College Professor Sex : अपने कॉलेज के सर की रंडी बन गयी और चुदवा ली

College Sex सभी लंड वाले मर्दों के मोटे लंड पर किस करते हुए और सभी खूबसूरत जवान चूत वाली रानियों की चूत को चाटते हुए सभी का मैं स्वागत करती हूँ। अपनी कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के माध्यम से आप सभी मित्रो तक भेज रही हूँ। ये मेरी पहली स्टोरी है। मेरा नाम सुकन्या सिंह है। लखनऊ की रहने वाली हूँ। मैं अभी 12th में पढ़ रही हूँ। मेरा अफेयर मेरे दो टीचर से चल रहा है। मैं काफी सेक्सी लड़की हूँ। अपने फोन में रोज ही चुदाई वाली ब्लू फिल्म देखती हूँ। मैं आपको लोगो को अपनी पहली चुदाई की स्टोरी सूना रही हूँ। मैं साइंस की स्टूडेंट थी। मैंने PCM (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स) 12th में लिया हुआ था। भारत सर मुझे मैथ्स पढाते थे और अभिजीत सर मुझे फिजिक्स पढाते थे।

मैं पढने में कमजोर थी तो डैडी ने बोला की मैं शाम को दोनों टीचर के घर जाकर ट्युशन पढ़ लिया करूं। कुछ दिन बाद मैंने शाम के टाइम दोनों से ट्यूशन पढना शुरू कर दिया। भारत सर और अभिजीत सर दोनों एक ही मकान में रहते थे। वो दोनों अभी कुवारे थे। उन दोनों की शादी नही हुई थी इसलिए दोनों चूत के लिए तड़पते रहते थे। दोनों सर बहुत ही चोदू टाइप के आदमी थे और जवान लड़कियों को देखकर उनके लौड़े खड़े हो जाते थे। वो हमारे क्लास की कई लड़कियों को पटाकर चोद चुके थे।

मैं अभी नई नई जवान हुई थी। मैं रोज ही मिनी स्कर्ट और शर्ट पहनकर पढने जाती थी। पहले एक घंटा भारत सर से पढ़ती थी। फिर दूसरी मंजिल में अभिजीत सर के पास फिजिक्स पढने चली जाती थी। दोनों मुझे घूर घूर के देखा करते थे। मुझे पढ़ाने के बहाने वो मेरे को चोदने के मूड में थे। दोनों सर काफी स्मार्ट थे, इसलिए मुझे भी अच्छे लगते थे। धीरे धीरे दोनों की शरारते बढ़ने लगी। एक दिन भारत सर ने मुझे वैलेंटाइन कार्ड गिफ्ट किया। उसमे उन्होंने मुझे प्रपोस किया था। दूसरे दिन शाम को जब मैं पढने गयी तो भारत सर मुझसे मेरा जवाब मागने लगे।

“सुकन्या!! तुम्हारा क्या जवाब है???” वो बोले

“सर!! आप मुझे अच्छे लगते है। आप बहुत प्यारे है। पर मैं आपसे काफी छोटी हूँ। इसलिए आप मुझे भूल जाइये” मैं बोली

“प्यार उम्र देखकर नही होता है सुकन्या। प्यार तो प्यार होता है” भारत सर बोले और मेरे हाथ को उठाकर अपने ओंठो से किस करने लगे।

“आई लव यू सुकन्या!!” भारत सर बोले

मैं भी फिसल गयी। हम दोनों एक दूसरे को घूर घूर कर देख रहे थे। सर अपने सोफे से उठकर मेरे वाले सोफे पर आ गये और मुझसे प्यार करने लगे। मेरे को बाहों में भरकर किस करने लगे। दोस्तों, उस दिन भी मैंने लाल मीनी स्कर्ट और लाल शर्ट पहनी थी। मैं भी भारत सर से चिपक गयी। मैं बहुत ही सेक्सी लड़की थी। मेरा चेहरा बहुत आकर्षक था। मेरे कॉलेज के सब लड़के मुझे लाइन देते थे। सब मुझे चोदने के मूड में थे। पर मैं भारत सर से पट गयी।

फिर उन्होंने मुझे खुद से चिपका लिया और मेरे ओंठो पर ऊँगली घुमाने लगे। मुझे अपनी गोद में बिठा लिया और मेरे ओंठो पर अपने ओंठ रखकर चूसने लगे। इस तरह मैं भी गर्म होने लगी। मैं भी चुदने के मूड में दिख रही थी। इसलिए मेरी कामुकता भी जाग गयी। मैं भी भारत सर को चूसने लगी। काफी अच्छी और फिट बोडी थी उनकी। वो जोश में अब आ गये थे। मैं उनकी गोद में बैठी थी। सर का लंड उनकी जींस में टनटना गया और खड़ा हो गया। मेरी चूत में पेंटी के उपर से उनका लंड गड़ रहा था। वो मेरे रसीले होठो को अच्छे से चूस रहे थे। मैं भी ऐसा कर रही थी।

“सुकन्या!! मजा लेना चाहती हो क्या?? बोलो??” भारत सर बोले

“हाँ !!” मैं जवाब दी

“जो करता हूँ करने दो। तुमको अभी भरपूर मजा मिलेगा” भारत सर बोले

फिर वो अपनी शर्ट पेंट खोलने लगे। फिर अंडरवियर भी उतार डाले। मैंने उनका लंड देखा। सर काफी गोरे चिकने थे, इसलिए उनका लंड भी काफी गोरा था। उसकी लम्बाई 7 इंच थी। काफी लम्बा और मोटा लंड था जो काफी ताकतवर दिखता था। सर ने पहले मेरी शर्ट खोल दी। मैं अब ब्रा में आ गयी। फिर भारत सर ने मेरी मिनी स्कर्ट खोल डाली। अब मैं गुलाबी ब्रा और पेंटी में थी। मेरे सफ़ेद दूधिया बदन पर गुलाबी ब्रा और पेंटी बहुत जंच रही थी। सर नंगे होकर मुझे खुद से चिपका लिए और सब जगह किस करने लगे। मैं किसी आयटम बोम्ब जैसी दिख रही थी। दोस्तों मेरा फिगर 34 28 36 का था। मेरी चूचियां बड़े बड़े गुब्बारे जैसी फूली फूली थी जो ब्रा में और कामुक दिख रही थी।

“सुकन्या!! you are fucking hot!! तुम्हारा बदन तो आग लगा रहा है” सर बोले और ब्रा के उपर से मेरी चूची को दबाने लगे। मैं चुदासी होकर “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” करने लगी। फिर भारत सर मेरे गाल पर चुम्मा लेने लगे। फिर गले को चूमते हुए मुझे उत्तेजित करने लगे। मेरी 34 इंच की चूची को वो ब्रा के उपर से कस कसके दबा रहे थे। फिर मेरे पेट पर हाथ घुमाकर किस करने लगे। बार बार मेरे चूतडो पर हाथ लगा रहे थे।

“तू तो सॉलिड मार है रे!!” बार बार वो कह रहे थे

फिर पेंटी के उपर ऊँगली लगाने लगे। उपर से चूत को मलने लगे। मैं चुदासी होने लगी और “ओहह्ह्ह….अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” की आवाजे निकाल रही थी। फिर एक एक करके भारत सर ने मेरी ब्रा और पेंटी को उतार दिया और मुझे सोफे पर लिटा दिया।

“बेबी!! तुम्हारी बुर चाट लूँ क्या???” वो कहने लगे

“चाट लीजिये सर!! आज मुझे अच्छे से चोद चोदकर मजा दीजिये” मैं बोली

दोस्तों, मेरी चूत अच्छी तरह से साफ़ की हुई थी। उस पर एक भी बाल नही था। मेरी चूत बड़ी ही कामुक थी। मैं अभी तक कुवारी थी। एक बार भी नही चुदी थी। भारत सर आँखे फाड़ फाड़कर मेरी चुद्दी का दीदार कर रहे थे। फिर मुंह लगाकर मेरी चूत जल्दी जल्दी चाटने लगे। मुझे भी बड़ा मजा आ रहा था। मेरी रसीली चूत पर उनकी जीभ नाच रही थी। बड़ा आनन्द लेकर वो चूस रहे थे। मैं गर्म हो रही थी। बावली होकर “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” कर रही थी। सर तो इतनी मस्ती से चूस रहे थे जैसी आज पहली बार किसी चूत को देख रहे थे। उन्होंने काफी देर तक बुर चुसाई कर डाली। मुझे अच्छे से गर्म कर दिया। अब मेरी चूत में आग की ज्वाला भड़क रही थी।

“चोदिये सर!! ….. सी सी सी सी.. हा हा हा …..प्लीस मुझे जल्दी से चोद डालिये!! अब देर मत करिये” मैं कहने लगी

फिर भारत सर अपने लंड को पकड़कर जल्दी जल्दी मुठ देने लगे और खड़ा करने लगी। कुछ पल में उनका लंड लड़की जैसा सख्त हो गया था। अब सर अपने 7 इंची लौड़े को पकड़कर मेरी चूत की गद्दी पर पीटने लगे। मुझे बड़ी चुदास चढ़ रही थी। वो जोर जोर से लंड के सुपारे से मेरी चुद्दी की पिटाई कर रहे थे। मैं किसी मछली की तरह तडप रही थी। ऐसा उन्होंने कुछ मिनट किया। फिर मेरी बुर में लंड घुसाने लगे। अंदर ही नही जा रहा था क्यूंकि मेरी बुर सीलबंद थी। फिर किसी तरह ताकत लगाकर धक्का मारके सर ने लंड मेरी चूत में उतार दिया। मुझे बहुत दर्द हुआ। मैं …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” कर रही थी। भारत सर अब मेरी चिकनी चमेली चूत में लंड अंदर बाहर सरकाने लगे। दोस्तों मैं आजतक अनचुदी माल थी। किसी से लंड नही खायी थी। इसलिए आज जब पहली बार लंड खा रही थी, मुझे बहुत दर्द हो रहा था। मैं सोफे पर लेटी हुई थी और भारत सर मेरे उपर चढ़े हुए थे। मैं दोनों टांग खोलकर चुदवा रही थी। भारत सर को बड़ी ऐश मिल रही थी

वो धकम पेल करके मेरी चूत की अच्छे से कुटाई कर रहे थे। अपनी गांड उठा उठाकर मेरी चूत की बांसुरी बजा रहे थे। मैं उनको दोनों हाथो से कसके पकड़े हुए थी। सर मेरे चिकने गोरे गालो को कामोतेज्जक होकर काट लेते थे। फिर ओंठो पर किस करते हुए मेरी चूत में लंड से चोद रहे थे।

“ओह्ह ओह्ह ओह सर!! सी सी सी…. fuck me hard!!” मैं भी कह दी

मेरी सेक्सी बात को सुनकर उनका उत्साह कुछ जादा ही बढ़ गया। अब वो तेज तेज मेरी रसीली बुर में अंदर तक धक्के मारने लगे। भारत सर का लंड मेरी बच्चेदानी के मुहं तक चला जा रहा था। उन्होंने मेरे होश उड़ा दिए थे। तड़पा तड़पा कर उन्होंने मुझे चोदा। फिर धक्के मारते मारते झड़ गये। भारत सर कुछ मिनट बाद मेरी रसीली चुद्दी में शहीद हो गये। मेरी चूत उनके माल से भर गयी थी। मैं चुदवा ली और फिर घर चली गयी। दूसरे दिन मुझे फिजिक्स वाले अभिजीत सर भी लाइन देने लगे।

“सुकन्या!! तुम मेरे को बहुत अच्छी लगती हो!! i love you सुकन्या!” अभिजीत सर कहने लगे

अब मैं चक्कर में थी। क्यूंकि मैं पहले ही भारत सर से पट चुकी थी।

“सर!! मेरा अफेयर तो भारत सर से चल रहा है” मैं बोल दी

“मुझे कोई प्रॉब्लम नही है। तुम भारत से भी अफेयर कर लो और मुझसे भी। मैं सुबह से शाम तक सिर्फ तुम्हारे बारे में ही सोचता रहता हूँ। मैं तुम्हारे बिना एक दिन भी नही जी पाऊंगा” अभिजीत सर बोले

मुझे उनके अंदर सबसे अच्छी बात लगती थी की वो बहुत सीधे आदमी थे। अभी उनकी भी शादी नही हुई थी। वो भी चूत चोदने के लिए तडप रहे थे। उन्होंने अपनी सेलरी निकालकर मेरे हाथो में रख दी। पूरे 15 हजार रुपये थे। पैसे देखकर मैं बहुत खुश हो गयी थी। मैंने तुरंत ही सोच लिया की अभीजीत सर से भी मैं पट जाउंगी।

“ओके सर!! आज से आप भी मेरे बॉयफ्रेंड हो” मैं बोली

सर ने मुझे बाहों में दबोच लिया। मैंने फुल स्लीव हरी टी शर्ट और जींस पहनी थी। मैं हमेशा ही कसी टी शर्ट पहनती थी जिसमे मेरा भरा हुआ सेक्सी बदन बाहर से ही दिख जाता था। मेरी 34 इंच की बड़ी बड़ी चूचियां टी शर्ट से दिख रही थी। हम दोनों खड़े हो गये और अभिजीत सर ने मुझे दबोच लिया और दोनों हाथो से कस लिया। फिर मैं भी उनके ओंठ चूसने लगी।

“थैंक यू सुकन्या!! मैं बता नही सकता की तुमने मुझ पर कितना बड़ा अहसान किया है” वो कहने लगे

उसके बाद वो मुझसे फ्रेंच किस करने लगे। वो मेरे लब चूस रहे थे, मैं उनके। आज मैं अपने बालो में हेयर बैंड लगाकर गयी थी। सर ने मेरा हेयर बैंड निकाल दिया और मेरे बाल खुल गये। मैं बॉयकट बालो में थी। खुले बाद मुझे और सुंदर बना रहे थे। काफी देर तक फ्रेंच किस करने के बाद मैं भी चुदने को तैयार थी।

“चलो सुकन्या!! बेडरूम में चलते है” अभीजीत सर बोले

मैं चली गयी। वो मेरी टी शर्ट उतार दिए। फिर जींस पेंट खोलने लगे। मुझे ब्रा और पेंटी में कर दिया। फिर सर भी अपनी टी शर्ट जींस उतार दिए। फिर मेरी ब्रा पेंटी उतार डाले और अपना अंडरवियर उतार दिए।

“देखो सुकन्या!! कैसा लगा तुमको???” अभीजीत सर बोले

“सर! आपका लंड तो भारत सर के लंड से काफी लम्बा है और कितना मोटा है” मैं ताज्जुब करने लगी

“हाँ बेबी!! मेरा लंड पूरे 9 इंच का है। जब तुम्हारी चूत में जाकर चुदाई करेगा तो तुझे फुल ऐश मिलेगी!” अभीजीत सर बोले

वो बेड के किनारे खड़े हो गये और लंड को मुठ देने लगे। मेरी नजरे उनके लंड से नही हट रही थी क्यूंकि काफी सेक्सी और पहलवान लंड था। मजबूत और किसी बंदूक जैसा दिख रहा था। गुलाबी चमकदार सुपाडा मुझे अच्छा लग रहा था।

“आओ सुकन्या!! अपने मुंह में लेकर चूस डालो!!” अभिजीत सर बोले

वो बेड के साइड खड़े हो गए। मैं बेड के किनारे दोनों पैर नीचे लटकाकर बैठ गयी और उनके लंड को पकड़ ली। फिर जल्दी जल्दी हिलाने लगी। अभिजीत सर “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी… हा हा.. ओ हो हो….” करने लगे। फ्रेंड्स इतना मोटा लंड मैं आज तक नही देखी थी। हाथ में लेकर जल्दी जल्दी मुठ देने लगी और लंड फूलने लगा। मैं अच्छे से मुठ दे रही थी। सर को पूरा मजा दे रही थी। फिर लंड के छेद पर जीभ लगाकर चाटने लगी। सर सी सी ई ई… करने लगे। मेरी वासना अब बढ़ गयी और पहलवान लंड को पकड़कर अपने मुंह, चेहरे पर घिसने लगी। अपनी चूची पर घिस रही थी। सर मुस्कुरा रहे थे।

फिर मेरी कामवासना और बढ़ गयी। मैं उस चमकदार गुलाबी सुपारे को मुंह में अंदर तक ले ली और लोलीपोप की तरह चूसने लगी। मैं जल्दी जल्दी चूसती जा रही थी। “….ऊँ—ऊँ…ऊँ …मेरी चूत की रानी!!….चूसो और अच्छे से चूसो मेरे पप्पू को!!” अभीजीत सर कहने लगे।

मैं भी चुदक्कड लड़की बन गयी थी। सर हिला हिलाकर मुंह में लेकर मेहनत से चूस रही थी। सर मेरे सिर को पकड़कर लंड को मेरे गले तक घुसा रहे थे। इस तरह से हम दोनों काफी मजा करते रहे। मैंने मुख मैथुन करके उनको खूब मजा दे दिया था।

“सर!! क्या पहले क्या चोदेंगे मेरी चूत या गांड??” मैं पूछने लगी

“सुकन्या!! मुझे तो गांड मारना कुछ जादा ही अच्छा लगता है” वो बोले

“तो सर आप पहले मेरी गांड ही चोद लीजिये” मैं भी रंडी की तरह बोल दी

सर ने मुझे घोड़ी बनने को कहा। मैं बन गयी। दोस्तों मेरी गांड बिलकुल कुवारी थी। अभीजीत सर मेरी जवानी को देखकर मस्त थे। मेरी गांड का छेद कितना सेक्सी था। चिकना चिकना और काला था। अभिजीत सर बड़े कामुक हो गये और अपनी जीभ निकाल निकालकर मेरी गांड का छेद चाट रहे थे। मैं “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ…ऊँ…ऊँ….”बोलकर सिसक रही थी। कामुक सिस्कारियां निकाल रही थी। फिर वो अपने लंड को हाथ से पकड़कर जोर जोर से फेटने लगे। मेरी गांड के बिल पर अपना सुपाडा लगा दिया और धक्का मारने लगे। मुझे दर्द हो रहा था।

अभिजीत सर की आँखे वासना की आग से लाल लाल हो गयी थी। मुझे मालूम था आज जो भी हो जाए वो मेरी गांड चोद के रहेंगे। फिर वो अपनी तरफ से फुल फ़ोर्स लगाने लगा और मेरे कुवारे गांड के बिल में अपना 9 इंची लम्बा लंड घुसा ही दिए। मैं दर्द से “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” बोलकर रो पड़ी थी। दोस्तों, मुझे इतना दर्द हुआ था की मेरे आँशु निकल रहे थे। अभिजीत सर मजे ले रहे थे और मैं इधर दर्द से तडप रही थी। सर अब अपने मोटे लंड को मेरे छेद में अंदर बाहर करने लगे। मुझे काफी दुःख रहा था। फिर अभिजीत सर बड़ी जल्दी जल्दी मेरा गांड चोदन करने लगे। फिर झड़ गये। दोस्तों, अब मैं एक दिन भारत सर से चुदवाती हूँ, और दूसरे दिन अभिजीत सर से। आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज के लिए नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पढ़ते रहना। आप स्टोरी को शेयर भी करना।

कॉलेज के चोदू प्रोफेसर से मेरी जवान सेक्सी बहन को चोदा

College Professor Student Sex : हाय फ्रेंड्सआप लोगो का नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम में स्वागत है। मैं रोज ही इसकी सेक्सी स्टोरीज पढ़ता हूँ और आनन्द लेता हूँ। आप लोगो को भी यहाँ की सेक्सी और रसीली स्टोरीज पढने को बोलूंगा। आज फर्स्ट टाइम आप लोगो को अपनी कामुक स्टोरी सुना रहा हूँ। कई दिन से मैं लिखने की सोच रहा था। अगर मेरे से कोई गलती हो तो माफ़ कर देना।

मेरा नाम कुलदीप यादव है। मेरी बहन वैदेही बहुत सेक्सी माल है और अब 23 साल की हो गयी है। वो इतनी सुंदर है की उसे देखकर किसी भी मर्द का लौड़ा खड़ा हो जाता है। वैदेही का बोयफ्रेंड उसको अनेक बार पेल खा चूका है। पर कुछ दिनों पहले मेरी बहन ने अपने कॉलेज के प्रोफेसर के चुदाई की स्टोरी मुझे बताई हूँ। जो मैं आपको सुना रहा हूँ। हर बात बता रहा हूँ। सबसे पहले वैदेही के बारे में बता देता हूँ। दोस्तों मेरी बहन काफी सुंदर है और उसका फेस कट बहुत जबर्दस्त है। रंग गोरा है और शरीर भरा हुआ है। खाते पीते घर की लगती है। वैदेही के दूध पहले तो बढ़ ही नही रहे थे। 13 14 साल तक उसके दूध न के बराबर बस नीबू जितने बड़े थे। मैंने कभी ध्यान नही दिया था पर अभी कुछ साल पहले 19 20 का होते होते वैदेही का जिस्म काफी सेक्सी और उभार वाला हो गया और मैं भी अपने को रोक न पाया। वैसे तो मैं भाई था। पर अब मैं भी जवान हो गया था। मैं अपनी बहन से सिर्फ एक साल बड़ा था। जब जब उसके दूध के दर्शन हो जाते लौड़ा सलामी देने लग जाता। मन ही मन अपनी बहन को चोदने के सपने देखता पर ऐसा हकीकत में होना नामुमकिन था। क्यूंकि कोई भी बहन कितनी चुदासी और सेक्सी न हो अपने भाई से नही चुदवाएगी।

पर हंसी मजाक तो वैहेदी से होता रहता था। उसने ही अपने कॉलेज के चुदाई की पूरी स्टोरी बताई। B.Sc फर्स्ट ईअर से उसके अरुण सर उसे पसंद करने लगे थे और अक्सर ताडकर देखा करते थे। मेरी बहन अपनी क्लास में सबसे जबरदस्ती माल थी और जब वो पीछे वाले सीट पर क्लास में बैठती थी वो अरुण सर उसको आगे बैठने को बोलते थे। और जब वो झुककर अपनी कॉपी पर लिखती थी तो वैहेदी के 36” के संतरे अरुण सर को दिख जाते है।

“बहनचोद!! कितनी जोर की माल है। इससे पहले की इसका BSc पूरा हो और ये कॉलेज छोड़ के जाए, इसे मैं किसी तरह जुगाड़ से चोद लूँगा” अरुण सर मेरी बहन के मस्त मस्त संतरे देखकर बोलते और अपने दांतों से अपने ओंठो को चबाने और काटने लग जाते। उनका लंड तो उसी वक्त क्लास में ही खड़ा हो जाता था। पर बाकी स्टूडेंट के बीच में कुछ नही कर सकते थे।

अरुण सर कॉलेज के सबसे जवान और चोदु प्रोफेसर थे। वो 7 फुट के अमिताभ बच्चन की तरह दिखते थे और उपर वाले से उनको बड़ा हैंडसम मर्द बनाया था। अच्छी खासे लम्बे चौड़े थे और रोज जिम जाकर अपनी बोडी बनाते थे। इस वजाह से उनका बदन फिट था और काफी सेक्सी मर्द लगते थे। अरुण सर को बाते बनाने की बड़ी कला आती थी और लड़कियों की तरफ देख देखकर पढ़ाते थे और मजा लेते रहते थे। कितनी लड़कियों की चूत फाड़ी थी अरुण सर ने। कोई जबरदस्ती नही करते थे। सुंदर लड़कियों को पटाने की हर कला उनको आती थी और लड़कियाँ भी उनकी तरफ अपनी मर्जी से चली जाती थी। उसके बाद तो अरुण सर उसकी चूत चाट चाटकर अपना मोटा हब्शी 12” का लौड़ा घुसाकर सभी लड़कियों की चूत फाड़ देते थे।

अब मेरी जवान चुदासी बहन वैदेही उनका नया शिकार बनने वाली थी। अरुण सर कितने बड़े चोदु है इसके बारे में सब लड़कियाँ जानती थी पर उनमे इतना आकर्षण था की सब कुछ जान बुझकर अपनी चूत फड़वा लेती थी। कई लड़कियाँ तो इतना चुद गयी की पेट से हो गयी। ये खबर अखबार तक में आ गयी जिसे सर ने पैसे देकर किसी तरह मामला दबाया। पर ये बात तो साफ है की आजतक जिस लड़की को सर से चोदा कोई जबरदस्ती नही की।

अब वो मेरी सेक्सी बहन वैदेही पर डोरे डालने लगी। वैदेही उनके बारे में सब जानती थी इसलिए जरा होशियार रहती थी। उसने वजीफे का फॉर्म भरा था BSc फर्स्ट इअर में। पर किसी वजह से स्कोलरशिप नही आया और उसे मजबूर होकर अरुण सर के पास जाना पड़ा। उस दिन सुबह के 11 बजे ही वैदेही उनके डिपार्टमेंट में चली गयी। अरुण सर उसे देखकर मुस्कुराने लगे।

“कैसी हो वैदेही??” वो अपने होठो को बायीं ओर दबाकर बोले

“अच्छी हूँ सर” वैदेही बोली

“आजकल तो दिखती ही नही हो!! कहाँ रहती हो” सर ने कहा

“हाँ पढ़ रही हूँ। नोट्स बना रही हूँ आजकल” वैहेदी ने कहा

उसके बाद अरुण सर उसके दूध ताड़ने लगे। मेरी बहन का फिगर 36 32 34 था। उपर से नीचे तक गोरी चिट्टी और सेक्सी थी वो। उसकी कॉलेज ड्रेस में ही उसके 36” की रसीली चूचियां पुरे गर्व और सम्मान से तनी हुई थी। अरुण सर का लौड़ा खड़ा होने लगा और वैदेही के दूध पीने का मन करने लगा।

“आओ पास बैठो” वो बोले और जबरदस्ती मेरी बहन को अपने बगल वाली कुर्सी में बिठा लिया और चपरासी को चाय लाने को बोल दिया। सर ने वैदेही का हाथ पकड़ लिया और सहलाने लगे। वैहेदी को भी अपनी स्कॉलरशिप चाहिए थी इसलिए वो वही बैठी रही और मीठी मीठी बाते करने लगी। सर को उसने बताया की वजीफा नही आया। कमर सर ने टेबल के नीचे से मेरी बहन की जांघो को छूना शुरू कर दिया और गोल मटोल मांसल जांघो पर हाथ लगाने लगे।

“सर ये आप क्या कर रहे है??? ऐसा मत करिये प्लीस” वैदेही नाज से बोली

“वैदेही!! तुम मुझे बड़ी अच्छी लगती हो। तुमको देखते हूँ तो बस देखता रह जाता हूँ” ये बात बोलकर अरुण सर ने मेरी बहन को पकड़कर उसके गालो पर पप्पी ले ली

वैदेही तो लजा गयी। वो पानी पानी हो गयी।

“क्या सर आप भी कही भी शुरू हो जाते है” वैदेही बोली पर इससे पहले वो चोदू अरुण सर से दूर खिसक पाती उन्होंने उसको पकड़ लिया और कमीज के उपर से उसके 36” की बड़ी बड़ी मुसम्मी हो दबाने लगे। 2 मिनट बाद ही चपरासी चाय लेकर आ गया जिसकी वजह से अरुण सर को फ़ौरन दूर हटना पड़ा। उन्होंने शाम को मेरी जवान बहन को अपने घर पर बुला लिया। वैहेदी शाम के 5 बजे अरुण सर के कमरे पर पहुच गयी। वो उसे अंदर ले गये।

“देखो वैदेही!! मैं इस बार तुमको स्कोलरशिप दिलवा दूंगा और तुमको प्रक्टिकल में 100 में से 95 नम्बर दिलवा दूंगा पर तुम मेरे ऑफर को रिजेक्ट मत करो” अरुण सर बोले

धीरे धीरे वैहेदी भी उनसे पटने लगी और जब सर को लगा की आज वैहेदी उनको चूत देगी तो उसे शाम को अपने घर नोट्स देने के बहाने बुला लिया। अंदर जाते ही वैहेदी को पकड़कर किस करने लगे। आज तो अपने ही घर में थे। कोई रोकने टोकने वाला नही था। वैदेही भी अरुण सर को पसंद करने लगी थी। सर ने उसे बाहों में लपेट लिया और गालो पर खूब चुम्मा लिया। फिर मेरी सेक्सी बहन के ओंठ चूसने और पीने लगे। वैदेही भी साथ देने लगी। दोनों मुंह से मुंह जोड़कर अच्छे से चुम्बन और एक दुसरे के लब चूसने लगे।

अरुण सर का लौड़ा 12” का था जो काफी मोटा तगड़ा था। उनका लौड़ा उनकी पेंट में खड़ा हो गया। वो मेरी सेक्सी बहन को अपने बेडरूम में ले गये और उसे बिस्तर पर लिटा दिया। अरुण सर भी वैदेही के उपर जा लेते और उसे प्यार करने लगे। मेरी बहन भी आज चुदने के मूड में दिख रही थी।

“वैहेदी मेरी जान!! अपनी मुसम्मी तो दिखाओ” अरुण सर बोले और उसके दुपट्टे को उसके सीने से हटा दिया। कमीज के उपर से मेरी जवान बहन के तने दूध सर को दिख गये। वो उसके यौवन को हाथ लगाने लगे। जब पहली बार उन्होंने वैदेही के सन्तरो पर हाथ रखा तो तो ऊँऊँऊँ सी सी सी सी करने लगी। उसके बाद तो सर की आँखों में वासना और चुदाई का गुलाबी सुरूर चढ़ गया। सर मेरी सेक्सी बहन के दूध दबाने लगे और गोल गोल करके हाथ घुमा रहे थे। वैदेही इस बीच लाज से आँखे बंदकर  “ओह्ह माँ….ओह्ह माँउ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….करने लगी।

कुछ देर तक सर ने उसके संतरों को उपर से दबा दबाकर साईंज पता दिया। फिर उसकी कमीज उतरवा दी। अरुण सर ने अपनी शर्ट की बटन खोलना शुरू की तो वैहेदी जान गयी की आज नोट्स देने के बहाने सर से उसे चोदने खाने के लिए बुलाया है। फिर सर ने उसकी लाल ब्रा भी उतरवा दी। जब मेरी जवान बहन के मस्त मस्त आमो के दर्शन हुए तो सर के मुंह में पानी आ गया। लपक कर उन्होंने दोनों चूचियों को पकड़ लिया और हाथो से हल्का हल्का दबाने लगे। मेरी बहन ओहह्ह्हओह्ह्ह्हअह्हह्हहअई..अई. .अई उ उ उ उ उ करने लगी। उसके बाद तो सर की आँखों में और भी चुदाई वाला नशा चढ़ गया। उसकी 36” की तनी चूची को मुंह में लेकर चूसने लगे। वैदेही सी सी आ अई अई!!” किया जा रही थी। आज एक नई चूत सर के लौड़े से फटने वाली थी। आज मेरी बहन का तो फर्स्ट टाइम था चुदाई का पर अरुण सर ने पचासों लड़कियों को पेला खाया था। उनके लिए एक सब बस एक मनोरंजक खेल था। प्यार व्यार में वो विश्वास नही रखते थे और चोदने खाने में विश्वास रखते थे। जल्दी जल्दी मेरी सेक्सी बहन की दोनों मुसम्मी मुंह में लेकर दबा दबाकर चूस रहे थे। बार बार मुंह चलाकर सब रस चूस रहे थे।

इधर वैदेही भी “अरुण सर लव यू!! लव यू!!” कहने लगी और दोनों हाथो से उनके चेहरे को सहलाने लगी। सर ने खूब चूसा मेरी बहन के यौवन को। अब उसे पूरी तरह नंगा कर डाला। सामने मेरी बहन की चिकनी चूत का दीदार हो गया। सर घूरकर वैहेदी की भोसड़ी को देखने लगे। अपना कैमरा खीचा और फोटो ले ली। 4 फोटो खिंच ली।

“ये क्या अरुण सर???” वैदेही बोली

“कुछ नही जान! तुम्हारे जाने के बाद तेरी चूत की याद बड़ा सताएगी। इसलिए तस्वीर देखकर चैन मिल जाएगा” सर बोले फिर जल्दी जल्दी उसकी चिकनी चूत को चाटने लगे। कुवारी कसी चूत को मजे लेकर चाटने लगे। वैदेही आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी…. करने लगी। सर ने अपनी पेंट और अंडरवियर उतार दिया और नंगे हो गये। मुंह लगाकर मेरी बहन का भोसड़ा चाटने लगे और दूसरे हाथ से अपने लौड़े को मुठ देने लगे। दो काम एक साथ कर रहे थे। वैहेदी भी ठरकी हो गयी और अपने दूध अपने हाथो से दबाने लगी।

“आह ऊ ऊ चूसो!! और चूसो सर!! अच्छे से चाटो मेरी भोसड़ी को” वैदेही कहने लगी तो सर भी जोश में आ गये। अब तो और वीरता से जीभ बढ़ाकर उसकी कैसैली चूत चाट रहे थे। चूत के दाने को ऊँगली से हिला हिलाकर मेरी बहन का बुरा हाल कर दिया। वैदेही ……मम्मीमम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा…..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँऊँउनहूँ उनहूँ..”  करने लगी। अब सर ने अपना 12” का लौड़ा उसकी भोसड़ी पर रख दिया। वैदेही ने आँखें डर की वजह से बंद कर ली। अरुण सर लौड़ा अंदर घुसाने लगे। वैदेही की चूत की झिल्ली फटने लगी और लौड़ा का टोपा अंदर चूत में घुसने लगा। अरुण सर से और फ़ोर्स लगा दी और अंत में ताकतवर लौड़े के आगे चूत को झुकना पड़ा। चोदू अरुण सर का पहलवान लौड़ा 5” अंदर चूत में घुस गया तो वैदेही ““ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँऊँऊँ सी ओ हो हो….मरी मैं…सर मरी मैं कहने लगी। सर की आँखों में वासना का समुन्द्र ऊँची ऊँची लहरे मारने लगा और वैदेही जैसे मस्त लौडिया को दर्द में तड़पते देख उनको बहुत सुख मिला।

वैदेही को आज कसके चोदने के मूड मे थे। इसलिए अपने बेताबी वो रोक न सके और जल्द ही दूसरा धक्का मार दिया। इस बार मेरी जवान बहन की भोसड़ी अंदर तक फट गयी और चूत से खून निकलने लगा। वैदेही दर्द से रोने लगी। अरुण सर ने उसके मुंह पर हाथ रख दिया और उसको दबाकर पेलने लगे। वैहेदी की माँ बहन एक कर दी। दर्द भी में उसे पेलते रहे और उनका लंड का टोपा लाल खून से सन गया। उन्होंने फिर से वैदेही की सील टूटी चूत की फोटो फोन से खींच ली। सर चूत को चाटना चाहते थे पर अभी तो काफी खून था चूत में। अरुण से ने मेरी जवान बहन की चूत को ऊँगली से खोला और चूत का छेद दिख गया। कुछ फोटोज और ली और अपने अंडरवियर ने उसकी चूत को पोंछकर साफ़ किया। उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ सी सी सी सी….. ऊँऊँऊँ….अरुण सर दर्द हो रहा है!!” मेरी बहन बोली

सर ने मुस्करा दिया। “थोडा दर्द तो होगा ही पर अब दुबारा नही होगा” अरुण सर बोले। उसके बाद एक साफ़ कपड़े को पानी से भिगाकर फिर ने मेरी आवारा बहन की भोसड़ी को साफ़ किया। फिर सूखे कपड़े के पोंछ दिया। उसके बाद जल्दी जल्दी मेरी बहन की चाट चाटने लगे। वैदेही को थोडा आराम मिला। अब आकर उसके बगल लेट गये। “वैदेही!! मेरा लंड कह रहा है इसको तुमको मुंह में लेकर चूसो!!” अरुण सर बोले

वैदेही उठ गयी और सर के लौड़े के टोपे पर किस दे दिया। फिर लंड का टोपा चाटने लगी। धीरे धीरे हाथ से लंड को फेटते हुए मुंह में लेकर चूसने लगी। अरुण सर मजे मुतने लगे। अरुण सर के अंग अंग में मस्ती भरने लगी। हल्की हल्की उनकी झांटे थी जिसे मेरी सेक्सी बहन हाथ से सहला रही थी। “चूसो वैदेही—और अच्छे से चूस डालो” अरुण सर बोले। अब मेरी जवान बहन जल्दी जल्दी सर के 12” लम्बे और 3” मोटे लंड को फेटने लगी और मुंह में लेकर चूसने लगी। वो सर के लौड़े से मंजन करने लगी। किसी जमी हुई कुल्फी की तरह सर का लौड़ा चूस रही थी। अरुण सर मजे ले रहे थे।

कुछ देर बाद उन्होंने मेरी जवान छिनाल बहन को कुतिया बना दिया और अब उसकी गांड चाटने लगी। जीभ लगाकर अच्छे से गांड के छेद को चाट चाटकर साफ़ किया। फिर अपने लंड के टोपे पर तेल लगा लिया। वैदेही की गांड में लंड घुसाने लगी पर अंदर ही नही जा रहा था। बार बार कोशिश करते थे। करीब 10 मिनट बाद बड़ी मेहनत करके अरुण सर ने अपन लंड मेरी बहन की कुवारी गांड में घुसा दिया और उसकी गांड चोदने लगी। वैदेही को काफी दर्द हो रहा था। फिर भी सर उसकी गांड को चोदते रहे। फिर 10 मिनट बाद उसकी गांड में ही आउट हो गये। आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज के लिए नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पढ़ते रहना आप स्टोरी को शेयर भी करना।

चुद गई अपने किरायेदार लड़कों से गेंग बेंग किया मेरे साथ

Hindi Sex Story : हेलो दोस्तों मैं अंतरा आप सभी का नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम में बहुत बहुत स्वागत करती हूँ। मैं पिछले कई सालो से इसकी नियमित पाठिका रही हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती जब मैं इसकी सेक्सी स्टोरीज नही पढ़ती हूँ। आज मैं आपको अपनी कहानी सूना रही थी। आशा है की ये आपको बहुत पसंद आएगी।मेरी उम्र  26 साल की है। मैं देखने में बहुत ही सेक्सी लगती हूँ।  मेरी फिगर 34 30 36 हैं। मेरी गांड बहुत ही खूबसूरत निकली हुई है। मेरी गांड जब मैं चलती हूँ तो धमाल मचाती है। मेरी बूब्स बड़े बड़े है। मेरी बूब्स भी बहुत ही सॉफ्ट है। मेरी बूब्स बिल्कुल मक्खन की तरह है। जो भी इन्हें एक बार दबाता है। बस वो इसका दीवाना हो हो जाता है। मेरी दोनों मुसम्मी का रस सब खूब जब के चूसते है। मेरी चूत बहुत ही रसीली है। मेरी चूत की दोनों पंखुड़ियां बहुत ही लाल हैं। मैं अब तक कई लोगो से चुदवा चुकी हूँ। लेकिनमुझे सबसे ज्यादा मजा जब आया था। जब मुझे मेरे ही घर में किराये पर रहने वाले लड़को ने मिलकर चोदा। दोस्तों मै आपका ज्यादा समय नष्ट न करके अपनी कहानी पर आती हूँ।

दोस्तों मेरा घर लखनऊ में महानगर में है। मै एक बहुत ही बड़े घर की बेटी हूँ। मेरे पापा का बहुत बड़ा खुद का एक बिज़नस है। मेरे बड़े भाई भी पापा के काम में हाथ बटाते हैं। मेरा घर बहुत बड़ा है। मेरे घर के पीछे वाले रूम में कई सारे लडके रहते है। वो यहाँ तैयारी करने आये थे। वो सारे के सारे बहुत ही स्मार्ट लगते थे। सारे के सारे एक से बढ़कर एक थे। वो भी हमे घूर घूर के देखते थे। जब भी मैं पीछे छत पर जाती तो वो सब हमे ही निहारते रखते थे। ऐसा लगता जैसे वो मुझे अभी के अभी चोद ही डालेंगे।

मेरा भी मन चुदने को हो रहा था। धीरे धीरे हम लोग एक दुसरे के दोस्त बन गये। फिर मुझे उनका नाम पता चला। रोहित, अभय और अभिषेक  तीनो का नाम था। अब इस समय सिर्फ तीनो ही रूम पर रह रहे थे। मुझे जब भी मौका मिलता हम उनके रूम में जाते और बाते करते थे। हम एक दूसरे के बहुत ही करीब हो गए। एक दिन अभिषेक ही था। उस दिन मुझे उसने किस किया। कुछ देर तक चुम्मा वाला ही प्रोग्राम चला। बाद में सब आ गये। तो वही प्रोग्राम रोकना पड़ा।

एक दिन सभी लोग मेरी भाभी के घर किसी पार्टी में चले गये। मैं उस दिन चुदवाने के मूड में थी। मैंने जाने से इंकार कर दिया। घर से सब लोग चले गए। रात के 8 बज गए थे। मैंने दरवाजा बंद किया। मै उनके रूम पर चली गई। तीनो बैठे हुए थे। उन्होंने मुझे बिठाया। फिर बात करने लगे। बात करते करते मुझे अभिषेक किस कर लिया। क्योंकि वो मुझे पहले भी कर चुका था। ये देख कर कुछ देर बाद सब एक एक करके किस करने लगे। थोड़ा डरते डरते अभय किस करने लगा। मुझे सबसे हैंडसम वही लग रहा था। मैंने उसे ज्यादा देर तक किस किया। बस अब क्या था। सारे के सारे मुझपे बरसने लगें। मैने भी कब तक इसी का इंतजार किया था। मै भी रोहित को पकडे हुए जोर जोर से किस कर रही थी। उसके बाद एक एक करके मुझे किस करने लगें। अभिषेक मुझे अब किस करने लगा। अभय और रोहित मुझे सहला रहे थे। मैं गरम हो रही थी।

अभिषेक मेरी गुलाब जैसी नाजुक होंठो को चूस रहा था। मैं भी उसका अच्छी तरह से साथ दे रही थी। वो मेरी गुलाबी होंठो को चूस कर लाल लाल कर दिया। अब अभिषेक होठो का चूसने का आनान्द ले लिया था। अभय भी मुझे खड़ा करके। मेरी गालों को चूमते हुए। मेरी होंठों पर किस करने लगा। मेरी होंठों को अभिषेक चूस रहा था। अभय मेरी पीठ पर कंधे कों सहलाते किस कर रहा था। रोहित मेरी गांड को दबा रहा था। अभिषेक बैठ के अपने खड़े मीनार जैसे लंड पर  बैठा लिया। उसका खड़ा लंड मेरी गांड में चुभ रहा था। लेकिन मुझे मजा आ रहा था। रोहित और अभय मेरी हाथों पकड़ को पकड़ कर अपना लंड सहलवा रहे थे। अभिषेक अपने लंड को गांड में चुभते हुए मेरी संतरे जैसे बड़े बड़े मम्मो को दबा रहा था। मेरी होंठो को भी चूम रहा था। मै भी गरम हो के कहने लगी. चूसो और चूसो मेरी होंठों को चूसो आज ….चूस… चूस…. कर इसका सारा रस पी लो।

तीनो कहने लगे. साली तुझे कब से ताड़ता था। आज जाके तुझे चोदने कक मौका मिला है। आज तुझे हम तीनों दोस्त मिल के चोदेंगे। मैंने कहा. साले तुम लोग सिर्फ बात ही करोगे या कुछ करोगे भी। इतना सुनते ही रोहित और अभय अपना कच्छा खोलने लगे। दोनों अपने बड़े बड़े लंड को निकाल कर मेरी मुँह के सामने होंठो पर लगाने लगे। मै उनका लंड चूसने लगी। उनके लंड को मैं लॉलीपॉप की तरह चूस रही थी। कभी मै रोहित का तो कभी अभय का लंड चूस रही थी। मुझे बहुत मजा आ रहा था। अभिषेक खड़ा हुआ और अपने लंड को हिलाने लगा। उसका लंड बहुत बड़ा था। तीनो ने मिलकर मुझे खड़ा किया। तीनो अपना अपना हाथ मेरी जिस्म में लगा रहे थे। अभिषेक मेरी चूत में अपना हाथ लगा रहा था।

मैं चुदने को बेहाल हो रही थी। अभय पीछे से मेरी गांड में अपना लंड लगा रहा था। रोहित ने मेरी टी शर्ट को उतार कर मुझे ब्रा में कर दिया। मेरी गोरी गोरी मम्मो को देखकर वो पागल हो रहे थे। अभय पीछे से मेरी ब्रा को पकड़ कर पीछे किस करने लगा। मेरी चूत गीली हो रही थी। रोहित अपने आलमारी से चॉकलेटी फ्लेवर का मैनफोर्स कंडोम निकाला। तब तक मेरी ब्रा को अभय ने निकाल दिया। अभिषेक  मेरी सलवार का नाड़ा खोलने लगा। तीनो मुझे चोदने को तैयार थे। अभिषेक ने सलवार का नाड़ा खोल दिया। मेरी सलवार को दूर फेंक दिया। मै पैंटी में थी। मेरी पैंटी को निकाल कर मुझे लिटा दिया।

अभिषेक ने मेरी टांगो को फैलाकर मेरी चूत के दर्शन किया। मेरी चूत को तीनों देख रहे थे। मुठ मार कर अपना लंड मोटा और बड़ा कर रहे थे। अभिषेक मेरी चूत के बहुत ही करीब था। मेरी चूत को हाथों से छूकर अपना मुँह मेरी चूत पर लगा दिया। मेरी चूत चाटने लगा। मेरी मुँह से सी.. सी …सी …सी …सी ..सी इस्सीसी… की आवाज निकल गयी। मै गर्म हो गयी। मैं गरम हो चुकी थी। मै कहने लगी. “माँ के लौड़े….तेरी बहन की चूत….तेरी माँ की चूत….चाट और चाट मेरी चूत को!!! और अच्छे से पी मेरी चूत!!”चाट चाट और चाट आह….चाट। इतना कह ही रही थी की अभय अपना मोटा लंड मेरी मुँह में रख दिया। और चूसने को कहा। मेरा मुँह उसके लंड ने भर दिया। मै कुछ बोल भी नहीं पा रही थी। अभिषेक मेरी चूत की दोनों गुलाब की पंखुड़ी को बारी बारी से चूस कर चूत के दाने को काट रहा था। मैं अब रोहित का लंड हाथ में पकड़ कर मुठ मार रही थी। अभिषेक ने कॉन्डोम का पैकेट फाड दिया। मेरा सबसे अच्छा मेरापसंदीदा कॉन्डोम को अपने लिंग पे चढ़ा रहा था।

अभय अपना लंड मेरी मुँह से निकालकर मेरी चूत चाटने में लगा गया। मै गर्म हो चुकी थी। वो अपना जीभ मेरी चूत में अन्दर तक डाल डाल कर चाट रहा था। अभिषेक से ज्यादा मजा दे रहा था। मेरी चूत चाटकर उसने मुझे चुदाई के लिए ब्याकुल कर दिया। मेरी चूत अपना जल त्याग कर रही थी। रोहित भी अब मुझे अब चोदने के लिए अपना लंड खड़ा कर दिया। मुझे अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था। मैं. “सालो! अब मुझसे कंट्रोल नही हो रहा है. सी सी सी सी…. प्लीस जल्दी से मेरी चुद्दी [चूत] में लंड डाल दो और जल्दी से चोदो!!” कोई तो डालो अपना लंड जल्दी से मुझसे अब नहीं रहा जाता।

इतना कह ही रही थी कि अभिषेक कॉण्डोम लगा के आ गया। बोलने लगा. “ले ले ले!! रंडी!! आज जी भर कर चुदवा ले!! आज मेरा मोटा लंड खा ले रंडी!!” इतना कहकर वो अपने लंड को मेरी चूत के छेद पर रख दिया। मेरी चूत उसके लंड को अंदर लेने को तैयार थी। उसने झटका दिया और उसका आधा लंड ही अंदर गया होगा की लगा की मेरी चूत फट गयी। मै जोर से चिल्लाई “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…आह आह उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….”।

इतने पर एक झटका और लगाया और पूरा लंड मेरी चूत में घुसा दिया। मै “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” चिल्लाती रही। वो मुझे चोट पे चोट दिए जा रहा था। मैं अपनी हाथों से चूत को सहल्क रही थी। रोहित मेरी बूब्स दबा रहा था। मै चुदाई से आनंदित मस्त थी। अभय भी कॉण्डोम पहनने लगा। अभिषेक मुझे चोद रहा था। मै अभिषेक को बोल बोल के और जोश में ला रही थी। मैं .“हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… चोदो चोदो…. आज मेरी चूत फाड़ फाड़कर इसका भरता बना डालो जाननननन….”। वो जोर जोर से चोदने लगा। अपनी स्पीड को बढ़ा लिया। अब अभय भी लाइन में कॉण्डोम लगाये खड़ा था। अभिषेक अपना लंड चूत से निकाल कर मेरी मुँह में रख दिया। अभय अब मेरी टांगो को उठा दिया।

मैं एक पैर पे खड़ी थी। एक टांग को उठा कर अभय ने अपना लंड चूत में घुसा दिया। वो भी अब मुझे चोदने लगा। मै अभिषेक का लंड कॉण्डोम सहित चूस रही थी। अभय चुदाई की रफ़्तार बढाता ही जा रहा था। मैं “ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” बोल रही थी। पूरा कमरा इसी दर्द भरे मस्त मस्त आवांजो से भर गया।कुछ देर तक अभय मुझे ऐसे ही चोदता रहा। अभिषेक  जाकर सोफे पर बैठ गया। उसका लंड मीनार की तरह खड़ा था। एक एक करके हमे चोद रहे थे। रोहित भी मुझे चोदने को उत्तेजित था। अभय  ने मुझे छोड़ा ही था कि रोहित ने मुझे झुकाकर अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया। उफ्फ्फ कितना बड़ा और मोटा लंड था। मेरी चूत दुपुर दुपुर कर रहीं थी। वो मेरी चूत को फाड़ रहा था। मैं बहुत ही ज्यादा गर्म ही गई थी। मुझे चुदाई को इतना मस्त थी की चाहे मेरी चूत ही क्यों ना फट जाये। मै. “…..आआआआअह्हह्हह…चोदो चोदो…. आज मेरी चूत फाड़ फाड़कर इसका भरता बना डालो जाननननन….”चोदो आज चोद कर इसका भरता बना डालो। कचरा कर डालो मेरी चूत का फाड़ डालो आज इसे चोदो चोदो। रोहित मेरी जान चोदो आज चुदाई का भरपूर आनान्द दो मुझे। अभिषेक ने बैठ कर मुझे अपने खड़े लंड पर मेरी चूत को रख कर अपना लंड मेरी चूत में घुसा दिया। धीरे धीरे मुझे चोदने लगा। मेरी चूत कई बार झड़ चुकी थी। मैं भी उछल उछल कर चुदवा रही थी। मै भी उसके लंड को ऊपर नीचे होकर चुदवा रही थी।

अभय मेरी चूंचियों को दबाने लगा। मेरी चूचियों को दबा दबा कर उसे टाइट कर रहा था। कुछ देर बाद जब मुझे अभिषेक चोद लिया। फिर तीनो ने एक बार फिर मुझे कुत्तो की तरह चाटना शुरू किया। मै भी चुदाई से अब खुश हो चुकी थी। मुझे खड़ा कर दिया। अभय मेरी गीली गीली चूत को चाट कर उसका सारा निकला पानी चाट रहा था। रोहित मेरी गांड सहला कर चूम रहा था। अभिषेक मेरी बूब्स को अपने मुँह में भरकर चूस रहा था। लग रहा था मेरी मुसम्मी का सारा जूस आज पी ही के छोड़ेगा। मेरी चूंचियों के निप्पल को काट रहा था। मैं फिर से और गरम हो गई। अभिषेक ने मेरा हाथ पकड़ा और अभय ने मेरी दोनो टांगो कोफैला कर उसके बीच में अपना लंड रखकर मुझे उठा कर चोदने लगा। उसकी चोदने की स्पीड बहित ही बढ़ गयी थी।

मेरी चूत फटने फटने को हो रही थी। मुझे बहुत तेज दर्द हो रहा था। मैं “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्हह्ह….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” चिल्लाने लगी। लेकिन वो बहुत ही जोश में था। अब वो झड़ने वाला था। उसने झट से अपनी कॉण्डोम उतारी और मेरी मुँह में मुठ मारने लगा। कुछ देर बाद चिल्लाते हुए उसने अपना सारा माल मेरी मुँह में डाल दिया। अभय के लंड का सारा माल मै पी गयी। अभिषेक मेरी गांड मारना चाहता था। उसने मुझे झुकाया और अपना मोटा लंड मेरी गांड के छेद से सटा दिया। उसने धक्का मार लेकिन उसका थोड़ा सभी लंड मेरी गांड में नहीं घुसा।

मैंने कहा. रहने दो अभिषेक नही तो मेरी गांड फट जायेगी। वही पास में रखे तेल को लगाकर। मेरी गांड  में अपना लंड पेलने लगा। मेरी गांड में इस बार उसने आधा लंड ही घुसा पाया। मै जोर से चिल्लाई.हाय मेरीगांड!!!!!! मेरी गांड फट गयी “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….”मादरचोद साले तूने मेरी गांड फाड़ डाली। मै गालियां देने लगी। मेरी गांड में बहुत दर्द हो रहा था। उसने फिर से धक्का मारा और अपना पूरा लंड मेरी गांड में समाहित कर दिया। मैं दर्द से तड़प रही थी। कुछ देर तक वो मेरी धीरे धीरे गांड मार रहा था। फिर मेरी गांड का दर्द जैसे ही आराम हुआ। वो 180 कि स्पीड में मेरी गांड मारने लगा। मेरी गांड फट गयी। मै दर्द से और जोर जोर से चिल्लाने लगी। कुछ देर बाद मेरी गांड मार के अभिषेक और रोहित दोनों एक साथ चोदने लगे। रोहित मेरी गांड मारा रहा था। अभिषेक मेरी चूत का भोषडा बनाने के लगा था। पहली बार मैं दो लोगो से एक साथ चुद रही थी। ये सालें ब्लू फिल्मो की तरह मुझे चोद रहे थे। अभय का लंड पकड़ कर मैं मुठ मार रही थी। मै. “…अई…अई….अई….अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्……उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….चोदोदोदो…मुझे और कसकर चोदोदो दो दो दो” दोनों मुझे और जोर जोर से चोदने लगे। मै भी चुदवा रही थी।

दोनों अपना अपना लंड एक साथ पेलते मेरी तो जान ही निकल जा रही थी। मेरी चूत लगातार अपना पानी छोड़ रही थी। घच्च घच्च की आवाज मेरी चूत से निकल रही थी। दोनों झड़ने वक़्ले हो गए थे। दोनों अपनी स्पीड तेज कर रहे थे। जितना तेज हो सकता था। दोनों उतना तेज ही चोद रहे थे। कुछ देर बाद दोनों झड़ने की अवस्था में हो गए। दोनों ने कॉण्डोम निकाल कर फेंक दी। अपना अपना लंड मेरी मुँह के सामने करके मुठ मारने लगे। अभिषेक ने कुछ माल मेरी मुँह में कुछ चेहरे पर गिरा दिया। रोहित ने भी अपना सारा माल मेरी आँखों के करीब चेहरे पर गिरा दिया। सब बेहाल होकर बिस्तर पर गिर गए। मुझे तीनो ने बीच में लिटा लिया। मुझे छेड़ छेड़ के मजा ले रहे थे। कोई मेरी बूब्स दबाता कोई मेरी चूत में उंगली करता। मुझे बहुत ही मजा आया। हमे जब भी मौका मिलता है। मैंने अपना कपडा पहना और अपने रूम में चली आयी। कुछ देर बाद सब लोग आ गए। हम लोगो को जब भी मौका मिलता है। हम लोग खूब चुदाई करते हैं। अब तक मैंने कई बार उनसे चुदवाया है। कहानी आपको कैसे लगी, अपनी कमेंट्स नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर जरुरदे।

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प्रिंसपल की सेक्सी बेटी ने मुझसे चुदवाया और मुझे अपनी चूत भी चटाई

हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम मोहित है और मै कानपूर का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र लगभग 18 साल है। मै इंटर में पढ़ रहा हूँ। मै एक प्राइवेट कॉलेज में पढता हूँ और वहां की पढाई बहुत अच्छी है। आज मै आप सभी को अपने जिन्दगी की जबरदस्त चुदाई को सुनाने जा रहा हूँ। जहाँ मै पढता हूँ वहां बहुत सी हॉट हॉट लड़कियां पढ़ती है। जिनको देखने के बाद मन तो करता है की उनकी खूब चुदाई करू लेकिन ये उसकी के साथ में होता है जो दिखने में थोडा स्मार्ट और पैसे वाले होते है। मै देखने में ज्यादा स्मार्ट नही हूँ लेकिन पढने में बहुत ही तेज हूँ। मुझसे केवल पढने वाली लड़कियां ही बात करती है। मैंने अपनी जन्दगी में केवल एक ही लड़की को चोदा है। और मेरे घर के बगल में रहती थी। वो देखने में बहुत ही हॉट थी, और पढने में भीअच्छी थी। इसलिए वो मुझसे बात करती थी जब भी उसको कोई भी प्रॉब्लम में होती थी पढाई में तो मेरे पास आती थी। धीरे धीरे हम दोनों पास आ गए और फिर जब हम फिर जब मैंने उसको प्रपोस कर दिया तो उसने भी हाँ कर लिया और फिर कुछ दिनों के बाद जब मुझको मौका मिला तो मैंने उसकी खूब चुदाई की। उसको भी मुझसे चुदवाने में मज़ा आया। कुछ दिन तक मैंने उसकी खूब चुदाई की फिर धीरे धीरे मेरी उससे छोटी छोटी बात पर लड़ाई होने लगी और फिर कुछ दिनों बाद मेरा उससे ब्रेकअप हो गया।
ब्रेकअप के बाद मै फिर कुछ दिनों तक मेरी किसी से सेटिंग नही हुई जबी मै इंटर में गया तो मेरे साथ में प्रिंसपल की लड़की भी पढ़ती थी उसका नाम प्रियांशी था। वो देखने में बहुत ही मस्त लगती थी। उसका चेहरा देखने में छोटा था और बड़ी बड़ी आंखे और लाल लाल होठो और भरा हुआ गाल। उसकी चूची तो काफी गजब की लगती है, ड्रेस में उसकी चूचियां तो पूरा उभरा हुआ रहता और उसकी चूची की निप्पल तो उठी रहती थी। जब मै उसको देखता था तो सोचता था अगर मुझे मिल जाये तो खूब चुदाई करू। मै पढने में तेज था तो वो मुझसे बात करती थी। कभी कभी तो वो मेरे पास में ही बैठ जाती थी। तो मेरे मन में तो उसकी ही चुदाई के बारे में ही सोचता रहता था। जब वो मेरे बगल में बैठती थी तो मै जान कर ही अपने पैर को हिलाया करता था जिससे मेरे पैर उसके पैर में लग जाता था। वो मुझसे कहती थी तुम अपने पैर को क्यों हिलाया करते हो। ये एक तरह की गन्दी आदत है। मैंने उससे एक दिन कहा – तुम्हारा कोई BF है? तो उसने कहा – हाँ तुम ही तो हो। तो मैंने कहा मै तुम्हारा BF कब बना?? तो उसने कहा अरे यार BF मतलब बेस्ट फ्रेंड, बॉयफ्रेंड नहीं। हम दोनों हसने लगे। धीरे धीरे समय बीत रहा था। हम कुछ ज्यादा ही पास आने लगे थे, जब तक बात नही करते थे तो लगता था कि पूरा दिन खाली निकल गया हो। आप ये कहानी नॉन वेज सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। जब हम दोनों बात करते थे तो सारे लड़के देखते थे कि मेरी उससे दोस्ती कैसे हो गई। एक दिन मै क्लास में बैठा था उसने मुझे बात नही किया, जाब छुट्टी हुई तो मैंने उससे पूछा क्या हुआ?? तो उसने कहा यार किसी टीचर ने झूठ झूठ में पापा से कह दिया कि मेरी और तुम्हारी सेटिंग चल रही है और मै तुमसे हमेसा बात करती हूँ। तो मैंने पापा से कहा – “वो केवल मेरा दोस्त है वो पढने में बहुत तेज है इसीलिए मै उससे बात करती हूँ। और कोई बात नहीं है। लेकिन पापा नही मने और मुझसे कहा तुम उससे बात मत करना। तो मैंने कह दिया ठीक है”।
मैंने उससे कहा – “तुम चाहो तो नम्बर ले लो कोई कम हो तो मुझे फोन कर लेना”। तो उसने कहा – हाँ ये ठीक रहेगा। मैंने उसको अपना नम्बर दे दिया। अब हमारी बात फोन से होने लगी। धीरे धीरे हम थोड़ी गन्दी गन्दी बाते भी करने लगे। सबके सामने तो हम नही बोलते थे लेकिन फोन पर खूब बातें करते थे हम। धीरे धीरे कुछ दिन और बीता एक दिन मैंने फोन पर उसको प्रपोस कर दिया और उसने भी तुरंत हाँ कर लिया। और मुझसे कहा – “मै तो तुम्हे बहुत पहले से लाइक करती हूँ लेकिन मुझे लग रहा था की हो सकता हो तुम किसी और को लाइक करते हो”। तो मैंने कहा – “मुझे भी यही लग रहा था कि हो सकता हो तुम किसी और को लाइक करती हो, मै देखने ज्यादा स्मार्ट नही हूँ ना इसीलिए मै नही बोल रहा था। लेकिन मैंने सोचा जो दिल में है उसे कह देना चाहिए। इसीलिए मैंने प्रपोस कर दिया”। अगले दिन जब प्रियांशी कॉलेज आई तो मैं उसको चुपके से टॉयलेट में ले आया और मैंने उसके होठो को बहुत देर तक चूसा। मैंने उसको रसीले होठो को पीते हुए उसकी मुलायम और कमसिन चूचियो को भी बहुत देर तक दबाया। और फिर हम वहां से चले आये। कुछ दिन बाद उसने कहा – “यार तुम्हारा कुछ और करने को नही कर रहा है”। तो मैंने कहा – “मेरा मन तो बहुत कुछ करने को कह रहा है लेकिन कहीं जगह नही है इसीलिए मैंने तुमसे उसके बारे में कुछ नही कहा”। प्रियांशी ने कहा – ”मेरी एक फ्रेंड है उसकी मम्मी है नहीं और पापा तो सुबह ही चले जाते है वो घर में अकेली रहती है तुम चाहो तो हम वहां मिल सकते है”। मैंने कहा – “ठीक है तुम उससे बात कर लो तो उसने कहा मैंने पहले ही उससे बात कर लिया है”। उसने मुझसे कहा – “मै कल कॉलेज नहीं जाउंगी और घर पर बोल बता कर चली आउंगी। आप ये कहानी नॉन वेज सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। और सबसे बड़ी बात तो ये है की मेरे घर वाले मेरी सहेली और पापा उसके पापा को बहुत अच्छी तरह से जानते है इसीलिए कोई दिक्कत भी नहीं होगी”।
दूसरे दिन मै प्रियांशी के बताये पाते पर पहुंचा, वो पहले से ही वहां पहुची थी। मै अंदर आ गया, उसका घर काफी अच्छा था। कुछ देर उसके फ्रेंड से बातें करने के बाद उसकी फ्रेंड ने हम दोनों को अपने कमरे में भेज दिया। मै और प्रियांशी दोनों कमरे में बैठे हुए पहले कुछ देर बातें करते रहे, कुछ देर बाद मैंने उसके हाथो को पकड लिया और उसके गोर हाथो को चुमते हुए मै उसके गले से होते हुए उसके होठो तक पहुँच गया। मैंने कुछ देर उसके भरे हुए गल को काटते हुए चूम रहा था, और कुछ देर बाद मैंने पहले उसके निचले होठो को चुमते हुए उससे किस करने लगा। धीरे धीरे हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर किस करने लगे। उसकी चूचियां मेरे सिने में दबी हुई थी और उसके होठो मेरे मुह में थे। वो भी मेरे होठो को चूस रही थी और जैसे जैसे हमारा जोश बढ़ रहा था, हम दोनों एक दूसरे के होठो को जोश में काटने लगे थे। काफी मज़ा आ रहा था, मैं उसे किस करते हुए धीरे धीरे अपने हाथो को उसकी चूचियो के पास ले गया और उसको दबाने लगा। और कुछ देर बाद मैंने अपने हाथ को उसकी टॉप के अंदर डाल दिया और उसके होठो को काटते हुए उसकी चूचियो को भी मसल रहा था। कुछ देर बाद मै इतने जोश में आ गया की मै उसके होठो को जोर जोर से काटने लगा। और चूचियो को भी जोर जोर दबाने लगा जिससें प्रियांशी जोर जोर से सिसकते हुए मेरे होठ को काटने लगी।
बहुत देर तक हम एक दूसरे के होठ को चूसते रहे। कुछ देर बाद जब मै बहुत ज्यादा कामोत्तेजित हो गया तो मैंने जल्दी से अपने और प्रियांशी के कपड़ो को निकाल दिया और पहले मैने उसकी पैंटी को चुमते हुए उसको निकल दिया और फिर मैंने अपने लंड को निकाल लिया और उसको बेड पर लिटा दिया।और उसकी चूत को चोदने के लिए उसकी चूत में लगाने लगा। आप ये कहानी नॉन वेज सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। तो उसने कहा – “यार तुम मेरे चूचियो को नहीं पियोगे?? तो मैंने कहा – “हाँ क्यों नही लेकिन पहले चुदाई क्योकि मै बहुत जोश में हूँ और मेरे दिमाग में केवल चुदाई के बारे ही चल रहा है, इसलिए पहले चुदाई फिर बाद में और सब”। मैंने मैंने उसके टांगो को उठा दिया और अपने अपने लंड को उसकी चूत के छेद में लगा कर पहले धीरे से डालने लगा। उसकी चूत काफी टाइट थी जिससे उसको दर्द हो रहा था, तो वो अपने मुह से थोडा सा थूक लगा कर अपने चूत में लगाने लगी और मै अपने लंड को उसकी चूत में डालने लगा। मेरा मोटा लंड कुछ ही देर में उसकी चूत के गहरे में जाते हुए उसकी चूत को ढीली करने लगा। मै उसको धीरे धीरे तेजी से चोदने लगा मै जल्दी जल्दी अपने लंड को उसकी चूत में डालता और निकालता जिससे उसकी चूत बार बार खुल और बंद हो रही थी और प्रियांशी जोश में एक हाथ से अपने मम्मो को दबा रहा थी और उसके दूसरे हाथ से अपनी चूत को मसल रही थी क्योकि मेरे मोटे लंड से उसकी चूत फैलती जा रही थी। फिर मै अचानक जोर जोर से इतनी जोर से धक्के देने लगा की मुझे लगा की जमीन ही खिसक जाएगी। उसके सहेली के घर में चट चट चट का शोर बजने लगा।
“…..अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्……उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह…..चोदोदोदो…..मुझे और कसकर चोदोदो दो दो दो” वो कहने लगी। और वो अपने कमर को उठाते हुए मुझसे चुदवाने लगी। उसे मेरी चुदाई से काफी मज़ा मिल रहा था। जब मै उसको चोदने के लिए अपने लंड को उसकी चूत में डालता तो वो भी अपने गांड को मेरे कमर में लड़ा देती थी जिससे मेरा लंड उसकी चूत के अंदर तक जा रहा था, और सिसक रही थी। ये उसकी चुदाई और गहरी ठुकाई का मीठा शोर था। इस ध्वनि से पूरा घर पवित्र हो गया था। लेकिन जब कुछ देर बाद मै और तेजी से उसकी चुदाई करने लगा तो वो चीखने लगी। लेकिन मैंने अपनी चुदाई नही रोकी मै लगातार उसको चोदा रहा था जिससे वो अपनी चूत को मसलते हुए जोर जोर से…आआआआअह्हह्हह….ईईईईईईई…ओह्ह्ह्हह्ह…अई..अई..अई….अई..मम्मी………मम्मी…मम्मी….सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ…..ही ही ही ही ही…..अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह…. उ उ उ….प्लीसससससस……..प्लीसससससस, उ उ उ उ ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ… माँ माँ….ओह माँ…..” इतनी कभी तेज चोदने को नही कहा था। आराम से बहुत दर्द हो रहा है। ऐसा लाग रहा था की उसकी चूत फट जायेगी लेकिन मै कुछ ही देर में झड़ने वाला था, इसलिए मैंने अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकाल लिया और तेजी से मुठ मारने लगा। और कुछ ही देर में मेरे लंड से मेरा माल निकलने लगा। जब मेरा माल निकल गया तो कुछ देर में मेरा लंड भी ढीला हो गया। मेरा जोश तो कम हो गया था लेकिन प्रियांशी का जोश अभी भी कम नही हुआ था।
उसने मुझसे कहा – मेरा मन अभी नही भरा है क्या तुम मेरी चूत में उंगली कर सकते हो और उसको पी सकते हो?? मैंने उससे कहा – हाँ अभी तो बहुत कम बाकि है। पहले तो मैंने उसके जाली दार नीले ब्रा को निकाल दिया और उसकी चूचियो को मसलने लगा और साथ में मै उसके मम्मो को भी पीने लगा। प्रियांशी को मज़ा आ रहा था। जब मै उसकी चूचियो को दबाते हुए पी रहा था, तो अपने बुर को मसलते हुए अपने चूत में उंगली कर रही थी। मै उसकी चूचियो को पीते हुए अपने हाथ को उसकी कमर पर सहला रहा था जिससे वो और भी मचल रही थी। आप ये कहानी नॉन वेज सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। जब कुछ देर बाद मेरे अंदर भी जोश आने लगा तो मैं उसकी चूचियो को बड़ी मस्ती में पीने लगा और कभी कभी तो मै उसकी चूचियो को काटने लगता जिससे वो सिसकने लगती थी।
कुछ देर तक उसकी चूचियो को पीने के बाद मैंने उसकी चूत पर हाथ रखते हुए उसकी कमर को सहलाते हुए मै अपने उंगलियो को उसकी चूत में डालने लगा। उसकी चूत में जब मेरी उंगलियां जाती तो वो और भी कामातुर हो जाती। कुछ देर में मै जल्दी जल्दी उसकी चूत में उंगली करने लगा और उसके चूत के दाने को भी अपने हाथो से हिलाने लगता और दबाने लगता। जिससे वो पागल होने लगती थी और अपने चूचियो को मसलने लगती थी। कुछ देर में मै अपनी तीन उंगलियो को उसकी चूत में डालने लगा। जिससे कुछ ही देर में उसके चूत से पाने निकलने लगा। और वो तडपने लगी मै और भी तेजी से उंगली करने लगा जिससे उसकी चूत से काफी पानी निकला।
पानी निकलने के बाद मैंने मैंने उसकी टांगो को फैला दिया और उसकी चूत को कुत्ते की तरह चाटने लगा। जब मै उसकी चूत के दाने को चाटता तब उसको बहुत मज़ा आता। मै अपने जीभ को उसकी चूत में भी डाल देता था। और कभी कभी तो मै अपने दांतों से उसके चूत कर दाने को खीचने लगता था जिससे वो चीखने लगती थी। बहुत देर तक उसकी चूत को पीने के बाद फिर से मेरा लं खड़ा हो गया था और प्रियांशी भी फिर से चुदवाना चाहती थी तो मैंने उसको फिर से एक राउंड चोदा। इस तरह से मैंने प्रिंसपल की बेटी को चोदा। चुदाई के बाद जब हम बाहर निकले तो उसकी फ्रेंड कहीं दिख नही रही थी। जब हम किचन में गए तो देखा वो हमारी चुदाई के बारे में सोच कर अपने चूत में उंगली कर रही थी। आप ये कहानी नॉन वेज सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

कॉलेज की काली लड़की की सील तोड़कर उसकी चूत को फैला दिया

हेल्लो दोस्तों, मै रवि मिश्रा आप सभी का नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम स्वागत करता हूँ। मै नॉन नेज स्टोरी डॉट कॉम का नियमित पाठक रहा हूँ। आज मै आप सभी को अपने जिंदगी की सबसे शानदार चुदाई का किस्सा सुनाने जा रहा हूँ। अपनी कहानी सुनाने से पहले मै आप को अपने बारे में बता दूँ। मै गोरखपुर का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र लगभग 21 साल और कद 5 फीट 7 इंच है। जब मैं इंटर में था तब मैंने बहुत सी लडकियो को चोदा था। मै दिखने में ज्यादा स्मार्ट नही हूँ लेकिन ठीक ही हूँ। बस मुझको लडकियो से बात करना आता है। जब लड़कियां मुझसे बात करती है तो उनका मन वहां से जाने को नही करता है क्योकि मै बहुत ही मजाकिया और हसमुख टाइप का हूँ। जिससे लड़कियां भी मुझे लाइक करती है। मेरे दोस्त हमेसा मुझसे पूछा करते है भाई तू इतनी अच्छी लडकियो को कैसे पटा लेता है। तो मै उनसे कहता था मै कुछ थोड़ी कुछ करता हूँ, मै तो बस सबसे प्यार से बाते करता हूँ और उसके साथ साथ मजाक भी करता रहता हूँ। जिससे वो खुद ही पट जाती है और वो कुछ दिनों के बाद खुद ही मुझसे चुदवाने की भी बात करने लगती है जिससे मै उनको खूब मज़े लेकर चोदता हूँ।
बहुत बार तो मेरे दोस्त कहते थे मेरी भी कहीं सेटिंग करवा दो, मै भी बहुत कमीना था पहले उन लोगो से पार्टी ले लेता था फिर किसी पुरानी माल से उनकी भी सेटिंग करवा देता था। मैंने अपनी जिंदगी में बहुत सी लडकियो को चोदा है लेकिन मैंने अभी ऐसी लड़की को नही चोदा है जिस सील मै तोडूँ। मै हमेसा भगवान से मनाता हूँ कोई ऐसी लड़की मिले जिस सील ना टूटा हो। जिसको चोद कर मै पहली बार चुदाई का भी मजा उठाना चाहता हूँ।
इंटर के बाद जब मै कॉलेज में पढ़ने के लिये गया, तो वहां तो चारो तरफ माल ही माल मेरा तो मन ही नही करता था वहां से घर जाने का। मैंने अपने क्लास में एक लड़के से दोस्ती की, उसकी एक गर्लफ्रेंड थी वो तो देखने में बहुत ही मस्त लगती थी, जब मैंने पहली बार देखा उसको तो मेरे दिमाग में उसको चोदने के बारे में ख्याल आने लगा, लेकिन मैंने सोचा ये ठीक नही है वो मेरे दोस्त की गर्लफ्रेंड है उसको चोदना ठीक नही रहेंगा। लेकिन कुछ दिन बाद मैंने देखा वो मुझको लाइन दे रही है। तो मैंने उसको किसी तरह से फसाया और उसको भी चोद कर उसकी भी चूत का मजा उठा लिया। मेरी एक आदत है जब भी मै किसी लड़की को छोड़ता हूँ तो मै उनकी पैंटी अपने पास रख लेता हूँ। मेरे पास इस समय लगभग बीस पैंटी थी। आप ये कहानी नॉन वेज डॉट कॉम पर पढ़ रहें है। इसका मतलब था की मैंने बीस लडकियो को चोद कर उनकी चूत को अपने लंड से और भी फैला दिया है। लेकिन अभी तक मैंने बिना सील टूटी लड़की को नही चोदा था। जब मैने अपने दोस्त की गर्लफ्रेंड को चोद दिया तो मैंने अपने दोस्त से कहा – “देख यार इन लडकियो का चक्कर छोड पहले कुछ पढ़ लो वरना इनके पीछे ही भागते रह जाओगे”। मैंने उसको बहुत देर तक समझाया क्योकि मुझे पता था कि वो लड़की ठीक नही है। वो एक नम्बर कि चुदक्कड लड़की है उसको केवल नया लंड खाने को मिले बस। मेरे समझने पर वो समझ गया। उसने पढाई चालू कर दिया., लेकिन मै तो केवल नई लड़की कि तलाश में था।
कुछ दिन पहले कि बात है, मेरी ख्वाहिस भगवान पूरी करने वाले थे, मेरी ही क्लास में एक रजनी नाम की लड़की पढ़ती थी। देखने में वो काली थी , लेकिन उसके चहरे कि बनावट बहुत ही अच्छी थी। मैंने एक दिन देखा वो मुझे देख रही थी। जब मै उसको देखूं तो वो अपना चहरा सीधा कर लेटी। बार बार यही चल रहा था। मै उसको देख रहा था, और वो मुझको। मै समझ गया लगता है कि नई चूत का जुगाड हो गया। लेकिन वो देखने में काली थी इसलिए मेरा मन कुछ पीछे हट रहा था। लेकिन मैंने सोचा बस किसी तरह से चोद लो वरना गाड़ी हाथ से निकाल जायेगी। क्लास खत्म होने के बाद मैंने बाहर उससे कहा – सुनो मुझे तुमसे कुछ काम है रुको ?? जब मैंने उससे ये कहा तो उसके चहरे से खुशी छलक रही थी, मैंने उससे कहा – “अपनी कॉपी मुझे दे दो मेरा आज थोडा छूट गया है”। तो उसने बड़े प्यार से मुझको अपनी कॉपी दे दी। मै जानता हूँ अगर किसी लड़की से सीधे उससे कह दोगे कि क्या तुम मुझे लाइक करती हो?? तो तुरंत मना कर देगी। इसीलिए मैंने पहले पहले उससे दोस्त की तरह कॉपी मांगी वैसे मेरा कुछ भी छूटा नही था लेकिन अब उसकी चुदाई करने के लिये कुछ तो बहान बनाना ही था।
फिर धीरे धीरे मैंने उससे गहरी दोस्ती की। एक दिन मै कॉलेज के ग्राउंड में अकेला बैठा था। रजनी मेरे बगल में आ के बैठ गई। मै जान कर चुपचाप बैठा था कि रजनी मुझसे पूछे की क्या हुआ। कुछ देर बाद उसने मुझसे पूछा क्या हुआ क्यों आज तुम चुपचाप बैठे हो। रोज तो इतनी बाते करते हो।
तो मैंने उसको एक झूठी कहानी सुनाई मैंने उसको बताया, मै बचपन से ही एक लड़की से प्यार करता था, लेकिन मैंने उसको प्रपोस नही कर पाया था, और आज मुझको पता चला की उसका बोयफ़्रेंड है। मै किसी लड़की से चाहे जीतना बात करू लेकिन मै उनको प्रपोस नही कर पाता हूँ। मेरी बात सुनकर रजनी थोड़ी देर तक कुछ सोचती रही।
फिर उसने मुझसे कहा – “मै तुमसे कुछ कहना चाहती हूँ”। मैंने मन में सोचा लगता है ये लाइन पर आ गई। मैंने उससे कहा – बोलो क्या कहना है?? तो उसने कहा – “रवि मैंने जब से तुम को देखा है मै तुम्हारे बारे में ही सोचती हूँ, मै बस यही कहना चाहती हूँ कि तुम मुझको बहुत पसंद हो और मै तुमसे प्यार करती हूँ तुम चाहो मुझसे प्यार करो या ना करो”। मैंने कुछ देर जान कर कुछ नही बोला उसे लगा कि लगता ये भी मुझे मना ही कर देगा इसलिए वो जाने लगी। मैंने उससे कहा – “हाँ मै भी तुम्हे पसंद करने लगा हूँ। और अगर तुम ना बोलती तो मै भी तुम से यही कहने वाला था”। आप ये कहानी नॉन वेज डॉट कॉम पर पढ़ रहें है। मेरी बात सुन कर खुशी से दौड़ती हुई वह से भाग गई। मैंने उससे उसका फोन नम्बर लिया और उससे बात करना शुरू कर दिया। मै तो रिचार्ज भी रजनी से करवा लेता था। मै जब उससे बात करता तो खूब गन्दी गन्दी बाते करता जिससे मै तो जोश में रहता ही था वो भी जोश में आ जाती थी और अपने चूत में उंगली भी करने लगती थी। फिर मैंने किसी तरह से उसको चुदने के लिये मनाया। वो भी मुझसे चुदना चाहती थी लेकिन उसे डर लगता था, मैंने उसको किसी तरह से मना लिया। अगले दिन हम दोनो ने क्लास बंक कर दिया और मै रजनी को लेकर अपने रूम पर आ गाया।
पहले हमने अपने बैग उतारे और पानी पीया। फिर मैंने रजनी से कहा – “यार जल्दी से हम लोग अपना काम खत्म कर लेते है”।
तो उसने कहा – “यार मुझे बहुत डर लग रहा है ये मेरा पहली बार है”। तो मैंने उससे झूठ में कहा यार मेरा भी तो पहली बार ही है। उसकी बात सुन कर मेरे मन में लड्डू फूटने लगा था की आज मै किसी लड़की की सील तोडूँगा। मैंने पहले उसके हाथो को पकड़ा और उसको अपनी ओर खीच कर अपने बाहों में बाहर लिया। फिर रजनी ने खुद ही मुझे से चपक गई और मेरे होठो को चूमने के लिये आगे बढ़ने लगी। उसने मेरे होठो चुमते हुए उसको अपने मुह में भर लिया। जब उसने मेरे होठो को मुह में भर लिया तो मैंने भी उसको कसकर पकड लिया और बड़ी मस्ती से उसके होठो को चूमने लगा। मेरा लंड खड़ा हो गया था, और रजनी की चूत में मेरा लंड गड रहा था। मैं उसको किस करते हुए बहुत ही बेकाबू होने लगा था और मै उसके मम्मो को दबाने लगा था। मैंने उसकी समीज में अपना हाथ डाल दिया और उसकी मुलायम चूची को दबाने लगा। और साथ उसके रसीले होठो को जानवरों की तरह से पी ही रहा था। रजनी भी बहुत जोश में आ गयी थी, वो मुझको और भी कस कर पकड लिया और मेरे होठो को पीने लगी। वो इतने जोश में थी वो अपने दांतो से मेरे होठो काटने लगी थी। अब तो मै और भी उत्तेजित होने लगा था। मैंने किस करते हुए ही उसकी सलवार को निकालने लगा। फिर रजनी ने खुद ही अपनी सलवार को निकाल दिया और साथ में समीज भी निकाल दिया। अब वो केवल ब्रा और पैंटी में थी। उसका चहरा तो काला था लेकिन बॉडी थोड़ी गोरी थी। मैंने उसके ब्रा को सहलाते हुए हुए उसके मम्मो को दबाने लगा और साथ में किस भी करने लगा।
बहुत देर तक किस करने के बाद मैंने किस करना बंद कर दिया और उसको होठ से धीरे धीरे नीचे आने लगा। मै उसके गले को पीते हुए उसके चुचियो के बीच में आ गया। आप ये कहानी नॉन वेज डॉट कॉम पर पढ़ रहें है। मैंने दांतों से उसके ब्रा खिचने लगा और अपने हाथो से मैने उसके ब्रा को खोल दिया और दांतों से खीच कर निकाल दिया। फिर मैंने उसके मम्मो को अपने दोनों हाथो से मसलते हुए दबाने लगा और रजनी धीरे धीरे सिसकने लगी और अपने बदन को ऐंठ कर टाइट करने लगी। कुछ देर के बाद मैंने उसकी चूची को कुत्तों की तरह चाटने लगा और कुछ देर बाद मैंने उसकी चूची को अपने मुह में भर लिया और पीने लगा। और साथ साथ उसके मम्मो को दबा भी रहा था। मै उसके मुलायम बूब्स को दबा दबा कर पी रहा था। जिससे राजनी ..आह अहह हहह उह उहू उह्हह ओहो ओह्ह्ह … करके सिसकने लगी थी। मुझे तो बहुत मजा आ रहा था और रजनी भी काफी मजे से अपने चुचियो को मुझे पीने दे रही थी। मै बहुत देर तक उसकी चुचियो को मसलते हुए पीता रहा।
बहुत देर तक चुचियो को पीने के बाद मैंने रजनी की कमर को सहलाते हुए उसकी चूत की तरफ बदने लगा। मै बहुत खुश था, मैंने धीरे से उसकी पैंटी को उसके कमर से नीचे करते हुए उसकी पैंटी को निकाल दिया और उसकी चूत को सहलाने लगा। मेरा लंड बिल्कुल खड़ा था। मैंने अपने मोटे और जहरीले सांप जैसे लंड को बाहर निकाला। मेरे लंड को देखकर रजनी थोडा डर गयी। उसने मुझसे कहा ज्यादा दर्द तो नही होगा। मैंने उससे कहा – “जैसे सुई लगती है बस उतना ही दर्द होगा”। मै उसे अपना लौड़ा चूसना चाहता था लेकिन मै चुदाई करने के लिये उतावला हो रहा था इसलिए मैंने उसको अपना लंड नही चूसाया। मैंने उसको बिस्तर पर लिटा दिया और मै खुद नीचे ही खड़ा हो गया। मैंने उसके पैरों को उठा दिया और उसकी चूत को सहलाते हुए अपने लंड को उसकी चूत की छेद से मिला कर उसकी चूत में धीरे से डाला। उसकी चूत बहुत ही टाइट थी मेरा लंड अंदर जा ही नही रहा था। मैंने फिर से थोडा जोर लगाया और अपने लंड को रजनी की चूत में डाला, जैसे ही थोडा सा अंदर गया रजनी चीखते हुए पीछे चली गयी। मैंने उसको आगे किया और उसको किस करते हुए एक जोर का झटका लगाया और अपने लंड को उसकी चूत के अंदर डाल दिया। जब मेरा लंड रजनी की चूत में घुसा तो मुझे भी बहुत दर्द हुआ और रजनी तो चीखते हुए मेरे होठो को काटने लगी। पहली बार मैंने किसी लड़की की सील तोड़ी थी। आप ये कहानी नॉन वेज डॉट कॉम पर पढ़ रहें है। मुझे बहुत अच्छा लगा, लेकिन रजनी की चूत से खून निकलने लगा। मैंने अपने चादर से उसके खून को पोछ दिया और फिर से उसकी चुदाई करने लगा। मेरा लंड उसकी चूत में बार बार अंदर बाहर हो रहा था और मेरे मोटे लौड़े से रजनी की चूत धीरे धीरे ढीली होने लगी थी। मेरे लगातार चुदाई से रजनी बड़ी तेज तेज से ……अहह अह्ह्ह आह हा उह्ह उह्ह उह्ह्ह्ह उह … ओह होह ओह ओह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह .. उनहू उनहू उनहू उनहू … उफ्फ्फ उफ्फ्फ उफ्फ़ मम्मी मम्मी … माँ माँ ह्हह्हा ,,, बहुत दर्द हो रहा है .. ठीक से चोदो ओह ओह उह उह ..आराम से आराम से … कह कर चीख रहो थी। लेकिन कुछ देर बाद जब उसके बुर का रास्ता फ़ैल गया तो उसको भी मजा आने लगा। उसकी चूत से चिपचिपा पदार्थ निकलने लगा जिससे मेरा लंड सटाक सटाक सटाक उसकी चूत के अंदर जाने लगी। और रजनी भी मज़े से और तेज चोदो और तेज मजा आ रहा है। मै लगातार उसकी चूत को चोद रहा था। ऐसा लग रहा था कोई इंजन चल रहा हो। मेरी कमर और रजनी की कर आपस में लड़ कर ….चट चट चट चट चट …. की आवाज़ निकाल रहा था। मै उसके मम्मो को भी साथ में मसल रहा था। कुछ देर बाद मेरे चोदने की रफ़्तार असमान चुने लगी मै अपनी पूरी ताकत लगा कर उसको चोदने लगा था। मेरा पूरा लंड उसकी चूत के अंदर तक जा रहा था और रजनी चीखते हुए अपनी चूत के दाने को जल्दी जल्दी मसल रही थी। कुछ ही देर बाद मेरा माल निकलने वाला था, मैंने अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकाल लिया और जल्दी जल्दी मुठ मारने लगा। मुझे अजीब सा लग रहा था जब मेरा माल निकलने वाला था कुछ देर लगातार मुठ मारने पर मेरा माल निकलने लगा। मुझे बहुत अच्छा फील हुआ.
चुदाई के बाद हमने बहुत देर तक मज़े किये और उस चुदाई के बाद मैंने कई बार रजनी को चोदा। फिर कुछ दिन बाद मैंने उससे पीछा छुडाने के लिये उससे ब्रेकउप कर लिया। इस तरह से मैंने कॉलेज की काली लड़की की सील तोडकर उसकी चूत को चोदा। आप ये कहानी नॉन वेज डॉट कॉम पर पढ़ रहें है।

College sex story : मैथ्स के प्रोफेसर ने मुझे कॉलेज में ही पटक पटक कर चोदा

College sex story : हेल्लो दोस्तों, बिन्दु दुबे आप सभी का नॉन वेज स्टोरी में स्वागत करती है। 2015 में मेरी एक सहेली ने मुझे नॉन वेज स्टोरी के बारे में बताया था। तब से मैं रोज यहाँ की मस्त मस्त कहानी रोज पढ़ती हूँ और अपने बॉयफ्रेंड से रोज चुदवाती हूँ। आज मैं आपको अपनी रिअल स्टोरी सुनाने जा रही हूँ। मैं कासगंज[ यू पी] जिले की रहने वाली हूँ और गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज में पढ़ती हूँ। ये डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर यूनीवर्सिटी आगरा से सम्बद्ध है। मैंने बी एस सी (मैथ्स) में एडमिशन लिया था और मैं रोज कॉलेज पढने जाती थी।

दोस्तों, हमारे कासगंज में और कोई डिग्री कॉलेज था ही नही। सिर्फ यही था। इसलिए मुझे इसी में नाम लिखवाना पड़ा। शुरू शुरू में मुझे इसके बारे में कुछ पता नही था। पर धीरे धीरे मुझे इसके सारे राज पता चलने लगे। यहा के प्रोफेसर लड़कियों को छेड़ते थे और नम्बर बढ़ाने के लिए अपने घर पर बुलाते थे और चोद लिया करते थे। इसके बदले वो पूरी अटेंडेंस लगा दिया करते थे और एग्जाम में अच्छे नम्बर दे दिया करते थे। इसलिए जब मैंने बी एस सी फर्स्ट ईअर में पढना शुरू किया तो मैं डरी हुई थी। कुछ दिन बाद हमारे क्लास में दीपक सर पढ़ाने आये। वो इटावा के रहने वाले थे। वो बहुत लम्बे चौड़े कद काठी के थे। वो काफी अच्छा पढ़ाते थे। उसकी आँख के नीचे काले काले गड्ढे थे। वो हम लोगो को अलजेब्रा और ट्रिगनोमेंट्री पढ़ाते थे।

धीरे धीरे मैंने देखा की दीपक सर मुझे घूर घूर के देखने लगे है और सारा दिन क्लास में मेरे दूध ही ताड़ा करते है। मैं स्कूल की ड्रेस स्लेटी कमीज और सफेद सलवार और दुपट्टा पहन कर जाती थी। मेरे मम्मे 38” के बहुत बड़े बड़े थे इसलिए मैं चाहकर भी दीपक सर से अपने दूध छिपा नही पाती थी। उपर से सारी लडकियों को आगे ही बैठने को कहा गया था। मैं बहुत ही गहरे गले की कमीज पहनती थी, इसलिए दीपक सर मेरे मम्मे साफ़ साफ़ देख सकते थे। मैंने कई बार देखा तो क्लास में ही उनका लंड मुझे देखकर खड़ा हो जाता था और वो मुझे बस चोद लेना चाहते थे। कॉलेज में 75% अटेंडेंस का नियम था, ना आने पर २०० रुपया रोज फाइन लगता था, इसलिए मैं रोज पढने आती थी। कुछ दिनों बाद मेरे पापा को हार्ट अटैक आ गया और हमे उनको लेकर लखनऊ जाना पड़ा। इसी सब में मैं पूरा २ महिना कॉलेज नही जा पायी। जब मैं गयी तो सबने बताया की मेरा नाम काट दिया गया है।

हमारे क्लास टीचर दीपक सर ही hod [विभाग अध्यक्ष] थे इसलिए मुझे उनसे बात करनी पढ़ी। मैंने उसको सारी बात विस्तार से बताई।

“सर…प्लीस सर, मुझे कॉलेज से मत निकालिए सर। मैं बहुत गरीब घर से हूँ, दुबारा मैं कैसे बी एस सी में नाम लिखवा पाऊँगी” मैंने कहा

“…तो ठीक है….६० दिन तुम गायब रही और इसलिए १२००० रुपये दे दो, तुम्हारा नाम फिर से लिख जाएगा” दीपक सर बोले

“अरे….सर, मेरे पापा आलरेडी हॉस्पिटल में एडमिट है। उनकी बायपास सर्जरी हुई है….सारा पैसा तो हमारा इलाज में लग गया, अब मैं १२००० कहा से लाऊंगी” मैंने कहा

इसलिए मैंने दीपक सर से बहुत गुजारिश की।

“बिन्दु…..अगर पैसा नही है तो क्या हुआ। और भी बहुत कुछ है तुम्हारे पास। तुम सुंदर हो….जवान हो सेक्सी हो….मुझसे एक रात…..बस एक रात चुदवा लो, मैंने तुम्हारी सारी अटेंडेंस लगा दूंगा, कोई पैसे नही लूँगा और तुमको अच्छे मार्क्स दूंगा” दीपक सर बोले

ये सुनकर मैं बहुत डर गयी थी।

“सोच लो…सोच लो….आराम से सोच लो बिन्दु….जब दिल करे मेरे पास आ गाना” दीपक सर बोले, उसके बाद मैं घर चली आई। कुछ दिनों बाद मैंने फैसला किया की अपनी पढाई जारी रखने के लिए मैं दीपक सर से कसके चुदवा लूँगी। अगले दिन मैं दीपक सर के कमरे में चली गयी। वो अपनी मेज पर बैठे कुछ काम कर रहे थे। जैसे ही मैं उनके कमरे में घुसी वो मुझे देखकर बहुत खुश हो गये। दीपक सर तुरंत समझ गये की मैं चुदवाने के लिए तैयार हूँ। कई दिन से वो मुझे ताड़ते रहते थे और कई दिन से वो मेरी रसीली चूत मारना चाहते थे। आज उसकी तमन्ना पूरी होने वाली थी।

“नमस्ते सर, मैं चुदवाने को तैयार हूँ, बस आप मेरी अटेंडेंस पूरी लगा देना और एक्जाम में अच्छे नम्बर दे देना” मैंने कहा

“आओ बिन्दु, पास बैठो आकर” दीपक सर बोले

दोस्तों, मुझे ये सब अच्छा नही लग रहा था पर, मुझे ये करना ही था। मेरी मजबूरी थी ये। मैं दीपक सर के पास वाली कुर्सी पर बैठ गयी। कहाँ वो ६ फुट का लम्बा चौड़ा माँ का लौड़ा आदमी , कहाँ मैं ५ फुट लम्बी लड़की। उस दिन कॉलेज में बहुत कम भीड़ थी। बहुत कम लोग की सर से मिलने आ रहे थे। सर ने अपने कमरे में ही अपना हाथ मेरी सलवार पर चूत के उपर रख दिया और चूत सहलाने लगे। जबकि वहां पर सब खुला था। ११ बजे का समय था, दीपक सर के कमरे के बड़ा सा दरवाजा भी खुला था। कोई भी कभी भी अंदर आ सकता था। पर वो हरामी मास्टर ठरकी हो गया था। और शायद मुझे कॉलेज में ही चोदने की प्लानिंग कर रहा था। दीपक सर मेरी चूत में बाए हाथ से ऊँगली कर रहे थे, और दायें हाथ से कोई लिखा पढ़ी वाला काम कर रहे थे। आधे घंटे तक वो मेरी चूत अपने विभाग में बैठकर सहलाते रहे। फिर कुछ स्टूडेंट्स उसने मिलने किसी काम से आ गये। दीपक सर ने तुरंत अपना हाथ मेरी चूत से हटा लिया। जब वो लोग चले गये तो दीपक सर ने अपना हाथ मेरे दुपट्टे के अंदर मेरी कॉलेज ड्रेस वाली कमीज में डाल दिया और मेरे दूध सहलाने लगे। अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह मैंने करने लगी। क्यूंकि मैं बहुत गर्म हो चुकी थी और मेरा भी चुदवाने का दिल अंदर से करने लगा था।

दीपक सर मुझसे छेड़खानी करते रहे और ४ बज आया। कॉलेज बंद हो गया और सारे बच्चे घर चले गये। अब सारा कॉलेज उसने हाथ में था। उन्होंने चपरासी से कहा की कोई उनके कमरे में ना जाए, तो कॉलेज का कुछ जरुरी काम कर रहे है। फिर उन्होंने अपने विभाग का दरवाजा बंद कर लिया और आकर मुझसे चिपक गए। इतने देर से सर मेरी चूत सहला रहे थे और दूध मींज रहे थे, इसलिए मैं भी गर्म हो गयी थी और चुदवाने के मूड में आ गयी थी।

“ओ बिन्दु, मेरी जान……..तुम्हारे जैसी हसीना मैंने आजतक नही देखी। तुमको चोदने में बहुत मजा आएगा” सर बोले

उसके बाद उन्होंने मुझे कुर्सी से खड़ा कर लिया और मुझसे चिपक गए। मुझे बाहों में भरके वो मजा मारने लगे। मैं भी थोड़ी थोड़ी चुदासी हो गयी थी इसलिए मैंने भी उनको बाँहों में भर लिया। वो मुझसे पूरा १ फुट लम्बे थे, मैं उसने काफी छोटी थी और उनके कंधे तक भी नही आ पा रही थी। दीपक सर मजे से मेरी खुबसू सूघने लगे। इसी तरह ब्लैकमेल कर करके उन्होंने कई लड़कियाँ चोदी थी, आज चुदने का नम्बर मेरा था। कुछ देर बाद दीपक सर का हाथ मेरे दूध पर चला गया और वो खड़े खड़े ही मेरी मम्मे दबाने लगे। मैं उ उ ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ… करने लगी। सर और जोर जोर से मेरे 38 इंच के दूध दबाने लगे तो मुझे भी पता नही क्यों बहुत अच्छा लगने लगा। कुछ देर बाद सर ने मुझे अपनी लम्बी मेज पर लिटा दिया।

“बिन्दु, चल जल्दी से नंगी हो जा” सर बोले

फिर मैंने अपने कपड़े निकालने लगी, और सर अपने। जब मुझे कुछ देर में सर के 8” के लम्बे लौड़े से चुदना ही था तो ब्रा और पेंटी भी मैंने निकाल दी। सर भी पूरी तरह से नंगे हो गये। दीपक सर के इस विभाग में बड़ी बड़ी खिड़कियाँ लगी हुई थी, इसके दरवाजा बंद करने के बाद भी रौशनी की कोई कमी नही थी। वो आराम से मुझे चोद सकते थे। पंखे चल रहे थे और बहुत अच्छी हवा दे रहे थे। मैं उनकी बहुत ही लम्बी मेज पर लेट गयी और सर खड़े रहे। फिर वो मुझे पर झुक गए और मेरे दूध पीने लगे। मेरी 38” की बेहद बड़ी बड़ी चिकनी सफ़ेद छातियों को सर ने मुंह में दबोच लिया और मजे से पीने लगे। उनकी शादी तो हुई नही थी। उनकी उम्र ४० साल की पहले ही हो चुकी थी। इसलिए अब मुझे समझ आ रहा था की दीपक सर इसी तरह लड़कियों को ब्लैकमेल करके चोद लेते होंगे और अपनी चुदाई की प्यास इसी तरह मिटा लेते होंगे।

इसी तरह वो चुदाई का मजा ले लेते होंगे क्यूंकि कोई बीबी तो उनके पास थी थी। उन्होंने अपना सीधा हाथ मेरे बाए दूध पर रख दिया और मेरा दायाँ मम्मा जीभकर मजे लेकर चूसने लगे। मेरी काली काली निपल्स को वो दांत से चबा रहे थे और ऐसे मेरी चुच्ची पी रहे थे जैसे मैं उनकी माल हूँ और उनकी प्रेमिका हूँ। फिर उन्होंने मेरा बायाँ दूध भी मुंह में भर लिया और मजे मारने लगे। इसी बीच मेरी चूत तो किसी मोम की तरह पिघलने लगी और बहने लगी। मेरी चूत का सफ़ेद माल उससे बाहर बहने लगे। दीपक सर को मेरे माल की खुशबू मिल गयी तो वो मेरे मस्त मस्त रसीले दूध छोड़कर मेरी रसीली चूत पर आ गये और मेरी बुर किसी प्यासे और चुदासे कुत्ते की तरह चाटने लगे। मैं सिसकने लगी। “ओह्ह्ह्हह्ह…अई..अई..अई….अई..मम्मी ……मम्मी…सी सी सी” मैं आवाज निकालने लगी। मेरी कामुक आवाजे सर को दीवाना बना रही थी और वो लगातर अपनी लम्बी जुबान से मेरी बुर चाट रहे थे, पी रहे थे और मजा ले रहे थे। फिर सर ने अपनी लम्बी बिच वाली मोटी ऊँगली मेरे भोसड़े में डाल दी और ऊँगली ने मेरी रसीली बुर चोदने लगे।

मैं तडप उठी। आज जमाने बाद किसी मर्द ने मेरे भोसड़े में अपनी ऊँगली डाली थी। दोस्तों, एक 6 फुट लम्बे आदमी की ऊँगली सोच लीजिये कितनी लम्बी होनी। उनकी बीच वाली ऊँगली पूरी ६ इंच लम्बी थी। वो धकाधक मेरी रसीली बुर को अपनी मोती ऊँगली से चोद रहे थे और मजा लेकर बुर किनारे जीभ लगाकर चाट रहे थे। मैं बार बार अपनी गांड उठा रही थी। “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ…चोदिये सर…..मेरी रसीली चूत को अपनी मोती ऊँगली से और चोदिये सर!!”  मैंने कहा, उसके बाद तो उन्होंने मेरी हल्की हल्की झाटो पर ऊँगली सहला सहला कर हजारों बार मेरी चूत में ऊँगली डाली और जीभ लगाकर चाटी और मेरा बुरपान किया।

“चोदिये सर, अब मुझसे भी रहा नही जा रहा है……” मैंने कहा

उसके बाद सर ने अपनी ६” लम्बी ऊँगली मेरी बुर से निकाल ली और सीधा मुंह में डालकर मेरा सफ़ेद माल पीने लगे। उन्होंने मुझे टेबल पर सीधा अपने लंड के सामने मुझे लिटा दिया, अपना खड़े रहे और अपना 7” लम्बा लंड मेरे गुलाबी भोसड़े में डाल दिया और लंड को ठीक से एडजस्ट कर लिया। फिर मुझे दीपक सर मजे से चोदने लगे। वो खड़े होकर मेरी कमर पकड़कर मेरी रसीली चूत में अपना जूसी लंड डालकर मुझे चोद रहे थे। मैं उनकी टेबल पर ही लेती हुई थी और मजे से चुदवा रही थी। सर का लंड कोई ढाई इंच मोटा तो आराम से होगा, मैं उसका पौरुष उनके गदराये लौड़े को अपनी चूत में साफ़ साफ़ महसूस कर सकती थी। वो मुझे खटा खट चोद रहे थे। मेरी कमर उन्होंने कसके पकड़ रखी थी। चुदते चुदते सर ने तेज १०० की रफ्तार पकड़ ली और बहुत जल्दी जल्दी मेरी चूत में लंड डालने लगे। मेरी मम्मे जोर जोर से हिलने लगे जैसे कोई आंधी या भूचाल आ गया हो। इसी बीच सर ने मेरी चूत के दाने पर हाथ रख दिया और जल्दी जल्दी सहलाने और घिसने लगे।

“आआआआअह्हह्हह… अई…अई…. .ईईईईईईई…और तेज चोदिये सर….आप मस्त चुदाई कर रहे है!!!” मैंने कह दिया।

उसके बाद तो दीपक सर पूरी तरह से ठरकी हो गये और मुझे पटक पटक कर चोदने लगे। उसकी नॉन स्टॉप ठुकाई के कारण मैं बार बार अपना पेट और कमर उठा लेती थी और शायद उनके मोटे लौड़े से बचना चाहती थी, पर सर मुझे कमर से उठा कर फिर से टेबल पर पटक देते थे और पटक पटक कर मेरी बुर चोद रहे थे, पर एक भी सेकेंड के लिए वो अपना लौड़ा मेरे भोसड़े से बाहर नही निकालते थे। इसी तरह सर ने मुझे १ घंटा नॉन स्टॉप चोदा और अपना माल मेरी चूत में ही छोड़ दिया। “आआआआअह्हह्हह….” मैंने चुदने के बाद एक लम्बी साँस छोड़ी।

“सर आप तो बहुत शानदार ठुकाई करते है!!” मैंने कहा

“हाँ….पर नौकरी ना होने की वजह से मेरी शादी नही हो रही है, ना ही कोई बीवी मिल पा रही है और ना ही उसकी चूत। इस प्राइवेट डिग्री कॉलेज में मुझे बस ७ हजार ही मिलते है, इसलिए मेरी शादी नही हो पा रही है” दीपक सर बोले

“कोई बात सर….जब तक आपकी शादी नही हो रही है…..आप मुझे चोद लिया करना…..वैसे भी मुझे आपसे चुदवाने में बहुत मजा मिला है!!” मैंने कहा

ये सुनकर सर बहुत खुश हो गये और मेरे उपर लेट गये और मेरे ओंठ पीने लगे। कुछ देर बाद उन्होंने मुझे अपनी लम्बी टेबल पर ही घोड़ी बना दिया और पीछे से आकर मेरे बड़े बड़े उजले चुतड और पुट्ठे सहलाने लगे और चूमने लगे। मैंने भी किसी तरह का कोई विरोध नही किया और मजे से सर से अपने पुष्ट पुट्ठे चटवाती रही। उसके बाद सर ने मेरी रसीली चूत की घाटी ढूढ़ ली और मेरी चूत की घाटी को अपनी जीभ से चाटने लगे और पीने लगे। मैंने अपनी गांड और पिछवाड़ा उपर उठा दिया था। दीपक सर जमीन पर ही खड़े थे और मजे से मेरी चूत की फांक पी रहे थे। मेरी दोनों चिकनी जांघ बंद होने के बाद मेरी बुर पीछे की तरफ से उभर गयी थी जिससे सर को वो और भी आकर्षक लग रही थी। सर काफी देर तक मेरी बुर पीते रहे, फिर अपना लम्बा और ताकतवर लंड डालकर मुझे पीछे से डॉगी स्टाइल में चोदने लगे। मुझे बहुत मजा आया। उन्होंने मुझे 40 मिनट चोदा और मेरे सफ़ेद चिकने पुट्ठों पर ही माल निकाल दिया। ये कहानी आप नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

कॉलेज की सबसे आवारा लड़की को शादी का झासा देकर चोदा

मैं रजनीश जैन आप सभी का नॉन वेज स्टोरी में स्वागत करता हूँ। मैं नॉन वेज स्टोरी का नियमित पाठक हूँ। आज आप लोगो को अपनी कहानी सुना रहा हूँ। दोस्तों मैं उन दिनों दिल्ली के आत्माराम कॉलेज में पढता था। जैसे ही हमारा बी कॉम आनर्स का सेशन शुरू हुआ हमारे क्लास में एक बहुत ही मस्त लड़की पढने आई। उसका नाम स्मृति चोपड़ा था। वो बहुत सेक्सी और मस्त माल थी। वो पंजाबी थी और पटियाला की रहने वाली थी। दिल्ली में उसकी दीदी की शादी हुई थी, वही वो रह रही थी और हमारे कॉलेज में उसने एड्मीशन ले लिया था।

दोस्तों, उसके आते ही मेरी क्लास के सारे लड़के उसके पीछे पागल हो गये। स्मृति बहुत फैसनेबल लड़की थी। वो टॉप, टी शर्ट, जींस और मिनी स्कर्ट पहनकर कालेज आती थी। उसकी स्कर्ट उसके घुटनों के हमेशा उपर रहती थी और क्लास के सभी चुदासे लड़के रोज उसकी खूबसूरत टांगो के दर्शन रोज कर लेते थे। दोस्तों, जब हमारे प्रोफेसर्स पढ़ाने आते थे तो वो भी स्मृति चोपड़ा को खूब ताड़ते थे और आँखें सेक लेते थे। ये रिकार्ड था की स्मृति चोपड़ा आज तक कभी सलवार सूट पहन कर कॉलेज नही आयी। वो हमेशा जींस टॉप, स्कर्ट, मिनी स्कर्ट और ब्लाउस पहन कर आती थी। धीरे धीरे मेरे क्लास के लड़के उसे लाइन देने लगे। फिर एक लकड़े आर्यन ने स्मृति को पटाकर चोद दिया और उसका विडियो बनाकर इंटरनेट पर डाल दिया। सब लडकों ने वो विडियो देख देखकर खूब मजा मारा और सबने मुठ मारी। मैंने भी वो विडियो देखा तो खूब मुठ मारी मैंने।

कुछ दिनों बाद स्मृति का दूसरा विडियो वायरल हो गया जिसमे हमारे ही क्लास का एक दूसरा लड़का रविन्द्र स्मृति का मुंह अपने लंड से चोद रहा था। स्मृति किसी प्यासी कुतिया ही तरह बड़े मजे से रविन्द्र का मोटा लंड मुंह में ली हुई थी और किसी लोपीपॉप की तरह चूस रही थी। दोस्तों इस तरह मेरे क्लास की सबसे मस्त माल स्मृति के  एक के बाद एक ५ चुदाई वीडियोस वायरल हो गए। स्मृति जैसी मस्त माल को एक एक करके ५ लड़कों ने चोदा और विडियो बनाकर वायरल कर दिया। हमारे बी कॉम ओनर्स क्लास के हर लड़के के मोबाइल में स्मृति का चुदाई वाला विडियो जरुर था। हमारे क्लास के सर लोगो ने भी स्मृति का चुदाई वाला विडियो देखा और खूब मजे मारे। धीरे धीरे सारे लड़के जान गये की स्मृति एक नम्बर की आवारा और चुदक्कड लड़की है और उसको पटाकर बस चोद लो जीभरके। इसलिए मैं भी स्मृति को लाइन मारने लगा। एक दिन वो मुझसे मिली तो रोने लगी और अपना हाल सुनाने लगी।

“स्मृति !! तुम रोज रोज लड़को से चुदवाती हो, सबका लम्बा लम्बा लंड खाती हो, तुमको पता है क्लास में सब तुमको बहुत बुरी और गन्दी लड़की मानते है” मैंने कहा तो स्मृति फूट फूट कर रोने लगी।

“रजनीश! तुम ही बताओ की क्या कोई लड़की इतनी बेशर्म और आवारा होगी की चुदवाएगी और अपना विडियो खुद बनवाएगी??” स्मृति बोली

“….मैं कुछ समझा नही..” मैंने कहा

“रजनीश …..मैं अपने पहले बॉयफ्रेंड आर्यन से बहुत प्यार करती थी, पर उसने मुझे प्यार में धोका दिया। उसने मुझे चोदने से पहले कैमरा ऑन करके कमरे में छुपा दिया और मेरी पूरी विडियो बना ली। उसके बाद उसने मुझे बैकमेल करना शुरू कर दिया। मुझसे आर्यन ने १ लाख रूपए मांग लिए और अपने दोस्त रविन्द्र से चुदवा दिया। और इसी तरह हर बार वो लोग मेरा विडियो बना लेते और मुझे ५ लड़कों से इसी तरह ब्लैकमेल करके चुदना पड़ा। और अब सब लोग सोचते है की मैं बदचलन और आवारा लड़की हूँ। मेरे १ नही ५ ५ बॉयफ्रेंड है” स्मृति बोली दोस्तों अब मुझे साफ़ समझ आ गया की स्मृति कोई आवारा चुदासी लड़की नही थी। वो एक अच्छी लड़की थी। वो फूट फूट कर रोने लगी तो मेरी आँख भी भर आई।

“रजनीश!! मेरे ५ ५ चुदाई वाले विडियो इन्टरनेट पर पड़े है, अब कौन मुझसे करेगा शादी???” स्मृति बेहद दुखी होकर बोली

“स्मृति!! मैं तुमसे शादी करूँगा” मैंने कहा और उसको गले से लगा लिया

“स्मृति !!…मुझे सच्चाई पता चल गयी है, तुम कोई चुदासी लंड की प्यासी लड़की नही हो, तुम एक अच्छी नेक, शरीफ और पूरी तरह से पवित्र लड़की हो” मैंने कहा और उसे मैंने सीने से लगा लिया। धीरे धीरे हमारी दोस्ती प्यार में बदल गयी। असलियत ये थी की मैं अगर ये सब नाटक नही करता तो स्मृति कभी मुझे चूत नही देती। कुछ दिनों में स्मृति मेरी माल बन गयी और मुझसे पट गयी थी। मैं उससे रोज शादी करने की बात करता था, इससे वो पूरी तरह से आश्वास्त थी की मैं उससे शादी जरुर करूँगा। एक दिन हम दोनों लोधी पार्क में बैठे हुए थे। वहां पर सभी जोड़े अपनी अपनी माल के साथ में बैठे थे और आपस में प्यार कर रहे थे। बार बार छक्के आकर सभी जोड़ों से पैसा मांगते थे।

एक छक्का मेरे पास भी ताली पीटता हुआ आ गया तो मैंने २० रूपए निकालकर दे दिए। उनके बाद कोई नही आया। जब मैंने देखा की सभी लड़के अपनी अपनी सामान को लेकर किसी झाड में बैठ गये है और दूध पी रहे है और चूत में ऊँगली कर रहे है, तो मैं भी अपनी माल स्मृति को लेकर एक कनेर के फूल वाली झाड में चला गया। यहाँ हमे कोई नही देख रहा था। मैंने स्मृति को बाहों में कस लिया और उसके मस्त मस्त ओंठ पीने लगा। मेरा आखरी मकसद उसको चोदना था और उसके रसीले बूब्स पीना था। यही मेरा असली मकसद था। आज स्मृति से जींस टॉप पहन रखा था। मैंने उसकी जींस की जिब खोल दी और अपना हाथ अंदर डाल दिया। मुझे उसकी पेंटी मिल गयी। मैं हाथ अंदर डाल दिया और उसकी चूत में ऊँगली करने लगा।

“रजनीश…..कोई देख लेगा…..यहाँ मेरी चूत में ऊँगली मत डालो….. कोई देख लेगा” स्मृति बार बार बोल रही थी। पर मैं आज फुल मूड में था। उसको चोदने का मेरा बड़ा दिल कर रहा था। मैंने उसकी एक नही सुनी और धीरे धीरे मैं अपनी गर्लफ्रेंड स्मृति की चूत में लगातार ऊँगली करता रहा। मैंने उसे पार्क की नर्म घास पर लिटा दिया था। और उसका टॉप मैंने उपर कर दिया था और ब्रा को मैंने उचका दिया था। और बड़ी देर से मैं सिर्फ २ काम ही कर रहा था। उसकी निपल्स को अपनी उँगलियाँ से मसल रहा था और स्मृति की रसीली चूत में ऊँगली कर रहा था। लगातार १ घंटे तक फोरप्ले करने के बाद स्मृति बहुत जादा गर्म हो गयी। वो चुदवाने के फुल मूड में आ गयी थी।

“अब मुझे चोद ही लो मेरी जान……तुमने मुझे इतना गर्म कर दिया है की अगर तुम मुझे नही चोदोगे तो मैं किसी और लड़के को बुलाकर चुदवा लुंगी” स्मृति बोली और हाथ पाँव पटकने लगी। मेरा तीर निशाने पर लग गया था। मैंने उसे गर्म कर लिया था। मैंने अपनी शर्ट और जींस निकाल दी और स्मृति को सीधा लिटा दिया। फिर उसके उपर मैं लेट गया और उसके दूध पीने लगा। मैं एक घनी झाड में छिपा हुआ था, इसलिए हम लोगो को कोई नही देख सकता था। मैं अपनी नयी गर्लफ्रेंड स्मृति के उपर लेट गया और उसके मस्त मस्त चुच्चे मैं पीने लगा। वो बहुत मस्त हो गयी थी और मुंह से बेहद गरम गरम सिसकारी वो निकालने लगी थी।

“आआआआअह्हह्हह….ईईईईईईई…ओह्ह्ह्हह्ह…मम्मी ….मम्मी….आह्ह्हह्ह ..चूसो रजनीश….और मेरे निपल्स चूसो….” स्मृति चिल्ला रही थी। उसकी गर्म गर्म चुदास की आवाज मेरे अंदर कामवासना और भगनासा का संचार कर रही थी। मैंने उसके मस्त मस्त ३६” के दूध खूब मजे लेकर पिए और निपल्स को चूस चूस कर टन्न कर दिया। फिर मैं स्मृति की बुर पीने लगा। उसकी चूत बहुत मस्त और भरी हुई थी। मैं चूत को इस तरह चाट रहा था जिसे उपसर कोई शहद लगा हुआ हो। कुछ देर बाद मैंने अपना लंड अपनी नयी गर्लफ्रेंड स्मृति के भोसड़े में डाल दिया और उसे मजे लेकर चोदने लगा। स्मृति ने मुझे बाहों में कस लिया और सच्ची प्रेमिका की तरह चुदवाने लगी। भले तो मेरे क्लास के 5 लकड़ो ने स्मृति को धोखे से चोद लिया था, पर लंड तो बुर में डाल ही दिया था। इसलिए अब मैंने मन ही मन सोच लिया था की इस रंडी को खूब चोदूंगा। रोज इसको शादी का झासा दूंगा और उसकी बुर मारूंगा।

भला जो लौंडिया ५ लड़कों से पहले ही चुद चुकी है, उससे कोई शादी कैसे कर सकता है। मैं ये सारी बाते बार बार सोच रहा था और स्मृति को धकाधक पेल रहा था। स्मृति ने मुझे दोनों बाहों से कस दिया और कसके पकड़ लिया। मैं पट पट करके उसको चोदने लगा। दोस्तों, बाहों में भरकर किसी लौंडिया को नंगी करके चोदने में तो परम सुख मिलता है। मैं भी इसी समय ये सुख उठा रहा था। उस लोधी पार्क में जब दूसरी जोड़ियाँ चुदाई में मग्न थी तो मैं भी अपनी गर्लफ्रेंड स्मृति को पेल रहा था और उसकी सुखी चूत में लंड की सप्लाई कर रहा था। मैं जोर जोर से उसे ठोंकने लगा। उफफ्फ्फ्फ़…क्या भरी हुई कसी बुर थी मेरी माल की। कुछ देर बाद मैंने अपना माल उसके भोसड़े में ही गिरा दिया। पार्क में बहुत सारे पेड़ लगे थे। बहुत हरियाली थी जो दिल को बहुत सुकून पंहुचा रही थी। ताज़ी ठंडी हवा बहुत अच्छी लग रही थी।

हम दोनों काफी देर तक प्यार करते रहे। मेरी नई माल और गर्लफ्रेंड स्मृति पूरी तरह से नंगी थी और मुझसे चिपकी हुई थी।

“जान……एक बार और चूत दे दे” मैंने कहा

“नही नही…” बाद में ले लेना

“नही जान…..देख मेरा लंड तेरे हाथ जोड़ रहा है। बार बार कह रहा है की स्मृति चोपड़ा …प्लीस अपनी बुर एक बार और चोदने दे” मैंने कहा। मैंने तरह तरह की बाते बनाई, आखिर में स्मृति चोपड़ा को मैंने पटा लिया। मैंने उसी झाडी में ही अपने लंड पर बिठा लिया और मजे लेकर चोदने लगा। एक बार फिरसे मैंने अपने लंड की ट्रेन स्मृति की चूत की पटरी पर दौड़ा दी। वो बड़े आराम से मेरे लंड की सवारी करने लगी जैसे कितनी बार इस तरह चुदवा चुकी हो। स्मृति मेरी कमर पर लंड चूत में लेकर बैठी हुई थी। वो खुद ही कमर मटका मटकाकर चुदवा रही थी। मेरे हाथ उसकी लटकती २ निपल्स पर चले गये थे। मैंने उसके झूलते आमों को हाथ में लेकर सहला रहा था और स्मृति की काली काली निपल्स को अपनी उँगलियों से ऐठ रहा था। इससे वो सी सी की आवाज निकाल रही थी और और जादा कामोत्तेजित महसूस कर रही थी।

फिर मैंने भी नीचे से सधे हुए धक्के मारना शुरू कर दिया और चट चट की आवाज करते हुए स्मृति इरानी एक बार फिरसे चुदने लगी। मैं ६ वा नम्बर का लड़का था जो स्मृति चोपडा को चोद रहा था। और उसकी रसीली बुर का स्वाद ले रहा था। जब मैं बेहद सधे हुए तरीके से नीचे से धक्के मारने लगा तो स्मृति को बेहद मजा आया। इस तरह, ऐसी ठुकाई उसकी किसी ने नही की थी। आज स्मृति जैसी झक्कास मॉल को चोद कर मेरी वासना की आग और जादा धधक उठी थी। आज मैं जी भरकर अपनी प्यास बुझा लेना चाहता था। आज मैं उसको इतना जादा चोद देना चाहता था की उसकी कामपिपासा पूरी तरह से शांत हो जाए। हम दोनों ने एक दूसरे की हथेली पकड़ ली थी, इससे काफी सहारा मिल रहा था। कुछ देर बाद मैंने अपने लंड पर पानी की गीली गीली फुहार महसूस की। स्मृति मेरे लंड पर बैठे बैठे झड़ गयी थी। मैंने उसको झड़ते हुए देखा। किस तरह उसका चेहरा ऐठकर पिचक गया था। मैंने साफ़ देखा। मुझे ये जानकर बहुत सुख मिला की मुझसे पहले स्मृति ही मेरे लौड़े पर झड़ गयी। मर्दों के लिए ये बड़ी गर्व बाली बात होती है। मैंने उसकी चुदाई जारी रखी और नीचे से गहरे गहरे धक्के स्मृति की बुर में मारता रहा। बड़ा नशीला नशीला अहसास था वो। बड़ी नशीली रगड़ थी।

फिर मैंने स्मृति के चूत के दाने को सहलाना शुरू कर दिया और जल्दी जल्दी उसको चोदने लगा। उसकी चूत कुप्पा जैसी फूल गयी थी। मैंने अपने दोनों हाथ स्मृति की सेक्सी कमर पर रख दिए और उसे हवा में किसी बाल की तरह उछालने लगे। फिर मैं स्मृति के मस्त मस्त चुतड़ हाथ से सहलाने लगा और गहरे धक्के मारते हुए मैं उसकी रसीली गुलाबी चूत में शहीद हो गया। दोस्तों वो मुझ पर अँधा विश्वास करने लगी। मैंने ३ साल तक उसको रगड़कर चोदा और उसकी गांड मारी। बी कॉम ओनर्स के बाद मेरी पढाई खत्म हो गयी। कुछ दिनों में मेरी शादी के लिए एक बड़े घर से ऑफर आया तो मैंने तुरंत शादी कर ली। मुझे दहेज़ में २० लाख नकद मिले। एक दिन स्मृति मुझे रस्ते में मिली तो रो रोकर मुझसे पूछने लगी की मैंने उससे शादी का वादा किया था।

“जान……वो सब एक नाटक था जो मैंने तुम्हारी रसीली बुर चोदने के लिए किया था” मैंने कहा और चलता बना। एक बार फिर से स्मृति चोपड़ा को किसी ने शादी का झासा देकर चोदा था और इस बार वो शख्स मैं था। सायद स्मृति चोपड़ा की किस्मत में इसी तरह बार बार धोखे खाकर चुदना ही लिखा था। यही उसकी किस्मत थी। ये कहानी आपको कैसी लगी, अपनी कमेंट्स नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर जरुर दें।

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