गर्म सेक्सी टीचर की चुदाई पार्ट 1

Student Teacher Hot : हेलो दोस्तो आप का अपना दोस्त मोहित फिर से एक मजेदार किस्सा लेकर हाजिर हु
यह कहानी मई 2018 में हुई है। बात 13 मई 2018 मेने एक सेक्सी टीचर के साथ मस्त सेक्स किया उस टीचर के साथ जैसे सेक्स किया मुझे खूब मजा आया में उस टीचर को आज तक भुला नही पाया।
यह सब मानसून से शुरू हुआ।

दोस्तो वैसे तो में अपने आफिस बाइक से जाता था मगर बाइक खराब होने की वजह से मुझे बस में सफर करना पड़ा क्यो की बाइक वाले ने 10 दिन पहले ठीक न होने के बोला था मेने रोज बस से आने जाने लगा मगर एक दिन जब में वापिस अपनी बस में बैठा वैसे तो कन्टेक्टर से मेरी पहचान हो गई थी इसलिए वो रोज मेरे लिए सीट रोक कर रखता था जैसे ही मेरी सीट पर जाकर बैठा तो देखा मेरी सीट के सामने, एक लड़की, एक चमकदार नीली रंग साड़ी पहनी थी। उस लड़की को देखकर मुझे पता चला कि वह एक टीचर है। उसके शालीनता और सुंदरता को देख कर में मंत्र मुग्ध हो गया।
अब तो रोज में बस से जाता चाहे मेरी बाइक ठीक हो गई हो थोड़े दिन में उससे रोज देखता मगर कभी देखने से मन भरता है क्या? मैंने उससे बात करना शुरू कर दिया, उसे अपने दोस्त बना कर, उसका फोन नंबर ले लिया। उसके नंबर लेने के बाद मेरे दिमाक में उसके लिए बहुत खूबसूरत ख्याल आने शुरू हुए उसके साथ घूमना उसके साथ समय बिताना और भी बहुत अच्छे सपने सोचने लगा।

बहुत जल्द हम एक दूसरे के करीब हो गए इसलिए एक तरह से, मैं उसका अनौपचारिक प्रेमी बन गया था यद्यपि हमने ऐसा कुछ नहीं किया था, जो प्रेमी कर सकते थे। पर एक दिन जब मैं उसके साथ समय बिता रहा था और उस दिन उनके साथ बैठा था, तो उनके प्रति मेरे मन में अजीब-सी गहमागहमी थी। वह अपने हरे रंग की तंग टी उसकी टी शर्ट में दरार मेरे लंड को उकसा रही थी मगर वो अपने कॉलेज के किस्से को सुना रही थी मगर मेरा धयान तो सिर्फ उसकी दरार पर था उसका फिगर 32-30-34 था।

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में उसकी कल्पना में खो रहा था कि मुझे उसकी टीशर्ट और डेनियम निकलने का मौका मिले ते उसने अंदर कोन से रंग की ब्रा पेंटी पहनी होगी मगर मुझे तो लड़की ब्लैक ब्रा और रेड पैंटी में अच्छी लगती है। जैसा कि मैं सोच रहा था कि उसने अपने दाहिने कंधे के पास उसकी ब्रा का पट्टा दिखाई दे रहा था और यह काला था।हे भगवान!मेरा दिल खुश हो गया और उसकी ब्रा के पट्टे को घूर रहा था।उसने देखा कि मैं उसे नहीं सुन रहा हूँ.

यहां तक कि वह समझ गई कि मैं विक्षिप्त आंखों के साथ उसके ब्रा के पट्टे को देख रहा हूं। उसने अपनी बात को कम कर दिया और एक नाराज चेहरे में कहा कि हम वापस जाते हैं। मैं वापस अपने होश में आया.मेरे दुर्भाग्य को कोसने लगा उसको उसके पीजी ड्राप किया। उस रात उसके पास से कोई संदेश या फ़ोन नहीं था (हर रात हम कम से कम एक घंटे फोन पर बोलते थे)।

अगले दिन जब मैं आफिस बस में गया तो उसने मुझे देख कर भी इगनोर कर दिया लड़की बहुत ज्यादा भाव खा रही थी मैंने यह भी सोचा कि उसके भाव के चक्कर मैं उसे खो सकता है। आफिस में दिन के कब रात के 9बज गए मुझे मालूम ही नही पड़ा। और रात को, मैंने उसे सॉरी का मैसेज किया 30 मिनट के बाद, उसका जवाब आया और उसने पूछा, “अगर आप मेरी ब्रा की पट्टी को इतना पसंद करते हैं, तो आपने उसे स्पर्श क्यों नहीं किया? मैंने जवाब देने में समय बर्बाद नहीं किया “एक मौका दो मैं इसे अब स्पर्श करना चाहता हूं।”
छाया: हहाह।मैं अभी ब्रा नही पहनी है।

मेने उसे कहा मैं उस हिस्से को छूना चाहूंगा जिसे एक ब्रा द्वारा कवर किया जाता था। छाया: आप बहुत शरारती है मगर अब पीजी का गेट बंद हो चुका है। में अब बहार नही आ सकती।

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मेने कहा में आपसे बात करना चाहता हूँ छाया: कल मिलते है। जैसे कि रात में आधी रात तक बातचीत चल रही थी। अंत में, मैंने अपने कड़क लंड की एक तस्वीर को भेजा। वह शायद चौंक गई और जवाब नहीं दिया।(बाद में कई दिनों बाद उसने कहा कि वह आपके लंड की pic. को देखकर बाथरूम में अपनी चुद में ऊगली करके अपनी चुद को शांत कर रही थी। अगले दिन जब मैं बस में सवार था वह और शरमा रही थी।

मैं अपनी सीट पर बैठ गया और उसे texted,मैसेज किया “क्या तुम इतनी शर्मीली बन रही हो? उसने कहा, “आपको शाम को जवाब मिलेगा।”

पूरे दिन आफिस में,शाम होने का इंतजार कर रहा था। और उसे फोन पर मैसेज कर रहा था लेकिन वो मेरे मैसेज का जबाब नही दे रही थी शाम के इंतजार में पागल हो रहा था मगर कर भी क्या सकता था इसलिए अपना ध्यान काम पर लगाने लगा शाम होगई मगर मैं उस से नाराज था और अब उससे संपर्क करने का फैसला नहीं किया। शाम को 7.45 बजे, उसने मुझे मैसेज किया छाया ने कल मुझे काफी के लिए पूछा में उसे मना नही कर सका और उसे हा कर दिया।

सुबह वो ब्लैक ड्रेस में क्या कयामत बन कर आई थी में ने उसको अपनी बाइक पर बिठाया रास्ते मेने उससे कोई बात नही की हम काफी हाउस पहुचे और चुपचाप काफी पीने लगे मगर मैंने चुप्पी तोड़ दी और पूछा कि वह पूरे दिन मुझे क्यों अनदेखी कर रही थी।
छाया: कुछ सब्र के बाद आपको अच्छी चीजें मिलनी चाहिए, केवल तभी उसी की एहमियत मालूम होती है।

एक नाराजगी भरे स्वर में, मैंने कहा, “वह अच्छी चीज क्या है?”
छाया: आज आप मेरे दुपट्टा के नीचे मेरे शरीर के नरम हिस्सों को छू सकते हो।
में मन ही मन खुश होरहा था मगर छाया ने कहा लेकिन मेरी एक शर्त है।

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मैंने पूछा, क्या?
छाया आपको एक घंटे तक मुझे छुये बिना महसूस करना है वो भी अभी और मुझे भी महसूस कराना होगा।
यह मेरे लिए चुनोती थी मगर मुझे चुनोती पसंद है उसे क्या पता कि सेक्स स्टोरी का राइटर हु।

हम दोनों भूल गए कि हम एक कॉफी हाउस में बैठे हैं। कुछ स्थानों पर, बैठने की व्यवस्था की गोपनीयता का भी फायदा था। में उसे अपनी बातों से गर्म कर रहा छाया का एक हाथ अपनी योनि में रगड़ना चालू कर दिया मगर वो और हम भूल गए थे कि हम एक काफी हाउस में बैठे है उसने कहा यह से चलते है मेने बिल का भुगतान किया और वह से चल निकले जब हम बाइक पर थे तो उसने कहा कि हम पास पार्क में जाते हैं और कुछ समय तक बैठते हैं। पार्क से पीजी 15 मिनट की पैदल दूरी पर है। मेने चौकीदार को 200 का नोट दिया तो चौकीदार ने मुझे एक गुप्त जगह दे दी हम एक पेड़ के नीचे बेंच पर बैठे।

मुझे आज भी याद है हम ने उस पार्क में लगभग एक घंटे बिताए जैसा कि मैं यह लिख रहा हूं, उस क्षण को याद कर रहा हूं और अपने लड़ पर हाथ फेर रहा हु। आगे क्या हुआ इसके लिए आप को कहानी के दूसरे पार्ट का इंतजार करना होगा और मेरे प्रिय पाठक और पाठिकाये को कहानी केसी लगी मुझे मेल कर के बताए
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