लूडो खेलते खेलते चोद दिया भैया ने मेरी सच्ची कहानी

भाई बहन का रिश्ता बहुत ही ज्यादा पाक होता है। पर कई बार वासना की आग इतनी ज्यादा लग जाती है की अपने आप को संभालना मुश्किल हो जाता है। आज मैं जो अपनी कहानी सुनाने जा रही हूँ। वो भी एक पवित्र रिश्ते की है, भाई और बहन की यानी पर वासना ने हमें भाई बहन की चुदाई की कहानी पर लाकर खड़ा कर दिया है। आज मैं आपको अपनी ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर सुनाने जा रही हूँ। ये मेरी पहली कहानी है नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर आशा करती हूँ आपको मेरी ये कहानी पसंद आएगी।

मेरा नाम रितिका है मैं अठारह साल की हूँ। अभी हाल ही में अपना अठारहवाँ जन्मदिन मनाई हूँ। मैं हॉट हूँ सुन्दर हूँ. गोल गोल सॉलिड बूब्स है गांड में उभार है। चलती हूँ तो मेरी गांड हिलती है। पीछे से और भी ज्यादा सेक्सी लगती हूँ। होठ लाल लाल नेचुरल है। गोरी हूँ बाल काले हैं। मैं हमेशा स्टाइलिस्ट कपडे पहनती हूँ। अपनी वीडियो टिकटोक पे डालती हूँ मेरे करीब 10 फॉलोवर है फेसबुक पर। यानी कई लड़कों की और अंकल की दिलों की धड़कन हूँ मैं। रितिका नाम है मेरा।

आपको पता है। गर्मियों में समय नहीं कटता है इसलिए सभी लोग मनोरंजन के लिए अलग अलग खेल खेलते हैं। मैं भी आजकल लूडो खेलती हूँ अपने भाई के साथ। वो मेरे से बड़ा है। मम्मी बैंक में काम करती है तो वही चली जाती है पापा का बिजनेस है इसलिए वो सुबह ही चले जाते हैं। घर में हम भाई बहन के अलावा और कोई नहीं होता है। तो सबसे बढ़िया साधन है लूडो खेलना। पर अब तीन दिन से लूडो खेल भी नहीं रही हूँ कुछ और ही खेल चल रहा है।

अब मैं सीधे कहानी पर आती हूँ। आज से तीन दिन पहले की बात है। हम दोनों भाई बहन लूडो खेल रहे थे। मैं जो टॉप पहनी थी उसका गला बहुत बड़ा था। जब झुक कर चाल चलती थी तो पहले हाथ हिलने पर मेरी चूचियां हिलती थी। और झुकती थी तो आधी चूचियां बाहर से दिखाई देती थी। मेरे भाई की नजर उसपर हमेशा बनी हुई थी। वो बार बार मेरी दोनों बॉल को निहार रहा था और थूक निगल रहा था यानी वो मेरी बूब्स को देखकर बार बार कामुक हो रहा था। उसकी निगाहें टिकी हुई थी मेरी चूच पर।

धीरे धीरे वो मेरी तारीफ़ करने लगा। मेरी सुंदरता का वर्णन करने लगा कहने लगा की मझे कैसी बीवी चाहिए रितिका तुम्हे पता है। तुम्हारे जैसी। मुझे ऐसी ही हॉट और सुन्दर लड़की चाहिए। तो मैं पूछने लगी आखिर क्यों? तो वो कहने लगा रातें रंगीन करने के लिए। ऐसी लड़की मुझे मिल जाये तो मैं कभी घर से बाहर ही नहीं जाऊं और अपनी बीवी को बहुत प्यार करूँ।

तो मैंने कहा क्यों फिर तुम अपनी बहन को ही प्यार कर लो। जो गिफ्ट तुम अपनी बीवी को देने वाले थे वही गिफ्ट अपनी बहन को ही दे दो। तो वो बोल उठा मैं तो दे सकता हूँ पर तुम वो नहीं दे सकती है जो बीवी देगी। तो मैं पूछी क्या नहीं दे सकती? मुझे तो पता था वो क्या पूछना चाह रहा है फिर भी मैं नाटक कर रही थी। तभी वो बोल उठ तुम मुझे चोदने नहीं दे सकती है।

तो मैं बोल उठी अगर ये दे दूँ तो ? तो वो बोला क्या ? मैं बोली वही “चोदने ” इतना सुन कर उसकी आँखे खुली की खुली रह गई। वो इतना सुनते ही मेरे करीब आ गया और कहने लगा सच ? मैं बोली ये बात किसी और को नहीं बताओगे तो ? वो बोला नहीं बताऊंगा। और फिर यही से शुरू हुई भाई बहन की प्यार की कहानी। अब सीधे हॉट और सेक्सी मूव पर आती हूँ।

वो मेरे करीब आकर बैठ गया और फिर लड़खड़ाते हुए कहने लगा क्या ये सब सच है। कांपते हुए हाथ उसने अपना हाथ मेरी जांघ पर रख दिया। उसके बाद वो सहलाने लगा मैं उसके तरफ देखने लगी। और मैं भी उसके बात को सहलाने लगी। तभी उसके कांपते होठ मेरे होठ के तरफ बढे। वो गहरी सांस ले रहा था। मेरी साँसे भी अपने आप तेज हो गई थी। गरम गरम साँसे एक दूसरे से टकराने लगी थी। मेरे शरीर में एक अजीब सी हलचल और सिहरन हो रही थी।

अचानक उसके होठ मेरे होठ पर आ गए और मेरे होठ खुद ही खुद उसके होठ पर पहुंच गए। धड़कने तेज हो गई थी। आँखे बंद हो चुकी थी। और दोनों मधु का रस पिने लगे। वो मुझे चूमने लगा मैं उसके चूमने लगी। हम दोनों एक दूसरे के और करीब आ गए। लूडो बंद हो गया साइड में रख दिए और वही फर्श पर मैं लेट गई और वो मेरे ऊपर साइड से आ गया।

मेरी चूचियां हिल रही थी मेरी लम्बी लम्बी साँसों से। उसके हाथ मेरे बूब्स पर आ गए और हौले हौले दबाब देने लगा। मैं मदहोश होने लगी। मेरे तन बदन में आग लग गई थी। अब दोनों के बिच कोई फासला नहीं था। बस फिर क्या उसमे मेरे कपडे उतारने की कोशिस करने लगा। और मैंने उसकी मदद की। सारे कपडे उतार दिए। बड़ी बड़ी चूचियां से वो खेलने लगा। पिंक निप्पल को वो अपने मुँह में ले लिया। मेरी आँखे नशीली हो गई थी। मेरे होठ सूखने लगे थे। वो मेरी चूचियों को दबाता हुआ पीने लगा था। मेरे शरीर में करंट दौड़ रहा था।

उसने अपना पेंट खोल दिया मैं उसके लंड को सहमते हुए अपने हाथों में ले ली। और फिर मेरे मुँह के करीब आकर अपना लंड मेरे मुँह में दे दिया। मुझे बहुत ही हॉट लंड लगा। मैं धीर धीरे अंदर बाहर करने लगी। वो अपना दांत पीसने लगा और मेरी चूचियों को सहलाने लगा। मेरी चूत गीली हो गई थी। मखमली बदन उसके सामने फर्स पर पड़ा था। चुदने के लिए मैं तैयार थी।

उसने मेरे दोनों टांगो को अलग अलग किया और बिच में बैठ गया। पहले तो जी भर कर को निहारा। फिर चाटने लगे। चुत से पानी निकल रही थी। वो चाट रहा था। मैं मदहोश हो गई थी आँखे बंद हो रही थी सिसकाररियाँ ले रही थी। फिर उन्होंने अपना लंड मेरी चूत पर लगा कर पहले रगड़ा मेरी चूत की गरम गरम पानी से भिगो दिया और फिर बिच में लगा कर जोर से धक्के दे दिया।

उसका लंड मेरी चूत में अंदर चला गया। वो हौले हौले से अंदर बाहर करने लगा। मेरे मुँह से सिर्फ आह आह आह आह अऊ ओह्ह्ह ओह्ह्ह ओह्ह्ह की आवाज निकल रही थी और वो अपने लंड को अंदर बाहर कर रहा था। मेरी चूचियों को दबाते हुए जब वो अपना लंड चुत के अंदर डालता मेरे रोम रोम सिहर उठते थे। मैं आसमान में थी। मजा आ रहा था आजतक कभी सोची नहीं थी। इतनी अच्छी लगती है।

फिर क्या था दोस्तों मैं भी आवेश में आ गई और निचे से गांड उठा उठा कर धक्के देने लगी। अब तो चप छप की आवाज पुरे कमरे में गूंज रही थी। एक बहन अपने भाई से चुद रही थी। करीब आधे घंटे तक उसने मुझे ऐसे ही चोदा मेरी चूचियों को मसलते हुए। मैं भाव बिभोर हो गई। मन में तरंगे उठने लगी। कामुक हो गई थी मेरी अन्तर्वासना भड़क उठी थी। और फिर जोर जोर से हम एक दूसरे को खुश करने लगे।

दोस्तों करीब दो घंटे तक वो चुदाई भी किया और मेरी जिस्म से भी खेला मेरी चूचियां भी दबाया। मेरी गांड में ऊँगली भी किया। उसके बाद हम दोनों ही शांत हो गए। उसके बाद तो दोस्तों हम दोनों आजतक एक दूसरे को खुश करते आ रहे हैं। खूब मजे ले रही हूँ. ये थी मेरी चुदाई की कहानी। आशा करती हूँ आपको ये हॉट और सेक्सी लगी होगी।