दशहरे के मेले में फूफा ने मुझे कार में चोदा


ussehra sex story, मेरा नाम रुपाली है मैं हॉट और खूबसूरत हूं। दशहरे में चुदाई हो गई मेरी। दशहरा का मेला देखने गई थी और वहां पर कुछ ऐसा हुआ जो फूफा जी ने मेरी चूत की सील तोड़ दी वह भी कार में ही। तो आज मैं आपको एक बड़ी मजेदार हॉट सेक्सी अपनी चुदाई की कहानी या यूं कहिए कि मेरी पहली चुदाई की कहानी इस वेबसाइट पर लिख रही हूँ। मैं 21 साल की हूं मैं पढ़ाई करती हूं मैं मम्मी पापा की एकलौती संतान हूं। तुम मुझे किसी चीज की मेरे मम्मी पापा कमी नहीं होने देते हैं मैं स्टाइल में रहती हूं नए नए कपड़े पहनते हो सेक्सी कपड़े पहनती हूँ।


इस बार दशहरे का मेला या दशहरे का पूजा कह दीजिएगा नवरात्रि का पूजा में मेरे फूफा जी और मेरे फूफा दोनों गांव आए हुए थे वह दोनों महाराष्ट्र में रहते हैं। हम लोग को पहले से ही इसका बहुत इंतजार था कि जब वह दोनों आएंगे तो हम लोग खूब मजे करेंगे। मैं इसलिए ज्यादा खुश थी क्योंकि मैंने उनको बोला था दशहरे पर मेरे लिए आप एक वेस्टर्न कपड़े लेकर आना एक हॉट कपड़े लेकर आना। उन्होंने मेरे लिए एक ऐसे कपड़े लाए जो बड़ा ही सेक्सी है। जैसे बनियान होता है उसी तरीके का मेरे ऊपर वाला और नीचे एक डेनिम का स्कर्ट है जो बहुत ही सेक्सी है।

मेरी चूचियां बहुत बड़ी-बड़ी तो नहीं गोल-गोल और बहुत टाइट है। जब वह ड्रेस पहने तो बूब्सका उभार सामने आ गया। गोल गोल संतरे की तरह। ड्रेस ऐसा है कि दोनों साइड से मेरी दोनों चूचियां दिखाई देती है जो बड़ा ही हॉट और सेक्सी लगती हूं मैं सब लोग मुझे जरूर घूर घूर कर देखते हैं वह मुझे कम मिली दोनों चुचियों को देते क्योंकि साइड से दिखाई देती है। पर यह मेरे मम्मी पापा को अच्छा नहीं लग रहा था वह ड्रेस देखकर पर फूफा जी को बहुत पसंद था यह ड्रेस और फुआ को भी था। इसलिए मैं पहन रही थी क्योंकि मुझे तो बहुत पसंद था यह ड्रेस। आपको भी पता है किसी भी मां-बाप को ऐसे ड्रेस पसंद नहीं होते हैं जिससे उनके बेटी का जिस्म दिखे।


अब मैं सीधे कहानी पर आती हूं। हम लोग उनकी कार से दशहरे का मेला देखने गए थे। जिसमें मेरी दादी मेरे फूफा मेरे मम्मी और पापा और मैं। पर मेरी तबीयत खराब हो गई थी रास्ते में इसलिए मुझे भीड़ भाड़ में जाना नहीं था तो फूफा मेरे साथ ही कार में रह गए क्योंकि उन्होंने भी कहा था कि मेरी तबीयत ठीक नहीं है तो मैं कार में ही बैठूंगा तो वह चारों मेला देखने के लिए चले गए। फूफा जी अपनी कार को पार्किंग में लगा दिए थे जहां पर बहुत सी गाड़ियां लगे हुए थे। पर उन्होंने कोने में जहां पर एक पेड़ था झाड़ी था वहीं पर अपनी गाड़ी को लगा दिए थे ऐसे भी उनके गाड़ी के शीशे काले रंग का फिल्म चढ़ा हुआ था जिससे बाहर से चीजें दिखाई नहीं देती थी।

मैं अगली सीट पर आ गई और वह ड्राइवर सीट पर ही बैठे हुए थे जब उन्होंने मुझे देखा तो कहा कि तुम बहुत हॉट लग रही हो इस ड्रेस में। मैंने कहा हां ड्रेस तो बहुत हॉट है और मुझे बहुत लोग घूर घूर कर देखते हैं क्योंकि साइड से इधर से दिखाई देता है ना थोड़ा सा इसलिए और यह कहकर मैं थोड़ा सा मुस्कुरा दे। उन्होंने कहा यही तो राज है सुंदरता का और जो तेरे पास है सुंदर चीज उसको दिखाना भी जरूरी होता है। रही बात मम्मी पापा को पसंद नहीं है तो कौन चाहता है कि उनकी बेटी हीरोइन बने कोई नहीं चाहता। फूफा जी बहुत ही हॉट और सेक्सी हैं मुझे भी ऐसे ही पति चाहिए हमेशा से यही सोचती रहती हूँ।

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वह बार-बार मुझे देख रहे थे मेरे बूब्स को देख रहे थे पहले मुझे थोड़ा अटपटा सा लगा फिर मैंने कहा फूफा जी आप क्यों देख रहे हो मुझे। उन्होंने कहा तुम आज बहुत हॉट और सेक्सी लग रही हो। आज मैं चाहता हूं तुम्हें एक बार गले लगा लूँ। अगर तुम कहो तो मैं गले लगा लूं कोई दिक्कत तो नहीं। मैंने कहा हां गले तो लगा लो कोई दिक्कत नहीं पर हां इसके अलावा और कुछ मत करना क्योंकि आपकी नजर कहीं और मुझे लग रही है। क्योंकि मैं समझ चुकी थी कि वह क्यों ऐसा कर रहे हैं पर मैं ऐसे तुरंत क्यों तैयार हो जाती। जवान लड़की हूं आज तक मेरी सील नहीं टूटी है। इसलिए मेरा भाव खाना थोड़ा तो बनता ही था।

उन्होंने मुझे अपने करीब खींचा और अपने गले से लगा लिया। उन्होंने कहा रे तेरी तो बहुत टाइट है। मैंने कहा क्या? उन्होंने तुरंत ही मेरी चुचियों को छू दिया और बोला ये, मैंने खुद से अपनी चुचियों पर हाथ रखकर थोड़ा सा दवाई और बोली हां आप सही बोल रहे हो। मैं जवान हूं खूबसूरत हूं और आज तक में कभी किसी के साथ कुछ किया नहीं है ना इस वजह से टाइट है। उन्होंने कहा फिर तो तेरी नीचे वाला भी टाइट होगी। मैंने कहा नीचे वाला तो बिल्कुल टाइट है क्योंकि मैंने कभी उंगली भी अंदर नहीं डाली है इतना कहकर मैं मुस्कुराने लगी। पर उनका वह बिल्कुल शॉक हो गए कि आखिर में ऐसा बोल क्यों रही हूं चेहरा देखने लायक था।


इतना देखते ही उन्होंने मुझे कसके अपनी बाहों में भर लिया और मेरे चुचियों पर हाथ रख दिया और मसलने लगे। बाहर से कुछ भी दिखाई नहीं देता था लोग आ जा रहे थे पर वह कार की तरफ ध्यान नहीं दे रहे थे। उन्होंने मुझे पिछले सीट पर ले गया अगला सीट को थोड़ा थोड़ा आगे कर दिया बीच में काफी जगह बन गया अब वह मुझे चूमने लगे मेरे होंठ को। मेरे चुचियों को दबाने लगे। मैं जो बनियान टाइप का पहन रखी थी उनको ऊपर कर दिया मेरे ब्रा को भी थोड़ा ऊपर कर दिया मेरे दोनों चूचियां बाहर आ गई मुंह में ले लिया और चूसने लगे।


पर उनको लगा कि कहीं मेरे मम्मी पापा और मेरी दादी ना आ जाए इसलिए उन्होंने तुरंत ही अपना फोन निकाला और फोन किया कि कितने देर में आएंगे आप लोग उन लोगों ने कहा कि अभी तो तुरंत आए हैं 2 घंटे तो कम से कम लगेंगे अगर आपको मन नहीं लग रहा तो आप आ जाओ। उन्होंने कहा नहीं नहीं मुझे नहीं आना है। रुपाली तो सो गई है अब मैं तो एक मूवी देख रहा हूं अपने मोबाइल पर तो आप आराम से दो-तीन घंटे में आओ कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा ठीक है और उन्होंने तुरंत ही मेरे ऊपर वाला कपड़ा निकाल दिया नीचे का स्कर्ट भी खोल दिया और मेरी पैंटी निकाल दी।

पिछला सीट पर बैठ गई उन्होंने मेरी चूत को शुरू कर दिया। उन्होंने मेरे चूचियों के निप्पल को दांतों से काटने लगे मेरे होंठ को चूसने लगे मेरे जीभ को चूसने लगे। मैं बहुत ही हॉट और सेक्सी हो गई थी मैं पसीने पसीने होने लगी थी क्योंकि ऐसा मेरे साथ पहले कभी हुआ नहीं था आज मैं पहली बार किसी मर्द के साथ अपने जिस्म को सौंप रही थी। मुझे यह सब बहुत अच्छा लग रहा था हो रही थी मुझे डर भी लग रहा था कि कहीं ऐसा ना हो कि मुझे बहुत ज्यादा दर्द हो जाए उन्होंने मेरी चूत को चोदना शुरू किया मैं काफी कामुक हो गई थी।


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उन्होंने मेरी दोनों बगल को चाटना शुरू किया हाथ ऊपर कर दिया और मेरे कान के छोटे-छोटे बाल को अपने जीभ से चाटने लगे। उन्होंने जैसे ही मेरी चूत में उंगली लगाया दर्द होने लगा था उन्होंने कहा आज तक तुम किसी लड़के से सेक्स नहीं करी है मैंने कहा वह तो मैं पहले ही बता दी हूं। उन्होंने कहा ऐसा तो सब कहता है पर होता बहुत कम ही ऐसी लड़की जो वर्जिन हो। उन्होंने कहा तुम बहुत हॉट हो रूपाली तुम बहुत सेक्सी हो।

मैंने कहा आप क्यों नहीं गए मेला देखने तो उन्होंने कहा तुम क्यों नहीं गई। फिर दोनों हंसने लगे हम दोनों ही बहाना बना रहे थे साथ रहने का। उन्होंने अपना लंड निकाला मेरे चूत पर अपने लंड को रगड़ा। जैसे उन्होंने अपने लंड को मेरी चूत के छेद पर लगाया मेरे रोम रोम खड़े हो गए मेरे पूरे शरीर में सिहरन आ गई। मेरे होंठ सूखने लगे मेरे कंठ सूखने लगे। क्योंकि मेरे लिए यह सब कुछ नया था करने का मन भी कर रहा था पर डर भी लग रहा था। पर एक दिन तो ऐसा होना ही था इस वजह से मैंने डिसाइड कर लिया कि आज कार में ही अपना सील तोड़ दूंगी।

उन्होंने लंड मेरी चूत के छेद पर लगाया और होले होले घुसाने लगे पर बहुत दर्द कर रहा था। उन्होंने थोड़ा थूक लगाया अपनी लंड पर फिर उन्होंने जोर से एक धक्का दिया उनका आधा लंड मेरी चूत में चला गया पर मेरी चूत फट गई उन के जोर से धक्का मारने की वजह से। मेरी चूत से खून निकलने लगा था मुझे बहुत ज्यादा दर्द होने लगा था मैं कराहने लगी थी। उन्होंने हौले हौले से अंदर बाहर करना शुरू किया तब मुझे अच्छा लगने लगा और 5 मिनट के अंदर तो दोस्तों ऐसा लगा कि मेरी कामवासना जाग गई। मैं ऐसे गांड घुमा घुमा कर उनके लंड को अपने चूत के अंदर लेने लगी आप विश्वास नहीं करोगे।

वह दोनों हाथों से मेरी चूचियों को मसलते हुए मेरे होंठ को चूसते हुए जब मेरी चूत में लंड घुसा रहे थे। तो ऐसा लग रहा था मानो मैं हूं ही नहीं मैं किसी दूसरी दुनिया में आ गई हूं। मेरे अंदर एक अजीब सी हरकत हो रही थी मेरे पूरे शरीर में कैसा लग रहा था दोस्तों आपको बता नहीं सकता एक अलग ही बात थी। उनका पूरा लंड अंदर बाहर अंदर बाहर अंदर बाहर हो रहा था। इतने जोर जोर से वह धक्के लगा रहे थे कि कार भी हिलने लगा था। पर फॉर्चूनर में दम होता है इस वजह से बाहर पता नहीं चल रहा था अगर छोटी गाड़ी होती तो ऐसा लगता कि बिल्कुल हिल रहा हो।

मुझे काफी मजा हम दोनों एक दूसरे से चिपके हुए थे और वह मुझे चोद रहे थे। उन्होंने कहा तुम्हारा यह नया वाला ड्रेस तो मुझे पागल कर दिया। इतनी सुबह से तुम हॉट लग रही थी क्या बताऊं ऐसा लग रहा था तेरे मम्मी पापा के सामने ही तुझे चोद दूं। पर मुझे यही बहाना सही लगा कि कार में मैं तुम्हें आज जो दूंगा और वह लोग मेला देखेंगे। उन्होंने और भी जोर जोर से धक्के देना शुरू कर दिया मुझे भी जोश आ गया मैं उनको चूमने लगी अपना नाखून गड़ाने लगी उनके पीठ में। तेज तेज से अपना लंड मेरी चूत में घुमाने लगे घुसाने लगे। मैं भी काफी ज्यादा जोश में आ गई थी मैं भी जल्दी जल्दी नीचे से धक्के दे रही थी वह ऊपर से धक्के दे रहे थे और हम दोनों ही एक साथ ही झड़ गए।

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उन्होंने तुरंत ही अपना लंड मेरी चूत उसे बाहर निकाल लिया क्योंकि वह रिस्क नहीं लेना चाहते थे। क्योंकि कोई प्रोटेक्शन यूज़ नहीं किया हुआ था। बाद में उन्होंने मेरी चूत को भी अच्छे से अपने रुमाल से साफ किया और अपने लंड को भी साफ किया। मैं जल्दी-जल्दी कपड़े पहने। और आगे सीट पर आकर बैठ गई सीट को थोड़ा खुलकर मैं लेट गई उन्होंने ऐसी चलाया तो मुझे आराम लगने लगा। पर मेरी कमर में मेरी चूत में और मेरी चुचियों में भयंकर दर्द हो रहा था। मेरा मुंह सूख गया था। ऐसा लग रहा था मानो मेरे साथ क्या हुआ।

मैंने कहा फूफा जी से कि कभी आप किसी से यह बात कहना नहीं। उन्होंने कहा तुम मुझे पागल समझ रखे हो क्या। तुमसे ज्यादा मेरी इज्जत खराब होगी। इस वजह से हम दोनों ही चुप रहेंगे। उन्होंने फिर से मुझे गले लगाया मेरे होंठ को चुम्मा और फिर आराम से दोनों सीट को खोल कर लेट गए और गाने सुनने लगे। आधे घंटे में ही मेरे मम्मी पापा भी आ गए। उन्होंने जैसे ही मुझे देखा तो कहा मुंह कितना उतर गया है तेरी तबीयत ठीक है कि नहीं। मैंने कहा अब आराम लग रहा है अब कोई दिक्कत नहीं है। उन लोगों को क्या पता कि मेरी सील टूट गई मेरे पूरे शरीर में दर्द हो रहा है पहली बार चुदाई क्या होता है उसका मुझे पता आज चला है।

इस तरह से मेरी दुर्गा पूजा बहुत अच्छे से बीता मैं बहुत खुश हूं। पहली चुदाई का आनंद ही कुछ अलग होता है। यादगार होता है और जब कभी ऐसे मौके पर हो तो यह और भी यादगार हो जाता है। मैं अपनी जल्द ही दूसरी कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर लिखने वाली हूं तब तक के लिए आप सभी दोस्तों को मेरा प्यार भरा नमस्कार।