी जी १२वी हो गया है आप मुझे कुछ अच्छा सा काम सिखवा दो। जैसा वो अंकल करते है। देखो उनके पास सब कुछ है वो अपने घर से ही काम करते हैं। मम्मी को ये बात जम गई। मम्मी को लगा की वो अगर अपने पास रख लेते हैं तो इस लड़की की ज़िंदगी बन जाएगी और मुझे लगा की मर्द तो मर्द होता है। चुदवा लुंगी अपनी चूत की गर्मी कम कर लुंगी लोग शक भी नहीं करेगा और मेरा काम भी हो जाएगा।

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एक दिन मम्मी और मैं उनसे मिलने चली गई वो बड़े ही अच्छे और नेक इंसान निकले मुझे रख लिए सिखाने के लिए। मम्मी भी खुश और मैं भी खुश। उनके घर में उनकी बीवी और वो रहते थे बीवी भी बैंक में थी तो वो 9 बजे ही चली जाती थी। दूसरे दिन से ही आना पक्का हो गया। मैं जाने लगी। वो मुझे काम भी सिखाने लगे और ज़िंदगी चल पड़ी। पर दोस्तों आपको भी पता है मैं कुछ और काम से आई थी।

धीरे धीरे उनपर डोरे डालने लगी। अपना बदन दिखाने लगी। रोजाना एक से एक ड्रेस पहनती और मैं उनके घर में दुप्पटा तो कभी नहीं लेती और डीप गला का सूट पहनती थी। और जब टॉप पहनती थी तो बड़ा गला का और हमेशा उनके सामने झुकते रहती थी। कौन बर्दास्त कर सकता है इतना एक जवान और खूबसूरत लड़की को देख कर धीरे धीरे बात आगे बढ़ गई और उन्होंने मुझे सेक्स के लिए कह दिया। मैं भी हां कह दी।

वो मेरे करीब आये और मुझे अपने गले से लगा लिया। मुझे किस करने लगे। और मैं भी उनको साथ देने लगी। दोस्तों पहले दिन तो ज्यादा कुछ नहीं हो पाया क्यों की उनके यहाँ कंडोम नहीं था। आप खुद ही सोचिये एक अठारह साल की लड़की बिना कंडोम के कैसे चुदवा सकती है। पर मैं तो तैयार थी पर वो तैयार नहीं थे। इसलिए तो आजकल का ट्रेंड है अपने से डबल उम्र के मर्दो से इश्क करना ताकि कोई जोखिम नहीं हो।

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उस दिन उन्होंने जम का चूमा चूचियां दबाई। गांड में ऊँगली किया चूत सहलाया। अपने गोद में बैठाया। दूसरे दिन तो मैं भी तैयार ही चुदने को और वो भी चोदने को आतुर थे। उन्होंने कंडोम लाया और सुंबह ही अच्छे से तैयार हो गए। मैं भी तैयार हो गई और दस बजे उनके घर पर पहुंच गई। पहुंचते ही उन्होंने मेरा वेलकम किया और फिर में गेट बंद दिया और मुझे अपनी बाहों में ले लिए और गरम गरम साँसे हम दोनों की चलने लगी।

उन्होंने मुझे चूमते चूमते बेड पर धकेल दिया और मेरे कपडे खोलने लगे। मैं भी मना नहीं की बल्कि अपने कपडे उतारने में उनकी मदद ही कर दी। उन्होंने मेरे निप्पल को मुँह में लेना शुरू ही किया की मैं वाइल्ड ही गई। मैं उनके होठ चूसने लगी लंड पकड़ लिए उनके भी कपडे उतार दिये। अब कभी मैं निचे कभी वो निचे दोनों एक दूसरे को टटोल रहे थे सहला रहे थे किस कर रहे थे।

दोस्तों असली मजा तो तब आने लगा जब वो मेरी चूत चाटने लगे। मैं उनके सर को पकड़ पर अपने चूत में रगड़ रही थी। वो आह आह आह अहा कर के चूत चाट रहे थे मैं बार बार पानी छोड़ रही थी। वो मेरी चूत की पानी को पि रहे थे। मैं पसीना पसीना हो गई। मेरी चूत में आग लग चुकी थी। मैं पागल हो रही थी मुझे अब लंड चूत में चाहिए था।

मैंने अपने टांग को अलग अलग कर दी और इशारा कर दी घुसाने के लिए। वो अपना मोटा लंड पर कंडोम लगाए और मेरी चूत पर अपना मोटा खंडा सेट किया और जोर से पेल दिए। पूरा लौड़ा मेरी चूत में समां गया और वो जोर जोर से चोदने लगे। मैं भी गांड घुमा घुमा कर उनका साथ देने लगी। वो मेरी चूचियों को मसल रहे थे। मेरे होठ काट रहे थे निप्पल दांत से दबा रहे थे।

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मैं कामुक हो गई थी मेरे से रहा नहीं जा रहा था। वो धीरे धीरे चोद रहा थे पर मुझे ताबड़तोड़ अंदर बाहर चाहिए थे। मैंने उनको बोला जोर से जोर से और जोर से और जोर से। अब वो भी फॉर्म में आ गए। मै सेक्सी आवाज निकालने लगी इससे वो और भी ज्यादा जोश में आ गए और जोर जोर से मुझे चोदने लगे.

कर्रीब एक घंटे तक उन्होंने मेरी चूत फाड़ी तब जाकर मैं शांत हुई। दोस्तों शुरआत होते ही अब रोजाना दो बार मैं चुदने लगी वाइल्ड तरीके से। अब वो सेक्स शक्ति की दबाई खाकर मेरी चुदाई करने लगे दो दो घंटे तक तब भी मैं शांत नहीं हो पा रही हूँ। मुझे जितना चोदते है पर मुझे शांति नहीं मिल रही थी। मुझे और लंड चाहिए। मैं अब जुगाड़ में हूँ और भी लड़के या आदमी को ढूढ़ रही हूँ ताकि मेरी चुदाई कर सकते।

मैं जल्द ही अपनी दूसरी कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर लिखने वाली हूँ। nonvegstory.com की सेक्स कहानियां बड़ी हॉट और सेक्सी होती है।