गोद में बैठाकर भतीजी को चोदा बस में


भतीजी की चुदाई बस में : भतीजी को गोद में बैठा कर बस में चोदा उसका चाचा। यह कहानी दिल्ली से आजमगढ़ जाने वाली बस की घटना है जहां पर चाचा ने अपनी भतीजी को बस में चोदा गोद में बैठा कर। चूत की सील तोड़ गोद में बैठा कर।


नॉनवेज story.com के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार, मेरा नाम नरेंद्र है आज मैं आपको अपनी सेक्स कहानी सुनाने जा रहा हूं। यह मेरी पहली कहानी है इस वेबसाइट पर मुझे भी कोई ना कोई कहानी शेयर करना था इस वजह से मैंने अपने भतीजी को बस में गोद में बैठा कर चोदा और फिर आपको अपनी कहानी पेश कर रहा हूं। यह गाने ज्यादा पुराने नहीं है मां तो दिवाली के 1 दिन पहले की है। आपको यह कहानी बहुत हॉट और सेक्सी लगेगी आप खुद देखेंगे इस कहानी को पढ़ते-पढ़ते आपका लंड खड़ा हो जाएगा क्योंकि यह मेरी छोटी भतीजी के बारे में है।

दिवाली के 1 दिन पहले मैं गांव जा रहा था। आपको पता है आने जाने में आजकल कितनी समस्या है ट्रेन में सीट नहीं मिला तो बस से जाने के लिए सोचा। बस खचाखच भरा हुआ था स्वीट भी नहीं था कई लोग खड़े होकर जा रहे थे कई लोग बैठकर जा रहे थे बहुत मुश्किल भरा सफर था। मेरे साथ मेरी भाभी थी और मेरी भतीजी और मेरा छोटा भतीजा। हम चारों गांव जा रहे थे भैया बोले कि गांव चले जाओ भाभी को और रिंकी और मयंक को लेकर। मयंक मेरा छोटा भतीजा है और इनकी मेरी भतीजी है।


आनंद विहार बस अड्डे पर मैं पहुंचा किसी तरीके से मुझे एक सीट मिल गया था। जिस पर दो आदमी बैठ सकते थे। मैं और भाभी तो बैठ गए पर मेरे भतीजे और भतीजे का सीट नहीं मिला था। किसी तरीके से भतीजी को बीच में बैठाया उसका आधा चूतड़ मेरे जांघ पर था और आधा चूतड़ भाभी के जांघ पर था। भतीजा मेरा भाभी के गोद में किसी तरीके से बैठा हुआ था। कई बार ऐसा होता है जब कोई भीड़भाड़ वाली जगह हो जाए या बेचने की बात हो जाए ऐसे मौके में ऐसी चीजें हो जाती है।

परेशानी तो बहुत ही पर किसी तरीके से जाना था तो भाभी को भी कोई ऑब्जेक्शन इसके लिए नहीं हुआ कि भतीजी को मेरी जान पर बैठना पड़ा और ना भतीजी को ऐसा लगा कि मैं एक लड़की होकर कैसे अपने चाचा के गोद में बैठूंगी। रात के 12:00 बजे सब लोग इतने ज्यादा थक गए थे कि लोग कोई खड़े हुए थे कोई बैठे हुए सोए थे अंदर अंधेरा था बस तेजी से चल रही थी। भाभी भी सो गई थी भतीजा भी मेरा सोया हुआ था। पर मुझे नींद नहीं आ रही थी ना मेरी भतीजी को नींद आ रही थी। भतीजी को इसलिए नहीं आ रही थी कि उसको बैठने में सही नहीं बन रहा था।

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मैंने अपने भतीजे को बोला कि एक काम करो तुम आराम से मेरी गोद में बैठ जाओ बीच में जगह नहीं बन रहा है तुमको भाभी भी सो गई। तो तुम आराम से थोड़ी देर के लिए बैठ जाओ। वह मेरी गोद में अच्छे से बैठ गई और उसे हम पकड़ लिए उसके पेट को। धीरे-धीरे मैंने थोड़ा ऊपर हाथ किया तो उसकी संतरे जैसे चुचियों मेरे हाथ में आ गया। मैं कुछ भी नहीं कर रहा था। बस की रफ्तार और बस में जब ब्रेक लगता था तो लोग आगे पीछे हो ही जाता है उसी क्रम में मैं अपने भतीजे की चूची को मसल देता था। शुरुआत में तो मेरे भतीजी को लगा कि बस की वजह से ऐसा होता है। पर धीरे-धीरे उसे भी महसूस होने लगा कि नहीं चाचा मेरी चूचियों को दबा रहे हैं।

उसी दरमियान मेरा लंड खड़ा हो गया। भतीजी की गांड चौड़ी थी मेरा लंड बीच में था तो उसको महसूस होने लगा। थोड़ा सा वह अपने गांड को इधर-उधर हटाए पर मैं नींद का बहाना करने लगा और मैंने थोड़े पैर को फैला दिए। उसके पास और कोई चारा नहीं था खड़ा होने के अलावा। उचित के आगे खड़ा भी नहीं हुआ जाता। वह वैसे ही बैठी रही और मैं वैसे ही कभी उसके चुचियों को दबाता कभी उसके पेट को सहलाता। रात के 1:00 बज गए थे। अब तो और भी लोग गहरी नींद में आ गए थे. पर मेरी नींद और मेरी भतीजी की नींद उड़ गई थी। मैं सोने का बहाना कर रहा था पर मेरी भतीजी टुकुर टुकुर देख रही थी।


अब मैं अपने लंड को काबू करने की कोशिश करने लगा पर करना पाया धीरे-धीरे और ज्यादा बड़ा होने लगा और उसके गांड के बीच में जो दरार होता है वहां पर सेट होने लगा। बीच-बीच में मैं अपने भतीजे की चुचियों को मसल देता। धीरे-धीरे करके उसको भी अच्छा लगने लगा वह मेरे में और भी ज्यादा चिपक गई अपने पेट को मेरे में चिपका दी। मैंने जैसे उसके बूब्स पर हाथ रखा अपना हाथ मेरे हाथ के ऊपर रख दी. और हौले हौले से दबाने लगी मैं समझ गया लड़की को चुदने का मन करने लगा। अब मैं उसके कंधे के तरफ से उसके गाल के पास अपना मुंह ले गया अपने गाल को वह आगे कर दी उसके गाल को चूमने लगा।


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मैं उसकी चुचियों को अच्छे से मसलने लगा वह भी अपनी गांड को होले होले से रगड़ने लगी। उसके बाद उसने मेरे लंड को पकड़ लिया। मैंने उसकी चूचियों को मसलने लगा वह मेरे लंड को पकड़ कर सहलाने लगी। मैंने अपना बेल्ट खोला मैंने पेंट को नीचे किया थोड़ा सा और लंड को बाहर कर दिया। उसके बाद मैंने उसके सलवार का नाडा खोला और नीचे कर दिया पेंटी समेत। भाभी सो रही थी बगल में हम दोनों ने अच्छे से तसल्ली कर लिया कि आगे पीछे कोई देख तो नहीं रहा और भाभी जी सोए हुए हैं।

भतीजे ने अपना दुपट्टा और भी अच्छे से फैला दिया। उसने गांड को थोड़ा सा ऊपर उठाया मैंने लंड उसकी चूत के छेद पर सेट किया। उसको बैठाने के लिए बोला। वह धीरे-धीरे बैठने लगी पर लंड उसकी चूत में नहीं जा रहा था क्योंकि उसकी चूत काफी टाइट थी और वर्जिन थी। आज तक वह कभी किसी से चुदी नहीं थीत के अंदर चला गया। अब वह आराम से बैठी थी मैं नीचे से होले होले धक्के दे रहा था। उसकी चुचियों को मसल था उसके मुंह से सिसकारियां निकलती है। अंगड़ाइयां लेती रही और मैं नीचे से लंड चूत में घुसाता रहा। मैं उसके समीज के अंदर हाथ डालकर उसके बूब्स को पकड़ा और उसके निप्पल को अपनी उंगलियों से सहलाने लगा। जैसे ही मेरा उंगली उसके निप्पल पर पड़ा वह तो कामुकता के हद को पार कर गई।


अब वह अपना गांड गोल गोल घुमा घुमा कर मेरे लंड को अंदर लेने लगे हौले हौले से वह झटके भी देने लगे। नीचे से मैं देता हूं ऊपर से वह झटके देते हैं। मजा आ रहा था दोनों को बस सरपट भागी जा रही थी। पूरा अंधेरा था सब लोग सो रहे थे और मैं अपने भतीजी को चोद रहा था। उसकी चुचियों को मसल रहा था उसको चूम रहा था उसके पूरे बदन को सहला रहा था। करीब 30 मिनट की चुदाई में ही वह शांत हो गई। उसको काफी ज्यादा दर्द भी कर रहा था क्योंकि वह पहली बार सेक्स कर रही थी। बस में आपको भी पता है दोस्तों इतना आसान से सब कुछ नहीं होता है। मैं जोर जोर से धक्का दे देकर जल्दी से अपना सारा माल बाहर ही निकाल दिया। जब मेरा माल निकलने वाला था मैंने उसको हटा दिया और अपने लंड को उसके चूत से बाहर कर लिया।

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अब हम दोनों आराम से एक दूसरे को पकड़ कर सो गए। जैसे ही भाभी जगी वैसे मेरी भतीजी वैसे ही पोजीशन में बैठ गई जैसे शुरू में बैठी थी। भाभी को पता भी नहीं चला कि उसकी बेटी रात में मेरे से चुद गई है। अपने कुमारी भतीजी का चूत का सील मैंने बस में तोड़ दिया। उसकी वर्जिनिटी भंग हो गई बस में। अब रोजाना उस रात की बात को याद करके मुठ मारता हूं। क्योंकि मैं तो वापस दिल्ली आ गया पर अभी तक मेरे भतीजी नहीं आई है वह गांव में ही है। इंतजार कर रहा हूं कब वह दिल्ली आए और मैं फिर से उसको चोद सकूं। जैसे दोबारा मैं उसको दिल्ली में जो दूंगा तो आपको भी बताऊंगा कि क्या क्या हुआ। इसी वेबसाइट पर फिर से अपनी कहानी यानी कि नॉनवेज story.com पर अपनी सेक्स कहानी जरूर लिखूंगा।