दोस्त की बीवी संतुष्ट हुई मेरे लंड से खूब चोदा जयपुर में

मैं अर्जुन. चंडीगढ़ से हू, मेरी उम्र 25 साल है. इस कहानी की मल्लिका जो है उसकी उम्र 24 साल है. उसके शरीर की बनावट काफी हॉट है 36-32-38. वो गजब की औरत है, कोई भी देख ले तो उसका दिमाग ख़राब हो जाये और उसके याद में तो मूठ जरूर मारेगा, वो एक सेक्स की मल्लिका के तरह है.

अब मैं आपको उस मल्लिका की चुदाई की कहानी आपके सामने नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे सूना रहा हु. ये चुदाई स्टोरी एक साल पहले की. एक बार मैं कुछ काम से जयपुर गया. तो वह मैंरा दोस्त कुणाल रहता था. मैने उससे फोन करके पूछा कहा हो तुम? कुणाल बोला घर पे ही हू. मैं बोला ठीक ह मैं आ रहा हू. क्यों की मैं जयपुर आया हुआ हु. सोचा तुमसे मिल भी लूंगा, मैं उसके घर गया वहा भाभी ने दरवाजा ओपन किया, वाउ क्या माल थी सेक्सी लग रही थी. मैने सिमरन को दो साल बाद देखा था भाभी में काफी चेंज आ गया था. वो पहले से ही ज्यादा सुन्दर हो गई थी और शरीर का हरेक अंग भर गया था यहाँ तक की चूचियां टाइट टाइट हो गई थी.

दोस्तों क्या बताऊँ, वो गजब की लग रही थी और मेरा तो मन कर रहा था साली को यही पकड़ के चोद डालु लेकिन फ्रेंड की बीवी की थी. कंट्रोल किया उसने मुझे एक सेक्सी स्माइल दी. ये मुझे फर्स्ट इंडिकेशन दिया. मेरा साहस बढ़ गया. यानी की मैं थोड़ा अगर पटाने के लिए सोचूं तो आराम से मैं अपने दोस्त की बीवी को चोद सकता हु.

फिर मैं अंदर गया दोस्त से बहूत सारी बात की. मुझे थोड़ा लग रहा था की दोस्त खुश नहीं है अपनी लाइफ से. मैने पूछा कुणाल तुम खुश नहीं लग रहे हो. उसने बोला ऐसा कुछ नहीं सब बढियां है. मैने उससे और पूछा तो उसने बताया बाद मैं बात करते हैं अभी नहीं.

सब लोगो ने खाना खाया. बीच बीच मैं सिमरन मुझे लाइन दे रही थी. मुझे लग गया. ये मैंरा लंड लेके ही मानेगी. जब खाने की प्लेट मैं किचन मैं रखने गया सिमरन को पीछे से पकड़ लिया मैने बूब्स दबा दिए उसने थोड़ी से आवाज़ निकली और बोली अभी जल्दी क्या है, मैं 2 दिन के लिए तुम्हारी ही हू. मेरे पति यानी की कुणाल ऑफिस के काम से जयपुर से बाहर जा रहे है.

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मुझे तो बहुत खुशी हुई. अब मैं ये सोचने लग गया क्या क्या करना है सिमरन के साथ प्लान बनाने लगा. रात को तो मैं दूसरे रूम मैं सोया. रात को मैं टाय्लेट करने गया तो देखा सिमरन बातरूम मैं उंगली कर रही थी अपनी चूत मैं. गेट थोड़ा खुला हुआ था तो मुझे दिख गया. मैं गया सिमरन के पास. मैने बोला जब तुम्हारे पास 2 -2 लंड होके भी फिंगर दाल रही हो डार्लिंग. क्या हुआ. बोला उसने क्या करू अर्जुन मैंरे पति का तो खड़ा नहीं होता.

वो तो जब भी चोदना सुरु करते है और कुछ ही देर में वो धराशायी हो जाते है यानी की वो अपना काम तुरंत ही खत्म कर देते है. और मैंने अनसॅटिस्फाइड रह जाती हू. मैने बोला मैं आ गया हू ना. जल्दी से मैंने अपना लैंड निकाला और तुरंत ही उसके मुह में डाल दिया. वो लोलीपोप की तरह चूस रही थी जैसे कभी मिला ही नि लंड,उसने बोला बाकी सब कुछ कल हज़्बेंड के जाने के बाद कहीं हज़्बेंड जग गया तो तो पता चल जाएगा.

मैं ब्लोवजोब मैं ही खुश था. दूसरे दिन दोस्त बोला अर्जुन मुझे कुछ काम से जोधपुर जाना ह तो रहो सिमरन के साथ इसका ख़याल रखना. मैने बोला हा डॉन’त वरी. मैं पूरा ख्याल रखूँगा. वो चला गया. जैसे ही वो गया मैं सिमरन के उपर भूखे शेर की तरह टूट पड़ा . मैंने उसके सारे कपडे उतार दिए और वो सिर्फ ब्रा और पेंटी में थी. दोस्तों हम दोनों वही सोफे पर ही स्टार्ट हो गए. वो मुझे स्मूच कर रही थी और मैं उसे, एक दूसरे को हम दोनों पूरा साथ दे रहे थे.

वो मैंरे लंड को मूह मैं लेके चूस रही थी मैं उसकी चूत को चाट रहा था. 2 मीं. किस किया उससे. अब वो बोलने लगी कल रत से वेट कर रही हो तुम्हारे लंड का अर्जुन मैंरी चूत प्यासी है डाल दे अपने बड़े लंड को. मैने बोला इतते जल्दी क्या ह अभी तडपा तडपा के डालूँगा.

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फिर हम बेडरूम मैं चले गये और वो बोली मुझे उपर आना. मैं तैयार हो गया.

वो तो मेरे लैंड को ऐसे चूस रही थी जैसे 10-15 साल से लंड नहीं मिला. आवाज़ निकल रही थी ऑश.उम्म्म ह फक में हार्ड माय डार्लिंग अर्जुन, मैं बोला रंडी. अभी देखा कहा अभी तो तेरी गांड मारनी ह फिर बोलना फक मैं हार्ड फिर वो डर गयी बोली गांड नहीं . मैं बोला अरे रंडी तूने अभी गांड का मज़ा नहीं लिया इसलिए बोल रही है एक बार लेगी तब नहीं बोलेगी. बहुत कहने पे वो मानी.

फिर वो उल्टी लेट गयी मैने थोड़ा ही लंड घुसाया था वो बोली प्लीज़ निकालो ना मैने बोला तोड़ा वेट करो. अभी बीच मैं ही निकल लेंगे तो ज़्यादा दर्द होगा. कुछ टाइम दर्द सहन कर ले तो बोली ठीक ह लेकिन स्लोली करो. मैने धीरे धीरे डाला. दोस्तों उसकी चूत काफी गरम और टाइट थी शायद टाइट होने का यही वजह था की कुणाल उससे ज्यादा चोदा नहीं था. मैं भी ऐसी चूत को पाकर बहूत खुश था और मेरा लंड टनटना रहा था और मेरे अंदर वासना भरी हुयी थी. दोस्तों कभी वो निचे कभी मैं निचे, उसकी चूचियों को मस्लहते हुए जब मैं लंड को उसकी चूत में डालता था, उसके मुह से सिर्फ आह आह आह आह आह आज मैं बहूत खुश हु मेरे राजा.

आज मुझे पहली बार किसी मर्द से पाला पड़ा है. आज ऐसा लग रहा है जैसे पहली बार मुझे सेक्स का आनंद मिला है. आज मैं तर गई. धन्य हो गई. आह अतः आह मेरे गांड में ऊँगली घुसाओ आह और चूत में लंड पेलते रहो. मेरी चूचियों को पीओ. आह आह देखो दूध निकल रहा है. मैंने कहा अरे रंडी जब तुम माँ नहीं bani हो दूध कैसे निकलेगा. वो कहने लगी. चुसो खूब चुसो मैं बिना बच्चा दिए ही तुम्हे दूध पिलाऊंगी आह आह आह और वो झड़ गई. दोस्तों मैं तुरंत निचे हुआ और उसकी चूत की पानी को अपने जीभ से साफ़ कर दिया. वो आह आह आह कर रही थी. फिर मैंने उसको उलटा कर दिया,

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अपना लंड उसके गांड पर रखा, और घुसाने की कोशिश की पर वो जोर से चिल्लाई, बोली मेरा गांड का छेद बहूत छोटा है और तुम्हारा लंड बहूत मोटा कैसे जायेगा? मैंने मर जाउंगी. मैंने कहा मेरी जान. रूक, फिर मैंने पाने लंड में थूक लगाया और और फिर कोशिश की. लंड करीब २ इंच ही अंदर गया पर वो जोर जोर से चिल्लाने लगी. निकालो निकालो, मैंने उसके पीठ को सहलाया और उसके बूब्स को भी. उसके बाद फिर मैंने वापस गांड से लंड निकाला और फिर चूत में एक बार डाला उसकी चूत काफी गीली थी अब मेरा लंड भी काफी गीली हो गई थी. उसके बाद तुरंत ही मैंने गांड में डाली, मेरा लंड इस बार अंदर चला गया और वो बोली हां अच्छा लगा. और मैं फिर गांड मारना सुरु किया. दोस्तों वो जोर जोर से झटके देने लगी. उसका चूतड़ हिल रहा था हरेक झटके पे. और मैं पूरा माल उसके गांड में ही छोड़ दिया.

थोड़े देर रुकने के बाद फिर से हम दोनों स्टार्ट हो गए. और फिर से चूत मारना सुरु कर दिया. इस तरह से हम दोनों ने रात भी खूब चुदाई की. रात भर खूब चोदा. दोस्तों बहूत मजा आया था.

फिर हमने शवर लेते हुई सेक्स किया. बहुत मज़ा आया.सिमरन मुझे बता रही थी अभी तक का सबसे सच्चे सेक्स मज़ा तुमने दिया है अर्जुन. दोस्तों उसके बाद मेरा दोस्त तीन दिन बाद आया था उस तीन दिन में उसको मैंने खूब संतुष्ट किया. तीन दिन तक सिर्फ चुदाई ही चुदाई करता था.

अब वो मेरे से हमेशा चुदती है. मैं जयपुर चला जाता हु. वह होटल में रुकता हु, और वो आ जाती है जब कुणाल ड्यूटी जाता है फिर हम उसकी खूब चुदाई करते है.

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