घर जमाई बनाई बेटी के साथ मुझे भी किया प्रेग्ननेंट जानिए मेरी कहानी

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दोस्तों मेरा नाम शांति है मेरी उम्र 38 साल है। मैंने पीछे ही साल अपनी बेटी की शादी की हूँ। इस दुनिया में बेटी के अलावा और कोई नहीं है। पति दस साल पहले ही गुजर गए। एक अच्छा लड़का मिला गया जो की पुणे का रहने वाला है मेरी बेटी के ऑफिस में ही काम करता है। मेरी बेटी उसके साथ प्यार करती थी और फिर शादी कर ली और शादी के बाद मेरा दामाद घर जमाई बनकर रहने लगा। हम तीनो गुरुग्राम में रहते हैं। मेरा अपना फ्लैट है तो कहा जाउंगी मैं सोची जो भी मेरा है वो अब तो बेटी का ही होगा और घर जमाई बना लेते हैं दामाद को तो बेटा भी मिल जाएगा।

पर दोस्तों जो सोची वो नहीं हुआ बेटा तो नहीं मिला पति मिल गया। जी हां दोस्तों मैं ये कह सकती हूँ की दोनों की गलती यानी मेरी और दामाद जी की गलती के कारण अब मैं माँ बनने वाली हूँ और अभी मेरी बेटी को ये बात पता नहीं है। आज मैं आप को इस वेबसाइट यानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर अपनी कहानी शेयर करने जा रही हु। क्यों की कई बहनों की कहानी मैंने इस वेबसाइट पर पढ़ी है। इसलिए आपके लिए मैं यहाँ पर लिख रही हूँ। ये मेरी सच्ची कहानी है अब मैं सीधे विस्तार से आपको बताती हूँ।

जब से पति चले गए तब से ही मेरी ज़िंदगी तनहा तनहा रहने लगा था। मेरी बेटी जवान हुई की मैं तुरंत ही शादी कर दी। ताकि मैं फ्री हो जाऊं और तनाव मुक्त रहूं। पर दोस्तों आपको तो पता है शरीर की गर्मी अगर नहीं निकले, वासना की आग अगर शांत नहीं हो तो इंसान कभी भी सुख चैन से नहीं रह सकता है। क्यों की चूत की आग जब तक शांत नहीं होगी काम नहीं चलेगा। आप खुद देखिये जब आप चुदाई नहीं करते हैं आपको चुत नहीं मिलता है तब आप क्या करते हैं ? आप भी मूठ मारते हैं चाहे नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर कहानिया पढ़कर या एडल्ट मूवी देखकर या टिकटोक या लाइकी देखकर।

मेरे साथ भी यही सब था रात में मैं हमेशा अकेले सोती थी कहानिया पढ़कर चूत सहलाती थी चूचियां दबाती थी और फिर पानी पि कर सो जाती थी क्यों की इससे कुछ नहीं हो रहा था मुझे तो लौड़ा चाहिए थे। दोस्तों जब से बेटी की शादी हुई तो चुदाई की आवाज और आह आह आह और चोदो की आवाज ज्यादा आने लगी क्यों की मेरी बेटी जब चुदती है शोर बहुत करती है उसके कमरे से आवाज बाहर आती है मेरे कमरे तक भले ही फ्लैट से बाहर नहीं जाती होगी पर मैं सुनती हूँ जब वो सेक्स करती है।

अब आप खुद सोचिये एक कमरे में चुदाई हो रही हो और एक कमरे से सुखाड़ यानी कुछ भी नहीं सिर्फ हाथों का सहारा ज्यादा दिन तक नहीं चला। एक रात जब मेरे दामाद जी मेरी बेटी को चोद कर बाहर लौड़ा साफ़ करने बाथरूम में जा रहे थे उस दिन मुझे नंगे देख लिए चूत में ऊँगली करते हुए। मेरी बेटी सो गई तुरंत। वो सीधे ही मेरे कमरे में आ गए और बोले माँ जी आप ऐसे क्या बात है। मैं झट से बेडशीट अपने ऊपर डाल ली.

आकर मेरे बेड पर बैठ गया और बोला माँ जी क्या बात है ? अगर आप चाहे तो मैं आपकी ये ख्वाइश पूरा कर सकता हूँ। मैं बोली पर ये तो गलत है आप मेरे दामाद हो और दामाद बेटे की तरह होता है मैं आपसे ये रिश्ता कैसे रख सकती हूँ। तो वो बोले देखिये आपकी उम्र अभी ज्यादा नहीं हुई है और ज़िंदगी काटने के लिए सहारे की जरुरत होती है। आप को साठ साल की नहीं हो ज़िंदगी बहुत बड़ी होती है। मुझे पता है आप कई वर्षों से ये ज़िंदगी काट रही हो पर ये आपके लिए अच्छा नहीं है। और सच पूछिए तो मेरे लिए भी अच्छा नहीं है। कल के दिन मेरी सास कही जाती है किसी पर दिल आ जाता है और वो इंसान सही नहीं मिलता है तो दिक्कत किसको होगी।

दोस्तों दामाद जी की बातों में दम था। ऐसा मैं सोचती हु मैं चुदना चाहती थी। पर समाज के डर से हमेशा अपना पैर पीछे खींच लेती थी। पर अब बर्दास्त के बाहर हो रहा था और मैं आज ना कल किसी से जरूर सम्बन्ध बनाती। मैं मान गई और उनका हाथ पकड़ ली। मैं बोली दरवाजा बंद कर लो। वो उठाकर दरवाजा बंद कर लिए और वापस मेरे करीब आ गए।

मेरी धड़कन तेज हो रही थी। वो मेरे करीब आये और मेरी नजरों में नजर डाल कर वो अपना होठ मेरी होठ पर रख दिए। मेरे कांपते हुए होठ और हाथ कुछ ही सेकंड में काम करने लगा मैं दामाद जी को चूमने लगी। बाल सहलाने लगी वो तुरंत ही मेरी बेडशीट हटा दिए और अपना हाथ मेरी चूची पर रख दिए। मेरी चूचियां बड़ी बड़ी गोल गोल फर्टाइल मस्त है। वो देखकर बोले माँ ऐसा तो बीस साल की लड़की का भी नहीं होता है। मैं बोली बस अब आपके लिए है।

अब वो मेरे ऊपर चढ़ गए और अपना ऊँगली मेरी हाथों की ऊँगली में फंसा कर दोनों हाथ ऊपर कर दिए। अब मेरा हाथ ऊपर था चूचियां तन गई थी निप्पल टाइट हो गए थे। मेरे कांख के बाल काले काले थे मैं सेव नहीं की थी। दामाद जी मेरी कांख को चाटने लगे. दोस्तों मेरे बदन में आग लग गया था। मैं सिसकारियां ले रही थी। मचल रही थी। होठ सुख रहे थे। चूत गीली हो रही थी। कई बर्षों बाद कोई मुझे छेड़ रहा था।

दोस्तों उसके बाद वो मेरे होठ को चूसते हुए निचे आये और फिर बूब्स को दबाने लगे और निप्पल अपने दांत से दबाने लगे। मेरी चूत गरम हो गई पानी छोड़ने लगी। मैं उनके पुरे शरीर को टटोलने लगी। दोनों पैरों को फैला दी अब वो निचे चले गए और फिर मेरी चूत को चाटने लगे। मेरी चूत में काफी बाल है वो बालों को भी चाटने लगे। मैं आह आह आह आह करने लगी।

उसमे बाद मुझे घुमा दिए और फिर पीठ पर किश करने लगे। मेरी गांड को सहलाते हुए अपना जीभ मेरी चूतड़ पर घुमाने लगे। मैं पागल होने लगी और एक झटके से फिर से पलट गई। मैं बोली बस अब देर नहीं चोद दो मुझे। उसके बाद दोस्तों अपना लौड़ा मेरी चूत पर लगया और जोर से घुसा दिया। बहुत मोटा था लौड़ा अंदर जाते ही शुकुन मिला और फिर अपना गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी।

वो भी जोर जोर से धक्के देने लगे कमरे में आह आह आह की आवाज निकल रही थी। फिर वो चोदते हुए मेरी चूचियां मसल रहे थे निप्पल काट रहे थे होठ चूस रहे थे कांख कोई चाट रहे थे। बस दोस्तों मुझे यही चाहिए थे। जवान लौड़ा। और मिल गया।

उस रात मुझे दो बार चोदा। और फिर दोस्तों ये सिलसिला चलता ही रहा अब मैं दो महीने की पेट से हूँ। और मेरी बेटी भी अब पेट से है। अब सोच रही हूँ अपनी बेटी को बता दूँ या एबॉर्शन करवा लूँ। पर जो भी हो दोस्तों मैं तो अपने दामाद के लंड की दीवानी हो चुकी हूँ मुझे कोई चुदवाने से रोक नहीं सकता यहाँ तक की मेरी बेटी भी नहीं। आप सभी दोस्तों को जो नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर आते है रोजाना नई नई कहानियां पढ़ने उन सबको मेरा नमस्कार !

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