बॉयफ्रेंड ने कामदेव की तरह मेरी चूत का काम लगाया

Boyfriend Girl friend Sex Story : सभी लंड वाले मर्दों के मोटे लंड पर किस करते हुए और सभी खूबसूरत जवान चूत वाली रानियों की चूत को चाटते हुए सभी का मैं स्वागत करती हूँ। अपनी कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के माध्यम से आप सभी मित्रो तक भेज रही हूँ। ये मेरी पहली स्टोरी है। इसे पढकर आप लोगो को मजा जरुर आएगा, ये गांरटी से कहूंगी।

मेरा नाम दिव्यांशी दूबे है। मैं ललितपुर, यूपी में रहती हूँ। मेरा घर गाँव में पड़ता है। मैं 22 साल की जवान सेक्सी लड़की हो गयी हूँ। अब मेरा बदन काफी खिल गया है। मेरी जवानी उफान पर आ गयी है। मेरे दूध जो कभी छोटे छोटे अमिया जैसे हुआ करते थे, वो अब 36” के बड़े बड़े हो गये है। इसलिए अक्सर ही जवान लड़के मुझे प्रपोज करते रहते है। मेरे गाँव के सभी जवान लड़के मेरे जवानी पर फ़िदा है। जब जब मैं खेत की तरफ जाती हूँ सब लड़के मेरा इंतजार करते रहते है। ईश्वर ने मुझे काफी खूबसूरत बनाया है। मेरा फिगर अब 36 32 36 का हो गया है। मेरी गांड भी पीछे को निकली रहती है। सभी लड़के मेरी गांड को हाथ लगाकर सहलाना चाहते है पर ये मौका तो कुछ किस्मत वालो को आज तक मिला है। मेरा अफेयर गाँव के ही एक लड़के पिंकू से चल रहा था। मैं उससे बहुत प्यार करती थी पर आज तक चुदाई नही थी। फिर पिंकू चूत मारने की बात करने लगा।

“क्या तुम मुझसे बाहर बाहर से प्यार नही कर सकते???” मैंने पिंकू से बोला

“नही!! मेरा लंड अब रोज ही खड़ा हो जाता है। मुझे तेरी चूत चाहिये बस। मुझे कोई बहाना नही चाहिये” पिंकू कहने लगा

“ठीक है कल 10 बजे मेरे घर चले आना। मुझे चोद लेना तुम” मैंने कहा

अगले दिन 10 बजे तक मेरे घर के सब लोग खेत में काम करने चले गये थे। पिंकू सही वक्त पर आ गया। फिर मुझे पकड़कर किस करने लगा। मैंने काले और लाल रंग का सलवार कमीज पहना हुआ था। पहले मेरे बॉयफ्रेंड्स ने मुझे खूब किस किया बाहों में भरकर। खूब मेरे रसीले होठो को चूसा। काट काटकर चूसा। फिर मेरे दूध को कमीज के उपर से दबाने लगा। मैं “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा सी सी सी” करने लगी। उसे मैं अपने वाले कमरे में ले आई थी। आज पहली बार मैं चुदने जा रही थी। मेरे रसीले दूध को पिंकू हाथ लगाने लगा तो मुझे झुनझुनी सी होने लगी। हल्का हल्का डर भी लग रहा था। मैं आजतक चुदाई वाले ज्ञान से अनजान थी। मुझे कुछ मालुम ही नही था। पर आज मेरा बॉयफ्रेंड मुझे सब सिखा रहा था। वो काफी देर तक मेरे गोल गोल हॉर्न जैसी चूचियों को दबाता रहा और किस करता रहा। इस बीच मैं भी चुदासी होने लगी।

“तुमको ये सब कहाँ से पता चला पिंकू??” मैंने भोले भाले अंदाज में पूछा

“मेरे एक दोस्त ने बताया था” वो बोला

“क्या चूत चोदने के लिए ही बनी होती है जिसमे लड़के अपना लंड डालकर चोदे??” मैंने पूछा

“हाँ दिव्यांशी!! ईश्वर ने चूत को चोदने के लिए ही बनाया है” पिंकू बोला

उसके बाद वो मेरे गाल पर किस करने लगा। दांत गड़ा गड़ाकर किस करने लगा। मेरा रंग बहुत गोरा था इस वजह से मैं सबको पसंद आती थी। पिंकू आज पूरी तरह से काम लगाने के मूड में था। पहले उसने मेरे गाल पर खूब पप्पी ली। फिर गले पर किस करने लगा। मैं  “……अई…अई….अई…..इसस्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” करने लगी क्यूंकि गले पर किस करने से बहुत अच्छा लग रहा था। मैं भी चुदने को तैयार हो रही थी। फिर पिंकू ने मेरी कमीज को उपर उठाया तो उसे मेरा सेक्सी गोरा गोरा पेट दिख गया। वो हाथ लगाकर सहलाकर देखने लगा। फिर जीभ लगाकर मेरे पेट पर चाटने लगा। मुझे काफी आनन्द मिल रहा था। कुछ देर बाद मुझे अपनी कमीज उतारनी पड़ी। मेरे बॉयफ्रेंड ने अपना शर्ट पेंट उतार दिया। वो बेशर्म लड़के की तरह अंडरवियर उतारकर मेरे सामने खड़ा हो गया था। मैं बार बार उसके लौड़े को देख रही थी। 9” लम्बा लौडा था उसका। काफी बड़ा और मोटा दिख रहा था।

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“क्या ब्रा उतारना जरुरी है” मैंने पूछा

“हाँ दिव्यांशी!! जब तक तेरी नंगी चूचियां नही देखूंगा लंड लोहा नही बनेगा” पिंकू बोला

मुझे अपनी नंगी चूचियां दिखाने में बड़ी झिझक हो रही थी। पर किसी तरह मैंने ब्रा का हुक खोला। मेरे नंगे मदमस्त दूध को देखकर पिंकू की तबियत खराब हो गयी। वो मुझे खटिया पर लिटा दिया। दोस्तों गाँव में जादातर घरो में खटिया ही होती है। शहरो की तरह महंगे बेड गाँव वाले के पास नही होते है। मैं खटिया पर लेटी हुई थी। पिंकू आकर मेरी रसीली चूचियों को मसलने लगा। हाथ में लेकर खेलने लगा। आपको बता दूँ की मेरे दूध काफी सेक्सी और कामुक थे। 36” के मम्मे तो वैसे ही बड़े शानदार होते है। पिंकू दोनों मम्मे को हाथ में ले लिया और दबा दबाकर मजा लेने लगा।

मैं चुदासी होकर “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” करने लगी। मेरी मस्त मस्त छातियों पर पिंकू के हाथ बेपरवाह इधर उधर नाच रहे थे। मेरे मम्मे बहुत ही चिकने थे। दूध जैसे सफ़ेद थे। पिंकू मेरी जवानी पर मरा जा रहा था। पहले उसने मेरी चूचियों को हाथ से मसला फिर मेरे निपल्स से खेलने लगा। मेरे दूध किसी मोटर गाडी के हॉर्न की तरह तने हुए थे।

“साली!! आज मेरे दूध को काटकर खा जाऊंगा” पिंकू कामुक होकर बोला

“काट लो!! मैं भी कटवाने को तैयार हूँ” मैंने कहा

पिंकू की वासना और धधक गयी। वो झुककर मेरे निपल्स को मुंह में लेकर चूसने लगा। मुझे इतना मजा मिल रहा था की मैं आपको बता नही सकती। वो उसी तरह से चूस रहा था जैसे कोई बच्चा अपनी माँ का दूध पीता है। मेरे पूरे बदन में काम की अग्नि जल गयी। मैं भी दोनों हाथो से अपने बॉयफ्रेंड को पकड़ ली और किस करने लगी। वो मेरी तरफ देख ही नही रहा था। सिर्फ मेरे बड़े बड़े हॉर्न (दूध) की ओर देख देखकर चूस रहा था। मेरी चूत में खलबली मचने लगी। लंड की प्यासी बनकर मैं “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा…..” करने लगी।

“पिंकू!! मेरे जानम!! आज मेरे दूध का सब रस तुम पी जाओ। एक बूँद भी नही छोड़ना” मैंने कहा

ये सेक्सी बात सुनकर वो दुगुने जोश में आ गया। और जोश के साथ दांत गड़ा गड़ाकर मेरे नर्म नर्म स्तनों को चूसने लगा। मुझे दर्द भी हो रहा था और मजा भी आ रहा था। मेरी निपल्स को वो मुंह में लेकर किसी चूहे की तरह कुतरने लगा जिससे मुझे बहुत मजा मिला।

“क्या कभी मुंह चुदाई हो दिव्यांशी ??” पिंकू कहने लगा

“नही” मैं बोली

वो अपने 9” लंड को हाथ में लेकर फेटने लगा। उसका लौड़ा धीरे धीरे खड़ा होने लगा। काफी मजबूत और पावरफुल दिख रहा था। पिंकू ने काफी देर मुठ मारी। उसका लंड अब किसी तेज धार चाकू की तरह दिख रहा था। वो खटिया से नीचे उतरा और मेरे सिर की साइड पीछे से आ गया। मैं और थोडा उपर उचक गयी। तभी पिंकू ने अपना लौड़ा मेरे मुंह में घुसा दिया। मैं चूसने लगी। पहली बार मुझे उसका लंड काफी खराब लग रहा था। पर बाद में मुझे ये सब पसंद आने लगा। मैं भी चूसने लगी। मैं खटिया पर लेटकर चूस रही थी जबकि पिंकू मेरे सिर के पीछे खड़ा होकर चुसवा रहा था। मैं हाथ से उसके लौड़े को फेटने लगी। फिर पिंकू ने मेरे सिर को पकड़ा और जल्दी जल्दी लंड से मुंह चोदने लगा। मैं बहुत गर्म महसूस कर रही थी। फिर मैं खटिया से नीचे उतर आई और जमीन पर घुटनों पर बैठ गयी।

“ले रंडी!! इसे चूस कायदे से” पिंकू बोला

उसने फिर से मेरे खूबसूरत होठो के बीच में अपना लंड घुसा दिया और चुस्वाने लगा। दोस्तों ये सब आज मैं पहली बार कर रही थी। मैं अभी तक कुछ नही जानती थी। मैं समझती थी की लड़के के पास लंड सिर्फ मूतने के लिए होता है। पर आज मैंने जाना की लंड से चुदाई वाला कार्यक्रम भी होता है। मैं हाथ में लेकर फेट रही थी। मुंह में लेकर जल्दी जल्दी चूस रही थी। फिर पिंकू का दिमाग और अधिक खराब हो गया। उसने मेरे दोनों कानो पर हाथ लगा दिया और सिर को मजबूती से पकड़ लिया और लंड मेरे मुंह में जल्दी जल्दी डालकर चोदने लगा।

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मुझे बहुत मजा आया इन सब कामो में। मेरे लिए ये सब बिलकुल नया था। पिंकू का लंड अब बिलकुल लोहे जैसा बन गया था। 9” का काफी मोटा किसी स्टील के लंड की तरह दिख रहा था। उसमे से माल टपक रहा था जो मेरे होठो पर चुपड़ गया था। तभी पिंकू को और अधिक चुदास चढ़ गयी। उसने अपना पावरफुल लौड़ा हाथ में लिया और मेरे गाल पर रगड़ने लगा। फिर आँखों पर और फिर माथे पर।

“दिव्यांशी!! साली छिनाल!! आज तेरे सभी छेदों को चोद डालूँगा” पिंकू वासना में भरकर बोला

और 5 मिनट मेरे मुंह पर लंड रगड़ता रहा। मेरे पूरे चेहरे पर उसका माल किसी पाउडर की तरह लगा हुआ था।

“चल खटिया पर जाकर लेट जा” पिंकू बोला

मैं जाकर लेट गयी। उसने ही अपने हाथ से मेरी सलवार की डोरी खोली। उसे उतारा। मैंने आज नीली रंग की चड्डी पहनी थी जो चूत के रस से भीग चुकी थी।

“साली छिनाल!! अपनी बुर की हालत तो देख कैसे पानी पानी हो गयी है” पिंकू बोला

फिर चड्डी के उपर से चाटने लगा। मैं सेक्सी महसूस करने लगी। “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” बोलकर तड़पने लगी। मेरा बॉयफ्रेंड किसी कुत्ते की तरह मेरी रसीली बुर चाटने लगा। फिर चड्डी को उसने उतारने का काम किया। मेरे चूत पर अपने होठ रखकर उसने वो चूसा की मैं क्या बताऊं। इसी बीच मैं एक बार झड़ गई। पिंकू को चुदाई का काफी एक्सपीरियंस था ऐसा मुझे लग रहा था। वो मेरी गुलाबी चूत की एक एक कली को चूस रहा था। मेरे चूत के दाने को हाथ से घिस रहा था। मैं अपनी कमर बार बार उठा देती थी। पिंकू खाने की तरह मेरी चूत को खा रहा था। चूत के दोनों पटो को खोल खोलकर अंदर तक जीभ की नोक बनाकर घुसा रहा था। मैं अपना सीना भी उपर उठाने लगी।

“मेरे जानम!! अभी कितनी देर और चूसोगे??” मैंने कहा

“जल्दी क्या है दिव्यांशी!! चुदाई का मजा तो धीरे धीरे ही आता है” पिंकू बोला

उसने 15 मिनट मेरी रसभरी चूत का सेवन किया। फिर लंड को फेटने लगा। कुछ देर मुठ दिया। फिर लंड के सुपाडे को मेरी चूत की गद्दी पर रगड़ने लगा। मुझे विचित्र प्रकार का यौन सुख प्राप्त हो रहा था। पिंकू रगड़ता ही चला गया। फिर धीरे से धक्का मारकर अंदर डाल दिया। फिर पिंकू मुझे fuck करने लगा।

“चोदो मेरे सोना मोना!!…. उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ…ऊँ…ऊँ….” मैं कहने लगी और दोनों टांग को और खोल दी

मेरी बात सुनकर पिंकू को डबल जोश चढ़ गया। वो तेज तेज धक्के देकर मुझे चोदने लगा। आज मुझे भी चुदाई वाला ज्ञान हो गया था। इससे पहले मैं समझती थी की चूत सिर्फ मूतने के लिए होती है। पर आज मैं जान गयी की चूत का असली काम लंड से चुदना होता है। पिंकू तेज तेज झटके देकर मुझे चोद रहा था। मैं भी मस्ती में झूम रही थी। मेरी चूत बहुत टाईट थी क्यूंकि मैं कुवारी लड़की थी। आज मेरी चूत की सील पिंकू ने ही तोड़ी। कुछ समय बाद उसकी स्पीड बढ़ गयी। वो 100 की स्पीड में मुझे पेलने लगा। मेरी चूत से फट फट की तेज आवाजे आने लगी। चुदासी होकर मैं अपनी बड़ी बड़ी दूध को मुंह में लेकर चूसने लगे और दबाने भी लगी।

पिंकू थक ही नही रहा था। नॉन स्टॉप बिना रुके जल्दी जल्दी मेरा काम लगाये हुए था। मैं  “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ…ऊँ…ऊँ सी सी सी… हा हा.. ओ हो हो….” बोलकर सेक्स का मजा लुट रही थी। पिंकू ने बड़ी देर मुझे पेला। फिर लंड चूत से बाहर निकाल लिया। फिर से मेरी मलाई जैसी गुलाबी चूत पर मुंह लगाकर चाटने लगा।

“और चोदो मुझे पिंकू!! अभी कुछ ख़ास मजा नही आया मुझे” मैं बोली

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पिंकू ने मेरे दोनों पैर खुलवा दिए और उपर उठवा दिए। चूत में लंड लगाया और जल्दी जल्दी लेने लगा। वो मुझे दबाकर चोद रहा था। मैं हाथ से अपनी चूत के दाने को सहलाती और मुंह में लेकर चाट जाती। फिर पिंकू की वासना और बढ़ गयी। वो तेज तेज झटके देते हुए झड़ गया। उसके बाद वो कपड़े पहनकर चला गया क्यूंकि मेरे घर वालो के आने का टाइम हो रहा था। मैं जल्दी जल्दी अपने कपड़े पहनी। कुछ दिन बाद फिर से हम दोनों को सेक्स करने का मौका मिल गया। उस रात पास के गाँव में शादी थी। सब लोग मुफ्त की दावत उड़ाने के लिए गये हुए थे। मैंने पिंकू को रात के 8 बजे आने को कहा। वो आ गया।

“दिव्यांशी!! तेरे घर वाले कहाँ गये???” वो पूछने लगा

“वो पास वाले गाँव के चौधरी के लड़के की आज शादी है ना। सब उसी में फ्री का खाना खाने गये है” मैंने कहा

“तब तो हम लोगो के पास काफी टाइम है” पिंकू बोला

फिर हम दोनों ही कमरे में चले गये। पहले हमारा किस किया। फिर मैं भी कपड़े उतारकर नंगी हो गयी। पिंकू नंगा होकर मेरे पास आकर लेट गया और मेरे 36” के दूध को हाथो से दबाने लगा। आज वो कुछ जादा ही प्यार दिखा रहा था।

“देख तेरे लिए मोबाइल लाया हूँ” पिंकू दिखाते हुए बोला

“सच में क्या मेरे लिए। ये तो बहुत अच्छा है” मैंने कहा

“पर दिव्यांशी!! आज तुमको इस तोहफे को लेने के लिए मुझे भी कुछ स्पेशल देना होगा” वो कहने लगा

“क्या लोगे तुम??”

“आज मुझे अपनी गांड दे दो” वो बोला

फिर मुझे घोड़ी बना दिया। दोस्तों मुझे बहुत डर लग रहा था क्यूंकि मेरी फ्रेंड्स ने बताया था की गांड मराने में बहुत दर्द होता है। पर क्या करूं पिंकू माना ही नही। उसकी जिद के आगे मुझे झुकना पड़ा। वो पहले मेरे दोनों नितम्बो को किस किया और हाथ से सहलाने लगा। मेरे नितम्ब बहुत ही सेक्सी थे। पिंकू मार मारकर सहला रहा था। किस कर रहा था। वो फिर मेरी सेक्सी गांड को चाटने लगा। मैं चुदासी होकर “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ…..” करने लगी। उसकी जीभ जब जब मेरे छेद को छूती तो मेरा रोम रोम खड़ा हो जाता था। अजब सी कामुकता मुझे मिलती थी। इस तरह से पिंकू ने 10 मिनट मेरी गांड को पिया।

फिर लंड पर थूक लगाकर उसे चिकना बना दिया। और मेरी गांड के मुलायम छेद में घुसा दिया। शुरू में मुझे बहुत दर्द हुआ। पर बाद में किसी तरह बर्दास्त कर गयी मैं। पहले पिंकू का लंड 5” अंदर घुस गया। वो उसी में मुझे चोदने लगा। उसके बाद उसके लंड ने धीरे धीरे अपनी जगह मेरी गांड में बना ली।

“आई ईई !! पिंकू!! बेटीचोद!! आज तो तूने फाड़ डाली मेरी कुवारी गांड….सी सी सी आआह्हह्हह” बोलकर मैं चिल्ला पड़ी

अब उसका 9” पावरफुल लंड पूरा का पूरा मेरी गांड में समा गया था। पिंकू ने मेरे कुल्हे को दोनों हाथ से पकड़ लिया और जल्दी जल्दी गांड मारने लगा। मैं खटिया पर घोड़ी बनी हुई थी। मेरा सेक्सी बॉयफ्रेंड आज कामदेव की तरह मेरा काम लगाये हुए था। मेरी गांड मार मार के उसने छलनी कर डाली। फिर उसने उस रात मेरी चूत भी चोदी। फिर कपड़े पहनकर चला गया। आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज के लिए नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पढ़ते रहना। आप स्टोरी को शेयर भी करना।