बूब्स सहलाकर माँ को गरम किया फिर चोदा

Maa Bete Ki Sex Kahani : लाइफ में कुछ चीजें ऐसी हो जाती है जो ना बोलने वाली होती है। पर आज मैं यहां पर बोलने जा रहा हूं आप लोगों को अपनी कहानी सुनाने जा रहा हूं। मैं भी चाहता हूं आपको पता चले कि कल रात मैंने क्या किया और कैसे मैंने अपनी मां को बूब्स दबाकर गर्म किया और फिर अपना मोटा लंड उनकी चूत में घुसा कर रात भर चोदा। यह मेरी पहली कहानी है नॉनवेज story.com पर मैं आगे भी कहानियां लिखा करूंगा अगर आप लोगों को यह कहानी पसंद आए तो।

मेरा नाम दिव्यांश है मेरी मां का नाम रितिका है। मैं 21 साल का हूं और मेरी मां 38 साल की उनकी जल्दी शादी हो गई थी इस वजह से मैं भी जल्दी पैदा हो गया और बेटा तो जवान हो गया पर मैं भी अभी बूढी नहीं हुई वह भी जवान है। आप भी शायद सोचते होंगे जिसकी मां जवान है। अगर उसके घर में उसका बेटा जवान हो जाए और पापा उसके बुरे हो तो रिश्ता तो कुछ अलग हो ही जाएगा ऐसा ही मेरे साथ हुआ है जो मैं आपको बता रहा हूं कि कैसे कैसे क्या हुआ था।

मेरी मां बहुत हॉट और सेक्सी औरत है जब मेरी मां की शादी हो रही थी तो समय वह बहुत छोटी उम्र की थी पर पापा बड़ी उम्र के थे पहले ऐसा होता था। पापा बूढ़े हो गए मां जवान ही रह गई। जिसके घर में जवान औरत हो भले मां ही क्यों ना हो और बेटा भी जवान हो तो नजर इधर उधर हो ही जाती है। मेरी नजरें भी मां के बूब्स पर हमेशा रहता था उनकी गांड की उभार को देखकर मैंने कई बार बाथरूम में जाकर हस्तमैथुन किया उनकी याद में कई बार मैंने पूरी रात लंड को हिलाता रहा। पर कल यह सब चीज की जरूरत नहीं हुई कल मैंने मां को चोद दिया।

असल में मेरे पिताजी दूसरे शहर में काम करते हैं। महीने में कभी आ गए तो आ गए नहीं तो वह बहुत दिन बाद ही घर आते हैं। मैं और मेरी मां दोनों ही घर में अकेले ही रहते हैं। इस वजह से मां के साथ मेरा काफी अच्छा लगाव हमेशा बना रहता है। जब से मैं जवान हुआ हूं तब से मेरी मां भी काफी बदल गई है। शायद वह मेरी तरफ भी आकर्षित होते रहती है पर रिश्ते की वजह से वह फिर अपने पैर को आगे बढ़ाने को रोक लेते हैं उन्हें भी पता है। मां बेटे का रिश्ता क्या होता है पर कई बार जब एक खूबसूरत जवान औरत को पति का प्यार नहीं मिले तो मन डोल जाता है इधर-उधर होने ही लगता है।

गरमा गरम है ये  भतीजे ने चूत और गांड में उगली करके चरम सुख दिया

कल रात की बात है मां मेरी काफी उदास थी उन्हें लगता था कि शादी ऐसे उम्र वाले इंसान के साथ होने चाहिए जो बराबर का हो ज्यादा बड़ा छोटा उम्र का गैप हो जाने के बाद कई सारे दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कभी मेरे पापा मेरी मम्मी को खुश नहीं कर पाते हैं वह बड़े पुराने ख्याल के हैं और मेरी मम्मी आजकल के ख्याल की है। मम्मी यही सब सोचकर रो रही थी कह रहे थे कि मेरे सारे दोस्तों को देखो कितनी अच्छी खुश रहती है, एक मैं हूं मैं अकेली फील करती हूं।

मम्मी के इसे फिलिंग्स का फायदा उठाकर मैंने मां के पास जाकर बैठ गया फिर मैं मां के गोद में अपना सिर रख कर उनको समझाने लगा कि चिंता मत करो मम्मी मैं हूं ना मैं तुम्हें सब जगह घुमाऊंगा मैं सब जगह तुम्हें ले जाऊंगा मैं तुम्हें खाना खिलाने ले जाऊंगा। और धीरे-धीरे करके मैं उनके हाथ को पकड़ कर हौले हौले से दबाने लगा फिर उनके जांघ पर हाथ फेरने लगा। मम्मी बड़ी नॉर्मल हो गई थी जब मैं उनके जिस्म को छू रहा था तो मुझे समझ आ रहा था कि शायद मम्मी को भी अच्छा लग रहा है। धीरे-धीरे करके एक दो बार मैंने उनकी बूब्स को छुआ तो कुछ नहीं बोली फिर मैं एक उंगली से उनके बूब्स को छूने लगा फिर दो उंगली से फिर एक हाथ से।

फिर मैंने मम्मी के बूब्स को अपने हाथों से सहलाने लगा। रात के करीब 10:00 बज रहे थे मम्मी कुछ भी नहीं बोल रही थी चुपचाप वह मुझे निहार रही थी और मैं उनके बूब्स को सहला रहा था दबा रहा था। मम्मी अचानक से बेड पर लेट गई मैं उठ कर बैठा तो मम्मी ने अपनी टांगे फैला दी थी मैंने अपने मम्मी के जांघ पर हाथ फेरा तो वह कुछ नहीं बोली धीरे-धीरे में साड़ी के ऊपर से ही मैं उनके चूत पर हाथ रख दिया। मुझे लगा कुछ बोलेगी, क्योंकि वह कुछ बोलना चाह रही थी उनके खेल रहे थे। मैं मम्मी के चेहरे को देखकर मैं उनके चूत को छूने लगा तुम मुझे देख कर बोले क्या चाहता है तू? मैं तुरंत ही उनको बोल दिया कि जो आप चाहते हो.

गरमा गरम है ये  बरसात के एक दिन पति ने मुझे छत पर ले जाकर भीगते हुए बजाया

मम्मी बोलिए तुम्हें कैसे पता मैं क्या चाहती हूं?

मैंने अपनी मम्मी से बोला अगर आप यह सब नहीं चाहती तो मुझे छूने नहीं देती।

मेरी मम्मी समझ गई थी कि मुझे क्या चाहिए और मैं भी समझ गया था कि मेरी मम्मी को क्या चाहिए।

मम्मी तुरंत ही मुझे अपनी बाहों में भर ले और फिर शुरुआत हुआ चुम्मा लेने से मैंने मम्मी के गाल पर चुम्मा लिया मम्मी भी मुझे चुम्मा ले फिर वो मेरे होंठ पर चुम्मा ले और फिर यहीं से शरीर कि गर्माहट शुरू हो गई। मम्मी तुरंत ही अपना आंचल नीचे उतार दिया अपने साडी को तुरंत ही अलग कर दिया। ब्लाउज का खुलते देर नहीं लगा मैंने तुरंत ही उनके बरा तक उतार दिया। मम्मी की बड़ी-बड़ी टाइट चूचियां मैं तुरंत ही अपने मुंह में लेकर दबाने लगा पीने लगा मम्मी के मुंह से सिसकारियां निकलने लगी। मेरी मम्मी काफी ज्यादा गरम हो गई थी वह अपने साले को नीचे फेंक दें और नाडा पेटिकोट का खोलकर अलग कर दिया मैंने तुरंत ही नीचे जाकर उनकी नीली पहनती निकाल दे।

पेंट खोलकर मैंने अपने नाक से लगाया और पहले सुंघा। उनके प्रति खुशबू ऐसी थी मैं तुरंत ही मदहोश होने लगा मेरा लंड बहुत मोटा हो चुका था। मम्मी तुरंत ही मेरे लंड को पकड़ कर अपने मुंह में लेकर चूसने लगी मैं मम्मी की बड़ी बड़ी चूची को दबाते हुए उनके जिस्म को सहला रहा था उनके चूत पर भी हाथ फैला देता था कभी उनकी निप्पल को दोनों से दबा देता था। ऐसा करने से मेरी मम्मी और भी ज्यादा अंगड़ाइयां लेने लगती थी।

10 मिनट में ही मेरी मम्मी इतनी ज्यादा गरम हो गई कि वह आतुर हो गई। मेरा मोटा लंड चूत में लेने के लिए बेचैन होने लगी मैं भी देर नहीं किया मैंने दोनों टांगों को अलग-अलग करके पहले उनके चूत के पानी को पी या फिर अपना मोटा लंड उनकी चूत के छेद पर लगाकर घुसा दिया दोनों चुचियों को दोनों हाथों से मसलते हुए मैं जोर-जोर से उनके चूत में लंड घुसाने लगा। मम्मी एक बात बोली यह काम तेरे बाप का था जो आज तू कर रहा है।

गरमा गरम है ये  नींद में कल रात बेटे से ही चुद गयी

मैंने कहा कोई बात नहीं है आज के बाद तुम मुझे अपना पति मान लो और मैं तुम्हें अपना पत्नी मान लेता हूं जो तुम्हें चाहिए वह मिल जाएगा जो मुझे चाहिए वह मिल जाएगा साला बुड्ढे को याद ही मत करो। और फिर मम्मी और भी ज्यादा गर्म होकर मेरे से चुदवाने लगी। मैं जोर जोर से धक्के देकर उनकी चूत में लंड घुसा रहा था मम्मी गालियां भी दे रही थी प्यार भी कर रही थी अपनी बूब्स को मेरे मुंह में दे रही थी खुद गांड घुमा घुमा रही थी और मेरा मोटा लंड अपनी चूत के अंदर ले रही थी और नीचे से झटके दे रही थी।

मैंने मम्मी को करीब 1 घंटे तक चोदा जब तक वह शांत नहीं हो गई। मम्मी के चूत से सफेद कलर का मक्खन निकल गया था ज्यादा मैंने अपने लंड अंदर बाहर क्या। जब मेरा माल झाड़ गया जब मम्मी शांत हो गई तो मम्मी मुझे अपनी बाहों में लेकर मुझे चूमने लगी और कहने लगी मैं बरसों से प्यासी थी आज मैं अपनी प्यास को बुझा पाई हूं। मैं मम्मी को बोला चुम्मा लेते हुए आज के बाद तुम्हें किसी चीज की कमी नहीं होगी एक कमी थी वह भी अब मैं पूरा किया करूंगा आज के बाद मैं तेरा पति तू मेरी पत्नी दिन में मां बेटे का रिश्ता रात में पति पत्नी का रिश्ता रखा करेंगे।

आज मैं जल्दी कहानी लिखकर फिर से मां के बेड पर जा रहा हूं क्योंकि वह मेरा इंतजार कर रही है यह कहानी कल की है इस वजह से आज मैं थोड़ा यहीं पर समाप्त कर रहा हूं मैं जल्दी जल्दी से अपनी मम्मी के पास जा रहा हूं वह तो आज बड़ी सेक्सी और हॉट लग रही है।