मेरे आफिस की सहकर्मी आंटी की चुदाई 1

Office Sex, Office sex kahani, हेलो दोस्तो केसों फिर से आप के लिए एक नई कहानी लेकर हाजिर हु जो दोस्त लोग मेरा नाम नही जानते है उन्हें बता दु मेरा नाम मोहित है। दोस्तो ये कहानी मेरे आफिस में काम करने वाली सहकमी आंटी की है बहुत ही सेक्सी फिगर था उसका नाम अनिता था। उसका फिगर 34-28-32 था हाइट 5.6 इंच थी वो एक सिंपल तरह के कपड़े पहनती थी मगर उसमे भी क्या गजब लगती थी। वो आफिस में नई-नई आई थी हम दोना को काम एक साथ पड़ता जिससे हमारी दोस्ती होगई हम साथ ही आफिस जाते और साथ ही आफिस से निकलते और दोस्त होने के नाते हम महीने में एक मूवी देखने भी जाते थे।

में उसे दिल से पसंद भी करता था मगर वो एक सादी सुदा थी उसका पति एक प्राइवेट कपंनी में मार्केटिंग का काम करता था। जिससे आधे समय तो वो बहार रहता था मुझे लगता थी, कि वो भी मुझे पसंद करती थी मगर शायद वो चाहती थी कि पहल में करूथोरे दिन बाद वेलेंटाइन आने वाला था मेने सोचा उसको उसी दिन प्रपोज करुगा मगर वो थोड़ी शर्मीली भी थी मगर वेलेंटाइन के थोरे दिन पहले उसमे बहुत बदलाब आया। वह मेरे साथ खुलकर बात करती थी उसका कपड़े पहने का तरीका भी चेंज होगया था।

वह अब एक फेशनवल और अपने चेहरे पर मेकअप करके आती थी अब तो उसे देख कर आफिस में हर कोई अपनी प्यासी निगाह उसके बदन पर डालता था। मगर वो किसी को भाव नही देती थी सिवाय मेरे वो अब एक चोदने वाली माल की तरह लगती थी। वेलेंटाइन के दिन मेने उसे अपने घर पर डिनर के लिए इनवाइट किया मेने घर पर पहले से ही एक एक गुलाब का फूल और उसके लिए एक अच्छा गिफ्ट खरीद लिया। जैसे ही हम घर पहुचे और अंदर गए अंदर जाकर मेने उसे गुलाब देकर प्रपोज कियावह थोड़ा हैरान थी।

और उसने एक्ससाइटेड में हाँ कहा। हम दोनों के चेहरे पर एक कटीली मुस्कान थी। वो भी बहुत प्यासी थी उसकी भी चुद कुलबुला रही थी चुदने के लिए उसने अनिता ने कहा मेरा वेलेन्टाइन का गिफ्ट कहा है। मेने कहा आज ऐसा गिफ्ट दूँगा जिससे तुम अपनी लाइफ में हमेशा याद रखोगी आज, मैं बहुत भाग्यशाली हु। खुश और लगता है कि आज, मैं दुनिया में भाग्यशाली व्यक्ति होगा।

उसने मुझे गले लगाया। अब मैंने भी मौका अच्छा देख कर अनिता की कमर पर हाथ फेरना शुरू किया और दूसरा हाथ अनिता की चूची तरफ ले जाना शुरू कर दिया। अब हम दोनों गर्म हो चुके थे, एक-दूसरे को कस कर पकड़ा हुआ था, हम दोनों ने एग्ज़ाइट्मेंट में आ कर एक-दूसरे को किस करना शुरु कर दिया। मैं 5 मिनट तक अनिता को फ्रेंच किस करता रहा, साथ ही उनके मम्मों को भी सहलाता रहा अनिता भी अब बहुत गर्म हो चुकी थीं।

इतने में रात के 11 भी बज गए थे.. मेने अनिता को कहा आज रात यही रुक जाओ उसे हा कहा।  अब मैं और जोश में आ गया और अनिता की चूत को ज़ोर-ज़ोर से सहलाने लगा। अनिता ने कहा- थोड़ा आराम से करो.. अभी पूरी रात है.. मैंने कहा- इन्तजार नहीं होता..अनिता ने कहा- एक मिनट रुक..वे चली गई कुछ पलों बाद वापस आईं। कहा- कहाँ गई थीं? तो कहने लगीं- अपनी बाथरूम गई थी उनके ये कहने की देर थी.. कि मैंने उनको सोफे पर लिटा लिया और किस करने लग गया।

अब हम दोनों पूरे जोश में एक-दूसरे को किस कर रहे थे। आहिस्ता-आहिस्ता मैं अपना एक हाथ उनकी गाण्ड पर ले गया और उनको मसलने लगा।अनिता ने कहा- अहह.. ज़ोर से करो.. मज़ा आ रहा है.. यह सुनते ही मैंने उंगली अनिता के चूतड़ों की दरार में डाल कर हिलानी स्टार्ट कर दी। अब अनिता ने मुझे उठने को कहा और मुझे मेरे बेडरूम में ले गईं। उन्होंने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और खुद भी जल्दी से अपने सारे कपड़े उतार दिए।

अब अनिता और मैं बेडरूम में टांगों में टाँगें डाल कर एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। अनिता ने मेरे कान में कहा- प्लीज़ मेरी चूत चाटो। मैंने उनकी चूत को देखा.. वो ऐसे कुलबुला रही थी.. जैसे मुझे बुला रही हो। मैंने फ़ौरन से अपनी ज़बान उनकी चूत पर लगा दी और उनकी चूत के दाने को जीभ से रगड़ने लगा अनिता मस्त हो रही थीं, मैंने अनिता की चूत में अन्दर तक ज़बान फेरना शुरु कर दी और अपना मुँह उनकी चूत में लगा दिया।

अनिता ने अपने हाथों से मेरे सर को पकड़ कर अन्दर की तरफ अपनी चूत पर दबोचने लगीं। वो उँची आवाज में खुल कर चीखें मार रही थीं ‘अहह.. उफ..फफ्फ़..’ फिर एकदम उनका जिस्म अकड़ने लगा और उनका पानी निकल गया। उनका सारा पानी मेरे मुँह पर निकल गया। मैंने उनका पानी पी लिया।मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। अब अनिता भी रिलॅक्स हो गई थीं। कुछ पल बाद अनिता उठीं और मुझे लेटने का इशारा किया। जैसे ही मैं लेटा.. उन्होंने मेरे लण्ड को आपने मुँह में ले लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगीं। मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था।

ऐसा मज़ा.. जो मैंने कभी महसूस ही नहीं किया था। अनिता भी पूरे मज़े से मेरे लण्ड को चूस रही थीं। कुछ मिनट बाद मुझे अहसास हुआ कि मैं छूटने वाला हूँ, मैंने अनिता की तरफ इशारा किया.. तो उन्होंने मुँह में ही माल डालने को कहा।बस 3-4 पिचकारियों के साथ मैंने अनिता के मुँह में अपना सारा पानी गिरा दिया।अनिता ने सारा पानी पी लिया और बहुत खुश हो गईं, वो कहने लगीं- मोहित मेरी जान.. आई लव यू.. प्लीज़ मेरे साथ ज्यादा से ज्यादा रहा करो और मुझे यूं ही मज़ा दिया करो। मैंने उनको कहा- अनिता अब से मैं रोज़ आपको संतुष्ट करूँगा.. आप भी मेरा ख्याल रखना..अब हम दोनों बिस्तर पर लेट गए और एक-दूसरे को चाटने लगे।

करीब 15 मिनट बाद मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया, मैं अनिता की चूत में उंगली करने लगा। अनिता ने कहा- अब बस मुझे चोदो प्लीज़.. और ज़ोर से चोदो.. अनिता के कहते ही मैंने अनिता को नीचे लिटा लिया और खुद उनकी चूत पर अपना लण्ड रख दिया। मैंने अनिता से बोला- रेडी हो.. मैं पेल दूँ क्या?अनिता ने कहा- यह भी कोई पूछने वाली बात है.. अब जल्दी से डाल दे..मैंने फ़ौरन एक ज़ोर का झटका मारा और अनिता की चूत में अपना लण्ड डाल दिया। उनकी चूत गीली थी और इस वजह से लण्ड एक ही बार में सारे का सारा अन्दर चला गया और अनिता की चीख भी निकल गई ‘अहह.. उहह.. मेरीइई.. जान.. तुम्हारीईईई क्या बात है..’मैंने अब आहिस्ता-आहिस्ता झटके मारने शुरू कर दिए।

अनिता ने कस के मुझे गले से लगा लिया। अब उनको भी बहुत मज़ा आ रहा था। अनिता की चूत बहुत सॉफ्ट थी.. इसलिए मुझे भी बहुत अच्छा फील हो रहा था। अनिता भी आवाज़ें निकाल रही थीं ‘आह्ह.. मोहित मेरी जान.. प्लीज़ मुझे ज़ोर से चोदो उफफ्फ़.. बहुत मज़ा आ रहा है.. अहह.. मेरी जान.. फाड़ डाल मेरी चूत को.. ओह.. बहुत मज़ा रहा है.. मैं बता नहीं सकती.. और ज़ोर से.. चोदो..’ अनिता की ‘फाड़ डाल’ की आवाज़ सुनते ही मैंने अनिता को खड़ा किया और अनिता को दीवार के साथ खड़ा करके उनकी चूत के अन्दर अपना लण्ड डाल दिया।

अब मैं ज़ोर-ज़ोर से झटके मारने लगा, अनिता भी फुल मस्त थीं और आवाज़ें निकाल रही थीं‘उफ्फ़.. अहह.. मार डाल मुझे.. फाड़ दे..’ मैंने अपने झटकों में तेज़ी कर दी। अब मैं छूटने वाला था और हमारी को भी 30 मिनट से ऊपर हो चुके थे। मैंने अनिता को कहा- मैं झड़ने वाला हूँ।तो उन्होंने कहा- अन्दर ही छोड़ दो.. मैं भी झड़ने वाली हूँ। मैंने अपना सारा पानी अनिता की चूत में ही छोड़ दिया। अब हम दोनों बिस्तर पर आकर एक-दूसरे के साथ लिपट गए। इतनी में ही रात के 1.30 बज गए थे। सुबह कैसे मेने अनिता की गांड मारी वह अगले पार्ट है केसी लगी मेरी स्टोरी रिप्लाय जरूर करना
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