ससुर जी ने और देवर ने मिलकर संतुष्ट किया कल रात

Sasur Devar Bahu : मेरा नाम रम्भा है और मैं आपको अपनी सुनाने जा रही हूँ। ये मेरी पहली सेक्स कहानी है नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर। मैं इस वेबसाइट पर कई सारी सेक्स कहानियां पढ़ी हूँ। उसमे से सबसे ज्यादा हॉट और सेक्सी मुझे ससुर और देवर की कहानियां लगी थी। इस वजह से ही मैं कल अपने ससुर और देवर से चुद गयी। ये बात सच है जब आप किसी के बारे में सोचते हैं या किसी को करने के लिए सोचते है तो वो आने वाले समय में पूरा हो जाता है आपका विश।

ऐसा ही मेरे साथ हुआ है मैं करीब एक साल से सोच रही थी की काश मुझे देवर और ससुर एक साथ चोदे जैसा की एडल्ट फिल्म में होता है मजा आ जाता। और मेरे ये सपना पूरा हो गया। अब मैं आपको अपनी कहानी सूना रही हूँ क्या कैसे हुआ ये सब।

मेरी शादी को हुए करीब 4 साल हो गया। पर मेरा पति मुझे अभी तक गर्भवती नहीं कर पाया। करे भी तो कैसे जब उसने एक और चुड़क्कड़ लड़की को पाल रखा है अपने ज़िंदगी में तो सारा वीर्य वो वही डाल कर आता है और मुझे गरम कर के छोड़ देता है। एक मर्द दो औरतों को कभी खुश नहीं कर सकता है चुदाई में। भले एक औरत एक दिन में कितने भी मर्द को संतुष्ट और तृप्त कर सकती है।

मेरा पति एक हॉस्पिटल में काम करता है। वो लैब तकनीशियन है। आजकल कोरोना के चलते वो ज्यादातर हॉस्पिटल में ही रहता है। घर नहीं के बराबर आता है। वही एक नर्स है काम्या उसी के प्यार में पागल है और रात में उसी के साथ सोता है और चुदाई करता है। तो वो घर क्यों आएगा. काम्या मेरे से ज्यादा हॉट और सेक्सी यही मैं तो गाँव की औरत हूँ। भले मेरा जिस्म हॉट और टाइट है पर काम्या आजकल की लड़की की तरह हॉट बन कर रहती है और मैं घरेलु महिला की तरह।

तो आपको भी पता है आजकल चुदाई के लिए हॉट और सेक्सी चाहिए और घर में बीवी बनाने के लिए घरेलु महिला। पर जब घरेलु महिला चुदाई में खुश नहीं रह पाती है तब वो मुँह तो मारेगी ही। और उसका सबसे सही ठिकाना होता है घर के ही मर्द यानी की अपने खुद के रिश्तेदार।

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अब मैं सीधे अपनी चुदाई की कहानी पर आती हूँ अब आपको सब कुछ पता ही चल गया है। एक दिन की बात है मैं रात में नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियां पढ़ रही थी। कहानी बहुत ही कामुक होने की वजह से धीरे दिए मैं एक एक कपडे उतारने लगी। मैं पहले ब्लाउज खोली फिर ब्रा उतारी फिर मैं अपनी साडी फिर पेटीकोट और फिर पेंटी। मैं नंगी हो गयी थी।

कमरे में एक हलकी लाइट जला रखी थी। ससुर जी और सास छत पर सोये थे और मेरा देवर अपनी दोस्तों के पास गया हुआ था तो मेन दरवाजा खुला ही छोड़ दी थी घर का। ताकि जब मुझे नींद भी आ जाये तो वो घर आ जाये। अब मैं कहानियां पढ़ते पढ़ते मुझसे रहा नहीं गया। मैं अपना बाल खोल दी और अपने होठ को अपनी दाँतों से दबा कर मैं खुद ही अपनी चूचियां दबाने लगी। मैं आह आह करने लगी। मैं खुद ही अपनी चुत को सहलाने लगी. जब मेरी चूत गीली हो गयी तो मैं अब उसने ऊँगली डालने लगी। सफ़ेद सफ़ेद क्रीम मेरी चूत से निकलने लगी।

अब मैं गांड गोल गोल घुमा कर अपनी चूत में ऊँगली करने लगी। मुझे बहुत ही अच्छा लगने लगा था मैं कामुक हो गयी थी मेरी सेक्स की इच्छा तीव्र होने लगी। मैं आँखे बंद कर अपने जिस्म को टटोलने लगी। तभी मेरी चूचियों पर किस ने हाथ रखा मैं देखि तो देवर जी सामने खड़े थे। वो मुझे वहशी निगाहों से घूरने लगे। मैं जैसे ही कपडे अपने तन पर रखने की कोशिश की उन्होंने रोक दिया मुझे।

उसके बाद वो मेरी जिस्म को निहारने लगे। फिर मेरी चूचियों को हौले हौले से सहलाकर मेरी होठ को छूने लगा। मैं उनका हाथ पकड़ ली और सीधे अपनी चूत पर ले गयी। चूत गीली थी मैं टाँगे फैला दी। नशीली आँखों से उनको निहारी वो तुरंत ऊपर चढ़ गए।

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मैं बाहों में भर ली। वो मुझे चूमने लगे, मैं भी उनके होठ को चूसने लगी। धीरे धीरे हम दोनों एक दूसरे के जिस्म को टटोलने लगे। वो कभी मेरी गांड में ऊँगली करते तो कभी मेरी बगल यानी कांख को चाटते। मेरी चूचियों को दबाते तो कभी मेरी निप्पल को चूसते। मैं उनके लंड को हाथ में ले ली बहुत मोटा और लम्बा लंड था उनका मैं उनको निचे की और मैं खुद ऊपर हो गयी और उनके लंड को मुँह में ले ली।

अब हम दोनों ही 69 पोजीशन में आ गए वो मेरी चूत और गांड को चाटने लगे। मैं उनके लंड को आंड को और गांड को चाटने लगी। ओह्ह्ह्ह क्या बताऊँ दोस्तों कमरे में चूसने और चाटने की आवाज गुज रही थी। ऐसा लग रहा था की हम हों की अचार चाट रहे हों।

ओह्ह्ह्हह्ह फिर क्या मैं बिना देर किये मैं लेट गयी अपने पैरों को फैला दी। वो तुरंत ही लंड को पहले मेरी चूत पर रगड़ा और फिर जोर से घुसा दिया। पूरा लंड अंदर चला गया अब वो मेरी बूब्स को सहलाने लगे। मेरी होठ पर अपना होठ रखा मैं अपनी बाहों में भर ली और अब शुरू हुआ धक्के पर धक्का।

वो मुझे जोर जोर से धक्के देने लगा पूरा लंड अंदर होता बाहर जाता। मजा आने लगा। मैं उनके सीने को चूमने लगी वो मेरी चूचियों को दबाने लगे। और जोर जोर से धक्के देने लगे। हम दोनों ही कामुकता की हद को पार कर गए थे। जोर जोर से एक दूसरे की वासना को बुझाने की कोशिश कर रहे थे।

मस्त थे तभी मेरे ससुर जी आ गए। शायद वो पानी पिने निचे आये थे पर हम दोनों की कामुक आवाज को सुनकर मेरे कमरे में आ गए। और फिर क्या था। उन्होंने तुरंत ही अपनी धोती और कुर्ता उतार दिया। और कमरे के दरवाजा बंद कर दिया। तब तक हम भाभी और देवर दोनों ही अलग अलग हो गए थे।

अब उन्होंने मेरा दोनों पैर को अपने कंधे पर रखा और मोटा लंड था पर शुरू में थोड़ा ढीला पर दो तीन मिनट में ही उनका लंड मोटा और लम्बा हो गयी। अब वो जोर जोर से पेलने लगे। मैं ओह्ह्ह्हह्ह ओह्ह्ह्ह करने लगी। वो जोर जोर से मुझे चोदने लगे। देवर मेरा चुपचाप अपना लंड हाथ के लेकर खड़ा था।

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तभी ससुर जी बोले देखता क्या है ले तब तक चूची पीने का मजा। वो तुरंत ही मेरी चूचियों को दबाने लगे पीने लगा। मेरे होठ को चूसने लगे। ससुर चोदे जा रहे थे और मेरा देवर मेरी जिस्म को चूम रहा था चूस रहा था। करीब बीस मिनट तक ससुर जी ने ऐसे ही चोदा फिर वो ऊपर आ गए। और फिर वो निचे हो गए और मैं ऊपर हो गयी। अब मैं उनके लंड को अपनी चूत में ले ली।

अब मेरा देवर पीछे से मेरी गांड के तरफ से अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और ससुर ही निचे से डाल दिए। अब मेरी चूत में दो दो लंड था। मुझे काफी दर्द होने लगा पर वासना के आगे दर्द फीकी हो गयी और फिर से आआह आआह ाआअह ओह्ह्ह्हह्हह करके चुदवाने लगी।

इस तरह पूरी रात उन दोनों ने चोदा। आज मेरी चूत सूज गयी थी मैं चल नहीं पा रही हूँ। पर मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है और मैं खुश भी हूँ। आज क्या होगा रात में मुझे नहीं पता क्यों की ये कहानी दोपहर में खाना खाकर लिखी हूँ।

ये कहानी पढ़ने के बाद आप मेरी दूसरी कहानी जरूर पढ़ेंगे। मैं जल्द ही हॉट और सेक्सी हिंदी में सेक्स कहानियां लेकर आती रहूंगी। तब तक के लिए नॉनवेज स्टोरी के दोस्तों को मेरा नमस्कार।