मेरी छोटी बहन चुड़क्कड़ नंबर वन एक सच्ची कहानी

loading...

मेरा नाम राज है। आज मैं आपको अपनी सेक्स कहानी सुनाने जा रहा हूँ। ये कहानी मेरी छोटी बहन पुष्पा के बारे में है। वो इतनी चुड़क्कड़ है बता नहीं सकता दोस्तों इसलिए आज मैं उसकी कहानी आपको नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर सुनाने जा रहा हूँ। कैसे वो मेरे से चुदवाती है तरह तरह से

loading...

बता नहीं सकता। मैं चोद चोद कर उसका चुत फाड दिया, चुत उसका फैला हो गया है। पर वो चुदाई में ऐसी हो गई है रोजाना कहती है चोदने अब आप ही बताओं दोस्तों मैं क्या करूँ। कभी कभी सोचता हूँ ये गलत है मुझे नहीं चोदने चाहिए पर वो नहीं मानती है और मेरे से रोजाना चुदाई करवाती है। पर अब मैं भी सोच लिया हूँ जब तुम्हे शर्म नहीं तो मुझे कैसा शर्म अब मैं भी रोज पेलाई करता हूँ। ये शुरुआत कहा से हुई वो अब मैं बताने जा रहा हूँ।

इस कहानी की शुरआत हुई थी नए साल से। नए नए साल में वो अपने दोस्तों के साथ न्यू ईयर पार्टी मनाने गई। पर उस रात को उसकी दो सहेली ने चुदाई करवाई थी अपने बॉयफ्रेंड से वो भी शराब के नशे में। पुष्पा को पूरी कहानी सुनाई कैसे उसने चूचियां दबाया कैसे उसने चूमा कैसे उसने गांड में ऊँगली डाली कैसे चुत में पूरा लंड डाला। ये सब सुनने के बाद वो बौखला गई शायद उसको हिस्टीरिया हो गया वो चुदना चाहने लगी। क्यों की रात को एक बजे घर आई जब मम्मी पापा सो गए थे। असल में मम्मी पापा दोनों ही उसको बहुत छूट दे रहे। उसको कही भी आने जाने से मना नहीं करते वो समझते है कुछ नहीं होगा। पर उसने गलत संगत बना ली ,रात को जब एक बजे घर पहुंची तभी मैं भी पहुंचा था। मैं उस समय अपने कपडे बदल रहे थे सोने के लिए तो जाँघियां ही पहना था। और कहानियां पढ़ा था और कुछ वीडियो देखा था उस समय तो मेरा लौड़ा खड़ा था।

.वो अचानक से अंदर आ गई तो संभलने का और ढकने का मौक़ा नहीं मिला और वो मुझे अच्छी तरह से देख ली की मेरा लौड़ा खड़ा है। वो अपनी सहेली से सुनकर आई थी की उसके फ्रेंड का लौड़ा इतना बड़ा इतना मोटा है तो वो शायद ज्यादा ही ध्यान देने लगी थी। वो आकर बोली
क्या कर रहे हो ? रात के एक बजे
मैं : कुछ भी तो नहीं
पुष्पा: फिर तुम नंगे क्यों हो और तेरा औजार खड़ा कैसे है ?
मैं : अरे यार अभी मैं कपडे पहन रहा था इसलिए
पुष्पा : मैं सब समझ रही हूँ। तुम ब्लू फिल्म देख रहे थे
मैं : तो कौन सी बड़ी बात है सभी देखते हैं
पुष्पा : फिर तुम अभी मूठ मारने वाले था क्या ? क्यों की तू अपने लौड़ा को हिला रहा था।
मैं: देख पुष्पा तुम हद से बढ़ रही हो। बहन अपने भाई से ऐसे सवाल नहीं करती।
पुष्पा : तो बहन बाहर गांड मरा कर आये ये तुम्हे अच्छा लगेगा।

मैं करीब जाकर देखा तो उसके मुँह से वोडका की बू आ रही थी। मैं समझ गया की वो शराब पीकर आई है। मैं बोला ये क्या करके आई है शराब पीकर आई है तो वो बोली बस ये समझ ले चुद कर नहीं आई क्यों की मेरी दो सहेली मेरे सामने ही कमरे में चुद रही थी और मैं बाहर उसकी सिसकारियां सुन रही थी। वो बोली क्यों ना तुम मुझे चोद दो नए साल में कुछ नया होने चाहिए। मैं बाहर चुदुँ इससे बढ़िया तो तुम ही मुझे चोद दो और घर का माल घर में ही रह जाये रिस्क भी नहीं है घर की बात है आराम से चुदाई करेंगे। कोई ब्लैकमेल भी नहीं करेगा और चुदाई भी होगी।

दोस्तों मुझे लगा की अगर मैं इसको नहीं चुदुँगा तो ये कही और से चुदवा लेगी। जब ये खुद ही कह रही है तो क्या ना इसकी चुत फाड़ दूँ। तो मैं बोला ठीक है मैं चुदाई करूंगा तुम्हारी पर ये ध्यान रखना बाहर कही चुदोगी नहीं। वो बोली मैं क्यों करुँगी जब घर में मेरी वासना को शांत कर दोगे तो।

दोस्तों यही से शुरू हो गई हम दोनों की चुदाई की कहानी। वो तुरंत ही मुझे पकड़ ली और जैसे उसकी सहेली बताई थी वैसे ही मुझे चूमने लगी। वो खुद ही मेरा हाथ पकड़ कर अपनी चूचियों पर रख दी। मैं उसके चूचियों को दबाने लगा। वो मुझे अपनी बाहों में भर ली और अपनी चूत मेरे लंड में रगड़ने लगी। मैं भी जोश में आ गया और मैं भी उसको पटक दिया पलंग पर और चढ़ गया उसके ऊपर।

मैं तुरंत ही उसके कपडे उतार दिए। ब्रा खोल दिया और बूब्स को दबाने लगा और निप्पल को मुँह में ले लिया वो होश खो बैठी उसके आँख बंद होने लगे मुँह खुला का खुला ही रह गया। वो अपने में समेट रही थी मैं भी अपनी बाँहों में ले रहा था फिर मैं उसका जीन्स ही खोल दिया लाल रंग की पेंटी पहनी थी। पेंटी बड़ी सेक्सी थी। मैं पेंटी को सुंघा तो चुत की खुसबू और पेशाव की खुसबू आई तो मैं और भी ज्यादा कामुक हो गया। मैं तुरंत ही उसकी चढ्ढी उतार फेंकी और लगा चुत चाटने। वो अब चुत चटवाने लगी। मुँह से आह आह आह की आवाज निकल रही थी। मैं चूत भी चाट रह था और चूचियां भी दबा रहा था। वो काफी सेक्सी हो गई थी अब कह रही थी चोद मुझे चोद बहनचोद।

मैं अपना लौड़ा निकाल कर उसके मुँह में दे दिया और बोला पहले चूस इसे वो मेरे लंड को चूसने लगी। करीब पांच मिनट लौड़ा चूसने के बाद मैं उसके चूचियों पर अपना लौड़ा रगड़ने लगा। फिर उसके दोनों पैरों के बिच बैठ पर कमर पर उसके तकिया लगाया और लौड़ा का सुपाड़ा उसके चूत पर सेट किया और जोर से घुसा दिया वो आह आह आह करने लगी। पूरा लौड़ा उसके चुत में समा गया अब मैं जोर जोर से धक्के दे दे के अंदर बाहर कर रहा था। उसकी चूचियां हरेक झटके पर आगे पीछे हो जाती ये नजर मजेदार था।

उसको उलट कर पलट कर खड़ा होके बैठ कर खूब चोदा सुबह के करीब तीन बज गए थे। फिर हम दोनों सोये। दोस्तों उस दिन के बाद से तो ये हाल हो गया उसको मेरा लौड़ा ही चाहिए। वो जब भी मौक़ा मिलता है वो मुझे चोदने कहती है। उसका चुत आज बारह दिन में फैला हो गया है लगातार बारह दिन से चोद ही रहा हूँ। पर ख़ुशी इस बात की है की घर का माल घर में ही रह गया है।

loading...

Hindi Sex Story

Hindi Sex Stories: Free Hindi Sex Stories and Desi Chudai Ki Kahani, Best and the most popular Indian top site Nonveg Story, Hindi Sexy Story.