मेरे स्टूडेंट ने मुझे चोदकर मेरे सारे अरमान पूरे किये

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हेल्लो दोस्तों, मैं रामेश्वरी पाठक आप सभी का नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम में बहुत बहुत स्वागत करती हूँ। मैं एक शादी शुदा औरत हूँ। मैं खाली समय में सेक्स विडियो देखन और नई नई चुदाई कहानियां पढना पसंद करती हूँ। मेरी एक सहेली ने मुझे नॉन वेज स्टोरी के बारे में बताया था, तब से मैं रोज यहाँ की मस्त स्टोरीज पढ़ती हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रही हूँ। मैं उम्मीद करती हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी। ये मेरी जिन्दगी में घटी एक सच्ची घटना है।

मैं कोटा की रहने वाली हूँ और यहाँ की कोटा यनिवर्सिटी में मैं प्रोफेसर हूँ। मैं मेकैनिकल इंजीनियरिंग पढाती हूँ। मैं बहुत सुंदर और जवान औरत हूँ। सेक्स के मामले में मैं बहुत गर्म औरत हूँ और हमेशा नये नये लंड की तलाश में मैं रहती हूँ। मेरी इसी छिनरपन वाली आदत के कारण मेरे पति ने मुझे तलाक दे दिया और अब अकेले ही रहती हूँ। मैं हर साल अपने क्लास के लड़को को डरा धमका कर उन्हें अपने घर पर बुला लेती हूँ और उसने कसकर चुदवाती हूँ। मैं इसी तरह लंड का इंतजाम करती हूँ। मेरी किस्मत तेज है की हर साल मेरी युनिवर्सिटी में नये नये गबरू जवान लड़के पढने के लिए आते रहते है और मुझे लंड की कोई कमी नही होती है। आज मैं आपको अपनी सच्ची कहानी सूना रही हूँ। सन २०१५ के बीटेक बैच में मेरी क्लास में एक बहुत ही हैंडसम लड़का पढ़ने आया। उसका नाम देव कपूर था।

उसके पापा अमेरिका के रहने वाले थे। उसकी माँ से उसके पापा से लव मैरिज की थी जब वो अमेरिका पढने गयी थी। इसलिए देव भी बिलकुल गोरा गोरा लगता था और हिन्दुस्तानी भी लगता था, क्यूंकि उसकी माँ तो एक हिन्दुस्तानी ही थी। देव कपूर मेरी क्लास में आकर पढने लगा। धीरे धीरे मुझे वो बहुत अच्छा लगने लगा। वो बिलकुल अंग्रेज लगता था और कोई राजकुमार जैसा लगता था। ६ फुट का इकदम गोरा गोरा। धीरे धीरे वो मुझे अच्छा लगने लगा और मैं उससे प्यार करने लगी। एक दिन मैंने उसे अपने चैम्बर में बुलाया। मैं बाकी स्टूडेंट से बहुत सख्ती से पेश आती थी, पर देव से मुझे प्यार हो गया था।

“कहे मैडम…..मुझे क्यों बुलाया??” देव मेरे चैम्बर में आया और पूछने लगा। मेरे समझ नही आ रहा था की उससे कैसे कहूँ की मैं उससे प्यार करने लगी हूँ और उससे कसकर चुदवाना चाहती हूँ।

“आओ आओ देव…प्लीस सिट!!” मैंने उसे बैठने को कहा

“देखो अगर कोई चैप्टर समझ ना आए तो तुम मेरे घर पर चले आना। मैं चाहती हूँ की तुम्हारे एक्साम में अच्छे मार्क्स आये। ये लो मेरा फोन नॉ..!” मैंने उस हैंडसम लड़के को अपना कार्ड दे दिया। उसमे मेरे घर का पता और फोन नॉ लिखा हुआ था। मैं रात भर सोचती रही की काश वो देव कपूर मुझसे पट जाए और मैं उससे कस के चुदवाऊ। वो कितना हॉट और हैंडसम लड़का था। बार बार मुझे उसी का ख्याल आ रहा था। रात में मैंने ३ बार अपने स्टूडेंट देव को सोच सोचकर अपनी चूत में उंगली डाल कर मुठ मारी। हर बार मुझे खूब मजा आया। मैं अपने स्टूडेंट से प्यार करने लगी थी। पर १ महिना तो वो मेरे पास नही आया। फिर कुछ दिन बाद वो रविवार को मेरे घर पर आ गया। उसने मेरे दरवाजे की बेल बजाई। मैंने दरवाजा खोला। सापने देव कपूर खड़ा हुआ था। बाप रे….वो कितना हैंडसम लग रहा था बिलकुल जॉन अब्राहम लग रहा था। मेरा तो दिल कर रहा था की उसे गले लगा हूँ और ऊसके होठो से अपने होठ जोड़कर किस करने लगूं। मैंने किसी तरह खुद को समहाला।

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“गुड मोर्निंग…..रामेश्वरी मैम। मुझे मेकैनिकल में कुछ क्वेश्चन पूछने है क्या आप बता देंगी??” देव ने पूछा

“हा हा …क्यों नही। मैं तो कबसे तुम्हारा इंतजार कर रहा थी!!” मैंने कहा और उसे मैंने लॉबी में ले गयी। वो मेरा आशिक था, वो मेरे लिए बहुत मायने रखता था, इसलिए उसे देखकर मैं बहुत खुश थी। मैंने उसे ४ घंटे बैठकर अच्छे से सारे सवाल बता दिए। वो बहुत खुश हो गया। धीरे धीरे ये सिलसिला चल निकला और देव अक्सर मेरे घर पर आने लगा। एक दिन मैंने उसे एक गुलाब का फूल दे दिया।

“ये फूल किसलिए मैडम??” देव बोला

“मेरी क्लास के सबसे हॉट, हैंडसम और सेक्सी लड़के के लिए!!” मैं कहा

देव ब्लश करने लगा। मैंने उससे पूछा की उसकी कोई गर्लफ्रेंड तो नही है। तो उसने कहा की ये प्यार व्यार फ़ालतू की चीज है और वो इन सब चीजो में अभी वक़्त नही खराब करना चाहता। एक दिन जब देव मेरे घर में स्टडी टेबल पर पढ़ रहा हा तो मैंने झूठ मूठ फिसल के गिरने का नाटक किया। देव मुझे बचाने आ गया और मैं उससे लिपट गयी। मैंने गुलाबी रंग की साडी पहन रखी थी और आगे से डीप नेक और पीछे से बैकलेस ब्लाउस पहन रखा था। जैसे ही देव ने मुझे उठाने की कोशिश की मैं उससे लिपट गयी और झूठ मुठ दर्द का बहाना करने लगी।

“देव ……प्लीस मुझे गोदी में उठाकर बेडरूम तक ले चलो..मैं चल नही पाउंगी!!” मैंने बहाना बनाया

उसने एक आज्ञाकारी चेले की तरह मुझे अपनी गोद में उठा लिया और बेडरूम में लेकर जाने लगा। उफफ्फ्फ्फ़ कितना हसीन पल था वो की मेरा आशिक मेरा जानम ही आज मुझे गोद में उठाये हुए था। जब बेडरूम आ गया और वो मुझे बेड पर उतारने लगा तो मैं अचानक उससे चिपक गयी और उसके गाल और होठो पर किस करने लगी। मेरा स्टूडेंट हैरान था।

“मैडम……??? ये सब…??”

“देव…ये सच है की मैं तुमसे प्यार करती हूँ। प्लीस मना मत करना। वरना मेरा दिल टूट जाएगा!!” मैंने कहा। उसके बाद वो भी मान गया और मेरे साथ ही बेड पर लेट गया और हम दोनों किस करने लगे। हर नए लड़के को मैं इसी तरह इमोशनल डाईलोग मारके पटा लेती थी और उनका मोटा और रसीला लंड खाती थी। कुछ देर में देव की नजर मेरे डीप नेक वाले ब्लाउस पर पड़ गयी। मेरे हसीन, बड़े बड़े और चिकने चिकने दूध तो पूरे पूरे दिख ही रहे थे और बस नाम मात्र को छिपे हुए थे। मैं गदराई 30 साल की जवान औरत थी और आज मैं अपने चेले का मोटा लंड खाने वाली थी। मैंने देव को अपने उपर लिटा लिया और उसके लबो से मैंने अपने लब जोड़ दिए और हम दोनों एक दूसरे के ओंठ पीने लगे। मैं बहुत खुश थी की देव ने मेरा ऑफर ले लिया था वरना मुझे बहुत दुःख होता।

हम दोनों होठ से होठ जोडकर किस करने लगे।

दोस्तों, मेरे होठ बहुत सुंदर थे। बिलकुल किसी ताजे गुलाब की पंखुड़ियों की तरह मेरे होठ थे। कुछ देर में देव भी मुझसे प्यार करने लगा और उसे भी चुदाई का जूनून चढ़ गया था। उसकी उँगलियाँ मेरे होठ पर थी और उसे छू रही थी। बड़ी देर तक आज वो मेरी जैसी सुंदर चुदासी औरत को पास से देखकर मजा लेता रहा।
“मैडम….कभी आपको चोदने को मिलेगा मैं कभी नही सोचा था!!” देव बोला
“जान….अब तुम मेरे स्टूडेंट नही मेरे यार और मेरे जानम हो। मेरे सारी सुन्दरता सिर्फ और सिर्फ तुम्हारे लिए है। आज तुम मुझे जी भरकर पेल खा लो!!” मैंने अपने स्टूडेंट से कहा। उसके बाद वो और जादा चुदासा हो गया और मेरे रसीले होठो को अपनी उँगलियों से दबाने लगा। फिर वो मेरे लबो पर अपने लब रखकर मेरे होठ मजे से पीने लगा। आज मैं अपने स्टूडेंट से अपने ही घर में कसकर चुदने वाली थी। हम दोनों धीरे धीरे जोश में आ रहे थे। बड़ी देर तक हमारा गरमा गर्म चुम्बन चला। मैंने अपनी जीभ निकालकर देव के मुंह में डाल दी। वो मेरी जीभ चूसने लगा। मुझे एक विशेष प्रकार का सुख मिलने लगा, चुदाई का नशा धीरे धीरे चढ़ता जा रहा था। फिर देव ने ही अपनी लम्बी जीभ मेरे मुंह में डाल दी। इस तरह हम दोनों एक दूसरे की जीभ चूसने लगे।
मैं चुदासी और मदमस्त हो गयी। उफ्फ्फफ्फ्फ़….ये मुझे क्या हो रहा है। इससे पहले मैंने कई स्टूडेंट से चुदवाया था और होठो पर किस किया था पर कभी इतना मजा नही आया था। पर आज तो मुझे अजीब सा नशा चढ़ रहा था। आज मैं अपने आशिक से कसके चुदवाना चाहती थी। आधे घंटे तक हम दोनों एक दूसरे के होठ और जीभ चूसते रहे। इसी बीच मैंने अपना ब्लाउस खुद ही खोल दिया और निकाल दिया। फिर गुलाबी ब्रा भी मैंने खोल कर निकाल दी। मेरा स्टूडेंट देव मेरे हुस्न को देखकर पागल था। देव मेरे दूध पीने लगा।
बिना देर किये देव ने मेरे मम्मे को हाथ में ले लिया और उसका साइज पता करने लगा। मेरे दूध बहुत सुंदर थे, छातियाँ भरी हुई, सुडौल और गोल गोल थी, जैसे उपर वाले ने कितनी फुर्सत से बैठकर मेरी जैसी माल और मस्त चोदने लायक औरत बनाई थी। मेरी उजली छातियाँ पुरे गर्म से तनी हुई थी। छातियों के सिखर पर अनार जैसे लाल लाल बड़े बड़े घेरे मेरी निपल्स के चारो ओर बने थे, जिसमे मैं बहुत सेक्सी माल लग रही थी। देव की नजर मुझ पर जम गयी। तेजी से उसने मेरी रसीली बलखाती चुचियों को अपने वश में कर लिया और दोनों मम्मो को दोनों हाथ से दबोच लिया और तेज तेज दबाने और मसलने लगा।
““उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….” मैं तेज तेज चिल्लाने लगी। मेरा स्टूडेंट मेरे दूध को किसी हॉर्न की तरह दबाने लगा। मुझे भी काफी मजा आ रहा था। फिर वो लेटकर मेरे दूध मुंह में लेकर पीने लगा। मैं तडप गयी। मुझे तो जैसे जन्नत मिल गयी थी।
‘मैडम!!.. आप इतनी कड़क माल हो की जो मर्द आपको एक बार देख ले उसका लौड़ा तुरंत खड़ा हो जाएगा और वो आपको चोदकर ही मानेगा’ देव बोला। मुझे उसकी बात अच्छी लगी। वो फिर से मुझ पर लेट गया और हपर हपर करके लपर लपर करके मेरी नुकीली बेहद कमसिन चूचियों को मुँह में भरके पीने लगा। वो तो बहुत शरारती निकला। वो मेरी नुकीली छातियों को दांत से काट रहा था और पी रहा था। मुझे दर्द भी हो रहा था, उतेज्जना भी हो रही थी और मजा भी आ रहा था. ‘देव…..प्लीस आराम से मेरे नारियल चूसो!! आराम से चूसो!!’ मैंने कहा। पर उस पर कोई असर नही पड़ा। वो अपनी धुन में था। जोर जोर से मेरी सफ़ेद कदली समान चुचियाँ दांत से जोर जोर से काट कर पी रहे था। वो बहुत जादा चुदासा हो गया था। उसका बस चलता तो मेरी छातियाँ खा ही लेता। मेरी रसीली छातियों को वो जोर जोर से दबा रहा था और निपल्स पर अपनी जीभ फेरते थे और पी रहा था। दोस्तों, बड़ी देर तक यही खेल चलता रहा।
अब मेरा प्रिय स्टूडेंट मुझसे कसकर चोदने वाला था। उसने मेरी साड़ी निकाल दी, फिर मेरे पेटीकोट के उपर से ही मेरे जिस्म को इधर उधर हाथ लगाने लगा। मेरी चूत मेरे पेटीकोट के पर्दे में और फिर अंदर पेंटी में छुपी हुई थी। मेरा स्टूडेंट देव मेरे पेटीकोट के उपर से ही मेरी चूत को छूने लगा और हाथ लगाने लगा। मैं उत्तेजित हो रही थी।
“आआआआअह्हह्हह….ईईईईईईई…ओह्ह्ह्हह्ह…अई..अई..अई….अई..मम्मी…..” मैं जोर से सिसकी। देव पेटीकोट के उपर से मेरी चूत में ऊँगली करने लगा। मैं डरकर अपनी आँखे बंद कर ली। मुझे डर लग रहा था। ना जाने वो मुझे किस तरह से चोदे। काश आज वो मुझ पर इतना सितम ढाये की चोद चोदकर आज वो मेरा बुरा हाल कर दे। मैं यही कामना कर रही थी। ये साफ़ था की आज मैं उस हैंडसम जॉन अब्राहम जैसे दिखने वाले लड़के का रसीला लंड खाना चाहती थी। आज मैं दिल खोलकर चुदवाना चाहती थी। देव के हाथ बराबर और बिना रुके पेटीकोट के उपर से ही मेरी चूत में बड़ी देर तक मेरी चूत में ऊँगली करता रहा। मुझे ये बड़ा अच्छा लग रहा था।
देव ने मेरे गुलाबी पेटीकोट का किनारा पकड़ लिया और उपर जांघो तक उठा दिया। मेरी नंगे टाँगे अब उसे दिखने लगी। मेरी नंगी टाँगे बहुत ही खूबसूरत थी, चिकनी और दूधिया। मुझे थोड़ी शर्म आ रही थी। देव की आँखों में सिर्फ और सिर्फ वासना थी। मुझे रगड़कर चोदने की अपार इक्षा उनके मन में किसी जहरीले सांप की तरह कुंडली मारकर बैठी थी। इसी बीच उसके हाथ मेरी नंगी चिकनी टांगो पर यहाँ वहां दौड़ते रहे और सहलाते रहे। गजब तो तब हो गया जब मेरे स्टूडेंट ने मेरा पेटीकोट घुटनों के उपर तक उठा दिया। मेरी सुंदर बर्फी जैसे नायाब जांघो के उसे दर्शन हो गये। मेरे घुटनों बहुत सुंदर थे। देव ने हाथ मेरी टांगो और घुटनों से होता हुआ उपर बढ़ गया और मेरी नंगी जांघो पर पहुच गया। मैं सिसक गयी और कसमसाने लगी।“……मम्मी…मम्मी….सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” बस इतना ही मेरे मुंह से निकला। उसके हाथ मेरी चिकनी उजली जांघो को सहला रहे थे। मैं काम और वासना की अग्नि में जल रही थी।
देव ने मेरे पेटीकोट का सिरा उठाकर इकदम उपर कर दिया और अपने होठ से मेरी चिकनी जांघे चूमने लगा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मेरी सफ़ेद जांघो को वो इधर उधर सब जगह चूमने लगा और हजारो चुम्बन उसने मेरी दोनों जांघो पर जड़ दिए। मैं सिहर गयी। ये लौंडा तो आज मेरी जान ही ले लेगा, मैंने सोचा। बड़ी देर तक मेरा स्टूडेंट देव मेरी दोनों खूबसूरत जांघो को चूमता, चूसता और पीता रहा। मैं उससे चुदने को बेताब थी। मैं उसके मोटा रसीला लंड खाने को पागल थी। आज मैं कसकर चुदने वाली थी। देव ने नारा खोल दिया और पेटीकोट भी निकाल दिया। मैंने गुलाबी रंग की पेंटी पहन रखी थी। मेरी बड़ी सी चूत किसी बड़ी मोहर की तरह मेरी पेंटी के उपर से ही साफ़ साफ़ दिख रही थी। पेंटी का सूती कपड़ा मेरी चूत की बीच वाली दरार (घाटी) में दबा हुआ था जिससे मेरी रसीली चूत का आकार किसी ट्रेस पेपर की तरह उपर से ही साफ़ साफ़ झलक गया था। देव ने एक बार मेरी चूत को पेंटी के उपर से ही चाटा, फिर वो भी निकाल दी। हाय, अब मैं अपने स्टूडेंट के सामने पूरी तरह से नंगी हो गयी थी। शर्म से मैं अपनी चूत छुपाने लगी, पर देव ने मेरे हाथ पकड़ लिए और चूत से हटा दिए।
आखिर देव ने मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया और मुझे चोदने लगा। मैं भी मस्ती से चुदवाने लगी। उसके जल्दी जल्दी चोदने से मेरी बुर के दोनों होठ बार बार खुलते थे और बार बार बंद हो जाते थे। वो मुझे जोर जोर से पेल रहा था। सच में मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। बहुत मजा मिल रहा था। बड़ी नशीली रगड़ थी मेरे स्टूडेंट के लौड़े की। बहुत सुख मुझे मिल रहा था दोस्तों। २३ साल का देव हचर हचर करके मेरे जैसी ३० साल की औरत को चोद रहा था। उसके मोटे से लम्बे लौड़े पर मेरा पूरा शरीर थिरक रहा था और डांस कर रहा था। जैसे लग रहा था वो कोई इंजन मेरी चूत में डाल के चला रहा हो। वो मेरी बुर पर बड़ी मेहनत कर रहा था। वो हच हच करके मुझे चोद रहा था। जैसे वो अपना लौड़ा मेरी बुर में डालता था, लौड़ा हच्च से देता था मैं २ ४ इंच आगे सरक जाती थी। फिर जैसे वो लौड़ा निकलता था मैं २ ४ इंच वापिस पीछे आ जाती थी। वो जोर जोर से हच हच करके मेरी बुर में लौड़ा अंदर बाहर कर रहा था। घंटों यही सिलसिला चला। उसने मुझे ३ घंटे चोदा और माल मेरी चूत में ही गिरा दिया। उसके बाद हम लेटकर प्यार करने लगे। ये कहानी आप नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

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2 thoughts on “मेरे स्टूडेंट ने मुझे चोदकर मेरे सारे अरमान पूरे किये

  1. rasseela kela

    mene apni music ki maam ko do saal tk khub choda tha .aur uski badi beti jo ki 8th me padti thi uski seal tode ke aurat bunaya tha. week me do baar chodta tha uski beti ko.socho do saal tk chudwane ke baad chut ka kya haal hoga .mera tummy(mera pet) bhiadmio ke jesa bahur nikul aya tha

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